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नंदनवन-नंदन पक्षी विहार पहुंचे वन मंत्री, संरक्षण कार्यों की समीक्षा की

बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने दिए निर्देश रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर स्थित नंदनवन-नंदन पक्षी विहार के निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। मंत्री श्री कश्यप ने नंदनवन को बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध डीपीआर तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं नंदनवन पक्षी विहार में मंत्री कश्यप ने कहा कि नंदनवनपक्षी विहार रायपुर में स्थित एक चिड़ियाघर और पिकनिक स्थल है। यहां विदेशी पक्षियों सहित कई प्रकार के पक्षी रखे गए हैं और यह शहर के लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट है। यहां अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, मकाऊ और शुतुरमुर्ग जैसे कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं। पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार दें ध्यान अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र को अधिक आकर्षक तथा सुरक्षित बनाने संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं,ताकि पक्षी स्वस्थ रहें। यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं, उसका सतत मानिटरिंग कराएं। नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है। इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है।           इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ  व्ही श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ  अरुण कुमार पांडे, रायपुर सीसीएफ मनिवासगन एस., सीसीएफ (वन्यजीव) सतोविषा समाजदार, रायपुर डीएफओ लोकनाथ पटेल, जंगल सफारी संचालक थेझस शेखर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

प्राथमिक शाला सागबाड़ी में दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

रायपुर, वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई।  इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था पूरा विद्यालय           सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी। युक्तियुक्तकरण से मिली राहत-दूसरे शिक्षक की नियुक्ति           अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।  गाँव में शिक्षा सुदृढ़ीकरण की मिसाल         दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।

मुख्यमंत्री साय ने किया साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे। लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है। लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है। लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है। रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

यात्री ध्यान दें! एक महीने तक बंद रहेंगी ये ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

रांची झारखंड के रेल यात्रियों के लिए अहम खबर है। रांची रेलवे स्टेशन का रेनोवेशन कार्य किया जा रहा है। जिस कारण 20 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, जबकि 10 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी ये ट्रेनें रेलगाड़ी संख्या 58665/58666 हटिया–सांकी पैसेंजर, ट्रेन नंबर 18602/18601 हटिया–टाटानगर एक्सप्रेस, रेलगाड़ी संख्या 58663/58664 हटिया–सांकी पैसेंजर, रेलगाड़ी संख्या 58034/58033 रांची–बोकारो स्टील सिटी पैसेंजर 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी। 23 दिसंबर से 7 जनवरी तक रद्द रहने वाली ट्रेनें ट्रेन नंबर 18085/18086 खड़गपुर–रांची एक्सप्रेस,  रेलगाड़ी संख्या 13303/13304 धनबाद–रांची एक्सप्रेस,  ट्रेन नंबर 13319/13320 दुमका–रांची–दुमका एक्सप्रेस, रेलगाड़ी संख्या 68035/68036 टाटानगर–हटिया मेमू  23 दिसंबर से 7 जनवरी तक के लिए रद्द किया गया। वहीं  रेलगाड़ी संख्या 18631 रांची–चोपन एक्सप्रेस  24, 26, 28, 31 दिसंबर, 02, 04, 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी। जबकि ट्रेन नंबर 18632 चोपन–रांची एक्सप्रेस 25, 27, 29 दिसंबर, 01, 03, 05, 08 जनवरी कैंसिल की गई। ट्रेन नंबर 13403/13404 रांची–भागलपुर–रांची एक्सप्रेस  06 और 07 जनवरी को रद्द कर दिया गया। ये ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक गाड़ी संख्या 13503/13504 वर्द्धमान–हटिया–वर्द्धमान एक्सप्रेस बोकारो स्टील सिटी तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी। गाड़ी संख्या 63598/63597 आसनसोल–रांची मेमू, ट्रेन नंबर 18035/18036 खड़गपुर–हटिया एक्सप्रेस मुरी स्टेशन तक शॉर्ट-टर्मिनेट होगी। ट्रेन नंबर 13513/13514 आसनसोल–हटिया–आसनसोल एक्सप्रेस  24, 25, 27, 28, 29, 31 दिसंबर और 01, 03, 04, 05, 07 जनवरी तक मेसरा स्टेशन तक शॉर्ट-टर्मिनेट रहेगी। ये ट्रेनें पिस्का स्टेशन से चलेगी ट्रेन नंबर 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस 23-27 दिसंबर, 29 दिसंबर–03 जनवरी, 05–07 जनवरी, वहीं गाड़ी संख्या 18636 सासाराम–रांची एक्सप्रेस 24–28 दिसंबर, 30 दिसंबर–04 जनवरी, 06–08 जनवरी तक पिस्का स्टेशन से चलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने को शीर्ष 10 में जगह बनाने पर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

कड़ाके की सर्दी दस्तक देने को तैयार, चंडीगढ़ में येलो अलर्ट जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की रातों पर अब ठंड का पहरा लगना शुरू हो चुका है। रातों की ठंड का असर है कि शहर में दिन में भी अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो शहर में शीतलहर दस्तक दे चुकी है। चंडीगढ़ शहर के अंदर सैक्टर 39 में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से ऊपर नहीं गया तो एयरपोर्ट पर तापमान 22 डिग्री से ऊपर नहीं गया। पंचकूला और मोहाली में भी दिन का पारा 23 डिग्री लसे ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3-4 दिनों तक सूरज ढलने के बाद रात में अच्छी खासी ठंड रहेगी।  उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में शीत लहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 5 दिसंबर तक चलने वाली यह शीत लहर लोगों को कंपा देगी। इस दौरान घनी धुंध पड़ने की भी संभावना है और तापमान 2 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है।  

तलाक की अपील खारिज: हाईकोर्ट बोला– क्षमा के बाद क्रूरता आधार नहीं बन सकती

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता. जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.

