samacharsecretary.com

रजिस्ट्री के लिए दफ्तर की दौड़ खत्म, अब 75 दस्तावेज ऑनलाइन होंगे रजिस्टर्ड

भोपाल  संपदा-2.0(Sampada 2.0) लागू होने के बाद इसमें लगातार नई सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में कुल 141 तरह के दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती हैं। इनमें से 75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। लगभग 40% रजिस्ट्री इन्हीं दस्तावेजों की होती हैं। इनमें पॉवर ऑफ अटॉर्नी, इंडस्ट्री लोन, सर्टिफिकेट ऑफ सेल, बैंक द्वारा बेची जाने वाली प्रॉपर्टी, सभी तरह की लीज और कोऑनरशिप संबंधी दस्तावेज घर बैठे ऑनलाइन रजिस्टर करा सकते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों संबंधी दस्तावेजों की रजिस्ट्री ऑनलाइन(Online Registry) कर दी गई है, लेकिन इस सुविधा का वे ही इस्तेमाल कर सकते हैं जिन्होंने आधार का उपयोग किया है। इसमें वीडियो ई-केवायसी का उपयोग किया जा रहा है। एआइ के जरिए चेहरा मैच कर पहचान स्थापित की जा रही है। घर बैठे ऑनलाइनरजिस्ट्री वाणिज्यिक कर विभाग ने 1 अप्रेल 2025 से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां संपदा-2.0 से शुरू कर दी हैं। 75 दस्तावेजों की रजिस्ट्री में ऐच्छिक कर दिया गया है कि पक्षकार सब रजिस्ट्रार ऑफिस आकर या नहीं आकर ऑनलाइनरजिस्ट्री करा सकते हैं। मॉडल दस्तावेज पंजीयन आइजी अमित तोमर के अनुसार वीडियो ई-केवायसी और एआइ से यह संभव हो सका है। दस्तावेज तैयार करने मॉडल दस्तावेज संपदा 2.0 की वेबसाइट पर डाले गए हैं। इनमें जानकारियां भरकर ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है। इसके अलावा सुविधाओं के टयूटोरियल भी डाल दिए गए हैं। इनके लिए सुविधा नहीं अनपढ़ और दृष्टिहीन लोगों को तकनीक के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचाने के लिए ऑनलाइन सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें ऑफिस में आकर ही रजिस्ट्री करानी होगी। इसके साथ अभी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और वसीयतनामे जैसे संवेदनशील दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए भी ऑफिस आने की अनिवार्यता है। अभीइनके लिए वीडियो ई-केवायसी की सुविधाशुरू नहीं की गई है। ऐसे समझें     नॉन इंटरेक्टिव ई-केवायसी में सबसे पहले डॉक्यूमेंट तैयार करना होगा। इसे ऑनलाइन तैयार कर सकते हैं या सर्विस प्रोवाइडर से।     डॉक्यूमेंट सबमिट करते समय वीडियो केवायसी का विकल्प मिलेगा। दो आइडी देनी होंगी।     रजिस्ट्री कराने वाले पक्षकार अपना वीडियो बनाएंगे। एआइ कुछ सवाल पूछेगा। पक्षकार के चेहरेका एनालिसिस करेगा।     सभी आइडी में जानकारियां एक जैसी नहीं होंगी या चेहरा मेल नहीं खाएगा तो एआइ रिजेक्ट कर देगा। मैच होने पर प्रक्रिया बढ़ेगी।     टोकन सब रजिस्ट्रार के पास पहुंच जाएगा और दस्तावेज अगले दिन रजिस्टर कर देगा। दस्तावेज ई-मेल, व्हाट्सएप पर पहुंच जाएगा।     इंटरैक्टिव वीडियो ई-केवायसी में सब रजिस्ट्रार वीसी से पक्षकारों से बात करेंगे। उसी दौरान एआइ चेहरे का मिलान कर लेगा। सब रजिस्ट्रार को तभी बताना होगा कि दस्तावेज रजिस्टर हुआ या नहीं।  

