samacharsecretary.com

बिहार की जनता ने किया मजबूर, अनंत सिंह की हुई गिरफ्तारी : मीसा भारती

पटना,  जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के सिलसिले में मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजद नेता मीसा भारती ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई बिहार की जनता के दबाव में हुई है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मीसा भारती ने कहा कि हम लोगों ने मोकामा की घटना को देखा। किस तरह से घटना घटी, शनिवार को 60 गाड़ियों का काफिला भी देखा, जब जदयू उम्मीदवार ने शक्ति प्रदर्शन किया। ऐसा लगता है कि यह कार्रवाई बिहार सरकार की तरफ से नहीं हुई। हमें लगता है कि शायद अब तक काम कर रहे चुनाव आयोग को थोड़ी शर्म आ गई होगी, इसलिए यह कार्रवाई की गई। मीसा भारती ने जदयू उम्मीदवार की रात को हुई गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बताइए, पूरा दिन वोट मांगने और अपनी ताकत दिखाने में बिता दिया और फिर रात के अंधेरे में जब मोकामा की जनता यह नहीं देख पाई कि एक अपराधी को कैसे गिरफ्तार किया जा रहा है, तो उसे बचाने के लिए यह सब किया। उन्होंने कहा कि दिन के वक्त गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, ताकि जनता के सामने गिरफ्तारी पर अनंत सिंह को जो शर्मिंदगी महसूस होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। इस राज्य का दुर्भाग्य देखिए, जब एक आम आदमी गिरफ्तार होता है तो उसे हथकड़ी लगाई जाती है, घसीटा जाता है, लेकिन यह आदमी तो बाहुबली है। उन्होंने कहा कि चुनाव होता है तो अनंत सिंह को जेल से निकालकर प्रचार कराया जाता है। मीसा भारती ने तेजस्वी यादव के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद दो महीने के भीतर अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। मीसा भारती ने कहा कि मैं बिल्कुल इस बात से सहमत हूं। तेजस्वी ने जो कहा है वे करेंगे। बिहार की जनता ने उनके काम करने का स्टाइल देखा है और बिहार में अगली सरकार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बनने जा रही है।  

भक्ति और संवाद का मिलन: रामनामी समाज ने प्रधानमंत्री मोदी से की आत्मीय मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर साझा किया यह भावनात्मक पल रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।  

इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ प्यार, पहुंचा जेल तक – प्रेमी ने की लूट की योजना!

