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शासकीय डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई: मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का मामला, एक निलंबन–एक की वेतन कटौती

इंदौर शासकीय अस्पतालों से लाखों रुपये वेतन लेने के बाद भी यहां के डॉक्टर अपनी जेब भरने में ही व्यस्त रहते हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल एमवायएच हमेशा से मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने के लिए चर्चा में रहा है। एक बार फिर निजी अस्पताल में मरीज को भेजने का मामला सामने आया है। मामले में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसी प्रकार ड्यूटी के समय घर पर आराम कर रही महिला सीनियर डॉक्टर को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले अस्पताल में रात के समय रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में एक मरीज इलाज के लिए आया। रातभर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसका इलाज करने के बजाय जमीन पर रखा। इसके बाद उससे कहा कि आयुष्मान कार्ड है तो इंडेक्स अस्पताल में इलाज करवाओ और उसे भेज दिया। मामले में मरीज द्वारा लिखित शिकायत के बाद जांच की गई। जांच में सामने आया कि विभाग में एमसीएच के विद्यार्थी द्वारा मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। इसके एवज में उसे निजी अस्पताल की ओर से राशि भी मिलती है। मामले में जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।   कलेक्टर पहुंचे अस्पताल, ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिली एमवाय अस्पताल में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगती है, वे इस दौरान निजी अस्पताल में रहते हैं या फिर घर पर आराम करते रहते हैं। हाल ही में सिमरोल सड़क हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था, लेकिन इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में कोई ड्यूटी डॉक्टर नहीं था। हादसे के बाद डीन पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं मिला। दो घंटे बाद ड्यूटी पर महिला सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पहुंची। कारण पूछने पर कहा कि घर पर थी। इस बीच कलेक्टर भी पहुंचे। लापरवाही सामने आने के बाद डीन ने महिला डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है। सीनियर डॉक्टर भी गिरोह में शामिल एमवाय अस्पताल में मरीजों को लापरवाही कर निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजने के लिए कई गिरोह बने हुए हैं। इन गिरोह में सीनियर डॉक्टर भी शामिल हैं। उन्हीं के संरक्षण में ड्यूटी डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर द्वारा यह कार्य किया जाता है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर तो अपने ही खुद के अस्पताल में मरीजों को लापरवाही करवाकर ले जाते हैं। इसी प्रकार पेट रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, न्यूरोसर्जरी विभाग आदि से भी मरीज बाहर जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इनके गिरोह में एंबुलेंस संचालक, स्टाफ, आउटसोर्स कंपनी के कर्मचारी भी शामिल रहते हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने कहा कि एमवायएच से मरीज को लापरवाही कर निजी अस्पताल में भेजने के मामले में कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसके साथ ही ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने पर सीनियर रेजिडेंट को बर्खास्त किया गया है। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टीकमगढ़ में बड़ा हादसा: बिजली आते ही खंभे पर चढ़े युवक की मौके पर ही मौत

टीकमगढ़ बिजली सुधार के लिए एक व्यक्ति को लाइनमैन द्वारा खंभे पर चढ़ाया गया। जहां पर खंभे पर चढ़ने के दौरान ही बिजली चालू हो गई। तब वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई। अब नाराज स्वजनों और ग्रामीणों ने लाइमैन पर कार्रवाई के साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया है। जहां पर बल्देवगढ़ के साथ ही आसपास के पुलिस थाना से पुलिसबल पहुंच गया। जहां पर लोगों को समझाइश दी जा रही है। लेकिन लोग चक्काजाम कर अड़े हुए हैं। बताया गया कि बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के सूरजपुर फीडर के लाइनमैन हरिदास अहिरवार द्वारा अपने सहयोगी निजी व्यक्ति मोहन अहिरवार उम्र 35 वर्ष निवासी डूडयन खेरा को 11 केवी लाइन पर विद्युत सुधार कार्य के लिए चढ़ाया गया था। लेकिन लाइन बंद नहीं कराने के कारण यह घटना हुई।   लोगों द्वारा घटना के तत्काल बाद ही गुरुवार को सुबह 7:30 बजे से चक्का जाम कर दिया गया। अब बल्देवगढ़ छतरपुर मार्ग पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह, एसडीओपी राहुल कटरे भी मौके पर पहुंचे हैं।

