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लापरवाही पर गिरी गाज: रोहतक में ASI-कांस्टेबल निलंबित, SP सुरेंद्र भौरिया ने दिखाई सख्ती

रोहतक  रोहतक जिले के महम क्षेत्र की शहर चौकी में युवक से मारपीट के मामले में एएसआई और हवलदार को निलंबित कर दिया गया है। किशनगढ़ निवासी अक्षय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी उसे किसी मामले के सिलसिले में बाइक पर बैठाकर चौकी ले गए, जहां उसे रातभर रोके रखा गया। अक्षय ने बताया कि चौकी में उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। खूब प्रताड़ित करने के बाद उसे अगले दिन छोड़ा गया। बाद में जब पीड़ित का मेडिकल कराया गया तो पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई।  इस मामले में पीड़ित ने डीएसपी महम और एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने एएसआई रोहतास और हवलदार कृष्ण को निलंबित कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। 

राष्ट्र प्रेरणा स्थल लोकार्पण समारोह के कारण लखनऊ का सामान्य यातायात प्रभावित न हो, इसका रखें ध्यान: मुख्यमंत्री

राष्ट्र प्रेरणा स्थल लोकार्पण कार्यक्रम की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, कहा सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम, ठंड के बीच न हो किसी को समस्या दो लाख लोगों की उपस्थिति में होगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण समारोह में आ रहे आम जन हेतु परिवहन, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन व चिकित्सा व्यवस्था को अंतिम रूप देने के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में आगामी 25 दिसंबर को आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आगमन तथा नवनिर्मित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा लखनऊ को प्रदान किया जा रहा यह उपहार राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत एवं गौरव का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं अटल जी की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय एकता, एकात्म मानववाद तथा आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को समझने और आत्मसात करने की प्रेरणा देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात, प्रोटोकॉल, आतिथ्य एवं भीड़ प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्था उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।  मुख्यमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की फाइनल टचिंग, लैंडस्केपिंग, उद्यान, संग्रहालय परिसर, एम्फीथिएटर एवं मार्गों के सुंदरीकरण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश भर से आने वाले दो लाख से अधिक जनता के लिए तैयार की गई व्यवस्था; परिवहन, पार्किंग लेआउट, बस रूट प्लान, नियंत्रण कक्ष एवं चिकित्सा इकाइयों की समीक्षा की और कहा कि प्रत्येक बस, पार्किंग ब्लॉक और प्रवेश द्वार हेतु जिम्मेदार नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासन को वीवीआईपी रूट, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल एवं जनसभा क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा यातायात डायवर्जन, पार्किंग व पैदल मार्ग हेतु स्पष्ट साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया प्रबंधन, स्वागत व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुति और प्रोटोकॉल के सभी घटकों में समन्वय और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा। राष्ट्र प्रेरणा स्थल : प्रमुख विशेषताएं ● लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित भव्य परियोजना। ● डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं। ● राष्ट्रपुरुषों के जीवन, विचार एवं योगदान पर आधारित आधुनिक संग्रहालय। ● दो लाख की क्षमता वाला रैली स्थल एवं मंच। ● एम्फीथिएटर, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना–योग केंद्र, कैफेटेरिया एवं नागरिक उपयोगिता सुविधाएं। ● आकर्षक लैंडस्केपिंग, स्पष्ट ज़ोनिंग, पार्किंग एवं सुरक्षा प्रबंधन के साथ सुदृढ़ ले-आउट।

एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में हुआ भव्य दीक्षांत समारोह! 5 विभूतियों को मिली मानक उपाधि

