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भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत, 233 करोड़ रुपये सीधे खाते में डाले गए

 देवास  सीएम डॉ. मोहन यादव ने भावांतर योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपये राशि भेजी। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई। उन्होंने कहा- किसान को फसलों का सही दाम दिलवाना सरकार का लक्ष्य। किसानों का भला करेंगे। दूध उत्पादन को प्रोत्साहन किया जाएगा, उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 दिसंबर को गीता जयंती मनाएंगे। नगर पालिका, नगर परिषद स्तर पर गीता भवन खोलने वाले हैं। आने वाला साल कृषि आधारित उद्योग के लिए जाना जाएगा। गेहूं धीरे धीरे 2700 किया जाएगा। कांग्रेसी रोते रहेंगे… हम योजनाओं का लाभ देते रहेंगे। सीमा पर जवान, खेत पर किसान दोनों बराबर। किसानों की मेहनत से मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन स्टेट बना। हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है। कांग्रेस अगले 50 साल सत्ता से बाहर रहेगी। बिहार में चुनाव हो रहा था राहुल गांधी पचमढ़ी में छुट्टी मना रहे थे। देवास को 188 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजना चला रहे हैं। घर आंगन में गाय, बछड़े होने से आनंद आता है। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों में रोटावेटर, ड्रोन, सुपर सीडर, ब्रोड बेड फरो प्लांटर, मल्चर, फर्टीलाइजर ब्राड कास्टर, भूसा लोडर, लेजर एंड लेवलर, स्वचलित टूलबार, राउंड बेलर, स्लेशर, स्टॉरीपर, रीपर कम बाइंडर, स्प्रे पंप, सीड ग्रेडर विथ कन्वेयर, डिस्क प्लाउ सहित अन्य यंत्रों का अवलोकन किया। इस साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई जैविक खेती प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा की।

किसानों के लिए राहत: भावांतर योजना का नया मॉडल रेट आज से 4,130 रुपए

भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 13 नवंबर को 4130 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए तथा 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।

एग्जिट पोल के बाद JDU समर्थकों में जोश, पटना में लगे ‘टाइगर अभी जिंदा है’ के पोस्टर

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले जेडीयू खेमे में जोश और आत्मविश्वास की नई लहर दिखाई दे रही है। पटना के जेडीयू मुख्यालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में “टाइगर अभी जिंदा है” का बड़ा पोस्टर लगाया गया। पोस्टर में नीतीश कुमार की मुस्कुराती तस्वीर दिखाई दे रही है। पोस्टर के अंदर बड़े अक्षरों में- टाइगर अभी जिंदा है लिखा हुआ है। यहा पोस्टर इस बात का संकेत है कि एग्जिट पोल के बाद एनडीए और जेडीयू खेमे में जोश लौट आया है। गौरतलब है कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल्स ने बिहार में एनडीए गठबंधन के पक्ष में रुझान दिखाए हैं। कई चैनलों ने संकेत दिया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार बनाने की स्थिति में हो सकता है। तेजस्वी ने एग्जिट पोल को नकारा वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव के बाद आये 'एग्जिट पोल' को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश में महागठबंधन बड़ी जीत की तरफ बढ़ रहा है और 18 नवंबर को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तेजस्वी ने कहा कि भाजपा के प्रभाव में मीडिया अपनी विश्वसनीयता खो चुका है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जैसा सर्वे चाहते हैं उसी के हिसाब से आंकड़े जनता के सामने पेश किये जाते हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इसी मीडिया ने ऑपरेशन सिंदूर के समय लाहौर पर भारत का कब्जा करवाया था। झारखंड और बंगाल में 'एग्जिट पोल' में भाजपा को जिताया था और अब बिहार में उसी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश मे मीडिया की विश्वसनीयता निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है और एक दिन पहले इसी मीडिया ने फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को जीते जी मार दिया था। उन्होंने कहा कि हास्य का विषय है कि कुछ भाजपाई नेताओं में धर्मेंद्र के निधन पर शोक भी व्यक्त कर दिया था।  

धान खरीदी को लेकर राजनीति तेज: डिप्टी सीएम बोले—‘ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है’

