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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा नव उद्यमी नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ बढ़े आगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमियों से आह्वान किया कि वे नवाचार, स्पष्ट सोच और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ें। प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करें। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनुकूल वातावरण संसाधन और सविधाएं है। राज्य शासन द्वारा निवेशकों को सभी संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग न केवल संपन्नता, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना के साथ भारत और मध्यप्रदेश उद्यमिता के नए शिखर छुएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में यंग एंटरप्रेन्योर्स फाउंडेशन (YEF)  द्वारा आयोजित नव उद्यमियों के भारत समिट 2025 को सम्बोधित कर रहे थे। इस प्रतिष्ठित आयोजन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, श्री दीपक विस्पुते, श्री राज सोमानी, श्री सिद्धार्थ सिंह, श्री विकास खेमानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, डॉ. निशांत खरे, श्री सावन सोनकर, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह समिट नेतृत्व, उद्यमिता, आध्यात्मिकता और अगली पीढ़ी के लिए दूरदर्शी सोच को एक सशक्त मंच पर एक साथ लाने वाला ऐतिहासिक आयोजन रहा। देशभर से आए प्रभावशाली वक्ताओं, युवा उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विचारशील व्यक्तित्वों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्योग से जीवन संवारने की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही भारत के भविष्य की आधारशिला है। उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव उद्यमी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार उद्योग विभाग को सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर प्राथमिकता दी है, ताकि निर्णय तेज़ी से हों और निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री  डॉ. यादव ने कहा कि “उद्योग से जीवन संवारने” की स्पष्ट नीति के साथ मध्यप्रदेश में उद्योग का नया संकल्प लिया गया है। यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। जल संसाधन और सौहार्द का नया अध्याय डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पीकेसी (PKC) योजना और नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से राज्य को जल-संपन्न बनाने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के बीच जल-साझेदारी ने एक नया मोड़ लिया है। पड़ोसी राज्यों को पानी देने का निर्णय केवल परियोजना नहीं, बल्कि सौहार्द और सहयोग का नया अध्याय है। ग्रीन एनर्जी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनको प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कुछ राज्यों और देशों में यह परियोजना 4 से दस वर्षों में पूरी हुई, वहीं मध्यप्रदेश में यह दुनिया का बड़ा प्रोजेक्ट दो साल से भी कम समय में तय होकर आज लोकार्पण की स्थिति तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत संबंधों, भरोसे और तेज़ निर्णय प्रक्रिया का परिणाम है। निवेश के नए कीर्तिमान डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में में  32 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिनमें से 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन पहले ही हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि 25 दिसम्बर को 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन/लोकार्पण एक ही स्थान पर संपन्न होगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मतिथि के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कई  सेक्टर्स में भी अपार संभावनाएं है। इन संभावनाओं के मद्देनजर इन्हें विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार  पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सही दिशा देने वाले मंच ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यमी की सफलता का रहस्य X-Factor नहीं बल्कि D-Factor है। यह D-Factor है—Dreamers (सपने देखने वाले), Doers (उन्हें जमीन पर उतारने वाले) और Disrupters (नवाचार से व्यवस्था बदलने वाले), जो भारत की प्रगति की असली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत नई सोच, साहस और जोखिम लेने की क्षमता से लैस है। यह वही युवा है जो नींद से ज्यादा रणनीति को महत्व देता है और असली विकास और असली प्रगति  में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि बड़े और साहसिक विचार ही वास्तविक बदलाव की नींव रखते हैं। श्री सिंधिया ने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क में नौकरी के बाद भारत लौटकर शून्य से शुरुआत करना आसान नहीं था, लेकिन धैर्य, परिश्रम और निरंतर प्रयास ने सफलता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि resilience दिखावा नहीं, बल्कि शांत और निरंतर संघर्ष है। 

मुफ्त राशन बना सियासी मुद्दा: हरियाणा में 2 साल में 18 लाख परिवार BPL सूची से बाहर