पशुपालकों के लिए संजीवनी बनी राहत योजना: 59 लाख रुपये से डेयरी सेक्टर को सहारा

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में घोषित इस योजना के तहत होशियारपुर और तारागढ़ गांव के पशुपालकों और डेयरी किसानों को कुल 59 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल पंजाब में पशुपालन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत राजपुरा में 17 लाख रुपये और तारागढ़ में 42 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पंजाब सरकार ने पशुपालकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस वर्ष 204 डेयरी किसानों को 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है। यह राशि 2 से 20 पशुओं वाली डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए दी गई है। इसके अलावा, 9,150 बेरोज़गार युवाओं को डेयरी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त कर सके। प्रदेश भर में 47 राज्य और ज़िला स्तरीय सेमिनार और शिविर आयोजित किए गए है, जिनमें पशुधन किसानों को बीमा योजना के लाभ, दावा प्रक्रिया और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया गया है। यह पहल भागीदारी और विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद सीज़न के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर ज़िले में 3.14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आने की उम्मीद है, जबकि जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर क्रमशः 5.25 लाख, 3.61 लाख और 2.64 लाख मीट्रिक टन का योगदान देंगे। मंत्री ने किसानों द्वारा लाए गए प्रत्येक अनाज को खरीदने की सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब का डेयरी उद्योग उल्लेखनीय परिवर्तन देख रहा है। माझा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्टरलाइज्ड फ्लेवर्ड दूध और लस्सी तथा दही जैसे किण्वित डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह साहसिक कदम उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत करता है। स्थानीय दूध संयंत्र में अपग्रेड की गई सुविधाएं उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगी, जो क्षेत्र और उससे आगे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मूल्य वर्धित दूध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 30,000 पशुओं का बीमा किया गया है और किसानों को 7 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इस योजना के तहत, पशुओं की मृत्यु या बीमारी की स्थिति में किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिलती है। सरकार ने युवाओं को डेयरी खेती के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित करने और विभागीय योजनाओं के बारे में सूचित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि अधिकतम लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके। पशु चिकित्सालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की खरीद और अनुकूलन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा किसानों के दरवाजे पर टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध है, जिसमें रोग निदान, उपचार, टीकाकरण, छोटी शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप और विस्तार सेवाएं शामिल हैं। पंजाब में वर्तमान में पशु चिकित्सा उपचार की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं, जिससे पशुधन रोगों का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन की क्षमता बढ़ रही है। वेरका ब्रांडेड उत्पादों को अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है, जिससे दूध, दही और लस्सी जैसे प्रतिष्ठित उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर की शुरुआत और एक नए शुभंकर ‘वीरा’ सहित नवीन ब्रांडिंग प्रयास उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर ब्रांड दृश्यता को ऊंचा करने के लिए तैयार है। राज्य पारंपरिक पसंदीदा जैसे रबड़ी और काजू बादाम दूध सहित नए डेयरी उत्पादों को भी पेश कर रहा है। ये परिवर्धन उपभोक्ता स्वाद की गहरी समझ और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पिछले डेढ़ साल में पंजाब को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव है और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, जो राज्य के समग्र विकास और समृद्धि को गति दे रहा है। नीदरलैंड स्थित डी ह्यूस कंपनी द्वारा राजपुरा में 138 करोड़ रुपये के पशु आहार संयंत्र की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि पंजाब किस प्रकार निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। यह संयंत्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। 

निजी सचिव पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप तूल पकड़ा, डिप्टी स्पीकर के विधायक ने दिए जांच के निर्देश

