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उमरिया में 3 दिवसीय मास्टर ट्रेनर ट्रेनिंग, साल 2026 में होगी बाघों की गणना

उमरिया  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाली बाघ की गणना को लेकर अधिकारी कर्मचारियों को लगातार ट्रेंड किया जा रहा है. इसके लिए 3 नवंबर से लेकर 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिवसी मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. 50 से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों ने लिया हिस्सा 3 नवंबर से 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला ईको केंद्र में विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई, जिसमें वन मंडल स्तरीय मास्टर ट्रेनर और समन्वय अधिकारियों की ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई थी, जहां 7 मंडलों के 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इसमें कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग लेवल की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे. फील्ड सेशन में डाटा कलेक्शन सहित कई बिंदुओं पर चर्चा 3 दिवसीय ट्रेनिंग के आखिरी दिन भोपाल से आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल कृष्णमूर्ति भी शामिल हुए, जहां उन्होंने फील्ड सत्र में हिस्सा लिया. इस दौरान एल कृष्णमूर्ति के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय और उपसंचालक पीके वर्मा भी सम्मिलित थे. फील्ड सेशन में फील्ड में डाटा कलेक्शन में आने वाली कठिनाइयों और छोटी-छोटी गलतियां के निराकरण पर ध्यान दिया गया. कैमरा ट्रैप में इन बातों पर फोकस फील्ड सत्र के बाद WII देहरादून से आए आशीष प्रसाद और मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा ने क्लासरूम सेशन भी लिया और फील्ड में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया. बाघों की गणना में कैमरा ट्रैप का बहुत बड़ा रोल होता है, फील्ड में कैमरा ट्रैप लगाने में अक्सर गलतियां हो जाती हैं, ऐसे में कौन सी छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन पर फोकस करने की जरूरत है, फील्ड में होने वाली इन छोटी छोटी गलतियों पर भी ध्यान दिया गया. इन कारणों से बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिलती कई बार कैमरा ट्रैप को गलत दिशा में, दूरी एवं ऊंचाई पर लगाने के कारण फोटो ब्लर हो जाती है और टाइगर नहीं मिल पाता है. जिसके चलते बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिल पाती. इसके अलावा कैमरा ट्रैप आईडी और स्थान भी मिसमैच होने के चलते डाटा कलेक्शन में दिक्कत होती है. ऐसी छोटी-छोटी गलतियों पर भी फोकस किया गया, उन गलतियों को सुधारने के तरीके भी बताए गए. बांधवगढ़ बाघों का गढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि "ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग थी, जिसमें 7 वन मंडल के 50 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और मास्टर ट्रेनर बने. यह तैयारी 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए हो रही है. बाघ गणना 2026 की तैयारी की समीक्षा भी की गई. साथ ही इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी सभी अधीनस्थों को दिए.     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है, इसीलिए पूरे मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिलने वाले बाघों की संख्या पर सबकी नजर रहेगी. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी बाघों की सटीक और सही गणना के लिए लगातार ट्रेनिंग और तैयारी कर रहा है. इससे पहले साल 2022 में बाघों की गणना की गई थी, जिसमें 165 बाघ मिले थे, इस बार देखना दिलचस्प होगा की बाघों की संख्या कहां तक पहुंचती है.

