samacharsecretary.com

स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के समावेश के साथ 49 पुस्तकों का प्रकाशन

प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन भोपाल प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रदेश में इससे जुड़ी हुई समितियों की बैठकें भी नियमित रूप से की जा रही हैं। प्रदेश में राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा-बुनियादी स्तर (एससीएफ-एफएस) एवं राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा स्कूली शिक्षा (एससीएफ-एसई) का निर्माण पूरा किया जा चुका है। स्थानीय भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में पाठ्य-पुस्तकों को स्थानीय भाषा में प्रकाशित किये जाने की अनुशंसा की गई है। प्रदेश में 49 पुस्तकों को प्रदेश की 12 भाषाओं में अनुवाद कराते हुए हिन्दी, क्षेत्रीय भाषा एवं जनजाति भाषा में तैयार कर प्रदेश के 89 ट्राइबल विकासखण्डों के स्कूलों में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अंतर्गत अभ्यास पुस्तिका एवं शिक्षक मार्गदर्शिका का निर्माण और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा चुका है। इसके आधार पर बच्चों के लिये लर्निंग किट एवं फ्लोर गेम्स भी तैयार किये गये हैं। मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ट्रेकर को अपडेट किया जा रहा है। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने आयुक्त और संचालक स्तर की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की समितियाँ भी गठित की हैं। यह समितियाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न ग्रुप एवं क्षेत्रों से संबंधित हैं।  

उत्तर प्रदेश में बढ़ी ठिठुरन: कोहरे के साथ शीतलहर का कहर, IMD ने चेताया

लखनऊ  तराई क्षेत्र में ठंड का असर लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को हालात ऐसे रहे कि दिनभर घना कोहरा और धुंध छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। बर्फीली हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ेगी, वहीं कोहरे का असर भी बना रहेगा। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। ठंड के कारण जनजीवन लगभग ठप सुबह घने कोहरे और तीखी ठंड के कारण जनजीवन लगभग ठप नजर आया। दृश्यता इतनी कम थी कि सुबह करीब 11 बजे तक बाजार और सड़कें वीरान रहीं। जो वाहन सड़कों पर दिखे भी, वे हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलते नजर आए। हाईवे से लेकर मुख्य और संपर्क मार्गों तक कोहरे ने आवाजाही मुश्किल कर दी।   ठंड के चलते लोग घरों में दुबके कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों में दुबके रहे। रोजाना चहल-पहल वाले चौराहे और बाजार सुबह के समय सूने पड़े रहे। दुकानों के शटर देर से उठे और ग्राहकों की संख्या भी बेहद कम रही। स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी ठंड से कांपते नजर आए। इकौना नगर में गलियों और सड़कों के किनारे कुत्ते बुझ चुके अलावों की राख पर सिमटे दिखे, जबकि बेसहारा मवेशी खाली बरामदों में ठंड से बचाव करते नजर आए। तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं सार्वजनिक अलाव की कमी के चलते कई इलाकों में मजदूर कागज और पॉलिथीन जलाकर ठंड से बचने को मजबूर दिखे। आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20 दिसंबर तक घना कोहरा बने रहने की संभावना है। जिले में अधिकतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है।

पेंशनर्स दिवस पर 17 दिसंबर को शक्ति भवन में शिविर का आयोजन

भोपाल  एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन व प्रशासन कार्यालय के तत्वावधान में 17 दिसंबर को दोपहर 12 बजे पेंशनर्स दिवस पर एक विशेष शिविर का आयोजन शक्ति भवन जबलपुर के ब्लॉक नंबर 14 में किया जायेगा। इस शिविर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा पेंशनरों को खातों में दी जाने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। शिविर का संयोजन पावर मैनेजमेंट कंपनी के लेखाधिकारी वेतन व पेंशन द्वारा किया गया है। कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता ने सभी पेंशनर व परिवार पेंशनरों से इस शिविर में उपस्थि‍त होकर सुविधा का लाभ उठाने का अनुरोध किया है।  

पं. प्रदीप मिश्रा दुर्ग में सुनाएंगे शिव महापुराण कथा, श्रद्धालुओं के लिए जारी हुआ पूरा कार्यक्रम

