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ED की बड़ी कार्रवाई: BJP नेता के घर से 2 करोड़ रुपये, 6 किलो सोना और 300 किलो चांदी जब्त

पानीपत  हरियाणा के पानीपत में ईडी की टीम ने भाजपा नेता के घर पर रेड डाली है. डंकी रूट से अमेरिका भेजने के आरोपों में ईडी की टीम ने पानीपत में दस्तक दी, इस दौरान अहर-कुराना गांव में भाजपा नेता बलवान शर्मा, पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड व एजेंट प्रदीप के कई ठिकानों पर छापे मारे गए. बताया जा रहा है कि ईडी ने इन ठिकानों से 2 करोड़ से ज्यादा की नकदी, 300 किलो चांदी, 6 किलो सोना और संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं. साथ ही लैपटॉप, कंप्यूटर और रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं. पंचायत सचिव प्रवीण उर्फ फोर्ड, खेल कोटे से सरकारी नौकरी में आया और वह सर्कल कबड्डी खिलाड़ी रहा है. जांच में पता चला है कि आरोपी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए प्रॉपर्टी या जमीन के कागजात गिरवी रखवाता था. इससे पैसा पक्का रहता और कोई भाग नहीं सकता था. गौरतलब है कि ईडी ने  हरियाणा के पानीपत, पिहोवा और पंजाब, दिल्ली समेत 13 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की. ईडी की जालंधर जोनल ऑफिस की अलग-अलग टीमों ने रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली), बलवान शर्मा (पानीपत) से जुड़े व्यवसायिक और आवासीय परिसरों में तलाशी ली. ये कार्रवाई उन सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें 330 भारतीयों को फरवरी 2025 में अमेरिका की ओर से भारता भेजा गया था. कुरुक्षेत्र में भी मारी थी रेड इससे पहले, कुरुक्षेत्र में भी ईडी की टीम ने रेड मारी थी और पिहोवा का एजेंट फरार हो गया था. बताया जा रहा है कि पिछले महीने एजेंट विशाल चावला के घर चोरी हुई थी और घर से करीब 5 लाख रुपए, विदेश करेंसी और ज्वैलरी चुराई गई थी. वहीं, रेड से पहले एजेंट के फरार होने का शक है.ईडी की रेड में हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के आरोपी रडार पर हैं.

झाबुआ में जल संरक्षण, सिंचाई और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा

भोपाल. महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन किसानों की आय वृद्धि, जल संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग द्वारा झाबुआ जिले में नवीन जल संसाधन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे पेटलावद क्षेत्र सहित पूरे जिले के विकास को नई गति मिलेगी। सुश्री भूरिया ने बताया कि पेटलावद क्षेत्र में 15.8 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न जल संसाधन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 480 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। स्वीकृत योजनाओं में मुंडत बैराज (लागत 5.99 करोड़ रुपये) से 360 हेक्टेयर तथा मुकामपुरा तालाब नहर रहित योजना (लागत 3.53 करोड़ रुपये) से 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि माही नदी पर स्थित श्रृंगेश्वर घाट के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु 628.21 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इस परियोजना से नदी तटों का संरक्षण सुनिश्चित होगा तथा धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है। श्रृंगेश्वर घाट का विकास क्षेत्र की धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार होगा। सुश्री भूरिया ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाएं झाबुआ जिले के किसानों, युवाओं और स्थानीय समुदाय के लिए दीर्घकालीन लाभकारी सिद्ध होंगी तथा जिले की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।  

शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) भोपाल में 20 दिसम्बर को

भोपाल. केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्यों) 20 दिसंबर शनिवार प्रात: 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, भोपाल में आयोजित हो रही है। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय को सुदृढ़ करना है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह बैठक राज्यों को योजना-वार प्रगति प्रस्तुत करने, क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं को साझा करने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान तथा मंत्रालय से नीतिगत एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। क्षेत्रीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री एवं राज्यमंत्री, भारत सरकार एवं राज्यो के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्वच्छ सर्वेक्षण वर्ष 2025-26 के लिए कार्य-दिशा पुस्तिका का विमोचन होगा। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि यह कार्य-दिशा पुस्तिका स्वच्छता, स्थायित्व तथा नागरिक-केंद्रित शहरी प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में पाँच सत्रों में महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा बैठक के दौरान पाँच सत्रों में शहरी विकास से जुड़े प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इन सत्रों के माध्यम से केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों का समाधान निकाला जा सकेगा। अमृत योजना के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा समयबद्ध पूर्णता से संबंधित विषयों पर विचार किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर भी मंथन होगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डंप स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निपटान तथा स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन होगा। स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं के समाधान पर विचार किया जाएगा। अंगीकार अभियान की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की समीक्षा करते हुए अभियान को अधिक प्रभावी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। सत्र में शहरी परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत नगर बस सेवाओं, भूमिगत रेल प्रणाली तथा पैदल मार्गों से संबंधित आवागमन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। यातायात को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिये आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। क्षेत्रीय बैठक से राज्य-वार एवं योजना-वार क्रियान्वयन चुनौतियों की पहचान, कार्यक्रमों को सशक्त बनाने के लिये व्यावहारिक अनुशंसाएँ, केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा शहरी प्रशासन एवं सेवा प्रदायगी में सुधार के लिए ठोस रणनीतिक सुझाव प्राप्त होगे।  

कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को भेजा 14 दिन की रिमांड, 2500 करोड़ के शराब घोटाले का आरोप

 रायपुर शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया को 14 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। ईडी ने उन्हें 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तीन दिन की रिमांड के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। सौम्या के बयान के बाद ईओडब्ल्यू के केस में बंद पूर्व आबकारी आयुक्त निलंबित आईएएस निरंजन दास को ईडी ने गिरफ्तार किया है। सौम्या चौरसिया पर 115.5 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप ईडी की जांच में राजफाश हुआ है कि सौम्या चौरसिया को लगभग 115.5 करोड़ रुपये की अवैध राशि प्राप्त हुई। एजेंसी का दावा है कि डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज और लिखित बयानों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं। ईडी के अनुसार, डिजिटल सबूत यह दर्शाते हैं कि सौम्या चौरसिया इस पूरे शराब घोटाले में मुख्य समन्वयक की भूमिका में थीं। वे शराब सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों अनिल टुटेजा, चैतन्य बघेल के बीच बिचौलिया बनकर अवैध धन के सृजन और उसके मनी लांड्रिंग में अहम भूमिका निभा रही थीं। आबकारी विभाग में पोस्टिंग में भी भूमिका जांच में सामने आया है कि सौम्या चौरसिया ने शराब सिंडिकेट की शुरुआती संरचना तैयार करने में भी मदद की। बरामद चैट्स से राजफाश हुआ है कि उन्होंने अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कराने में सहायता की, जिससे पूरे अवैध नेटवर्क को मजबूती मिली। 2500 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ और इस घोटाले से 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय उत्पन्न हुई। इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी- – अनिल टुटेजा (पूर्व आइएएस) – अरविंद सिंह, कारोबारी – त्रिलोक सिंह ढिल्लन, कारोबारी – अनवर ढेबर, कारोबारी – अरुण पति त्रिपाठी (आइएएस) – कवासी लखमा (विधायक एवं तत्कालीन आबकारी मंत्री) – चैतन्य बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र) 4364 करोड़ के घोटाले में एजेंसी कर रही है जांच- – 500 करोड़ के अवैध कोल लेवी केस में ईडी ने गिरफ्तार किया। – 540 करोड़ के कोल लेवी केस में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 575 करोड़ के डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 49 करोड़ के आय से अधिक संपत्ति में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया। – 3200 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने अब फिर गिरफ्तार।

थाली में परोसा जा रहा हार्ट अटैक: इंदौर में मिलावटखोर सक्रिय, खाद्य सुरक्षा पर चिंता