सिंहस्थ से पहले तैयार होगा भोपाल-इंदौर हाईवे का 31 करोड़ रुपये का फ्लाईओवर

 भोपाल  भोपाल शहर के सबसे प्रमुख सड़क जंक्शन को सुरक्षित करने की योजना ने महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है। भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर यह छह लेन का नया फ्लाईओवर है, जिसका निर्माण 31 करोड़ रुपयों की लागत से होगा। इसके बन जाने से भोपाल से इंदौर जाने वालों को खजुरी स्थित 11 मील जंक्शन की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार में सबका साथ-सबका विकास के तहत पूरे भोपाल में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत यह फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जाएगा, जो कि 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ के पहले तैयार हो जाएगा। ऐसे में इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को विभाजित करने में मदद मिलेगी और इस सड़क पर हो रहे हादसे भी नियंत्रित होंगे। 18 महीने में निर्माण का लक्ष्य अधिकारियों ने बताया कि छह लेन के इस फ्लाईओवर की लंबाई 850 मीटर होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को मिली है। यह एजेंसी 18 महीने में निर्माण पूरा करने की लक्ष्य लेकर चल रही है। फ्लाईओवर के साथ उसपर पथप्रकाश व्यवस्था और सर्विस लेन भी बनाई जाएगी ताकि आवागमन सुगम बना रहे। भोपाल बाइपास को बाइपास करेगा खजूरी स्थित 11 मील तिराहे पर भोपाल बायपास व भोपाल इंदौर राजमार्ग आपस में जुड़ते हैं। इस तिराहे से औसतन दो लाख वाहन रोज गुजरते हैं। इसकी वजह से इस चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। नया फ्लाईओवर जंक्शन से करीब 400 मीटर पहले शुरू होगा। जंक्शन तिराहे के ऊपर से गुजरकर यह खजुरी के पास उतरेगा। इसकी वजह से भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की ओर आ रहे वाहनों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बाइपास से आने वाले वाहन सर्विस रोड से होकर मुख्य सड़क पर पहुंचेंगे।     850 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर     6 लेन का होगा     31 करोड़ रुपयों में बनेगा     18 महीने में पूरा होगा     3 लाख लोग रोजाना गुजरेंगे  

जबलपुर को मिली गोल्फ टूर्नामेंट की मेजबानी, 8 नवंबर से लगेगा गोल्फ खिलाड़ियों का जमावड़ा

जबलपुर  गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में देश भर में 'भारत गोल्फ महोत्सव' का आयोजन हो रहा है. इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से हुआ और समापन 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर होगा. सबसे खास बात यह है कि, इसी क्रम में जबलपुर को मेजबानी करने का मौका मिला है. इसका आयोजन आर्मी क्षेत्र (एप्टा) में 8 और 9 नवंबर को किया जाएगा, जो इसे और भी विशेष बनाता है. इस आयोजन के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि, युवा मोबाइल स्क्रीन और नशे की आदत से निकलकर खेल के मैदान में आएं. यह दो दिवसीय महोत्सव आर्मी एरिया में आयोजित किया जा रहा है. जिसमें देश भर के गणमान्य व्यक्ति, गोल्फ खिलाड़ी और वीर जवान शामिल होंगे. 2 दिनों चलेगा गोल्फ महोत्सव 8 नवम्बर को जबलपुर में भारत गोल्फ महोत्सव का शुभारंभ होगा. विभिन्न कार्यक्रर्मों के साथ ही बाहर से आये गोल्फ खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दिन भर चलेगा. इस महोत्सव मे मुख्य केंद्र-बिंदु सामाजिक चेतना है. जिसके तहत कई लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है. जिसमें पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करना जो प्रकृति और हरियाली के बीच में खेले जाते हैं. 'मेक इन इंडिया' स्वदेशी और भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना. शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर खेल के मैदान में उतारना है. लोगों में बढ़ता मोटापा जो आज के समय की बहुत बड़ी समस्या है, लिहाजा इस समस्या के प्रति भी लोगों को जागरूक करना शामिल है. वीर जवानों के बीच होगा आयोजन गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी आर्यवीर आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि, "यह कार्यक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह देश के वीर जवानों के बीच हो रहा है, यानी आर्मी एरिया में हो रहा है. इस दौरान वीर नारियों का सम्मान कर इस कार्यक्रम को और भी ज्यादा गौरवमय बनाया जाएगा. NTOBC रन, गोल्फ ट्रेनिंग के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पौधारोपण, स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूकता करना है. छात्रों को गोल्फ ट्रेनिंग भी दी जाएगी. रणदीप हुड्डा बढ़ाएंगे खिलाड़ियों का हौसला अगले दिन 9 नवम्बर को गोल्फ प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा, जिसमें अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शामिल होंगे. जिसके बाद दिन में गोल्फ प्रतियोगिता संपन्न होगी और शाम को अवार्ड वितरण के साथ ही कल्चरल प्रोग्राम, भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों के परिवार का सम्मान किया जाएगा. जिसके बाद इस 2 दिवसीय टूर्नामेंट का समापन होगा. गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने खेल प्रेमियों के साथ ही युवाओं और नागरिकों से अपील की है की विशेष तौर पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन से जुड़ कर इसे सफल बनाये. अभिनेता रणदीप हुड्डा ने बताया, ''मैं आ रहा हूं जबलपुर, जहां भारत गोल्फ महोत्सव के आयोजन में शामिल होऊंगा. इस दौरान वीर नारियों का ह्रदय से सम्मान किया जाएगा. हजारों की संख्या में प्लांटेशन और मैराथन का भी आयोजन होगा. सबको इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए.''

अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सुनवाई टली, अगली तारीख 17 नवंबर तय

सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को स्थगित हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण आज कोर्ट में कंडोलेंस था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। यह मामला वर्ष 2018 का है। कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विजय मिश्रा का आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। पांच साल तक चली अदालती कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है जबकि दूसरे गवाह से जिरह शुरू हुई है। अक्सर हड़ताल और गवाहों के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

खेसारी लाल यादव पर नगर निगम की कार्रवाई, चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल

पटना बिहार में जारी मतदान के बीच भोजपुरी अभिनेता और राजनेता खेसारी लाल यादव  को झटका लगा है। दरअसल, मीरा भयंदर नगर निगम ने भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव, जो राजद उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, को मीरा रोड स्थित उनके घर में कथित अवैध निर्माण के लिए नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने कहा, यह नोटिस "लोहे के एंगल और टिन शीट शेड की अनधिकृत स्थापना" से संबंधित है। महाराष्ट्र नगर निगम के अधिकारी ने कहा, "नोटिस में परिसर के मालिक से इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए कहा गया है, अन्यथा अतिक्रमण विभाग नगर निगम के कानूनों के अनुसार कार्रवाई शुरू करेगा। अगर अवैध निर्माण स्वेच्छा से नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम मालिक के खर्चे पर इसे गिरा देगा।" छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं खेसारी लाल यादव इलाके के निवासियों ने बताया कि उनका घर कई हफ़्तों से बंद है, और कुछ का दावा है कि उनका परिवार यादव के चुनाव प्रचार में उनका समर्थन करने बिहार गया है। यादव राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर छपरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से 2015 से भाजपा के सीएन गुप्ता जीतते आ रहे हैं। यादव से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री नायडू 10 नवम्बर को विमान करेंगे रवाना

भोपाल  विन्ध्यवासियों के लिये इंतजार की घड़ी समाप्त हो रही है। रीवा, विन्ध्य एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को वायु सेवा का नियमित लाभ मिलना शुरू हो जायेगा। रीवा से दिल्ली के लिये 72 सीटर विमान 10 नवम्बर को रीवा एयरपोर्ट से रवाना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू एलायंस एयर के एटीआर 72 को दोपहर 12 बजे दिल्ली के लिये रवाना करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आगामी 10 नवम्बर को एयरपोर्ट रीवा में सुबह 11 बजे से आयोजित होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। एयरपोर्ट रीवा में मंच व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में हवाई सुविधाओं में वृद्धि हुई साथ ही आर्थिक सुदृढ़ता आई है। यह एयरपोर्ट केवल आधारभूत संरचना नहीं बल्कि विन्ध्य क्षेत्र के विकास को दिशा देने वाला माध्यम है। इससे क्षेत्र की आर्थिक, पर्यटन और औद्योगिक प्रगति का नया अध्याय लिखा जा रहा है। एटीआर-72 विमान के संचालन से विन्ध्य क्षेत्र के साथ ही जिले से लगे उत्तरप्रदेश के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही रीवा से इंदौर के लिये भी वायु सेवा शुरू होगी जिससे कनेक्टिंग तौर पर यात्रियों को इंदौर से देश के अन्य शहरों के लिये भी वायुयान उपलब्ध रहेंगे। इस अवसर पर एलायंस एयर के प्रतिनिधि श्री मुकेश जायसवाल व श्री यशवर्धन सिंह ने बताया कि 10 नवम्बर को वायुयान 12.10 बजे रीवा से दिल्ली रवाना होगा। इसके बाद 11 नवम्बर से सप्ताह में तीन दिन विमान का नियमित रूप से संचालन होगा। बैठक में आयुक्त रीवा संभाग श्री बी.एस. जामोद, आईजी श्री गौरव राजपूत, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

उच्च शिक्षा मंत्री ने माउंट आबू में ‘माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का किया शुभारंभ

