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चंडीगढ़ पर बड़ा कदम: अनुच्छेद 240 के तहत खत्म हो सकता है पंजाब-हरियाणा का हस्तक्षेप

चंडीगढ़  केंद्र सरकार चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पेश किया जाना है। इस कदम का उद्देश्य चंडीगढ़ के प्रशासन को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ लाना है। लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल करना है।   इस कदम से चंडीगढ़, अन्य गैर-विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेश जैसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव और पुडुचेरी के समान हो जाएगा। वर्तमान में पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ का प्रशासन पंजाब के राज्यपाल द्वारा संभाला जाता है। अनुच्छेद 240 के तहत आने वाले सभी केंद्र शासित प्रदेशों में स्वतंत्र प्रशासक होते हैं। यह बदलाव चंडीगढ़ को एक स्वतंत्र प्रशासक देने की संभावना को जन्म देगा। संविधान का अनुच्छेद 240 भारत के राष्ट्रपति को कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सीधे नियम बनाने का अधिकार देता है। यह राष्ट्रपति को उन केंद्र शासित प्रदेश के लिए शांति, प्रगति और सुशासन हेतु नियम बनाने का अधिकार देता है। इस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए किसी भी विनियमन में संसद द्वारा बनाए गए किसी भी अधिनियम को निरस्त करने या संशोधित करने की शक्ति होती है और इसे संसद के अधिनियम के समान कानूनी बल और प्रभाव प्राप्त होता है। पंजाब कर रहा विरोध यह कदम पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों के लिए एक अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा है, क्योंकि दोनों चंडीगढ़ पर अपना पूर्ण दावा करते हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित अन्य नेताओं ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। मान ने जोर देकर कहा कि चंडीगढ़ हमेशा पंजाब का अभिन्न अंग रहेगा। साहनी ने कहा कि चंडीगढ़ के विभाजन के बाद पंजाब की राजधानी बनने का ऐतिहासिक महत्व है और केंद्र ने कई समझौतों के तहत चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बनाने का वादा किया था। विरोध करने वाले नेताओं का मानना है कि यह संशोधन पंजाब के ऐतिहासिक और प्रशासनिक नियंत्रण को खत्म करने, राज्य के संघीय अधिकारों पर हमला करने और पंजाब को उसकी राजधानी से दूर करने की साजिश है। अगस्त 2016 में भी केंद्र ने सेवानिवृत्त नौकरशाह केजे अल्फोंस को चंडीगढ़ का स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त करने की कोशिश की थी, लेकिन तत्कालीन शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कड़े विरोध के बाद इसे टाल दिया गया था।  

तेज़ रफ्तार ने छीनी 7 ज़िंदगियाँ: बिहार के तीन जिलों में दर्दनाक हादसे

पटना  बिहार में रविवार को रफ्तार का कहर बरपा। अबतक 7 मौत की खबर आ चुकी है। छपरा और दरभंगा में हुए हादसों में 6 लोग जख्मी हुए हैं। सभी घायलों का इलाज विभिन्न अस्तालों में चल रहा है जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छपरा में हादसे के बाद बवाल मचाया गया और लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस मौके पर मौजूद है। जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच 722 पर गड़खा थाना क्षेत्र के जासोसती के पास रविवार की सुबह अज्ञात वाहन ने ऑटो में टक्कर मार दी जिसमें दो लोगों की मौत। ऑटो पर सवार अन्य चार लोग जख्मी। वहीं मकेर के फुलवरिया एन एच 722 पर रविवार की ही सुबह ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा दिया। उसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। रामनगर में हसड़क दुघर्टना में एक की मौत बेतिया के रामनगर – लौरिया मुख्य पथ पर शनिवार की देर रात हुए सड़क दुर्घटना में कार सवार एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चरघरवा – बिशुनपुरवा गांव निवासी मुख्तार शाह के 22 वर्षीय पुत्र मो इरशाद के रूप में हुई हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेज दिया हैं। गाड़ी में चार लोग सवार थे। जिसमें गाड़ी चला रहे युवक की मौत हो चुकी थी। उसमें सवार तीन अन्य लोगों को भी चोटें आई थी। जो बाद में वहां से निकल गये। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच में जुट गई। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया हैं। पुलिस उस पर सवार अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है। लेकिन संवाद प्रेषण तक इसमें सफलता नही मिल सकी हैं। उधर परिजनों की माने तो वह अपने किसी मित्र के साथ बेतिया की तरफ किसी गांव में न्योता में गया हुआ था। जहां से लौटने के दौरान वह हादसे का शिकार हो गया। बांका में एक्सीडेंट इधर बांका के भरको पेट्रोल पंप के समीप सोमवार देर शाम दो वाहनों की जोरदार टक्कर में बारात जा रहा एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तेज रफ्तार में हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। ऑटो और बाइक के बीच टक्कर में तीन जख्मी अररिया-फारबिसगंज फोरलेन मार्ग स्थित टोल प्लाजा के समीप ऑटो और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में तीनों जख्मी व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है। जख्मी व्यक्ति नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के पुलहा निवासी मैना देवी, द्रोपती देवी और विद्यानंद सादा बताया जा रहा है। बाइक असंतुलित होकर गिरने से युवक घायल अररिया-पूर्णिया फोरलेन मार्ग स्थित गैयारी के समीप बाइक असंतुलित होकर गिरने से बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गये। इसे स्थानीय लोगों व परिजनों की मदद से सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में जख्मी युवक का इलाज किया जा रहा है। जख्मी युवक खुर्शीद बताया जा रहा है।  