7 दिन तक बंधक बनी रहीं जुड़वा बहनें: सिरसा पुलिस ने ऐसे छुड़ाया अपहरणकर्ताओं से

सिरसा  सिरसा जिले में जुड़वा बहनों का अपहरण का मामला सामने आया है। दोनों नाबालिग हैं। वह दोनों लकड़ी बीनने गई थी तब कार सवार महिला व उसके साथियों ने उनका अपहरण कर लिया।  दोनों बहनों ने बताया कि उनको सात दिन तक पानीपत में बंद कमरे में बंधक बनाया था। दोनों वहां से रविवार को किसी तरह से निकल गईं और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर जीआरपी थाना से मदद मांगी। जीआरपी ने मामले की जांच की और सिरसा पुलिस व उनके परिजनों को सूचना दी जिसके बाद परिजन रात को पानीपत पहुंच गए। सोमवार सुबह दोनों बहनों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। उधर, सिरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।  बता दें कि रविवार देर शाम को रेलवे स्टेशन पर करीब 12 साल की जुड़वा बहनें पहुंची और पुलिसकर्मियों को देखकर रोने लगी। एक ने बताया कि वह सिरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वह 24 नवंबर को घर से जंगल में लकड़ियां लेने गई थीं। तभी एक कार उनके पास आई। जिसमें से एक महिला व युवक उतरा और उनके पास आ गए। इसी बीच उन्होंने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया दिया जिससे वह बेसुध हो गईं। जब उन्हें होश आया तो वह एक कमरे में बंद थे। जहां पर सात दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। जब भी उन्हें होश आता तो उनके मुंह पर रूमाल रख दिया जाता था।  रविवार शाम को किसी तरह से वह दोनों कमरे से निकल गईं। 

आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही यूपी की महिलाएं

योगी सरकार का ‘लखपति दीदी’ मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रहा नई मजबूती आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही यूपी की महिलाएं नवंबर तक उत्तर प्रदेश की 18.56 लाख महिलाएं बन चुकी हैं लखपति लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी नए मुकाम छू रही है। लखपति दीदी कार्यक्रम ने गांव गांव में महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास व नेतृत्व क्षमता को भी नई पहचान दी है। नवंबर तक प्रदेश की 18.56 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। यानी वे निरंतर एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। 2027 तक 28.92 लाख महिलाएं बनेंगी लखपति उत्तर प्रदेश में 35.94 लाख महिलाओं का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से 29.68 लाख महिलाओं का आय विवरण डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 तक पूरे देश में 2 करोड़ स्वयं सहायता समूह सदस्यों की आमदनी को एक लाख से ऊपर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 28.92 लाख निर्धारित है। राज्य सरकार के मुताबिक, नवंबर 2025 तक 18.56 लाख का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है और बाकी 10.36 लाख भी निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया बदलाव प्रदेश में 98.49 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाएं कुल 8,96,618 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये समूह 62,958 ग्राम संगठनों के माध्यम से एक-दूसरे को सहयोग और बाज़ार से जोड़ने का काम कर रहे हैं। महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियां, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा आधारित छोटे उद्यम के माध्यम से स्थायी आजीविका अर्जित कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक सदस्य की आय चार त्रैमासिक और फसल चक्र के दौरान लगातार तीन वर्ष तक एक लाख रुपये से कम न हो। यही सच्चा आर्थिक सशक्तिकरण है। नेतृत्व में महिलाएं सबसे आगे यह कार्यक्रम सिर्फ आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी बन रहा है। लखपति दीदियां अब वित्तीय रूप से सक्षम, परिवार की निर्णयकर्ता, गांव की परिवर्तन कारी शक्ति के रूप में उभर रही हैं।

गौरव का पल: हरियाणा के युवा ने भारत की दिव्यांग क्रिकेट टीम में बनाई जगह, पूरे जिले में खुशी की लहर

गोहाना  ICC दिव्यांग इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगियों के लिए गोहाना के दौदवा गांव के विनोद का भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है। विनोद के सलेक्शन को लेकर आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। विनोद एक बहुत ही गरीब परिवार से संबंध रखता है। विनोद गोहाना आहुलाना शुगर मिल में माली का काम भी करता है। विनोद भिवानी में होने वाली तीन दिवसीय इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आज गोहाना से रवाना हुए। यह क्रिकेट प्रतियोगिता तीन दिसम्बर से पांच दिसंबर तक भिवानी में आयोजित होनी है। विनोद ने बताया कि खुद दिव्यांग होने के कारण उसने बहुत कठिन परिश्रम किया है। वह एक गरीब परिवार से आता है। उसके पिता  मजदूरी करते थे। उसने भी पढ़ाई के साथ साथ मजदूरी की है। उसका क्रिकेट के प्रति बहुत लगाव था। पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट भी खेलता था। मैं दिव्यांग भी हूं और परिवार की गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन क्रिकेट नहीं छोड़ा। सभी अपने फील्ड में आगे बढ़ते है। मैंने अपने क्रिकेट को लेकर काफी लगन रखते हुए क्रिकेट खेलना जारी रखा। आज मेरा इंडो नेपाल क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए सलेक्शन हुआ है। यह प्रतियोगिता भिवानी में आयोजित हो रही है। भारत और नेपाल की क्रिकेट टीमों के बीच मैच होगा। वहीं उसके बाद कुछ देशों की वर्ल्ड स्तरीय क्रिकेट सीरीज होगी। उसके लिए भी मैं अपनी तैयारी कर रहा हूं। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि विनोद बहुत ही मेहनतशील है। उसका क्रिकेट के प्रति जुनून अलग है। आज भारतीय टीम में सलेक्शन हुआ उसके लिए बहुत खुशी हो रही है।