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नार्को-टेरर नेटवर्क पर प्रहार, लश्कर के हैंडलर अंकुश कपूर की संपत्ति जब्त; NIA की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने मंगलवार को अमृतसर स्थित होली सिटी के फेज एक में कोठी नंबर 33 को जब्त कर लिया है। यह घर आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा (पंजाब) में एक घर के एक अंकुश नाम के हैंडलर से जुड़ा है। पता चला है कि अंकुश इस समय जेल में बंद है और वह कई देशों में फैले हुए इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा था। आरोप है कि यह संपत्ति आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की कमाई से अर्जित की गई हैं। एनआइए ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह संपत्ति गिरफ्तार किेए जा चुके अंकुश कपूर के पिता के नाम पर है। अंकुश के इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, यूएई और पाकिस्तान जैसे देशों में फैले नार्को-टेरर नेटवर्क का भारत में एक अहम हैंडलर था। एनआइए की जांच में पता चला था कि अंकुश के दुबई में रहने वाले एक बड़े हैंडलर से रिश्ते हैं। वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और कई जम्मू कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। एनआइए ने अंकुश को नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के षड़यंत्र रचने में काबू किया था। आरोप है कि वह अलग-अलग देशों में मौजूद आरोपितों को आतंकवाद से हुई कमाई (फंड) पहुंचाने का काम भी करता था। जांच में यह भी पता चला कि नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाई का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में कर रहा है।

रेत कारोबार को लेकर खूनी संघर्ष, फॉर्च्यूनर में सवार शख्स की जलकर मौत; 4 संदिग्ध पकड़े गए

कोरिया. रेत का विवाद जिले में मरने-मारने में तब्दील हो चुका है. बीती रात जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम कटगोड़ी में हुई दिल दहला देने वाली घटना में फॉर्च्यूनर गाड़ी को आरोपियों ने पहले टिपर से मारकर क्षतिग्रस्त किया, फिर आग लगा दी. घटना में गाड़ी में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं तीन अन्य सवार घायल हो गए. आरोपी हिरासत में लिए गए हैं. जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात 11 बजे की है. भरत सिंह अपने साथियों के साथ जैसे ही नवगई गांव पहुंचे आरोपियों ने पहले टिपर से फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. क्षतिग्रस्त वाहन के दरवाजे जाम होने की वजह से शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे सवारों से आरोपियों ने मारपीट भी की. घटना में जहां फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में जारी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं. बाकी तीन फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है. मौके पर पहुंचे बैंकुठपुर विधायक बताया जा रहा है कि मामले में मरने वाले भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच रेत उत्खनन को लेकर विवाद था. लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी 3 अन्य लोगों के साथ मंगलवार की दोपहर आपसी झड़प भी हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया जवाब कोरिया जिले में घटित घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि घटना की पूरी जांच होगी. घटना में जो तथ्य आयेंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी. साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश का अपराधीकरण किया. कांग्रेस घटना का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है.

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में विकास का महापर्व, CM साय आज देंगे 700 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद के क्षेत्रवासियों को 700 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने वाले हैं. मुख्यमंत्री बुधवार को आज सूरजपुर और गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह 11 बजे रायपुर से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे. जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष, पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे. कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब एक बजे गरियाबंद के लिए प्रस्थान करेंगे. विधान सभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह की मौजूदगी में सीएम साय दोपहर करीब 3 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में 700 करोड़ के विकास कार्य का शिलान्यास लोकार्पण करेंगे. 4 बजे नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. वहीं दर्रिपारा ग्राम में आयोजित आदिवासी समाज के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. वहीं नव निर्मित कचना ध्रुवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण करेंगे.

