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मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे, आज सीएम डॉ. मोहन यादव देंगे सरकार की कामकाजी रिपोर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर आज राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार के काम और उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करेंगे। 13 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. यादव ने शासन में तेजी, पारदर्शिता और जनकल्याण पर विशेष जोर दिया। दो वर्षों में सरकार ने विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्योगों पर केंद्रित योजनाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद की है। किसानों के लिए भावांतर योजना, पशुपालन प्रोत्साहन, खेतों में सौर संयंत्र लगाने की पहल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ी हुई राशि, 35 प्रतिशत आरक्षण और नारी सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं ने उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। युवाओं के लिए नई पुलिस भर्ती, स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े पैमाने पर पदों का सृजन, सीएम राइज स्कूलों को सांदीपनि मॉडल में विकसित करना और साइबर तहसील, ई-चेक गेट व संपदा-2.0 जैसे डिजिटल सुधार सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। बुनियादी ढांचे में पीएम मित्र पार्क, मुरैना सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट, केन-बेतवा लिंक, रेलवे कोच निर्माण, उज्जैन मेडिसिटी, एयर एम्बुलेंस सेवा, पांच नए एयरपोर्ट और इंदौर मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में श्रीकृष्ण पाथेय, श्रीराम राजा लोक, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, प्रमुख शहरों में महानाट्य, डोंगला वैद्यशाला, तारामंडल और 19 क्षेत्रों में शराबबंदी जैसे निर्णय भी ऐतिहासिक रहे हैं। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री इन सभी पहल और प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे और आने वाले समय के लिए नई रूपरेखा भी प्रस्तुत करेंगे।  

बाबा रणजीत की प्रभातफेरी में 7 लाख श्रद्धालुओं का उमड़ा आस्था का सैलाब, 4.5 किमी का सफर 7 घंटे में पूरा

इंदौर  इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली, जिसमें दो लाख से अधिक लोगों जुटे। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की ऊर्जा कम होने का नाम नहीं ले रही थी। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ति में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आया। रणजीत अष्टमी के मौके पर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर से रणजीत बाबा की विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। स्वर्ण रथ पर विराजित बाबा के दर्शन पाने के लिए 5.2 डिग्री सेल्सियस की ठंड में छह से सात लाख भक्त पहुंचे। इतनी भीड़ होने के कारण यात्रा को 4.5 किलोमीटर सफर में 7 घंटे का समय लगा।  रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ था। रथ के आगे भजन मंडल, नृतक दल, नासिक ढोल पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नजर आए।सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान भव्य आतिशबाजी हुई। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंची।  प्रभातफेरी द्रविड़ नगर, महू नाका, दशहरा मैदान और अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए वापस मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई थी, जो दोपहर करीब 12 बजे संपन्न हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास के मुताबिक, यात्रा में 3 झांकियां शामिल की गई थीं। एक में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए राम दरबार, दूसरे में माता अंजनि की गोद में भगवान हनुमान लला और तीसरे में रणजीत लोक का प्रेजेंटेशन दिखाया गया। 71 भजन मंडली भी आई थीं। इनमें तीन महाकाल की मंडली थी। यात्रा के बाद सवा लाख रक्षा सूत्र बांटा जाना है। कुछ आज तो बाकी रोज बांटे जाएंगे। रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया गया था। जिसे भक्तों ने खूब सराहा। इसके अलावा 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलीं। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चले। कुछ भक्त झाड़ू भी लगा रहे थे।  तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित थे प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। शुक्रवार सुबह तीन बजे से फूटीकोठी, उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहा।  पांच सौ पुलिस जवान रहे तैनात रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी किए। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा का घेरा बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहे और गलियों में बैरिकेड लगाए गए थे।  आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तैयार प्रभातफेरी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 एम्बुलेंस नरेंद्र तिवारी मार्ग, महू नाका चौराहा और दशहरा मैदान पर तैयार रखी गई थीं। 3 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी तैनात थीं। मार्ग पर बने सभी मंच लेफ्ट साइड पर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रभातफेरी में सबसे आगे पुलिस बल, प्रचार वाहन, बैनर, बैंड, ध्वज वाहक, झांकियां, महाकाल मंडलियां, महिला मंडल, एलईडी झांकियां, अतिथि वाहन और अंत में रणजीत बाबा का स्वर्ण रथ था। इसके बाद सफाई टीम और एम्बुलेंस चल रही थी।

हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार ने 4 प्रमुख मांगें मानीं, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से देर रात मीटिंग

चंडीगढ़  हरियाणा के हड़ताली डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच वीरवार रात सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के डॉक्टर देर रात काम पर लौट आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में राज्य सरकार और एसोसिएशन के बीच करीब पांच घंटे चली बैठक में मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) पर तो सहमति नहीं बनी, मगर उसकी सरकार ने विकल्प के तौर पर आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन व इलाज करने पर इन्सेंटिव देने का प्रस्ताव दिया। इस पर डॉक्टरों की सहमति बन गई। बाकी तीन अन्य मांगों पर भी राज्य सरकार और डॉक्टरों के बीच सहमति बन गई। बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डा. मनीष बंसल ने बताया, आयुष्मान योजना पर इन्सेंटिव का प्रारूप तैयार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें एसोसिएशन का एक सदस्य भी शामिल होगा। यह समिति अन्य राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों की जांच कर एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौपेंगी। अन्य मांगों में एसएमओ की सीधी भर्ती पर भी सहमति बन गई है। इस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद उचित अवधि के भीतर लागू किया जाएगा। कमेटी में सरकारी अधिकारियों के साथ एसोसिएशन का एक पदाधिकारी भी होगा। सरकार की ओर से इसको लेकर लिखित आश्वासन दिया है। एसोसिएशन के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के साथ गुरुवार देर रात बैठक हुई। इसमें सरकार ने चार मुद्दों पर सहमति जताई है। इसके बाद डाक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही चार दिन से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई। आज से सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री के साथ 2.5 घंटे चली मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ डाक्टरों की ढाई घंटे चली बैठक में पहले तो काफी देर तक एश्योर्ड करियर प्रमोशन पर पेंच फंसा रहा। एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. राजेश ख्यालिया ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMO) की सीधी भर्ती रोकने पर सरकार सहमत है, पर एसीपी पर भी स्थिति स्पष्ट की जाए। एसीपी की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। इन चार मुद्दों पर बनी सहमति…     एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने के लिए संशोधन होगा : एसएमओ की सीधी भर्ती को रोकने के लिए सेवा नियमों में संशोधन के संबंध में माननीय सीपीएस टू सीएम द्वारा 5 दिसंबर को हुई बैठक में लिया निर्णय, अन्य राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद उचित अवधि के भीतर लागू किया जाएगा।     आयुष्मान प्रोत्साहन योजना शुरू होगी : आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रोत्साहन योजना शुरू करने पर सहमति बनी। इसकी रूपरेखा एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें एचसीएमएस एसोसिएशन का एक सदस्य भी होगा। समिति अन्य राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं और एनएचए द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जांच करेगी। एक महीने में सरकार को प्रस्ताव देगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती का मुद्दा उठाया : डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें समयबद्ध अवधि में एसीपी नहीं मिल पाता। इस पर सहमति बनी कि यदि सरकार नई भर्ती चिकित्सा अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात नहीं करती है, तो शहरी स्वास्थ्य सुविधा में तैनाती के कारण उन्हें प्रथम एसीपी मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। हुए     हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा : डॉक्टरों की अनुपस्थिति को देय अवकाश माना जाएगा, बशर्ते कि एचसीएमएस एसोसिएशन भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं करेगा।

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर

रायपुर : स्कूलों के प्रति प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की जरूरत, संसाधनों की कोई कमी नहीं – गजेंद्र यादव स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दिया जोर शाला निरीक्षण के लिए विभाग द्वारा निर्मित ऐप को लांच किया बिलासपुर संभाग के शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा शिक्षा गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणाम आधारित कार्य हमारी प्राथमिकता – मंत्री गजेंद्र यादव रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। यादव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर मंत्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी। स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके। शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है। बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए। बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया। सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें बैठक में मंत्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए। पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का जिम्मा मंत्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी ने आजमगढ़ बैठक में लापता मतदाताओं की संख्या पर जताई चिंता, SIR अभियान को तेज करने के आदेश