देशभर के मेधावी व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को UGC का सहारा, मिलेगी भारी वित्तीय मदद

ग्वालियर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के लिए आशा छात्रवृत्ति कार्यक्रम 2025 शुरू किया गया है। इस योजना के तहत देशभर के 23 हजार 230 छात्रों को शिक्षा के स्तर के अनुसार 15 हजार रुपये से 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। छात्रवृत्ति का लाभ स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा के छात्रों को भी मिलेगा। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे इस योजना की जानकारी छात्रों तक व्यापक रूप से पहुंचाएं, ताकि कोई भी जरूरतमंद छात्र आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। UGC ने SBI के साथ शुरू की योजना दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ इस योजना को शुरू किया है। यह छात्रवृत्ति योजना भारतीय स्टेट बैंक की प्लेटिनम जुबली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में शुरू की गई है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। एसबीआई फाउंडेशन की इस योजना के अंतर्गत कुल 23 हजार 230 विद्यार्थियों को चयनित किया जाएगा, जिनमें से 20 हजार छात्र स्कूल स्तर (कक्षा नौ से 12) के होंगे और तीन हजार 230 विद्यार्थी देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों के होंगे।  बता दें कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को शिक्षा जारी रखने में सहायता देना है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने की स्थिति में आते हैं। एसबीआई फाउंडेशन ने इस वर्ष लगभग 90 करोड़ रुपये का फंड स्कालरशिप के लिए निर्धारित किया है। छात्र sbiashascholarship.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्रता और आवेदन की शर्तें यूजीसी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस स्कॉलरशिप के लिए-आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। पिछली कक्षा में न्यूनतम 75% अंक या 7.0 सीजीपीए अनिवार्य है। स्कूल छात्रों की पारिवारिक वार्षिक आय तीन लाख या उससे कम होनी चाहिए। कॉलेज/विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ने वाले छात्रों की आय सीमा छह लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है। किन छात्रों को लाभ मिलेगा यह स्कॉलरशिप कई स्तरों पर दी जाएगी कक्षा नौ-12 के छात्र। देश के एनआईआरएफ टॉप 300 या नैक ए रेटेड संस्थानों में पढ़ रहे स्नातक,स्नातकोत्तर और एमबीबीएस छात्र। आईआईटी और आईआईएम के छात्र। एससी/एसटी छात्र जो विदेश के टॉप 200 विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री कर रहे हों। यूजीसी ने दिए ये निर्देश यूजीसी सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे स्कॉलरशिप से संबंधित जानकारी छात्रों और संकाय सदस्यों तक पहुंचाएं।-संस्थान की वेबसाइट, नोटिस बोर्ड, इंटरनेट मीडिया, न्यूजलेटर आदि पर इसे प्रमुखता से प्रकाशित करें।-एसबीआई फाउंडेशन द्वारा भेजी गई स्कालरशिप सामग्री, पोस्टर और क्यूआर कोड को छात्रों में वितरित करें।

