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धमतरी जिले में 21 दिसम्बर को पल्स पोलियो अभियान, 0-5 वर्ष के बच्चों को पोलियो दवा पिलाने की तैयारी

धमतरी : धमतरी जिले में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसम्बर को 0-5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा धमतरी  धमतरी जिले में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने हेतु पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक उनके निकटतम निर्धारित पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।   जिले में कुल 772 पोलियो बूथों के माध्यम से 1 लाख 10 हजार 553 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को सफल बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, कोटवार, प्रशिक्षु महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा पैरामेडिकल विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है।     पोलियो की दवा की समय पर उपलब्धता और कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सभी पोलियो बूथों को सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी विकासखण्डों को जोन में विभाजित कर जिला स्तर के अधिकारियों को निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं खदानों, ईंट-भट्टों, छात्रावासों, मदरसों एवं छूटे हुए क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने हेतु ट्रांजिट टीमों एवं मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।   प्रथम दिवस 21 दिसम्बर को बूथों पर दवा पिलाने के पश्चात 22 एवं 23 दिसम्बर को सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे। कंट्रोल रूम में प्रत्येक दो घंटे में प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।   अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी मैदानी अमलों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 21 दिसम्बर को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार किया जा सके। साथ ही 22 एवं 23 दिसम्बर को घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने में सहभागिता निभाने का आग्रह किया गया है।यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर में किए दर्शन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी प्रवास के दौरान सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काल भैरव मंदिर पहुंचकर भी पूजा-अर्चना की। इससे पूर्व रविवार की रात्रि वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी के निकट जौनपुर जनपद के ग्राम समसपुर पनियरिया पहुंचकर उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चंद्र यादव और उनके परिजन से भेंट एवं चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री गिरीश चंद्र यादव के पिता श्री सवधू यादव के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।

20 दिसंबर को बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जारी किए नए निर्देश

रूपनगर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग 20 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.) के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर के सभी स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी पर वर्कशॉप और मेगा पी.टी.एम. नामक वर्कशाप की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। रयात बाहरा विश्वविद्यालय में स्कूल अध्यापकों की बैठक को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि इस श्रृंखला की पहली  वर्कशॉप 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक अभिभावक को बच्चे की शैक्षणिक प्रगति, सरकारी स्कूलों के योगदान और स्कूल विकास में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए घर और स्कूल के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। रयात बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने पर हरजोत बैंस का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा और ग्रुप वाइस-चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार ने किया। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्रांति के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं और चारदीवारी शामिल हैं। बैंस ने बताया कि 12,000 सरकारी स्कूलों को नई/मरम्मत की गई चारदीवारियों, कक्षाओं, शौचालयों और खेल मैदानों से उन्नत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके अलावा, 118 मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को उन्नत सहकर्मी शिक्षण (एडवांस्ड पीयर लर्निंग) के लिए हाई-टेक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में परिवर्तित किया गया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्रतिस्पर्धी बनाना और पंजाब के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों से सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में समग्र औद्योगिक विकास की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

पी.एम. मित्र पार्क में 89 परिवारों के पुनर्वास का पहला चरण, 24 परिवारों को सौंपे पक्के घर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं को केवल निवेश के रूप में नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी सोच के साथ धार जिले के ग्राम भैंसोला में विकसित हो रहा देश का पहला पी.एम. मित्र पार्क में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पी.एम. मित्र पार्क की भूमि पर निवासरत कुल 89 परिवारों के पुनर्वास के लिए एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा समीप ही सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस पुनर्वास योजना के प्रथम चरण में 24 परिवारों को पक्के मकान बनाकर सौंपे गए और विधि-विधान के साथ उनका गृह प्रवेश कराया गया। शेष परिवारों को भी चरणबद्ध रूप से आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार औद्योगिक विकास करते हुए हर परिवार का ख्याल रखा जायेगा। इसी नीति के तहत पी.एम. मित्र पार्क के लिए प्रभावित परिवारों को केवल आवास ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 89 पक्के मकान, 140 भूखण्ड और पूर्ण आधारभूत सुविधाएँ पी.एम. मित्र पार्क के लिए विकसित की जा रही पुनर्वास कॉलोनी में कुल 89 टू बी.एच.के. पक्के मकान तथा 140 विकसित भूखण्ड शामिल हैं। कॉलोनी में बिजली, नल से जल, सड़क, नाली और एस.टी.पी. जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, पार्क और सामुदायिक भवन विकसित किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से कवर किया गया है। 13.48 करोड़ रु. की पुनर्वास योजना, अप्रैल 2026 तक पूर्ण यह संपूर्ण पुनर्वास परियोजना लगभग 13.48 करोड़ रु. की लागत से विकसित की जा रही है। प्रत्येक मकान की लागत लगभग 6 लाख रु. है। परियोजना को अप्रैल 2026 तक पूरा कर शेष सभी हितग्राहियों को चरणबद्ध रूप से मकान सौंपे जाएंगे। विकसित किए गए 140 भूखण्ड भविष्य में अन्य विस्थापन कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। देश के पहले पी.एम. मित्र पार्क में उद्योग स्थापना और पुनर्वास का यह संतुलित मॉडल यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार के लिए औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। 