आजमगढ़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान आजमगढ़ जिले में 'लापता मतदाताओं की संख्या' को लेकर चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे सभी मतदाताओं तक पहुंचें. मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ मंडल के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुभासपा (सुभेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष अरविंद राजभर ने कहा कि प्राथमिक एजेंडा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत डाटाबेस सौंपा और संदेहास्पद रूप से अधिक संख्या में लापता मतदाताओं पर चिंता व्यक्त की. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जमीन स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करें और जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं, उनका नाम जोड़ना सुनिश्चित करें. राजभर ने कहा कि फर्जी मतदाताओं को हटाना, जिले के बाहर रहने वाले वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना और मृतकों को चिह्नित करना बेहद आवश्यक है. वास्तविक मतदाताओं  को शामिल करने का लक्ष्य इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित थे. बांसडीह की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि बैठक में मंडल में विकास कार्यों की प्रगति और SIR अभियान की स्थिति की समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हटाएँ और लापता मतदाताओं को खोजें, ताकि सभी वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके. जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें. फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है.  

रायपुर: नवसंकल्प ने फिर रचा इतिहास, जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन

रायपुर : नवसंकल्प ने फिर लिखा इतिहास-जशपुर जिले के 63 होनहारों का छत्तीसगढ़ पुलिस में चयन सीएम  विष्णुदेव साय के गृह जिले की प्रतिभा ने बजाया सफलता का बिगुल डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत रायपुर नवसंकल्प के 63 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में चयन हुआ है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जशपुर की मिट्टी, मेहनत, संघर्ष और नवसंकल्प की विशिष्ट शिक्षण परंपरा का उज्ज्वल परिणाम है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में डीएमएफ मद से संचालित नवसंकल्प शिक्षण संस्थान ने एक बार फिर अभूतपूर्व सफलता अर्जित करते हुए जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।  डीएमएफ मद से संचालित संस्था बनी युवाओं की सबसे बड़ी ताकत        कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ तथा एसएसपी ने कांस्टेबल परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि युवाओं की लगन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। एसएसपी द्वारा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शारीरिक प्रशिक्षण व्यवस्था कराई गई थी, जिसका लाभ चयन प्रक्रिया में स्पष्ट रूप से दिखा। भारी संख्या में युवाओं का चयन जशपुर जिले के लिए गर्व का अद्वितीय क्षण है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस संस्थान की नींव केंद्रीय मंत्री रहते हुए रखी थी, जो आज जिले के युवाओं के लिए एक वरदान बन चुका है। नवसंकल्प ने केवल प्रतियोगी तैयारी ही नहीं करवाई, बल्कि अनुशासन, लक्ष्य, वातावरण और संकल्प देकर युवाओं में नई ऊर्जा भरी। इन सफल उम्मीदवारों में कई अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। नवसंकल्प ने उनके सपनों को दिशा दी, पंख दिए और जशपुर का नाम एक बार फिर प्रदेश में गौरव के साथ ऊँचा कर दिया।     नवसंकल्प की प्राचार्या एवं जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि कुल तीन बैचों में 150 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया था। इनमें से 45 युवा पहले ही नगर सैनिक में चयनित हो चुके हैं तथा इस बार 63 युवाओं ने पुलिस कांस्टेबल पद पर चयन पाकर जशपुर को गौरवान्वित किया है। चयन दो चरणों-100 अंकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और 100 अंकों की लिखित परीक्षा, कुल 200 अंकों की मेरिट के आधार पर हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहे। नवसंकल्प के पूर्व प्राचार्य ने भी अपने कार्यकाल में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।        नवसंकल्प के कोर मेम्बर तथा संकल्प के प्राचार्य द्वारा नियमित प्रेरणा कक्षाएं लेकर छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया गया। छात्रों को दैनिक शारीरिक प्रशिक्षण कराया गया, जिससे परीक्षाओं में उन्हें विशेष लाभ मिला। वहीं समन्वयक सहित अनेको प्रबुद्धजनों ने भी छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए सफलता की बधाई दी है।

आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला: श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : सेवा भाव से बनाइए लोगों के बीच अपनी साख: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल आयुर्वेद सिर्फ विषय नहीं, यह जीवन जीने की कला:  श्याम बिहारी जायसवाल रायपुर "आयुर्वेद की विधा विश्व की सबसे पुरानी विधा है और आयुर्वेद पद्धति में सभी रोगों की दवा मौजूद है, यही वजह है कि इसका जिक्र वेदों और पुराणों में भी है। आप सभी ऐसा सेवा भाव दिखाइए की लोगों के बीच आपकी स्वाभाविक साख बने क्योंकि आयुर्वेद सिर्फ एक विषय नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की कला भी है।" यह बातें स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधारी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों से कहा। उन्होंने कहा कि आप सभी भविष्य के चिकित्सक हैं इसलिए ऐसा इलाज करिएगा की लोग आयुर्वेद के प्रति आकर्षित हों और खुद आपके पास चलकर आएं।  इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से खुलकर चर्चा भी की और अपनी मांगों को भी रखा। उनकी बातें सुनकर स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेद महाविद्यालय में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने तथा संसाधनों को लगातार बेहतर करते रहने का आश्वासन दिया।   श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भ्रमण भी किया और विभिन्न विषयों के प्रयोगशालाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा छात्रों के लिए प्रयोगशाला रीढ की हड्डी के समान है जिसकी वजह से आपका पूरा ज्ञान निखरकर सामने आता है।  इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, आयुष विभाग की संचालक सु संतन देवी जांगड़े , महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जोशी समेत आयुष विभाग के अधिकारी तथा महाविद्यालय के अध्यापक उपस्थित थे।

रायपुर: मंत्री राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का विधिवत शुभारंभ किया

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जीपीएम जिले में पुलिस चौंकी कोडगार और सिवनी का किया विधिवत शुभारंभ रायपुर जीपीएम जिले के प्रभारी और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जिला प्रवास के दौरान पुलिस चौंकी कोडगार और पुलिस चौंकी सिवनी का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कोडगार चौंकी में पहला रोजनामचा लिखकर इसकी औपचारिक शुरुआत की, जिससे इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने का नया युग शुरू हो गया है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में पुलिस चौंकी स्थापित होने से स्थानीय जनता की सुरक्षा व्यवस्था काफी सशक्त और सुव्यवस्थित होगी। इससे क्षेत्रवासियों को पुलिस सहायता जल्दी एवं आसानी से उपलब्ध हो सकेगी, जिससे जनजीवन में सुधार होगा। उन्होंने लोगों से गुजारिश की कि वे छोटी-मोटी विवादों और आपसी मतभेदों को आपसी समझौते से सुलझाएं और पुलिस को ऐसे मामलो में शामिल करने से बचें, क्योंकि इससे सामाजिक सौहार्द बरकरार रहेगा। मंत्री  अग्रवाल ने पुलिस चौंकी की इस सौगात के लिए क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी और आश्वासन दिया कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा एवं कलेक्टर मती लीना कमलेश मंडावी ने भी इस दूरस्थ क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पुलिस सुविधा की मांग पूरी होने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में कानून व्यवस्था और बेहतर होगा। पुलिस अधीक्षक  एस आर भगत ने इस मौके पर विस्तार से पुलिस चौंकियों के सेटअप, ग्रामों की संख्या तथा चौंकी क्षेत्र की सीमा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य शासन द्वारा पुलिस चौंकियों की स्थापना कराई गई है, जो क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएंगी। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष  मुकेश दुबे, जिला पंचायत सदस्य मती राजमति भानू और  पवन पैकरा, सरपंच मती फूलकुंवर, अनेक गणमान्य नागरिक एवं जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  ओम चंदेल ने आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ

रायपुर : आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संभाग स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का किया विधिवत शुभारंभ बस्तर संभाग के सातों जिलों और नुवाबाट के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर अग्रसर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर आपका मुख्यमंत्री आपके समाज के बीच का है, आपका भाई है….आप आगे बढ़ें, सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर ओलिंपिक 2025 के तहत संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने आज जगदलपुर के स्थानीय इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने समूचे बस्तर संभाग के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप बस्तर अब शांति, समरसता और समृद्धि की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है और प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने बड़ी संख्या में इस महती आयोजन में भाग लेकर इसे सफल और ऐतिहासिक बनाया है। सबसे अधिक हर्ष की बात यह है कि बस्तर ओलम्पिक में नुवाबाट के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर इसे एक विशेष आयाम प्रदान किया है। बड़ी संख्या में बेटियों और बहनों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि बस्तर में महिला सशक्तिकरण नई दिशा ले रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें विकास में सहभागी बनाने के लिए कटिबद्ध है। यही कारण है कि बस्तर के युवा लोकतंत्र में आस्था एवं विश्वास के साथ आगे आ रहे हैं और विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता के विजेता आने वाले समय में खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार बस्तर के युवाओं को बेहतर अवसर एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक स्पर्धाओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः तीन-तीन करोड़, दो करोड़ तथा एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल अधोसंरचना को और मजबूत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को उचित मंच मिल सके। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल जितना सिखाता है, उतना ही हार से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के अंदरूनी इलाकों के युवाओं को अधिक अवसर देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है और भविष्य में यह पहल और अधिक सशक्त रूप में जारी रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप और ओलम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ी पद्म एम.सी. मेरीकॉम ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और शुभकामनाएँ दीं। संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, सु तनुजा सलाम ने स्वागत उद्बोधन में अवगत कराया कि बस्तर ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और बस्तर जिले के साथ ही नुवा बाट के करीब तीन हजार पाँच सौ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह बस्तर के लिए गौरव का क्षण है और बस्तर के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है। बस्तर ओलम्पिक में तीन स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष के 1,65,000 प्रतिभागियों की तुलना में इस वर्ष 3,92,000 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 2,27,000 से अधिक महिला प्रतिभागी शामिल हैं – यह बस्तर में परिवर्तन की नई बयार है। कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन और आतिशबाजी के साथ हुई। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत माता रूकमणी कन्या आश्रम तथा अन्य विद्यालयों की छात्राओं द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा एवं खुशबू नाग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिलों के नोडल अधिकारी, खेल अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। पूवर्ती के खिलाड़ी विजय डोडी और ओरछा सलोनी बनीं मशालवाहक बस्तर ओलम्पिक 2025 की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रीगण तथा बॉक्सर पद्म मेरी कॉम द्वारा किया गया। हजारों दर्शकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलम्पिक की मशाल प्रज्ज्वलित की। इसके बाद यह गौरवशाली मशाल सुकमा जिले के सुदूर अंचल पूवर्ती के प्रतिभावान खिलाड़ी विजय डोडी और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक की निवासी सलोनी कवाची को सौंपा गया। कबड्डी खिलाड़ी विजय डोडी और खो-खो खिलाड़ी सलोनी कवाची ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और गौरव के साथ ग्राउंड की परिक्रमा करते हुए मशाल को मुख्य प्रज्वलन स्थल तक पहुंचाया। यह क्षण सुकमा और नारायणपुर जिलों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक था – जब माओवाद-प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ हजारों दर्शकों के सामने दौड़ रहे थे। दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान चरम पर पहुंच गया। संभागभर से पहुंचे हजारों खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बस्तर ओलम्पिक के इस भव्य उद्घाटन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बस्तर की माटी में असीम खेल प्रतिभाएं जन्म ले रही हैं और राज्य सरकार तथा प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इन प्रतिभाओं को राष्ट्रीय … Read more

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

रायपुर : गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।” मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान राम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु रामलला का दर्शन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया। इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।