चंडीगढ़ हरियाणा के बीपीएल कार्ड धारकों का मुद्दा उठने के बाद शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में मुफ्त राशन तथा बीपीएल कार्ड धारकों को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा द्वारा सदन में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने रिपोर्ट पेश की। इस पर बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन योजना को स्कैंडल का नाम दिया तो मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं फ्रंट पर आए और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया।  इस मुद्दे पर कांग्रेस के कई विधायकों ने अपनी सीटों पर शोरगुल किया। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने मुफ्त राशन श्रेणियों, लाभार्थियों तथा रद हुए राशन काड़ों के बारे में जानकारी मांगी। खाद्य  आपूर्ति राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बीपीएल के अंतर्गत 37 लाख 67 हजार 264 तथा अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत तीन लाख एक हजार 700 राशन कार्ड हे बने बने हुए हैं। बत्रा ने इस जवाब पर असंतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रदेश में चुनाव से पहले 51 लाख से अधिक कार्ड धारक थे। चुनाव के बाद इनकी संख्या गिरकर 40 लाख रह गई है। बत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुफ्त राशन के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। उनके बयान पर आपत्ति पत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाला और कहा कि कांग्रेस को सरकार खारिज कर चुकी है।

ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक एवं सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाते हैं। छात्र जीवन से ही वे स्वाधीनता आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और ब्रिटिश शासन के अन्याय व दमन के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्षरत रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके अमूल्य योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।

सीएम योगी के नेतृत्व में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सीएम श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत हॉस्टल माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बनाया जा रहा है। जो नारी शक्ति और समाज कल्याण की प्रतीक मानी जाती हैं, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा और सुविधापूर्ण आश्रय मिल सके। केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन दोनों योजनाओं के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।  केंद्र सरकार की SASCI योजना पर ठोस प्रगति भारत सरकार द्वारा SASCI  योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लखनऊ में तीन, गौतमबुद्ध नगर में चार एवं गाजियाबाद में एक सहित कुल आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें प्रत्येक की आवासीय क्षमता 500 की होगी। इन छात्रावासों के लिए शहरी क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करते एक रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष की लीज दर पर भूमि को विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 381.56 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 11 मार्च 2025 को 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में 251.83 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। अप्रैल 2025 में सीएण्डडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून 2025 में परियोजना वार 35 प्रतिशत धनराशि (116.19 करोड़ रुपये) कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की गई। वर्तमान में लखनऊ के तीन और गौतमबुद्ध नगर के तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना पर भी तेजी इसके समानांतर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रदेश के 07 जनपदों वाराणसी,  मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर,  झांसी एवं आगरा में 500-500 की क्षमता वाले कुल सात छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत प्रति छात्रावास 47.75 करोड़ की लागत से कुल 334.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 170 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। अब तक मेरठ, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी एवं आगरा में भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। इन पांचों जनपदों के लिए व्यय वित्त समिति (EFC)  से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। वहीं वाराणसी एवं प्रयागराज में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी सातों जनपदों के लिए निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना वित्त विभाग को प्रेषित कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण के विज़न को जमीन पर उतार रही योगी सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीएण्डडीएस के समन्वय से संचालित ये दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को साकार कर रही हैं, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है। ये छात्रावास न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देंगे, बल्कि शहरी क्षेत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