अगले महीने से 27 हजार उपभोक्ताओं की बिजली होगी बंद, जानें क्यों कार्रवाई में आई तेजी

कानपुर  कानपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक 75,000 उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। निगेटिव बैलेंस में भी ले रहे बिजली सप्लाई सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 27 हजार उपभोक्ता ऐसे पाए गए, जिनका बैलेंस निगेटिव होने के बावजूद उन्हें लगातार बिजली मिल रही थी। हालांकि अब यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलेगी। केस्को एमडी सैमुअल पाल एन ने बताया कि उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत देने के लिए सप्लाई जारी रखी गई थी, लेकिन अब अगले 30 दिनों में ऐसे सभी कनेक्शन अपने आप बंद हो जाएंगे।   स्मार्ट मीटर में पूरी तरह प्रीपेड सिस्टम स्मार्ट मीटर प्रीपेड व्यवस्था पर काम करते हैं, जिसमें उपभोक्ता को पहले रिचार्ज कराना जरूरी होता है। रिचार्ज खत्म होते ही सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है, लेकिन 27 हजार मीटरों में बैलेंस शून्य से भी नीचे चला गया, फिर भी बिजली मिलती रही। 6 महीने से भुगतान न करने वाले 48 उपभोक्ता भी चिन्हित विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 48 उपभोक्ताओं ने पिछले छह महीने से कोई भुगतान नहीं किया, फिर भी उन्हें स्मार्ट मीटर से सप्लाई दी जा रही थी। अब इन उपभोक्ताओं पर भी कार्रवाई होगी। उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी MD सैमुअल पाल एन ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था में पारदर्शिता और रियल टाइम खपत की सुविधा है। उपभोक्ता केस्को स्मार्ट बिल ऐप डाउनलोड कर बैलेंस, खपत और रिचार्ज की जानकारी तुरंत ले सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेतावनी और मैसेज भेजने के बावजूद कई उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया। इसलिए अगले 30 दिनों में निगेटिव बैलेंस वाले सभी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। एप डाउनलोड करने की अपील केस्को ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते केस्को स्मार्ट बिल ऐप या यूपीपीसीएल की वेबसाइट के जरिए रिचार्ज कर लें, ताकि कनेक्शन कटने से बचा जा सके।

MP में पराली संकट गहराया: सख्ती के बावजूद नहीं थम रही आग, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी

भोपाल सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और कई शहरों में प्रदूषण का खतरनाक स्तर होने के बाद भी पराली जलाने की घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं। स्थिति यह है कि नवंबर माह में अब तक इसके लिए संवेदनशील पांच बड़े राज्यों में पराली जलाने के 21 हजार 266 मामले सामने आए हैं। इनमें अकेले मध्य प्रदेश में 11 हजार 442 यानी 50 प्रतिशत से अधिक मामले हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सैटेलाइट से लिए गए चित्रों के अनुसार, चौंकाने वाली बात यह है कि गत 16 नवंबर को एक ही दिन में 1520 मामले मध्य प्रदेश में दर्ज किए गए हैं। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई में ढिलाई इसी माह नवंबर में उत्तर प्रदेश में 3780, पंजाब में 3434, राजस्थान में 2104, हरियाणा में 3218 और दिल्ली में दो मामले दर्ज किए गए। बता दें कि सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से पराली जलाने के मामलों की निगरानी और पुष्टि की जाती है, लेकिन ऐसे मामले लगातार सामने आने के बाद भी पराली जलाने वालों पर कार्रवाई में ढिलाई की जा रही है। मध्य प्रदेश का उदाहरण लें तो राजधानी भोपाल तक में एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा रही है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश के चार महानगर- भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर की हवा में आए दिन प्रदूषण गहरा जाता है।   इन महानगरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक या मध्यम श्रेणी में है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा सभी कलेक्टरों को पराली जलाने के मामले में कार्रवाई के निर्देश के बाद कुछ दिन प्रशासन ने सतर्कता दिखाई लेकिन फिर ढिलाई शुरू हो गई। पिछले पांच दिन में सिर्फ दतिया में एक किसान के विरुद्ध एफआईआर की जानकारी सामने आई है। अन्य सालों से तुलना करें तो नवंबर अंत तक पराली जलाने के मामलों की यही स्थिति रह सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी। हालांकि, तब तक आंकड़ा 15 हजार से अधिक पहुंच जाएगा, जो मध्य प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक संख्या होगी। यह अच्छी बात है कि अभी कोहरा नहीं पड़ रहा है नहीं तो पराली के धुआं से प्रदूषण का स्तर वर्तमान से डेढ़ से दो गुना तक बढ़ सकता था। मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में एक्यूआई का स्तर शहर — एक्यूआई– श्रेणी भोपाल- 289 – खराब ग्वालियर – 289 – खराब जबलपुर -207 – खराब सागर – 236 – खराब इंदौर – 133 – मध्यम देवास – 178 – मध्यम नोट : एक्यूआई का स्तर 0 से 50 को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक माना जाता है। इस माह पिछले सात दिन में पांच राज्यों में पराली जलाने के मामले तिथि– मप्र– उप्र — पंजाब– राजस्थान — हरियाणा 21 —1125 — 250 — 30 — 82 — 11 20 — 625 — 98 — 12 –58– 2 19 — 658 — 115 — 16 — 90– 11 18 — 641 — 377– 15– 65 — 6 17 — 822 — 384 — 31 — 103 — 10 16 — 1520 — 461 — 95 — 125 — 47

