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फोटो विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: कफ सिरप आरोपियों के साथ दिखने वालों पर चले बुलडोजर

लखनऊ  सपा प्रमुख के साथ दिख रहे व्यक्ति को कफ सिरप का वांछित बताए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, कई तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। अगर तस्वीर में जो दिख रहा है, उसमें सपाई हैं तो उन सभी के यहां बुलडोर चलवाएं। कालीन भैया, कोडीन भैया सभी के यहाँ बुलडोजर चले। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, मेरे साथ खड़ा होने वाला अगर माफिया है तो मेरी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ भी है। उन्होंने कहा, भाजपा दूसरों पर आरोप लगाती रहती है। भाजपा झूठ बोलती है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के जरिए भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, अपना चेहरा न पोछा गया आपसे आइना बेवजह तोड़ कर रख दिया। यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे और दूसरों पर लगाते है।   पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा पर हमलावर हुए अखिलेश ने कहा, कोडीन मामले में स्टोरी को फालो करे तो पता चल जाएगा। 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर है। पूर्व आईपीएस मामले पर अखिलेश बोले, अमिताभ ठाकुर पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे तो सारी पुलिस सीटी बजाने लगी। आजम खां के ऊपर कितने मुक़दमे लगा दिए गए। ऐसे न जाने कितने मुक़दमे लगा दिए गए। सपा प्रमुख बोले, भाजपा सरकार पर्यावरण को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं है। ये सरकार उधोगपतियों के लिए कुछ भी कर सकती है इसीलिए पर्यावरण का अधिक खतरा है। फसल बीमा योजना में किसानो से ज्यादा बीमा कम्पनियो को फायदा है। ये सरकार स्वजातीय लोगो पर कार्रवाई नहीं करती। अखिलेश ने सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के लिए एक सही श्रद्धांजलि होगी। यादव ने केंद्र से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में और मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का भी आग्रह किया। पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद यादव ने कहा कि अहीर रेजिमेंट की मांग नई नहीं है, और इसे पहले भी समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, "आज, जब हम इन बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी, तो हम उनके सम्मान और रेजिमेंट के सम्मान के लिए सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को भी दोहराते हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अन्य रेजिमेंट बनाने की मांगें हैं, तो उन्हें भी आगे लाया जाना चाहिए।  

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज

ईंट भट्टों के विनियमन से प्राप्त हुई 193.5 करोड़ की आय, प्रदूषण नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज एनजीटी के मानकों के अनुरूप हो रहा यूपी में ईंट भट्टों का संचालन, लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी में वायु प्रदूषण के मामलों में आयी कमी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ईंट भट्टों के विनियमन के लिए जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिससे एक ओर प्रदेश में ईंट भट्टों के संचालन का नियमितीकरण हुआ है, साथ ही एनजीटी के मानकों के अनुरूप प्रदूषण स्तर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण उपाय लागू किये जा सके हैं। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईंट भट्टों से लगभग 193.5 करोड़ रुपये विनियमन शुल्क के रूप में आय की प्राप्ति हुई है। जो न केवल प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में ईंट भट्टों के नियमित संचालन और एनजीटी के मानकों के अनुपालन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिनके माध्यम से प्रदेश में ईंट भट्टों के सत्यापन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन समितियों ने भट्टा मालिकों से विनियमन शुल्क का शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की, जिसके फलस्वरूप राज्य को लगभग 193.5 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्षों में प्राप्त विनियम शुल्क की तुलना में अधिक है। साथ ही उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान के तहत प्रदेश में चल रहे हजारों की संख्या में अवैध ईंट भट्टों को बंद कराया गया, साथ ही कई भट्टों में मानक के अनुरूप प्रबंधन करा कर उन्हें मानकीकृत किया गया है। इन समितियों का संचालन जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय पुलिस और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है ।  ईंट भट्टों के जनपद स्तरीय सत्यापन से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध ईंट भट्टों के संचालन में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। साथ ही ईंट भट्टों का संचालन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के कड़ाई से अनुपालन ने वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत सभी वैध भट्टों को जिग-जैग तकनीक, ऊंची चिमनियां और कम प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग अनिवार्य किया गया। समितियों ने सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत भट्टों को एनजीटी अनुपालन प्रमाणित किया गया, जबकि बाकी को सुधार के लिए समय दिया गया है। वायु प्रदूषण के मामले में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा के साथ राज्य के दिल्ली एनसीआर के जिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। ईंट भट्टों के सत्यापन के लिए बनाई गईं जनपद स्तरीय समितियों के सफल संचालन से न केवल प्रदेश को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपल्ब्धि हासिल की है।