भोपाल राजभवन के पास रोशनपुरा चौराहा पर कियोस्क संचालक को लूटकर उस पर फायर करने वाले तीस हजार के इनामी बदमाश दीपेंद्र गुर्जर को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसके साथ आश्रय देने वाले तीन अन्य आरोपित भी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं जिस गुर्जर समाज के नेता लोकेंद्र की लाइसेंसी राइफल से उसने वारदात को अंजाम दिया था, पुलिस ने उन्हें भी आरोपित बनाया है। भोपाल के हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में शामिल राजभवन के पास लूट और हत्या के प्रयास की इस घटना के पीछे की वजह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बदमाश दीपेंद्र ने पूछताछ में बताया कि लूट की यह वारदात उसने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के पति के इलाज के लिए की थी। जबकि दीपेंद्र भी पहले से शादीशुदा है और बच्चों का पिता है।   दोनों मिले भी थे जोन-2 के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौतम सोलंकी ने बताया कि दीपेंद्र की दोस्ती उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित ग्राम असोडा में रहने वाली 25 वर्षीय गुलफशां से एक साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्रेम में बदली, दोनों के बीच अक्सर वीडियो कॉल पर लंबी बात होती थी। दोनों ने एक बार मिलने की बात भी बताई है। गुलफशां का पति फुरकान मामूली नौकरी करता है, जिससे जरुरत पड़ने पर गुलफशां दीपेंद्र से रुपयों की डिमांड करती थी, जिसे दीपेंद्र पूरा भी करता था। अकाउंट में 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए दीपेंद्र ने पुलिस को बताया कि गुलफशां के पति फुरकान की तबीयत कई दिनों से बिगड़ी हुई थी और उसके इलाज के लिए रुपयों की जरुरत थी। इसके चलते गुलफशां रुपये भेजने का दबाव दीपेंद्र पर बना रही थी। दीपेंद्र अपने मालिक लोकेंद्र से रुपयों की डिमांड करने लगा, वहीं जब उसे रुपये नहीं मिले तो उसने 24 अक्टूबर को करीब चार बजे रोशनपुरा चौराहा पर श्याम विजयवर्गीय के कियोस्क पर जाकर खाते में 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। राइफल सौंपकर फरार हो गया जब श्याम ने मनी ट्रांसफर के बदले में रुपये मांगे तो दीपेंद्र ने लोकेंद्र की 315 बोर की लाइसेंसी राइफल से उस पर फायरिंग कर दी, गनीमत रही की गोली उसके बाजू से निकल गई। इसके बाद दुकान के बाहर दो राउंड हवाई फायरिंग की। घटना के बाद बदमाश दीपेंद्र कार से भोपाल स्टेशन पहुंचा। वहां से मुरैना के ग्राम सिकरौदा निवासी अपने दोस्त 23 वर्षीय रणवीर गुर्जर और सुमावली मुरैना में रहने वाले 33 वर्षीय देशराज गुर्जर के पास पहुंचा। दीपेंद्र ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी और उन्हें उपयोग की गई राइफल सौंपकर फरार हो गया। इसके अलावा वह अपनी प्रेमिका गुलफशां के संपर्क में भी लगातार बना रहा। गुर्जर समाज के नेता पर भी केस दर्ज एडिशनल डीसीपी सोलंकी के अनुसार दीपेंद्र के खाते में भेजी गई राशि उसने आनलाइन माध्यम से गुलफशां के खाते में भेजी थी। पुलिस की एक टीम गुलफशां के घर पहुंची। इसके बाद उसकी काल डिटेल के आधार पर दोनों दोस्तों के पास टीमें गईं और उन्हें हिरासत में लिया गया। आरोपित लगातार मुरैना स्थित दिमनी ग्राम और ग्वालियर में रहा। पुलिस की टीम ने दिमनी में डेरा डाल रखा था। आखिरकार आरोपित दीपेंद्र को वहां से ही हिरासत में लिया गया था। उसकी आधिकारिक गिरफ्तारी भोपाल में हुई है। वहीं लोकेंद्र गुर्जर को लाइसेंसी हथियार के रखरखाव में लापरवाही मानते हुए आर्म्स एक्ट के तहत आरोपित बनाया गया है। अन्य सभी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।  

सीएम योगी ने बहराइच में नाव हादसे से प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, बोले- सरकार हर कदम पर उनके साथ

मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे कर लिया हालात का जायजा, अधिकारियों से हासिल की हर जानकारी अफसरों को एक महीने के अंदर राहत, जमीन और आवास की प्रक्रिया पूरी करने के दिये निर्देश सीएम ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपए के चेक सौंपे, जिले में घने जंगलों में रहने वालों को भी विस्थापित करने के दिये निर्देश लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में नाव दुर्घटना में अपनों की जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों से रविवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवदेना व्यक्त की। साथ ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि की चेक सौंपी। सीएम ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं। इससे पहले सीएम योगी ने हवाई सर्वे कर हालात का बारीकी से जायजा लिया।     सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक माह के अंदर भरथापुर के पीड़ित परिवारों को विस्थापित किया जाए। इसके लिए 21 करोड़ 55 लाख की राशि भी स्वीकृत कर दी गयी। इस दौरान अफसरों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को धनराशि, जमीन और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि भरथापुर के विस्थापित होने वाले सभी परिवारों को गांव के नाम से कॉलोनी बनाकर विस्थापित किया जाए। इसके अलावा बहराइच में भरथापुर जैसे अन्य गांव के लोगों को भी विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और विस्थापन के लिए जरूरी बजट को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हे भी जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है। हमारी सरकार और जनप्रतिनिधि हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। उन्हाेंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर सभी गांववासियों को उनके गांव के नाम पर कॉलोनी को विकसित कर विस्थापित किया जाएगा, जहां पर उन्हे हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके दुख की इस घड़ी में सरकार संवेदना और सहयोग के साथ खड़ी है। इससे पहले सीएम योगी ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बारीकी से घटना की जानकारी हासिल की। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पीड़ित परिवारों समेत गांववासियों के लिए कॉलोनी बनाकर एक माह में व्यवस्थित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क और आवास सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस प्रक्रिया को एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कार्य शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बहराइच में जो लोग घने जंगलों के बीच रहने के लिए मजबूर हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की व्यवस्था की जाए।