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि मन का संयम ही सच्चा धन है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि जीवन में धन और सफलता का संतुलन तभी संभव है जब मन स्थिर और संयमित हो। मन में यदि शांति नहीं है तो उपलब्धियाँ भी अधूरी लगती हैं। मंत्री श्री परमार बुधवार को राजस्थान स्थित माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में, "थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस" के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री परमार ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान, हमें यह सिखाता है कि सच्चा धन आंतरिक संतुलन और नीतिपूर्ण जीवन में है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन, समाज में मूल्यों और नैतिकता की दिशा में एक मजबूत पहल हैं। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सविता दीदी, निदेशक आनंद सरोवर ने कहा कि जब मन स्थिर होता है तभी निर्णय सटीक होते हैं।“आज वित्तीय बुद्धिमत्ता के साथ भावनात्मक बुद्धिमत्ता का संगम आवश्यक है। धन की गति मन की दिशा से निर्धारित होती है। जब मन शांत और स्थिर होता है, तब निर्णयों में स्पष्टता आती है और सफलता टिकाऊ बनती है।” दीदी ने उपस्थित प्रतिभागियों को राजयोग ध्यान के माध्यम से भीतर की स्थिरता अनुभव करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संयोजक श्री ललित इनानी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य है कि प्रोफेशनल्स न केवल बाहरी समृद्धि बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक समृद्धि को भी अपना लक्ष्य बनाएं। व्यक्ति जब स्वयं के मूल स्वरूप को पहचानता है, तब वह धन का उपयोग समाज–कल्याण और आत्म–संतोष के लिए करता है।” राजस्थान के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज़ के आनंद सरोवर परिसर में बुधवार को ‘थर्ड नेशनल माइंड–मनी मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस’ का शुभारंभ भव्य वातावरण में हुआ। यह राष्ट्रीय सम्मेलन 5 से 9 नवम्बर तक आयोजित होगा एवं इसमें देश से वित्त जगत, कॉर्पोरेट क्षेत्र, टैक्सेशन, बैंकिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े सैकड़ों पेशेवर सहभागिता कर रहे हैं। सम्मेलन के शुभारंभ पर विभिन्न राज्यों से आए सीए, बैंक अधिकारी, टैक्स विशेषज्ञ, युवा उद्यमी एवं वित्तीय कारोबार से संबंधित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ‘माइंड–मनी’ विषय पर प्रेरक वीडियो प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या तथा ‘राजयोग मेडिटेशन अनुभव सत्र’ आयोजित किए गए। पाँच दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा ‘माइंडफुल लीडरशिप’, ‘वैल्यू–बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट’ और ‘स्ट्रेस–फ्री सक्सेस’ जैसे विषयों पर कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। प्रतिभागियों ने कहा कि यह सम्मेलन केवल धन प्रबंधन का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का गहन पाठ है।  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने किया रिकार्ड कायम

मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी विद्युत उत्पादन यूनिट ने लगातार 400 दिन संचालित रहने का बनाया रिकार्ड ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने दी बधाई भोपाल मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 प्रदेश के इतिहास में ऐसी प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट होने का गौरव पाया जो लगातार 400 दिनों से संचालित है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से निरंतर विद्युत उत्पादन कर रही है। यूनिट ने गत माह अक्टूबर की 4 तारीख को लगातार 365 दिन (एक वर्ष) तक निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का तमगा हासिल किया था। यूनिट 5 के निर्बाध संचालन से प्रदेश के विद्युत ग्रिड को स्थिरता मिली और घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई। इस उपलब्धि से न केवल म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी की साख मजबूत हुई बल्कि यह प्रदेश की अन्य ताप विद्युत इकाइयों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी है। ऊर्जा मंत्री ने ऐतिहासिक सफलता पर दी बधाई अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 की इस सफलता व उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई और प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के यूनिट नंबर के ऑपरेशन व मेंटेनेंस अभियंताओं व कार्मिकों की लगन, मेहनत व समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। 98.26 फीसदी का शानदार पीएएफ 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 400 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) व 94.58 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) की उपलब्धि हासिल की। आँकड़े यूनिट की तकनीकी दक्षता और संचालन में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों ने दिखाया कमाल पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सामूहिक प्रयास, अनुशासित कार्यशैली व उच्च तकनीकी दक्षता से अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 जैसे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। चुनौतीपूर्ण कार्य लगातार एक वर्ष तक बिना रुकावट संचालन किसी भी ताप विद्युत इकाई के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसके लिए बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर एवं सहायक प्रणालियों का सटीक रखरखाव, निरंतर निगरानी व तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान जरूरी होता है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की समर्पित टीम के निरंतर परिश्रम व तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम है।  