 इंदौर  खानपान के लिए प्रसिद्ध इंदौर में मिलावटखोर सक्रिय हैं। यहां असली घी के नाम पर आम जनता को वनस्पति बेचा जा रहा है। पालदा स्थित श्री राम मिल्क फूड डेरी इंडस्ट्रीज से विभिन्न ब्रांड और पैकिंग के घी के 10 नमूने लिए गए थे, जिनमें से सात सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि घी में बड़ी मात्रा में वनस्पति मिलाई गई थी, जो खाद्य नियमों का उल्लंघन है और आम लोगों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस फर्म के मालिक नरेंद्र कुमार गुप्ता लंबे समय से इसी प्रकार घी के नाम पर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वनस्पति को हाइड्रोजन प्रक्रिया के जरिए बनाया जाता है, जिससे यह 40 डिग्री तापमान तक पिघलती नहीं है। यह देखने में घी जैसी लगती है, जिससे उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाते हैं। इसी धोखे का फायदा उठाकर इसे मदर चाइस सहित अन्य नामी ब्रांडों के नाम से 700 से 800 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा था। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है वनस्पति का सेवन वनस्पति में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, मोटापा, कोलेस्ट्राल बढ़ना और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। लंबे समय तक वनस्पति युक्त घी खाने से हृदय रोग और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इससे पहले दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों में भी मिलावट के मामले सामने आ चुके हैं। कारोबारी सस्ते और हानिकारक पदार्थ मिलाकर ज्यादा मुनाफा कमाने में लगे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट डॉ. अमन यादव, एमडी मेडिसिन बताते हैं कि "घी हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसमें मिलावट होती है तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है। इससे बेड कोलेस्ट्राल बढ़ता है। यह हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही फैटी लिवर की समस्या भी होती है।"  

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद का विचार था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज विवेकानंद जी का यह स्वप्न साकार होता दिख रहा है। वर्तमान में विश्व का हर देश भारत से मित्रता करना चाहता है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत अब हर चुनौती और परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भूमिका के आधार पर ही भारत आज दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है। हमारे प्रशासनिक अधिकारी हर चुनौती का सामना करते हुए देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। भारत की अनेक विविधताओं के बीच आज देश में यह सेवा क्षेत्र मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. आई.ए.एस. एसोसिएशन सर्विस मीट-2025 के शुभारंभ अवसर पर प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन, सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रयासों के फलस्वरूप प्रशासनिक व्यवस्था निर्मित हो पाई। देश में राजाओं की सत्ता को प्रजातंत्र में बदलने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हमारे देश की संवैधानिक व्यवस्था में संघीय प्रणाली है और इस बीच प्रदेश के अधिकारियों ने केंद्र-राज्यों के साथ समन्वय करते हुए राज्य की बेहतर छवि बनाई है। मध्यप्रदेश एक प्रयोगशाला की तरह है, जहां कई क्षेत्रों में लगातार नवाचार हुए और इनमें से कई नवाचारों का देश-दुनिया में अनुसरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी योग्यता और अनुभव के महत्व को पहचानते हैं। इसी का परिणाम है कि सेवाकाल के बाद भी कई अधिकारियों के अनुभव का लाभ शासन व्यवस्था को मिल रहा है। प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारी सम्मान के हकदार हैं। प्रसन्नता का विषय है कि सभी अधिकारी एक परिवार की तरह हर कठिनाई से निकलने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अनुभव से भरे हमारे वरिष्ठ अधिकारी और ऊर्जा से भरे हमारे युवा साथी विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के आधार हैं। उन्होंने कहा कि यह समय नीतियां बनाने और योजनाओं का क्रियान्वयन करने के साथ नवाचार को समझने, तकनीक को अपनाने और नागरिक की दृष्टि से सोचने का भी है। हमें सेवा कर पाने का अवसर सौभाग्य से मिलता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने यह सौभाग्य अपने कठिन परिश्रम से अर्जित किया है। हमारी संस्कृति में नर सेवा को नारायण सेवा माना गया है। आम आदमी के कष्टों का समाधान करने, उनकी समस्याओं की सुनवाई करने और सार्थक समाधान देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें प्रदेश के विकास के लिए अपना शत-प्रतिशत देने का संकल्प लेना होगा। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष एसीएस  मनु श्रीवास्तव ने कहा कि सर्विस मीट में नए वेंचर्स की सफलता पर विमर्श किया जाएगा। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जो सभी को अपना लेता है। प्रदेश के आईएएस अफसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन एक परिवार की तरह है। आयोजन समिति के अध्यक्ष  पी. नरहरि ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में सेवा का कार्य पूर्ण गरिमा के साथ किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बैतूल में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए विधायकगण ने माना आभार

