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उज्जैन पुलिस ने ट्रैक की दो एक नंबर की कारें — एक मुख्यमंत्री काफिले की

उज्जैन  एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाने का मामला सामने आया है। माधव नगर पुलिस ने दोनों वाहनों को थाने में खड़ा करवाया है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी। आरोपित ने कंपनी से कार फाइनेंस करवाने के बाद उसकी किश्त जमा नहीं की थी। कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपनी दूसरी कार का नंबर लगा लिया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि एक कार को बीते दिनों सीएम के कारकेट भी लगाया गया था। बचने के लिए दूसरी कार का नंबर लगा दिया जानकारी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के अधिकारी माधव नगर थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाए जाने की बात कही थी। शिकायत में पुलिस को बताया गया था कि एक सुनील नामक व्यक्ति ने उनकी कंपनी से कार फाइनेंस करवाई थी। इसकी किश्त उसने जमा नहीं की है। इसके बाद उसने फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए कार पर दूसरी कार का नंबर लगा लिया है। इसके बाद उसे शहर में चलाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों पर पुलिस ने जांच की तो एक ही नंबर की दो इनोवा कार भी मिली है। जिसके बाद दोनों कारों को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया गया है। टीआइ राकेश भारती का कहना है कि दो कारों पर एक ही नंबर लगा होने की सूचना मिली थी। जिस पर दोनों कारों को जब्त कर थाने ले जाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सीएम कारकेट में भी लगी एक कार बताया जा रहा है कि एक नंबर की दो कारों में से एक को बीते दिनों सीएम डा. मोहन यादव के कारकेट में भी लगाया गया था। जिसकी भी जांच की जा रही है।

ठेकेदार की मनमानी: 8 इंच की जगह 4 इंच में ढलाई, कलेक्टर बोले – जांच के बाद नहीं बख्शा जाएगा

बालोद आदिवासी विकासखंड डौण्डी के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित गांव कटरेल में सीसी रोड निर्माण में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस काम में निर्माण एजेंसी मनमानी कर रहा. बिना झिल्ली बिछाए एस्टीमेट में 8 इंच सड़क को महज 4 इंच में ढाला जा रहा है. इस मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है. ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने 266 मीटर सीसी रोड के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए थे, जिसका निर्माण RES विभाग की देखरेख में हो रहा है. यह सड़क डीएमएफ की राशि से बनाई जा रही है. ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि घटिया सड़क का निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. इस पर जांच कर जितना काम हुआ है उतना ही मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां बिना झिल्ली के निर्माण किया गया है उसे पुनः तोड़ कर निर्माण किया जाना चाहिए. इस पूरे मामले में आरईएस के एसडीओ जयप्रकाश चंद्राकर ने बताया कि आपके द्वारा जानकारी मिलने के बाद मौके पर गया था. इंजीनियर को निर्देशित किया गया है कि जांच कर कोर कटिंग जितना निकलेगा उतने का ही मूल्यांकन करें. अब देखना होगा कि डौंडी विकासखण्ड में के घोर जंगल में बसे गांवों में हो रहे इस तरीके के कार्यों पर कार्यवाही हो पाती है या लीपापोती कर अधिकारी ऐसे लोगों को संरक्षण देकर ऐसे ही गुणवत्ताहीन कार्य कराकर भ्रष्टाचार को अंजाम देंगे.

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व सरपंच पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जांच के लिए टीम पहुंची गांव

कवर्धा विवादों में घिरा ग्राम पंचायत दशरंगपुर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। यहां के पूर्व सरपंच राजू खान पर 50 लाख से अधिक रुपए का गंभीर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों और उपसरपंच दुर्गेश साहू का आरोप है कि पंचायत में आए विकास कार्यों के फंड का दुरुपयोग कर पूर्व सरपंच राजू ने अपनी जेब भरी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 40 साल पुराने बोर खनन के नाम पर राशि निकाल ली गई, जबकि ऐसा कोई काम नहीं हुआ। सड़क, पानी टंकी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर पैसे की बंदरबांट की गई। इस संबंध में उपसरपंच दुर्गेश साहू ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पंचायत में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। ग्रामीणों ने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर भ्रष्टाचार की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। शिकायत के बाद जनपद पंचायत के पांच सदस्यीय जांच दल ने ग्राम पंचायत दशरंगपुर पहुंचकर यहां हुए कार्यों की भौतिक जांच शुरू कर दी है। जांच दल जिओ टैगिंग के माध्यम से पूर्व में किए गए तथाकथित विकास कार्यों की पड़ताल कर रहा है। सारे आरोप बेबुनियाद : पूर्व सरपंच इस मामले में पूर्व सरपंच राजू खान ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश करार दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सबकी नजरें इस पर टिकी है कि जांच के बाद सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।