जींद  हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा के निजी सचिव मोहित शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला तब गरमाया जब आरटीआई कार्यकर्ता भारत भूषण शर्मा ने मोहित शर्मा की संपत्ति की जाँच की माँग की। इसके बाद एक यूट्यूबर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दावा किया गया कि चीफ सेक्रेटरी ने आईएएस अधिकारी प्रियंका सोनी को इस मामले की शिकायत की है। वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. कृष्ण मिड्डा ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और स्पष्ट शब्दों में कहा, “अभी तक मेरे निजी सचिव मोहित शर्मा के खिलाफ कोई आधिकारिक जाँच नहीं चल रही है। सोशल मीडिया पर चल रही सारी खबरें निराधार हैं। मैं खुद मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर अपने निजी सचिव की संपत्ति की पूरी जाँच करवाऊँगा। मुझे भी सच जानना है कि कहीं मैं अब तक अंधेरे में तो नहीं रहा। जाँच शुरू होते ही मोहित शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा ताकि वे जाँच को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।”   डिप्टी स्पीकर ने यूट्यूबर्स को कड़ी चेतावनी भी दी,“बिना तथ्यों के वीडियो बनाना बंद करें, वरना उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। अगर मेरा निजी सचिव जाँच में दोषी पाया गया तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलेगी।” गौरतलब है कि मोहित शर्मा साल 2009 से मिड्डा परिवार के साथ हैं। पहले वे डिप्टी स्पीकर के पिता डॉ. हरिचंद मिड्डा के निजी सचिव थे। फिलहाल मामला पूरी तरह सुर्खियों में है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र कब स्वीकृत होता है और जाँच कब शुरू होती है।

नक्सल-रोधी अभियान में निर्णायक वार: 18 इनामी नक्सली मारे गए, AK-47 व LMG समेत हथियार जब्त

छत्तीसगढ़ बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. लगभग 20 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने 1 करोड़ 30 लाख रुपये इनामी 18 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हैं, जिनका इलाज रायपुर में जारी है. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने मारे गए नक्सलियों के शवों के साथ बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47, LMG 303 रायफल और ऑटोमैटिक हथियार शामिल हैं. 16 नक्सलियों की हुई पहचान अब तक 18 में से 16 नक्सलियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि दो शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. मारे गए नक्सलियों में 9 पुरुष और 9 महिला माओवादी शामिल हैं. सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है. ऐसे हुआ था मुठभेड़ यह मुठभेड़ बुधवार सुबह 9 बजे उस समय शुरू हुई जब DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

डबल डॉक्यूमेंट विवाद: दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला का फैसला कल, सात साल की सज़ा बना असर का कारण

रामपुर सपा नेता आजम खान व उनके परिवार पर दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पैन कार्ड के बाद अब दो पासपोर्ट के मामले पर लोगों की नजर है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। पासपोर्ट के मामले में अब्दुल्ला अकेले आरोपित हैं। इससे पहले दो जन्म प्रमाण पत्र में आजम खां, उनकी पत्नी और अब्दुल्ला को सजा हुई थी, जबकि दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला को सजा हुई थी। दो पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला जेल में बंद हैं। सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला का राजनीतिक जीवन शुरू होते ही विवादों में घिर गया। वह दो बार विधायक बने, लेकिन दोनों बार विधायकी चली गई। वर्ष 2017 से राजनीति में कदम रखने के बाद वह ज्यादा दिन सत्ता का सुख हासिल नहीं कर पाए। अब तक तीन मुकदमों में सजा हो चुकी है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 17 माह जेल में भी बिताने पड़े। जमानत पर बाहर आए तो 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सजा हो गई। अब फिर से वह पिता के साथ जेल में बंद हैं। पिता की तरह ही अब्दुल्ला पर भी ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। सपा सरकार जाने के बाद वर्ष 2019 में जिले में 42 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही पुराने मुकदमों की फाइल भी खुल गई। इनमें एक मुकदमा मुरादाबाद के थाना छजलैट में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था। इस तरह अब्दुल्ला को 43 मुकदमों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में भी उनके खिलाफ 41 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनमें दो पासपोर्ट का मामला भी है, जिसमें शुक्रवार को फैसला आना है। इस फैसले को जानने के लिए सभी उत्सुक हैं। पासपोर्ट मामले में अकेले अब्दुल्ला के आरोपित होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप सक्सेना का कहना है कि अब्दुल्ला ने अपने पिता मोहम्मद आजम खां के साथ सुनियोजित षड्यंत्र के अन्तर्गत चुनाव नामांकन में आयु संबंधी अयोग्यता छिपाने के लिए कूटरचित मिथ्या विवरण व दस्तावेज प्रस्तुत कर पैन कार्ड संख्या DWAPK7513R जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 का बनवाया और नामांकन पत्र में आयु संबंधी अयोग्यता पूर्ण कर अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए प्रयोग में लाया गया। इस कारण पैन कार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला दोनों मुलजिम बनाए गए थे, जबकि अलग-अलग जन्मतिथि से बने दोनों पासपोर्ट का प्रयोग अब्दुल्ला ने अकेले किया था। उनके द्वारा विदेश यात्राएं की गईं, जिसके कारण वह अकेले आरोपित बनाए गए।  