डिप्रेशन से जूझता युवा मुजाहिद शेख बना आत्मनिर्भर उद्यमी

लखनऊ जब हालात इंसान को चारों तरफ से घेर लेते हैं और रास्ते बंद नजर आने लगते हैं तब या तो व्यक्ति टूट जाता है या फिर इतिहास रचता है। लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने दूसरा रास्ता चुना। डिप्रेशन, आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा से गुजरते हुए उन्होंने न केवल खुद को संभाला बल्कि एक ऐसी पहचान बनाई जो आज उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की मिसाल बन चुकी है। यह कहानी केवल एक युवक की नहीं, बल्कि उस सोच की है जिसमें योगी आदित्यनाथ सरकार के विजन से जीवन, संघर्ष से सफलता में बदल जाता है ।  खेती की गिरती आय और जिम्मेदारियों का दबाव लखीमपुर खीरी जैसे कृषि प्रधान जिले में पले-बढ़े मुजाहिद का परिवार पूरी तरह से खेती पर निर्भर था। समय के साथ खेती की लागत बढ़ती गई लेकिन आमदनी घटती चली गई। परिवार की जरूरतें बढ़ीं। बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता ने आर्थिक दबाव को और गहरा कर दिया। मेहनत के बावजूद जब हालात नहीं बदले तो निराशा मन में घर करने लगी। डिप्रेशन के साथ समाज की बेरुखी भी झेलनी पड़ी लगातार तनाव ने मुजाहिद को डिप्रेशन की स्थिति में पहुंचा दिया। मानसिक संघर्ष के इस दौर में उन्हें सहयोग की जगह ताने मिले। लोग मजाक बनाने लगे। आत्मविश्वास टूटने लगा और भविष्य धुंधला नजर आने लगा। लखीमपुर खीरी में ही उन्हें समय पर इलाज और काउंसलिंग मिली जिससे उन्हें दोबारा सकारात्मक सोचने और खड़े होने की ताकत दी। उनके जीवन का तीन साल डिप्रेशन में बीत गए थे। योगी सरकार के विजन से मिली नई राह स्वास्थ्य में सुधार के बाद मुजाहिद के सामने सबसे बड़ा सवाल आजीविका का था। इसी मोड़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान उनके जीवन में निर्णायक साबित हुई। बिना गारंटी और ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा ने उस डर को खत्म कर दिया, जो वर्षों से उन्हें आगे बढ़ने से रोक रहा था। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने प्रक्रिया में सहयोग किया और भरोसा दिया कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। डिजिटल सोच से गांव में बदलाव ला रहे है मुजाहिद  ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने सबसे पहले डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और उन्होंने उन लोगों की सहायता की जो केवल ऑफलाइन व्यापार कर रहे थे। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार और सेवा प्रदाता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे। गांव में डिजिटल सेवाओं का एक नया केंद्र तैयार हो गया। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का जमीनी रूप था। इसके बाद उन्होंने थायरोकेयर की फ्रेंचाइजी ली और सलबोटॉमिस्ट का कोर्स किया। इस कोर्स के जरिए उन्होंने ब्लड सैंपल कलेक्शन की पूरी प्रक्रिया सीखी। फिर अपने गांव से ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजना शुरू किया। इससे ग्रामीणों को घर के पास जांच सुविधा मिलने लगी। संघर्ष से सफलता की नींव होती जा रही है मजबूत आज मुजाहिद का व्यवसाय मजबूती से चल रहा है। वे हर माह आसानी से 5000 रुपये की किश्त जमा कर रहे हैं। 400 से अधिक सेवाएं प्रदान कर वे गांव के लिए भरोसे का नाम बन चुके हैं। उन्होंने अपनी फर्म एमएसओ इंटरप्राइजेज बनाकर फ्रेंचाइजी देना भी शुरू कर दिया है, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल भी शुरू किया जिसके माध्यम से वे लोगों को डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलने के साथ गाँव में पहचान भी मिलने लगी है। नेतृत्व को श्रेय और आत्मनिर्भरता की भावना मुजाहिद अपनी सफलता का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। वह कहते है कि "यदि सरकार ने युवाओं पर भरोसा न किया होता तो वे आज भी संघर्ष में फंसे रहते। डिजिटल इंडिया को लेकर सरकार की पहल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गांवों तक रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।  योगी सरकार का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना मेरे जीवन में साकार हुआ है।" परिवार के सपनों को मिली नई उड़ान जीवन में आर्थिक स्थिरता आने के बाद मुजाहिद का पारिवारिक जीवन पूरी तरह बदल गया। अब वे अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ संतोष और सम्मान का जीवन जी रहे हैं। अपने तीनों बच्चों का दाखिला उन्होंने निजी स्कूल में कराया जिससे कि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके। दुकान के पीछे एक कमरा बनवाकर अपने परिवार को वहीं शिफ्ट कर लिया।  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रति लोगों को कर रहे जागरूक सफलता मिलने के बाद मुजाहिद का सपना केवल स्वयं तक सीमित नहीं है। वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने का भी काम कर रहे हैं, जिससे कि जरूरतमंद युवा इसका लाभ ले सकें। उन्होंने अपने गांव की लड़कियों के लिए एक सप्ताह का निशुल्क कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे वे डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें और आत्मनिर्भर हो सकें। युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही मुजाहिद शेख की कहानी मुजाहिद शेख की कहानी बताती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों लेकिन सही नेतृत्व, सही नीति और मजबूत इच्छाशक्ति से जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। यह कहानी हर उस युवा को प्रेरित करने का काम कर रही है जो आज संघर्ष की राह पर अग्रसर है। योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन आज युवाओं को बड़ा अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुजाहिद शेख उसी विजन का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आये हैं।

आजादी के 100 साल को ध्यान में रखते हुए तैयार करें शहरों के विकास की योजना : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