रायपुर छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही विपक्ष और सरकार के बीच सियासत तेज हो गई है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए जमकर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि “ठगने और लूटने वाली पार्टी कांग्रेस है. हमारी सरकार किसान हितैषी है और सभी वादों को पूरा कर रही है. बता दें, पूर्व सीएम बघेल ने धान खरीदी को लेकर दावा किया है कि धरातल पर धान खरीदी की कोई तैयारी नहीं है. इधर एग्री स्टैक पोर्टल में पंजीयन की दिक्कतों से पंजीयन के लिए 7 लाख किसान परेशान हैं. पंजीयन के लक्ष्य से ही समझ आ रहा है कि सरकार ही नहीं चाहती कि पूरे किसान धान बेचें, इसलिए पेचीदगियां पैदा की गई हैं. डिप्टी सीएम अरुण साव ने पूर्व सीएम बघेल के इस बयान का पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने बोनस देने का वादा किया था, लेकिन उसे 5 साल तक निभाया नहीं. किस्तों में पैसा दिया और चौथी किस्त में कटौती कर पैसा खा गई.” उन्होंने आगे कहा कि धान खरीदी निर्धारित तिथि पर सुचारू रूप से शुरू होगी, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. देर रात हुई मंत्रियों की बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में बीती रात मंत्रियों की एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यक्रम लगातार जारी हैं और कार्यकर्ताओं व नेताओं का कार्यालय आना-जाना नियमित रूप से चलता रहता है. SIR पर कांग्रेस की निगरानी को लेकर कसा तंज इस बीच, SIR प्रक्रिया को लेकर आज कांग्रेस की निगरानी समिति की बैठक प्रस्तावित है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी को न संविधान पर भरोसा है, न संवैधानिक संस्थाओं पर. उनका भरोसा सिर्फ एक परिवार और उसके आदेशों पर है. SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, पहले भी होती रही है. कांग्रेस अपने ही जनाधार पर सवाल उठा रही है.” उन्होंने आगे कहा- “कांग्रेस अब वोट चोरी, मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाकर जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस अब जनता से कट चुकी है, उसके अपने कार्यकर्ता भी उससे दूर जा रहे हैं,”

लूट की बड़ी वारदात: हथियारबंद बदमाशों ने 11 लोगों को बंधक बनाकर घर लूटा

कोरबा कोरबा में  बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत लगभग जिले से 10 किलोमीटर दूर ग्राम तराईडांड में  शत्रुघ्न दास का परिवार निवास करता है जहां शत्रुघ्न दास घर पर राशन दुकान का संचालन करता है इसके अलावा खेती किसानी भी करता है गांव का एक बड़ा किस है जहां आर्थिक रूप से  मजबूत है। बताया जा रहा है कि शत्रुघ्न दास के परिवार में बेटा बहू और भाई समेत लगभग 11 सदस्य हैं जो सभी रात 10:00 बजे खाना खाने के बाद सभी अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। रात लगभग 1:00 बजे उसके घर के पीछे हिस्से से दीवार बांधकर लगभग 10 से 15 लोग घर के अंदर घुसे जिनके पास धारदार हथियार था शत्रुघ्न दास को लगा कि कोई कुत्ता या जानवर होगा जो अंदर आया होगा और वह कमरे से बाहर निकाल कर देखा तो हथियार से लेस लोग खड़े हुए थे जहां उन्हें हथियार की नोक पर आवाज देने या किसी तरह की हरकत करने पर जान से मारने की धमकी देने लगे सभी को हथियार की नोक पर सभी को घर पर रस्सी से बांध दिया। और घर पर रखें लगभग डेढ़ लाख नगदी रकम समेत सोने चांदी के जेवरात समेत सब ले भागे। रात 3:00 बजे लगभग किसी तरह सभी ने एक दूसरे के सहयोग से रस्सी को खोला और गांव वालों की इसकी जानकारी दी इसके बाद हड़कंप मच गया। इसकी शिकायत सुबह होने पर संबंधित बालको थाना पुलिस को दी गई जहां उच्च अधिकारियों को निर्देश पर कोरबा सीएसपी भूषण एक्का मौके पर पहुंचे और जांच कार्रवाई शुरू की जहां शत्रुघ्न दास और उनके परिजनों का बयान दर्ज किया गया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण दहशत में है। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर ने बताया कि मकान मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

