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उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया: मुस्लिम पर्सनल लॉ में 18 साल से कम उम्र की सहमति को नहीं मानेंगे

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की से शादी के बाद भी संबंध बनाने को कानूनी तौर पर रेप माना है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उनकी धार्मिक या व्यक्तिगत कानूनी मान्यता की स्थिति कुछ भी हो, सहमति हो या वैवाहिक स्थिति हो, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत वैधानिक बलात्कार है। पंजाब के होशियारपुर की एक 17 वर्षीय मुस्लिम लड़की और उसके पति ने अपने परिवारों की इच्छा के विरुद्ध शादी करने के बाद सुरक्षा की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। उन्हें लड़की के माता-पिता से हिंसा का डर था। कपल ने तर्क दिया था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक लड़की को यौवन प्राप्त करने पर शादी करने का अधिकार है। इसकी उम्र महज 15 साल मानी जाती है। न्यायमूर्ति सुभाष मेहता ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा, "विपरीत वैधानिक कानून के सामने, व्यक्तिगत कानून प्रभावी नहीं हो सकता।" न्यायाधीश सुभाष मेहता ने अपने विस्तृत आदेश में समझाया कि तीन विशेष कानून इस मामले में प्रभावी हैं। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत लड़की के लिए शादी की न्यूनतम कानूनी आयु 18 वर्ष है। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के साथ सभी यौन गतिविधियां, चाहे सहमति हो या वैवाहिक स्थिति, वैधानिक बलात्कार है। किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले हर बच्चे को दुर्व्यवहार, शोषण और उपेक्षा से बचाया जाना चाहिए। न्यायाधीश ने कहा, "ये विशेष कानून धर्मनिरपेक्ष, कल्याण-केंद्रित हैं और व्यक्तिगत कानूनों का अतिक्रमण करते हैं। वे बच्चों की सुरक्षा में सरकारी की बाध्यकारी रुचि और बाल विवाह तथा नाबालिगों के साथ यौन कृत्यों को अपराधी बनाने के विधायी इरादे को दर्शाते हैं, भले ही वे विवाह की आड़ में किए गए हों। उपरोक्त चर्चा के आलोक में यह अदालत ऐसे युगल को सुरक्षा प्रदान करने के पक्ष में नहीं है, जहां पति-पत्नी में से कोई एक नाबालिग है, क्योंकि ऐसा करने से उपर्युक्त लाभकारी विधियों का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।" सरकार ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि लड़की 18 वर्ष से कम है, जिससे यह विवाह बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत रद्द करने योग्य है। सरकार ने यह भी कहा कि एक बार नाबालिग का दर्जा स्थापित हो जाने पर अदालत को 'पेरेंट्स पेट्रियाए' (नाबालिग के अभिभावक) के रूप में कार्य करते हुए बच्चे के सर्वोत्तम हित का निर्धारण करना होगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने होशियारपुर के एसएसपी को नाबालिग को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि CWC को किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 36 के तहत एक जांच करनी चाहिए और नाबालिग लड़की की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना चाहिए। साथ ही, पुलिस को याचिकाकर्ता युगल को शारीरिक नुकसान से बचाने का भी निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित

भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था वन्दे मातरम्ः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित वन्दे मातरम् का किया गया सामूहिक गायन व लिया गया स्वदेशी का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का किया गया लाइव प्रसारण उत्तर प्रदेश पिछले 8 वर्ष में जिन ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है, यह हमारे कर्तव्यों की ही अभिव्यक्ति हैः सीएम योगी बोले- आजादी के मंत्र को बढ़ाने और भारत को नई दिशा देने में सफल हुआ वंदे मातरम् गीत कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम्ः सीएम योगी 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है यह गीतः योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को किया नमन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी के आंदोलन का मंत्र बने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में आयोजित करने के लिए देशवासियों को नई प्रेरणा दी। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। उस दौरान विदेशी हुकूमत के द्वारा दी जाने वाली अनेक यातनाओं, प्रताड़नाओं की परवाह किए बिना भारत का हर नागरिक (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी) वन्दे मातरम् गीत के साथ गांव, नगर, प्रभातफेरी के माध्यम से भारत की सामूहिक चेतना के जागरण के अभियान से जुड़ चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अपनी बातें रखीं। इस दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और स्वदेशी का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोकभवन में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। सीएम ने कोविड प्रबंधन की भी चर्चा की सीएम योगी ने 100 वर्ष पूर्व देश के अंदर आई महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत की आबादी कुल 30 करोड़ थी और इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी करोड़ों में थी। गांव के गांव साफ हो गए थे। स्वतंत्र भारत में कोविड जैसी महामारी का संक्रमण भी दुनिया ने झेला है। इस महामारी के दौरान शासन-प्रशासन हो या अल्पवेतन भोगी, जान की परवाह किए बिना सभी के मन में एक ही भाव था कि इसे नियंत्रित करना है और इसके समाधान का रास्ता निकालना है। सीएम योगी ने कहा कि भारत और भारतीयता, नागरिकों के बारे में संवेदनशील तरीके से वह नेतृत्व ही सोच सकता है, जो उस भावना से ओतप्रोत हो। आजादी के मंत्र को बढ़ाने में सफल हुआ वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत केवल आजादी का ही गीत नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को बढ़ाने में भी सफल हुआ। वन्दे मातरम् गीत संस्कृत व बांग्ला की सामूहिक अभिव्यक्ति को भले ही प्रदर्शित करता हो, लेकिन यह संपूर्ण भारत को राष्ट्र माता के भाव के साथ जोड़ने का अमर गीत बन गया। इसने भारत की शाश्वत अभिव्यक्ति को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया था। सीएम ने कहा कि जब विदेशी हुकूमत ने 1905 में बंग-भंग के माध्यम से भारत की भुजाओं को काटने का दुस्साहिक निर्णय लिया था, उस समय भी इस गीत ने पूरे भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतीकार करने की प्रेरणा दी। उसके बाद के कालखंड में जब भी किसी क्रांतिकारी ने फांसी के फंदे को चूमा, तब उसके मुख से वंदे मातरम् मंत्र ही निकलता रहा। वन्दे मातरम् ने किया संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व सीएम योगी ने कहाकि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भी जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कोई स्लोगन, फ्लैग दिया तो वन्दे मातरम् उसका स्वर बना। वन्दे मातरम् संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला मंत्र बना। इस गीत ने हर भारतीय के मन में यह भाव रचने का प्रयास किया कि व्यक्ति जाति-मत-मजहब से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोच सके और राष्ट्रप्रथम के भाव के साथ राष्ट्रमाता के प्रति सामूहिक अभिव्यक्ति हो। सीएम योगी ने वंदे मातरम् को भारत की भक्ति-शक्ति के सामूहिक शाश्वत अभिव्यक्ति का सामूहिक स्वरूप बताया। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् के अमरगीत के साथ उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हम सभी इसके रचयिता को भी याद कर रहे हैं। संविधान सभा ने इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी। यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने में हुआ है सफल सीएम योगी ने कहा कि यह भले ही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आनंद मठ के उस अमर उपन्यास पर आधारित है, जिन्होंने भारत व बंगाल में उस दौरान भूख से तड़पती, अकाल-अभाव से ग्रसित जनता के उन स्वरों को, जिसे संन्यासियों ने बाद में आंदोलन का रूप दिया। लेकिन वास्तव में यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने व भारत की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने में सफल हुआ है। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह गीत 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है। कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि हम सब वन्दे मातरम् का हिस्सा हो सकते हैं। वन्दे मातरम् किसी उपासना विधि, किसी जाति-व्यक्ति का महिमा मंडन करने के प्रति नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है। सीएम ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग प्रति सौंपने का भी जिक्र किया। सीएम ने पीएम मोदी के उस कथन की चर्चा की औऱ कहा कि हम देश में रहते हैं, अधिकारों की बात करते हैं पर क्या कभी कर्तव्य के बारे में स्मरण किया है। कर्तव्य ऐसा हो, जो वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य को भी उज्ज्वल बना सके। वन्दे … Read more

वंदे मातरम् में भारत की आत्मा, सिर्फ़ गीत नहीं — CM विष्णु देव साय

रायपुर   “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय अवसर है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा। पहला चरण 7 नवम्बर से होगा प्रारंभ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के पश्चात पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं। चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा- प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलों में मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके। विद्यालयों में विशेष गतिविधियां और रचनात्मक आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएं, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा। ‘वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ’ एक अभिनव पहल राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी। “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ केवल एक स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय चेतना की भावना को और गहराई देगा। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी। – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सोमनाथ भारती यूपी पुलिस की नजर में फरार, जानिए इसके पीछे की कहानी

