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डिजिटल इंडिया की ओर डाक विभाग का कदम, एटीपी एप और QR कोड से होगा पेमेंट आसान

कानपुर डिजिटल युग में डाक विभाग को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसके तहत आइटी 2.0 के तहत एटीपी (उन्नत डाक प्रौद्योगिकी) अप्लीकेशन की शुरुआत की जा रही है। ग्राहक क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। पोस्टमैन जीपीएस सुविधा के साथ वितरण कार्य करेंगे, ओटीपी आधारित वितरण कार्य होंगे, ग्राहक ऐप के माध्यम से डाक सेवाओं की प्रयोग कर सकेंगे, लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए भी क्यूआर कोड का उपयोग होगा। यह अप्लीकेशन प्रधान डाकघर नवाबगंज व उससे संबंधित डाकघरों में 15 जुलाई से लागू हो रही है। डिजिटल इंडिया-कैशलेस इंडिया के तहत डाकघरों में ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने तथा उनको आधुनिक बनाने के लिए एटीपी यानी उन्नत डाक प्रौद्योगिकी की शुरूआत की जा रही है। इससे डाक कर्मियों का काम आसान होगा, साथ ही ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रवर डाक अधीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नई एटीपी अप्लीकेशन के डेटा माइग्रेशन, सिस्टम अपडेट करने के दौरान 14 जुलाई को प्रधान डाकघर नवाबगंज व उससे संबंधित डाकघरों में सार्वजनिक लेनदेन नहीं किया जाएगा। एटीपी अप्लीकेशन को ग्राहकों के अनुकूल बनाने के साथ बेहतर व तेज सेवाओं के लिए डिजायन किया गया है। यह अप्लीकेशन डाक विभाग को आधुनिक बनाने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- विकास सतत प्रक्रिया है

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि विकास सतत प्रक्रिया है, जो समय और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर चलती रहती है। यही कारण है कि नरेला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड, कॉलोनी और मोहल्ले में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे यहाँ के नागरिकों को बेहतर जीवन, आधारभूत सुविधाएँ और स्वच्छ पर्यावरण मिल सके। मंत्री श्री सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड-39 के ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2008 के पहले नरेला विधानसभा में पक्की सड़कों का अभाव था, नालियां नहीं थीं और पीने के पानी के लिए नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नरेला क्षेत्र की हर सड़क पक्की हो चुकी है। कॉलोनियों का समुचित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया गया है और नालों का व्यवस्थित चैनलाइजेशन कर जल-भराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त किया गया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘विकास’ ही हमारा ध्येय है। चाहे वह सड़क हो, सीवेज हो, जल-प्रबंधन हो या सामुदायिक सुविधाएँ, हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, वरिष्ठजन, समाजसेवी एवं पार्षद उपस्थित रहे।  

मोदी के नेतृत्व की तारीफ में शिवराज का बयान– ऐसा विजन दुर्लभ होता है

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं को बड़ी सौगात दी। देश के 47 शहरों में आयोजित हुए रोजगार मेले में 51 हजार से भी ज्यादा युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। पीएम मोदी ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया। रोजगार मेले पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी का विजन भारत के लिए वरदान है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का महायज्ञ पीएम मोदी के नेतृत्व में चल रहा है। सभी क्षेत्रों में व्यापक काम हो रहा है। पीएम मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम काल है जिसमें 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं। रोजगार की दिशा में 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया गया है। 51 हजार से अधिक युवाओं को रेलवे सहित अन्य विभागों में नौकरी प्रदान की गई है। युवाओं के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी गई है। बिना पर्ची खर्ची के योग्यता के आधार पर नियुक्ति पत्र दिए गए। यह युवा विकसित भारत के संकल्प में पीएम मोदी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'रोजगार मेला' के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में चयनित देशभर के 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का महायज्ञ चल रहा है। 'रोजगार मेला' से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली है और देश का हर युवा नई उम्मीद तथा नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मैंने भोपाल में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं की प्रतिभा का सम्मान मोदी सरकार की पहचान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि देश का हर युवा सशक्त हो, सम्मान के साथ रोजगार पाए और विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि आज आपको नियुक्ति पत्र मिले हैं। यह केवल नौकरी या आजीविका नहीं है, यह राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के महायज्ञ में आहुति देने के लिए आपको चुना गया है। एक बड़ा काम आपको मिला है। शासकीय सेवा केवल करियर नहीं है। शासकीय सेवा का मतलब है-जो काम आपको मिला है, उसे प्रमाणिकता और ईमानदारी के साथ जनता और देश के लिए करना। नियुक्ति पत्र पाने के बाद एक व्यक्ति ने कहा कि मैं गाजियाबाद से आया हूं और मुझे रेलवे में तकनीशियन के पद पर नौकरी मिल गई है। मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि यह नियुक्ति पत्र इतने बड़े कार्यक्रम में मिला है। यहां पर दूसरे लोगों से मिलकर काफी अच्छा लगा है।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में भारतीय ज्ञान परंपरा शीर्ष समिति की बैठक हुई