जोधपुर कोर्ट का फैसला: आनंदपाल एनकाउंटर में पुलिस पर हत्या का केस रद्द

जोधपुर बहुचर्चित गैंगस्टर आनंदपाल सिंह एनकाउंटर केस में जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय से पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) जोधपुर महानगर के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें एनकाउंटर में शामिल सात पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलाने के निर्देश दिए गए थे। इस फैसले से तत्कालीन चूरू एसपी राहुल बारहठ, सीओ कुचामन सिटी विद्या प्रकाश, और एसओजी इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह राठौड़ सहित सभी सात पुलिस अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। यह फैसला उन पुलिस अधिकारियों की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने 24 जुलाई 2024 को एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) के आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए अदालत ने धारा 147, 148, 302, 326, 325, 324 सहपठित 149 आईपीसी के तहत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संज्ञान लिया था। मामला क्या था यह पूरा मामला 25 जून 2017 को चुरू जिले के मालासर गांव में हुई मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आनंदपाल ने अपनी एके-47 राइफल से पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की। राजस्थान सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने जांच के बाद मुठभेड़ को वास्तविक मानते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। हालांकि, आनंदपाल की पत्नी राज कंवर ने इस रिपोर्ट का विरोध करते हुए प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आनंदपाल ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे गोली मार दी। एसीजेएम (सीबीआई प्रकरण) ने यह प्रोटेस्ट पिटीशन स्वीकार करते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा- आत्मरक्षा अपराध नहीं पुलिस अधिकारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनीत जैन, राहुल चौधरी और उमेशकांत व्यास ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि सीबीआई की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि 32 गोलियां आनंदपाल की एके-47 से चलीं, और कमांडो सोहन सिंह की पीठ में लगी गोली भी उसी राइफल से चली थी। डीजे जोधपुर महानगर कोर्ट ने माना कि वैज्ञानिक साक्ष्य यह साबित करते हैं कि मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई थी, और यह स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। कोर्ट ने गवाह रूपेंद्र पाल की गवाही को अविश्वसनीय बताया और कहा कि एसीजेएम का आदेश कानूनी रूप से अस्थिर और तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण था। अंततः सत्र न्यायालय ने एसीजेएम का आदेश निरस्त करते हुए पुलिस अधिकारियों को राहत प्रदान की।

हरियाणा-केन्या कृषि सहयोग बना आर्थिक विकास की नई दिशा : कृषि मंत्री सैनी

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हरियाणा निवास में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में केन्या दौरे पर गए हरियाणा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में कृषि निवेश के अवसरों और वैश्विक सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और गन्नौर के विधायक देवेंद्र कादयान भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्या सरकार के साथ कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि लगभग 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर हरियाणा के किसानों द्वारा खेती के लिए एमओयू (MoU) की संभावनाओं पर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा से पहले ही अनेक कृषि उत्पाद केन्या को निर्यात किए जा रहे हैं, और भविष्य में कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, आयात-निर्यात एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेश सहयोग विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मिलकर एक ऐसी कार्य योजना तैयार करें, जिसके तहत जो भी हमारे किसान विदेशों में कृषि या उससे संबंधित कार्यों में रुचि रखते हैं, उन्हें हर प्रकार की तकनीकी, हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर संबंधी सहायता समन्वयित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस कार्य में कृषि विश्वविद्यालयों को भी सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि केन्या की जलवायु और मिट्टी भारतीय कृषि के अनुकूल है, जिससे हरियाणा के किसान वहां अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं। श्री सैनी ने कहा कि यह पहल न केवल हरियाणा की कृषि को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि राज्य के किसानों के लिए नई आर्थिक संभावनाओं के द्वार भी खोलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य के कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि केन्या दौरा हरियाणा के किसानों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए द्वार खोलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दौरे के दौरान प्राप्त निष्कर्षों और समझौतों को ठोस कार्ययोजना में बदला जाए, ताकि किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बैठक में विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने केन्या यात्रा की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरे के दौरान नैरोबी में अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) तथा केन्या नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KNCCI) के साथ सार्थक बैठकें हुईं। इन बैठकों में कृषि नवाचार, मशीनीकरण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीतियाँ, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात-आयात सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि भारत और केन्या के कृषि विश्वविद्यालयों व अनुसंधान संस्थानों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति बनी है, जिससे नई तकनीकों, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कृषि उत्पादों के व्यापारिक विस्तार और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह, केन्या दौरे पर गए किसान एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अवैध धान तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: चिल्फी में दो ट्रक पकड़े गए, 647 क्विंटल धान जब्त

