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बीजेपी और सहयोगी लोकतंत्र के खिलाफ, लूटतंत्र के पक्ष में: अखिलेश का आरोप

लखनऊ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीवीपैट पर्चियां कूड़े में पड़ी मिलने पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चे स्वच्छ भारत’ के लिए भाजपा राज में चुनाव आयोग के कुछ लोगों द्वारा फैलाया गया धांधलियों का कूड़ा हटना भी ज़रूरी है।  भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं, लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। इन्होंने आजादी के पहले से लेकर आज तक सदैव पिछले दरवाज़ेवाली, ख़ुफ़ियाखोरी का काम किया है। इन मुख़बरीजीवी लोगों की ये सेंधमारी अब खुल गई है और जनता घपले-घोटालों को सहने की सीमा पार कर चुकी है। ये पिछले दरवाज़ेवाले अपने अगले दरवाजे की जन-दस्तक को सुनें। सपा मुखिया ने कहा कि चुनाव आयोग में ईमानदार लोगों की उपेक्षा हो रही है। मिलीभगत से चुनावी गोरखधंधे में संलिप्त कुछ अधिकारियों की वजह से चुनाव आयोग की शुचिता और प्रतिष्ठा पर जो आँच आई है, उसे दूर करना ही होगा। भ्रष्टों का भंडाफोड़ लगातार जारी रखना है। दीमक की तरह लोकतंत्र को अंदर से खोखला करने वालों के दिन अब लद गये हैं। नई पीढ़ी, नये भविष्य का निर्माण करेगी। ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई पाई गईं। जिनका एक वीडियो वायरल हो रहा है।  बताया गया कि इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि 8 नवंबर को ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां देखीं। राजनीतिक मामला गरमाया है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर के जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी पर्चियों को मौके से जब्त कर लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल होने पर सियासत गर्म है।

जेल से बाहर आएंगे आसाराम? कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों पर दी अंतरिम जमानत

जोधपुर यौन शोषण के आरोपी आसाराम को मेडिकल ग्राउंड पर छह महीने की जमानत मिल गई है। जमानत मंजूर होने के बाद वे जोधपुर स्थित अपने आश्रम पहुंचे, जहां उनके अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई। आसाराम की वापसी की खबर मिलते ही राजस्थान समेत कई राज्यों से श्रद्धालु जोधपुर पहुंचे। आश्रम परिसर में भक्ति कार्यक्रमों की पुनः शुरुआत हुई, जहां श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और “हरिओम हरिओम” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आश्रम में माहौल पूरी तरह धार्मिक रहा, वहीं पुलिस प्रशासन सतर्क नजर आया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। एसीपी आनंद सिंह और थाना प्रभारी शकील अहमद की टीम ने हालात पर लगातार निगरानी रखी। इसके अलावा, बोरानाडा थाने के एसआई हैम सिंह के नेतृत्व में जाब्ता तैनात किया गया है, जो आश्रम परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। प्रशासन ने बताया कि आसाराम के स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें सीमित समय तक ही सार्वजनिक रूप से मिलने-जुलने की अनुमति दी गई है।

राजनाथ सिंह का बयान चर्चा में: आखिर तेजस्वी पर क्यों किया ऐसा कमेंट?

