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निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। निर्माण एजेंसियाँ पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना का समय पर विकास प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में राज्य में संचालित चिकित्सा शिक्षा से संबंधित अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, पीजी व यूजी अपग्रेडेशन योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी भी परियोजना में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अवरोध उत्पन्न होता है, तो उसकी सूचना तुरंत उच्च स्तर पर दी जाए, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण कार्यों एवं यूजी, पीजी अपग्रेडेशन परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के साथ-साथ फर्नीचर एवं आवश्यक उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया को भी समांतर रूप से संपादित किया जाए, ताकि भवन के पूर्ण होते ही उसमें स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जा सकें और किसी भी प्रकार के अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी एवं दस्तावेजी समीक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्य की पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। बैठक में केंद्रांश मद से संचालित श्योपुर, सिंगरौली, राजगढ़ और मंडला मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसी प्रकार राज्यांश मद से निर्माणाधीन उज्जैन, बुधनी, छतरपुर और दमोह मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की स्थिति की भी गहन समीक्षा कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डायरेक्टर प्रोजेक्ट श्री नीरज कुमार सिंह, बीडीसी के एमडी श्री सिवी चक्रवर्ती, स्वास्थ्य विभाग, पीआईयू एवं बीडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ

सावन का पहला सोमवार मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप  जनजातीय समूहों के कलाकारों ने सवारी में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर किया बाबा श्रीमहाकाल का स्वागत भगवान श्रीमहाकाल मनमहेश स्वरूप में निकले उज्जैन नगर भ्रमण पर लाखों की संख्या में शामिल हुए भक्त, वैदिक मंत्रों के उद्घोष के साथ हुआ सवारी का शुभारंभ उज्जैन  श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर भगवान श्रीमहाकालेश्वर मनमहेश स्वरूप में उज्जैन नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के निकलने के पूर्व श्रीमहाकालेश्वर मंदिर परिसर के सभामंडप में सर्वप्रथम भगवान महाकालेश्वर का षोड़षोपचार पूजन-अर्चन और आरती की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जनजातीय दल भगवान श्रीमहाकालेश्वर की प्रथम सवारी में पालकी के आगे मनमोहक प्रस्तुति देते हुए शामिल हुए। सावन-भादो मास की प्रथम सवारी में वैदिक उदघोष के साथ महाकालेश्वर भगवान का स्वागत किया गया। सवारी में 5 लाख से ज्यादा भक्तगण शामिल हुए।  जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन कर आरती की। इस अवसर पर  विधायक सतीश मालवीय, महेश परमार, जीतेंद्र पंड्या, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त संजय गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने  सभामंडप में भगवान मनमहेश का पूजन किया।  अवंतिकानाथ भगवान श्रीमनमहेश के स्वरूप में पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने और भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। पालकी जैसे ही श्रीमहाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजित भगवान श्रीमनमहेश को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी। सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों ने पालकी में विराजित मनमहेश भगवान के भक्तिभाव से दर्शन लाभ लिये। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सवारी महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा,  बक्षी बाजार,  कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची। भगवान महाकालेश्वर मनमहेश के स्वरुप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए माँ क्षिप्रा के तट पर पहुँचे। रामघाट पर भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक पुजारी आशीष गुरु ने संपन्न कराया। रामघाट पर भगवान मनमहेश के पूजन उपरांत सवारी रामघाट से पुन: रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई महाकालेश्वर मन्दिर वापस पहुंची। सवारी के आगे-आगे घुड़सवार, पुलिस बल, विभिन्न भजन मण्डलियां, जनजातीय नृत्य दल आदि भगवान भोलेनाथ के गुणगान एवं भजन-कीर्तन करते हुए साथ चल रहे थे। संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के माध्यम से भगवान महाकालेश्वर की सवारी में जनजातीय कलाकारों के दल ने सहभागिता की। भजन मण्डलियों में सैंकड़ों महिलाओं ने शिव स्तुतियां की। सवारी में सम्मिलित भजन मंडलियां उत्साहपूर्वक डमरू और मजीरे बजाते हुए सवारी में आगे-आगे चले। विशाल ध्वज के साथ बाबा महाकाल की पालकी निकाली गयी।  महाकाल के चरणों की सेवा मेरे लिए गौरव का विषय- मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल सावन माह के अवसर पर प्रथम शाही सवारी में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि महाकाल की नगरी में चारों ओर हर हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। उनके चरणों में सेवा करना मेरे लिए किसी गौरव से कम नहीं है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि महाकाल आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी और कर्तव्य है। उज्जैन के विकास में कोई भी कमी नहीं रहेगी। जनता की प्रत्येक सुख सुविधा का ध्यान रखते हुए विकास कार्य को और तेज गति के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूरे प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर सक्रिय हैं। भक्ति के साथ सेवा का जो अवसर हम सभी को प्राप्त हुआ है वह अद्भुत है। हम सभी बाबा महाकाल से प्रदेश में सुख शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। सवारी मार्ग पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल पर पुष्प वर्षा कर दर्शन किए। श्रीमहाकाल की प्रथम सवारी का जनसम्पर्क सहित अन्य सोशल मीडिया पर पहली बार लाइव प्रसारण किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित

एमपी के दरवाजे सभी के लिये खुले है, हर सेक्टर में निवेशकों का स्वागत है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में आने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहनकारी नीतियों के अतिरिक्त भी देंगे विशेष सुविधाएं दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस फोरम के विशेष सत्र को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन,टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है। मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़ व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है। यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है। आपरेशन सिंदूर की सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीयो और जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है। भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य सक्षम प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे हैं। किसान कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों पर‍किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी, तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट विश्वविद्यालय को श्रेणी-1 की स्वायत्तता प्राप्त होने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को यूजीसी की श्रेणी-1 की स्वायत्तता प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस विशेष उपलब्धि के लिए उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि निश्चित ही यह उपलब्धि प्रदेश में विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, नवाचारयुक्त शिक्षा पहुंचाने की हमारी संकल्पना को अधिक सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और समस्त विभागीय अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश मॉडल की दिशा में एक नया और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। अब विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरुप नई ऊंचाईयां, शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्वतंत्रता, शोध, नवाचार और मूल्यपरक शिक्षा में उत्तरोत्तर वृद्धि और गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारोन्मुखी शिक्षा के लिए आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी।  

IRCTC का नया नियम: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले जारी होगा रिजर्वेशन चार्ट, जानें नया नियम

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे में अब यात्रियों के लिए आरक्षण सूची तैयार करने की समय-सीमा में बदलाव होने जा रहा है। इसके तहत ट्रेन के प्रस्थान समय से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी हो जाएगी। भोपाल मंडल के साथ पश्चिम मध्य रेलवे के अन्य मंडलों में भी इसे 15-16 जुलाई की मध्य रात्रि से लागू कर दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों को यात्रा से पहले टिकट कन्फर्मेशन की स्थिति जानने में बड़ी राहत देगी। रेल अधिकारियों ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह आठ बजे रवाना होने वाली ट्रेनों की आरक्षण सूची 15-16 जुलाई की रात 12 बजे जारी हो जाएगी। छिंदवाड़ा से इंदौर जाने वाली पंचवैली एक्सप्रेस पहली ट्रेन होगी, जिसकी आरक्षण सूची भोपाल में रात 12 बजे तैयार हो जाएगी। अभी तक की व्यवस्था में ट्रेन के प्रस्थान समय से चार घंटे पहले आरक्षण सूची जारी होती थी। स्टेशन जाने के बाद पता चलता है टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं इसकी वजह से प्रतीक्षा सूची में शामिल ऐसे लोगों को दिक्कत होती थी, जो दूर से आते थे। उन लोगों को पांच-छह घंटे पहले रेलवे स्टेशन के लिए निकलना पड़ता था, तब तक उन्हें यह पता नहीं रहता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। प्राय: ऐसे लोगों को स्टेशन जाने के बाद पता चलता कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ। इस स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को ट्रेन छूटने से आठ घंटे पहले से ही जानकारी मिल सकेगी कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की योजना बना सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने टिकट आरक्षण व्यवस्था में यह बदलाव एक जुलाई से लागू किया था। ये किए गए बदलाव . जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय 05:00 बजे सुबह से 14:00 बजे दोपहर के बीच है, उनका पहला आरक्षण चार्ट पिछले दिन रात 9:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा. . जिन ट्रेनों का प्रस्थान 14:00 बजे दोपहर से 23:59 रात तथा 00:00 से 05:00 बजे सुबह के बीच है, उनका पहला चार्ट प्राथमिकता के अनुसार 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. . द्वितीय आरक्षण चार्ट की तैयारी की वर्तमान व्यवस्था यथावत बनी रहेगी। . ये निर्देश रिमोट लोकेशनों (Remote Locations) पर चार्टिंग के लिए भी लागू होंगे. यानी सभी ट्रेनों में यह नियम लागू रहेगा. इमरजेंसी कोटा के आवेदन में किए गए बदलाव चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव के अनुसार, EQ (आपातकालीन कोटा) के आवेदन समय में भी बदलाव किया गया है. .अगर ट्रेन छूटने का समय 13:00 से 15:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 10:00 बजे तक आवेदन देना होगा. .अगर ट्रेन छूटने का समय 15:00 से 18:00 के बीच है तो ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर ट्रेन प्रस्थान वाले दिन 12:00 बजे तक आवेदन देना होगा. . अगर ट्रेन छूटने का समय 18:00 से 24:00 और 00:00 से 13:00 तक है तो ट्रेन प्रस्थान के एक दिन पूर्व 14:00 बजे तक आवेदन देना होगा और शनिवार, रविवार अवकाश पर एक दिन पूर्व 12 :00 बजे तक देना होगा.   रेल यात्रियों को मिलेगी सुविधा     रेल यात्रियों की सुविधा के लिए अब ट्रेन के रवाना होने से आठ घंटे पहले आरक्षण सूची जारी की जाएगी। भोपाल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे में यह व्यवस्था 15-16 जुलाई की मध्यरात्रि से लागू की जा रही है। -नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल रेल मंडल