मोर आवास-मोर अधिकार योजना बनी उम्मीद की किरण, बीजापुर में 30 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित

मोर आवास-मोर अधिकार योजना बनी उम्मीद की किरण, बीजापुर में 30 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित प्रशासन की पहुंच बढ़ी -165 ग्राम पंचायतों में हुआ सर्वे रायपुर मोर आवास मोर अधिकार योजना के तहत् राज्य के बीजापुर जिले में बड़ा बदलाव देखने को मिल  रहा है। अब तक जिले में 30 हजार से अधिक परिवार आवास प्लस सर्वे में शामिल हो चुके हैं। जिससे उन्हें स्थाई आवास की दिशा में एक नई आश मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2018 में तैयार की गई आवास प्लस की सूची में छूटे हुए पात्र परिवारों को सर्वे में शामिल करने मोर दुवार – साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में महाअभियान चलाया गया। जिले में कुल 30 हजार 186 परिवार इस सर्वे में शामिल हुए है। इस सर्वे की महत्वपूर्ण बात यह है कि 2018 में जहां 117 ग्राम पंचायतों में ही सर्वे किए गए थे, वहीं इस बार जिले में कुल 170 ग्राम पंचायतों में से 165 ग्राम पंचायतों में सर्वे कार्य पूर्ण किया गया है। पहुंच विहीन  ग्राम पंचायतें जो दशकों से माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पूर्व में किये गए सर्वे में छूट गए थे। उन क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन की ठोस रणनीति की बदौलत पहली बार वंचित परिवार का सर्वे कर पात्र परिवारों को शामिल करने में सफलता मिली है।      प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के जिला समन्वयक श्री गंभीर सिंह परिहार ने बताया कि कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जरूरत मंद वंचित परिवार तक पहुंचने आवास प्लस सर्वे 2.0 की कार्ययोजना बनाई गई। जिला प्रशासन की विशेष पहल पर निरंतर मॉनिटरिंग एवं नियमित समीक्षा से बड़ी संख्या में परिवार सर्वे में शामिल हुए हैं। मोर दुवार साय सरकार थीम पर प्रदेश भर में 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा चलाये जाने का शासन स्तर से निर्णय था, सर्वे करने की अंतिम तिथि 15 मई निर्धारित थी। तय समय-सीमा में सर्वे से वंचित परिवारों को जोड़ने हेतु जिला स्तर से पत्र प्रेषित कर पुनः आवास प्लस ऐप को चालू करवाने हेतु राज्य शासन को पत्र प्रेषित किया। जिसे स्वीकार करते हुए भारत सरकार द्वारा 16 जून से 26 जून तक सर्वे तिथि को बढ़ाया गया।     जिला प्रशासन की सक्रियता और समर्पित कार्यप्रणाली के चलते यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र परिवारों को उनका हक मिल सके।

स्वच्छता की जंग में इंदौर की सातवीं परीक्षा, सूरत-नवी मुंबई समेत 12 शहरों से टक्कर

