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7 जिलों से गुजरेगा राजस्थान का नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, विकास की नई राह

जयपुर  राजस्थान में सड़क बुनियादी ढांचे (Road Infrastructure) को एक नई और आधुनिक पहचान मिलने जा रही है. प्रदेश सरकार के पिछले बजट में घोषित किए गए 9 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से दो सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं को अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया गया है.राजस्थान को कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जामनगर-अमृतसर एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो जयपुर के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजरेगा. इससे पचपदरा रिफाइनरी की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम होगी और यात्रा समय 2-3 घंटे घटेगा. यह कॉरिडोर 7 जिलों को जोड़ेगा और औद्योगिक विकास को गति देगा. राजस्थान को कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने वाली है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को बालोतरा से गुजर रहे जामनगर-अमृतसर एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा। यह नया कॉरिडोर जयपुर शहर के बिल्कुल करीब से गुजरेगा, जिससे पिंकसिटी के दक्षिणी इलाकों में विकास को नई रफ्तार मिलेगी. इस प्रोजेक्ट से पचपदरा रिफाइनरी तक की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय 2 से 3 घंटे बच जाएगा. नया एक्सप्रेसवे दौसा-लालसोट एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पॉइंट अरण्य कलां से शुरू होगा. यहां से यह ग्रीन कॉरिडोर के रूप में जयपुर के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजरेगा. वर्तमान में तय अलाइनमेंट के अनुसार, जयपुर रिंग रोड से इसकी दूरी टोंक रोड पर मात्र 9-10 किलोमीटर रहेगी. यह एक्सप्रेसवे जयपुर, टोंक, अजमेर, ब्यावर, जोधपुर, बालोतरा और बाड़मेर सहित कुल 7 जिलों को कनेक्ट करेगा. अंत में यह बालोतरा के पटाउ खुर्द के पास जामनगर-अमृतसर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। कुल लंबाई करीब 400 किलोमीटर होगी. जयपुर जिले में यह एक्सप्रेसवे कोटखावदा, चाकसू, वाटिका, तूंगा, रेनवाल मांझी, फागी, मौजमाबाद, दूदू और साखून सहित 200 से अधिक गांवों से गुजरेगा. जिले का करीब 110 किलोमीटर का दायरा कवर होगा. इससे जयपुर-टोंक और जयपुर-अजमेर हाईवे भी सीधे कनेक्ट हो जाएंगे. इसके अलावा यह पुष्कर-मेड़ता, एनएच-25 (बाड़मेर-ब्यावर) और एनएच-62 (पिंडवाड़ा) हाईवे से जुड़ेगा.वर्तमान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बालोतरा-पचपदरा जाने वाले वाहनों को जयपुर, अजमेर, ब्यावर और जोधपुर से गुजरते हुए अलग-अलग व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करना पड़ता है, जिसमें 10 घंटे से अधिक समय लगता है. नया ग्रीन कॉरिडोर बनने से दूरी 100 किलोमीटर तक कम हो जाएगी और समय की बचत होगी. यह विशेष रूप से पचपदरा रिफाइनरी और बारमेड़ क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा. एनएचएआई इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर रहा है. मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. जिलेवार जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टरों की होगी. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट राजस्थान के उन प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में शामिल है, जिन्हें तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नया कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि जयपुर के दक्षिणी इलाकों में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को बढ़ावा देगा. चाकसू, कोटखावदा और फागी जैसे क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतों में उछाल की उम्मीद है. साथ ही, यह दिल्ली-मुंबई और जामनगर-अमृतसर जैसे प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर को जोड़कर उत्तर भारत से पश्चिमी बंदरगाहों तक माल परिवहन को तेज करेगा. स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह है. चाकसू के एक व्यापारी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे हमारे क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा जयपुर से जोधपुर और बारमेड़ का सफर आसान हो जाएगा. इसी तरह, कोटखावदा के किसान नेता ने बताया कि इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. राजस्थान सरकार और एनएचएआई के अधिकारी इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हालिया समीक्षा बैठक में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए थे. लोगों का मानना है कि यह कॉरिडोर राजस्थान को देश के प्रमुख आर्थिक गलियारों से जोड़कर राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ाएगा. इस प्रोजेक्ट से जुड़े गांवों में सर्वे का काम शुरू हो चुका है. प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की जा रही है. पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन कॉरिडोर के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें वन्यजीव क्रॉसिंग और पेड़ लगाने की योजना शामिल है.यह नया एक्सप्रेसवे जयपुर और पूरे शेखावाटी-मारवाड़ क्षेत्र के लिए विकास की नई इबारत लिखेगा. दिल्ली से गुजरात और पंजाब तक की कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे.