संविधान खतरे में है, जेन-जी आगे आए: राहुल गांधी का युवाओं को संदेश

पूर्णिया  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार के पूर्णिया में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद शिक्षा पर विशेष तौर पर काम किया जाएगा। राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिहार में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। जिनके वोट काटे गए, उनमें महागठबंधन के वोटर शामिल थे। वोटर लिस्ट में गलत नाम जोड़े गए हैं। जेन-जी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी को पोलिंग बूथ पर सावधान रहना है। भाजपा के लोग 'चुनाव चोरी' करने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन बिहार के युवाओं और जेन-जी को संविधान की रक्षा करनी है। हमें चुनाव चोरी करने वालों को रोकना है और ये हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पोलिंग बूथ पर हमें वोट चोरी करने वालों को रोकना है, यही हमारी जिम्मेदारी है। भाजपा पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वोट चोरी के दम पर ही यह चुनाव जीत रहे हैं। मैंने हरियाणा चुनाव के बारे में बताया, यह बिहार में भी ऐसा ही कुछ कर सकते हैं, इसलिए युवाओं को इसे रोकना होगा। भाजपा हर जगह 'वोट चोरी' कर चुनाव जीत रही है, लेकिन हमें किसी भी कीमत पर बिहार में 'वोट चोरी' नहीं होने देनी है। राहुल गांधी ने बिहार की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारी महागठबंधन की सरकार बनने के बाद बिहार सरकार शिक्षा पर काम करेगी। यह विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। पहले यहां नालंदा विश्वविद्यालय था, जहां दुनिया भर से लोग आते थे। पेपर लीक का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान में जो युवा ईमानदारी से पढ़ाई करता है उसे पेपर लीक का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को पहले ही एग्जाम का पेपर मिल जाता है। इसलिए मेरा वादा है कि जैसे ही दिल्ली में इंडी गठबंधन की सरकार बनेगी, हम बेहतरीन विश्वविद्यालय बिहार में बनाएंगे।

मंत्री सारंग ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी 14 से 20 नवम्बर राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह तथा अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के समापन समारोह की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” बैठक में बताया गया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह की थीम “आत्मनिर्भर भारत के माध्यम के रूप में सहकारिता” निर्धारित की गई है। यह विषय आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सहकारी समितियों की भूमिका को रेखांकित करता है। विशेष रूप से कृषि, ग्रामीण ऋण, सूक्ष्म-उद्यम, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहकारिता की भूमिका न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समावेशी एवं सतत विकास का भी आधार बन रही है। सप्ताह के दौरान होंगे जन-जागरण कार्यक्रम मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान ऐसे जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किये जायें, जिनसे आम नागरिकों में सहकारिता के प्रति रुचि और जुड़ाव बढ़े। यह आवश्यक है कि सहकारिता आंदोलन की पहुँच गाँव-गाँव और शहर-शहर तक हो, जिससे “सहकार से समृद्धि” का भाव हर व्यक्ति के जीवन में उतर सके। विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि नागरिक बैंकों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जाये और इस दिशा में महाराष्ट्र के विशेषज्ञों के साथ एक विशेष विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया जाये। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए एक ऐसा मंच तैयार किया जाये, जहाँ स्थानीय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को सीधे जोड़ा जा सके। साथ ही प्रदेश में होने वाली स्वदेशी केन्द्रित नवाचार आधारित प्रदर्शनी को विशेष महत्व दिया जायेगा, जिसमें आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने वाले विचारों और नवाचारों को प्रमुखता दी जायेगी। विशेष संवाद ‘सहकारिता मंथन’ मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम ‘सहकारिता मंथन’ के रूप में आयोजित किया जाये, जिसमें विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा एवं समस्या-समाधान के ठोस प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने उपार्जन और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरलीकृत करने के लिये उपयोगी संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। बैठक में आयुक्त एवं पंजीयक सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक उपभोक्ता संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ श्री महेन्द्र दीक्षित सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह प्रतिवर्ष 14 से 20 नवम्बर तक पूरे देश में मनाया जाता है। इस सप्ताह के दौरान सहकारी समितियों के योगदान को रेखांकित किया जाता है। उनकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है और सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विचार-विमर्श एवं संवाद के कार्यक्रम किये जाते हैं। इस वर्ष का आयोजन “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को सशक्त करने और सहकारिता को विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित होगा।