रायबरेली  दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती के लिए यूपी से झटका देने वाली खबर है. यहां सोमनाथ भारती फरार घोषित कर दिए गए हैं. रायबरेली की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे एक पुराने मामले में पेश न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में हाजिर नहीं हुए. इसके बाद न्यायालय ने उन्हें फरार घोषित कर दिया है. क्‍या है मामला? दरअसल, यह मामला 11 जनवरी 2021 का है, जब रायबरेली शहर कोतवाली में सोमनाथ भारती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने उस समय के कोतवाल अतुल सिंह को धमकाया था और अमर्यादित बयानबाजी की थी. भारती पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. मामले की सुनवाई रायबरेली के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में चल रही है. अदालत के जज विवेक कुमार ने मामले में कई बार समन जारी किया, लेकिन सोमनाथ भारती की ओर से अदालत में कोई पेशी नहीं हुई. इसके बाद कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया. फिर भी उनकी हाजिरी न होने पर कोर्ट ने अब उन्हें फरार घोषित कर दिया है. रायबरेली पुलिस को अब अदालत के आदेश के अनुसार सोमनाथ भारती को जल्‍द से जल्‍द कोर्ट के सामने पेश करना होगा.  

देशभर के 10 संभागों में वंदे मातरम्@150 के कार्यक्रम, भोपाल में समारोह हुआ भव्य

भोपाल   वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी ने आज से पूरे देश में ‘वंदे मातरम्@150’ अभियान की शुरुआत की। मध्यप्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में किया। इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शौर्य स्मारक और भाजपा प्रदेश कार्यालय दोनों स्थानों पर ‘वंदे मातरम्’ के मूल स्वरूप में सामूहिक गायन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब किसी देश में आजादी की भावना जागृत होती है, तो इस गीत के शब्द लोगों के मन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। भोपाल के शौर्य स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा, महापौर माली श्री राय, ACS अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, DGP कैलाश मकवाना, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल और भोपाल की पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्रा मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम का मूल मंत्र हमेशा से हमें प्रेरित करता रहा है। हर देश में जब स्वतंत्रता की भावना बढ़ती है, तब इन शब्दों से एक नए प्रकार का स्पंदन उत्पन्न होता है, जिसे हम गीतों के रूप में अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "कदम कदम बढ़ाए जा" पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह गीत आजादी के संघर्ष के दौरान रचित गीतों में से एक है। इस गीत की रचना में त्रिदेवियों दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती को जोड़ने की विशेष संरचना है और इसके माध्यम से उनकी पूजा का संदेश भी निहित है। हमारी त्रिदेवियों की कल्पना हजारों वर्षों से चली आ रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अतीत के अप्रतिम गीतों ने आजादी की अलख जगाई। 19वीं शताब्दी से शुरू हुई यह यात्रा हमें आज भी प्रेरित करती है। आजादी के हर संघर्ष में, चाहे वह अमेरिका हो या इंग्लैंड, जब आजादी की अलख जगती है, तब शब्दों से नए संकल्प उत्पन्न होते हैं। राष्ट्रभक्ति गीतों के माध्यम से देश अपनी पहचान बनाता है। 