अरावली पर मंडराते खतरे पर सियासी पहल, विधायक भाटी ने पीएम से की नीति बदलने की मांग

बाड़मेर अरावली पर्वतशृंखला के संरक्षण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया व्याख्या के आधार पर अपनाई जा रही 100 मीटर ऊंचाई संबंधी प्रशासनिक नीति पर पुनर्विचार की मांग की है। विधायक ने इसे केवल कानूनी व्याख्या का विषय नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यावरणीय भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताया है।   अरावली का ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व पत्र में विधायक भाटी ने उल्लेख किया कि अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है, जिसकी आयु लगभग 2.5 अरब वर्ष मानी जाती है। लगभग 692 किलोमीटर लंबी यह पर्वतमाला राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजरती है, जिसमें करीब 80 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में स्थित है और यह राज्य के 15 जिलों को आच्छादित करती है। उन्होंने अरावली को राजस्थान की लाइफलाइन बताते हुए इसे मरुस्थलीकरण के विरुद्ध प्राकृतिक सुरक्षा कवच बताया।   100 मीटर व्याख्या से संरक्षण पर खतरे की आशंका विधायक भाटी ने चिंता जताई कि 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को पहाड़ न मानने की प्रवृत्ति से अरावली का बड़ा हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो सकता है। उन्होंने फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आंकड़ों का हवाला देते हुए लिखा कि राजस्थान की 12,081 पहाड़ियों में से केवल 1,048 ही 100 मीटर से अधिक ऊंची हैं। इस स्थिति में नई व्याख्या लागू होने पर अरावली की लगभग 90 प्रतिशत पहाड़ियां संरक्षण से वंचित हो सकती हैं, जिससे खनन और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों का खतरा बढ़ेगा।   जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन में भूमिका पत्र में अरावली की पारिस्थितिक भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। विधायक ने लिखा कि अरावली की चट्टानी संरचना वर्षा जल को रोककर भूमि में समाहित करने में सहायक है, जिससे प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष लगभग 20 लाख लीटर भूजल का पुनर्भरण होता है। उन्होंने आगाह किया कि अरावली के कमजोर होने से पश्चिमी राजस्थान में जल संकट स्थायी रूप ले सकता है। जैव विविधता और मानव जीवन से जुड़ाव विधायक भाटी ने यह भी रेखांकित किया कि अरावली केवल भू-आकृतिक संरचना नहीं है, बल्कि यह 300 से अधिक वन्य जीवों और पक्षियों का आवास है। यह लाखों पशुपालकों के लिए चारागाह, बनास, लूणी, साबरमती और बाणगंगा जैसी नदियों का उद्गम स्थल भी है। साथ ही अरावली मानसूनी हवाओं को रोकने, लू की तीव्रता कम करने और तापमान संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए इसे प्राकृतिक ग्रीन बैरियर बताया गया है।   नीतिगत विरोधाभास पर उठाए सवाल पत्र में राज्य सरकार की नीतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। विधायक ने लिखा कि एक ओर बजट 2025-26 में 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना की घोषणा की जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी व्याख्याएं सामने आती हैं जो अरावली को कमजोर कर सकती हैं। इसे उन्होंने विकास और संरक्षण के बीच विरोधाभास बताया। प्रधानमंत्री से विधायक भाटी ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं 1. अरावली पर्वतमाला की परिभाषा केवल ऊंचाई के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पारिस्थितिक और भूवैज्ञानिक महत्व के आधार पर तय की जाए। 2. 100 मीटर ऊंचाई संबंधी व्याख्या पर पुनर्विचार कर अरावली की सभी पहाड़ियों को संरक्षण प्रदान किया जाए। 3. अरावली क्षेत्र में खनन और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए। 4. ‘हरित अरावली विकास परियोजना’ को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।   प्रधानमंत्री से संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील अपने पत्र के अंत में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि अरावली पर्वतमाला की परिभाषा केवल ऊंचाई के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पारिस्थितिक और भूवैज्ञानिक महत्व को ध्यान में रखकर तय की जाए। उन्होंने कहा कि अरावली पर हो रहा आक्रमण विकास नहीं, बल्कि विनाश की ओर ले जाने वाला कदम है और प्रकृति के साथ अन्याय का प्रभाव अंततः समाज पर ही पड़ता है।