औरंगाबाद बिहार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को गोह के एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर राजद और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जेल की हवा खा चुके हैं। कई आज भी जमानत पर हैं, लेकिन इसके बावजूद सीने पर शर्ट का बटन खोलकर जनता से वोट की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन का मानना है कि अगर भ्रष्टाचार का आरोप लग जाए तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज विडंबना है कि राजनीति अपना अर्थ और भाव खो चुकी है। क्या विपक्ष में कोई दूसरा ऐसा नेता नहीं है जिसके नेतृत्व में यह महागठबंधन चुनाव लड़ सके? आज हमारे गठबंधन नेतृत्वकर्ता पर ऐसा कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने जो संकल्प पत्र जारी किया है, वह मात्र घोषणा नहीं, अटल प्रतिज्ञा है। हमारे घोषणा पत्रों को देख लीजिए। हमने जो कहा है, उसे पूरा भी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम लोग गलत करेंगे नहीं और कोई गलत कर रहा हो तो चुप भी नहीं बैठेंगे। यह एनडीए का चरित्र है। राजनीति में शुचिता होनी चाहिए। कहने और करने में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि कहने और करने में जब अंतर होता है तो विश्वास का संकट पैदा होता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह चुनाव तय करने वाला है कि बिहार में जंगलराज होगा या विकसित बिहार बनेगा। पिछले 20 सालों में पटना बहुत बदल गया है। बिहार को हमें विकसित बिहार बनाना है। 'विकसित बिहार' बनेगा तो 'विकसित भारत' भी बनेगा। उन्होंने तेजस्वी यादव के हर घर में नौकरी देने वाले वादों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे गणित पढ़े हैं या नहीं, वे यह कर सकते हैं, हम नहीं कर सकते। हम लोगों ने तय किया है कि यहां उद्योग-धंधे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए के लोग जहां जाते हैं, वहां कहते हैं कि आइए हमारे विकसित बिहार में जबकि राजद, कांग्रेस वाले कहते हैं कि आइए, बिहार में कट्टा मार देंगे कपार में। उन्होंने एनडीए के वादों की चर्चा करते हुए कहा कि सीतामढ़ी में जानकी मैय्या का भव्य मंदिर बन रहा है।

राजनीतिक तंज: नीतीश बोले- परिवार चलाने में लगे थे, बिहार कैसे चलता?

सासाराम बिहार चुनाव के प्रचार अभियान के अंतिम दिन रविवार को सभी दलों के नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, और मुकेश सहनी चुनावी प्रचार में उतरे, तो एनडीए की ओर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमपी के सीएम मोहन यादव, और बिहार के सीएम नीतीश कुमार विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे। परिवारवाद को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने रोहतास के विक्रमगंज, नोखा, और करगहर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राजद पर निशाना साधा।  उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने साल 2005 से बिहार में विकास की नई शुरुआत की थी, जब राज्य पूरी तरह बदहाली में था। उन्होंने याद दिलाया कि पहले के शासनकाल में न तो सड़कें थीं, न कानून-व्यवस्था, और लोग शाम ढलते ही घरों से निकलने से डरते थे। उन्होंने कहा कि पहले सत्ता में रहने वालों ने सिर्फ परिवारवाद को बढ़ावा दिया, राज्य के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने राजद प्रमुख लालू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा तो उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया और सरकार को परिवार तक सीमित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज वही लोग फिर से सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता अब सब कुछ समझ चुकी है। अब जनता जानती है कि किसने विकास किया और किसने सिर्फ नारे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिहार को अंधकार से निकालकर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया ताकि लोग सम्मान के साथ जीवन जी सकें। 2005 में एनडीए की सरकार बनने के बाद उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को सुधारने को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "हमने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की, पुलिस की जिम्मेदारी तय की और लोगों को भरोसा दिलाया कि अब बिहार में कानून का राज होगा। एनडीए के शासनकाल में लोग बेखौफ होकर यात्रा कर सकते हैं।" मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से बिहार की विकास यात्रा में सहभागी बनकर विकसित बिहार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार में सबके लिए काम हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा ‘विकास के साथ न्याय’ के सिद्धांत पर काम किया है। हमने गरीबों, दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को सशक्त किया है। पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे वे निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकीं। सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया गया।