भोपाल सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हुआ महंगा, अब वसूले जाएंगे 10 रुपये

भोपाल  शहर में संचालित होने वाले सशुल्क सार्वजनिक शौचालय का शुल्क महंगा हो गया है। अब यहां जाने पर नागरिकों को छह के बजाए 10 रुपये देने होंगे। इसकी मंजूरी  महापौर मालती राय की अध्यक्षता वाली मेयर इन काउंसिल ने दे दी है। बैठक में इसके अलावा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर सहित नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा पर 25 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से नए विसर्जन घाट विकसित किए जाएंगे। कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी परम्परागत पुराने विसर्जन घाटों पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम ने यह जगह चिन्हित की हैं । वहीं बड़ा तालाब और कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी। आइएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में मेयर इन कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। एमआइसी के सामने करीब 15 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों पर मेंबरों ने चर्चा कर पास कर दिए। यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था ज्यादातर एचएफए के अधूरे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव लाए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समरधा में आवासीय सह व्यवसायिक काम्पलेक्स के बैलेंस वर्क को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 11 लाख के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई। जबकि कलखेड़ा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स एस्कान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन दिया गया है। फर्म को यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था। नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी वहीं भौंरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया फेस-एक, हिनोतिया आलम और रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट में नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी दी गई। आलम नगर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स सांई कंस्ट्रक्शन को 15 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 16 जून 2025 को पूरा होना था। इसी तरह रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स पैराडाइज को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 14 अप्रैल 2025 को पूरा होना था। बड़ा तालाब और कलियासोत डेम का होगा उद्धार अमृत 2.0 में कलियासोत नदी के रिज्युवेशन कार्य के लिए 36.68 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई । इसी तरह अमृत 2.0 में बड़ा तालाब के रिज्युवनेशन कार्य के लिए 14.91 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कलियासोत डेम में गर्मी के मौसम में पानी खत्म हो जाता है। इसमें पानी स्टोर रहे, इसके लिए स्टाप डेम बनाए जाएंगे। वहीं स्पॉट डेम में शुद्ध पानी रहे, इसके लिए आसपास बाउंड्री बनेगी। इसी तरह बड़ा तालाब में मिल रहे नालों की टेपिंग होगी। नालों के गंदी पानी को एसटीपी की तरफ मोड़ा जाएगा। अमृत मित्र को मिला एक्सटेंशन अमृत 2.0 में अमृत मित्र बनाए गए हैं। इसमें दो स्व सहायता समूह काम करते हैं, जो घर-घर जाकर पानी सेम्पल लेकर टेस्टिंग लैब में देते हैं । इन्हें हर सैम्पल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। अमृत मित्र का टेंडर 18 जून को खत्म हो गया है । इसलिए एमआइसी में एक साल एक्सटेंशन की फाइल रखी गई। हालांकि मेंबरों ने इसे तीने महीने करने को ही कहा है।  

करणी सेना–पुलिस झड़प: सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, रिपोर्ट तलब

हरदा  हरदा में करणी सेना परिवार के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा राजपूत छात्रावास में घुसकर किए गए लाठीचार्ज पर सीएम ने संज्ञान लिया है।सीएम ने ट्वीट कर लिखा, हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्चय प्राथमिकता है। मप्र में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। हरदा में विवाद की पूरी टाइम लाइन     विवाद की शुरुआत 11–12 जुलाई को हुई। करणी सेना परिवार के नेता आशीष सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके साथ हीरा खरीदने के नाम पर ₹18 लाख की धोखाधड़ी हुई, जिसकी उन्होंने मोगली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आशीष राजपूत ने विकास लोधी, मोहित वर्मा, उमेश तपानिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।     12–13 जुलाई को पुलिस ने आरोपी मोहित वर्मा को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 40–50 करणी सेना कार्यकर्ता कोर्ट परिसर और मुख्य मार्ग पर आकर अदालत के रास्ते पर आरोपी को सौंपने की मांग की इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।     पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बातचीत की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 4–5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत, आशीष राजपूत भी शामिल थे।     3 जुलाई रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने खंडवा बायपास हाईवे और अन्य मार्गों को बंद कर दिया। जाम के कारण स्कूल, एम्बुलेंस प्रभावित हुए तो पुलिस ने तीन बार तक लाठीचार्ज किया, साथ में तीन बार वाटर कैनन, आंसू गैस फायरिंग की गई। पुलिस ने नियम तोड़ने के आरोप में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 60 से ज्यादा लोगों को जेल भेज दिया गया।     कोर्ट के बाहर और राजपूत छात्रावास में घुसकर क्षेत्र के साथ भी क्षेत्र को खाली कराने के लिए दोबारा बल प्रयोग किया गया।     14 जुलाई को 60 से ज्यादा गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने के लिए हरदा में प्रशासन ने Section 163 BNS (पूर्व 144) लागू कर दी गई।     पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे, उन छात्रों से मिले जिनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बच्चों सहित महिलाओं को पीटने का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।     15 जुलाई को करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को शर्तों के साथ रिहा किया गया। उन्होंने आंदोलन शांतिपूर्ण रखने और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया     प्रशासन ने अधिकृत रिपोर्ट तैयार की और वीडियो फुटेज जारी कर यह दिखाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई समूह विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी ।

