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ग्रामीणों ने दर्ज कराया विरोध, नायब तहसीलदार पर छात्रा और महिला के साथ मारपीट का आरोप

छतरपुर   मध्य प्रदेश के छतरपुर में महिला नायब तहसीलदार नीतू सिंघई ने एक युवती को थप्पड़ मार दिया। युवती का आरोप है कि उसने नीतू सिंघई से कहा कि वह दो महीने से खाद लेने आ रही है, लेकिन नहीं मिल रही। उसने टोकन मांगा। नीतू सिंघई ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, केवल पुरुषों को मिलेंगे। दोबारा टोकन मांगा तो तहसीलदार ने थप्पड़ मार दिया। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा। नायब तहसीलदार बोली- लोग मानने को तैयार नहीं नीतू सिंघई ने कहा कि लोग अव्यवस्था फैला रहे हैं। धक्कामुक्की और एक दूसरे को खींच रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ तो हम पर आरोप लगा रहे हैं और कॉलर तक को खींच रहे हैं। हमारा इतने पास से वीडियो बना रहे हैं। व्यवस्था है लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं। वहीं लोगों का कहना है कि बच्ची स्कूल छोड़ कर एक महीने से खाद के लिए परेशान है। व्यवस्था बनाना प्रशासन का काम है। टाइम पर खाद देना चाहिए न लेकिन किसानों को  खाद नहीं मिल रहा है। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया पटेल ने बताया कि वह एमए तीसरे सेमेस्टर की छात्रा है। 5 दिसंबर को उसकी परीक्षा है। वह पढ़ाई छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुई है। एक महीने से खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

रवनीत बिट्टू ने अमृतपाल पर दिया विवादित बयान, कहा— अंतरिम पैरोल से इंकार क्यों?

चंडीगढ़  केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने जेल में बंद खालिस्तान समर्थक व कट्टपपंथी सांसद अमृतपाल सिंह को अंतरिम पैरोल देने की सार्वजनिक रूप से वकालत की है। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल इस समय सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में नजरबंद हैं। बिट्टू ने मंगलवार को नई दिल्ली में संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। बिट्टू का यह रुख पंजाब में राजनीतिक जमीन तलाश रही भाजपा की रणनीतिक तैयारियों का संकेत माना जा रहा है, जहां पार्टी के पास 117 सदस्यीय विधानसभा में एक भी सीट नहीं है और ‘आप’ सरकार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। बिट्टू की ये टिप्पणियां अमृतपाल पर उनकी पहले की तीखी आलोचना से बिल्कुल विपरीत है। अमृतपाल ने नजरबंदी के बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव खडूर साहिब से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें भारत–पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित इस संसदीय क्षेत्र से 4,00,000 से अधिक वोट मिले। जून 2024 में उन्हें दिल्ली में संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए चार घंटे की पैरोल मिली थी, जिसके दौरान उन्होंने ‘खालसा राज्य’ संबंधी अपने दृष्टिकोण की फिर पुष्टि की। इस दौरान उन्होंने सिख अलगाववादी विचारों का उल्लेख किया, जिसकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी आलोचना की। बिट्टू ने अमृतपाल को अंतरिम पैरोल देने की मांग ऐसे समय में उठाई है जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार पर अमृतपाल की पैरोल अर्जी में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख (उर्फ इंजीनियर राशिद) की मिसाल देते हुए कहा, “पंजाब सरकार जानबूझकर एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को पैरोल देने से इनकार कर रही है। अगर जम्मू–कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद को गंभीर आरोपों के बावजूद सत्र में शामिल होने के लिए हिरासती पैरोल मिल सकती है, तो अमृतपाल सिंह को ऐसी सुविधा क्यों नहीं? खडूर साहिब की आवाज संसद में कौन उठाएगा?” बिट्टू ने कहा कि राशिद आतंक–वित्त पोषण के आरोपों का सामना करते हुए अंतरिम जमानत पर सत्रों में उपस्थित हो रहे हैं। भाजपा–नीत केंद्र सरकार को विवाद से दूर रखने के प्रयास में बिट्टू ने जोर देकर कहा कि NSA के तहत पैरोल देने का फैसला राज्य सरकार के पास होता है। उन्होंने कहा, “केंद्र अमृतपाल को जेल में नहीं रख रहा है, यह पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। हम लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हैं, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।” बिट्टू का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीधे आरोपों से अलग करता दिखाई देता है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि अमृतपाल पर NSA लगाने में केंद्र और राज्य दोनों की साझा भूमिका रही थी। पिछले बयानों से बिल्कुल उलट रुख अमृतपाल के लिए अंतरिम पैरोल की वकालत बिट्टू के पुराने बयानों से पूरी तरह उलट है। 2024 के चुनावों के दौरान लुधियाना से भाजपा उम्मीदवार रहते हुए बिट्टू ने अमृतपाल को पंजाब की शांति के लिए खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि “अमृतपाल सिंह जैसे लोग पंजाब में शांति पसंद लोगों को रहने नहीं देंगे।” बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में खालिस्तानी उग्रवादियों से जुड़े एक आत्मघाती हमले में हत्या हो गई थी। वे लंबे समय से खुद को अलगाववाद विरोधी मजबूत आवाज के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। जुलाई 2024 में लोकसभा में अमृतपाल की नजरबंदी के मुद्दे पर बिट्टू की कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के साथ तीखी बहस भी हुई थी। बिट्टू ने NSA का बचाव करते हुए इसे “कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ हथियार” बताया था। “कट्टरपंथी और खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता अमृतपाल सिंह (32) को अप्रैल 2023 में पंजाब पुलिस ने हिंसा भड़काने, अलगाववाद को बढ़ावा देने और कानून–व्यवस्था भंग करने के आरोपों में, एक महीने तक चली तलाश–अभियान के बाद गिरफ्तार किया था।”

