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रायपुर : धान बिक्री से मिले पैसों से किसान जगतराम चौहान करेंगे बेटे की शादी

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुंवा के किसान जगतराम चौहान ने अपनी धान उपज को धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में बेचकर एक बड़ी खुशी को साकार करने की तैयारी शुरू कर दी है। लगभग 3 एकड़ भूमि में अपनी मेहनत की कमाई धान की बिक्री से प्राप्त राशि और अपनी जमा पूंजी को मिलाकर वे अपने बेटे की शादी करने का सपना पूरा करेंगे।           किसान जगतराम चौहान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिलने से किसान बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की अनुमति हेतु विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ऑनलाइन टोकन सिस्टम से अब प्रक्रिया अत्यंत आसान हो गई है। पहले टोकन लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे ही टोकन प्राप्त किया जा सकता है।         धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र में बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, हमालों की उपलब्धता, पीने का पानी, अच्छा बारदाना और अन्य सुविधाएँ किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देतीं। किसान जगतराम चौहान की यह सफलता कहानी न केवल सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि किसानों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी प्रमाण है।

हरियाणा :डॉक्टरों की स्ट्राइक से तीन जिलों में व्यवस्था बाधित, CMO ने कहा- हड़ताल विफल

हिसार  हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा चिकित्सा सेवा संघ (एचसीएमएसए) के बैनर तले उन्होंने दो दिन का सामूहिक अवकाश लिया है। चिकित्सा सुविधा ना मिलने से लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि सभी जिला अस्पतालों को छूट दी गई है कि वे आवश्यकतानुसार बाहर से स्पेशलिस्ट डॉक्टर बुला सकेंगे। इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), डेंटल, आयुष विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी भी हड़ताल के दौरान ओपीडी में लगाई गई है। दूसरी ओर हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों का कहना है कि सोमवार व मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखी जाएंगी।  सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। वहीं, गुरुग्राम की सीएमओ डॉ. अलका सिंह ने बताया कि आपातकालीन सेवाएं पूर्व की भांति चालू रहेंगी। गंभीर और भर्ती मरीजों के उपचार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इलेक्टिव सर्जरी नहीं की जाएंगी। एचसीएमएसए के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि उनकी तरफ से कई बार बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का मौका दिया जा चुका है। काफी समय से इन मांगों की तरफ से किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब हड़ताल के दौरान आने वाली परेशानी को लेकर एसोसिएशन नहीं बल्कि सरकार जिम्मेदार होगी। हां जिला वाइज जानिए कैसा रहा हड़ताल का असर…. कैथल : डॉक्टरों की हड़ताल पूरी तरह से असफल रही। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। हालांकि कैथल के करीब 50 डॉक्टर हड़ताल पर रहे, लेकिन उतने ही डॉक्टरों को बाहर से बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। इस संबंध में सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिनेश कंसल ने कहा कि इलाज रोजाना की तरह सुचारू रहा। सभी तरह के टेस्ट, इमरजेंसी सेवाएं व ऑपरेशन सुचारू रहे। फतेहाबाद : फतेहाबाद में हड़ताल का कोई ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। 70 में से 67 डॉक्टर हड़ताल पर रहे हैं। 10 डॉक्टर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से बुलाए गए हैं। जिनके जरिए ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं जारी रही। फतेहाबाद में चर्म रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी प्रभावित रही। सीएमओ डॉ.बुधराम ने कहा है कि मरीजों को अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। व्यवस्था सही चल रही है। हिसार : हिसार की चीफ मेडिकल ऑफिसर(CMO) डॉक्टर सपना गहलावत ने हिसार में नागरिक अस्पताल में 1600 से 2000 तक की ओपीडी रोजाना होती है। डॉक्टरों की हड़ताल का असर न हो इसके लिए तमाम बंदोबस्त किए हैं। सीएमओ ने बताया कि हमने आयुष के डॉक्टर और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की भी मदद ली है। हिसार जिले में 157 डॉक्टरों में से 22 फिलहाल ड्यूटी पर हैं। सीएमओ ने बताया कि हम हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं कि वह ड्यूटी पर वापस आएं। गुरुग्राम: गुरुग्राम में 70 फीसदी डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अकेले जिला अस्पताल में सोमवार को 2 से ढाई हजार को ओपीडी होती है। पीएमओ डॉक्टर लोकवीर ने डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर बताया कि रात में ही सरकार की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए थे। ओपीडी, लेबर रूप, इमरजेंसी आदि सभी सेवाएं चल रही है। डॉक्टर सभी मरीजों को देख रहे है। आयुष और अन्य डॉक्टरों की मदद से सभी सुविधाएं चल रही है। डॉक्टरों की दो मांगें -पहली सीधी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की भर्ती रोकना। -पहले से ही स्वीकृत किए गए संशोधित संवर्धित सेवा संवितरण (एसीपी) संरचना की अधिसूचना जारी करना। डॉक्टरों के साथ बातचीत जारी है। लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे। -कुलदीप सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक। 