पटना के घर और दुकानों पर बढ़ा टैक्स, जानें क्या है वजह

पटना पटना शहर के मकान मालिकों और दुकानदारों के लिए एक अहम खबर है। दरअसल यहां पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा कर दिया है। अब शहर के कई इलाके में लोगों को  पहले की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। बता दें कि यह बढ़ा हुआ संपत्ति कर उन लोगों की संपत्तियों पर लागू होगा जो अब ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में आ गई हैं। दरअसल, पटना नगर निगम ने शहर की सड़कों के पुनर्वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत प्रधान मुख्य सड़कों की संख्या बढ़ा दी है। पहले 24 सड़कें प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में थीं। 19 नई सड़कों को ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में घोषित कर दिया है।  इन सड़कों पर करीब 5,500 से अधिक मकान और दुकानें स्थित है। जिस कारण ये मकान और दुकान अब बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। नई टैक्स दरें 19 मई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।  बता दें कि प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में आने वाली संपत्तियों से 30 रुपये प्रति यूनिट प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की जाएगी। 

बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व : मुख्यमंत्री

साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

विधानसभा में बड़ा फैसला: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे 5000 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार भविष्य में योजना की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये तक ले जाने को तैयार है। यह बात उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कही। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने और क्या कुछ कहा है। विपक्ष पर पलटवार, योजना जारी रहने का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बार-बार तीन हजार रुपये की मांग उठा रहा है और योजना बंद होने की आशंका जता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने शुरुआत से ही राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2023 में लागू हुई योजना को लेकर चुनाव के समय भी शंकाएं जताई गई थीं, लेकिन सरकार ने लगातार भुगतान जारी रखा।   2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य सीएम ने बताया कि पहले बहनों को 1000 रुपये दिए गए, फिर 1250 और अब 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे यहीं रोकने का नहीं है 2028 तक 5000 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विपक्ष से रचनात्मक सुझाव भी मांगे, ताकि कामकाजी महिलाओं की आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकें।    मुख्यमंत्री ने अपने विचारों का वीडियो X पर साझा करते हुए लिखा कि लाड़ली बहनों को सहायता राशि लगातार मिल रही है और आगे भी इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी। उसमें उन्होंने लिखा है, कि विपक्ष कहता है कि लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी बहनों को लगातार रुपए दिए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को सबसे पहले 1000 रुपए दिए, फिर 1250 रुपए, इसके बाद बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिए हैं। अब और आगे बढ़ाते रहेंगे।   अगली किस्त का इंतजार जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में योजना की 31वीं किस्त 9 तारीख को जारी की गई थी। ऐसे में अब 32वीं किस्त को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई है। अनुमान है कि यह नए साल में 10 जनवरी तक आ सकती है, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

तापमान में तेज गिरावट के संकेत, अगले सप्ताह प्रदेश में ठंड और घना कोहरा—IMD की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पाली, करौली, उदयपुर, अजमेर सहित कई शहरों में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान बढ़ने से सुबह और शाम की सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में 21 दिसंबर तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। हालांकि 22 और 23 दिसंबर को 10 जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 24 दिसंबर से तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। शुक्रवार को दिन के समय अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका सीकर का फतेहपुर और सिरोही का माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले तीन दिन छाए रहेंगे बादल विक्षोभ का असर अगले 3 दिन रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि  22 दिसंबर तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। इसके बाद न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

कफ सिरप कांड पर यूपी सरकार सख्त: मंत्री सुरेश खन्ना बोले– किसी कीमत पर नहीं बचेंगे दोषी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कोडिंग युक्त कफ सिरप मामले को लेकर सरकार की गंभीरता के बारे में बात की उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा… साथ ही उन्होंने कफ़ सिरप मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आरोपियों को बचाना चाहते हैं और जिस तरह से अखिलेश यादव का फोटो आरोपी के साथ सामने आया है उस पर अखिलेश यादव को देश को यह बताना चाहिए कि उनका इनके साथ क्या संबंध है देश यह जवाब चाहता है। अखिलेश यादव लगातार सरकार के ऊपर इसलिए हमला बोलते हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है सरकार ने कफ सिरप मामले में गंभीर धाराओं में आरोपियों के साथ-साथ 140 फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

स्कूलों की छुट्टी का ऐलान: DM ने तय किया बंद रहने का समय

शिवहर बिहार में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बढ़ती ठंड के बीच कई जिलों में स्कूल बंद  कर दिए गए हैं। इसी बीच शिवहर जिला प्रशासन ने भी स्कूल बंद  को लेकर बड़ा आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल आना अनिवार्य शिवहर जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 21 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, सिर्फ बच्चों को छुट्टी रहेगी जबकि शिक्षकों को प्रतिदिन स्कूल आना अनिवार्य होगा। शिक्षक विद्यालय से संबंधित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। जिलाधिकारी का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके मद्देनजर स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए सावधानियां बरतने की अपील की है।  