 इंदौर  स्वच्छत भारत रैंकिंग के परिणाम इस माह 17 जुलाई को आ रहे हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू की मौजूदगी में स्वच्छता की रैंकिंग की घोषणा की जाएगी। सात साल से लगातार देश में स्वच्छता में सरताज बने इंदौर का दावा इस बार भी मजबूत है, लेकिन सूरत की तरफ से कड़ी टक्कर इंदौर को मिल रही है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण भी देरी से हुआ। इस कारण परिणाम भी देरी से आ रहे है। विजेता शहरों को राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत किया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव और अन्य अधिकारी जाएंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। इंदौर को पिछली बार संयुक्त रूप से सूरत के साथ अवार्ड मिला था। इस बार सूरत की भी कोशिश है कि वह अकेला स्वच्छता की पहली रैंकिंग पाए। सूरत ने कचरे से कमाई के मामले में बेहतर काम किया है। इंदौर में भी सीएनजी गैस का प्लांट लगाया गया, लेकिन वह ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सबसे बड़ी ताकत स्वच्छता के लिए घर-घर कचरा संग्रहण इंदौर की सबसे बड़ी ताकत है। ज्यादातर शहर इसे मजबूत नहीं कर पाए है। इंदौर में कचर पेटियां ही नहीं है। शत-प्रतिशत कचरा घरों से निकल कर सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड तक जाता है। 12 शहर स्वच्छता लीग में शामिल पिछले साल सूरत ने 30 वार्डों को अलग-अलग जनप्रतिनिधियों को गोद दिया था और वहां घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत की थी। इंदौर के साथ 12 शहर स्वच्छता लीग में शामिल है। इनमें सूरत, नवी मुबंई, चंडीगढ़, नोएडा, तिरुपति, अंबिकापुर, नई दिल्ली जैसे शहर शामिल हैं। आंकलन के लिए 28 बिन्दू तय केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने इस बार इन शहरों की स्वच्छता आंकने के लिए 28 बिन्दू तय किए गए थे। स्वच्छता के अलावा कचरे का निपटान, कचरे का फिर से उपयोग, नदी-नालों की सफाई सहित अन्य बिन्दू के हिसाब से नंबर मिले। पब्लिक फीडबैक के अंक भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।  

गाजियाबाद में बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी गिरोह बेनकाब, बिटकॉइन-बीमा के नाम पर लूटते थे पैसे

गाजियाबाद  गाजियाबाद के थाना साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को विभिन्न बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि या बीमा लोकपाल बताकर लोगों से संपर्क करते थे और बीमा पॉलिसी में अधिक मुनाफा दिलाने और पॉलिसी की रकम को बिटकॉइन में निवेश के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, एक लैंडलाइन डिवाइस, दो चेक, एक एटीएम कार्ड, एक लग्जरी कार, 1.83 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक गैंग कुल 44 लाख रुपए की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम रवि प्रताप, विकास कुमार, नवीन, अनुज और गुंजन हैं। इन सभी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और पुलिस द्वारा उनकी पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। आरोपियों ने पहले अलग-अलग कॉल सेंटर्स में काम किया था, जिससे उनके पास बीमा धारकों का डाटा पहुंचा। इसी डाटा के आधार पर आरोपी लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें बताते थे कि उनकी बीमा पॉलिसी की राशि को बिटकॉइन में बदला जा रहा है, लेकिन इसके लिए कुछ रजिस्ट्रेशन शुल्क और अन्य प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। लालच में आकर जब पीड़ित रकम भेजते थे, तो आरोपी उनसे संपर्क बंद कर देते थे। यही नहीं, इन लोगों ने बीमा कंपनियों की वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट भी बनाई थी, जिसमें अपने नंबर डाल रखे थे ताकि लोग भ्रमित होकर उनसे ही संपर्क करें। साइबर थाना पुलिस की इस सफलता पर टीम को 25,000 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने मामलों और अन्य पीड़ितों की जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है।