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार, 20 दिसंबर को शिक्षा और गौरव का उत्सव देखने को मिला। कोलार रोड स्थित एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में चौथे दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जहां छात्र-छात्राओं के सपनों को नई उड़ान मिली। दीक्षांत समारोह में कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थवारचंद गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और भाजपा राष्ट्रीय महा सचिव अरुण सिंह भी बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे। मध्य प्रदेश शासन में राज्य मंत्री कृष्णा गौर, भोपाल की हुजूर विधानसभा से विधायक रामेश्वर शर्मा, एमपी प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमिशन के प्रेसिडेंट डॉ खेम सिंह डहरिया भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट समेत 835 और एचडी के 29 छात्र छात्राओं ने डिग्री प्राप्त की। वहीं 34 गोल्ड मैडल और 1 मेमोरल मेडल भी दिया गया। पांच विशिष्ट जनों को मिली मानक उपाधि समारोह के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच व्यक्तियों को मानक उपाधि से सम्मानित किया गया: सतीश मालवीय – राजनीतिज्ञ, दीपक जायसवाल – राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (NFITU), मनोज कुमार पांडे – दिव्यांगजन पुनर्वास विशेषज्ञ, ब्रह्मऋषि सच्चिदानंद स्वामी – आध्यात्मिक युग और रवीश रोशन – डायरेक्टर, केगर अच्छे मनुष्य के साथ समाज के हर क्षेत्र में अच्छा ही होता है : जय नारायण चौकसे यूनिवर्सिटी के चांसलर जय नारायण चौक से ने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा,“ज्ञान का कोई अंत नहीं होता। जीवन में कुछ पाने के लिए हमेशा मन में इच्छा रखनी चाहिए। आप अच्छे मनुष्य बनें, क्योंकि अच्छे मनुष्य के साथ समाज के हर क्षेत्र में अच्छा ही होता है।” उन्होंने फैकल्टी सदस्यों और अभिभावकों की भूमिका को भी सराहते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना छात्रों की यह सफलता संभव नहीं थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एलएनसीटी ग्रुप भविष्य में शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करता रहेगा। संबोधन के अंत में उन्होंने सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, बड़े सपने देखें और उन्हें साकार करने का साहस रखें। शिक्षा का वास्तविक अर्थ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना : डॉ अनुपम चौकसे एलएनसीटी ग्रुप के सेक्रेटरी डॉ. अनुपम चौकसे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। अपने संबोधन में डॉ. अनुपम चौकसे ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एलएनसीटी ग्रुप का लक्ष्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो समाज के लिए उपयोगी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। डॉ. चौकसे ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का वास्तविक अर्थ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना है। छात्र जिस भी क्षेत्र में जाएं, वहां अपनी योग्यता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों से पहचान बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखने की सलाह दी। छात्र-छात्राओं को दिलाई गई दीक्षांत प्रतिज्ञा यूनिवर्सिटी के कुलपति ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को दीक्षांत प्रतिज्ञा दिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। LNCT प्रबंधन और फैकल्टी की गरिमामयी उपस्थिति इस विशेष अवसर पर एलएनसीटी ग्रुप के सेक्रेटरी डॉ. अनुपम चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता, वाइस चेयरपर्सन पूनम चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ श्वेता अनुपम चौकसे, पूजा चौकसे वी सी एन के थापक सहित सभी विभागों के डीन, डायरेक्टर्स और सीनियर फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।

रोजगार का मौका: पंजाब में नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया शुरू, इच्छुक उम्मीदवार करें आवेदन

लुधियाना  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा लुधियाना जिले से संबंधित ईस्ट और वेस्ट सर्कल में 755 परिवारों को नए राशन डिपो आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे न केवल 755 परिवारों को रोजगार के नए साधन मिलेंगे, बल्कि लाभार्थी परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा प्रत्येक राशन डिपो के साथ 200 राशन कार्ड भी अटैच किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से सामान्य श्रेणी, दिव्यांग वर्ग, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, एस.ई./सी.बी. वर्ग, आतंकवाद व दंगा पीड़ित परिवारों सहित महिलाओं के लिए नए राशन डिपो आवंटन का कोटा निर्धारित किया गया है। यदि राशन डिपो धारकों को गेहूं वितरण के बदले मिलने वाली मार्जिन मनी की बात करें, तो सरकार द्वारा डिपो होल्डरों को प्रति क्विंटल 90 रुपये की दर से कमीशन दिया जा रहा है।  