जब हद से बढ़ा मच्छरों का आतंक: युवक ने मारे मच्छर पैक किए और सीधे नगर निगम में किया प्रदर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक आदमी ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। मच्छरों के काटने के बाद उसने उसे मारकर प्लास्टिक की थैली में पैक किया। फिर उसे लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच गया। वहां उसने निगम के हेल्थ अधिकारी से उसकी जांच करने को कहा। उसे शंका थी कि कहीं ये मच्छर डेंगू के वाहक तो नहीं थे। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक युवक ने अपनी शिकायत को प्लास्टिक की थैली में बंद करके अधिकारियों तक पहुंचाने का अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर के वामनराव लाखे वार्ड में मच्छरों के काटने के बाद युवक ने मच्छरों को मारकर उन्हें करीने से पैक किया और सीधे रायपुर नगर निगम कार्यालय लेकर पहुंच गया। दौलल पटेल नाम के इस आदमी ने बताया कि उसे डर था कि उसे काटने वाले मच्छर डेंगू के वाहक हो सकते हैं। घबराकर उसने पहले डॉक्टर से सलाह ली, जिसने उसे मच्छरों की जांच करवाने की सलाह दी। सामाजिक कार्यकर्ता विजय सोना और नगर निगम के विपक्ष के नेता आकाश तिवारी के साथ पटेल ने पॉलीथीन बैग में अच्छी तरह से सील किए गए मच्छरों को नगर निगम मुख्यालय में स्वास्थ्य अधिकारी को सौंप दिया। नगर निगम के अधिकारियों ने तुरंत डॉक्टरों से संपर्क किया और आशंकाओं को दूर करने के लिए परीक्षण की व्यवस्था की। हालांकि, रिपोर्ट से कुछ राहत मिली क्योंकि ये मच्छर डेंगू फैलाने वाले नहीं बल्कि सामान्य मच्छर निकले। विपक्ष ने इस घटना को हाथोंहाथ लपक लिया। नगर निगम में विपक्ष के नेता आकाश तिवारी ने कहा कि इस घटना ने शहर की मच्छर नियंत्रण व्यवस्था की विफलता को उजागर कर दिया है। कहा कि कागज पर तो लोगों को 'स्वच्छ रायपुर, सुंदर रायपुर' का सपना दिखाया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि निवासियों को मच्छरों को मारकर नगर निगम कार्यालय लाना पड़ रहा है। वहीं, लोगों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। लोग डेंगू और मलेरिया के भय में जी रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ साल पहले इसी इलाके के एक युवक की मच्छर के काटने से मौत हो गई थी। आकाश तिवारी ने कहा कि अगर लोगों को खुद मच्छर पकड़ने पड़ रहे हैं और अधिकारियों को समस्या साबित करनी पड़ रही है तो शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति का तो अंदाजा ही लगाया जा सकता है। राज्य के बाकी हिस्सों की तो बात ही छोड़िए। कार्यकर्ता विजय सोना ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास मच्छरों के पनपने की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से बार-बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार के एक सदस्य की मच्छर जनित बीमारी से मौत हो चुकी है। रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग और लार्वा रोधी छिड़काव तेज किया जाएगा। हालांकि, निवासी अभी भी संशय में हैं। उनका कहना है कि मच्छर नियंत्रण पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद, खुली नालियां और खराब जल निकासी व्यवस्था मच्छरों के पनपने के लिए आदर्श स्थान बनी हुई है।

दतिया में टीकाकरण के बाद बड़ा हादसा: एक बच्चे की मौत, तीन अस्पताल में भर्ती

दतिया दुरसड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ककरऊआ में शुक्रवार को हुए टीकाकरण के दौरान वैक्सीन लगाए जाने के बाद डेढ़ माह के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव में हड़कंप और आक्रोश का माहौल है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को गांव में आशा कार्यकर्ता द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बच्चों को वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के कुछ समय बाद एक डेढ़ माह के बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों में भी अस्वस्थता के लक्षण सामने आए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल दतिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। शिकायत लेकर कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे लोग घटना से आक्रोशित ग्रामीण बड़ी संख्या में शिकायत लेकर दतिया कलेक्टर के बंगले पहुंचे। ग्रामीणों ने टीकाकरण में लापरवाही और स्वास्थ्य अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मामले में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जानकारी जुटा रही है और टीकाकरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।