युवाओं को मिलेगा नया लाभ, लैपटॉप-साइकिल के बाद अब स्कूटी योजना का ऐलान

भोपाल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटाप व साइकिल के बाद अगले महीने स्कूटी भी दी जाएगी। 7,800 विद्यार्थी स्कूटी के लिए पात्र हैं। अगले सत्र से बच्चों को गणेवश तैयार करवाकर वितरित किया जाएगा। साथ ही 75 प्रतिशत अधिक अंक लाने वाले करीब एक लाख मेधावी विद्यार्थियों को राशि के बदले अब लैपटाप दिए जाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल में कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के भवन के लोकार्पण समारोह में की। साथ ही कहा कि सांदीपनि विद्यालय में बच्चों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान छात्राओं से भी मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र बनकर उभरे हैं। अब सरकारी स्कूल सुविधा और गुणवत्ता दोनों में आगे हैं। इस बार मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं के परिणाम में सरकारी स्कूलों ने 15 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। निजी स्कूल पीछे रह गए हैं। अब सौ प्रतिशत परिणाम लाने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महू, देवास, नरसिंहपुर के विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन विकास के लिए पांच-पांच लाख रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाएंगे।   अभियान के पहले दिन बंटी 4.30 लाख साइकिलें मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को निश्शुल्क साइकिल वितरण के दो दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए 50 विद्यार्थियों को साइकिलें वितरित कीं। अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों को 4.30 लाख साइकिलें बांटी गईं। विद्यार्थियों ने एक धुन में साइकिल की घंटी बजाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। प्रदेश के 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को मिलेगा रक्षाबंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता है। भारतीय समाज में उनका अलग ही स्थान है। प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 1,500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2029 तक देश की बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उज्जैन में प्रारंभ होगा सेटैलाइट सेंटर     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेजों में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जहां विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा दी जा रही है।     इसी उद्देश्य से उज्जैन में आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर प्रारंभ किया जाएगा। सरकार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का विलय कर मेडिकल एजुकेशन एवं हेल्थ सेक्टर में नवाचार किया है।     छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज खोलने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे आगामी दो वर्ष के अंदर एमबीबीएस की सीटें 10 हजार हो जाएंगी।     मध्य प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जहां नीट पास करने के बाद सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए विद्यार्थियों को भरपूर सहयोग कर रही है। 

नोबेल को लेकर केजरीवाल का दावा, BJP बोली – भ्रष्टाचार के लिए मिल सकता है पुरस्कार

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ऐसे बयान से राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है जिसमें उन्होंने शासन और प्रशासन के लिए खुद को नोबेल पुरस्कार का हकदार बताया है। चंडीगढ़ में अपनी पुस्तक 'द केजरीवाल मॉडल' के पंजाबी संस्करण के विमोचन अवसर पर बोलते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में उनकी सरकार के काम में बार-बार बाधा डालने के प्रयासों के बावजूद उनके प्रशासन ने प्रभावी ढंग से काम किया है। काम करने से रोके जाने के बावजूद, हमने अच्छा प्रदर्शन किया केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा, "काम करने से रोके जाने के बावजूद, हमने अच्छा प्रदर्शन किया। उपराज्यपाल और विभिन्न कठिनाइयों के बावजूद इतना कुछ करने के लिए मुझे शासन और प्रशासन का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए।" यह बयान तुरंत ही विवादों में घिर गया।   भाजपा का पलटवार: "हास्यास्पद… अक्षमता और भ्रष्टाचार" दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'हास्यास्पद' करार दिया। सचदेवा ने कहा, "केजरीवाल द्वारा अपने लिए नोबेल पुरस्कार की मांग करना हास्यास्पद है। अगर अक्षमता, अराजकता और भ्रष्टाचार के लिए श्रेणियां होतीं, तो उन्हें ज़रूर यह पुरस्कार मिलता।" उन्होंने AAP शासन के दौरान कथित अनियमितताओं का ज़िक्र किया जिनमें: ➤ सार्वजनिक परिवहन बसों में पैनिक बटन ➤ कक्षा निर्माण ➤ महिलाओं के लिए पेंशन योजना ➤ शराब लाइसेंस ➤ मुख्यमंत्री आवास के विवादास्पद नवीनीकरण ('शीश महल') जैसे घोटाले शामिल हैं। AAP ने किया पलटवार: "अब काम करके दिखाओ" भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "वीरेंद्र सचदेवा अब सरकार में हैं। अब शासन करने का समय है सिर्फ बातें करने का नहीं। विपक्ष के दिन अब लद गए हैं अब आपको काम करके दिखाना होगा। दिल्ली असली काम का इंतज़ार कर रही है ध्यान भटकाने या बदनामी का नहीं।" केजरीवाल का बचाव: "पारदर्शिता और ईमानदारी पर आधारित मॉडल" अपने संबोधन के दौरान केजरीवाल ने अपने प्रशासन के पिछले रिकॉर्ड का बचाव करते हुए ज़ोर देकर कहा कि AAP का शासन मॉडल पारदर्शिता और ईमानदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा, "अगर कोई सरकार भ्रष्ट है अगर उसके मंत्री लूटपाट कर रहे हैं तो यह मॉडल ध्वस्त हो जाएगा।" उन्होंने दावा किया कि दिल्ली और पंजाब में उनकी पार्टी की सफलता भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और जनता के पैसे बचाने पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा, "पिछली सरकारों ने दावा किया था कि खजाना खाली है लेकिन हमने स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारी और मुफ्त बिजली दी क्योंकि हमने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया।"  