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बैतूल विधायक तथा प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बैतूल जिले के विधायकों ने भेंट कर बैतूल को मेडिकल कॉलेज तथा अन्य सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री निवास पर हुई भेंट में विधायक सर्व महेंद्र सिंह चौहान, डॉ. योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख तथा श्रीमती गंगाबाई उईके मौजूद रहीं। विधायकों ने कहा कि जनजातीय और ग्रामीण बहुल बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा जिले में ही मिल सकेगी। इससे स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार हो सकेगा। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल की पढ़ाई में भी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे. पी. नड्डा बैतूल जिले के कोसमी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर आरंभ हो रहे मेडिकल कॉलेज का 23 दिसम्बर को भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विधायकों ने सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में लगभग 12 हजार करोड़ रुपए की लागत की 660 मेगावाट यूनिट इकाई की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग स्वीकृत करने, भीमपुर में 100 बिस्तरीय अस्पताल और चिचोली में 50 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति देने के लिए भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा बाई उईके ने चोपना क्षेत्र के परिवारों के पट्टों के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में भी अनुरोध किया।

राज्य निर्वाचन आयोग का नया कदम: महापौर/पार्षद चुनाव में ऑनलाइन व्यय सुनवाई की सुविधा

राज्य निर्वाचन आयोग का नवाचार महापौर/पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में ऑनलाइन सुनवाई भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने महापौर, अध्यक्ष एवं पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा दाखिल करने के संबंध में वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का नवाचार किया है। अब संबंधित अभ्यर्थियों को सुनवाई के लिये राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल नहीं आना पड़ता। सुनवाई प्रत्येक गुरूवार को होती है। इससे अभ्यर्थियों के समय और धन दोनों की बचत हुई है। पूर्व में ऐसे प्रकरणों की सुनवाई राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय भोपाल में होती थी। अब तक 411 अभ्यार्थियों की हुई सुनवाई राज्य निर्वाचन आयुक्त श्रीवास्तव द्वारा फरवरी 2025 से अब तक व्ही.सी. के माध्यम से 411 अभ्यर्थियों की सुनवाई की जा चुकी है। भोपाल, खण्डवा, छिंदवाड़ा, मन्दसौर, धार, सतना, उमरिया, ग्वालियर, अलीराजपुर, राजगढ, नीमच, शाजापुर, डिण्डौरी, सागर एवं हरदा जिले के अभ्यार्थियों की सुनवाई की जा चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 97 अभ्यर्थियो के निर्वाचन व्यय लेखे सुनवाई उपरांत एवं दस्तावेज प्रमाण के आधार पर मान्य किये गये। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा 226 अभ्यर्थियो को व्ही०सी० के माध्यम से सुनवाई उपरांत निरर्हित किया गया। अधिकतम पांच साल तक के लिये निरर्हित किये जाने का प्रावधान है। अभ्यर्थी नियत तारीख प्रत्येक गुरुवार को सायंकाल 4:30 PM से 6:00PM तक जिला मुख्यालय के एन आई सी रूम से जुड़कर राज्य निर्वाचन आयुक्त की व्ही०सी० में सम्मिलित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये आयोग द्वारा जिले के उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।  म.प्र. नगरपालिक निगम एवं मध्यप्रदेश नगर पालिक अधिनियम के तहत निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत किया जाना और लेखा दाखिल करने में असफलता पर निरर्हित घोषित किये जाने के प्रावधान हैं। नैर्सिंगक न्याय के आधार पर लेखा दाखिल करने में असफल अभ्यर्थियों को विलम्ब से लेखा दाखिल करने और विहित रीति में लेखा दाखिल नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को पक्ष समर्थन के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया जाता है।  