बिहार में नक्सली साजिश? अमित शाह बोले- खतरे के संकेत साफ

अरवल बिहार विधानसभा के प्रचार के आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अरवल में चुनावी सभा को संबोधित किया और उन्होंने लोगों को सचेत किया कि बिहार में लाल झंडे की आड़ में नक्सलवाद लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में नक्सलवाद और जंगलराज को समाप्त कर दिया है। अब किसी की हिम्मत नहीं है कि बिहार में फिरौती, खून-खराबा, अपहरण और नक्सलवाद को फिर से फैलाए। अमित शाह ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार उद्योग-धंधे लाने को लेकर काम कर रही है। उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि इन लाल झंडे वाले ‘माले’ वालों को अरवल में ही रोक लें, ताकि यह पटना नहीं पहुंच पाए। यदि लाल झंडा आया तो ये उद्योग कभी नहीं आने देंगे।  अमित शाह ने एनडीए की फिर से सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि बिहार में पहले चरण का चुनाव समाप्त हो चुका है। पहले ही चरण में लालू की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। पहले चरण में तय हो चुका है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनने वाली है। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी 15 दिन तक शरीर पर धूल नहीं लगने देते, लेकिन फिर भी उन्होंने घुसपैठियों के लिए बिहार में यात्रा निकाली है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए युवाओं की नौकरियां छीनते हैं, गरीबों के हिस्से में सेंध लगाते हैं और देश को भी असुरक्षित करते हैं। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या यहां घुसपैठिए रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जितनी यात्रा निकालनी है बिहार से लेकर इटली तक निकाल लें, लेकिन यहां से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर बाबा साहेब का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा साहेब का नाम इनके लिए वोट बटोरने का नाम है जबकि हमारे लिए यह श्रद्धा है। बाबा साहेब जब तक जिंदा रहे, तब तक कांग्रेस ने उनका विरोध किया। उन्हें भारत रत्न तब मिला, जब कांग्रेस सत्ता से बाहर गई। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम का भी अपमान किया, उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं के खाते में अभी 10 हजार रुपए भेजे गए, लेकिन राजद वाले कहते हैं कि इसे वापस ले लिया जाएगा, जबकि वे जान लें, यह राशि कोई वापस नहीं ले सकता। अगले कुछ दिनों में इन्हें दो लाख रुपए और दिए जाएंगे। उन्होंने जहां अयोध्या में भव्य राम मंदिर की चर्चा की, वहीं उन्होंने सीतामढ़ी में मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एनडीए जब आता है तो सड़कें और बिजली आती है, जबकि महागठबंधन वाले आते हैं तो नरसंहार और खून-खराबा लाते हैं।

कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर श्रीमती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है। श्री जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

सम्राट चौधरी का निशाना: आरक्षण पर बोलने वाले चारा घोटाला परिवार को दी नसीहत

पटना, बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के आरक्षण पर दिए बयान पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पलटवार किया। चौधरी ने कहा कि चारा घोटाला करने वाले परिवार के लोग आरक्षण पर बोलते हुए अच्छे नहीं लगते हैं। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। हम लोगों का आशीर्वाद मांग रहे हैं और उनसे एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने और बिहार में विकास के पथ पर आगे बढ़ने का आग्रह कर रहे हैं। बिहार में एनडीए की सरकार की विकास कर सकती है और यह विश्वास हमारी जनता को भी है। उन्होंने कहा कि भरोसा है कि जनता एक बार फिर एनडीए सरकार को चुनने के लिए घरों से निकलकर वोट करेगी। महागठबंधन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जीवनभर चोरी की, 55 साल देश और बिहार को लूटने का काम किया। जिन्होंने बिहार में चारा घोटाला से लेकर अलकतरा घोटाला किया। उनके मुंह से बदलाव की बात शोभा नहीं देती है। तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि आरक्षण की बात वो कर रहे हैं, जिनके परिवार ने सिर्फ घोटाला किया, इसके अलावा कुछ नहीं किया। तेजस्वी यादव जो आरक्षण पर बयान दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने माता-पिता से पूछना चाहिए कि बिहार में आरक्षण किसे दिया। आरक्षण के प्रति भाजपा का समर्थन करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि देश में जब भी आरक्षण की बात हुई, आरक्षण लाया गया तो भाजपा ने हमेशा समर्थन किया। विपक्ष के लोग आरक्षण की सिर्फ बातें करते हैं, उस पर कभी अमल नहीं करते। पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे तो कभी आरक्षण के पक्ष में नहीं रहे। अगर होते तो आरक्षण का बिल नहीं फाड़ते। महिला आरक्षण अगर 30 साल से नहीं मिला है तो उसके दोषी लालू प्रसाद यादव हैं।  

20 जिलों में सियासी संग्राम: प्रचार थमा, अब जनता की बारी

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार का शोर रविवार शाम 6 बजे थम गया। अब पूरी बागडोर जनता के हाथों में है, जो सोमवार 11 नवंबर को मतदान करके यह तय करेगी कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा। बिहार चुनाव के दूसरे इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इनमें 101 सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें शामिल हैं। कुल 3 करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में प्रत्येक बूथ पर औसतन 815 मतदाता दर्ज हैं, जो शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीद को संतुलित रखते हैं। प्रचार के अंतिम दिन सियासत पूरी गरमी पर रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, महागठबंधन की तरफ से सीएम का चेहरा तेजस्वी प्रसाद यादव, और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान समेत तमाम बड़े नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां कर जनता का रुख अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। मोदी की सभाओं में भीड़ उमड़ी तो नीतीश ने अपने विकास कार्य गिनाए। तेजस्वी ने रोजगार को मुद्दा बनाया और युवाओं से जुड़ने की कोशिश की, वहीं चिराग ने एनडीए के अंदर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया। प्रचार में आरोप-प्रत्यारोप और वादों की बारिश ने चुनावी माहौल को गरमा दिया। किस सीट पर कितनी टक्कर दूसरे चरण में तीन सीटों पर सबसे ज्यादा 22-22 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें कैमूर का चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया शहर शामिल है। वहीं, लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली, त्रिवेणीगंज और बनमनखी ऐसी सीटें हैं, जहां केवल 5-5 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कुछ सीटों पर सीधा मुकाबला तो कुछ पर बहुकोणीय लड़ाई देखी जा सकती है। क्या है वोटरों का पूरा गणित पुरुष मतदाता 1,95,44,041, महिला मतदाता 1,74,68,572, जबकि थर्ड जेंडर के 943 मतदाता भी लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेंगे। युवा निर्णायक भूमिका में दिख रहे हैं। 18-29 वर्ष के 84.84 लाख वोटर और 30-40 वर्ष के 1.04 करोड़ 97 हजार वोटर चुनाव का रुख बदले बिना नहीं रहेंगे। पहली बार वोट डालने वाले 7,69,356 फ्लोटिंग वोटर किसी भी सीट पर समीकरण बिगाड़ सकते हैं। इसके अलावा, 43 एनआरआई, 6,255 सौ वर्ष से अधिक उम्र, 4,87,219 (80+), 4,04,615 दिव्यांगजन और 63,373 सेवा मतदाता भी चुनाव प्रक्रिया को मजबूती देंगे। बूथों पर सख्त निगरानी वोटिंग के लिए 45,399 बूथ तैयार किए गए हैं। इनमें 595 महिला संचालित, 91 दिव्यांगजन संचालित और 316 मॉडल बूथ शामिल हैं। इस चरण में सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।  

प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से पुनः समृद्ध करने की आवश्यकता मंत्री परमार ने "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में मध्यप्रदेश, रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण एवं भारत केंद्रित शिक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् ही भारत का मूल दृष्टिकोण है। हमारा भाव है कि विश्व एक परिवार है, विश्व कभी बाजार नहीं हो सकता है। इसी भाव से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड के भीषण संकटकाल में, विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। यह बात मंत्री श्री परमार ने रविवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित गांधी भवन में, मीणा समाज शक्ति संगठन द्वारा आयोजित सामाजिक "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मीणा समाज, प्रकृति के सर्वाधिक निकट प्रकृति पूजक समाज है। उन्होंने संगठन के 17वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी और मीणा समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता, भारत की परम्परा, सभ्यता एवं विरासत है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति एवं प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों जल, सूर्य एवं वृक्ष आदि के संरक्षण के लिए कृतज्ञता के भाव से श्रद्धा रूप में परम्परा एवं मान्यता स्थापित की थीं। श्री परमार ने कहा कि यह पूर्वजों द्वारा स्थापित पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित ज्ञान है। हमें प्रकृति के संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मंत्री श्री परमार ने सभी से युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में स्वस्थ रहने की दृष्टि से प्लास्टिक मुक्त सामाजिक परिवेश के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की। श्री परमार ने कृषि एवं दुग्ध उत्पादन में रासायनिक उत्पादों के कम से कम उपयोग करते हुए, जैविक खेती एवं शुद्धता की ओर बढ़ने के लिए भी आह्वान किया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की गृहणियों की रसोई में कोई तराजू नहीं होता है, गृहिणियों को भोजन निर्माण के लिए किसी संस्थान में अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय गृहिणियों में रसोई प्रबंधन का उत्कृष्ट कौशल, नैसर्गिक एवं पारम्परिक रूप से विद्यमान है। भारत की रसोई, विश्वमंच पर प्रबंधन का उत्कृष्ट आदर्श एवं श्रेष्ठ उदाहरण है। श्री परमार ने कहा कि भारतीय रसोई, आयुर्वेद का केंद्र हुआ करती थी, पुनः हमें अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से समृद्ध करने की आवश्यकता है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास, ज्ञान और विज्ञान के आधार पर, हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। भारत अपने पुरुषार्थ से, वर्ष 2047 तक ऊर्जा एवं खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होगा और विश्व के अन्य देशों की पूर्ति में सामर्थ्यवान देश बनेगा। इस अवसर पर सबलगढ़ विधायक श्रीमति सरला बिजेंद्र रावत, राजस्थान से पधारी समाज सेविका एवं मिस इंडिया (2019) सुश्री जया मीणा, सहायक पुलिस आयुक्त जहांगीराबाद (भोपाल) सुश्री सुरभि मीणा, सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर श्री नीरज मीणा एवं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राम घुनावत सहित समाज के वरिष्ठजन, संगठन के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं सामाजिक बंधु-भगिनी एवं युवा उपस्थित थे। 

योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग की मुहिम, हर विवाह का होगा पंजीयन

सामूहिक विवाह में कार्यक्रम स्थल पर ही प्रमाण-पत्र देने का सुझाव भोपाल देव उठनी एकादशी के साथ ही विवाहों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। विवाहों के शत-प्रतिशत पंजीयन के लिये प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किये गये हैं। यह योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग की एक सराहनीय पहल है। इससे विवाहों का शत-प्रतिशत पंजीयन हो सकेगा, जिससे भविष्य में दंपत्ति को कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विवाह रजिस्ट्रेशन नियम 2008 के अनुसार राज्य के भीतर भारत के नागरिकों के बीच किसी भी विधि या रुढि़ के अधीन सत्यापित किये गये विवाह का पंजीयन किया जाता है। विवाहों का पंजीयन नहीं होने पर विशेष तौर पर महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पति की मृत्यु के बाद उनको मिलने वाले स्वत्वों के भुगतान आदि में परेशानी होती है। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने बताया है कि विवाह पंजीयन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने हेतु प्रदेश के समस्त कलेक्टरों का ध्यान आकृष्ट किया गया है। जिलों में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना एवं अन्य सामूहिक विवाहों में कार्यक्रम स्थल पर ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किये जाने का सुझाव दिया गया है। आयुक्त श्री मिश्रा ने सामूहिक विवाह कराने वाली सभी संस्थाओं से जागरूकता बढ़ाने मुहिम में बढ़-चढकर हिस्सा लेने की अपील की है। स्थानीय निकायों, सार्वजनिक स्थलों, शादी हॉल और मैरिज गार्डन में अनिवार्य रूप से विवाह पंजीयन करवाने संबंधी होर्डिंग लगाने के निर्देश जारी किये गये हैं।