भोपाल में हुई शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये समन्वय से करें योजना का क्रियान्वयन अधोसंरचना विकास के कार्यों में बजट का हो सही उपयोग भोपाल  केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि शहरों के विकास के लिये केन्द्र सरकार से मिलने वाली बजट राशि का पूरा उपयोग समय पर किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो कल्पना की है, उसे तभी पूरा किया जा सकेगा, जब केन्द्र और राज्य सरकार पूरे समन्वय के साथ कार्य करेंगी। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर मे शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं राज्यों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिये तैयार की गई कार्य दिशा पुस्तिका का विमोचन किया। केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी अनुमान के मुताबिक कुल आबादी की 50 प्रतिशत तक हो जाएगी। जब हम इसे ध्यान में रखते हुए शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे, तभी विकसित और आत्मनिर्भर भारत बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरी कार्य मंत्रालय ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये देश में क्षेत्रवार राज्यों की बैठक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हर राज्य की भौगोलिक स्थिति और परेशानियां अलग है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों के विकास के लिये केन्द्र सरकार सपोर्टिंग सिस्टम के रूप में काम करती है, ठोस प्रयास तो राज्य सरकारों को ही करना होगा। ठोस कार्य योजना करें तैयार केन्द्रीय शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि क्षेत्रीय बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन व्यवस्था पर मुख्य रूप से चर्चा की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में तैयार मकानों के आवंटन न होने पर चिंता प्रकट की। राज्य सरकारों को यह प्रयास करना होगा कि जनता की वित्तीय हिस्सेदारी में प्रभावी रूप से किया जाये। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सबको आवास केन्द्र सरकार की फ्लेगशिप योजना है। इस योजना को पूरा करने के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ प्राइवेट रियल्टी सेक्टर के उद्यमियों को प्रोत्साहित करना होगा। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों को बनाया जा रहा है आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे बसे शहरों में सीवरेज कार्य को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी न मिलाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश की नगरीय क्षेत्रों में सम्पत्तियों की जीआई मेपिंग की गई है। इस कार्य से सम्पत्ति कर में 150 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना में अधूरे कामों को पूरा करने के लिये केन्द्र से मदद दिये जाने का आग्रह किया। कार्यक्रम को केन्द्रीय सचिव आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक के आयोजन के बारे में जानकारी दी। वीडियो फिल्म का प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं पर केन्द्रित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म में पानी के सदुपयोग, अर्बन लॉकर, व्हीकल फ्यूल निगरानी सिस्टम और अन्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की जानकारी दी गई। बैठक के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे और आयुक्त नगरीय विकास श्री संकेत भोंडवे ने उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी। सत्र में चर्चा उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न राज्यों और केन्द्र सरकार के अधिकारियों के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बिन्दुवार चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9 लाख 46 हजार आवासों में 8 लाख 79 हजार आवास निर्माण किये जा चुके है। पूर्ण आवासों के आधार पर मध्यप्रदेश प्रथम सर्वेश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में 60 हजार आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने कहा कि जिन हितग्राहियों के प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाए जा चुके हैं, उनकी सुरक्षा की गारंटी राज्य सरकार को देना चाहिए। अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की आवास समस्या के हल के लिये उद्योगपतियों की मदद से किफायती आवास तैयार करने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। सत्र में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की प्रगति पर भी चर्चा की गई। सत्र में बताया गया कि प्रदेश में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के अधिकारियों का कहना था कि प्रदेश में बनाई जा रही मेट्रोपॉलिटन सिटी में मेट्रो नेटवर्क के लिये राज्य सरकार को डीपीआर बनाने का कार्य प्राथमिकता से करना चाहिए। सत्र में अमृत योजना के बारे में जानकारी दी गई कि विभाग ने 6 हजार 500 प्रकरणों में स्वीकृति जारी की है। प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जा रही है। हाल ही में 40 ठेकेदारों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। सत्र में अमृत 3.0 पर भी चर्चा की गई।  