ऊंचाई पर निर्मित मेट्रो ट्रेन ट्रेक से सफर करते हुए भोपाल की सुंदरता देखना विशेष अनुभव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो ट्रेन को शनिवार की शाम सुभाष नगर से एम्स मेट्रो स्टेशन तक 7 किलोमीटर का सफर किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने भी उनके साथ यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन से विकास को पंख लग जाते हैं। इससे शहर के विकास की नई कहानी शुरू हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एम्स मेट्रो रेल स्टेशन पर उपस्थित नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफर के दौरान भी अनेक यात्रियों से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की इस मेट्रो ट्रेन यात्रा में अपना अनुभव बताते हुए कहा कि ऊंचाई पर बने ट्रेक से ट्रेन यात्रा करते हुए दोनों ओर शहर की हरियाली और सुंदरता देखने का अनुभव भी अपने आप में बेजोड़ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में यह शहरी ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी यात्रियों सहित एम्स आने वाले रोगियों और नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण सुविधा है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर मेट्रो से जुड़े हर कार्य के लिये केंद्र सरकार आवश्यक धनराशि भी प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में शहरी विकास योजनाओं में भारत सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। आज ही 262 विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ पर समस्त राज्य की जनता को बधाई दी। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहरलाल ने भोपाल को मिली इस विशेष सुविधा को समय की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने भोपालवासियों को मेट्रो ट्रेन प्रारंभ होने पर बधाई दी। इस अवसर पर भोपाल मेट्रो रेल कार्पोरेशन के पदाधिकारी, अनेक जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।  

साय सरकार का बड़ा फैसला: मार्कफेड सहकारी समितियों के माध्यम से करेगा उपार्जन

  खरीफ में उपार्जन के लिए 425 करोड़ रूपए मंजूर     रायपुर, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में छत्तीसगढ़ को दलहन और तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन की अनुमति मिल गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बीच हुई चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन में दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए 425 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।     गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से खरीफ और रबी सीजन के लिए कुल 1 लाख 22 हजार मीट्रिक टन दलहन-तिलहन उपार्जन का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। इसमें खरीफ के लिए 50 हजार मीट्रिक टन और रबी के लिए 72 हजार मीट्रिक टन शामिल हैं। फिलहाल केंद्र से खरीफ की फसलों के उपार्जन की अनुमति मिली है। इसके तहत अरहर 21 हजार 330 मीट्रिक टन, उड़द 25 हजार 530 मीट्रिक टन, मूंग 240 मीट्रिक टन, सोयाबीन 4 हजार 210 मीट्रिक टन और मूंगफली 4 हजार 210 मीट्रिक टन का उपार्जन किया जाएगा। इन फसलों के उपार्जन पर कुल 425 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केंद्र सरकार ने मांग आने पर सोयाबीन और मूंगफली के लिए अतिरिक्त स्वीकृति देने का आश्वासन भी दिया है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए अरहर का समर्थन मूल्य 8000 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8768 रूपए, उड़द का 7800 रूपए, मूंगफली का 7800 रूपए, सोयबीन का प्रति क्विंटल 5328 रूपए घोषित किया गया है।       छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन उपार्जन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उपार्जन का कार्य राज्य में मार्कफेड के माध्यम से सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 22 जिलों में 222 उपार्जन केंद्र पहले ही अधिसूचित कर दिए गए हैं। किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर लगातार जारी है। जिन किसानों का पंजीयन अब तक नहीं हो पाया है, वे नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से पंजीयन कराकर योजना का लाभ उठा सकते हैं।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन का उपार्जन किसानों के हित में राज्य सरकार का बड़ा निर्णय है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ दाल एवं खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हित में केन्द्र सरकार के साथ समन्वय कर लगातार काम कर रही है।

01 से 31 जनवरी, 2026 तक चलेगा प्रदेशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान

वर्ष 2025 में 46 हजार से अधिक दुर्घटनाएं और 24 हजार से ज्यादा मौतें गंभीर चेतावनी, एक भी मृत्यु पूरे परिवार के लिए आजीवन पीड़ा है: मुख्यमंत्री जागरूकता अभियान का केंद्र व्यवहार परिवर्तन, तहसील से जिला मुख्यालय तक प्रचार सामग्री, वास्तविक दुर्घटनाओं के उदाहरण और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के उपयोग के निर्देश एनएसएस, एनसीसी, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस की भागीदारी से युवाओं को जोड़कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर बल ब्लैक स्पॉट सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, ओवर स्पीडिंग और लेन ड्राइविंग पर नियंत्रण, एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग, क्रेन और एम्बुलेंस बढ़ाने के निर्देश गोल्डन ऑवर में उपचार सर्वोपरि, निजी ट्रॉमा सेंटरों को जोड़ने, 108 और एएलएस एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाने और स्कूल व भारी वाहनों की फिटनेस जांच के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी “सड़क सुरक्षा माह” आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि नए वर्ष की शुरुआत केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि जनजीवन से सीधे जुड़े सड़क सुरक्षा जैसे अत्यंत संवेदनशील विषय पर ठोस संकल्प, व्यापक जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन के लक्ष्य के साथ होनी चाहिए। शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडलायुक्तों तथा जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा अभियान किसी भी स्थिति में औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन से जुड़ा जन आंदोलन बने। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह को 4-ई मॉडल के आधार पर संचालित किया जाए, जिसमें शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी केयर चारों स्तंभों पर समान रूप से और समन्वित ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल नियमों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझाना आवश्यक है कि यातायात नियमों का पालन उनके स्वयं के जीवन, उनके परिवार और समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में सही सड़क व्यवहार विकसित किया जाए, प्रवर्तन के तहत नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो, इंजीनियरिंग के माध्यम से सड़कों के ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट सुधारे जाएं तथा इमरजेंसी केयर के अंतर्गत त्वरित एम्बुलेंस सेवा और बेहतर ट्रॉमा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर संतुलित और एकसाथ काम किए बिना सड़क दुर्घटनाओं में वास्तविक कमी संभव नहीं है। बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2025 में नवंबर तक प्रदेश में कुल 46,223 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 24,776 लोगों की मृत्यु हुई है। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल प्रशासनिक या तकनीकी समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक भी दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूरे परिवार को जीवन भर का दर्द दे जाती है और इस पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। इसी दृष्टिकोण से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशीलता के साथ-साथ कठोर निर्णय लेना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनवरी के पहले सप्ताह में विशेष रूप से जागरूकता पर फोकस किया जाए और सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां समय से पूरी करें। प्रदेश की प्रत्येक तहसील, ब्लॉक, जिला और सभी प्रमुख मुख्यालयों पर जागरूकता संबंधी प्रचार सामग्री अनिवार्य रूप से लगाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक वास्तविक सड़क दुर्घटना के उदाहरण को सामने रखकर आमजन को यह समझाया जाए कि एक छोटी सी लापरवाही किस प्रकार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे कि सड़क सुरक्षा किसी और की नहीं, बल्कि उनके अपने जीवन और परिवार से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, आपदा मित्र, स्काउट गाइड और सिविल डिफेंस जैसे संगठनों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से ही यह अभियान वास्तविक अर्थों में जन आंदोलन बन सकेगा। जब तक समाज स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेगा, तब तक केवल सरकारी प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चालान करना सड़क दुर्घटनाओं का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग आदतन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करने और वाहन सीज करने की स्पष्ट नियमावली तैयार कर उसका सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में कठोरता अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारकों पर विस्तार से चर्चा करते हुए ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल पॉइंट की पहचान कर उनके त्वरित और स्थायी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग की कमियां, खराब साइनज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को बढ़ाते हैं। लोक निर्माण विभाग तथा अन्य रोड ओनिंग एजेंसियां समयबद्ध ढंग से सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं और स्कूल वाहनों की फिटनेस की विशेष जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट वाहन सड़क पर न चलें। इसके साथ ही 300 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले बड़े यात्री वाहनों में एकल चालक की व्यवस्था समाप्त कर अनिवार्य रूप से दो चालकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि चालक की थकान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ओवर स्पीडिंग रोकने के साथ-साथ लेन ड्राइविंग के प्रति भी आमजन को जागरूक करने पर बल दिया तथा एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में जितनी जल्दी घायल को चिकित्सकीय सहायता मिलती है, क्षति की संभावना उतनी ही कम होती है। उन्होंने गोल्डन ऑवर की महत्ता को रेखांकित करते हुए निर्देश … Read more