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना दिवस, ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में भव्य अलंकरण

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में 9 नवरत्न और 7 मध्यप्रदेश श्री’ का भव्य अलंकरण भोपाल  पूर्णकालिक पत्रकारों के सर्वमान्य एवं सक्रिय संगठन मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस इस वर्ष विशेष गरिमा, वैभव और व्यापक दृष्टि के साथ मनाया जाएगा। रविवार, 14 दिसंबर, प्रातः 10 बजे, रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में आयोजित होने वाला यह विशिष्ट आयोजन ‘मेरा मध्य प्रदेश’ शीर्षक से सम्पन्न होगा। समारोह में मध्यप्रदेश का नाम देश–दुनिया में रोशन करने वाली प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘नवरत्न सम्मान’ एवं ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। जूरी प्रक्रिया के आधार पर चुने गए नौ विशिष्ट व्यक्तित्व, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, इस प्रकार हैं पद्मश्री सुशील दोषी – विश्वप्रसिद्ध क्रिकेट विश्लेषक एवं कमेंटेटर  कलापिनी कोमकली – अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका देवेंद्र मालवीय – देश की पहली वन-टेक फिल्म दिल्ली 2020के निर्माता-निर्देशक,अमृता जोशी विख्यात कत्थक नृत्यांगना,मुमताज खान अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर,जयदीप कर्णिक – वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय मीडिया व्यक्तित्व,प्रतिश मेहता – लोकप्रिय श्रृंखलाओं कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक,दिनेश गौतम – वरिष्ठ टीवी पत्रकार,सोनल भारद्वाज – वरिष्ठ न्यूज़ एडिटर एवं प्रभावशाली मीडिया हस्ती। कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद नागर तथा महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने बताया कि इन व्यक्तित्वों का चयन पत्रकार, कला, संस्कृति, सृजनशीलता, मीडिया एवं सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया है।इस वर्ष से प्रेस क्लब ने एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण की घोषणा की है। वर्ष 2025 के लिए चुने गए सात प्रेरक व्यक्तित्व इस प्रकार हैं—एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी – कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, विशिष्ट सेवा पदक और गैल्लेंट्री अवॉर्ड प्राप्त,प्रो. संजय द्विवेदी – पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान; लेखक एवं विचारक चित्रा बाजपेई – भारत की पहली महिला क्रिकेट अंपायर श्रीमती पूनम चौकसे – कुलाधिपति, एलएनसीटी समूह डॉ. शिवदयाल बर्डे – विख्यात आयुर्वेदाचार्य,ऋषिराज सिंह सिसौदिया – निदेशक, IFFCO,अभिषेक गोयल (दिल्ली) – ग्लोबल स्कॉलर एवं युवा इंजीनियर। प्रेस क्लब की सचिव श्रीमती रोमा मल्होत्रा (इंदौर) ने बताया कि ‘मध्यप्रदेश श्री’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्य, नेतृत्व और उपलब्धियों से प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया है। समारोह के द्वितीय सत्र में ‘मध्य प्रदेश—एक दृष्टिपत्र’ विषय पर विशेष विचार-श्रृंखला आयोजित होगी। इस मंच पर सम्मानित विभूतियाँ  प्रमुख विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी,प्रदेश का वर्तमान सामाजिक–आर्थिक स्वरूप, भविष्य की संभावनाएँ,नीतिगत दिशा,निवेश एवं औद्योगिक वातावरण कौशल विकास,युवा प्रतिभा संवर्धन,इस श्रृंखला के आधार पर तैयार समग्र विजन डॉक्यूमेंट बाद में मध्य प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा। मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने अपनी 33 वर्ष की निरंतर यात्रा में पत्रकारिता की नैतिकता सामाजिक उत्तरदायित्व निर्भीक संवादऔर सृजनशील प्रतिभाओं के सम्मान को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।‘मेरा मध्य प्रदेश’ केवल एक सांस्कृतिक या औपचारिक आयोजन भर नहीं,बल्कि यह प्रदेश के उत्कर्ष, स्वाभिमान, सृजनशीलता और सामूहिक संकल्प का जीवंत दस्तावेज हैं।