हाईकोर्ट की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अवैध ढाबे पर चलाया बुलडोजर

मुंगेली बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे पर मुंगेली जिले में सरगांव के समीप संचालित अवैध ढाबे के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई. आमजन की सुरक्षा एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण कर वहां पर बरमदेव ढाबा का संचालन किया जा रहा था. न्यायालय तहसीलदार सरगांव के द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया था बेजा कब्जा नहीं हटाने के कारण ढाबा संचालक के विरुद्ध बेदखली नोटिस जारी किया गया था. नोटिस जारी करने के उपरांत भी ढाबा नहीं हटाए जाने पर प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है. उल्लेखनीय है कि बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे के किनारे सरगांव क्षेत्र में ढाबा एवं शराब दुकान के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए उच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया. इसके पश्चात प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा, तहसीलदार अतुल वैष्णव एवं राजस्व अमले की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी इस प्रकार के अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे.इसके साथ ही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु संबंधित सड़क मार्ग पर ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन, रंबल स्ट्रिप, रोड डिमार्केशन,हाई रेजोल्यूशन कैमरा सहित अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं.

धर्मांतरण पर गृह मंत्री विजय शर्मा का अपडेट: संशोधन के बाद आएगा नया कानून

कांकेर छत्तीसगढ़ के आमाबेड़ा में धर्मांतरण को लेकर गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस मामले पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समाज के बड़े हिस्से में इस बात को लेकर नाराजगी है. भ्रमित करके लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है. अचानक समाज का व्यक्ति अलग हो जाता है. ऐसी ही स्थिति कांकेर के आमाबेड़ा में हुई थी. अंतिम निष्कर्ष पर जाने की जरूरत है. वहां गंभीर और संघर्ष की स्थिति थी. कांकेर जिले में वर्तमान में सब ठीक है पर बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. समाज में बड़ा आक्रोश भी दिखा है. बता दें, कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. आक्रोशित भीड़ ने चर्च में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी. इसके अलावा सरपंच के घर में भी तोड़फोड़ की. इस दौरान आदिवासी और ईसाई समाज के बीच हिंसक झड़प हुई. स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान झड़प में अंतागढ़ एडिशनल एसपी आशीष बंसोड़ गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में अब भी भारी तनाव का माहौल है. वहीं भारी विरोध के बीच प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर बाहर भेज दिया है. धर्म स्वतंत्रता अधिनियम पर विपक्ष के आरोपों पर जवाब धर्म स्वतंत्रता अधिनियम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत अभी बिल आना था, शुद्धिकरण और संशोधन के लिए उसे रोका गया है. कांग्रेस को नारायणपुर का विषय भी याद होगा, आज वही क्षेत्र है, वही स्थिति है. यह समाज की चिंता का विषय है, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. स्पष्टता के साथ कहना चाहिए कि धर्मांतरण बंद हो. नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि नए साल से पहले प्रदेश में लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है. राजधानी में हाल ही में करीब 80 लाख रुपये मूल्य की कोकीन जब्त की गई है. उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत छत्तीसगढ़ में अभूतपूर्व कार्य हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन के लिए हमने काम किया है. पेडलर से लेकर कंज्यूमर सप्लायर तक पूरा चैन का इन्वेस्टिगेट किया जाएग। कांग्रेस के टैलेंट हंट पर कटाक्ष कांग्रेस द्वारा टैलेंट हंट के माध्यम से नए प्रवक्ता तलाशने को लेकर भी डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहीं से भी प्रवक्ता ले आए, लेकिन भाजपा प्रवक्ताओं के सामने नहीं टिक पाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि राजनीति साधना जैसी है. लोगों के बीच और पहले से काम करने वालों का अनुभव अलग होता है. कहीं से भी किसी को अचानक ले आना ठीक नहीं है. जनता के बीच काम करके आएंगे तो अनुभव होगा. बीजेपी में मेहनत करके लोग शामिल होते हैं. बीजेपी में परिवार की राजनीति नहीं हैं. बीजेपी में इटली से भी आकर किसी को पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनाते.

