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यूपी में अभूतपूर्व घोटाला! कफ सिरप रैकेट में 700+ फर्जी कंपनियां, अरबों के लेन-देन का ईडी ने किया खुलासा

लखनऊ  ईडी की तीन प्रदेशों में 40 घंटे से अधिक की छापेमारी में कफ सिरप की काली कमाई का पूरा खेल सामने आ गया। अब तब मिले साक्ष्यों के मुताबिक 220 संचालकों के नाम से 700 से अधिक फर्में बनाई गईं। इनसे अरबों रुपये की कमाई की गई। सबसे दिलचस्प यह रहा कि इसमें अधिकतर फर्में सिर्फ कागजों पर ही रहीं। फर्मों में अधिकृत कई और लोग भी सिर्फ दस्तावेजों में ही पाए गए। ईडी सूत्रों का दावा है कि अभी कई और फर्मों को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे है। ईडी सामने आए साक्ष्यों के आधार पर जल्दी ही सम्पत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू करेगी। यूपी, गुजरात और झारखंड में 25 से अधिक ठिकानों पर हुई जांच में जिस तरह से फर्जीवाड़ा सामने आए, उससे ईडी के अफसर भी हैरत में पड़ गए है। ईडी अपनी जांच में यूपी के अंदर ऐसा फर्जीवाड़ा पहली बार मिलने की बात कह रही है। एक अधिकारी के मुताबिक जिस तरह से कदम-कदम पर फर्जीवाड़ा किया गया, उसने पूरे सिस्टम की भी पोल खोल दी है। फेंसेडिल सिरप बनाने वाली एक कम्पनी के कई अफसरों को इस बारे में पता था लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी। एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह ने अपनी जांच में कहा था कि एक दवा कंपनी के कई अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।   ईडी की जांच से ही शुभम, आलोक, अमित पर शिकंजा कसा एसटीएफ की पिछले साल जांच पूरी होने के बाद भी मास्टर माइंड शुभम जायसवाल, पूर्व सांसद के करीबी आलोक सिंह, अमित टाटा ने खुद को बचाने के लिए कई हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए थे। एसटीएफ ने जब अमित व आलोक को गिरफ्तार किया तो भी इन लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई। कोर्ट में ये आरोपी निश्चिंत दिखे थे लेकिन जैसे ही ईडी ने आलोक, अमित और शुभम के ठिकानों पर छापा मारकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए, इनके खेमे में खलबली मच गई। खातों से भी मिल रहे संदिग्ध लेन-देन, कई और नाम सामने आएंगे ईडी सूत्रों का दावा है कि दुबई में छिपे मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित टाटा के अलावा शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल के बैंक खातों में कई बड़े लेन-देन मिले हैं। इनमें से कुछ लेन-देन का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया है। फर्मों के नाम से खुले खातों में भी कुछ लेन-देन ऐसे हैं जिनका आगे का ब्योरा नहीं मिल रहा है। रांची और धनबाद में भी कुछ फर्मों से रकम का आदान-प्रदान हुआ है। इन सबको लेकर अभी ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसी आधार पर कहा जा रहा है कि अभी कई और नाम के साथ ही कुछ और फर्जी फर्में सामने आएंगी। जीएसटी विभाग से भी इन फर्मो को लेकर सूची मिलने वाली है। इससे भी ईडी जांच का दायरा आगे और बढ़ाएगी।  

विद्युत आपूर्ति और संबंधित विषयों पर अनुशंसाएं देने के लिए मंत्री समूह गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा विद्युत आपूर्ति एवं इससे जुड़े विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये मंत्री समूह का गठन किया गया है। मंत्री समूह में श्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर/वित्त/योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री एंदल सिंह कंषाना मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास और श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक एवं अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग समूह के सह-समन्वयक होंगे। मंत्री समूह वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक सब्सिडी के प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति पर निर्णय, दिनांक 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के देयकों में अस्थगित की गई 4800 करोड़ रूपये की बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने अथवा उसकी वसूली के संबंध में निर्णय और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसके बदलने के लिये पात्रता नियम में परिवर्तन पर निर्णय के संबंध में अपनी अनुशंसाएं राज्य शासन को देगा।  

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बना हादसों का ज़ोन, घने कोहरे में 30+ वाहनों की टक्कर, 4 की जान गई