खुलासा : छांगुर बाबा नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण के अड्डे खोलने की तैयारी कर रहा था

 बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एटीएस की गिरफ्त में आए छांगुर बाबा को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, छांगुर नेपाल सीमा से सटे गांवों में इस्लामिक मूवमेंट फैलाने और धर्मांतरण के अड्डे खोलने की साजिश रच रहा था. इसके लिए उसने 46 गांवों के युवाओं को टारगेट किया था और एक पूरी टीम भी खड़ी कर ली थी.  छांगुर बाबा का मकसद सीमावर्ती युवाओं को कट्टर सोच और जिहाद की तरफ झुकाने का था, जिसके लिए वह जलसों में तकरीरें करता और परचे बांटकर उनकी मानसिकता समझने की कोशिश करता था. चिह्नित युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वह उन्हें पैसों का लालच भी दे रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छांगुर ने इस्लामिक मूवमेंट फैलाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रखी थी. विदेशों से उसके पास लगातार पैसे आने लगे थे और वह नेपाल में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटा था. साल 2020 के बाद वह आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हो गया. वर्ष 2015 तक जो छांगुर पुरानी बाइक से अंगूठियां और नग बेचता था, वह अब लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगा था. उसके करीबियों की संपत्तियां भी तेजी से बढ़ीं. एटीएस की जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने सरकारी जमीनों पर भी कब्जा करने का खेल शुरू कर दिया था. उतरौला क्षेत्र में तालाब, चरागाह, खलिहान की जमीनों पर उसकी नजर थी. तहसील कर्मियों की मिलीभगत से उतरौला के एक तालाब की जमीन अपने नाम करा ली थी और बाद में उसे नीतू रोहरा के नाम एक करोड़ रुपये में बेच दिया गया. नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने इस तालाब की जमीन पाटने की रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजी थी. उतरौला में छांगुर बाबा ने दो जगहों पर कब्जे किए थे, जिनमें से एक कोठी प्रशासन ने गिरा दी है, जबकि दूसरी जगह को लेकर जांच जारी है. छांगुर बाबा के नेटवर्क में 18 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. अगस्त 2024 में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन करीब आठ महीने तक जांच ही चलती रही. अप्रैल 2025 में इसके बेटे और सहयोगी नवीन रोहरा की गिरफ्तारी के बाद छांगुर का नेटवर्क कमजोर पड़ने लगा और उसके करीबी उससे दूरी बनाने लगे. फिलहाल छांगुर एटीएस की रिमांड कस्टडी में है, जहां उससे पूछताछ जारी है. रिमांड की दो दिन की अवधि और बची है. एटीएस का मानना है कि पूछताछ में इससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। आज 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। इन गेटों को आज सुबह 10:45 बजे खोलकर 8390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश जारी है। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं। मंडला के सुभाष वार्ड में पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़क पर तीन फीट के ऊपर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा घाटों पर बने मंदिर डूब गए हैं। मंगलवार को 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।

1971 वॉर में शहीदों का बांग्लादेश ने 54 साल बाद अब किया सम्मान, जवान के घर भिंड पहुंचा स्मृति चिन्ह , पत्नी हुई भावुक