अर्थ नीति ही तय करती है राष्ट्र की प्रगति की दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की सशक्त अर्थ नीति और वैचारिक दूरदर्शिता ही उसके विकास की संतुलित गति, स्थायित्व और भविष्य की दिशा तय करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीता दशक देश की अर्थव्यवस्था के लिए स्वर्णिम काल रहा है। इस दौरान देश ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुंबई में आयोजित वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम कॉन्फ्रेंस–2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश और सरलता से व्यापार-व्यवसाय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निवेशकों की हर संभव मदद करने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश करने के इच्छुक हर निवेशक के लिए हमारी सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। निवेशकों की जरूरतों से हम वाक़िफ हैं, इसीलिए जैसी जरूरत, हमारी सरकार निवेशकों की वैसी मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब मिल जुलकर 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करेंगे। देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में 25 दिसंबर को भारतरत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह प्रदेश में 2.5 लाख करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ में शामिल होने के लिए ग्वालियर आमंत्रित करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के सफल समापन का साक्षी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बेहतर पॉलिसी, अवसर, इन्सेंटिव, इको सिस्टम, मार्केट लिंकेज और ग्रोथ रेट के साथ-साथ सरकार का फुल सपोर्ट मिलेगा। हमारे यहां उद्योगों के लिए पर्याप्त लैंड और वॉटर बैंक है, यूथ फोर्स है और स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स भी है। उन्होंने निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए बेहिचक आगे बढ़ने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक नेतृत्व की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज भारत जिस रफ्तार से आर्थिक प्रगति कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। सुदृढ़ नीतियों, संरचनात्मक सुधारों, आत्मनिर्भर भारत अभियान और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास के कारण हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। देश-विदेश से बड़ी संख्या में आए बिजनेस टायकून्स, उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों, ग्लोबल इकोनॉमी के विचारकों और वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम के सभी सदस्यों ने कॉफ्रेंस में शिरकत की। वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम कॉन्फ्रेंस–2025 भारत की आर्थिक सोच, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक दृष्टि को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है, इससे देश की भावी विकास यात्रा को नई दिशा और ऊर्जा मिल रही है। मध्यप्रदेश : निवेश और विकास का नया केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश की बेजोड़ उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य निवेश, उद्योग, कृषि, ऊर्जा और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। मध्यप्रदेश में कभी भी औद्योगिक बाधाओं (इंडस्ट्रियल अनरेस्ट) की शिकायत नहीं रही। सरकार की निवेशकों के अनुकूल 18 नई औद्योगिक नीतियों, पारदर्शी शासन-प्रशासन और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण मध्यप्रदेश आज निवेशकों और नव उद्यमियों के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद केंद्र बन गया है। हम निवेशकों को हर जरूरी प्रोत्साहन, न्यूनतम दर पर भूमि, मदद और मार्गदर्शन भी मुहैया करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "इनोवेशन प्रास्पेरिटी एण्ड सेल्फ-रिलायंस : इंडिया पाथ टू ग्लोबल लीडरशिप" जैसे विषय पर ऐसे समय में संवाद हो रहा है, जब भारत केवल उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि विश्व को दिशा देने वाली शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। भारतीय परम्परा में अर्थ को कभी भी केवल लाभ तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे लोक कल्याण, संतुलन और दीर्घकालिक समृद्धि से जोड़ा गया है। भारत अब "मेक इन इंडिया" से लेकर " मेक फॉर वर्ल्ड" के लिए तैयार है। यह परिवर्तन परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इनोवेशन की नीति से आया है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में से एक है। हमने ईज़ ऑफ डूइंग को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर उतारते हुए उसे स्पीड स्केल और स्किल ऑफ डूइंग में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 18 नई औद्योगिक पॉलिसी लॉन्च कीं, जो प्रदेश की ग्रोथ के लिए गेम चेंजर सिद्ध हो रही हैं। धार जिले में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम टेक्सटाइल पार्क का भूमि-पूजन किया गया है। यह पार्क फार्म-टू-फाइबर-टू-फैक्ट्री-टू-फैशन-टू-फॉरेन के विजन को साकार करेगा। प्रदेश में 20 लाख 43 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। पिछले 3 वर्षों में 4 लाख 26 हजार से अधिक नई विनिर्माण इकाइयां स्थापित हुईं। इनसे 66 हजार करोड़ से अधिक निवेश एवं एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने " ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी" और "एपीजीसी-एक्सआर हब" जैसी अभिनव पॉलिसी लागू की हैं। जल्द ही प्रदेश में स्पेस टेक पॉलिसी भी लागू की जाएगी। स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा सहयोग के लिए 'एमपी स्टार्ट- अप पॉलिसी एंड इम्लीमेंटेशन स्कीम लागू की गई है। पर्यटकों को एमपी के टूरिज्म का एक्सपीरियंस लुभा रहा है। प्रदेश में वर्ष 2024 में पर्यटन के क्षेत्र में कीर्तिमान रचा है। रिकॉर्ड 13.41 करोड़ पर्यटक मध्यप्रदेश आए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए हमने मध्यप्रदेश में पीएम पर्यटन वायु सेवा और हेली पर्यटन सेवा जैसे नवाचारों की शुरुआत भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश डबल इंजन की सरकार के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में कृषि के साथ औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है। हमारी सरकार ने प्रदेश में लॉजिस्टिक, मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। देश के मध्य में होने का बड़ा लाभ मध्यप्रदेश को मिल रहा है। हमने जन विश्वास … Read more