सीएम योगी का मुरादाबाद दौरा: विकास योजनाओं पर अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक

मुरादाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को मुरादाबाद दाैरे पर पहुंचे। सर्किट हाउस पहुंचने के बाद उन्होंने मंडल के जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी है।  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पश्चिमी यूपी के तीन जिलों के दाैरे पर हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने मुरादाबाद से की है। बरेली से उनका हेलिकाॅप्टर सुबह 11:15 मुरादाबाद सर्किट हाउस पहुंचाया। वह यहां पर एक घंटे तक रहेंगे। सर्किट हाउस में होने वाली बैठक में मंडलभर के जनप्रतिनिधि को बुलाया गया है। इनके अलावा बैठक में जिले के अफसरों भी माैजूद हैं।संभावना है कि एसआईआर के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी खाका खींचेंगे।  बैठक के बाद वह गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था चौकस मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं। सर्किट हाउस को रविवार रात में ही पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। सर्किट हाउस के पास फायर ब्रिगेड सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिला पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए दो एएसपी, तीन सीओ, छह इंस्पेक्टर, 28 उपनिरीक्षक, 73 सिपाही और 17 महिला सिपाही सहित 200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। पुलिसकर्मियों को सर्किट हाउस हेलीपैड, सभागार के बाहर और सर्किट हाउस गेट के साथ ही आसपास रोड पर तैनात किया गया है। सर्किट हाउस गेट पर जांच के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश की सुरक्षा के लिए योगी की जनता से अपील, घुसपैठियों की पहचान में मदद करें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी रूप में अवैध घुसपैठ स्वीकार नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि राज्य के संसाधनों पर पहला और एकमात्र अधिकार यहां के मूल नागरिकों का है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई अब एक अनिवार्यता बन गई है। सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान के लिए अभियान सीएम योगी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किए हैं। निकायों को अपने क्षेत्रों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ड्रोन और सैटेलाइट से होगी निगरानी अवैध कब्जों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक संस्थानों और जमीनों पर अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए ड्रोन, मल्टीसेन्सर तकनीक और सैटेलाइट सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है। इस हाई-टेक निगरानी से घुसपैठियों और अवैध कब्जों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। हर मंडल में बनेंगे डिटेंशन सेंटर सरकार ने चिन्हित घुसपैठियों के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीएम योगी के अनुसार, पहचान किए गए अवैध नागरिकों को डिटेंशन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रदेश के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि अवैध नागरिकों को समाज से अलग रखा जा सके और नियमानुसार कार्रवाई हो। नागरिकों से सत्यापन की अपील मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेश के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी को काम पर रखने या किराए पर मकान देने से पहले उसकी पहचान का सत्यापन अवश्य करे। सरकार का यह कदम न केवल आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मिले।

एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की आबकारी नीति से निवेश को रफ्तार, रोजगार सृजन के खुले नए आयाम एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश राजस्व वृद्धि के साथ निवेश से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में बड़ा योगदान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी और निवेशोन्मुखी आबकारी नीति ने वर्ष 2025 में प्रदेश की राजस्व प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एथेनॉल उत्पादन और बिक्री में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल औद्योगिक गतिविधियों को तेज किया है, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष श्रेणी में स्थापित किया है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बिक्री और निवेश प्रस्तावों में तेजी इस बात का संकेत है कि राज्य की अर्थव्यवस्था नए दौर में प्रवेश कर रही है। एथेनॉल उत्पादन ने बनाया नया कीर्तिमान उत्तर प्रदेश में नवंबर 2025 तक 141.8 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के संरचनात्मक सुधार, तकनीकी अनुकूलता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से शराब, बीयर, वाइन व एल्कोहल आधारित उद्योगों में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 105.25 करोड़ लीटर और प्रदेश से बाहर 40.96 करोड़ लीटर एथेनॉल बिक्री ने उत्तर प्रदेश को एथेनॉल सप्लाई का भरोसेमंद केंद्र बनाया है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी एथेनॉल उत्पादक प्रदेशों में स्थापित हो चुका है। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिला, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं। आबकारी क्षेत्र में निवेश से अर्थव्यवस्था को मजबूती   उत्तर प्रदेश में अल्कोहल आधारित उद्योग के क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट समूहों से लेकर मध्यम सेक्टर उद्योगों तक के निवेशक यूपी में अपने परियोजनाओं को विस्तार दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इंवेस्ट यूपी के अंतर्गत अब तक 125 समझौते साइन हुए हैं, जिसके तहत 3,07,35 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। वहीं 43 रेडी-टू-लॉन्च प्रोजेक्ट हैं जिनके लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। इसके माध्यम से 6898.88 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। इनवेस्ट यूपी के तहत वर्तमान में 19 प्रोजेक्ट संचालित हैं इसमें 2900 करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। इन परियोजनाओं ने 4800 से अधिक रोजगार भी सृजित किए हैं। गैर एमओयू के तहत 28 प्रोजेक्ट संचालित हैं जिसमे 2752 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।  रोजगार सृजन से युवाओं को नया अवसर आबकारी क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों से 9940 से अधिक रोजगार अवसर बनने की संभावना है। यह योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें औद्योगिक विकास को सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जोड़ा गया है। इससे स्थानीय युवाओं को उनके ही प्रदेश में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और औद्योगिक आधार मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का यह सशक्त प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ सरकार की आर्थिक दृष्टि, राजस्व प्रबंधन क्षमता और औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