फरीदाबाद/नूंह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को घने कोहरे ने कहर बरपा दिया। फरीदाबाद और नूंह जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। कई वाहन आपस में टकराए और दस से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक सीआईएसएफ का सब इंस्पेक्टर बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फरीदाबाद में सोमवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा हादसों का कारण बन गया। दृश्यता बेहद कम होने से वाहन चालकों को आगे का रास्ता नहीं दिखा और एक के बाद एक टक्कर होती चली गई। फरीदाबाद के कैल गांव के पास दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। यहां पहली दुर्घटना में एक एंडेवर कार सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि एंडेवर में सवार तीन लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया। मृतकों में एक की पहचान संदीप कुमार निवासी जयपुर के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। इसी स्थान के पास कुछ ही देर बाद दूसरा हादसा भी हुआ। एक कैंटर में पीछे से क्रेटा गाड़ी जा टकराई। गनीमत रही कि क्रेटा चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। नूंह में भिड़े 30 वाहन, दो की मौत जिला नूंह में भी कोहरे ने बड़ा हादसा करा दिया। सुबह करीब चार बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगभग 30 वाहन आपस में भिड़ गए। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दस से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को जिला के राजकीय अस्पताल मांडीखेड़ा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। हादसा राजस्थान से दिल्ली की तरफ जाते वक्त हुआ। सूत्रों के अनुसार मरने वालों में सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर हरीश कुमार निवासी अलवर और जयपुर निवासी कारोबारी खलील अहमद शामिल हैं। कुछ स्थानों पर ट्रक पलटने की भी सूचना है, जिससे यातायात काफी देर तक बाधित रहा। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि घना कोहरा हादसों की मुख्य वजह है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के समय धीमी गति से चलें, फॉग लाइट का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।  

लेफ्टिनेंट बनकर रेवाड़ी पहुंचे बादल यादव का हुआ भव्य स्वागत, मां बोली- मुझे मेरे बेटे पर गर्व

रेवाड़ी  रेवाड़ी के यादव नगर निवासी एवं पैतृक गांव कुंभावास से ताल्लुक रखने वाले बादल यादव के भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने के बाद पहली बार गृह नगर पहुंचने पर उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।  बूढ़पुर रोड स्थित कंकर वाली बगीची स्थित शिव मंदिर से बादल यादव को थार गाड़ी में सवार कर डीजे की धुनों के बीच उनके घर यादव नगर तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। इस दौरान यादव नगर वासियों के साथ-साथ कुंभावास गांव के लोगों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और लोग नाचते-झूमते नजर आए। बादल यादव की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी माता संतोष यादव ने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।  उन्होंने युवाओं से शिक्षा पर ध्यान देने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। पिता अशोक यादव, जो स्वयं सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन हैं, उन्होंने इसे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से सेना से जुड़ा रहा है। बादल यादव के दादा स्वर्गीय मातादीन सूबेदार के पद से वर्ष 1970 में सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि ताऊ मदन लाल भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। बादल यादव के नाना धनसिंह भी ओनरी कैप्टन के पद से वर्ष 1993 में सेवानिवृत्त हुए थे।  बादल यादव ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी से कमांडेंट रजत पदक प्राप्त किया। वे अब भारतीय सेना की इंजीनियर रेजीमेंट में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल रेवाड़ी से प्राप्त की और पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार, पैतृक गांव कुंभावास और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। कुंभावास गांव में भी बादल यादव की इस उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल रहा। गांववासियों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि बादल यादव की सफलता से कुंभावास का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। इस मौके पर नरेंद्र यादव, वेद प्रकाश, सुभाष यादव, हिमांशु यादव, मलखान सिंह, सुनील यादव, आयुष यादव, रोहतास नंबरदार, रायसिंह गोकलगढ़, हेमंत कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।

दिल्ली-NCR की ज़हरीली हवा पर CJI का सवाल— ‘सबसे ज़्यादा मार गरीबों पर ही क्यों?’

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण चरम पर पहुंच चुका है। जहरीली हवा का मुद्दा सोमवार को सर्वोच्च अदालत में भी उठा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी। अदालत को बताया गया कि आदेशों के बावजूद स्कूलों पर खेल गतिविधियां हो रही हैं। वहीं, चीफ जस्टिस ने गरीबों पर होने वाले असर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आदेश वही दिए जा सकते हैं, जिनका पालन संभव हो। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली ने न्याय मित्र की भूमिका निभा रहीं वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि एहतियाती कदम पहले से मौजूद हैं, लेकिन असली मुद्दा उनका खराब अनुपालन है। सिंह ने कहा कि जब तक यह अदालत आदेश नहीं देती है, अथॉरिटीज की ओर से उन प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता है जो पहले मौजूद हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, 'यह तीन जजों की बेंच के सामने बुधवार को आएगा। इस पर बात होगी।' एक अन्य वकील ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि पुराने आदेश के बावजूद स्कूलों में खेल गतिविधियां चल रही हैं। न्याय मित्र ने कहा, 'इस अदालत के आदेश के बावजूद स्कूलों ने खेल गतिविधियों के लिए तरीके निकाल लिए हैं, इनका आयोजन हो रहा है। CAQM एक बार फिर इस कोर्ट के आदेश का उल्लेख कर रहा है।' इस पर सीजेआई ने कहा, ‘सीजेआई ने कहा, ‘हम समस्या को जानते हैं और हम ऐसे आदेश पारित करेंगे जिनका पालन किया जा सके। कुछ निर्देश ऐसे हैं जिन्हें बलपूर्वक लागू किया जा सकता है। इन शहरी महानगरों में लोगों की अपनी जीवनशैली होती है। लेकिन गरीबों का क्या होगा…।’ न्याय मित्र ने कहा कि गरीब मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इससे पहले पीठ ने कहा था कि वायु प्रदूषण के खिलाफ दायर याचिका को ‘सामान्य’ मामला नहीं माना जा सकता, जिसे केवल सर्दियों के महीनों में ही सूचीबद्ध किया जाए। उसने कहा था कि इस समस्या के अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए महीने में दो बार मामले की सुनवाई की जाएगी। सोमवार को दिल्ली घनी धुंध की चादर में लिपटी रही, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 498 पर पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता 38 केंद्रों पर ‘गंभीर’ थी, जबकि दो केंद्रों पर यह ‘बेहद खराब’ थी। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 498 दर्ज किया गया, जो सभी 40 केंद्रों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला केंद्र रहा।