जीपीएफ स्टेटमेंट, वेबसाइट पर अपलोड, शिकायत निवारण की भी सुविधा

भोपाल महालेखाकार कार्यालय (लेखा एवं हकदारी)-द्वितीय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर द्वारा राज्य के शासकीय सेवकों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खातों के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को अब ऑनलाइन उपलब्ध है। अधिकारी एवं कर्मचारी अब अपना GPF स्टेटमेंट कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.agmp.nic.in पर जाकर अपनी सीरीज, खाता क्रमांक तथा पासवर्ड दर्ज कर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि समय की भी बचत करेगी। शिकायत निवारण भी अब ऑनलाइन जीपीएफ विवरण में यदि किसी भी प्रकार की विसंगति या त्रुटि पाई जाती है, तो अभिदाता ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट पर जाकर “Accountant General (A&E)-II” में “Online Services” विकल्प से “Register Grievances (AG)” पर क्लिक कर संबंधित जानकारी और दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं। शिकायतों का निराकरण एक माह के भीतर महालेखाकार की निगरानी में किया जाएगा। शिकायत दर्ज करने के लिए कर्मचारी दूरभाष नंबर 0751-2432457 या व्हाट्सएप नंबर 8827409410 पर भी संपर्क कर सकते हैं।  

इंदौर से गाजियाबाद के लिए डायरेक्ट फ्लाइट की सौगात, 20 जुलाई से उड़ानें होंगी शुरू

इंदौर  इंदौर से गाजियाबाद के लिए 20 जुलाई से सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है। इसके शुरू होने से नोएडा और नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा। इंदौर एयरपोर्ट से 20 जुलाई से गाजियाबाद (उप्र) के लिए सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने करीब एक माह पहले ही इसकी घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू कर दी थी। यह उड़ान प्रतिदिन संचालित होगी, जो गाजियाबाद से दोपहर में इंदौर आएगी और शाम को वापस इंदौर से रवाना होगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि नई उड़ान शुरू नहीं होने से नई दिल्ली और नोएडा जाने वाले यात्रियों को फायदा होगा। गाजियाबाद से नई दिल्ली की दूरी करीब 32 किमी है। ऐसे में गाजियाबाद जाकर यात्री दिल्ली जा सकेंगे। इंदौर-गाजियाबाद उड़ान का फेयर 10 हजार रुपये के करीब है। इंदौर एयरपोर्ट से अगस्त में तीन शहरों की उड़ानें बंद होंगी। इंडिगो विमान कंपनी ने इंदौर से नासिक, उदयपुर और जोधपुर के लिए संचालित होने वाली एकमात्र सीधी उड़ान की बुकिंग बंद कर दी है। इन तीनों शहरों की सीधी उड़ान बंद होने से यात्रियों को परेशानी होगी और उन्हें अन्य शहर की कनेक्टिंग उड़ान के माध्यम से हवाई यात्रा करनी होगी। यह रहेगा शेड्यूल गाजियाबाद-इंदौर : फ्लाइट 6ई 2558 गाजियाबाद से दोपहर 2.10 बजे रवाना होकर दोपहर 3.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर-गाजियाबाद : फ्लाइट 6ई 2559 इंदौर से शाम 4 बजे रवाना होगी और शाम 5.20 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी।  