अब हमें स्कूल समय पर पहुंचने में आसानी होगी, धन्यवाद मुख्यमंत्री जी: छात्रा

भोपाल शासन की नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय, भोपाल में आयोजित नि:शुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम में जब विद्यार्थियों को साइकिलें प्राप्त हुईं, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। निःशुल्क साइकिल प्राप्त होने पर वे अत्यंत प्रसन्न हैं और इसके लिए म.प्र. शासन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टीलाखेड़ी की कक्षा 9वीं की छात्रा कुमारी रिया भारती ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “अब हमें स्कूल समय पर पहुंचने में आसानी होगी। धन्यवाद मुख्यमंत्री जी।” इसी विद्यालय की कुमारी पूजा खन्ना ने कहा कि "पैदल विद्यालय पहुंचने में अधिक समय लगता था, अब में 10 मिनिट में विद्यालय पहुंच जाऊंगी। मैं अपने मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देती हूँ।" कुमारी सिमरन गौर ने भी निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार माना। कुमारी सिमरन ने कहा कि "निःशुल्क साइकिल प्राप्त होने से जीवन में रफ्तार प्राप्त हुई हैं। अब हम आत्मविश्वास के साथ विद्यालय जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि “प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी विद्यार्थी केवल साधन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना से विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनेंगे, समय की बचत होगी तथा उनकी उपस्थिति में भी सुधार आएगा।” उन्होंने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें परिश्रम और लगन के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित नि:शुल्क वितरण योजना न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है। छात्राओं ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चलाई जा रही इस लोकहितकारी एवं दूरदर्शी पहल के लिए उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं। 

कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्प्री-2025 योजना को मिली मंजूरी

भोपाल  कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए “स्प्री 2025” यानि स्कीम टू प्रमोट रजिस्ट्रेशन ऑफ इम्प्लॉयर्स/इम्प्लॉयीज योजना को स्वीकृति दी है। इस निर्णय की घोषणा शिमला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित 196वीं ईएसआई निगम की बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। संयुक्त निदेशक श्री निश्चल कुमार नाग, प्रभारी, उप क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्प्री योजना का उद्देश्य ईएसआई अधिनियम, 1948 के अंतर्गत अब तक पंजीकृत नहीं हुए प्रतिष्ठानों एवं श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। यह योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। इसके अंतर्गत नियोक्ता डिजिटल माध्यमों जैसे- ESIC पोर्टल, श्रम सुविधा पोर्टल, MCA पोर्टल से अपने प्रतिष्ठान एवं कर्मचारियों का पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण नियोक्ता द्वारा घोषित तिथि से वैध माना जाएगा। पंजीकरण की तिथि से पूर्व की अवधि के लिए कोई देनदारी, योगदान या रिकॉर्ड की मांग नहीं की जाएगी और कोई निरीक्षण या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जो पहले अपंजीकरण की स्थिति में संभावित थी। स्प्री योजना का प्रमुख उद्देश्य पिछली देनदारियों के भय को समाप्त कर स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है, इससे कॉन्ट्रेक्ट, अस्थायी और अनियमित श्रमिकों को भी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होंगे। इस योजना के अंतर्गत नकद लाभ (बीमारी, मातृत्व, चोट या मृत्यु की स्थिति में), कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सेवाएं, दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा जैसे विकलांगता लाभ, पेंशन आदि लाभ उपलब्ध होंगे। यह योजना उन नियोक्ताओं पर लागू होगी जिनके प्रतिष्ठानों यानि कारखानें, दुकानें, होटल-रेस्टोरेंट, रोड ट्रांसपोर्ट, निजी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, समाचार पत्र, नगर निगमों के ठेका कर्मचारी आदि में 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे संस्थानों पर भी यह योजना लागू होगी जो अब तक ईएसआई अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं अथवा वह अपने सभी पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण नहीं कर पाए हैं। संयुक्त निदेशक श्री नाग ने बताया कि यह योजना सर्वसमावेशी सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ावा देती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिये भी अनुकूल है। योजना की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक, सरल और पारदर्शी है। उन्होंने राज्य के सभी पात्र नियोक्ताओं से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया, जिससे वे न केवल कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें बल्कि अपने कर्मचारियों को आवश्यक स्वास्थ्य व सामाजिक संरक्षण भी प्रदान कर सकें।  