पंजाब में गर्मी से मिलेगी राहत! 19 जून से बारिश और तेज हवाओं के आसार, मानसून की एंट्री में देरी संभव

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा 18 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है।  मौसम विभाग ने 19 जून से अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्री-मानसून बारिश है और मानसून के आगमन को लेकर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। मानसून की रफ्तार धीमी, पंजाब में देरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी धीमी हो गई है। ऐसे में पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। पहले इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी। 16 जिलों में अलर्ट, मंगलवार को गिरा पारा मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया। रूपनगर 37.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। बुधवार के लिए अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, बठिंडा, मानसा समेत 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। 

दो दिन की गर्मी के बाद राहत के आसार, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

 रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मॉनसून के दो दिनों तक कमजोर रहने के बाद एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को रांची सहित खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा, वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि, अन्य जगहों पर आकाश में बादल छाये रह सकते हैं, लेकिन तापमान में वृद्धि रहेगी. 18 जून को भी यही स्थिति रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जून तक मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं. कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 19 जून का मौसम 19 जून से रांची सहित 17 जिलों हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में तीन दिनों तक 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ा तापमान मॉनसून के कमजोर पड़ने के साथ ही जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है. मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो का 39.2 डिग्री और चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को सिर्फ कांके में एक मिमी बारिश हुई.

CBI का शिकंजा कसा! IDFC बैंक फ्रॉड केस में वरिष्ठ IAS अधिकारी के आवास पर रेड

 पंचकूला IDFC बैंक के FD घोटाले मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी के आवास पर रेड जारी है। सीबीआई कि तरफ से मामले में चार्जशीट पेश की जा चुकी है। CBI अग्रिम कार्रवाई को अंजाम दे रही है। मामले में मनी ट्रेल व IAS अधिकारीयों कि भूमिका की जांच हो रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए 657 करोड़ रुपये के फंड गबन मामले में शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामले हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) से जुड़े हैं। सीबीआई ने हरियाणा सरकार के फंड के दुरुपयोग से संबंधित चार्जशीट पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की। इस मामले में चंडीगढ़ के रियल एस्टेट इन्वेस्टर विक्रम वधवा और सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन सिंह कदोदिया आरोपित बनाया गया, जिन्हें अपराध से अर्जित धन का लाभार्थी बताया गया। पहले सीबीआई 15 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है इससे पहले सीबीआई 15 आरोपितों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल हैं। वहीं, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सीबीआई ने चंडीगढ़ की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सात आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। जांच के दौरान पाया गया कि 250 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सावन ज्वेलर्स के द्वारा रिभव ऋषि, अभय कुमार, अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला व अन्य आरोपितों की विभिन्न कंपनियों से प्राप्त की है। इन कंपनियों/फर्मों में पैसा सरकारी खातों से गैर कानूनी तरीके से ट्रांसफर किए गए थे। प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया? प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन के द्वारा मुख्य आरोपितों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया गया व इसके लिए भारी कमीशन प्राप्त किया। आरोपित द्वारा इन फर्मों/कंपनियों के नाम सोने के आइटम्स बेचे हुए दिखाए गए। आरोपित राजन ने इस मामले में धोखाधड़ी की शुरुआत से ही षड्यंत्र रचने में अहम भूमिका निभाई तथा पूर्व योजना के तहत अपराध को अंजाम देने में सक्रिय योगदान दिया। जांच में यह भी सामने आया था कि सावन ज्वेलर्स को अनधिकृत तरीके से पैसा तीन फर्मों से मिला है। वहीं विक्रम वधवा ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ निगम के साथ साथ चंडीगढ़-पंचकूला के दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से भी करोड़ों का गबन किया। ईडी के अनुसार सरकारी फंड की हेराफेरी से जुड़े इस मामले में विक्रम वाधवा के निजी खाते में 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पहुंची थी, जिसे बाद में अलग-अलग कंपनियों और संपत्तियों में लगाया गया। उस पर रिभव ऋषि, अभय कुमार, बैंक अधिकारियों व कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी का आरोप है। वाधवा ने अवैध रकम को छिपाने, अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने और उसे वैध दिखाने में अहम भूमिका निभाई। गबन की रकम को कई शेल कंपनियों के जरिए घुमाया। कौनसी कंपनियों के नाम? इनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आरएस ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम हैं। एजेंसी के अनुसार इनके खातों में सरकारी विभागों से पैसे ट्रांसफर किए गए। गौरतलब है कि सीबीआई ने हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े मामले को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में लिया था। वहीं चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़े दो मामलों की जांच आर्थिक अपराध थाना, चंडीगढ़ से सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में करीब 504 करोड़ रुपये तथा चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े मामले में 153 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीबीआई ने कहा कि मामलों की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।  

भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला: मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और तकनीकी चुनौतियों पर मंथन

मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार और तकनीकी चुनौतियों के समाधान पर भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किए नवाचार एवं रणनीतियां भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ऊर्जा सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, नीति समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य में हरित ऊर्जा के विस्तार को नई गति मिलेगी। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमनबीर सिंह बैंस ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और प्रभावी ग्रिड प्रबंधन के माध्यम से विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है तथा इससे राज्य की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवसर पर अतिथियों ने पुस्तक विमोचन भी किया। “मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परिनियोजन को आगे बढ़ाना” विषय पर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, परियोजना विकासकर्ताओं, शोधकर्ताओं, डिस्कॉम प्रतिनिधियों तथा सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश में एग्रीफोटोवोल्टिक्स पर व्यापक कानूनी एवं व्यवहार्यता मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्रों के प्रदर्शन विश्लेषण, रिएक्टिव पावर मापन, रिले एवं ट्रांसफार्मर समन्वय, 11 केवी ग्रिड इंजेक्शन से जुड़ी चुनौतियों तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।कार्यशाला में जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्रालय, जर्मन दूतावास, जीआईजेड इंडिया तथा केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी नवाचार और संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।  

‘डॉ. पाठक जैसे गुरु मिलना सौभाग्य’, विज्ञान जगत में उनकी उपलब्धियों पर गर्व जताया

डॉ. पाठक जैसे विरले शिक्षकों का शिष्य होना सौभाग्य की बात, विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां हम सभी के लिए गर्व का विषय' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने गुरू को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षक दिवस के अतिरिक्त अन्य अवसरों पर भी अपने गुरूजनों के प्रति सदैव सम्मान व्यक्त करते रहे है। उन्होंने आज अपने शिक्षक रहे डॉ. जेपीएन पाठक के 80 वें जन्म दिन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बधाई दी और सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन निवासी अपने गुरू डॉ. पाठक को जन्म दिन की वर्षगांठ पर बधाई देते हुए इन शब्दों में अपनी भावना व्यक्त की- "मुझे मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिदिन अनेक कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलता है। लेकिन आज का यह अवसर एक भावुक क्षण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने गुरू डॉ. पाठक की जिजीविषा का उल्लेख करते हुए कहा कि आपको एक युवा की तरह देखकर ऊर्जा मिलती है और आपके स्नेह तथा सकारात्मकता के भाव से ऐसा अनुभव होता हैं, मानो हम अपने साइंस कालेज की कक्षा में बैठे हों और आप पढ़ा रहे हों। आपके पढ़ाने का विशेष तरीका था। आप जैसे विरले शिक्षकों का शिष्य होना सौभाग्य की बात है। आप सदैव मुस्कुराते रहें और सभी का मार्गदर्शन करते रहें, आपका आशीर्वाद हम पर बना रहे।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. पाठक की वैज्ञानिक उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं। वे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी करते रहे हैं, जिस पर उनके विद्यार्थियों को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर डॉ. पाठक से जुड़े कुछ संस्मरण भी साझा किए और अन्य गुरुजन को भी याद किया जिनकी शिक्षा आज भी जीवन में उपयोगी है। उनकी दी हुई शिक्षा संस्कार और साहस देने वाली शिक्षा थी। उन्होंने छात्र संघ को सशक्त बनाने में सहयोग दिया और प्रज्ञा पत्रिका के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि गुरुजी डॉ. पाठक ने सदैव विद्यार्थियों की युवा शक्ति को महत्व दिया। डॉ. पाठक से वर्चुअल मीटिंग के अवसर पर मध्यप्रदेश गृह निर्माण और अधोसंरचना मंडल के अध्यक्ष श्री ओम जैन के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि और डॉ. पाठक के अन्य शिष्य उपस्थित थे।      