हरियाणा में पुलिस महकमे में हलचल: छुट्टी के बाद DGP शत्रुजीत कपूर की छुट्टी क्यों हुई?

पहले 2 महीने की छुट्टी पर भेजा, फिर DGP के पद से हटाया, शत्रुजीत कपूर के साथ हरियाणा सरकार ने क्यों किया ऐसा?   चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने रविवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटा दिया। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब वह पहले ही वदो महीने की छुट्टी पर भेजे जा चुके थे। सरकार ने साफ किया है कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी बने रहेंगे, जबकि 1990 बैच के अधिकारी शत्रुजीत कपूर को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि सरकार ने शत्रुजीत कपूर के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया है। दरअसल वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या से जुड़े विवाद के बाद ये फैसला लिया गया है। शत्रुजीत कपूर अगस्त 2023 में डीजीपी बनाए गए थे। इस नियुक्ति के दौरान उन्होंने 1989 बैच के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों मोहम्मद अकील और आरसी मिश्रा को सुपरसीड किया था। उस समय भी यह फैसला चर्चा में रहा था। हालांकि, उनका कार्यकाल उस वक्त विवादों में घिर गया, जब हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की 7 अक्टूबर को कथित आत्महत्या का मामला सामने आया। इस घटना के बाद मृतक अधिकारी के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इसी दबाव के बीच सरकार ने रोहतक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया को उनके पद से हटा दिया और शत्रुजीत कपूर को 14 अक्टूबर को दो महीने की छुट्टी पर भेज दिया गया। कपूर के छुट्टी पर जाते ही ओपी सिंह ने कार्यवाहक डीजीपी का कार्यभार संभाल लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच अभी भी जारी है और इसी बीच सरकार का यह फैसला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। बता दें कि कपूर, जो 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वहीं ओपी सिंह की सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर को है। फिलहाल वो हरियाणा पुलिस मुखिया बने रहेंगे। दोनों अधिकारियों से संबंधित आदेश हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सुमिता मिश्रा ने उसी दिन जारी किए, जिस दिन कपूर की दो महीने की छुट्टी समाप्त हुई। ओपी सिंह अपने नए दायित्व के साथ-साथ हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक और मधुबन स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे। इस बीच, ओपी सिंह के कार्यवाहक डीजीपी रहते हुए पुलिस विभाग ने कई बड़े अभियान चलाए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, उनके नेतृत्व में ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ और ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ जैसे समन्वित अभियानों के जरिए हजारों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसा गया और कई संभावित आपराधिक वारदातों को समय रहते रोका गया। इसके साथ ही ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई, जिससे कई संवेदनशील इलाकों में नशे की सप्लाई पर असर पड़ा। हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला- DGP पद से हटाया गया   हरियाणा सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर हुए विवाद के बीच छुट्टी पर भेजे जाने के दो महीने बाद आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को रविवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद से कार्यमुक्त कर दिया। कपूर की गैरमौजूदगी में राज्य पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे ओ पी सिंह को अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी (पुलिस बल के प्रमुख) के रूप में नियुक्त किया गया है। कब होगी डीजीपी की नियुक्ति हरियाणा सरकार नये डीजीपी की नियुक्ति के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेज सकती है, क्योंकि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी कपूर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, पंचकूला के चेयरमैन का पद संभालते रहेंगे।  इंजीनियरिंग स्नातक कपूर को अगस्त 2023 में राज्य पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया था। क्या था मामला पूरन कुमार हरियाणा पुलिस के तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में गिने जाते थे। कुछ महीने पहले वे चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे, शरीर पर गोली लगने के निशान थे। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का बताया गया था, जिसके बाद उनके लिए इंसाफ की मांग उठी। आपको बता दें कि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में आठ वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था. काफी दबाव के बाद शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया था।