रुक-रुककर फायरिंग से तनाव, सर्चिंग के बाद सामने आएगी क्षति का पूरा विवरण

बीजापुर  एक बार फिर नक्सलियों के साथ सुरक्षा बल की मुठभेड़ जारी है. अबकी बार भैरमगढ़ क्षेत्रांर्तगत ग्राम हकवा के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है. बीजापुर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डीआरजी/एसटीएफ/कोबरा की संयुक्त टीम की नक्सलियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों जवानों का सर्चिंग अभियान जारी है.

उद्योगों, होटलों और संस्थाओं को मध्य प्रदेश से नोटिस, पावर क्वॉलिटी मीटर पर भारी खर्च

 इंदौर  उद्योगों और उच्चदाब कनेक्शन से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को नया मीटर लगाना होगा। पावर क्वॉलिटी मीटर के नामक इस मीटर के लिए हर उपभोक्ता को कम से कम साढ़े पांच लाख या इससे ज्यादा खर्च करना होंगे। बीते दिनों में कई उद्योगों के साथ कुछ होटल व अन्य संस्थाओं के पास भी ऐसे नोटिस पहुंचे हैं। बिजली कंपनी के इस फरमान का उद्योगों ने विरोध शुरू किया है लेकिन कंपनी ने गेंद नियामक आयोग के पाले में डाल दी है। हैरान करने वाली बात ये है कि नियमों की आड़ में मीटर भी एक खास कंपनी का लगवाने को मजबूर किया जा रहा है। बिजली कंपनी की ओर से पहले कुछ आयरन रोलिंग मिलों को नोटिस पहुंचे, इसके बाद अन्य उद्योगों में इस तरह के नोटिस पहुंचे। अब बताया जा रहा है कि उच्चदाब कनेक्शन ले चुके होटल व अन्य उपभोक्ताओं को भी कहा गया है कि वे पावर क्वॉलिटी मीटर लगाए। पावर क्वॉलिटी मीटर को लगाने के लिए कारण बताया जा रहा है कि उच्चदाब उपभोक्ताओं के नई मशीन व उपकरणों के उपयोग के दौरान पैदा होने वाली हारमोनिक्स (विकृत करंट) की निगरानी इस मीटर से हो सकेगी। बिजली कंपनी की दलील है कि ये हारमोनिक्स या विकृत करंट भारी मशीनों के चलने से पैदा होता है। हारमोनिक्स पर नजर रखेगा जो बाद में बिजली आपूर्ति करने वाली ग्रिड या आसपास के सप्लाय सिस्टम में दाखिल होकर उन्हें भी खराब कर सकता है। मीटर हर उद्योग में पैदा होने वाली ऐसी हारमोनिक्स पर नजर रखेगा। बाद में बिजली कंपनी फिर इनसे निपटने की कोई युक्ति लाएगी। यानी अभी हारमोनिक्स की निगरानी के लिए मीटर लगाना होगा बाद में फिर उसे दूर करने के उपाय के लिए कोई उपकरण अनिवार्य किया जाएगा। आमतौर पर हारमोनिक्स या विकृत करंट की समस्या ऐसी फैक्ट्रियों में ज्यादा आती है जहां लोहा या धातु गलाने वाली भट्टियां (फर्नेस) या ऐसे उपकरण होते हैं। लिहाजा ऐसे मीटर सिर्फ चुनिंदा फैक्ट्रियों में लगने थे लेकिन आदेश में सभी एचटी कनेक्शन को लिखकर इसका दायरा बढ़ाकर सभी कनेक्शनधारी को शामिल कर लिया गया। विकल्प नहीं, खरीदना मजबूरी उद्योगों नोटिस मिलने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें एक कंपनी के प्रतिनिधि के पास भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है पावर क्वॉलिटी मीटर सिर्फ यहीं कंपनी उपलब्ध करवाएगी। स्नाइडर नामक कंपनी के प्रतिनिधि शीतेंद्र श्रीवास्तव से जब नईदुनिया ने उद्योग संचालक बनकर बात की तो उसने बताया कि एक मीटर की लागत 5 लाख 70 हजार के लगभग होगी। उसने ऑफर दिया कि यदि आप ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर लाते हैं तो हम कीमत पर बैठकर बात कर लेंगे। कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा गया कि किसी और कंपनी का सस्ता मीटर नहीं मिल सकता। इस पर उसने कहा कि गारंटीड टेक्निकल स्पेसिफिकेशन पर खरा उतरना जरूरी है। इसकी टेस्टिंग अभी हमारी कंपनी ने ही करवाई है। दूसरी किसी कंपनी के मीटर की टेस्टिंग नहीं हुई है ऐसे में विकल्प कोई और नहीं है। विरोध शुरू एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) और रोलिंग मिल एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। एआईएमपी अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से मीटर लगाने का आदेश देना और लाखों रुपये खर्च करने का दबाव बनाना गलत है। एसोसिएशन इसका विरोध करेगा। रोलिंग मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश मित्तल ने कहा कि खास कंपनी की मोनोपोली की आड़ में उद्योगों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है। दूसरी ओर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से इस मामले में कहा गया है कि यह आदेश नियामक आयोग की ओर से दिया गया है। उद्योगों को राहत पाने के लिए आयोग में अपील करना होगी।

हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो की कमान संभाली IPS अजय सिंघल ने

पंचकूला  हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख़्त मुहिम को नई दिशा देते हुए 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा का चीफ़ नियुक्त किया है। उन्होंने आज पंचकूला मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। अपनी ईमानदार, सख़्त और परिणाम-केंद्रित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सिंघल का पदभार लेना राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों को और प्रभावी बनाने वाला कदम माना जा रहा है।  पदभार ग्रहण करते ही सिंघल ने कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई को और तेज़, निष्पक्ष और व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के मामलों पर तुरंत और ठोस कार्रवाई हो सके। सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ाना, शिकायतों पर समयबद्ध प्रतिक्रिया देना और गंभीर मामलों की जांच को तेज़ करना उनकी पहली प्राथमिकताएँ होंगी। सिंघल ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है जिसमें ईमानदार अधिकारी सम्मानित हों और भ्रष्टाचार करने वालों को कानून का डर लगातार महसूस हो।  उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होगी तथा किसी भी मामले में ढिलाई या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नवनियुक्त चीफ़ ने बताया कि आम लोगों की शिकायतों को विजिलेंस ब्यूरो सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेगा। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना बेहद ज़रूरी है और इसलिए हर शिकायत पर तेज़, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ठोस नतीजे सामने आएँ। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के प्रमुख ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की माँग करता है, तो इसकी तुरंत सूचना हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर अवश्य दें।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक के बाद कैबिनेट की आधिकारिक ब्रीफिंग मंत्रालय के भू-तल स्थित कक्ष S0-12 में आयोजित की जाएगी। पिछली बैठक में लिए गए फैसले बता दें कि इससे पहले 14 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए थे। जिनमें- मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है। दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रुपए 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता के लिए निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई। अ) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 3 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परंतु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी। ब) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी। इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले। शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नवा रायपुर अटल नगर को दीर्घकालीन पूर्णतः संचालन और विकास कार्याें के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को अनुबंध के अनुसार लीज पर देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस निर्णय से राज्य के उदीयमान क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण और तकनीकी सुविधाएं प्राप्त होगी। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के और अधिक क्रिकेट मैच का आयोजन सुनिश्चित होगा।