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में शनिवार को, सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल के सभाकक्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत "भारतीय ज्ञान परंपरा शीर्ष समिति" की बैठक हुई। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर, अध्यादेश 14(1) एवं अध्यादेश 14(2) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के 10 संभागों में समयपूर्वक कार्यशालाओं के आयोजन कर व्यापक रूप से विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों तक लागू अध्यादेशों से अवगत कराने के निर्देश दिए। श्री परमार ने विश्वविद्यालय स्तर पर पाठ्यक्रमों के लिए कार्यशालाओं के आयोजन भी समयपूर्वक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने प्रदेश के समस्त भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ प्रभारियों को लेकर भी कार्यशाला आयोजित करने को कहा। श्री परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं में अध्यापन के लिए कार्ययोजना बनाई जाए और इसे विद्यार्थियों के मूल्यांकन क्रेडिट से भी जोड़ा जाए। श्री परमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों को भारतीय भाषा में अध्यापन का केंद्र बनाने के लिए कार्य करें। मंत्री श्री परमार ने कहा कि "ज्ञान बोध प्रतियोगिता" में पाठ्यक्रम के अतिरिक्त पारंपरिक विषयों में भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण आधारित प्रश्नावली का समावेश करें ताकि विद्यार्थियों को भारतीय दृष्टि के साथ समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान के अध्ययन एवं शोध का अवसर मिले। श्री परमार ने कहा कि विश्व शांति दिवस पर भारतीय दृष्टिकोण वसुधैव कुटुंबकम् – विश्व एक परिवार का भाव, को मूल में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। हिंदी पखवाड़े के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में विशुद्ध हिंदी भाषा के उपयोग के साथ पूर्णता प्रदान की जाए। श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी द्वारा प्रकाशित कला, वाणिज्य एवं विज्ञान विषयों में उत्कृष्ट पुस्तक लेखन के लिए, "श्रेष्ठ लेखक पुरस्कार" प्रदान किया जाए। बैठक के आरंभ में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल ने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में स्नातक प्रथम वर्ष के लिए चिन्हित विषयों की पांडुलिपियों में अकादमिक गुणवत्ता परीक्षण के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला से प्राप्त निष्कर्ष पर प्रकाश डाला। उक्त कार्यशाला में प्रदेश एवं देश भर के 200 से अधिक शिक्षाविदों ने सहभागिता की। बैठक में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परम्परा को समाहित करने के लिए, प्रदेश के 27 विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं के आयोजन करने को लेकर चर्चा हुई। अध्यादेश 14(1) एवं अध्यादेश 14(2) के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के 10 संभागों में कार्यशालाओं के आयोजन करने को लेकर भी विमर्श हुआ। भारतीय ज्ञान परम्परा के परिप्रेक्ष्य में महाविद्यालयों में किए जाने वाले आयोजन संबंधी त्रैमासिक कैलेंडर को लेकर व्यापक विचार मंथन हुआ। साथ ही भारतीय ज्ञान परम्परा आधारित पाठ्यक्रम निर्माण, पुस्तक लेखन, पांडुलिपि परीक्षण, दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला, अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उच्च शिक्षा विभाग एवं मप्र हिंदी ग्रन्थ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में सामान्य ज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परम्परा पर आधारित "ज्ञान बोध प्रतियोगिता" के आयोजन, भारतीय ज्ञान परम्परा के जानकार शिक्षकों की बैठक का आयोजन एवं प्रतिवर्ष प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के पश्चात् वृहद संगोष्ठी के आयोजन को लेकर भी व्यापक विमर्श हुआ। समस्त सम्बंधित विषयों में संदर्भ पुस्तकों के लेखन को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परम्परा पर शोध की दृष्टि से कार्य किया गया है। राज्यस्तरीय भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ स्थापित करने को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में शीर्ष समिति के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के सचिव डॉ अतुल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ेल और प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र कान्हेरे सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुगण, शीर्ष समिति के सदस्यगण, शिक्षाविद् तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की दोनों यूनिट से उत्पादन शुरु : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 45-45 मेगावाट दोनों यूनिट से विद्युत उत्पादन पूर्ण क्षमता के साथ शुरु हो गया। दोनों यूनिट 9 जुलाई की शाम को क्रि‍याशील हो गईं। दोनों यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव (ओवरहॉलिंग) के लिए क्रमशः 20 जून एवं 1 जुलाई को विद्युत उत्पादन से पृथक कर दिया गया था। सामान्यतः एक यूनिट की ओवरहॉलिंग में 30 दिन का समय लगता है लेकिन बरगी की यूनिट नंबर 1 को 20 दिन और यूनिट नंबर 2 को सिर्फ 8 दिन में ओवरहॉलिंग करके विद्युत उत्पादन के लिए तैयार कर दिया गया। बरगी में किसी बाहरी एजेंसी की सहायता के बिना ओवरहॉलिंग का कार्य विद्युत गृह के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों द्वारा करके दोनों यूनिट को निर्धारित समय से पूर्व क्रियाशील कर दिया गया। इस कार्य को करने के लिए अंडर वाटर में जाकर उपकरण जांचे गए और दोनों यूनिट के पेनल बदले गए। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की जल विद्युत गृहों का जून व जुलाई माह में वार्षिक रखरखाव (ओवरऑलिंग) होता है। उसी प्रकार रानी अबंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की दोनों यूनिट को बारी-बारी से ओवरहॉलिंग के लिए योजनानुसार बंद किया गया। जल विद्युत गृह की दोनों यूनिट से उत्पादन प्रभावित न हो इसके लिए जल संसाधन विभाग से बातचीत कर समन्वय किया गया। जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी कि मानसून आने के बाद सामान्य तौर पर बरगी बांध के गेट 15 से 31 जुलाई तक खोले जाते हैं। मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने इस जानकारी के आधार पर बरगी का वार्षिक रखरखाव कार्यक्रम तैयार किया। इस वर्ष मानसून के जल्द आने और लगातार बरसात होने पर बरगी जल विद्युत गृह में निर्धारि‍त समय से पूर्व ओवरहॉलिंग कार्य पूर्ण कर जल विद्युत का समुचित उपयोग करने की दृष्टि से दोनों यूनिट से विद्युत उत्पादन शुरु कर दिया गया। वर्तमान में दोनों यूनिट से 41-41 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।  