SC का बड़ा फैसला: कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को नहीं मिली राहत, स्वतंत्रता के अधिकार की सीमाएं तय

इंदौर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर कथित आपत्तिजनक कार्टून बनाने वाले आरोपी कार्टूनिस्ट की याचिका पर सुनवाई की है। कोर्ट ने  कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का ‘दुरुपयोग’ हो रहा है। जस्टिस सुधांशु धूलिया और अरविंद कुमार की पीठ ने आरोपी कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील वृंदा ग्रोवर से कहा कि आप (याचिकाकर्ता) यह सब क्यों करते हैं? कोविड के दौरान बनाए गए कार्टून को लेकर है मामला ग्रोवर ने कहा कि यह मामला 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान बनाए गए एक कार्टून को लेकर है। उन्होंने कहा कि यह (कार्टून) अरुचिकर हो सकता है। मैं कहना चाहूंगी कि यह घटिया भी है। लेकिन क्या यह अपराध है? माननीय न्यायाधीश ने कहा है कि यह आपत्तिजनक हो सकता है, लेकिन यह अपराध नहीं है। मैं केवल कानून पर बात कर रही हूं। मैं किसी भी चीज को सही ठहराने की कोशिश नहीं कर रही हूं। पोस्ट हटाने को सहमत ग्रोवर याचिकाकर्ता द्वारा की गई पोस्ट को हटाने के लिए सहमत हो गईं। जस्टिस धूलिया ने कहा कि हम इस मामले में चाहे जो भी (निर्णय) करें, लेकिन यह निश्चित रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग है। बार-बार हो रहीं ऐसी चीजें मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने कहा कि ऐसी ‘चीजें’ बार-बार की जा रही हैं। जब ग्रोवर ने कहा कि कुछ परिपक्वता दिखानी चाहिए, तो इस पर नटराज ने कहा कि यहां केवल परिपक्वता का सवाल नहीं है, (बल्कि) यह इससे कहीं अधिक है।ग्रोवर ने कार्टून के प्रकाशन के समय का उल्लेख करते हुए कहा कि तब से कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मुद्दा व्यक्तिगत स्वतंत्रता का है और क्या इसके लिए गिरफ्तारी और हिरासत की आवश्यकता होगी। 15 जुलाई को अगली सुनवाई पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई (मंगलवार) की तारीख निर्धारित की। ग्रोवर ने पीठ से याचिकाकर्ता को तब तक अंतरिम संरक्षण प्रदान करने का अनुरोध किया। हालांकि, पीठ ने कहा कि हम इस पर कल (मंगलवार को) विचार करेंगे। नहीं मिली थी अग्रिम जमानत हेमंत मालवीय ने उन्हें अग्रिम जमानत न देने संबंधी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के तीन जुलाई के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। वकील और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी की शिकायत पर मई में इंदौर के लसूड़िया पुलिस थाने में मालवीय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ा जोशी ने आरोप लगाया है कि मालवीय ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करके हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ा। प्राथमिकी में कई ‘आपत्तिजनक’ पोस्ट का उल्लेख किया गया है, जिनमें भगवान शिव पर कथित रूप से अनुचित टिप्पणियों के साथ-साथ कार्टून, वीडियो, तस्वीरें और मोदी, आरएसएस कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं। उच्च न्यायालय में मालवीय के वकील ने दलील दी थी कि उन्होंने केवल एक कार्टून पोस्ट किया था, लेकिन अन्य फेसबुक उपयोगकर्ताओं द्वारा उस पर की गई टिप्पणियों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। प्राथमिकी में उन पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आरएसएस की छवि धूमिल करने के इरादे से अभद्र और आपत्तिजनक विषय-वस्तु पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के प्रतिकूल कार्य), 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए (इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में स्पष्ट रूप से किसी भी यौन सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज किया है।

स्वच्छता में अव्वल रहे बुधनी और शाहगंज, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