महत्वपूर्ण निर्णय: पत्नी का तलाक का हक सुरक्षित, मायके में रहने से प्रभावित नहीं होगा

बिलासपुर हाईकोर्ट ने मुस्लिम विवाह कानून से जुड़े एक मामले में अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि पति लगातार दो वर्षों तक पत्नी का भरण-पोषण नहीं करता है, तो पत्नी को तलाक का अधिकार मिलेगा, भले ही वह अपने मायके में ही क्यों न रह रही हो. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए फैमिली कोर्ट के तलाक आदेश को आंशिक रूप से सही ठहराया है. दरअसल, यह मामला कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ का है, जहां 30 सितंबर 2015 को मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी हुई थी. विवाह के बाद पत्नी केवल 15 दिन ससुराल में रही और पारिवारिक विवाद के चलते मई 2016 से मायके में रहने लगी. पत्नी का आरोप था कि पति ने उसके नाम की 10 लाख रुपए की एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया, जिसके बाद उसने घरेलू हिंसा, 498-ए और भरण-पोषण से जुड़े मामले दर्ज कराए फैमिली कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर विवाह विच्छेद का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 की धारा 2(ii) में कहीं भी यह शर्त नहीं है कि पत्नी पति के साथ ही रह रही हो. कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर माना कि वर्ष 2016 से करीब आठ वर्षों तक पत्नी को कोई भरण-पोषण नहीं दिया गया, जो तलाक के लिए पर्याप्त आधार है. हालांकि, कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस निष्कर्ष को पलट दिया जिसमें पति पर पत्नी की संपत्ति हड़पने या उसके कानूनी अधिकारों में बाधा डालने का आरोप स्वीकार किया गया था. हाईकोर्ट ने कहा कि केवल एफडी तुड़वाने की मांग का आरोप पर्याप्त नहीं है, जब तक यह साबित न हो कि वास्तव में पत्नी की संपत्ति का दुरुपयोग किया गया. अंत में हाईकोर्ट ने भरण-पोषण न देने के आधार पर तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए संदेश दिया कि मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती.

अखिलेश यादव का BJP पर करारा वार: 5 बड़ा या 7, PDA को बताया अपमानित

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर करारा तंज कसा है. उन्होंने इसे PDA समाज का अपमान बताया है. अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा कि, 5 बड़ा या 7 ? विधायक बड़ा या सांसद ? राज्य बड़ा या केंद्र ? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? फिर सवाल ये है कि 5 बार के विधायक को भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हैं और 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसका तर्क क्या है. दरअसल इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है. इसका कारण सिर्फ़ ये है कि प्रभुत्ववादी भाजपाई ये संदेश देना चाहते हैं कि PDA समाज का व्यक्ति कितना भी क़ाबिल हो पर वो वर्चस्ववादियों के आगे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता है. आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा ने पीडीए समाज को नीचा दिखाने को लिए ये नया तरीका अपनाया है. ये अपमान पीडीए समाज अब और नहीं सहेगा. अब अपनी पीडीए सरकार बनाएगा, पीडीए को मान दिलाएगा.

झारखंड की ऐतिहासिक जीत: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चैंपियन टीम का CM हेमंत सोरेन ने किया अभिनंदन