अजनाला थाने पर हमले का मामला: हाईकोर्ट सख्त, अमृतपाल समेत साथियों पर अहम आदेश

चंडीगढ़/अजनाला अजनाला थाने पर हमले के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कम से कम 5 जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस मामले से जुड़ी हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिकाओं में से एक पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस सूरज प्रताप सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता सहित एक गैरकानूनी भीड़ ने अमृतपाल सिंह के प्रभाव में आकर अपने एक साथी को पुलिस हिरासत से छुड़वाने के गलत इरादे से पुलिस थाने पर हमला किया और कानून अपने हाथ में ले लिया, जबकि उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए था। बेंच ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता पर आरोप है कि वह घातक हथियारों से लैस भीड़ का हिस्सा था, जिसने न केवल पुलिस कर्मियों द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना की, बल्कि राज्य के अधिकार को भी इस हद तक चुनौती दी कि मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मचारियों को चोट पहुंचाने से भी परहेज नहीं किया। जानिए क्या है पूरा मामला गौरतलब है कि 24 फरवरी 2023 को अमृतसर जिले के अजनाला पुलिस थाने में अपने एक साथी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए अमृतपाल सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर थाने पर हमला कर दिया था। इसके बाद अमृतपाल सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में अमृतपाल सिंह डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। 

शीतलहर से आज भी नहीं मिलेगी पूरी राहत, इंदौर में ठंड रहेगी कायम

इंदौर शुक्रवार को प्रदेश में रात का सबसे कम चार डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में दर्ज किया गया। शाजापुर, शिवपुरी में शीतलहर एवं इंदौर में तीव्र शीत लहर का प्रभाव रहा। 20 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। दिन का सबसे अधिक 30.8 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया। सुबह के समय कोहरे के कारण सागर में दृश्यता 200 मीटर, नौगांव एवं जबलपुर में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बने दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट होने से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। शनिवार-रविवार को इंदौर, शाजापुर, राजगढ़ में शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, जबलपुर एवं शहडोल संभाग में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास के क्षेत्र में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पश्चिम ईरान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में सक्रिय है। उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। इस वजह से ठंड से मामूली राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के मुताबिक मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम है। इस वजह से अधिकतर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री या उससे कम पर ही बना रहने की संभावना है।

पंजाब वासियों सावधान! जारी हुई अहम एडवाइजरी, लापरवाही पड़ सकती है भारी

बरनाला   स्वास्थ्य विभाग बरनाला द्वारा डिप्टी कमिश्नर बरनाला टी. बेनिथ आईएएस तथा डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के अनुसार शीत लहर और घने कोहरे से बचाव के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। यह जानकारी इंचार्ज सिविल सर्जन बरनाला डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने दी। डॉ. गुरमिंदर कौर औजला ने बताया कि सर्दी के मौसम में शीत लहर के कारण बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और लंबे समय से बीमार व्यक्ति अधिक प्रभावित होते हैं। ठंड लगने की स्थिति में यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो यह कई बार गंभीर और जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए इन वर्गों का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मुनीश कुमार ने बताया कि घनी धुंध और अत्यधिक ठंड के कारण सुबह और देर शाम या रात के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। घने कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है, जो काफी खतरनाक हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि घरों में बंद कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर कभी भी ताप नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी पैदा कर देती है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक और जानलेवा हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, घबराहट या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिला मास मीडिया एवं सूचना अधिकारी कुलदीप सिंह मान तथा जिला बीसीसी कोऑर्डिनेटर हरजीत सिंह ने बताया कि इस मौसम में छोटे बच्चे अधिक बीमार पड़ते हैं, इसलिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाना बेहद जरूरी है। बच्चों को स्वेटर, जैकेट, मोजे, जूते और सिर पर टोपी जरूर पहनाई जानी चाहिए। बुजुर्गों, दमा और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को अत्यधिक ठंड के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आहार में गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी और संतुलित भोजन शामिल करें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए थोड़े-थोड़े समय बाद गुनगुना या हल्का गर्म पानी पीते रहें। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि ठंड के मौसम में सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

सरकार को झारखंड HC का आदेश, अब मांस खुले में नहीं बिकेगा

रांची  झारखंड उच्च न्यायालय ने बीते शुक्रवार को राज्य सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और खुले में मांस की बिक्री को रोकने का निर्देश दिया। खुले में मांस की बिक्री पर झारखंड HC सख्त मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ श्यामानंद पांडे द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि खुले में बकरियों व मुर्गियों को काटा जाता और उनके शवों को दुकानों में लटका दिया जाता है, जो राह चलते हुए लोगों को दिखाई देते हैं। पीठ ने खुले में मांस की बिक्री पर नाराजगी व्यक्त की और राज्य सरकार तथा रांची नगर निगम को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार को केंद्र द्वारा बनाए गए खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने का भी निर्देश दिया।