अनामिका सिंह का बड़ा कदम, यूपी की तेज-तर्रार IAS अफसर ने लिया VRS

लखनऊ  2004 बैच की IAS अफसर अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है. अनामिका सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थीं, लेकिन NOC न मिलने के कारण उन्होंने VRS का फैसला किया. अनामिका सिंह इससे पहले नीति आयोग में डायरेक्टर पद पर तैनात रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी छवि एक सक्षम और सक्रिय अधिकारी की रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र में प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है. अनामिका सिंह यूपी के तेज तर्रार अफसर मानी जाती थीं. उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में अलग-अलग विभागों में अहम जिम्मेदारी निभाई हैं. अनामिक सिंह साल 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. हाल ही में उनका नाम चर्चा में आया था, जब उन्हें बरेली मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया गया था. लेकिन तबादले के दो दिन बाद भी उनके बरेली आने की कोई जानकारी नहीं मिली थी, इसी बीच शाम को एक और लिस्ट आई जिसमें उनके तबादले को रद्द कर दिया गया था.

मुस्लिम बनकर शादी की थी तैयारी, अब शुभम गोस्वामी के नाम से करेंगे वापसी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अमन ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। तीन साल बाद भी शादी नहीं हुई तो आहत होकर फिर से हिंदू धर्म में घर वापसी होगी। गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी होगी। इसके पहले मंत्रोचारण के साथ उनका मुंडन कराया जाएगा फिर विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश कराया जाएगा। गुफा मंदिर में महंत और कर्मकांडी ब्राम्हण घर वापसी कराएंगे। अमन खान से शुभम गोस्वामी के नए नाम के साथ घर वापसी होगी। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद धोखा बताया जाता है कि तीन साल पहले अमन हिंदू था। मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़कर और शादी के लिए शुभम मुस्लिम बन गया था। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद भी शादी नहीं कराने का आरोप लगाया है। प्रेम में धोखा खाने और आहत होकर घर वापसी कर रहे है। 

सदन में जोरदार विवाद, amid uproar पेश हुआ अनुपूरक बजट; 9 दिसंबर तक कार्यवाही रुकी

रांची आज यानी 8 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 7721.25 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। वहीं, सदन की कार्यवाही 9 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि आज सत्र हंगामेदार रहा। सदन शुरू होते ही विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सीधे बेल में पहुंच गए। विपक्ष के विधायक छात्रवृत्ति, धान क्रय और अन्य जनसमस्याओं को लेकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ने बार-बार विपक्ष को अपनी सीटों पर लौटने और व्यवस्थित तरीके से मुद्दों को उठाने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा। विपक्ष की ओर से तीखी नारेबाजी के चलते सदन का माहौल पूरी तरह शोर-गुल में बदल गया। लगातार हो रहे हंगामे के कारण स्पीकर ने कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना संभव न देखते हुए सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। सुबह के स्थगन के बाद दोपहर 12:00 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी विधायक वेल में घुस गए और हंगामा और नारेबाजी करने लगे। हंगामा और नारेबाजी के बीच ही स्पीकर ने विधायकों से शून्य काल के प्रश्न लिए। उसके बाद ध्यान आकर्षण सूचनाओं पर भी चर्चा कराई और प्रभारी मंत्रियों से जवाब दिलवाया।  

सरकारी आदेश के तहत क्रिसमस की छुट्टियों में बदलाव, स्कूलों और CBSE के लिए नया शेड्यूल लागू

जबलपुर  एमपी के कई जिलों में इस बार क्रिसमस पर स्कूलों में लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, केवल दो दिन का अवकाश रहेगा। मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में क्रिसमस पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी होगी, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा, जिसके कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। सरकारी स्कूलों में क्रिसमस पर केवल 25 दिसंबर को एक दिन का अवकाश रहेगा, जिसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। छुट्टी का शेड्यूल जारी जिले के मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में इस बार क्रिसमस पर छात्रों को लंबी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। क्रिसमस पर्व पर केवल दो दिन का अवकाश दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। कई स्कूलों ने इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में लगभग 70 सीबीएसई स्कूल संचालित किए जाते हैं, जिसमें मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में सीबीएसई स्कूलों में 23 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाता था, जो एक या दो जनवरी तक चलता था। लेकिन इस बार छुट्टियों के नियमों में सख्ती की गई है। सरकारी नियमों का पालन जरूरी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा। इसी कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ा है। सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार केवल 1 दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश रहेगा। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा और सभी स्कूल पांच जनवरी से खुलेंगे।