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी- 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली वाली झारखंड क्रिकेट टीम के सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर टीम के कप्तान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ईशान किशन ने पूरी टीम के साथ विजेता ट्रॉफी मुख्यमंत्री को सांकेतिक रूप से हैंडओवर कर जीत का जश्न मनाया। CM ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ्स  तथा जेएससीए को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, टीम के कप्तान ईशान किशन समेत सभी खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अपने प्रदर्शन और अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि इस दौरान सीएम हेमंत ने कहा कि सैयद मुश्ताक अली टी- ट्वेंटी क्रिकेट टूर्नामेंट जीतकर झारखंड ने डोमेस्टिक क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान गढ़ा है। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गौरवान्वित करने वाला पल है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इस तरह की जीत हासिल होने से राज्य में खेलों को बढ़ावा मिलता है। आज क्रिकेट के साथ हॉकी और तीरंदाजी जैसे कई खेलों में झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा मुख्यमंत्री ने क्रिकेटरों से संवाद के क्रम में राज्य में खेल वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलों का एक ऐसा इकोसिस्टम बने जिसमें राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिले। इसके लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलों को जोड़े जाने की मजबूत शुरुआत होनी चाहिए ताकि विभिन्न खेलों के होनहार खिलाड़ी को बेहतर प्लेटफार्म मिले ताकि वे अपने प्रदर्शन को और भी निखार सकें। इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे मुख्यमंत्री ने जेएससीए से कहा कि खिलाड़ियों को आगे ले जाने में खेल एसोसिएशन की की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में विदेशों में खेलने और प्रशिक्षण देने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की पहल होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग माहौल तथा वातावरण में खेलने का अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनके प्रदर्शन में और भी निखार आएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले अन्य प्रतियोगिताओं में झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे, इसके लिए टीम को मजबूत बनाने का प्रयास लगातार जारी रहना चाहिए। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो… मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल जैसे कई लोकप्रिय खेलों के साथ परंपरागत खेलों का भी दौर नए रूप में लौट रहा है। ऐसे परंपरागत खेलों की कई प्रतियोगिताएं आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही हैं। ऐसे में अगर कोई अगर खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहता है तो उसके लिए कई दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने में सरकार हर तरह का सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार है। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो खेलों की दुनिया में पूरे देश में अपनी मजबूत तथा दमदार दावेदारी पेश कर सके। मुख्यमंत्री ने झारखंड में खेल प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर राज्य स्तर पर विभिन्न खेलों के लिए प्रतियोगिताएं नियमित रूप से होती रहनी चाहिए। इस पहल से खिलाड़ियों को ना सिर्फ अपना खेल कौशल दिखाने का मौका मिलता है, बल्कि कई प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आते हैं जो अपने प्रदर्शन से राज्य और देश को नाम रौशन करते हैं।  

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने प्रेस वार्ता में गिनाईं दो वर्षों की उपलब्धियाँ

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने प्रेस वार्ता में बताई दो वर्ष की उपलब्धियाँ भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज मिंटो हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों से मीडिया को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की है। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के हित में भी अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मंत्री प्रह्लाद पटेल द्वारा प्रेस वार्ता में बताए गए तथ्य इस प्रकार हैं — प्रसन्नता का विषय है कि भारत की संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (विकसित भारत- जी राम जी  विधेयक, 2025) को पारित किया है। यह विधेयक मनरेगा में व्यापक वैधानिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो ग्रामीण रोज़गार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के साथ संयोजित करेगा तथा जवाबदेही, बुनियादी ढांचे के परिणामों और आय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।