‘हर शिकायत पर होगी कार्रवाई’— जनता दर्शन में फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं, सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

सरकार का बड़ा कदम: हरियाणा में 27 IAS-HCS अधिकारियों का ट्रांसफर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 IAS और HCS अधिकारियों के तबादला किया है।जारी आदेशों के अनुसार यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस सूची में कुल 27 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के तहत योगेश कुमार, IAS को नगर निगम करनाल का आयुक्त एवं जिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। सुभिता ढाका, IAS को पलवल में अतिरिक्त उपायुक्त-सह-जिला नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जयदीप कुमार, IAS को स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) का मिशन डायरेक्टर बनाया गया है। कई HCS अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग मिली है। इनमें वत्सल वशिष्ठ, HCS को मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD-I लगाया गया है, जबकि गौरव कुमार, HCS को हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में SDM, अतिरिक्त उपायुक्त और विभागीय निदेशक स्तर पर भी तबादले किए गए हैं। 

रायपुर: किसान हंसराज साहू की मेहनत से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम, समर्थन मूल्य से मिली सफलता

रायपुर : समर्थन मूल्य से आत्मनिर्भरता तक: किसान हंसराज साहू की मेहनत ने बदली रफ्तार ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचान रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया। श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है। श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती। किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।

लोकतंत्र की मजबूती युवाओं से, स्वतंत्र सोच और समाधानपरक दृष्टि जरूरी: विधानसभा अध्यक्ष

जयपुर  राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने युवाओं का आव्‍हान किया है कि वे अपनी स्‍वतंत्र सोच को मजबूत आवाज के साथ रखें। समस्‍या के साथ समाधान भी सुझाएं। विधान सभा कानून बनाने के साथ युवाओं को मुख्‍य धारा में लाने का सशक्‍त मंच भी है। युवा शक्ति को बदलते भारत की दिशा में नये आयामों के लिए भरपूर प्रयास करने होंगे। राजस्‍थान विधानसभा अध्‍यक्ष ने सोमवार को विधान सभा में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की एक दिवसीय युवा संसद का दीप प्रज्‍ज्‍वलन कर शुभारम्‍भ किया। युवा संसद में राजकीय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। देवनानी ने कहा कि युवा संसद समय के अनुकूल व्‍यापक सोच है। दुनिया बदल रही है। कौशल बदल रहे है। अवसर बदल रहे है। ऐसे समय में जीवन कौशल, वित्‍तीय साक्षरता, नैतिक मूल्‍य जैसे गुणों का युवाओं में विकास शैक्षणिक आवश्‍यकता के साथ सामाजिक और राष्‍ट्रीय जिम्‍मेदारी भी है।  उन्‍होंने कहा कि युवा लोकतांत्रिक शक्ति के सक्रिय वाहक है। जिन सीटों पर विधायक बैठतें है, उन पर भविष्‍य के विधायक, वैज्ञानिक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बैठे हुए है। यह प्रयास युवाओं को दर्शक नहीं बल्कि 21वीं सदी के विजेता बनाने का है। देवनानी ने कहा कि पढ़ाई का दबाव, केरियर का तनाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, तुलना की भावना, अकेलापन और प्रतिस्‍पर्धा ने युवाओं पर दबाव बनाया है। उन्‍होंने कहा कि मजबूत मन ही मजबूत निर्णय लेता है और यही जीवन में सफलता का आधार होता है। केरियर मार्ग दर्शन बहुत महत्‍वपूर्ण है। दिशा मिल जाए तो औसत क्षमता वाला युवा भी शिखर पर पहुँच सकता है। प्रश्‍न पूछने वाला युवा ही परिर्वतन की मशाल जलाता है। विषय को समझे, उसका विश्‍लेषण करें और धैर्य के साथ निर्णय लें। देवनानी ने युवाओं से कहा कि सदन की समृद्ध परम्‍पराएं होती है। किसी बात का समर्थन करने पर मेज थपथपाई जाती है। संवाद में मर्यादा और स्‍पष्‍टता व संयमित भाषा का उपयोग किया जाता है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विधान सभा के ऐतिहासिक भवन के सदन में युवाओं की उपस्थिति गौरव की अनुभूति करा रही है। युवा देश का भावी नेतृत्‍व है। उन्‍होंने कहा कि संवाद और सहभागिता सीखें। समन्‍वय के साथ लोकतन्‍त्र को मजबूत बनाये। श्री दिलावर ने कहा कि युवाओं को शालीनता का परिचय देना होगा। दबाव व असमंजस से बचना होगा। उचित मार्ग दर्शन के साथ सफलता के शिखर पर पहुँचना होगा। विधान सभा अध्‍यक्ष की पहल पर विधान सभा के सदन में सोमवार को प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में अध्‍ययनरत 41 जिलों के 164 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर राजस्‍थान विधान सभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्‍ण कुणाल, राजस्‍थान विधान सभा के विशिष्‍ट सहायक के.के शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारीगण और राजस्‍थान विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद रहे। राजस्‍थान विधान सभा में हो रहे युवा संसद में राज्य के विद्यालयों में अध्ययनरत किशोर-किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर मार्गदर्शन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक राज्य-स्तरीय काउंसलिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने, प्रत्येक विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने, प्रशिक्षित काउंसलर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियमित परामर्श एवं करियर जागरूकता गतिविधियाँ संचालित करने हेतु शासन को अधिकृत करने का प्रस्‍ताव पारित किया गया। प्रस्‍ताव में बताया गया कि इस निर्णय से विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास एवं करियर चयन की स्पष्टता बढ़ेगी तथा विद्यालयी वातावरण अधिक सुरक्षित एवं सकारात्मक होगा।