एक बगिया मां के नाम परियोजना अंतर्गत मनरेगा का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण

परियोजना अधिकारी, ब्लॉक के एपीओ, एसआरएलएम के डीपीएम का हुआ प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को भोपाल में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के सभी 313 जनपद पंचायत के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, 52 जिलों परियोजना अधिकारी मनरेगा एवं ग्रामीण आजीविका के डीपीएम शामिल हुए। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार, विकास भवन अरेरा हिल्स, भोपाल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयुक्त मनरेगा-संचालक वाटर शेड मिशन श्री अवि प्रसाद एवं आयुक्त एसआरएलएम श्रीमती हर्षिका सिंह ने अधिकारियों को “एक बगिया मां के नाम’’ परियोजना के बारे में जानकारी दी और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं डीपीएम एसआरएलएम को संयुक्त रूप से पारदर्शिता के साथ एक बगिया मां के नाम परियोजना के लिए हितग्राहियों का चयन, परियोजना के उद्देश्य और लाभ के बारे में जानकारी दी। साथ ही अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए। बैनर का किया विमोचन राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मनरेगा परिषद द्वारा तैयार कराए गए “एक बगिया मां के नाम’’ प्रोग्राम बैनर का मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद एवं आयुक्त श्रीमती हर्षिका सिंह ने विमोचन किया। एक बगिया मां के नाम परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर अब तक 2100 से अधिक इंजीनियर एवं 600 से अधिक कृषि सखी को तकनीकी रूप से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री (आरईएस एवं मनरेगा), डीपीएम एसआरएलएम शामिल है। तकनीकी रूप से किया गया दक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) एवं डीपीएम एसआरएल को व्यक्तिगत / फलोद्यान के लिये तैयारी, भूमि चयन, पौधों की प्रजाति चयन, देखभाल, सुरक्षा एवं शतप्रतिशत उत्तरजीविता सुनिश्चित करते हुए वैज्ञानिक तकनीकियों का उपयोग पर पौधरोपण की बारीकियों पर प्रशिक्षण दिया गया। पौधरोपण के कार्य में अत्याधुनिक तकनीक (सिपरी सॉफ्टवेयर) का उपयोग किया जाएगा। पौधे लगाने से पहले जिले की जलवायु, मिट्टी का परीक्षण, एग्रो क्लाइमेट जोन के आधार पर पौधों की प्रजातियों का चयन, स्थल चयन, पानी की उपलब्धता सहित अन्य जरूरी गतिविधियों का पता लगाया जाएगा। साथ ही, अगर सॉफ्टवेयर यह बताता है कि संबंधित जगह पर पौधे नहीं लगाए जा सकते, वहां पौधरोपण नहीं होगा।  

दिल्ली में चार मंजिला इमारत गिरने से दर्दनाक हादसा, छह लोगों की मौत

नई दिल्ली  दिल्ली के सीलमपुर इलाके में एक चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। मलबे में दबने से छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, अब किसी और के मलबे में दबे होने की आशंका न के बराबर है। दिल्ली के सीलमपुर इलाके में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। यहां अचानक चार मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। मलबे में आठ लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। मलबे में दबने से छह लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। स्थानीय लोग मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। छह लोगों की मौत की बात सामने आई है, पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, एक महिला और एक पुरुष का शव थोड़ी देर पहले मलबे से निकली गई है।पुलिस की ओर से अभी दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग एनडीआरएफ, नगर निगम समेत तमाम बचाव दल मौके पर मौजूद है, स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुटी हुई है। इलाका बेहद घनी आबादी और संकरी गलियों वाला होने के कारण रेस्क्यू में कठिनाई हो रही है। पुलिस के मुताबिक, आज सुबह करीब 7.04 मिनट पर वेलकम के पास एक चार मंजिला इमारत के ढहने की सूचना प्राप्त हुई। ए-ब्लॉक, गली नंबर 5, जनता कॉलोनी में घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस टीम ने पाया कि इमारत की तीन मंजिलें ढह गई थीं। अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है। अब तक आठ लोगों को निकाला जा चुका है। सात को जेपीसी अस्पताल और एक को जीटीबी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। उत्तर-पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया, "हमें सुबह सूचना मिली कि वेलकम इलाके की जनता कॉलोनी की गली नंबर 5 में एक तीन मंजिला इमारत गिर गई है। यह इमारत मतलूफ नाम के व्यक्ति की थी। इसके सामने वाली इमारत को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोग मौके पर काम कर रहे हैं।" अनीस अहमद अंसारी, जिनका घर इमारत गिरने से क्षतिग्रस्त हुआ, ने बताया, "सब लोग सो रहे थे, तभी सुबह करीब 7 बजे मेरे घर के एक तरफ की इमारत गिर गई और उसका मलबा मेरे घर पर आ गिरा। अचानक बिजली गुल हो गई। सभी लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं।" बिल्डिंग के मलबे से निकाले गए लोग 1. परवेज (32) पुत्र अब्दुल 2. नावेद, (19) पुत्र अब्दुल 3. सिजा (21) पत्नी परवेज़ 4. दीपा (56) पत्नी गोविंद 5. गोविंद (60) पुत्र राम चरण 6. रवि कश्यप (27) पुत्र राम चरण 7. ज्योति (27) पत्नी रवि कश्यप 8. अहमद (14 महीने) पुत्र परवेज घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री कपिल मिश्रा दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, "यहां एनडीआरएफ की टीम भी मौजूद है लेकिन यह इतनी पतली गली है कि यहां हाथों से मलबा निकालने के अलावा कोई और दूसरा उपाय नहीं है। यहां राहत कार्य करना बहुत मुश्किल है लेकिन हम सभी चाहते हैं कि यहां से जल्द से जल्द मलबा निकल जाए। आशंका है कि मलबे में कुछ लोग फंसे हुए हैं तो हम प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें सकुशल निकाला जा सके। यह बहुत दुखद घटना है और यहां अभी तक 2 लोगों की मौत की सूचना है।" कल आजाद मार्केट इलाके में गिरी थी बिल्डिंग, एक की मौत आजाद मार्केट इलाके में मेट्रो के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर के लिए टनल निर्माण क्षेत्र में जर्जर इमारत ढह गई। हादसे में मनोज शर्मा (45) की मौत हो गई। इस मामले में बाड़ा हिंदूराव थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत की धारा में प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं दिल्ली मेट्रो की ओर से मनोज के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक सहायता की बात कही गई है। मेट्रो प्रबंधन ने भी मामले में जांच शुरू कर दी है। 

बहनों ने सावन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बांधी राखी, बड़ी राखी भी भेंट की

हर बहन को बनाकर देंगे पक्का मकान बहनों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्राण-प्रण से आगे बढ़ रही है राज्य सरकार 30 लाख बहनों को उज्ज्वला योजना की सब्सिडी के रूप में मिले 46.34 करोड़ रुपए उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में हुआ राज्य-स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राखी भाई-बहन के परस्पर स्नेह का बंधन है। यह अनंतकाल से चला आ रहा अटूट बंधन है। राखी आई है, तो भाई का बहन को शगुन देना लाजिमी है। राखी 9 अगस्त को है। इसलिए राखी से पहले हमारी सरकार सभी लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में देगी।  अगस्त माह में प्रत्येक लाड़ली बहन को 1500 रुपए मिलेंगे। हम यही नहीं रुकेंगे, बल्कि प्रदेश की हर लाड़ली बहन को पक्का मकान भी बनाकर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा में लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता राशि सहित अन्य योजनाओं के तहत बहनों को सहायता राशि वितरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.27 करोड़ लाडली बहनों को 26वीं किश्त के रूप में 1543.16 करोड़ रुपए की सहायता राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 30 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 46.34 करोड़ रुपए सब्सिडी राशि तथा 56.74 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी उनके बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा कि लाड़ली बहनों को दी जा रही यह सहायता राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रूपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना एवं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलन एवं कन्या-पूजन के साथ राज्यस्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही लाड़ली बहनों का पुष्पवर्षा के साथ अभिवादन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित माता-बहनों ने पवित्र श्रावण मास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी। बहनों की ओर से मुख्यमंत्री को एक विशाल राखी भी भेंट की गई। चार करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री हो रही है बहनों के नाम पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में नारी सशक्तिकरण का अभियान जारी है। बहनों के कल्याण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार सभी दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। बहनों के मान-सम्मान और उनके सिंदूर की रक्षा करना और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना सरकार की प्राथमिकता मे है। हम देश की आधी आबादी को उनका पूरा हक दिलाने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। देश की सभी बहनों को पक्के घर की सौगात मिले, इसके लिए पीएम आवास योजना के तहत निर्मित 4 करोड़ से अधिक पक्के मकानों की रजिस्ट्री बहनों के नाम से ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बहनें मायके और ससुराल दोनों को धन्य करती हैं। बहनें देश का सौभाग्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के त्यौहार से पहले 1543 करोड़ राशि दी गई है। राखी से पहले बहनों को 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा जाएगा। दीपावली के बाद भाईदूज भी अलग होगी, बहनों को हर माह 1500 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें अपने पैसों को सहेजना अच्छी तरह से जानती हैं। बहनों के हाथ में पैसा रहे, तो परिवार और बच्चों को बेहतर जीवन मिलता है। बहनों के जतन से ही घर में खुशियां आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश की 30 लाख बहनों को उज्ज्वला गैस योजना की सब्सिडी के रूप में 46.34 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। इसी क्रम में अलग-अलग 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 56.74 लाख से अधिक हितग्राहियों को कुल 340 करोड़ रुपए की पेंशन राशि भी दी गई है।  अब मजरे-टोलों तक भी बनवाएंगे सड़कें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक 5 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ गांव-कस्बों तक ही नहीं, अब हम प्रदेश के सभी मजरे-टोलों तक भी पक्की सड़कें बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए सम्मान निधि शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार सामाजिक सरोकारों के प्रति बेहद संवेदनशील है। गरीब और जरूरतमंदों को आवश्यकता पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस और हेली-सेवा की भी हमने शुरुआत की है। इससे गंभीर मरीज को समय पर इलाज मिलने से उसके प्राण बचाने में सुविधा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक लोग सड़क पर पड़े किसी दुर्घटनाग्रस्त गंभीर व्यक्ति को हॉस्पिटल पहुंचाने में हिचकते थे। सरकार ने इसी दिशा में कदम उठाया और राहवीर योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा पुण्य है। यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर हास्पिटल में भर्ती कराता है, तो ऐसी परोपकारी सहायता करने वाले व्यक्ति को राज्य सरकार पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दे रही है। किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए संकल्पित है। हमारी सरकार 'हर खेत को पानी, हर हाथ को काम' की भावना से काम कर रही है। प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों को भारी … Read more

मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पुरस्कार के लिए चयनित नगरीय निकायों को दी बधाई

रायपुर, स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली में आगामी 17 जुलाई को आयोजित होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में राज्य के सात नगरीय निकायों को स्वच्छता के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन पुरस्कारों को प्रदान करेंगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों को प्रेसिडेंट्स अवार्ड प्रदान करेंगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बिलासपुर नगर निगम को तीन लाख से दस लाख आबादी वाले (Big Cities) शहरों की श्रेणी में, कुम्हारी नगर पालिका को 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले (Small Cities) शहरों की श्रेणी में तथा बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले (Very Small Cities) शहरों की श्रेणी में यह सम्मान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, रायपुर नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ कार्यों के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिनिस्ट्रियल अवार्ड (Ministerial Award) प्रदान किया जाएगा। स्वच्छता के क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन करने वाले शहरों को पहचान देने हेतु इस वर्ष सुपर स्वच्छता लीग (एसएसएल) नामक एक विशेष श्रेणी की शुरुआत की गई है। इस लीग में वे शहर शामिल किए गए हैं, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में स्थान प्राप्त कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में अपनी संबंधित जनसंख्या श्रेणी में शीर्ष 200 में बने हुए हैं। इस नवीन श्रेणी में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन हुआ है – अंबिकापुर नगर निगम (50 हजार से तीन लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी), पाटन नगर पंचायत तथा बिश्रामपुर नगर पंचायत (20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी) को एसएसएल के लिए चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित सातों नगरीय निकायों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा स्थानीय निकायों द्वारा सतत किए जा रहे प्रयासों का यह उत्कृष्ट परिणाम है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में राज्य के और भी अधिक नगरीय निकाय स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक, सभी मिलकर शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधासंपन्न बनाने हेतु अनेक नवाचारों के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं।  "छत्तीसगढ़ के सात नगरीय निकायों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह हमारे नगरीय प्रशासन, स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। बिलासपुर, कुम्हारी, बिल्हा, रायपुर, अंबिकापुर, पाटन और बिश्रामपुर जैसे शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य निकायों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। मैं सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देता हूँ और विश्वास जताता हूं कि छत्तीसगढ़ स्वच्छता के इस अभियान में देश का अग्रणी राज्य बना रहेगा।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय बोले – जीवन में सफलता के लिए शिक्षा है मजबूत आधार

छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम : नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है। रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा। विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की। कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।