कबीरधाम 15 नवंबर से शुरू होने वाले धान खरीदी सीजन के मद्देनजर जिले के सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन की रोकथाम के लिए प्रशासन ने चौकसी तेज कर दी है। सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं और निगरानी के लिए राजस्व, पुलिस, मंडी और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम तैनात की गई हैं। इसी अभियान के तहत चिल्फी घाटी में संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रक में भरे कुल 647 क्विंटल अवैध धान को जब्त किया। नायब तहसीलदार ऋतु श्रीवास ने बताया कि जांच के दौरान ट्रक को रोककर पूछताछ की गई। वाहन चालकों ने बताया कि धान उत्तर प्रदेश से लाया जा रहा था, लेकिन वे इस संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। संयुक्त टीम द्वारा धान को जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले में धान खरीदी के दौरान निगरानी और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में अवैध धान परिवहन को रोका जा सके।

टिकट रद्द होने से रेलगाड़ियाँ दिल्ली के लिए हुईं खाली, यात्रियों में निराशा

 प्रयागराज दिल्ली में हुए धमाके के बाद गुरुवार को भी रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता नजर आई। जहां स्टेशनों पर जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली रूट की ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटने लगी है। बीते दो दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में 30 हजार से अधिक आरक्षित टिकट रद्द किए गए हैं। अकेले प्रयागराज जंक्शन पर 8100 से ज्यादा टिकट निरस्त हुए हैं। इनमें दिल्ली के यात्री भी शामिल है। विस्फोट की घटना के बाद प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में टिकट निरस्त कराने का आंकड़ा बढ़ा है। इसका असर यह हुआ है कि अब वंदे भारत और हमसफर जैसी वीआईपी ट्रेनों में भी बर्थ आसानी से मिल रही है। गुरुवार को वाराणसी नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (22415) में रात साढ़े सात बजे तक चेयर कार की 230 सीटें खाली थीं, जबकि नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस के एसी-थ्री में 165 बर्थ तत्काल कोटे में उपलब्ध थीं जो सामान्य दिनों में संभव नहीं होता। वहीं, 15 नवंबर के लिए 532 सीटें खाली हैं। इसी तरह 14 नवंबर की यात्रा के लिए वंदे भारत (22435) के चेयरकार में 444 सीटें खाली हैं। प्रयागराज मंडल के आंकड़ों के अनुसार, 10 और 11 नवंबर को प्रयागराज मंडल में कुल 30,909 आरक्षित टिकट निरस्त हुए। इसमें प्रयागराज जंक्शन पर 8,106, जबकि केवल 11 नवंबर को 4,022 टिकट कैंसिल हुए।

जैश की महिला विंग का खुलासा — डॉक्टर शाहीन ने कैसे गरीब लड़कियों को बनाया हथियार?