योगी सरकार का बड़ा निर्देश: गरीबों और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड पर मिलेगी प्राथमिकता

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार एंव क्रेद्र सरकार की योजनाओं लाभार्थियों तक पहुचाने का जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। जिला अधिकारी ने कहा कि अंत्योदयकार्ड धारक और 70 वर्ष के ऊपर बुजुर्गों का प्रमुखता से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार जरुरत मंदों को सरकारी योजनओं का लाभ शतप्रतिसत मिले। कार्य में लापवाही पर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) स्थापित करने के लिए भूमि की तत्काल आवश्यकता है। इस सेंटर के बनने से जन्म से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 4D श्रेणी (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकास विलंब/विकलांगता) से संबंधित उपचार जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो  जिलाधिकारी ने डीईआईसी के लिए उपयुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसवों की समीक्षा में दोहलीघाट और फतेहपुर मंडाव के एमओआईसी को लक्ष्य सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि आशाओं को उनके बढ़ते कार्यों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि संबंधित जानकारी देना भी आवश्यक है। अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बनाया जाय आयुष्मान कार्ड  अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की फीडिंग अनिवार्य है। लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंत्योदय कार्ड धारकों और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए।   जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण किया जाय टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रह जाए। जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम और रोगी खोजी अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अपने दायित्वों का ईमानदारी निर्वहन करें अधिकारी  बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, आरबीएसके, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आभा आईडी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड, क्षय रोग और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।  

झारखंड में 48 घंटे की छुट्टी का ऐलान, सभी शिक्षण संस्थान व दफ्तर बंद

रांची  झारखंड में 27 और 28 नवंबर को दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद स्कूल, कॉलेज और सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मुख्य रूप से मौसम की बदलती स्थिति और त्योहारों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन दो दिनों में सभी शिक्षण संस्थान और कई कार्यालय बंद रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। यह छुट्टी सामान्य अवकाशों से अलग होती है क्योंकि इसे विशेष परिस्थितियों जैसे मौसम या त्योहार के कारण जल्दी घोषित किया जाता है। स्कूल–कॉलेज बंद का मतलब यह है कि शिक्षण संस्थान इन दो दिनों में पढ़ाई नहीं करेंगे और सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। हालांकि कई जगहों पर ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि कामकाज प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से इस छुट्टी का लाभ उठाएं। जरूरत न होने पर बाहर न निकलें और सामाजिक दूरी का पालन करें ताकि यह अवकाश सभी के लिए सुरक्षित रहे।  

राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घनी धुंध, फतेहपुर रहा न्यूनतम पारे पर