रायपुर में चिरायु योजना से नित्या राजवाड़े को नया जीवन मिला, मिली जान की राहत

रायपुर कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पतरापाली निवासी नित्या राजवाड़े (उम्र 4 वर्ष 7 माह),  जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। नित्या का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पतरापानी-1 में दर्ज है। जन्म से ही नित्या को कमजोरी, जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ तथा बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सक द्वारा जांच कर जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच उपरांत जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उच्च संस्थान एम.एम.आई. नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के लिए रेफर किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती कराया गया। आवश्यक जांचों के पश्चात सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद नित्या को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या का संपूर्ण उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया। वर्तमान में नित्या राजवाड़े पूरी तरह स्वस्थ है। नित्या के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने चिरायु टीम, पटना सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है।

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित मैनपुर विकासखण्ड के स्कूल भवनों की गुणवत्ता व प्रगति की होगी जांच गरियाबंद  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री बीएस उइके ने दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित शीर्षक स्कूलों की सामने की दीवार चमाचक अंदर फिनिशिंग का काम अधुरा छोड़ा खबर प्रकाशित का संज्ञान लेते हुए तथा उक्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पूर्णता के संबंध में विभिन्न सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त होने पर मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत स्कूल जतन योजना के तहत निर्मित समस्त स्कूलों, भवनों की शिकायतों की जांच हेतु जांच समिति का ओदश जारी किया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मैनपुर, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामिण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी शामिल है। उनके द्वारा स्कुल जतन योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच मय फोटोग्राफ के 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

ठंड–कोहरे का असर: पंजाब में बदलेगा स्कूलों का टाइमिंग, शिक्षा विभाग अलर्ट

फाजिल्का पंजाब के स्कूलों का समय बदलने को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी के नेता दुपिंदर ढिल्लो, कुलदीप सिंह सभ्रवाल, बलविंदर सिंह, जगनंदन सिंह, परमजीत सिंह सोरेवाला, इंकलाब सिंह गिल, सुरिंदर कंबोज, गुरमीत सिंह ढाबा, हरजिंदर सिंह धालीवाल ने घने कोहरे व मौसम में अचानक हुए बदलाव को देखते हुए पंजाब सरकार व डिप्टी कमिश्नर फाजिल्का से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग की है।  उन्होंने कहा कि फाजिल्का जिले के अध्यापक पूरे पंजाब के अलग-अलग जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और फाजिल्का के भी बहुत से अध्यापक ऐसे हैं जो आस-पास के दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और रोजाना अप-डाउन भी करते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों में हुए बहुत ही भयानक हादसों के कारण हमारे अध्यापक साथियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव और घने कोहरे की वजह से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतज़ाम और आने-जाने के इंतजाम को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदला जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।  उन्होंने कहा कि घने कोहरे और ठंड की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की सेहत का ध्यान रखना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी फाजिल्का के नेताओं ने कहा कि इस हालात को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने का समय बदलकर सुबह 10 बजे किया जाना चाहिए। इस मौके पर अमनदीप सिंह, धरमिंदर गुप्ता, सुखविंदर सिंह सिद्धू, अशोक सरारी, सुनील गांधी, अमन बराड़, सतिंदर सचदेवा, दलीप सिंह सैनी, निशांत अग्रवाल, सुखविंदर गांधी और दूसरे नेता मौजूद थे। 

भोपाल के पांच प्रमुख रूटों पर दौड़ेंगी ई-बसें, यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV निगरानी, विशेष वर्ग को मिलेगी राहत

भोपाल शहर में मार्च-अप्रैल-26 में संचालित होने वाली ई-बसें पांच रूटों पर चलेंगी। इन रूटों पर चलने वाली 100 बसों में 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को लाभ मिलेगा। 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च इन बसों के संचालन एवं चार्जिंग के लिए कस्तूरबा नगर व संत हिरदाराम नगर में अत्याधुनिक डिपो के निर्माण, विद्युत सहित अन्य कामों पर करीब 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी शनिवार को फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार और ई-बस सेवा के लिए डिपो के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों में केन्द्र शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहित चढ़ने के लिए आटोमेटिक लिफ्ट प्रावधानित है। होंगी ये सुविधाएं इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा एवं विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में आधुनिकतम आईटीएमएस व्यवस्था अंतर्गत बसों की रीयल टाइम ट्रेकिंग, सीसीटीवी कैमरा का लाइव फील्ड, जीपीएस डिवाइस, पेनिक बटन, पैसेंजर काउंटर एवं पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम संस्थापित किए जाएंगे। लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल करेंगे और जनसंख्या घनत्व के मान से पांच रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।