दुर्ग  ग्राम नगपुरा में प्रस्तावित कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए यातायात पुलिस ने आवश्यक रूट डायवर्सन प्लान एवं – पृथक पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की है, जिससे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की यातायात असुविधा न हो. ये शिव महापुराण 17 दिसंबर से आयोजित होने वाली है. यातायात पुलिस ने बताया कि गनियारी बोरई मार्ग श्रीराम पान पैलेस के पास दुर्ग, पुलगांव की ओर से आने वाली भारी वाहनों को ग्राम बोरई, घुमका, ठेलका डीह, राजनांदगांव की ओर से भेजा जाएगा. हरिओम किराना स्टोर के पास ग्राम बोरई तिराहा की ओर से भारी वाहनों को डायवर्सन करेंगे. सृष्टि इंजीनियर के पास चौराहा पर भारी वाहनों को डायवर्सन किया जाएगा. शनि मंदिर अंजोरा मोड नगपुरा, जल बांधा, खैरागढ़ मार्ग की ओर से भारी वाहनों का आवागमन रखा जाएगा. चिखली चौक, धमधा रोड से कार्यक्रम की ओर किसी भी प्रकार की भारी वाहन को प्रतिबंधित रखा जाएगा. रावण भाठा चौक नगपुरा की ओर से भारी वाहनों को दुर्ग की ओर डायवर्सन करेंगे दुर्ग, कोटनी, भिलाई, रायपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु गण बाजार चौक से बिजली सब स्टेशन के आगे पार्किंग में अपनी वाहनों को खड़ा करेंगे. बाईपास महमरा, गनियारी, अंजोरा की ओर से आने वाले श्रद्धालुगण नगपुरा पुलिस चौकी के बगल मैदान में वाहन पार्क करेंगे. खैरागढ़, जाल बांधा, धमधा की ओर से आने वाले श्रद्धालु गण नगपुरा चौकी के पहले दाएं बाएं और पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे.

राशन वितरण में गड़बड़ी उजागर: सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई, डिपो से मिली 50 किलो अतिरिक्त चीनी

फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा क्षेत्र की पर्वतीय कॉलोनी स्थित चाचा चौक के पास सरकारी राशन डिपो पर देर शाम सीएम फ्लाइंग और फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। डिपो पर स्टॉक में गड़बड़ी और लाभार्थियों को कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया गया, जिसमें गेहूं और सरसों का तेल निर्धारित स्टॉक के अनुसार पाया गया, लेकिन चीनी का स्टॉक 50 किलो अधिक मिला। जब टीम ने डिपो संचालक मोहर सिंह से अतिरिक्त चीनी के संबंध में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने तुरंत डिपो संचालक को नोटिस जारी कर दिया और डिपो के संचालन पर रोक लगा दी। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि इस डिपो को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं कि लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सीएम फ्लाइंग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर डिपो को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे स्टॉक का विवरण मांगा गया है। इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि अब इस डिपो को आसपास के किसी अन्य सरकारी राशन डिपो के साथ अटैच कर दिया जाएगा, ताकि इस डिपो से जुड़े लाभार्थियों को राशन मिलने में कोई परेशानी न हो। संबंधित उपभोक्ता अब निर्धारित वैकल्पिक डिपो से जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर डिपो संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राशन डिपो संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी संचालक राशन वितरण में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। सर्दियों में शाम 7 बजे तक और गर्मियों में रात 8 बजे तक ही राशन वितरण किया जाना है। इसके बावजूद कई डिपो संचालक देर रात 9–10 बजे तक राशन बांटते पाए जाते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। यदि कोई डिपो संचालक तय समय सीमा के बाद राशन वितरित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।    

छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प – मुख्यमंत्री साय

‘पूना मारगेम’ से शांति की ओर मजबूती से बढ़ते कदम: बीजापुर में 34 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण रायपुर  बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं। यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

सड़क पर मातम: बड़वानी में कंटेनर की टक्कर से बाइक सवार पति की मौत, पत्नी घायल

बड़वानी मंगलवार शाम को ग्राम गवाड़ी के समीप कंटेनर ने रोड क्रास कर रहे बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक पति की मौके पर ही मौत हो गई। बिजासन चौकी पर पदस्थ प्रधान आरक्षक मुकेश यादव ने बताया कि कंटेनर महाराष्ट्र की तरफ से आ रहा था। इसके चालक ने आगे चल रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसा तब हुआ जब बाइक सवार रोड क्रास करने की कोशिश कर रहा था।   हादसे में बाइक सवार 45 वर्षीय शांतिराम निवासी सिलदढ़ की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी लक्ष्मी घायल हुई है। पुलिस ने हादसे की सूचना स्वजनों को दी तो बड़ी संख्या में स्वजन, ग्रामीण सेंधवा सिविल अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि पति पत्नी रिश्तेदारों के यहां शोक कार्यक्रम में गए थे और लौट रहे थे तभी हादसा हो गया।

