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सरकारी नौकरी करने वालों के लिए राहत की उम्मीद? एमपी में 5-डे वर्किंग पर नए संकेत

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोरोना काल के दौरान से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर लागू है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। पूर्व में कई बार 5-डे वर्किंग के आदेश को आगे बढ़ाकर जारी रखा गया है लेकिन क्या नए साल यानी जनवरी 2026 से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर बंद हो जाएगा ये अटकलें बीते कुछ दिनों से तेजी से चल रही थीं। लेकिन अब सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है वो सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। 5-डे वर्किंग को लेकर नए संकेत प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग को लेकर सूत्रों से खबर मिल रही है कि सरकार 5-डे वर्किंग की व्यवस्था सरकारी दफ्तरों में जारी रख सकती है। ये खबर प्रदेश के सात लाख से ज्यादा सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। छुट्टियों पर पुनर्विचार के लिए सामान्य प्रशासन, वित्त, गृह और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सहित कर्मचारियों को प्रति वर्ष मिलने वाले अन्य अवकाश पर पुनर्विचार करना है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें 5-डे वर्किंग के कल्चर को खत्म कर 6-डे वर्किंग कल्चर की व्यवस्था लागू करना शामिल नहीं है।   जयंतियों पर मिलने वाले अवकाश कम किए जाएं- कर्मचारी संघ 5-डे वर्किंग की व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार द्वारा अन्य महापुरुषों की जयंती के नाम पर जो अवकाश घोषित किए जा रहे हैं। उनको भले ही कम कर दिया जाए लेकिन प्रत्येक शनिवार का अवकाश लागू रहने दिया जाए। प्रदेश के कर्मचारी इस व्यवस्था में रच गए हैं और इससे सरकार को 400 करोड़ की बचत भी हो रही है। उमाशंकर तिवारी ने आगे कहा कि जब सरकार आनंद विभाग बनाकर कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने की कोशिश कर रही है तो फिर यह शनिवार का अवकाश निरस्त नहीं होना चाहिए।

पैसों के सौदे से रिश्ते तक: युवती से जबरन विवाह, फिर दूल्हे के साथ सनसनीखेज घटना

देवरिया  यूपी के देवरिया से न्यूड वीडियो, जबरन शादी और फिर दूल्हे के साथ दुल्हन द्वारा बड़ा कांड कर दिए जाने का मामला सामने आया है। यहां की एक लड़की द्वारा आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक लड़के को एक्स पर मैसेज भेजा गया। संपर्क होने पर लड़की ने अपना मुंह छिपाकर एक हजार रुपए में 10 मिनट तक अपने प्राइवेट पार्ट्स (न्यूज वीडियो) दिखाने की पेशकश की। लड़का इस झांसे में आ गया। उसने लड़की का न्यूड वीडियो देखा। इस दौरान लड़की ने स्क्रीनशॉट लेकर लड़के को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लाखों रुपए वसूल लिए। लड़के का कहना है कि ब्लैकमेलिंग के तहत ही उसने शादी की शर्त रख दी। 2021 में गोरखपुर और लखनऊ में उसने मुलाकात की। 2023 में वह हैदराबाद पहुंच गई और आत्महत्या की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। मार्च 2025 में दोनों ने मंदिर में शादी की। कोर्ट में शादी को रजिस्टर भी कराया। आरोप है कि शादी के दो महीने बाद लड़की चार लाख रुपए नकद और जेवर लेकर फरार हो गई। लड़के का कहना है कि शादी के बाद भी वह किसी अन्य युवक से फोन पर बात करती रहती थी। उसने 40 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए। बाद में पता चला कि वह युवक उसका दूसरा पति था। यह जानकर युवक हैरान रह गया कि उसके साथ लड़की ने तीसरी शादी की है। लड़के के अनुसार लड़की देवरिया की ही रहने वाली है और वह फरार होकर यहीं आई है। आंध्र का ये युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता है। उसने देवरिया में एडिशनल एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। बाद में महिला थाना पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लड़के का कहना है कि उसके साथ धोखा करने वाली लड़की का यही धंधा है। वह सोशल मीडिया पर लोगों को फंसाती, उनसे शादी करती और फिर ब्लैकमेलिंग कर रुपए ऐंठती है। उसने देवरिया पुलिस से लड़की को ढूंढकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया। मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे। अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला। गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया। मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है। इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा। इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल     एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।     स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली। शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी। नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।