गांव के विकास के बिना प्रदेश और राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारा सौभाग्य है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में ग्राम विकास है। उनकी भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग का उत्तरदायित्व मिला है। हमारी सरकार ने विगत दो वर्षों में जो कार्य किए हैं उनकी जानकारी इस प्रकार है :- विशेष उल्लेखनीय बिंदु     तीनों स्तर की पंचायतों के कार्यालय भवनों हेतु स्वीकृतियां प्रदान कीं तथा उनकी डिजाइन में परिवर्तन भी किया ताकि भविष्य में उनके ऊपरी मंजिलों का भी निर्माण किया जा सके।      2472 अटल ग्राम सेवा सदनों (ग्राम पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 922.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     106 अटल सुशासन भवनों (जनपद पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 557.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     05 अटल जिला सुशासन भवनों (जिला पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 49.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की।     जीवनदायिनी माँ नर्मदा के परिक्रमा पथ को सुगम बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। इस हेतु आश्रय स्थलों के निर्माण हेतु 231 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर प्रथम चरण में पौधारोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 4.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। 19 स्थलों पर आश्रय स्थलों एवं यात्री प्रतिक्षालय के निर्माण हेतु 10.5 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन आश्रय स्थलों का निर्माण पर्यटन विकास विभाग के माध्यम से प्रारंभ भी हो चुका है।     नदियों एवं जलवायु का संरक्षण हम सभी की सामूहिक चिंता का विषय है। मैंने प्रदेश की 106 नदियों के उद्गम स्थलों तक की यात्रा की है। हमारी सरकार इन उद्गम स्थलों को संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास कर रही है। हमने 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 2.92 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।     प्रदेश के पुराऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण भी हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। हमने तामिया एवं भीमबेटिका क्षेत्र के विकास हेतु मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।      प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों को सुव्यवस्थित करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसके लिए दिसंबर, 2026 तक की समय सीमा भी तय की है। इस अवधि में सभी श्मशान घाटों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर फेंसिंग उपरांत उनमें पौधरोपण करना तथा उन्हें मुख्य सड़क से एप्रोच रोड बनाकर जोड़ने का कार्य इस अवधि में किया जाएगा।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश ने उल्लेखनीय कार्य किया है इसके प्रथम चरण में 72975 किलोमीटर लंबाई की 18948 सड़कों का निर्माण किया गया द्वितीय चरण में 4891 किलोमीटर की 373 सड़कों का निर्माण हुआ तथा तीसरे चरण में 11886 किलोमीटर की 984 सड़कों का निर्माण किया गया। विगत दो वर्षों में इन तीनों चरणों में 913 किलोमीटर लंबाई की सड़क तथा 305 फूलों का निर्माण किया गया है।     आरसीपीएलडब्ल्यूईए अंतर्गत 18 अप्रैल 107 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण हुआ है।     प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत 1033 संपर्क विहीन बस्तियों हेतु 2218 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई हैं।     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण हेतु 10602 बस हटे चिन्ह अंकित की गई है जिनके लिए 1849 किलोमीटर की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। रोजगार गांरटी योजना :-     कार्यों के स्थल चयन हेतु वैज्ञानिक आधार पर करने हेतु SIPRI सॉफ्टवेयर विकसित      जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 में SIPRI सॉफ्टवेयर से समस्त कार्यों (जैसे खेत तालाब, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवर इत्यादि) के उपयुक्त स्थल का चयन       वर्ष 2025-26 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 1500 लाख, कुल सृजित  : 1404 लाख (94%)     वर्ष 2024-25 में कुल स्वीकृत लेबर बजट (मानव दिवस) : 2000 लाख, कुल सृजित  : 1897 लाख (95%)     राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर      कैच द रेन अभियान (जल संचय, जन भागीदारी- अप्रैल 2024 से मई 2025) – देश में मध्यप्रदेश को चतुर्थ स्थान एवं खंडवा जिले को प्रथम पुरुस्कार प्राप्त      एक बगिया माँ के नाम परियोजना अंतर्गत रु 750 करोड़ की लागत से 31,142 कार्य लिए गए।      माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर चिन्हित आश्रय स्थल के में 138 परिसरों में पौधरोपण कार्य।      जल गंगा संवर्धन अभियान 2025 अंतर्गत, रु 3000 करोड़ के कार्य लिए गए      खेत तालाब – 86,360 लागत रु 2048 करोड़      कूप रिचार्ज – 1,05,203 लागत रु 263 करोड़      अमृत सरोवर – 536, लागत रु 138 करोड़      पूर्व वर्षों के प्रगतिरत 24,358 कार्यों की पूर्णता      जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 अंतर्गत रु. 1368 करोड़ के 60,428 कार्य कराये गए।     राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन     लखपति दीदी- Digital Ajeevika register के अनुसार SHG के ऐसे सदस्य जिनके … Read more