वाराणसी और सीमावर्ती जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से विकास की बयार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूर्वांचल में विकास और समृद्धि का जो अभियान शुरू हुआ था, अब वह जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। वाराणसी और आसपास के जिलों में धार्मिक-पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों में भी तेज प्रगति हो रही है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में पूर्वांचल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। 2017 से पहले पूर्वांचल को माफियाओं और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी की नीतियों ने इसे विकास का रोल मॉडल बना दिया है।    पूर्वांचल लिख रहा है विकास की महागाथा पूर्वांचल आजादी के बाद से ही विकास के मामले में उपेक्षित रहा है। 2017 में उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी ने पूर्वांचल में विकास के लिए व्यापक रणनीति बनाई। प्रदेश सरकार के अनुसार वर्तमान समय में वाराणसी में 48 चालू परियोजनाएं क्रियान्वित हैं। इसमें से 1,180.95 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इन परियोजनाओं से 3,472 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। आगे 48 नई औद्योगिक परियोजनाएं और स्वीकृत की गई हैं जिनमें 5,702.18 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 12,110 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इस प्रकार कुल मिलाकर 15 हजार से अधिक रोजगार बनने का आधार तैयार हो चुका है।  विकास परियोजनाओं से पूर्वांचल के उद्योगपति उत्साहित  वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की गति तेज हो गई है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर के चौधरी ने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतियों और सुविधाओं का विकास शामिल है। प्रदेश सरकार वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग और उद्योगपति सरकार के प्रयासों से प्रसन्न हैं। औद्योगिक विकास में रोड, ट्रेन और एयर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिल रहा है।  निवेश बढ़ने से उद्योग और लॉजिस्टिक्स का मजबूत ढांचा तैयार वाराणसी और पूर्वांचल के जिलों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। औद्योगिक इकाइयों, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र-उद्योग, घरेलू उत्पादों और हस्तकला आधारित इकाइयों को बढ़ावा दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को भूमि, विद्युत, परिवहन और अनुमति प्रक्रियाओं में सरलता देने से निवेशकों का झुकाव पूर्वांचल की ओर बढ़ा है। भंडारण और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय कृषि-उत्पाद, दूध, सब्जियां, अनाज और फल अब क्षेत्रीय बाजारों के साथ-साथ बड़े शहरों तक पहुंच पा रहे हैं। अकेले वाराणसी में 2017 से अब तक, 35,705.07 लाख रुपये की 79 परियोजनाओं के माध्यम से विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।  एग्री-लॉजिस्टिक्स और ग्रामीण भंडारण से मजबूत हो रही आपूर्ति श्रृंखला पूर्वांचल में कृषि-आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। वाराणसी सहित आसपास के जिलों में कृषि-उत्पादों के संग्रहण, छंटाई, पैकिंग और भंडारण की सुविधा बढ़ाई गई है। गोरखपुर के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाऊनशिप योजना को रेल और सड़क दोनों से कनेक्ट किया जा रहा है। इसे लगभग 5500 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह टाउनशिप 17 गांवों में फैली है। इससे कृषि आधारति उद्योगों को यातायात और कनेक्टिविटी में बहुत सहूलियत होगी। स्थानीय स्तर पर बने बड़े भंडारण केन्द्रों और आपूर्ति-श्रृंखला इकाइयों ने किसानों और छोटे व्यापारियों की आय को सुरक्षित किया है। इसके साथ ही, ग्रामीण स्तर पर बन रहे गोदामों और शीत-भंडारण केन्द्रों से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चा माल पास में ही उपलब्ध हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत कम हो रही है।

कोहली के पैर छूने पहुंचा फैन… फिर पुलिस ने कर दी ऐसी कार्रवाई कि मच गया हंगामा!

रायपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। भारतीय पारी के दौरान ड्रिंक्स ब्रेक में एक युवक अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़कर मैदान में घुस आया और विराट कोहली के पैर छूए। हालांकिस सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। अब यह अपडेट सामने आया है कि पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखाई देता है कि सुरक्षाकर्मी युवक को कंधे पर उठाकर मैदान से बाहर ले जा रहे हैं, जबकि स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस सारी घटना को शोर और हंसी के बीच देख रहे थे। आरोपी की पहचान चंदप्रकाश बंजारे (निवासी: नकटा गांव) के रूप में हुई है। मंदिर हसौद थाना पुलिस ने इस घटना के बाद उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ में युवक ने खुद को विराट कोहली का कट्टर प्रशंसक बताया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कोहली का कोई फैन सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर मैदान में घुसा हो। रांची वनडे में भी एक फैन उनके चरणों में लेट गया था, जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। विराट कोहली ने रायपुर में जड़ा 53वां ODI शतक मैच में विराट कोहली ने अपना 53वां ODI शतक जमाते हुए 102 रन बनाए, जबकि भारत ने 359 रन का लक्ष्य दिया था। शानदार पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य आखिरी ओवर में हासिल कर लिया।

खेल समय बर्बाद करने का नहीं, हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम हैं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में खेलों की अहम भूमिका है : सीएम योगी आदित्यनाथ   मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के (ग्रीको रोमन) कुश्ती के विजेताओं को पुरस्कृत किया  गोरखपुर   वीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कालेज, गोरखपुर में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के (ग्रीको रोमन) कुश्ती के विजेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने 17 एवं 19 आयु वर्ग के विजेताओं को पदक व पुरस्कार देकर सम्मानित किया और प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल-कूद, हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम है और जिस तरह से विश्व खेल मानचित्र पर हमारे खिलाड़ी देश का मान बढ़ा रहे हैं ये हम सभी के लिए गौरव का विषय है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने प्रदेश में खेल सुविधाओं को कमिश्नरी से जनपद और जनपद से ब्लाक स्तर व प्रत्येक स्कूल-कॉलेजों में विकसित करने के जरूरी कदम उठाये हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2030 में देश में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में अपना नाम दर्ज करने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।     स्कूलों में शिक्षा के साथ खेलों को भी महत्व देना जरूरी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयीय खेल प्रतियोगिता- 2025 के अवसर पर विजेताओं को शुभकामानएं दी और कहा कि खेल कूद वर्तमान में समय बर्बाद करने का नहीं बल्कि जीवन का सर्वांगीण विकास करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा से मानती रही है कि शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् …अर्थात स्वस्थ्य शरीर से ही सभी धर्म पूरे किये जा सकते हैं। यही नहीं खेल कूद अपने अपने आप में विकास की एक नई धारा को प्रसारित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत का जो संकल्प हम सबके सामने प्रस्तुत किया है, उसके लिए भारतवासियों, देश के नौजवानों का स्वस्थ्य होना बहुत जरूरी है। यह संभव होगा जब हम स्कूल-कॉलेजों में शिक्षा के साथ खेलों को भी समान रूप से महत्व देंगे। हमारी सरकार ने इस दिशा में कई जरूरी कदम उठाए हैं।      हर जनपद में एक स्टेडियम और हर ब्लॉक पर एक मिनी स्टेडियम का हो रहा है निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में खेलों के विकास के लिए हर जनपद में एक स्टेडियम और हर ब्लॉक पर एक मिनी स्टेडियम का निर्माण करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में 18 जनपदों के राजकीय कॉलेजों में मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए प्रत्येक कॉलेज को लगभग 5 करोड़ रुपए उपलब्ध कराया जा रहा हैं। इसी क्रम में गोरखपुर मंडल में गोरखपुर और महाराजगंज के राजकीय कॉलेजो में भी मिनी स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। साथ ही स्कूल कॉलेज में खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देंश्य प्रत्येक कॉलेज को 25000 रुपए, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक विद्यालयों को ₹5000 और जूनियर हाई स्कूल को 10000 रुपये प्रदान किया जा रहा है। हमारा बच्चा खेलेगा तभी तो खिलेगा और अपनी प्रतिभा का लाभ देश को दे पाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयास से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के नाम से मेरठ में स्पोर्टस् युनिवर्सिटी का निर्माण भी किया जा रहा है।  आत्मबल और आत्मविश्वास हमें किसी भी प्रतियोगिता में दिलाते हैं विजय- सीएम योगी आदित्यनाथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने खेल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जो खिलाड़ी आज अंडर 17 और 19 आयु वर्ग में खेल रहे हैं, उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में अपना नाम दर्ज करना है। उन्होंने प्रतियोगिता के उपविजेताओं और हार गये प्रतिभागियों को निराश हुए बिना अपनी कमियों पर परिश्रम कर, दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे पहली प्रतियोगिता स्वंय से होती है, जब हम आत्मबल और आत्मविश्वास के साथ किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेते हैं तो विजय मिलना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के 17 व 19 आयुवर्ग की कुश्ती का फाइनल मैच भी देखा और विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किये।

मुरादाबाद,रामपुर,अमरोहा, संभल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्रजित होंगे रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से पर्यटन मंत्री की उपस्थिति में हुये भव्य कार्यक्रम बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और नये रोजगार विकसित करने के उद्देश्य से मुरादाबाद मंडल में गुरुवार और शुक्रवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और सम्भल जनपदों में कुल 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर योगी सरकार 26.11 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। चारों जिलों में धार्मिक स्थलों के व्यापक विकास, आधुनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार व पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उपनिदेशक पर्यटन बरेली रविंद्र कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार, हस्तशिल्प, परिवहन और होटल उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी। योगी सरकार धार्मिक आध्यात्मिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए नए पर्यटन मॉडल को गति दे रही है। चारों जिलों में होने वाले कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अमरोहा में 4.62 करोड़ के लोकार्पण, 1.39 करोड़ के शिलान्यास अमरोहा में वर्ष 2023-24 के तहत 4 परियोजनाओं के लोकार्पण में 4.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें धनौरा, हसनपुर, नौगवां सादात और अमरोहा सदर क्षेत्र के प्राचीन शिव एवं वासुदेव मंदिरों पर मल्टीपरपज सेंटर, यात्री हाल, टॉयलेट ब्लॉक, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। वहीं 1.39 करोड़ की 2 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके अलावा वासुदेव मंदिर पर 4.59 करोड़ की पूर्व परियोजना पूरी हो चुकी है। आगे 2025-26 के लिए 3.17 करोड़ की 4 नई परियोजनाओं का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुरादाबाद में लोकार्पण में 4.72 करोड़, कई बड़े मंदिरों का कायाकल्प मुरादाबाद में 2023-24 की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण 4.72 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इनमें कामेश्वर महादेव, पौड़ाखेड़ा मंदिर, रतुपुरा शिव मंदिर और हनुमान समाधि आश्रम में आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। वर्ष 2025-26 में 3 परियोजनाओं के शिलान्यास हेतु 3.33 करोड़ स्वीकृत हैं, जिनमें कुंदरकी महादेव मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर और विश्नोई मंदिर शामिल हैं। चंद्रदेव महाराज मंदिर और गायत्री नगर के शिव मंदिर की परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। रामपुर में 3.31 करोड़ के कार्य पूर्ण, 98 लाख की नई परियोजना रामपुर में 2023-24 की 3 परियोजनाओं के लोकार्पण में 3.31 करोड़ खर्च किए गए हैं। नवाबगंज, मदारपुर और रूपापुर के प्राचीन शिव मंदिरों का विकास पूर्ण हो चुका है। वहीं 2024-25 में 98 लाख की नई परियोजना का शिलान्यास होगा। इसके साथ ही 2025-26 के लिए 4.56 करोड़ की 4 नई योजनाओं का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सम्भल में 3.37 करोड़ का लोकार्पण, 6.05 करोड़ की सबसे बड़ी सौगात सम्भल जिले में 2023-24 की 3 परियोजनाओं का लोकार्पण 3.37 करोड़ रुपये से किया गया है। इनमें कल्कि मंदिर परिसर, हरिबाबा धाम आश्रम और कैलादेवी मंदिर का समग्र विकास शामिल है। साल 2025-26 में जिले को सबसे बड़ी सौगात 6.05 करोड़ की 3 मेगा परियोजनाओं कुरुक्षेत्र तीर्थ, नैमिषारण्य तथा मनोकामना तीर्थ के विकास कार्यों के रूप में मिलेगी। इसके पहले जिले में सूर्यकुंड, चंद्रेश्वर महादेव और अन्य प्रमुख मंदिरों पर 4.11 करोड़ की योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। दो नई परियोजनाओं के लिए 1.83 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया है।