ठंड–कोहरे से बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, पंजाब में स्कूल टाइमिंग बदलने की तैयारी

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा कड़ाके की इस ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूल के समय में अब तक कोई राहत भरा बदलाव नहीं किया गया है।  वर्तमान स्कूल सुबह 9 बजे ही लग रहे हैं जो घने कोहरे का सबसे खतरनाक समय होता है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बजे किया जाना चाहिए।  अभिभावकों का तर्क है कि जब तक सूरज की थोड़ी तपिश नहीं आती, तब तक छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। यदि प्रशासन जल्द ही समय सारिणी में बदलाव का फैसला नहीं लेता, तो कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि  पूरा पंजाब इन दिनों बर्फीली हवाओं और 'व्हाइट आऊट' (घने कोहरे) की गिरफ्त में है। शहर की सड़कें जो कभी सुबह 7 बजे शोर से गुलजार रहती थीं, अब कोहरे की सफेद चादर में लिपटी खामोश नजर आती हैं। हिमालय की पहाड़ियों से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे जिले को एक 'कोल्ड चैम्बर' में तबदील कर दिया है। सुबह के वक्त आलम यह होता है कि सूरज की किरणें घने कोहरे की मोटी दीवार को भेदने में नाकाम साबित हो रही हैं जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। शहर की व्यस्त सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के खुले मैदानों तक, हर तरफ केवल सफेद धुंध का राज है। इस भीषण शीत लहर का सबसे मार्मिक और चुनौतीपूर्ण प्रभाव शिक्षा क्षेत्र पर पड़ा है। जहां एक ओर मासूम बच्चे भारी बस्तों के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में स्कूल की दहलीज पर पहुंचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अध्यापक जान जोखिम में डालकर कोहरे को चीरते हुए मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। यह केवल एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के धैर्य की परीक्षा बन गया है।  

झारखंड में बिजली महंगी होने वाली, JBVNL का प्रस्ताव सार्वजनिक

रांची झारखंड में नए साल में बिजली महंगी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव रखा है जिससे प्रति यूनिट 3.50 रुपए तक का इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से लागू होती हैं नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रमंडलों में जनसुनवाई कर आपत्तियां और सुझाव लेगा। उसके बाद स्टेक होल्डर्स की बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद नई दर पर आदेश देगा। आमतौर पर नई दरें एक अप्रैल से लागू होती हैं। चालू वर्ष में नई दरें एक मई से लागू की गईं। जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर 8,726 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। इससे पहले 1 मई 2025 से ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, जबकि किसानों को राहत दी गई थी।  

डिजिटल सुविधा का विस्तार: भोपाल में ऑनलाइन मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

भोपाल राजधानीवासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा। टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। चेतावनी: 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश: बिहार के स्कूलों का समय बदल गया

पटना घने कोहरे, गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के कारण पटना जिले में आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय कम दृश्यता और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों के संचालन समय में एहतियातन बदलाव किया। 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा यह आदेश पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी करके कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ प्री-प्राइमरी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 10 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। उन्होंने आदेश में कहा कि निर्धारित समय से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह आदेश 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी, ताकि परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित ना हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 दिसंबर को विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का समय सुबह 8.30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था, जो 11 से 18 दिसंबर तक लागू रहा। हालांकि मौसम के और अधिक सर्द होने तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद अब सभी कक्षाओं के लिए एक समान समय तय किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

सेहत पर संकट: मध्यप्रदेश में बच्चों और महिलाओं को तेजी से घेर रहा एनीमिया

भोपाल मध्यप्रदेश में पोषण और सेहत को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम 2025-26 की ताजा स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के हर 10 में से पांच बच्चे (50%) और हर 10 में से तीन महिलाएं (30%) एनीमिया से पीड़ित हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी आबादी अब भी कुपोषण और खराब खान-पान की समस्या से जूझ रही है। हालांकि, इस चिंताजनक तस्वीर के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। मध्यप्रदेश ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के क्रियान्वयन में लगातार छह माह से देशभर में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसका श्रेय हेल्थ वर्कर्स, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है, जो समय रहते मरीजों की पहचान कर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम बताया है।   70 लाख बच्चों की हुई डिजिटल जांच वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ‘दस्तक अभियान’ के तहत 70.62 लाख बच्चों की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच की गई। इनमें से 35.21 लाख बच्चों में एनीमिया की पुष्टि हुई, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही 9.42 लाख गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग में 3 लाख से अधिक महिलाएं मध्यम से गंभीर एनीमिया से ग्रसित पाई गईं, जिन्हें आयरन सुक्रोज और रक्ताधान जैसी सुविधाएं दी गईं। एनीमिया केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। सरकार का लक्ष्य उपचार और जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को पूरी तरह एनीमिया मुक्त बनाना है। बचाव के लिए क्या करें? पालक : आयरन और फोलेट का समृद्ध स्रोत। अंजीर व चुकंदर : रोजाना सेवन से खून बढ़ाने में सहायक। केला व शकरकंद : ऊर्जा के साथ पोटैशियम और मैग्नीशियम की पूर्ति। लौकी : विटामिन और मिनरल से भरपूर, कोलेस्ट्राल नियंत्रित रखने में मददगार।