तीन दिवसीय IAS सर्विस मीट में मोहन यादव की चुटकी भरी बातें, अफसरों में हंसी का माहौल

भोपाल  राजधानी भोपाल में शुक्रवार को आईएएस सर्विट मीट शुरू हुई. ये प्रोग्राम 3 दिन चलेगा. इसमें सहायक कलेक्टर से लेकर मुख्य सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी और उनके परिजन शामिल होंगे. इस दौरान कई तरह की स्पोर्ट्स एक्टीविटीज के साथ सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम होंगे. आईएएस अफसर बहुत दबाव झेलते हैं प्रशासन अकादमी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ करते हुए कहा "आप वास्तव में बहुत दवाब झेलते हैं, यह मैं समझ सकता हूं. राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव जीतने वाले की विशेषता होती है कि वह चढ़कर बात करता है, लेकिन वह भूल जाता है कि जो झेल रहा है, उसका क्या होता होगा." "एक गया तो दूसरा आ गया, फिर तीसरा. लेकिन सामने जो बैठा है, उसे तो सुबह से शाम तक बैठना ही है. आप सभी चीजों को झेलते-झेलते खुद को ढाल लेते हैं" मुख्यमंत्री की ये बातें सुनकर आईएएस अधिकारियों ने खूब ठहाके लगाए. मध्य प्रदेश अपने आप में प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा "मध्यप्रदेश अपने आप में एक प्रयोगशाला है, जहां लगातार नवाचार होते हैं और बाद में उसे दूसरे फॉलो करते हैं. हमारे अधिकारी इतना अच्छा काम कर रहे हैं. कई बार सिस्टम को ऊपर-नीचे किया जाता है, लेकिन इससे नए-नए आइडिया भी सामने आते हैं. यहां अनुभव से पके हुए अधिकारी हैं तो नई ऊर्जा से भरे अधिकारी भी हैं. रिटायर अफसरों के अनुभव का लाभ उठाएं मोहन यादव ने कहा "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिखाया है कि कैसे रिटायरमेंट के बाद घर बैठे अधिकारियों की योग्यता का लाभ उठाया जा सकता है. अजीत डोभाल इसका उदाहरण हैं. मनमोहन सरकार में उनका रिटायरमेंट हो गया था, लेकिन वापस बुलाकर एनएसए का प्रमुख बनाकर उनके अनुभवों का लाभ लिया गया." अच्छे आइडिया और नवाचारों को लेकर आएं मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश में अपने कामों से अलग पहचान बनाई है. अच्छे आइडिया और नवाचारों को लेकर आएं. कई बार लगता है कि कुछ काम जल्दी कर रहे हैं, लेकिन यह सही समय पर किया जा रहा है. काम सही समय पर हो तो बाद में वजन नहीं लगता. पूरे साल पढ़ाई करते रहो, तो परीक्षा कभी भी ले लो, उसका आनंद ही अलग है. आईएएस के पास प्लान की कमी नहीं सीएम ने कहा "आप लोग तो चेहरा देखकर समझ जाते हैं कि क्या कहने वाले हैं. मुंह खोले उसके पहले पता कर लेते हैं कि क्या बोलेंगे. जो आने वाला है उसको लेकर पहले ही तैयारी कर लो कि इसको कैसे चलाना है. ए प्लान, बी प्लान, सी प्लान. इतने प्लान आते कहां से हैं. भगवान करे ऐसे प्लान आते रहें, लेकिन ऐसे सभी प्लान की दिशा सही रहे." हमें समय का पूरा सदुपयोग करना चाहिए डॉ. मोहन यादव ने कहा "सेवा पाना हर किसी के बात नहीं, लेकिन सेवा कर पाना और भी बड़ी बात है. आप भाग्यशाली हैं कि जिनको परमात्मा ने इतना बड़ा यश दिया है. हमारा जन्म के साथ हमारी आयु की जो सीमा है, वह हमें हमेशा अहसास कराती है, जो हमारा शरीर अभी है, कुछ समय पहले हमारा शरीर वह नहीं था, जो अब है. हम सभी अहसास करें. हर पल हमारा शरीर बदलता जा रहा है. जितना समय मिला है, उसका पूरा उपयोग करें. आप वास्तव में बहुत दवाब झेलते हों यह मैं समझ सकता हूं." सभी को अपना बना लेता है मध्य प्रदेश उद्घाटन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने कहा "हममें से कई अधिकारी बाहर से आए हैं, लेकिन आज किसी के भी बच्चों से पूछा जाए तो वह कहते हैं कि हम मध्य प्रदेश से हैं. मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है, जो सभी को अपना लेता है. कोई भी व्यक्ति इससे अछूता नहीं रहता. एसोसिएशन ने परिवार की भावना को बढ़ाने की कोशिश की है." यह मीट हम सभी को आपस में नजदीक लाता है, बल्कि इससे प्रशासनिक क्षमता भी बढ़ती है. सीनियर-जूनियर के भेद को मिटाकर हम आगे बढ़ते रहे हैं. मीट के आखिरी दिन 4 कैटेगरी में अवार्ड दिए जाएंगे. इसमें मोस्ट क्रियेटिव, बेस्ट प्रजेंटेशन, बेस्ट एंटरटेनमेंट वैल्यू और बेस्ट कोऑर्डिनेशन दिया जाएगा. 

भीषण कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त: झारखंड में बच्चों और बुज़ुर्गों पर ज्यादा असर, अगले 3 दिन बेहद मुश्किल

रांची झारखंड में ठंड ने अब अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। गढ़वा, पलामू, लोहरदगा और रांची समेत कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की गई। हालात ऐसे हैं कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी और तेज हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं, रांची मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, रांची, खूंटी और देवघर में घना कोहरा छाया रहेगा। इसके साथ ही कहीं-कहीं शीतलहरी चलने की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सुबह के समय सामान्य कोहरा और कनकनी बढ़ने के साथ-साथ ठंडी हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है। राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दोहरी मार भी लोगों पर पड़ रह रही है। आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है।