बुधनी /शाहगंज केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के विजेता शहरों की घोषणा कर दी गई है, जिसमें मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी और शाहगंज नगर परिषदों को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यह सम्मान न केवल इन दोनों शहरों के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। बुधनी को मिला 'सुपर स्वच्छ लीग सिटी' में प्रथम स्थान स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में बुधनी को ‘20 हजार से कम आबादी’ वाले कस्बों की श्रेणी में देशभर में पहला स्थान मिला है। बुधनी को ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटी’ श्रेणी में भी नामांकित किया गया है, जो कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगरों को दिए जाने वाला नया सम्मान है। इस श्रेणी में लगातार तीन वर्षों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को ‘प्रेसिडेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन शहरों के पदाधिकारियों के साथ एक विशेष समूह फोटो सेशन भी करेंगी। इस श्रेणी में मध्यप्रदेश के इंदौर और उज्जैन को भी शामिल किया गया है। शाहगंज को मिलेगा प्रेसिडेंटल अवॉर्ड सीहोर जिले की शाहगंज नगर परिषद को भी इस वर्ष 'प्रेसिडेंटल अवॉर्ड' के लिए चुना गया है। शाहगंज के साथ ही भोपाल और देवास नगर निगमों को भी इस श्रेणी में नामांकित किया गया है। 17 जुलाई को विज्ञान भवन में होगा सम्मान समारोह स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के विजेताओं को 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ‘गार्बेज फ्री सिटी’ के अंतर्गत स्टार रैंकिंग की घोषणा भी की जाएगी। समारोह में भाग लेने के लिए विजेता नगरीय निकायों से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा जाएगा। प्रशासन और नागरिकों का साझा प्रयास सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने बुधनी और शाहगंज की नगर परिषद टीमों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान नागरिकों की जागरूकता और स्थानीय निकायों की सतत मेहनत का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे और जिले को और स्वच्छ, हरा-भरा और विकसित बनाया जाएगा।  

महात्मा गांधी चित्रकूट विश्वविद्यालय को UGC ने दी श्रेणी-1 की मान्यता, बढ़ेगा अकादमिक अधिकार

यूजीसी ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को श्रेणी-1 की स्वायत्तता दी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को UGC से मिला श्रेणी-1 का दर्जा, मिली पूर्ण स्वायत्तता महात्मा गांधी चित्रकूट विश्वविद्यालय को UGC ने दी श्रेणी-1 की मान्यता, बढ़ेगा अकादमिक अधिकार मंत्री परमार ने दी बधाई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने प्रदेश के चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को, 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा “श्रेणीबद्ध स्वायत्तता” अंतर्गत श्रेणी-1 की स्वायत्तता अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि मिलने पर उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय परिवार शुभकामनाएं एवं बधाई दी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सतत् एवं व्यापक प्रयासों का प्रमाण है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सतत् नवीन आयाम स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारमूलक उच्च शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं प्रगति के साथ शैक्षणिक एवं अकादमिक स्तर पर गुणवत्ता की उत्कृष्टता के लिए उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। मंत्री परमार ने कहा कि यह कीर्तिमान राज्य सरकार की उच्च शिक्षा शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। अब विश्वविद्यालय, अपनी स्वायत्तता के अनुरूप शिक्षण-प्रशिक्षण, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों को गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकेगा। परमार ने कहा कि श्रेणी-1 की स्वायत्तता मिलने से विश्वविद्यालय को अकादमिक, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्तर पर अधिक स्वतंत्रता प्राप्त होगी जिससे पाठ्यक्रम, शोध, नवाचार एवं मूल्यपरक शिक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी। यह उपलब्धि, विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण और नवाचारोन्मुखी शिक्षा के लिए आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी और नव अवसरों का सृजन करने में सहायक सिद्ध होगी। ज्ञातव्य है कि चित्रकूट स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, प्रदेश के विश्वसनीय एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। विश्वविद्यालय ने, वर्ष 2024 में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा "A++" ग्रेड प्रत्ययित होकर देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थान बनाया है। विश्वविद्यालय ने निरंतर प्रगति और नवाचारयुक्त कार्यप्रणाली के फलस्वरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर, यूजीसी द्वारा (स्वायत्तता प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालयों का श्रेणीकरण) विनियम, 2018 के अंतर्गत ग्रेड-वन में सम्मिलित होकर श्रेणीबद्ध स्वायत्तता की मान्यता प्राप्त की है। महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को अब 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग' द्वारा स्वायत्तता की श्रेणी-1 में वर्गीकृत किया गया है।