विश्व ध्यान दिवस पर हार्टफुलनेस का वैश्विक आयोजन – एक विश्व, एक हृदय

भोपाल.  21 दिसंबर को विश्वभर के करोड़ों लोग "विश्व ध्यान दिवस" के अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा आयोजित वैश्विक ध्यान सत्र में सम्मिलित होंगे। इस आयोजन का थीम ‘एक विश्व, एक हृदय’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति, करुणा, एकता और सामूहिक चेतना जागरण को बढ़ावा देना है। भोपाल सहित मध्य प्रदेश से अब तक 6 लाख से अधिक नागरिक पंजीकरण कर चुके हैं। यह सत्र हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक एवं श्री रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष परम पूज्य दाजी के नेतृत्व में कान्हा शांति वनम से संचालित होगा। इस कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की उपस्थिति भी रहेगी। आयोजन स्थल पर हजारों लोग प्रत्यक्ष ध्यान करेंगे, जबकि विश्वभर के लाखों प्रतिभागी यूट्यूब के माध्यम से वर्चुअली जुड़ेंगे। मध्य प्रदेश से भी भारी संख्या में लोग 21 दिसंबर की रात 8 बजे होने वाले इस ध्यान में भाग लेंगे। 20 मिनट का ध्यान दुनिया को सकारात्मक बदलाव देगा – हार्टफुलनेस हार्टफुलनेस ध्यान को मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और मानवता को जोड़ने का माध्यम माना जा रहा है। मार्गदर्शक दाजी के अनुसार, “जब लाखों लोग एक साथ ध्यान करेंगे, तो यह विश्व में सकारात्मक ऊर्जा और स्थायी परिवर्तन लाएगा, यही मानवता को करुणामय भविष्य की ओर ले जाएगा।” हार्टफुलनेस ध्यान सरल अवलोकन पर आधारित है, जिसमें मन और हृदय के संतुलन पर विशेष बल दिया जाता है। नियमित अभ्यास से स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। इस ध्यान सत्र में युवा, विद्यार्थी, पेशेवर एवं समाज का हर वर्ग निःशुल्क भाग ले सकता है। हार्टफुलनेस संस्था 160 देशों में 5000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से ध्यान प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। आयोजन में सम्मिलित होने के लिए पंजीकरण लिंक उपलब्ध है और किसी अनुभव की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश के नागरिकों से भी अपील है कि वे स्वयं के साथ अपने परिचितों को जोड़ें। यह जानकारी डॉक्टर नील केलकर एवं एस डी वर्मा द्वारा साझा की गई।