भिंड  चंबल को वीरों की भूमि कहा जाता है. इस क्षेत्र के अनेकों वीर सपूतों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. ऐसे ही भिंड के 12 वीर सपूतों ने 1971 के भारत-पाकिस्तान जंग में लड़ते हुए शहीद हो गए थे. पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा जो कि वर्तमान में बांग्लादेश है वह भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी. सन् 1971 के युद्ध के करीब 54 साल बाद बांग्लादेश की सरकार ने शहीद भारतीय जवानों को सम्मानित किया है. 54 साल बाद शहीद जवान को मिला सम्मान 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान जंग में भिंड के 12 वीर सपूत शहीद हुए थे, इसमें से एक शहीद राम लखन गोयल भी थे. दो दिन पहले अचानक भिंड शहर के सैनिक कॉलोनी में आर्मी की एक गाड़ी पहुंची. गाड़ी में मौजूद आर्मी के जवानों ने आवाज लगाई तो घर से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी गोयल बाहर निकली. लीला देवी अचानक घर के सामने आर्मी के जवानों के देख अचंभित रह गई. एक जवान ने उनसे पूछा कि क्या वे शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हैं? लीला देवी ने कहा कि हां, मैं शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हूं. वहां खड़े सेना के दो जवानों ने उनके पैर छुए और बताया कि वह उनके शहीद पति का सामान लेकर आया है. बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने किया सम्मानित सेना के जवानों ने गाड़ी से एक बॉक्स निकाला. जिसमें बांग्लादेश की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर, एक शील्ड और एक हफ्ता सहित एक पत्र था. वह लेटर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद की ओर से भेजा गया था. प्रमाण पत्र में लिखा हुआ था कि बांग्लादेश सरकार 1971 के भारतीय शहीद जवान का सम्मान कर रही है. यह सम्मान पत्र करीब 7 साल पहले जारी किया गया था. शहीद राम लखन गोयल की पत्नी लीला देवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा, "यह सम्मान तो अच्छा है, लेकिन बहुत देर कर दी. मेरे पति देश के लिए शहीद हो गए. उसके बाद से मैं अकेली रह रही हूं. मेरी शादी के कुछ ही दिन बाद वह शहीद हो गए थे. तार के माध्यम से पता चला था कि वह शहीद हो गए हैं. मेरा कोई बच्चा भी नहीं है. मैंने परिवार का भतीजा गोद लिया है."

असामाजिक तत्वों ने आधी रात में कार में लगाई आग, पीड़ित की तत्परता से टला बड़ा हादसा, दर्ज कराई शिकायत

अभनपुर  राजधानी से लगे अभनपुर क्षेत्र में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात ग्राम जौंदी में एक ग्रामीण की नई इको गाड़ी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे वाहन बुरी तरह जल गया। पीड़ित ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना गोबरा नवापारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीड़ित ग्रामीण अजय बैरागी ने बताया कि उन्होंने महज 4 महीने पहले नई इको गाड़ी (क्रमांक CG 04 QD 7630) खरीदी थी। वह उसे घर के बाहर ही खड़े करते थे। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 12:30 बजे किसी ने उनकी गाड़ी में आग लगा दी। अजय को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर पड़ोसियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वाहन का सामने का हिस्सा और चारों टायर जल चुके थे। अजय ने बताया कि उन्हें शक है कि यह कृत्य दुश्मनी के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट थाना गोबरा नवापारा में दर्ज कराई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

‘उदयपुर फाइल्स’ पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, कहा- सरकार जल्द तय करे रिलीज पर रुख

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की जिहादियों द्वारा जघन्य हत्या किए जाने के मामले पर बनी फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ नहीं हो सका है। इस मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसने फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से गठित पैनल को इस मामले में तेजी से फैसला लेने को कहा है। अदालत ने कहा कि कमेटी को तेजी से निर्णय लेना चाहिए कि आखिर फिल्म पर उसका क्या फैसला है। बेंच ने कहा कि यह फैसला लेना हमारा अधिकार नहीं है कि कौन सी फिल्म रिलीज होनी चाहिए और कौन सी नहीं। यह अधिकार सरकार के पास है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच ने फिल्म के खिलाफ आपत्तियों पर सुनवाई कर रही केंद्र की समिति से कन्हैया लाल हत्या मामले के आरोपियों का पक्ष भी सुनने को कहा। बेंच ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर पैनल का गठन हुआ है। सरकार पैनल की ओर से फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद आगे बढ़ सकती है। बेंच ने कहा, 'हम इस फैसले को फिलहाल रोकते हैं। हमें देखना होगा कि केंद्र सरकार उच्च न्यायालय में क्या कहती है। यदि सरकार कहती है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है तो फिर देखेंगे। यदि कुछ चीजें काटने की बात कही जाती है तो वह भी देखना होगा। हां, यदि केंद्र सरकार फैसला ही न ले तो अलग मामला है।' अदालत ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि इस मामले में एक कमेटी का गठन हुआ है और हमें एक से दो दिन इंतजार करना होगा। जजों ने कहा कि इस मामले में गठित कमेटी को तुरंत फैसला लेना चाहिए। बेंच ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में बेंच की ओर से जल्दी ही फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही हम अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय करते हैं।' अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मूवी के कॉन्टेंट को लेकर कुछ नहीं कहा है। उसने सिर्फ याचियों से इतना कहा है कि वे इस मामले में केंद्र सरकार से संपर्क करें।