उज्ज्वला योजना ने बदली द्रोपदी यादव की रसोई और जिंदगी

स्वच्छ ईंधन से मिली राहत, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत रायपुर बेमेतरा जिला के ग्राम देवरबीजा निवासी द्रोपदी यादव के जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से धुएँ से भरे परंपरागत चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी समाप्त हो गई। गैस कनेक्शन मिलने के बाद द्रोपदी यादव और उनके परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हुआ है। इससे न केवल रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब उन्हें लकड़ी, कोयला या उपलों की व्यवस्था के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुरक्षित हो गया है। गैस कनेक्शन मिलने पर द्रोपदी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने मेरी रसोई के साथ-साथ मेरी जिंदगी भी बदल दी है। अब धुएँ से आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। समय की बचत हो रही है, जिसे मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पा रही हूँ। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए राज्य शासन एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उन्हें धुएँ से होने वाली बीमारियों से बचाना और जीवन को सहज बनाना है। इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से द्रोपदी यादव जैसी अनेक महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। ग्राम देवरबीजा में द्रोपदी यादव को गैस कनेक्शन मिलने के बाद अन्य ग्रामीण महिलाओं में भी योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएँ आगे बढ़कर आवेदन कर रही हैं और योजना का लाभ ले रही हैं। द्रोपदी यादव की यह कहानी उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर: पंजाब में इन गाड़ियों पर होने जा रही कड़ी कार्रवाई

लुधियाना पंजाब में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी के तहत लुधियाना शहर में चल रहे मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। मॉडिफाई वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं। इस संबंधी हाईकोर्ट द्वारा भी निर्देश जारी किए गए थे जिसके बाद से पूरे पंजाब में मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ एक अभियान छोड़ा गया। इसी कड़ी में लुधियाना में जोन 3 के इंचार्ज अवतार सिंह संधू की टीम ने ऐसे कई मॉडिफाई वाहनों के चालान किए हैं जिनके साइलैंसर बदले गए थे। साइलैंसर बदलने से मोटरसाइकिल या अन्य वाहन की आवाज बदल जाती है जो दूसरे वाहन चालकों या राहगीरों को परेशान करती है। जिसके चलते मॉडिफाई वाहनों के चालान किए गए हैं। संधू ने बताया कि ए.सी.पी. ट्रैफिक जतिन बांसल के निर्देशों पर यह कार्रवाई शुरू की गई है जो आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि अपने वाहनों की बॉडी या साइलैंसर के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल न करें अन्यथा ट्रैफिक पुलिस द्वारा सख्त एक्शन लिया जाएगा।  

सीएम योगी आदित्यनाथ का विजन होगा साकार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा यूपी के रेशम उद्योग की पहचान

 लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सॉइल टू सिल्क के विजन को साकार करने के उद्देश्य से रेशम निदेशालय, यूपी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कर रहा है। 75 लाख रुपये की लागत से रेशम निदेशालय के ऑफिस परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जो इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। रेशम निदेशालय का ये अनूठा प्रयास प्रदेश के पारंपरिक सिल्क उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाएगा, साथ ही रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। रेशम निदेशालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश के रेशम उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह सेंटर रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया 'सॉइल टू सिल्क' को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा, जहां किसानों से कारीगर तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। किस प्रकार मलबरी और टसर सिल्क के लिए रेशम के कीड़े शहतूत और अर्जुन के पेड़ों पर पाले जाते हैं।‌ उनके कोकून से रेशम निकाल कर धागा बनाना और धागों से हथकरघा और पॉवरलूम पर रेशम की कताई का काम किया जाता है। साथ ही सेंटर पर प्रदेश के उत्कृष्ट रेशम उत्पादों की बिक्री भी की जाएगी, जो अभी तक एक्सपोर्ट के माध्यम से अधिकतर विदेशों में भेजा जाता था। रेशम निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर नीरेंद्र कुमार और आशुतोष ने बताया कि यहां प्रदेश के उत्कृष्ट सिल्क उत्पाद, जैसे वाराणसी की साड़ी और भदोही का ब्रोकेड, मिर्जापुर का टसर सिल्क उत्पाद और अन्य जिलों के हैंडलूम वस्त्रों का आकर्षक डिस्प्ले किया जाएगा। इसके साथ एक बिक्री केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटक और खरीदार सीधे स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीद सकेंगे। एक चेंजिंग रूम का भी निर्माण किया जा रहा है, जो जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इससे न केवल रेशम उद्योग को आर्थिक मजबूती मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी। यह सेंटर आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिसमें इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर शामिल होंगे। किसानों को रेशम कीट पालन से लेकर प्रोसेसिंग तक की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध होगी। उत्तर प्रदेश रेशम उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है,  लेकिन स्थानीय चुनौतियों,  मार्केटिंग की कमी और जागरूकता के अभाव के कारण कारीगरों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यहां  पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर और वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी, जो युवाओं को इस क्षेत्र में रुचि जगाएंगे। इस पहल से न केवल रोजगार सृजन होगा, साथ ही प्रदेश के परंपरागत उद्यम और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।