हरित ऊर्जा की पहल: पंजाब के इस जिले में छात्रों के घरों पर निःशुल्क सोलर सिस्टम

होशियारपुर  जिले के भविष्य को ऊर्जा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभों पर खड़ा करने की दिशा में जिला प्रशासन ने चढ़दा सूरज अभियान के तहत एक प्रेरक और दूरदर्शी पहल की है। इस अभियान के केंद्र में जहां 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1-1 किलोवाट का निःशुल्क रूफ टॉप सोलर सिस्टम है, वहीं इसके साथ-साथ विशेष बच्चों के लिए रोजगार और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका से जुड़े दो अन्य प्रोजैक्ट भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। डी.सी. आशिका जैन की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत विभिन्न एन.जी.ओज के साथ आयोजित बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास तभी टिकाऊ होगा, जब प्रशासन और समाज मिलकर आगे बढ़ें। डी.सी. ने कहा कि यह पूरा अभियान जिला प्रशासन की ओर से रैडक्रास सोसायटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें एन.जी.ओज को परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना गया है। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान की सबसे प्रभावशाली कड़ी “गो सोलर अभियान” है। उन्होंने घोषणा की कि सी.एस.आर. सहयोग से वर्ष 2024-25 के 10वीं कक्षा के 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1 किलोवाट तक का रूफ टॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह निःशुल्क लगाया जाएगा। यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके परिवारों के माध्यम से पूरे समाज को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का सशक्त संदेश भी देती है।   डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से अपील की कि वे इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि लोग समझ सकें कि सोलर ऊर्जा बिजली बिल में राहत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम है। इसी क्रम में यह भी घोषणा की गई कि जो एन.जी.ओ. 28 फरवरी 2026 तक 25 सोलर पैनल स्थापित करवाएगी, उसे जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए का रिवार्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान के अंतर्गत “विंग्ज प्रोजेक्ट” समाज के उस वर्ग के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जिसे अक्सर मुख्यधारा से दूर समझा जाता है। इस परियोजना के तहत होशियारपुर में 7 स्थानों पर कैंटीन स्थापित कर 16 विशेष बच्चों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से आग्रह किया कि वे आगे आकर ऐसे बच्चों की पहचान करें और विंग्ज प्रोजैक्ट के विस्तार में भागीदार बनें। उन्होंने एन.जी.ओ. को प्रोजैक्ट के अंतर्गत अपने स्तर पर कैंटीन खोलने के लिए भी प्रेरित किया औ कहा कि कि जिला प्रशासन और रैडक्रास की ओर से हर तरह का पूरा सहयोग दिया जाएगा, जबकि संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी एन.जी.ओ. संभालेंगी। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि तीसरी महत्वपूर्ण पहल “सुई धागा” प्रोजैक्ट है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्थायी आजीविका देना है। इस प्रोजैक्ट के तहत गांवों, तहसीलों और ब्लॉकों में सिलाई केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि मशीनरी और उपकरण रैडक्रास सोसायटी उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन मनरेगा फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एन.जी.ओज से अपेक्षा है कि वे उपयुक्त स्थानों और इच्छुक महिलाओं की पहचान कर सामुदायिक लामबंदी में सहयोग दें। डी.सी. आशिका जैन ने विश्वास जताया कि एन.जी.ओज की सक्रिय भागीदारी से चढ़दा सूरज अभियान सामाजिक सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बनेगा, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक जिले की प्रगति में सुनाई देगी। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल, सचिव जिला रैडक्रास सोसायटी मंगेश सूद व संयुक्त सचिव आदित्य राणा भी में मौजूद रहे।