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला है और इसका फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन है. सरकार अब दिल्ली बम ब्लास्ट को आतंकी घटना मान चुकी है. अब जांच एजेंसियां भी इसी एंगल से जांच में लगी हैं. आतंकी डॉक्टर उमर और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में अरेस्ट आतंकियों के तार जुड़ते जा रहे हैं. डॉक्टर बनकर आतंकी साजिश रचने वाले आतंकियों की कुंडली खंगाली जा रही है. इस बीच जैश की लेडी कमांडर डॉ. शाहीन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जी हां, आतंकी डॉ. शाहीन की कहानी अब बहुत दिलचस्प हो गई है. जानकारी के मुताबिक, आतंकी डॉक्टर शाहीन श्रीलंका के LTTE की तर्ज पर काम करना चाहती थी. उसके इरादे बहुत खौफनाक थे. वह भारत में मौजूद मुस्लिम लड़कियों को जिहादी बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों को शिकार बनाना चाहती थी और उनके नाम पर टेरर फंडिंग लेना चाहती थी. उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फंडिंग भी मिल रही थी. दरअसल, जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की जांच में पांच ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर डॉक्टरों के टेरर मॉड्यूल का खतरनाक इरादा पता चल जाएगा. आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर पांच चौंकाने वाले खुलासे:     डॉक्टर शाहीन श्रीलंका की आतंकी संगठन लिट्टे (LTTE) की तर्ज पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग खड़ी करने की योजना में लगी हुई थी. वह लिट्टे से सम्बंधित लेख को भी पढ़ चुकी थी. जांच एजेंसी डॉक्टर शाहीन को बहुत हार्ड कोर रेडिकलाइज मान करके आगे बढ़ रही है. ताकि उसके असल इरादे का पता चले.     डॉ. शाहीन दिखावे के लिए दवाखाना भी खोलना चाहती थी. उसकी मुस्लिम लड़कियों को जिहाद की ओर ढकेलने की साजिश थी. इसके लिए वह रिक्रूट सेंटर के लिए तहखाना बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों के नाम पर टेरर फंडिंग ले रही थी.     भारत में आतंकी ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर शाहीन सीक्रेट जगह ढूंढ रही थी. रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए आंतकी शाहीन यूपी के सहारनपुर और हापुड़ में जगह की तलाश कर रही थी. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश से डॉ. शाहीन को फंडिंग मिली थी.     डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज को जांच एजेंसी फरीदाबाद-दिल्ली ले गई है. जांच एजेंसी उसके लखनऊ स्थित घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फ़ोन और हार्ड डिस्क को खंगाल रही है. उसके कांटेक्ट में रहने वाले लोग भी राडार पर हैं.     डॉक्टर शाहीन के संपर्क में रहने वाले एक डॉक्टर से यूपीए ATS पूछताछ कर रही है. डॉक्टर शाहीन ने जिन जिन लोगों से मुलाकात की और लोकेशन पर गई थी, वो सभी UP ATS के राडार पर हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में डॉक्टर शाहीन और उसके नापाक इरादों को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं. कौन है डॉक्टर शाहीन दरअसल, डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के तहत ही गिरफ्तार किया गया है. कहा जाता है कि डॉक्टर शाहीन दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट के आरोपी आतंकी मुजम्मिल की कथित गर्लफ्रेंड है. वह लखनऊ की रहने वाली है. उसकी उम्र 46 साल है. घरवालों के मुताबिक वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी. वह अपने क्लास में टॉप करती थी. सरकारी स्कूलों से शुरू हुई उसकी पढ़ाई ने उसे एक सफल एमबीबीएस डॉक्टर और प्रोफेसर बना दिया. उसने मेडिसिन के फील्ड में कई साल काम किया. स्टूडेंट्स को पढ़ाया और प्रैक्टिकल नॉलेज दी. फरीदाबाद में क्या हुआ दिल्ली ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा खुलासा हुआ. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के तार जब हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचे तो पूरी दुनिया के होश उड़ गए. हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से 2,900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुए. इसके साथ कई आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारियां भी हुईं. इनमें शाहीन भी है. इसके बाद उसी शाम को यानी सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में विस्फोट हुआ. फरीदाबाद वाली रेड से बच निकले आतंकी डॉक्टर उमर ने यह धमाका किया. लाल किले वाली विस्फोट में बारह लोग मर गए, जिनमें आतंकी उमर भी था. फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी से डॉक्टरों से जुड़े एक आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया, जो कथित तौर पर अखिल भारतीय हमलों की योजना बना रहे थे.