जयपुर राजस्थान में तेज सर्दी के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धुंध (स्मॉग) छाने लगी है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, झुंझुनूं, सीकर और जयपुर समेत कई शहरों में सुबह धुंध का हल्का असर दिखा, जिससे दिन में धूप सामान्य दिनों की तुलना में कमजोर रही। इसी प्रभाव के कारण रात का तापमान 1 डिग्री तक बढ़ा और कई शहरों में सिंगल डिजिट से डबल डिजिट में पहुंच गया। माउंट आबू को छोड़कर शुक्रवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर फतेहपुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6°C दर्ज हुआ। नागौर 7.4°C, जालोर 7.8°C, सिरोही 8.3°C और चूरू-दौसा 9.5°C रहे, जबकि ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10°C से ऊपर रहा। करौली, बारां, उदयपुर, पिलानी, अलवर और भीलवाड़ा में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई। धुंध के चलते पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में धूप कमजोर रही। शुक्रवार को बाड़मेर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.4°C दर्ज हुआ। बीकानेर 31.6°C, चूरू 30.6°C, जैसलमेर 30°C, पिलानी 30.5°C, अजमेर 28.7°C, जयपुर 27.5°C और कोटा 27.2°C रहा। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क और साफ रहने का अनुमान जताया है। शहर — अधिकतम — न्यूनतम     अजमेर – 28.7 – 11.9     भीलवाड़ा – 28 – 10     वनस्थली (टोंक) – 27.6 – 10.1     अलवर – 28.6 – 10.5     जयपुर – 27.5 – 13.5     पिलानी – 30.5 – 10.2     सीकर – 28 – 9     कोटा – 27.2 – 12.7     चित्तौड़गढ़ – 28.8 – 10.2     उदयपुर – 28 – 10.2     बाड़मेर – 34.4 – 13.9     जैसलमेर – 30 – 13.9     जोधपुर – 30.6 – 12     बीकानेर – 31.6 – 14.4     चूरू – 30.6 – 9.5     गंगानगर – 28.3 – 12     नागौर – 30.2 – 7.4     बारां – 27.9 – 10.5     जालोर – 30.1 – 7.8     सिरोही – 24.2 – 8.3     फतेहपुर – 30.5 – 6.6     करौली – 25.9 – 11     दौसा – 28 – 9.5     प्रतापगढ़ – 28.3 – 12.9     झुंझुनूं – 29 – 10.6

डीएल बनवाने में बढ़ी परेशानी: पंजाब सरकार ने सभी शॉर्टकट किए बंद

पंजाब  पंजाब में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना पहले जैसा आसान नहीं होगा। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी और पुराने परीक्षण प्रणाली की कमजोरियों को देखते हुए, पंजाब सरकार ने नए और उन्नत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक मॉडल को लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए उठाया गया है। अब तक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जो भी पारंपरिक तरीका अपनाया जाता था, जिसमें इंस्पेक्टर के निर्णय पर निर्भरता होती थी, उसे पूरी तरह से बदल दिया गया है। अब, उम्मीदवारों को डिजिटल और ऑटोमेटेड प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो न केवल अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 'हेमा' नामक एक नया सॉफ्टवेयर लागू किया है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के तहत अब लाइसेंस के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षण होंगे, जिसमें इंस्पेक्टर की कोई भूमिका नहीं रहेगी। नई प्रक्रिया के अनुसार, टेस्ट ट्रैक पर लगाए गए सेंसर, कैमरे, आरएफआईडी और एआई-आधारित स्कोरिंग सिस्टम से ड्राइविंग की हर गलती पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। अगर ड्राइवर किसी नियम का उल्लंघन करता है, जैसे लेन बदलना, गति सीमा पार करना या रिवर्स करना, तो वह तुरंत फेल कर दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अब जुगाड़ के जरिए लाइसेंस प्राप्त करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करने पर पता चला कि ज्यादातर हादसे ड्राइवरों की बुनियादी ड्राइविंग गलतियों के कारण होते हैं, जैसे रिवर्स कंट्रोल, ओवरटेकिंग में गलती, अचानक ब्रेक लगाना, और लेन बदलने में लापरवाही।   इस नए टेस्ट सिस्टम को सबसे पहले मोहाली में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रशासनिक सचिव, वरुण रूजम ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और सिस्टम की सख्ती से ड्राइविंग कौशल पर जोर दिया जाएगा। अगले तीन से चार महीने में इसे राज्य के सभी जिलों में लागू कर दिया जाएगा। अब, अगर ड्राइवर एक भी गलती करता है, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त नहीं हो सकेगा।