10 संभागों में एक साथ हुआ आयोजन भाजपा के इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत भोपाल सहित राज्य के 10 संभागों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। हर संभाग में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शौर्य स्मारक पर हुए आयोजन में मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर माली श्री राय, DGP कैलाश मकवाना, ACS अशोक वर्णवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ‘स्वदेशी संकल्प’ भी लिया गया ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के बाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने ‘स्वदेशी का संकल्प’ भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “वंदे मातरम्” की रचना में भारत की त्रिदेवियों—दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का आह्वान है, जो हमारी संस्कृति और मातृशक्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक जागृति का प्रतीक बनेगा। 10 संभागों में हो रहे कार्यक्रम वंदे मातरम गायन के बाद स्वदेशी का संकल्प भी सामूहिक रूप से लिया जाएगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत मध्यप्रदेश के भोपाल सहित 10 संभागों और 10 विशेष स्थानों पर विशेष आयोजन हो रहे है। इन आयोजनों में प्रदेश मंत्री, बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे है। 26 नवंबर तक चलेगा अभियान 07 नवंबर से शुरू होने वाला यह उत्सव 26 नवम्बर (संविधान दिवस) तक देशभर के साथ प्रदेशभर में मनाया जाएगा, जिसमें हर जिले और हर शैक्षणिक संस्थान की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पूरे प्रदेश में होंगे आयोजन भाजपा ने राज्यभर के 10 प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर भी इस अभियान के तहत विशेष आयोजन किए हैं। इनमें महाकाल लोक (उज्जैन), देवी अहिल्याबाई स्मारक (इंदौर), शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्मारक (मुरैना), रानी लक्ष्मीबाई बलिदान स्थल (ग्वालियर), शहीद रघुनाथ शाह–शंकर शाह स्थल (जबलपुर) और सेठानी घाट (नर्मदापुरम) शामिल हैं। 26 नवंबर तक चलेगा राष्ट्रव्यापी उत्सव यह अभियान 7 नवंबर से 26 नवंबर (संविधान दिवस) तक चलेगा। इस दौरान राज्य के प्रत्येक जिले, स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में वंदे मातरम् गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। भाजपा नेताओं ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य देशभर में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को और सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री बोले — "वंदे मातरम् हमारी पहचान" मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा—     “वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, यह हमारी पहचान है। इसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों को प्रेरित किया। अब समय है कि नई पीढ़ी इस गीत के संदेश को समझे और भारत की सांस्कृतिक एकता को सहेजे।” अब जानिए कौन से मंत्री कहां है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव- शौर्य स्मारक (भोपाल) उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल- कलेक्टर कार्यालय (रीवा) मंत्री कैलाश विजयवर्गीय- कलेक्टर कार्यालय (इंदौर) मंत्री राकेश सिंह – कलेक्टर कार्यालय (जबलपुर) मंत्री राव उदय प्रताप सिंह- कलेक्टर कार्यालय (नर्मदापुरम) मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर -कलेक्टर कार्यालय (ग्वालियर) मंत्री गोविंद सिंह राजपूत- कलेक्टर कार्यालय (सागर) मंत्री एंदल सिंह कंसाना -कलेक्टर कार्यालय (मुरैना) मंत्री दिलीप जायसवाल -कलेक्टर कार्यालय (शहडोल) मंत्री गौतम टेटवाल -कलेक्टर कार्यालय (उज्जैन) भाजपा आज इन दस स्थानों पर कर रही आयोजन     भाजपा प्रदेश कार्यालय भोपाल     मॉ नर्मदा तट सेठानी घाट नर्मदापुरम     शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्मारक मुरैना     रानी लक्ष्मीबाई बलिदान स्थल ग्वालियर     रानी लक्ष्मीबाई स्मारक स्थल सागर     शहीद पदम्धर स्मारक रीवा     शहीद स्मारक शहडोल     शहीद रघुनाथ शाह, शंकर शाह बलिदान स्थल जबलपुर     देवी अहिल्या बाई स्मारक स्थल इंदौर     महाकाल लोक उज्जैन