इंदौरवासियों के लिए बड़ी सौगात, मेट्रो का सफर अब शहीद पार्क तक पहुंचने के करीब

इंदौर मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर मेट्रो के व्यावसायिक संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की ओर है। सुपर कॉरिडोर से शहीद पार्क (मालवीय नगर) स्टेशन तक मेट्रो के कमर्शियल रन की तारीख पर आज फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि, एसीएस और मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी संजय दुबे के इंदौर दौरे के दौरान होने वाली बैठक में शुभारंभ की तारीख को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मेट्रो प्रबंधन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर स्टेशन तक के कॉरिडोर को पहले ही कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की हरी झंडी मिल चुकी है। इसके बाद उम्मीद थी कि, जून के मध्य में ही यात्रियों के लिए मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन तारीख को लेकर लगातार असमंजस बना रहा। 20 जून को कमर्शियल रन की संभावना सूत्रों के मुताबिक, पहले 18 जून को कमर्शियल रन का प्रस्ताव निर्धारित था। बाद में संभावित राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए इसे आगे बढ़ाकर 20 जून करने पर विचार किया गया। अब एक बार फिर अंतिम तारीख को लेकर मंथन चल रहा है। हालांकि, मेट्रो अधिकारियों ने 20 जून को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। शासन स्तर पर होगी तारीख की घोषणा अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन, सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन स्टाफ और यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी इंतजाम तय समय सीमा के अनुसार किए जा रहे हैं। जैसे ही शासन स्तर से तारीख की औपचारिक घोषणा होगी, उद्घाटन कार्यक्रम और संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। सुपर कॉरिडोर तक ही चल रहा संचालन अब आज होने वाली बैठक पर नजरें टिकी हैं। शहर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना का पहला चरण सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस चौराहा तक चल रहा है। आगे चलने से विजय नगर और मालवीय नगर क्षेत्र के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा। 12 घंटे मिलेगी इंदौर में मेट्रो ट्रेन की सुविधा इंदौर में मेट्रो ट्रेन का 17 किलोमीटर हिस्से में संचालन 20 जून से होने जा रहा है। शहरवासियों को भी मेट्रो के संचालन का इंतजार है। हर दिन मेट्रो में 50 हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। मेट्रो का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे के लिए होगा और दिनभर में 50 से ज्यादा फेरे लगाए जाएंगे। सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक के रूट के लिए अलग-अलग किराया रहेगा। न्यूनतम किराया 20 रुपये निर्धारित किया गया है। दूरी के अनुसार किराया भी बढ़ेगा। अधिकतम किराया 80 रुपये तक हो सकता है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक इतनी कीमत चुकानी होगी। पहले दो स्टेशनों तक 20 रुपये, जबकि अधिक दूरी के लिए 30, 40 रुपये और उससे अधिक का किराया होगा। 20 जून को केंद्रीय मंत्री मोहन लाल खट्टर और मुख्यमंत्री मोहन यादव मेट्रो के दूसरे चरण के संचालन का शुभारंभ करेंगे। यह होगा रूट अभी तक मेट्रो ट्रेन गांधी नगर डिपो से टीसीएस चौराहा तक जाती थी, लेकिन इस रूट पर काफी कम यात्री मिलते थे। अब मेट्रो गांधी नगर, एमआर-10 स्टेशन, चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा, बापट चौराहा, मेघदूत चौराहा, विजय नगर चौराहा और रेडिसन चौराहे के बीच चलेगी। यह दूरी 20 से 30 मिनट में तय होगी। मेट्रो ट्रेन के चलने से कॉलेज और आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि सुपर कॉरिडोर पर फिलहाल लोक परिवहन के ज्यादा विकल्प नहीं हैं। 80 की स्पीड से चलेगी मेट्रो ट्रेन 17 किलोमीटर लंबे रूट पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मेट्रो चलेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक आने में मेट्रो को 30 मिनट का समय लगेगा। ट्रेन छह स्टेशनों पर रुकेगी। पहले चरण में मेट्रो ट्रेन का संचालन खजराना चौराहा तक होगा। उसके बाद मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। उसका काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। साढ़े चार सौ यात्रियों की क्षमता 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई हैं, जिन्हें यात्री पकड़कर सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आंतरिक रूप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी। मेट्रो की खास बातें     मेट्रो की अधिकतम गति 80 किमी/घंटा होगी।     ट्रेनें छह स्टेशनों पर रुकेंगी।     सभी कोच अंदर और बाहर से CCTV कैमरों से लैस होंगे।     खड़े यात्रियों की सुविधा के लिए पोल पर चार-चार ग्रिप उपलब्ध होंगी।