वंदे भारत अपग्रेड: इंदौर–नागपुर रूट पर 16 कोच की नई ट्रेन, सीट क्षमता दोगुनी

इंदौर रेलवे बोर्ड ने इंदौर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में कोचों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी है। 24 नवंबर से यह ट्रेन दोगुनी सीटों के साथ चलेगी, जिससे लगभग 1200 यात्री यात्रा कर सकेंगे। व्यस्त मार्ग पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा।     इंदौर-नागपुर वंदे भारत में कोच बढ़े।     सीट क्षमता हुई दोगुनी, 1200 यात्री।     24 नवंबर से नया बदलाव होगा लागू।  इससे प्रतिदिन 600 अतिरिक्त यात्रियों को आरामदायक और तेज यात्रा का अवसर मिलेगा—जो त्योहारों और भीड़भाड़ के समय राहत का बड़ा कारण बनेगा। व्यस्ततम रूट, मांग लगातार बढ़ रही थी इंदौर–भोपाल–नागपुर रेल मार्ग मध्य भारत के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूटों में शामिल है। विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, कारोबारी और ट्रैवलर्स की भारी आवाजाही के कारण वंदे भारत में सीटें अक्सर फुल रहती थीं। वेटिंग लिस्ट भी लगातार बढ़ रही थी। इंदौर और भोपाल शिक्षा व व्यापार केंद्र हैं, वहीं नागपुर एक बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब है। ऐसे में 16 कोच का स्थायी विस्तार यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दिन से मिलेगा नई सुविधा का लाभ ट्रेन नंबर 20911 इंदौर-नागपुर व ट्रेन नंबर 20912 नागपुर-इंदौर में 24 नवंबर से इस सुविधा का लाभ यात्रियों को मिलेगा। वंदे भारत ट्रेन की एग्जीक्यूटिव क्लास के कोच में 52 तो चेयरकार कोच में 78 सीटें होती हैं। कोच बढ़ने से सीटों की संख्या भी बढ़ेगी। वंदे भारत (Indore Nagpur Vande Bharat Train) का 16 कोच वाला अपग्रेडेड रैक बुधवार को दिल्ली से इंदौर पहुंचा है। त्योहारी सीजन में फुल थी ट्रेन कोचिंग डिपो में इसका (Indore Nagpur Vande Bharat Train) मेंटेनेंस किया जा रहा है। मालूम हो, पहले यह ट्रेन इंदौर से भोपाल चल रही थी। यात्रियों की संख्या कम होने से इसे नागपुर तक कर दिया गया। त्योहारी सीजन में यह ट्रेन फुल रही। यात्रियों को वेटिंग मिली। कोच दोगुना होने से यात्रियों को आसानी से सीट मिल जाएगी। वंदे भारत ट्रेन में बीते चार माह से सीटें फुल जा रही थी। इस कारण रेलवे ने वंदे भारत के कोच बढ़ा दिए है। इंदौर से नागपुर तक ट्रेन चलाने की मांग हमेशा से उठती रहती है। दो साल पहले इंदौर से भोपाल के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया था। यह ट्रेन सुबह सवा छह बजे जाती है। इंदौर से भोपाल तक के लिए इस ट्रेन को कम यात्री मिलते थे। बाद में वंदेभारत ट्रेन का विस्तार इंदौर से नागपुर तक किया गया। इसके बाद ट्रेन को अच्छे यात्री मिलने लगे। त्यौहार के समय इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है। पहले दिल्ली भेज दिए थे रैक वंदे भारत के लिए सितंबर माह में रैक आए थे, लेकिन उसका उपयोग रेलवे ने दिल्ली पटना ट्रेन के लिए कर दिया था। अब वे रैक वापस इंदौर भेजे है। दो दिन पहले रैक इंदौर लाए गए। अब 24 नवंबर से 16 कोच के साथ ट्रेन इंदौर से नागपुर के लिए रवाना होगी। उधर इंदौर नगर निगम ने भी इंदौर से नागपुर के लिए बस सेवा शुरू की है। पिछले दिनों हरी झंडी देकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बस को रवाना किया था।