स्मार्ट मीटर की भ्रांतियां दूर करने गुना में हुई मीडिया वर्कशॉप

भोपाल  स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को नए टैरिफ आर्डर के अनुसार अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। यह उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के.पवार ने स्मार्ट मीटर से होने वाले लाभ तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ता हित में चलाई जा रही शासन की योजनाओं जैसे ग्रामीण क्षेत्र में 5 रुपये में नवीन कनेक्शन, सोलर रूफटॉप आदि को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरूवार को गुना में आयोजित मीडिया कार्यशाला में यह जानकारी दी। परिसर में रीडिंग लेने आने की आवश्यकता नहीं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) श्री सी.के. पवार ने मीडिया से चर्चा करते हुये बताया कि शहर के लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विद्युत स्मार्ट मीटर लगने के बाद परिसर में रीडिंग लेने आने की जरूरत नहीं होती है ऑटोमेटिक सटीक रीडिंग होती है। मानवीय हस्तक्षेप नहीं होने से गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होती है। उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन की विद्युत खपत स्मार्ट मीटर के माध्यम से देख सकता है। उन्होंने बताया कि दैनिक के साथ –साथ सप्ताहिक अथवा मासिक खपत आसानी से देखी जा सकती है, और बिजली की कितनी खपत हो रही है, अगले महीने उसका कितना बिल आ सकता है, उसका पूर्वानुमान भी आसानी से लगाया जा सकता है। अब तक कहीं कोई गड़बड़ी नहीं आई  महाप्रबंधक श्री पवार ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाते हुए लगभग 1 वर्ष पूर्ण हो गया है। अब तक पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र के सोलह जिलों में 03 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अभी तक कहीं पर भी किसी प्रकार की कोई भ्रांतिया पैदा नहीं हुई हैं। ऑटोमेटिक माध्यम से सटीक रीडिंग होने के बाद प्रतिमाह 01 तारीख के बाद मोबाइल अथवा ईमेल पर बिल जारी किया जाता है। स्मार्ट मीटर के पहले उपभोक्ताओं को पता ही नहीं चलता था कि उनकी विद्युत खपत कितनी हैं, जब स्मार्ट मीटर लगे तब उन्हें सही खपत का पता चला और उसका डेटा भी विद्युत विभाग के पास उपलब्ध हुआ है।  हर पंद्रह मिनिट में डाटा अपडेट उपभोक्ता अब उपाय एप के जरिए स्मार्ट मीटर के माध्यम से अपने घर का लोड देख सकते हैं। मीटर में भी के.डब्ल्यू लिखा रहता हैं जो घर का पूरा लोड बताता है तथा केडब्ल्यूएच खपत (यूनिट ) बताता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वयं के यहाँ पर कितना किलोवॉट का लोड चल रहा हैं। इसके साथ ही उपाय एप के स्मार्ट मीटर में इंडिकेटर के माध्यम से यह अंदाजा लगाया जाना आसान हो गया कि किस-समय, किस प्रकार के उपकरण चलाए गए ताकि हरी लाइन से पता चल सकता है कि उस दौरान कितनी बिजली खपत हुई। स्मार्ट मीटर हर पंद्रह मिनिट में डाटा अपडेट करता है।     रियल टाइम डेटा उपलब्ध मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्ता संतुष्ट हैं।  रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्रांतर्गत जब से स्मार्ट मीटर स्थापित करने शुरू किये हैं तभी से स्मार्ट मीटर के सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं। उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में ऊर्जा खपत की सटीक तथा अद्यतन जानकारी मिल रही है, साथ ही रीडिंग में किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। इसके अलावा उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर रीडिंग लेने की जरूरत भी नहीं है, क्योंकि  निर्धारित तिथि पर ऑटोमेटिक रीडिंग करके उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर बिल जारी किया जा रहा है। उपभोक्ता स्वयं कर रहे खपत की निगरानी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर के फायदे अनेक हैं। जहां-जहां भी स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं वहां पर निर्धारित समय पर तथा सटीक रीडिंग हो रही है। उपभोक्ता स्वयं भी ऊर्जा खपत की निगरानी कर सकते हैं, इसके लिए हर 15 मिनट में डाटा अद्यतन हो रहा है, ताकि यह समझने में आसानी रहे कि किस समय कितनी ऊर्जा की खपत हुई है। इससे बिजली खपत को नियंत्रित करने में आसानी हो रही है। बिलों में त्रुटि की संभावना नहीं स्मार्ट मीटरों से बिजली के बिलों में त्रुटि की संभावना बहुत कम हो गई है और बिजली की चोरी रोकने में भी स्मार्ट मीटर मददगार साबित हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर वास्तविक समय में अपनी बिजली की खपत पर नज़र रखने में मदद करते हैं, जिससे उपभोक्ता स्वयं भी अपनी खपत को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और गैरजरूरी उपकरणों को बंद करके ऊर्जा की बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर के फायदे 1. ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है। 2. बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। 3. एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं। 4. ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं। 5. ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है। 6. ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है। 7. ऊर्जा की खपत को नियंत्रि