छपरा एनकाउंटर: पुलिस ने शराब माफिया पर चलाया बुललेट, बिहार में सुरक्षा बल सक्रिय

छपरा बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही पुलिस का अभियान तेज हो गया है. छपरा के मांझी थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और शराब माफियाओं के बीच मुठभेड़ हुई. जिसमें कुख्यात तस्कर अजय राय घायल हो गया. पुलिस के अनुसार, अजय राय नदी के रास्ते शराब की बड़ी खेप लेकर मांझी इलाके के दुर्गा घाट पर उतर रहा था. सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन तस्करों ने आते ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अजय राय के पैर में गोली मारी और उसे पकड़ लिया. मौके से कट्टा, कारतूस और दो खोखे बरामद घायल तस्कर को तत्काल छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने मौके से दो देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए हैं. फायरिंग की आवाज सुनकर दूसरा तस्कर सुकेश कुमार मौके पर ही सरेंडर कर दिया. सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद बिहार में 12 दिन में यह तीसरा एनकाउंटर है. नाव से कर रहे थे शराब की तस्करी घटना मंगलवार की देर रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों तस्कर नाव से भारी मात्रा में शराब लेकर मांझी की ओर बढ़ रहे थे. गुप्त सूचना पर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुर्गा घाट के आसपास पहले से जाल बिछा दिया था. जैसे ही नाव किनारे लगी, तस्करों ने पुलिस को देखकर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए एक को घायल कर काबू में कर लिया. तस्करी नेटवर्क की जांच तेज पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों के शराब माफिया नेटवर्क की जांच कर रही है. संदेह है कि ये खेप बिहार-यूपी सीमा के बड़े गिरोहों से जुड़ी हो सकती है. यह भी जांच की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां भेजा जाना था. मांझी इलाके में पिछले कुछ महीनों से शराब तस्करी के मामलों में तेजी आई है. नई सरकार के बाद पुलिस लगातार अभियान चला रही है और यह मुठभेड़ उसी सख्त कार्रवाई का हिस्सा है.    

मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, मौसम विभाग ने शीतलहर और कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर महीने के लास्ट में शुरू हुए सर्दी का असर दिसंबर के महीने में भी देखने को मिल रहा है। यहां लगातार मौसम बदल रहा है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के चलते 2-3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। बुधवार के दिन मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट होगी। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। इसके चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। इसकी वजह है बंगाल की खाड़ी में बनने वाला चक्रवर्ती तूफान दितवाह है। यह तूफान उत्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं,एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन पंजाब के आसपास सक्रिय है। इसके चलते अगले 24 घंटे में शीतलहर का दौर होगा। इसके साथ ही 5 दिसंबर से शीतलहर तेज हो सकती है। तापमान लगातार सामान्य से कम इन दिनों भी शहर में तापमान लगातार सामान्य से कम बने हुए हैं। सर्द हवा के कारण तेज सर्दी का अहसास हो रहा है। मंगलवार को भी भोपाल में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री रहा, जबकि पचमढ़ी में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के चार महानगरों में भी भोपाल सबसे सर्द रहा। दो दिन सामान्य वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे का कहना है अभी दो दिन तापमान इसी तरह रहने की संभावना है। इस समय एक प्रतिचक्रवात मध्यभारत के ऊपर बना हुआ है, इसके कारण उत्तरी हवा में रूकावट हो रही है, हांलाकि पूर्वी और मध्यक्षेत्र तक हवा पहुंच रही है। इसलिए भोपाल में इस समय अन्य शहरों के मुकाबले ज्यादा सर्दी है। अगले दो दिनों में यह प्रतिचक्रवात कमजोर पडऩे की संभावना है। 5 दिसंबर के आसपास तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगे बर्फबारी होने की भी संभावना है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस करेगा प्रभावित वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5 दिसंबर के दिन से वेस्टर्न हिमालयी एरिया को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी। इसके चलते नवंबर के आखिरी दिनों में मिली राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। दिसंबर में इस बार ठंड पिछले कई सालों से ज्यादा पड़ सकती है। देश के हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी बर्फबारी के कारण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा है। वर्तमान स्थिति: 12 शहरों में पारा 10°C से नीचे पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले भी प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी 7.2°C के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल और इंदौर में भी पारा 9°C  से नीचे दर्ज किया गया। मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा और सुबह के समय कई स्थानों पर कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में विजिबिलिटी 500 से 1,000 मीटर तक दर्ज की गई, जबकि भोपाल और दतिया में भी दृश्यता 1,000 मीटर तक रही। नवंबर में टूटा था रिकॉर्ड वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल नवंबर में सर्दी ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो साल 1931 के बाद शीतलहर के सबसे ज्यादा दिन का रिकॉर्ड है। वहीं, 17 नवंबर की रात में पारा $5.2°C  तक पहुंच गया था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड रहा। पिछले पांच सालों में दिसंबर में सबसे कम न्यूनतम तापमान -16 दिसंबर 2024 – 3.3  20 दिसंबर 2023 – 8.8 -8 दिसंबर 2022 – 8.6 -20 दिसंबर 2021 – 3.4 -20 दिसंबर 2020 – 6.7