जहां कभी था नक्सलियों का गढ़, आज वहां स्वास्थ्य सेवा का केंद्र; डॉक्टर रामटेके की तपस्या रंग लाई

कांकेर एक समय छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता था. घने जंगलों से घिरा यह इलाका नक्सली गतिविधियों का गढ़ माना जाता था. सड़कें कम थीं, संचार के साधन सीमित थे और स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग न के बराबर. किसी को गंभीर बीमारी हो जाए तो इलाज से ज्यादा चिंता अस्पताल तक पहुंचने की होती थी. मलेरिया यहां की सबसे बड़ी समस्या थी और हर साल सैकड़ों परिवार इसके कारण तबाह हो जाते थे।  लेकिन आज उसी अंतागढ़ का एक सरकारी अस्पताल पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मिसाल बन चुका है. यह बदलाव किसी बड़े बजट, किसी कॉर्पोरेट निवेश या किसी चमत्कार से नहीं आया, बल्कि एक डॉक्टर की 23 साल लंबी तपस्या और जिद का नतीजा है. यह कहानी है डॉक्टर भेषज कुमार रामटेके की, जिन्होंने वर्ष 2003 में अंतागढ़ में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने 23 साल पहले शुरू किए अपने मिशन को अब एक मॉडल में बदल दिया है।  जब लोगों ने कहा- वहां मत जाओ वर्ष 2003 में जब डॉक्टर भेषज कुमार रामटेके की नियुक्ति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ में हुई, तब यह इलाका डॉक्टरों के लिए सबसे कठिन पोस्टिंग मानी जाती थी. नक्सली गतिविधियां लगातार होती थीं. कई गांव ऐसे थे जहां पहुंचने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था. पूरे विकासखंड में न कोई निजी डॉक्टर था, न नर्सिंग होम और न कोई निजी अस्पताल।  ऐसे माहौल में अधिकांश लोग यहां लंबे समय तक काम करने की कल्पना भी नहीं करते थे. लेकिन डॉक्टर रामटेके ने इसे चुनौती नहीं, बल्कि मिशन के रूप में लिया।  स्थानीय लोग बताते हैं कि शुरुआती दिनों में उन्होंने अस्पताल के कमरे को ही अपना घर बना लिया था. दिन हो या रात, मरीजों के लिए वे हमेशा उपलब्ध रहते. धीरे-धीरे उन्होंने महसूस किया कि इस इलाके की सबसे बड़ी बीमारी केवल मलेरिया नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का टूटता भरोसा भी है।  गांव-गांव जाकर समझी लोगों की पीड़ा डॉक्टर रामटेके ने इलाज को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा. वे गांवों में जाते, आदिवासी परिवारों के बीच बैठते, उनकी भाषा और जीवनशैली को समझने की कोशिश करते. उन्हें पता चला कि कई लोग बीमारी को सामान्य मानकर इलाज नहीं कराते और जब तक अस्पताल पहुंचते, हालत गंभीर हो चुकी होती।  यहीं से उन्होंने एक अलग रणनीति तैयार की. उनका मानना था कि बीमारी का इलाज अस्पताल में नहीं, बल्कि समाज के भीतर जाकर करना होगा।  मलेरिया बना सबसे बड़ा लक्ष्य उस समय अंतागढ़ में मलेरिया भयावह रूप ले चुका था. वर्ष 2003 में क्षेत्र का API (Annual Parasite Incidence) 51.11 था, जो 2006 तक बढ़कर 70.65 पहुंच गया. केवल वर्ष 2006 में 4,942 मलेरिया मरीज दर्ज किए गए।  स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 95 से 98 प्रतिशत मामले प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया के थे, जो सबसे खतरनाक माना जाता है. सेरेब्रल मलेरिया और अन्य जटिल मामलों के कारण लोगों की जान तक चली जाती थी. डॉक्टर रामटेके ने तय किया कि अगर अंतागढ़ को बदलना है तो सबसे पहले मलेरिया को हराना होगा।  