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री करेंगे नेतृत्व

छतरपुर  बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0' का शुभारंभ दिल्ली के इंद्रप्रस्थ से हुआ। यह यात्रा वृंदावन तक जाएगी। शुक्रवार सुबह 9 बजे कात्यायनी मंदिर परिसर में संत-महात्माओं की उपस्थिति में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के बाद संतों की ओर से सौंपे गए धर्म ध्वज को लेकर बागेश्वर बाबा के नेतृत्व में यात्रा वृंदावन के लिए रवाना होगी। धीरेंद्र शास्त्री बोले- यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति है, जिसका उद्देश्य विचारों को जगाना और समाज को जोड़ना है। उन्होंने कहा, हम विवाद नहीं, संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं। यह यात्रा सनातन एकता का संदेश लेकर चलेगी। महाराज श्री ने बताया कि मंचीय कार्यक्रम में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा, श्रीराम नाम संकीर्तन और हिंदू एकता की शपथ ली जाएगी। उन्होंने देश-विदेश के हिंदुओं से 7 से 16 नवंबर के बीच चलने वाली इस यात्रा में कम से कम एक दिन शामिल होने का आग्रह किया। इस पदयात्रा में देश के कई संत, आचार्य शामिल होंगे इस पदयात्रा में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज, राजेंद्र दास महाराज, दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सुधांशु जी महाराज, राजू दास महाराज, मृदुल कांत शास्त्री, दाती महाराज, पंडित संजीव कृष्ण ठाकुर और महामंडलेश्वर नवल किशोर दास सहित देशभर के अनेक संत, आचार्य और महामंडलेश्वर भाग ले रहे हैं। राजनीतिक क्षेत्र से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी और मंत्री कपिल मिश्रा भी उपस्थित रहेंगे। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी, जिससे करीब 5 करोड़ लोगों तक इसका संदेश पहुंचेगा। इस साल 300 से अधिक मुस्लिम सदस्य भी होंगे शामिल इस बार यात्रा को मुस्लिम समाज से भी समर्थन मिला है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम सदस्य पदयात्रा में शामिल होंगे। हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में मुस्लिम समुदाय ने कहा कि यह यात्रा 'लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है', इसलिए वे भी इसमें साथ चलेंगे।     महाराज का संदेश – यात्रा में मर्यादा व शांति बनाए रखें     बागेश्वर महाराज ने सभी पदयात्रियों से कहा है कि वे मर्यादित होकर चलें।     किसी जाति, पंथ या संप्रदाय पर टिप्पणी न करें, और अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग न करें।     प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा की जाए। पदयात्रा के सात संकल्प 1. यमुना माता का शुद्धिकरण। 2. भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए। 3. गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिले। 4. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर भव्य रूप में निर्मित हो। 5. ब्रज परिक्षेत्र से मांस-मदिरा पर प्रतिबंध। 6. अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक। 7. जात-पात और ऊंच-नीच का भेद समाप्त कर सामाजिक समरसता स्थापित हो।

19 दिन से लापता अलवर के छात्र की रूस में मिली लाश, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

अलवर राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. कफनवाड़ा गांव में रहने वाला 22 साल का अजीत चौधरी रूस के उफ़ा शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था, अब अजीत का शव व्हाइट रिवर के पास बने एक बांध में मिला है. अजीत बीते 19 अक्टूबर से लापता था. उसके शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.  परिजनों ने तीन बीघा जमीन बेचकर बेटे को डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए भेजा था. अजीत साल 2023 से रूस के उफा में स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था. वहां वह बीते 19 अक्टूबर को करीब 11 बजे हॉस्टल से निकला था. दोस्तों ने बताया था कि वो दूध लेकर वापस आधा घंटे में लौटने की कहकर निकला था. उसके बाद वापस नहीं लौटा. रुस में स्थित भारतीय दूतावास से परिजनों को इस मामले को देख रहे सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान को सूचना मिली कि लापता छात्र अजीत चौधरी का शव व्हाइट रिवर से लगते एक बांध में मिला है. शव की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, भाजपा नेता बन्नाराम मीना ने बताया कि दूतावास से सूचना मिली है कि छात्र अजीत चौधरी का शव मिल गया है. शव की पहचान अजीत के साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों ने की है. अब विदेश मंत्रालय और रूस में स्थित भारतीय दूतावास व रूसी सरकार से वार्ता कर शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करने के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. शव को भारत लाने में दो-तीन दिन का समय लग सकता है. इस मामले को लेकर अलवर के जाट छात्रावास में एक बैठक हुई, जिसमें समाज के लोगों ने रूस में लापता छात्र अजीत चौधरी की तलाश करने में लापरवाही बरतने की बात कही. साथ ही शव को जल्द से जल्द भारत लाने की मांग रखी गई. सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सागवान व जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर ने दूतावास से मिली सूचना के बारे में बताया कि अजीत चौधरी का शव मिल गया है. मृतक अजीत के पिता व दादा का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें लोगों ने सांत्वना दी.

रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा मंत्रालय में विभाग के सचिव तथा कार्यालय प्रमुखों के साथ बैठक में दिए आवश्यक निर्देश रायपुर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के सभी  कार्यों की समीक्षा की है। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के सचिव, आयुक्त, संचालक स्तर के सभी अधिकारियों को और बेहतर कार्य करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा , स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीजीएमएससी एवं खाद्य एवं औषधि विभाग से जुड़े मुद्दों, योजनाओं, दवाइयों, उपकरणों और निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में  जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जनहित से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है और इसमें कोई चूक नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा।  बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया,  आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तथा आयुक्त आयुष विभाग मती शिखा राजपूत तिवारी, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं तथा एमडी एनएचएम डॉ. प्रियंका शुक्ला, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि विभाग  दीपक अग्रवाल, सीजीएमएससी के अधिकारी समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों सचिव मती शहला निगार ने ग्रहण किया पुरस्कार