राजनीतिक खेल या साजिश? हेमंत सोरेन और बीजेपी की दोस्ती के पीछे की सच्चाई

रांची   बिहार चुनाव खत्म होते ही झारखंड फोकस में आ गया है. झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. हेमंत सोरेन और भाजपा के गठबंधन की अटकलें तेज हैं. पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पत्नी कल्पना सोरेन संग दिल्ली दौरा और उसके ठीक बाद राज्यपाल का अमित शाह से मिलना… ये महज संयोग नहीं दिख रहे हैं. सियासत में टाइमिंग का अपना महत्व होता है. यही कारण है कि रांची की गलियों से लेकर दिल्ली की सड़कों तक सियासी गलियारों में जेएमएम-एनडीए गठबंधन की अटकलों का बाजार गर्म है. दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि हेमंत सोरेन खुद भाजपा के टच में हैं. हालांकि, जेएमएम ने इस दावे का खंडन किया है. मगर तस्वीर अब भी धुंधली है. सियासत में कुछ भी परमानेंट नहीं होता. कब वक्त का पहिया घूम जाए कौन जानता है. वह भी ऐसे वक्त में जब जेएमएम के रिश्ते राजद और कांग्रेस से अच्छे नहीं दिख रहे हैं. जी हां, झारखंड में बड़े राजनीतिक फेरबदल की आशंका अब संभावना में बदलती नजर आ रही है. बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार मिली. इस हार के बाद झारखंड में भी इंडिया गठबंधन की नींव हिलती नजर आ रही है. सूत्रों का दावा है कि जीएमएम की राजद और कांग्रेस से बन नहीं रही. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि हेमंत सोरेन और भाजपा के बीच नया गठबंधन हो सकता है. अब सवाल है कि आखिर जेएमएम और भाजपा के बीच गठबंधन का धुआं कैसे उठा, क्या सच में हेमंत सोरेन की जेएमएम और भाजपा मिलकर नई सरकार बना लेगी? आखिर इंडिया गठबंधन में बात कहां बिगड़ी, जिसके चलते इन अटकलों को बल मिला? अटकलों के पीछे की कहानी क्या? चलिए पर्दे के पीछे की इस कहानी को समझते हैं. झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं. बहुमत के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है. वर्तमान में सत्तारूढ़ गठबंधन में जेएमएम के पास 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और वामपंथी दलों के 2 विधायक हैं, जो कुल 56 का आंकड़ा बनाता है. मगर जएमएम और भाजपा प्लस गठबंधन वाला नया समीकरण बनता है तो यह आंकड़ा सीधे 58 पहुंच जाता है. इसे ऐसे समझें. अगर जेएमएम (34) भाजपा (21 सीटें), एलजेपीआर (1), एजेएसयू (1) और जेडीयू (1) के साथ जुड़ जाए, तो कुल 58 विधायक हो जाएंगे, जो बहुमत से काफी ऊपर और इंडिया गठबंधन से 2 अधिक है. अब सवाल है कि इंडिया गठबंधन में ऐसा क्या हुआ, जो हेमंत सोरेन की जेएमएम और भाजपा के बीच गठबंधन की अटकलें शुरू हो गईं?   धुआं उठने की क्या वजह?     पिछले कुछ दिनों से हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन दिल्ली में हैं. सूत्रों का दावा है कि हेमंत सोरेने भाजपा के टॉप लीडर्स के टच में हैं.     इधर, मंगलवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की.     इस मुलाकात की टाइमिंग ने जेएमएम और भाजपा के बीच गठबंधन के अटकलों को और हवा दी.     सूत्रों का कहना है कि बिहार चुनावों के बाद इंडिया गठबंधन में दरारें साफ दिख रही हैं.     