लोगों का भरोसा जीता, फिर बीमारी को हराया उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, मिथानिनों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय को एक साथ जोड़ा. गांवों में रैलियां निकाली गईं, ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, दीवारों पर संदेश लिखे गए और घर-घर जाकर लोगों को समझाया गया कि मलेरिया से कैसे बचा जा सकता है।  वर्ष 2010 और 2015 में पूरे इलाके में लॉन्ग लास्टिंग इंसेक्टिसाइडल नेट (LLIN) वितरित किए गए. लोगों को मच्छरदानी के उपयोग की आदत डाली गई।  धीरे-धीरे बदलाव दिखने लगा. लोग समय पर जांच कराने लगे. बुखार होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने लगे. मलेरिया की चेन टूटने लगी।  आज स्थिति यह है कि जहां वर्ष 2006 में 4,942 मरीज थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 127 रह गई. API 70.65 से गिरकर 1.39 पर पहुंच गया. मलेरिया जनित मौतों और गंभीर मामलों में भी भारी कमी आई।  मलेरिया के बाद अस्पताल की बारी बीमारी पर नियंत्रण मिलने के बाद डॉक्टर रामटेके ने अस्पताल की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया. उन्होंने “कायाकल्प” योजना के तहत अस्पताल को एक मॉडल संस्थान बनाने की शुरुआत की।  अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं, हाइजीन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम किया गया।  एक समय दो कमरों के खपरेल भवन से चलने वाला यह स्वास्थ्य केंद्र आज 30 बिस्तरों वाले व्यवस्थित अस्पताल में बदल चुका है।  350 मानकों पर खरा उतरता अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत किसी अस्पताल का मूल्यांकन 350 से अधिक बिंदुओं पर किया जाता है. इसमें साफ-सफाई से लेकर संक्रमण नियंत्रण, मरीजों के अनुभव से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक सब कुछ शामिल होता है। अंतागढ़ अस्पताल ने इन सभी मानकों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है. पिछले पांच वर्षों से यह बस्तर संभाग में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है. वर्ष 2025 में इसे पूरे छत्तीसगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दूसरा स्थान मिला।  एक डॉक्टर की वजह से बदली हजारों जिंदगियां 23 वर्षों तक लगातार एक ही क्षेत्र में काम करना अपने आप में असाधारण है. खासकर तब, जब वह इलाका नक्सल प्रभावित, आदिवासी बहुल और संसाधनों की कमी से जूझ रहा हो।  स्थानीय लोग कहते हैं कि डॉक्टर रामटेके केवल डॉक्टर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह हैं. कई ऐसे बच्चे हैं जिनका जन्म उनके हाथों हुआ और आज वे युवा हो चुके हैं. कई परिवार ऐसे हैं जो उन्हें भगवान का रूप मानते हैं क्योंकि उन्होंने उनके प्रियजनों की जान बचाई।  अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होगा मॉडल डॉक्टर रामटेके द्वारा विकसित मलेरिया नियंत्रण और अस्पताल प्रबंधन मॉडल को अब राज्य सरकार पूरे छत्तीसगढ़ में लागू करने की तैयारी कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि यदि अंतागढ़ जैसे कठिन क्षेत्र में यह मॉडल सफल हो सकता है, तो राज्य के अन्य हिस्सों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई मिल सकती है।  डर से भरोसे तक का सफर अंतागढ़ की यह कहानी केवल एक अस्पताल की कहानी नहीं है. यह उस विश्वास की कहानी है जो एक डॉक्टर ने समाज में जगाया. यह … Read more