भाजपा ने लहराया परचम, एमपी के छह निकाय क्षेत्रों में मिली जीत

भोपाल मध्य प्रदेश में नौ नगरीय निकायों में हुए पार्षदों के उपचुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। नौ स्थानों पर हुए चुनाव में भाजपा छह और कांग्रेस तीन स्थानों पर जीती है। इन उपचुनाव के लिए सात जुलाई को मतदान हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने बताया है कि नौ नगरीय निकायों में एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के परिणाम घोषित किए गए। घोषित परिणामों में छह पार्षद भारतीय जनता पार्टी और तीन पार्षद इंडियन नेशनल कांग्रेस के हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने जानकारी दी है कि भोपाल जिले के नगरीय निकाय बैरसिया के वार्ड सात में भारतीय जनता पार्टी की शाइस्ता सुल्तान, नगरीय निकाय सिवनी के वार्ड 11 में भारतीय जनता पार्टी की निधि, इंदौर जिले के नगरीय निकाय सांवेर के वार्ड 7 में कांग्रेस की हसीना और नगरीय निकाय गौतमपुरा के वार्ड 15 में भारतीय जनता पार्टी के शंकरलाल, मंडला जिले के नगरीय निकाय बिछिया के वार्ड 13 में कांग्रेस की राजकुमारी धुर्वे, शहडोल जिले के नगरीय निकाय खांड के वार्ड 8 में कांग्रेस के शशिधर त्रिपाठी, छिंदवाड़ा जिले के नगरीय निकाय न्यूटन चिखली के वार्ड 4 में भारतीय जनता पार्टी की निकिता बरखे और खरगोन जिले के नगरीय निकाय भीकनगांव के वार्ड 5 में भारतीय जनता पार्टी की कमलेश कौशल को विजेता घोषित किया गया है। पन्ना जिले के नगरीय निकाय ककरहटी के वार्ड 13 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हीरालाल आदिवासी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। दरअसल, राज्य के नौ नगरीय निकायों में सात जुलाई को एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के लिए मतदान संपन्न हुआ था। कुल 69.68 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। इसमें 73.01 प्रतिशत पुरुष और 66.36 प्रतिशत महिला मतदाता हैं। निर्वाचन परिणामों की घोषणा गुरुवार को हुई।