हेमंत सोरेन फिलहाल ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं. वह जमीन घोटाला मामले में जेल भी जा चुके हैं और अभी जमानत पर हैं. झारखंड में कहां से बिगड़ी गठबंधन में बात बिहार विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेने की जेएमएम (JMM) ने महागठबंधन में 7 सीटो की मांग रखी थी. हेमंत सोरेन अपनी पार्टी के सिम्बल पर अपना उम्मीदवार उतारना चाहते थे. लेकिन तेजस्वी यादव ने इस मांग को ठुकरा दिया था. जेएमएम बिहार में चकाई, धमदाहा, कटोरिया, पिरपैंती, मनीहारी, जमुई के साथ झारखंड बिहार से सटे बोर्डर इलाके की 1 और सीटें चाहती थीं. लेकिन मजबूरी में बिहार में गठबंधन टूट गया और JMM ने बिहार में महागठबंधन से मुंह मोड़ लिया. तब JMM महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा था कि हम राज्य में गठबंधन की भी समीक्षा करेंगे क्योंकि हर बार विश्वासघात हुआ है. माना जा रहा है तभी से झारखंड के गठबंधन सरकार में खटास आ गया था. झारखंड में हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे ने सियासी हलचल पैदा कर दी है. क्या राजद-कांग्रेस की राह जेएमएम से अलग होगी? सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हेमंत सोरेन के कैबिनेट में कई ऐसे मौके आये, जब एक साथ कैबिनेट हॉल में मौजूद रहने और आमने सामने होने बाद भी कांग्रेस और राजद के मंत्रियों से हेमंत सोरेन की बात नही हुई. इतना ही नहीं, बीते दिनों कई कार्यक्रम या तो कैंसल हुए हैं या फिर हेमंत सोरेन उसमें उपस्थित नहीं हुए हैं. स्थ ही मोराबादी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में राजद और कांग्रेस की फोटो न होने से भी गठबंधन में गाठ की खबरों को और बल मिला. साथ ही दुमका में एक कार्यक्रम में राजद और कांग्रेस के मंत्री नदारद दिखे थे. इन सभी चीजों से ऐसा लग रहा है कि झारखंड में खेला होगा. झारखंड में सियासी हलचल से जुड़े 5 सवाल-जवाब: झारखंड में सियासी हलचल क्यों मची है? झारखंड में राजनीतिक हलचल मुख्य रूप से बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की हार के बाद तेज हुई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के दिल्ली दौरे ने अटकलों को हवा दी है. दावा किया जा रहा है कि वे वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क में हैं. यह इंडिया गठबंधन में दरार का संकेत दे रहा है. झारखंड की सियासत सुर्खियों में क्यों है? हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा ही मुख्य वजह है. हेमंत सोरेने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ कुछ दिनों से दिल्ली में हैं. हालांकि, जेएमएम ने इसे निजी यात्रा बताया है, मगर सूत्रों का कहना है कि झारखंड में नए गठबंधन की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है. इसी बीच झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसने अटकलों को और बल मिला. क्या हेमंत सोरेन भाजपा से हाथ मिलाएंगे? इस पर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, मगर सूत्रों का कहना है कि जेएमएम भाजपा के साथ नया समीकरण बना सकती है, जिससे कुल 58 विधायक हो जाएंगे … Read more