रायपुर : 25 वर्षों की विकास यात्रा थीम पर बनी कृषि विभाग के प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों सचिव मती शहला निगार ने ग्रहण किया पुरस्कार  कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई और शुभकामनाएं रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा नवा रायपुर, अटल नगर तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर, मेला स्थल में 1 से 5 नवम्बर तक राज्योत्सव का आयोजन किया गया। इस मेला में कृषि एवं संवर्गीय विभागों द्वारा 25 वर्षों की विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई। आम जनता द्वारा इस प्रदर्शनी को काफी प्रशंसा एवं सराहना मिली। 05 दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम में जुरी कमेटी द्वारा कृषि विभाग के प्रदर्शनी को द्वितीय स्थान के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह के मौके पर उप राष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों विभाग की सचिव मती शहला निगार ने पुरस्कार ग्रहण किया। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने विभाग की इस सफलता के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पुरस्कार मिलने से अधिकारी-कर्मचारी भी उत्साहित हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक  राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि राज्योत्सव में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी तथा संवर्गीय विभाग -उद्यानिकी, पशु पालन, मछली पालन, कृषि अभियांत्रिकी, राष्ट्रीय जलग्रहण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर एवं कामधेनु विश्वविद्यालय तथा सम्बंधित संस्थाओं द्वारा इन 25 वर्षों के विकास यात्रा की थीम पर कृषि मॉडल का प्रदर्शन किया गया।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक 25 वर्षो में केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं के द्वारा हुए विकास का जीवंत प्रदर्शन करते हुए स्टॉल लगाया गया, जिसमें कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती, किसान सम्मान निधि, ड्रोन द्वारा उर्वरक छिड़काव, बीज वितरण व विपणन की नवीन व्यवस्था, भूमि संरक्षण द्वारा वर्षा जल संरक्षण आदि को प्रदर्शित किया गया।  उद्यानिकी विभाग द्वारा पुष्पों की प्रदर्शनी एवं सब्जियों तथा फलों की उन्नत किस्म का प्रदर्शन किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के उन्नत नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन तथा मछली पालन विभाग द्वारा बायोफ्लॉक एवं केजकल्चर द्वारा मछलीपालन की नवीन तकनीक के साथ सजावटी मछलियों का प्रदर्शन किया गया। कृषि अभियांत्रिकी द्वारा कृषि में प्रयोग की जाने वाली उन्नत कृषि तकनीक से लैस कृषि यंत्रों को जनता के लिए प्रदर्शित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के अनुकूल तथा अधिक उत्पादन देने वाली विभिन्न फसल किस्मों के साथ स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित जैविक उत्पाद का प्रदर्शन किया गया था। 

ATC में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

 नई दिल्ली        दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. खामी आने की वजह से उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस तकनीकी खराबी का असर IGI दिल्ली एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा है. एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट के ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत की वजह से कम से कम 100 फ्लाइट्स लेट हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, ATC में एक सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण IGI में उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है. स्पाइसजेट समेत कई एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट ने इन बाधाओं पर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि ATC प्रणाली में एक तकनीकी समस्या की वजह से IGIA में उड़ान संचालन में देरी हो रही है. एयरपोर्ट की टीम इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए DIAL सहित सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है. यात्रियों को सलाह… एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद जताया है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि नवीनतम उड़ान अपडेट के लिए वे अपनी संबंधित एयरलाइनों के संपर्क में रहें. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बयान जारी करते हुए कहा, "दिल्ली एयरपोर्ट पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में टेक्निकल दिक्कत की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन में देरी हो रही है. यह सिस्टम एयर ट्रैफिक कंट्रोल डेटा को सपोर्ट करता है. कंट्रोलर फ्लाइट प्लान को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है. टेक्निकल टीमें जल्द से जल्द सिस्टम को ठीक करने पर काम कर रही हैं. हम सभी यात्रियों और स्टेकहोल्डर्स की समझ और सहयोग की सराहना करते हैं." स्पाइसजेट ने दी चेतावनी स्पाइसजेट एयरलाइन ने भी इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) की भीड़ की वजह से सभी आगमन, प्रस्थान और उनके परिणामस्वरूप होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. स्पाइसजेट ने भी यात्रियों से गुजारिश की है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें.