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थोड़ी सी सावधानी, बड़ा फायदा: इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी केयर क्यों है जरूरी

नई दिल्ली   भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों, शहर के भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की ओर प्रेरित किया है। इतना ही नहीं, बेहतर होते ईवी चार्जिंग नेटवर्क के चलते अब लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बा रहे हैं। लेकिन किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की असली उपयोगिता उसकी बैटरी पर निर्भर करती है। बैटरी की सेहत यह तय करती है कि स्कूटर कितनी दूरी तय करेगा, कितने साल चलेगा और लंबे समय में आपका खर्च कितना रहेगा। गर्मी, चार्जिंग की आदतें, राइडिंग स्टाइल और स्टोरेज, ये सभी चीजें लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ और परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ समझदारी भरी आदतों को अपनाकर आप अपनी ई-स्कूटर बैटरी की उम्र को कई साल बढ़ा सकते हैं। हर बार 0 से 100 प्रतिशत चार्ज करने से बचें लिथियम-आयन बैटरियां तब सबसे बेहतर काम करती हैं, जब उन्हें 20 से 80 प्रतिशत चार्ज के बीच रखा जाए। बैटरी को बार-बार पूरी तरह खत्म होने देना सेल्स को जल्दी कमजोर करता है। इसी तरह रोजाना 100 प्रतिशत तक चार्ज करना भी लंबे समय में बैटरी की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। रोज के दफ्तर या लोकल सफर के लिए आंशिक चार्ज पर्याप्त होता है। पूरी चार्जिंग को लंबी यात्रा के लिए ही बचाकर रखना बेहतर रहता है। गर्मी से बैटरी को बचाना है बेहद जरूरी भारत में गर्मी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। तेज धूप में लंबे समय तक स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी का केमिकल एजिंग तेज हो जाता है। कोशिश करें कि स्कूटर को छांव में या इनडोर पार्किंग में रखें। लंबी और तेज राइड के तुरंत बाद चार्जिंग से बचें और पहले बैटरी को ठंडा होने का समय दें। यह आदत बैटरी की उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। सही चार्जर का इस्तेमाल करें हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें, जो स्कूटर के साथ कंपनी ने दिया हो। सस्ते या लोकल आफ्टरमार्केट चार्जर में वोल्टेज कंट्रोल सही नहीं होता। जिससे बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है या उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर चार्जर खराब हो जाए, तो केवल अधिकृत और कंपनी द्वारा सुझाया गया चार्जर ही लगवाएं। टायर प्रेशर और राइडिंग स्टाइल भी असर डालते हैं कई लोगों को यह बात अजीब लग सकती है, लेकिन टायर प्रेशर का बैटरी से सीधा संबंध होता है। कम हवा वाले टायर मोटर और बैटरी पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे चार्ज जल्दी खत्म होता है। कंपनी द्वारा सुझाए गए प्रेशर लेवल पर टायर रखें। इसके अलावा, अचानक तेज एक्सीलरेशन और आक्रामक राइडिंग स्टाइल न सिर्फ रेंज घटाती है, बल्कि बैटरी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव भी डालती है। सॉफ्टवेयर अपडेट को न करें नजरअंदाज आजकल के ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ आते हैं। ये अपडेट चार्जिंग व्यवहार, थर्मल कंट्रोल और रेंज की सटीक जानकारी को बेहतर बनाते हैं। एप के जरिए या सर्विस के दौरान इस बात की जरूर जांच करें कि स्कूटर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है या नहीं। ईवी की समय पर सर्विस क्यों है जरूरी नियमित सर्विसिंग सिर्फ मैकेनिकल पार्ट्स के लिए ही नहीं, बल्कि बैटरी की सेहत के लिए भी जरूरी है। सालाना या छह महीने में होने वाली सर्विस से वायरिंग, कनेक्टर्स, कूलिंग सिस्टम और बैटरी माउंटिंग की स्थिति सही बनी रहती है। अच्छी तरह मेंटेन की गई बैटरी अचानक क्षमता गिरने की समस्या से भी बची रहती है। छोटी आदतें, बड़ा फायदा स्मार्ट चार्जिंग, गर्मी से बचाव, स्मूद राइडिंग और समय पर सर्विस- ये सभी छोटी-छोटी आदतें मिलकर आपकी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को वारंटी अवधि से कहीं ज्यादा समय तक बेहतर हालत में रख सकती हैं। थोड़ी सी समझदारी न सिर्फ परफॉर्मेंस और रेंज को बेहतर बनाती है। बल्कि लंबे समय में आपकी जेब पर पड़ने वाला खर्च भी कम करती है।

नाइटलाइफ को बढ़ावा: झारखंड में बार खोलने का समय बढ़ा, 4 बजे तक मिलेगी शराब

रांची झारखंड में शराब के शौकीनों और बार संचालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य का आबकारी विभाग बार के संचालन समय बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। अगले वित्तीय वर्ष से बार सुबह 4 बजे तक खुले रह सकते हैं। फिलहाल अभी बार खुले रखने की टाइमिंग 12 बजे तक है। उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत बार सुबह 4 बजे तक खुले रहेंगे। जिसके लिए शुल्क का भुगतान कर लाइसेंस प्राप्त करना जरुरी होगा। इस व्यवस्था के तहत सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। साथ ही मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि नियमों की पालना न करने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।  

ऐतिहासिक संयोग: 75 वर्षों बाद बन रहा महाशुभ योग, इन तिथियों पर स्नान का विशेष महत्व

प्रयागराज माघ मेला हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसका आयोजन हर वर्ष धर्म नगरी प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर होता है। हिंदू शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाला यह मेला स्नान, दान, तप और साधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि माघ मास में संगम में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। वर्ष 2026 में माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से होगी। इसके अगले दिन यानी 4 जनवरी 2026 (रविवार) से माघ मास का आरंभ होगा। इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र का योग बन रहा है, जो वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र के साथ माघ मास का आरंभ होना सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संकेत देता है। 75 वर्षों बाद बन रहा विशेष शुभ संयोग माघ मेला 2026 को खास बनाने वाला सबसे बड़ा कारण है मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग। वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब मकर संक्रांति के दिन शनि देव का अनुराधा नक्षत्र रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के समय यदि शनि का शुभ नक्षत्र हो, तो उस दिन किया गया स्नान, दान और जप कई गुना फल देता है। इस दिन संगम स्नान करने से सूर्य का तेज, शनि की कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां पौष पूर्णिमा: 3 जनवरी 2026 मकर संक्रांति: 14 जनवरी 2026 (प्रातः स्नान 15 जनवरी को भी मान्य) मौनी अमावस्या: 18 जनवरी 2026 बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026 माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि: 15 फरवरी 2026 संक्रांति स्नान दो दिन क्यों? हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को सूर्य दोपहर बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए शास्त्रों में 14 जनवरी का सायंकालीन स्नान और 15 जनवरी का प्रातःकालीन स्नान दोनों को संक्रांति स्नान का पुण्य प्राप्त होगा। इसी कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग तिथियां मान्य दिखाई देती हैं। माघ मेला 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना, पुण्य अर्जन और जीवन शुद्धि का दुर्लभ अवसर है। विशेष रूप से मकर संक्रांति का स्नान इस वर्ष अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।

विकास की नई तस्वीर: जिले में 1.35 करोड़ की लागत से 5 प्रमुख चौक-चौराहों का कायाकल्प

बहादुरगढ़  झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर की खूबसूरती में जल्द ही चार चांद लगने जा रहे हैं। नगर परिषद बहादुरगढ़ ने पहली बार शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का विशेष थीम पर सौंदर्याकरण कराने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए करीब 1 करोड़ 35 लाख करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। जल्द ही सौन्दर्यकरण का यह काम शुरू होगा। पहले चरण में शहर के पांच प्रमुख चौक-चौराहों को मॉडल चौक के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें न केवल आकर्षक लुक दिया जाएगा, बल्कि इन्हें हरियाणा की संस्कृति, खेल, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों से जोड़ते हुए एक नई पहचान दी जाएगी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि इन चौकों पर अलग-अलग थीम के तहत सजावट और निर्माण कार्य किया जाएगा। किसी चौक को 'तिरंगा थीम' पर तैयार किया जाएगा, जहां राष्ट्रीय ध्वज के रंगों का आभास देने वाली लाइटिंग और संरचना होगी। वहीं किसी चौक को 'हरियाणा स्पोर्ट्स थीम' के तहत सजाया जाएगा, जिसमें राज्य के खेलों के गौरव, खिलाड़ियों और खेल प्रतीकों को दर्शाया जाएगा। एक चौक को 'पुलिस थीम' पर विकसित किया जाएगा, जिसमें पुलिस की छतरी और अनुशासन व सुरक्षा का संदेश होगा, जबकि एक अन्य चौक पर 'शेर का प्रतीक' स्थापित किया जाएगा, जो शक्ति और साहस का प्रतीक होगा। इन चौक चौराहों के सौंदर्यीकरण से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। नगर परिषद अपने कोष से इनका सौन्दर्यकरण करवा रही है। हम आपको बता दें कि नगर परिषद की ओर से पहले चरण में पांच चौकों का सौंदर्याकरण किया जाएगा, उनमें नाहरा-नाहरी रोड पर ड्रेन रोड का जंक्शन, रेलवे रोड पर ड्रेन चौक जंक्शन, सेक्टर-9 का एंट्री चौक, सेक्टर-2 में झज्जर रोड का टी-प्वाइंट चौक और झज्जर रोड पर बादली चुंगी चौक शामिल हैं। इन सभी के डिजाइन फाइनल हो गए हैं। इन डिजाइनों को विशेष रूप से आर्किटेक्ट से बनवाया गया है। 

पीडीए की काट के लिए योगी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना

लखनऊ भाजपा ने जिस तरह से प्रदेश संगठन में पिछड़ी जाति के नए ‘चौधरी’ को कमान देकर विपक्ष के पीडीए समीकरण की काट की जमीन तैयार करने का संदेश दिया है, अब उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार में भी बदलाव की कवायद की तैयारी है। हालांकि, मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और स्वरूप क्या होगा, इस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार में पीडीए समीकरण को दुरुस्त करने का खाका तैयार करने पर मंथन शुरू हो गया है। यूं तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा पिछले साल अक्तूबर में पार्टी के संगठन पर्व के आगाज के साथ शुरू हो गई थी लेकिन इसकी तस्वीर पर अब तक धुंध छाई है। चूंकि संगठन पर्व का समापन हो चुका है और पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है इसलिए अब फिर से योगी-2 की टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बदले सियासी परिवेश में संभावित मंत्रिमंडल के बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा जातीय समीकरण पर है। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 के रण में विपक्ष के पीडीए को मजबूत टक्कर देने के लिए यह कवायद हो रही है। माना जा रहा है कि मौजूदा मंत्रिमंडल के सदस्यों में कुर्मी समेत अन्य पिछड़ी व दलित जाति के मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों के स्थान पर ऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका दिया जा सकता है। खास तौर से पार्टी से दूर हो रहे कुर्मी समाज पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए इस वर्ग के नेताओं को प्रमोट किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पूरी तस्वीर तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही साफ होगी, लेकिन इतना जरूर है कि आगामी विस्तार में जातीय गुलदस्ता सजाकर सरकार में भी पीडीए की छाप दिखाने की कोशिश दिखेगी। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद भूपेंद्र चौधरी का सरकार में समायोजन तय माना जा रहा है। चौधरी को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा करीब आधे दर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है। मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा के आधार पर कई को संगठन में भी भेजा जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू होने के साथ ही दावेदार विधायकों ने दिल्ली की दौड़ लगानी शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संतुलन बनाने पर भी मंथन सूत्रों का कहना है कि संभावित विस्तार में पीडीए पर फोकस के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर भी खास ध्यान रखा जाएगा। ऐसे में पश्चिम, बुंदेलखंड और मध्य यूपी को विशेष स्थान दिया जा सकता है।

सरेंडर नक्सलियों के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई, बालाघाट जंगल से लाखों रुपये और हथियार मिले

बालाघाट नक्सल विरोधी अभियान के तहत बालाघाट जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली अहम जानकारी के आधार पर जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप का खुलासा हुआ है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 11 लाख 57 हजार 385 रुपये नकद के साथ भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। जिले में यह पहला मौका है जब किसी नक्सली डंप से इतनी बड़ी नकदी हाथ लगी है।  पुलिस ने प्रेस को इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नवंबर से दिसंबर के बीच अलग-अलग समय पर कुल 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें एक, दस और दो नक्सलियों के अलग-अलग समूह शामिल थे। आत्मसमर्पण के बाद पूछताछ के दौरान इन नक्सलियों ने जिले के विभिन्न जंगली इलाकों में छिपाए गए डंप के बारे में सुराग दिए। सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया। अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए नक्सली डंप को बरामद किया गया। आधुनिक हथियार और विस्फोटक बरामद बरामद सामग्री में चार सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक ग्रेनेड लॉन्चर, एक बोल्ट एक्शन राइफल और आठ पंप एक्शन सिंगल शॉट राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक देसी कट्टा, 451 राउंड कारतूस और 26 मैगजीन भी मिली हैं। क्लेमोर माइंस और डेटोनेटर भी मिले पुलिस के मुताबिक डंप से क्लेमोर माइंस पाइप, 500 ग्राम बारूद, करीब 16 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, 22 मेटल स्पाइक्स, दो किलोग्राम बोल्ट व छर्रे बरामद किए गए हैं। साथ ही पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, वोल्ट मीटर, बैटरी सेल, स्टेथेस्कोप, बीपी मशीन और जीवन रक्षक दवाएं भी जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों की आर्थिक और सैन्य ताकत को बड़ा झटका है। जिले में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।  

पहले शादी, फिर जमीन पर कब्जे की साजिश: UP में आदिवासी महिलाओं से जुड़ा मामला सामने आया

सोनभद्र  उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील क्षेत्र में आदिवासी समाज की जमीनों पर कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि एक समुदाय विशेष के लोग अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर या धर्म परिवर्तन का दबाव डालकर उनकी जमीनें हड़प रहे हैं. इतना ही नहीं 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वाले क्षेत्र में एक समुदाय विशेष की बसावट करा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. बता दें कि झारखण्ड और मध्य प्रदेश सीमा से सटे दुद्धी क्षेत्र में जनजातीय आबादी लगभग 50 प्रतिशत है. लेकिन आरोप है कि यहां की जनजातीय महिलाओं को फंसाकर पहले शादी फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाकर उनकी जमीनों पर कब्ज़ा किया जा रहा है. इतना ही नहीं इन जमीनों पर एक समुदाय विशेष को बसाया भी जा रहा है. मामला सामने आने के बाद बघाड़ू गांव के निवासी बहादुर अली, नसीम उद्दीन, अजमत अली, रजिया पनिका और अमवार गांव के अब्दुल सुभान के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और दलित उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है. लेकिन ऐसे मामलों से आदिवासी समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. पीड़ित ने बहादुर अली पर लगाए आरोप पीड़ित मनोज गौड़ ने बताया कि उनके परिवार में चार बेटियां और एक छोटा बेटा है. एक व्यक्ति बहादुर अली पर आरोप है कि वह उनकी चारों बेटियों पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहा है. इसके अलावा, अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के नाम पर सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं. पीड़ित परिवार ने जिला अधिकारी से न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्च स्तर पर जांच से उन्हें इंसाफ मिलेगा. प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का दबाव मनोज पेशे से भूजा बेचते हैं. उनकी बेटी रेनू कुमारी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ दिनों से गांव के बहादुर अली, नसीम उद्दीन, अजमत अली, रजिया पनिका और अमवार निवासी अब्दुल सुभान उसके घर पर बार-बार आकर उसके परिवार को प्रलोभन देकर मुस्लिम धर्म में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं. उनका कहना है कि हमारे बेटों से शादी कर लेने पर वे मालामाल हो जायेंगे. इतना ही नहीं अच्छा गहरा भी बनवा देंगे और जिंदगी बदल जाएगी. बात न मानने पर परिवार खत्म करने की धमकी रेनू ने बताया कि जब परिवार ने उनके ऑफर को ठुकरा दिया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दे डाली। रेनू का यह भी आरोप है कि कॉलेज जाते समय आरोपी उसे छेड़ते हैं. रेनू का यह भी आरोप है कि बहादुर अली गांव में जमीन खरीदकर मुस्लिमों को बसाने का काम भी कर रहा है. उसने आदिवासी महिला से शादी कर पत्नी और साले के नाम पर कई जमीन खरीद रखी है. इस मामले में दूधी कोतवाली इंचार्ज स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.

ग्वालियर में नए साल की शराब पार्टी महंगी, 500 लोगों के लिए 25 हजार शुल्क तय

ग्वालियर  नए साल के जश्न को मनाने के लिए शराब पार्टी करने वालों को इस बार अधिक फीस चुकानी होगी। अगर 500 लोगों की पार्टी कोई करता है, तो आयोजक को 25 हजार रुपये खर्च कर शराब परोसने का एक दिन का लाइसेंस लेना होगा। इसी तरह जितनी संख्या बढ़ती जाएगी उतनी फीस भी बढ़ जाएगी। एक हजार लोगों की शराब पार्टी के लिए एक लाख फीस एक हजार लोगों की शराब पार्टी के लिए एक लाख रुपये तक फीस है। इस बार की आबकारी नीति में यह प्रविधान किए गए हैं, जिसके बाद इनका उपयोग किया जा रहा है। वहीं इसको लेकर आबकारी विभाग की नौ सर्किल टीमों का गठन किया गया है। जो नए साल की पूर्व संध्या पर निगरानी करेंगी। शहर में ओपन एयर बार का ट्रेंड भी बढ़ा वहीं, पिछले दिनों शहर में ओपन एयर बार का ट्रेंड भी बढ़ा है। कई जगह ऐसी भी शिकायतें हैं जहां बिना लाइसेंस के शराब परोसी जाती है। बता दें कि नए साल को लेकर हर साल आबकारी विभाग के अधिकारी तैयारी करते हैं और अस्थायी लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया की जाती है। जिले में आबकारी विभाग के जो नौ सर्किल हैं, उनके प्रभारियों सहित टीमें बनी हैं। वहीं अस्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन का सिलसिला 25 दिसंबर से शुरू हो जाता है। सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि नए साल की पूर्व संध्या पर बिना लाइसेंस के पार्टी करवाने वालों की संख्या बहुत होती है। सिटी सेंटर क्षेत्र में सबसे ज्यादा शराबखोरी आबकारी विभाग की टीम मुख्य स्थानों पर तो निगरानी रखती है, लेकिन शहर में इन दिनों हाईवे से लेकर अंदर के कई मार्गों पर स्थित रेस्टोरेंट और ढाबों पर शराब परोसी जाती है। सिटी सेंटर सहित शहर के कई इलाकों में कारों में शराबखोरी का चलन बढ़ गया है। अहाते बंद होने के बाद सड़कों पर और कार में शराब पीने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पुलिस हो या आबकारी विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। एसपी ऑफिस के पीछे शाम ढलते ही शराबखोरी कारों में शराब पीने वाले लोग रात में पॉश कॉलोनियों के रहवासियों सहित व्यावसायिक इलाकों में निजी कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हैं और उत्पात मचाते हैं। खासकर सिटी सेंटर की एयरटेल रोड, एलेन कोचिंग के पास भूखंडों में लग्जरी गाड़ियों को पार्क करके शराबखोरी की जाती है। इसके अलावा एसपी ऑफिस रोड से लेकर एसपी ऑफिस के पीछे शाम ढलते ही शराबखोरी करने वाली कारों को आसानी से देखा जा सकता है। 

इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए किया सम्मानित इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल का 773 करोड़ रुपए की लागत से होगा नवनिर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर बनने वाले द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की करेंगे सिद्धी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना जिले के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित किया है। म्याना स्टेशन को 9687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म्याना रेलवे स्टेशन का बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होना, प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल जिले के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि भरेवा धातु शिल्प को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है। गोंड जनजाति की एक उपजाति धातु ढलाई का यह कौशल, पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करती है। यह शिल्पकार प्रतीकात्मक देवी-देवताओं की मूर्ति, परंपरागत आभूषण, गोंड अनुष्ठान में प्रयुक्त धार्मिक सामान के साथ ही मोर लैंप, बैलगाड़ी, घंटियां, पायल, दर्पण के फ्रेम जैसी सजावटी वस्तुएं का निर्माण करते हैं। इस सामग्री की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत लोकप्रियता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाघमारे को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 773 करोड रुपए लागत से इंदौर में एम.वाय. हॉस्पिटल का नवनिर्माण किया जाएगा। नए 1450 बिस्तरीय एम.वाय हॉस्पिटल के निर्माण से पुरानी बिल्डिंग की कठिनाईयों से मुक्ति मिलेगी। अस्पताल के साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, ऑडिटोरियम आदि का भी निर्माण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया की विमेन टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 (ब्लाइंड) का फाइनल मैच जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल मध्यप्रदेश की तीन दृष्टि बाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों सुश्री सुनीता सराठे, सुश्री सुषमा पटेल और सुश्री दुर्गा येवले को 25-25 लाख रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जा रही है। प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 10-10 लाख रुपए नगद और 15-15 लाख रुपए की एफडी की व्यवस्था है। टीम के तीनों कोच सर्वश्री सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पहाड़े को एक-एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में 12, 13 ,14 दिसंबर को मध्यप्रदेश उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हस्तशिल्प, एक जिला-एक उत्पाद, माटी कला परिषद, पर्यटन आदि के स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधायक श्री मधु वर्मा ने अपने पुत्र का विवाह, आगर मालवा में हुए सामूहिक विवाह समारोह में कर, अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री वर्मा द्वारा सामाजिक समरसता और शादियों में अपव्यय को रोकने के लिए की गई इस पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धता से जोड़ने के संकल्प के अंतर्गत राजधानी भोपाल के प्रमुख मार्गों पर महापुरुषों को समर्पित द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था। गत वर्ष भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर राजा भोज द्वार के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई, इसी क्रम में भोपाल-इंदौर मार्ग पर हाल ही में विक्रमादित्य द्वार निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया गया। वास्तु शिल्प के अद्भुत उदाहरण इन द्वारों से राजधानी भोपाल का गौरव बढ़ेगा। यह द्वार, विरासत से विकास के संकल्प की सिद्धी की दिशा में प्रभावी कदम सिद्ध होंगे।  

मध्य प्रदेश में MSME से लेकर स्टार्टअप्स तक, निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनी सुविचारित नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोजगार सृजन को भी गति मिली है। वर्तमान में 4.26 लाख से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सक्रिय हैं। इससे औद्योगिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आत्मनिर्भरता को मिला आधार राज्य सरकार द्वारा किए गए निवेश प्रोत्साहन उपायों का सीधा असर नई इकाइयों की स्थापना के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022-23 में 67,332 मैन्युफैक्चरिंग MSMEs के पंजीकरण से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 1,13,696 तक पहुँच गई  है। नीतिगत सुधारों का सीधा असर उद्योगों के सामने आने वाली प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही ‘जनविश्वास (संशोधन) विधेयक 2024’ के माध्यम से उद्योगों पर लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाया गया है। इंडस्ट्रियल लैंड अलॉटमेंट सिस्टम और सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन और स्वीकृति प्रक्रियाएँ पारदर्शी और समयबद्ध हुई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। एमएसएमई सेक्टर से एक करोड़ से अधिक को रोज़गार प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। वर्तमान में 20.43 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ हैं, जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ट्रेड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है और एक करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार उपलब्ध करा रहा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि छोटे व्यापार, सेवाओं और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिला है। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय संतुलन मजबूत हुआ है। लॉजिस्टिक्स से उद्योगों को मिला रास्ता औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को मजबूत करना आवश्यक था। इसी दृष्टि से राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश के उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों और निर्यात केंद्रों से जोड़ने में सहायता की है। इससे माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आई है और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है।  स्टार्टअप से भविष्य की अर्थव्यवस्था की तैयारी औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक बनाने के लिए नवाचार और कौशल विकास को समान रूप से महत्व दिया गया है। राज्य में 6000 से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर्स नवाचार को सहयोग दे रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाया है। स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत सीड फंडिंग, कैपिटल फंड और एन्ट्रेप्रेन्योर इन रेजिडेंस प्रोग्राम जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार सृजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आने वाले समय में प्रत्येक जिले में प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित किए जाने से स्थानीय नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।