बिहार में 217 रेलवे फाटकों पर बनेंगे नए रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), रेलवे मंत्रालय ने दी मंजूरी

पटना   बिहार में लोगों को रेलवे फाटक पर खड़े होकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले कुछ सालों में रेलवे फाटक रुकावट नहीं बनेंगे. दरअसल, राज्य के मुख्य सड़कों के बीच आने वाले रेलवे फाटकों पर लगभग 217 रेलवे ओवर ब्रिज बनाये जायेंगे. इसके साथ ही रेलवे अंडर ब्रिज भी बनाये जाने की योजना है. आने वाले साल में बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा मिल सकता है. साल 2019 में साइन किया गया था एमओयू जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से कवायद शुरू कर दी गई है. साल 2019 में राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच आरओबी को लेकर एक एमओयू साइन किया गया था. उस वक्त बिहार में 44 रेलवे ओवर ब्रिज बनाने को लेकर फैसला हुआ था. उस समय आरओबी के निर्माण में खर्च होने वाली राशि में बिहार सरकार की भी सहभागिता थी. इतने आरओबी के लिये टेंडर का काम पूरा एमओयू के मुताबिक, 35 आरओबी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को करना था. इसके साथ ही 9 आरओबी का निर्माण बिहार राज्य पथ निगम के जरिये होना था. पूरे 44 आरओबी में 41 के लिये टेंडर का काम पूरा हो चुका है. जबकि बाकी के बचे 3 आरओबी के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में अब 217 रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है. बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मिल रहा बढ़ावा खास बात यह भी है कि सभी रेलवे ओवर ब्रिज और रेलवे अंडर ब्रिज बनाने की पूरी राशि केंद्र सरकार ही वहन करेगी. इससे साफ है कि राज्य सरकार की तरफ से रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा. इस तरह से आरओबी के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है. मालूम हो, बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिये कई पहल किये जा रहे हैं. कई जिलों में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है. ताकि जिलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ सके. इस तरह से रेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला ले लिया है.

प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश फूटा: UPPSC के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को प्रयागराज में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं लोकसेवा आयोग के गेट नंबर दो के बाहर एकत्र हुए और हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में जवाबदेही की कमी है और आयोग उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांग है कि आयोग सभी भर्ती परीक्षाओं की संशोधित उत्तरकुंजी सार्वजनिक करे, ताकि अभ्यर्थियों को अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके। इसके साथ ही छात्रों ने श्रेणीवार कटऑफ अंक जारी करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि जब तक उत्तरकुंजी और कटऑफ स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक चयन प्रक्रिया पर संदेह बना रहेगा। मिला कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन इस आंदोलन को हुंकार मंच समेत कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन मिला। अलग-अलग जिलों से आए छात्र सुबह से ही आयोग परिसर के बाहर जुटने लगे थे। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर धरना दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन महाआंदोलन का रूप लेने लगा। पुलिस प्रशासन अलर्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आया। लोकसेवा आयोग के आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। कई थानों की पुलिस फोर्स और एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। पुलिस के साथ झड़प धरना प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों ने सड़क पर बैठकर आंदोलन तेज करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कुछ छात्रों को मौके से हटाया और दो छात्रों को हिरासत में लिया गया। हालांकि कुछ देर बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी करती रही। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।