बैतूल में छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव का शुभारंभ 21 दिसंबर को

भोपाल  भारत की जनजातीय कला, संस्कृति को प्रदर्शित करने तथा जनजातीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बैतूल में 21 दिसम्बर को शुभारंभ किया जा रहा है। छह दिवसीय आदि बाज़ार महोत्सव के शुभारंभ में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि होंगे। श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक, बैतूल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर TRIFED की क्षेत्रीय प्रबंधक, श्रीमती प्रीति मैथिल ने बताया कि आदि बाज़ार में देशभर से 50 प्रतिभाशाली कारीगर भाग ले रहे हैं, जिनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना एवं पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगरों के साथ-साथ बैतूल जिले के स्थानीय कारीगर भी शामिल हैं। जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल आदि बाज़ार में भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और शिल्पकला देखने को मिलेगी। आगंतुकों को महेश्वरी, चंदेरी और बाघ प्रिंट साड़ियाँ एवं सूट, डोकरा धातु शिल्प, बांस शिल्प, ब्लैक आयरन क्राफ्ट, जनजातीय पेंटिंग्स, शहद, उपहार, तथा स्थानीय जैविक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।  

उप मुख्यमंत्री ने सांसद कप खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ मिलती है अनुशासन की सीख: उप मुख्यमंत्री भोपाल  रीवा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 29 अगस्त से सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में रीवा विधानसभा क्षेत्र की सांसद कप खेल प्रतियोगिता का मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से तन मन स्वस्थ्य रहने के साथ हमें जीवन में अनुशासन की सीख मिलती है। खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है। सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सांसद कप प्रतियोगिता आयोजित कराके खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सांसद कप खेल प्रतियोगिता में फुटबाल, कबड्डी, बालीवाल, क्रिकेट, कराटे, खो खो जैसे खेलों के साथ-साथ परंपरागत ग्रामीण खेलों जैसे गेंद गिप्पी की भी प्रतियोगिताएं हो रही हैं। सांसद कप खेल प्रतियोगिताओं का भव्य समापन 25 दिसंबर को स्पोटर्स काम्पलेक्स रीवा में किया जायेगा। स्पोटर्स काम्पलेक्स में राष्ट्रीय और विश्व स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए फुटबाल मैदान, एथलेटिक्स तथा इंडोर खेलों की सुविधा है। यह विन्ध्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात है। समारोह में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। समारोह में अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय,श्रीमती हेमलता सिंह, संभागीय खेल अधिकारी एम.के. धौलपुरी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।  

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ गहन मंथन

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन  द्वारा राष्ट्रीय अभियान 'नई चेतना 4.0' के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज नए सर्किट हाउस रायपुर में किया गया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बताया गया कि यह पहल महिलाओं के हक-अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री सिंह ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहाँ वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका एवं भागीदारी है। मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री देवांगन ने कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं है, बल्कि शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने हेतु विभागीय अभिसरण को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिका को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र एवं अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई। कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए। कांकेर जिले की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली बाधाओं तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, तथा प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नई चेतना 4.0’ अभियान का मूल उद्देश्य है।