अब और कम होगा सफर का वक्त: दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 135 किमी ट्रैक अपग्रेड, ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी

रतलाम दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने की योजना में अब रेलवे सिग्नलिंग तकनीक को बेहतर किया जा रहा है। रतलाम रेलमंडल के ‘ई’ केबिन से नागदा जंक्शन के बीच 38 किलोमीटर और कांसुधी–पिपलोद सेक्शन में 28 किमी में आटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग (एबीएस) कमीशन करने के बाद 30 अक्टूबर को रतलाम ‘ई’ केबिन से बजरंगगढ़ के मध्य लगभग 68.7 किलोमीटर लंबे खंड में एक साथ एबीएस प्रणाली में कमीशनिंग कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही रतलाम मंडल ने भारतीय रेल के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा ऑटोमैटिक ब्लाक सिग्नलिंग सेक्शन कमीशन किया है। मंडल में एबीएस की कवरेज अब 66 किमी से बढ़कर 135 किमी हो गई है। दरअसल, दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा करने के लिए मिशन रफ्तार में ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रख-रखाव, सिगनलिंग सिस्टम में सुधार, कर्व री-अलाइनमेंट, एचबीम स्लीपर लगाने के साथ ही कवच सुरक्षा प्रणाली भी लागू की जा रही है। कवच 4.0 का ट्रायल मंडल के सेक्शन में हो चुका है।   303 किमी का वड़ोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन गैर ऑटोमैटिक था, जिसे अब ऑटोमैटिक किया जा रहा है। आठ-आठ घंटों की दो शिफ्ट में एबीएस कमिशनिंग का कार्य मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के नेतृत्व में, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (समन्वय) आरएस मीना और दूरसंचार इंजीनियर स्पेशल कार्य दिव्या पारीक व टीम के समन्वय से पूरा किया गया। रतलाम रेल मंडल की सफलता संचालन और सुरक्षा बेहतर होगी नई सिग्नलिंग प्रणाली में इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग, विजुअल डिस्प्ले यूनिट्स, मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है। यह प्रणाली न केवल मानवीय त्रुटि की संभावना को कम करती है, बल्कि अधिक ट्रेनों के तेज और सुरक्षित परिचालन को भी संभव बनाती है। इसके साथ ही, रीयल-टाइम डेटा मानीटरिंग और ऊर्जा दक्षता जैसे फीचर्स रेलवे को भविष्य के उच्च गति वाले परिचालन के लिए तैयार करते हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

 धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय : योगी आदित्यनाथ  प्रदेश में 10 जिलों में चल रहा इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का कार्य : मुख्यमंत्री महिलाओं और बच्चों के लिए 380 से अधिक फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट स्थापित किये गये : सीएम योगी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है। यहां से निकलने वाले छात्र समाज और राष्ट्र की न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिया जाने वाला दीक्षा मंत्र, 'सत्यं वद्, धर्मं चर' (सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो) भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की नींव है। यही भावना हमारे संविधान, संसद और न्यायपालिका के बोधवाक्य “धर्मो रक्षति रक्षितः” और “यतो धर्मस्य ततो जयः” में भी प्रतिबिंबित होती है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा सीएम योगी ने कहा कि धर्म हमारे लिए जीवन पद्धति का हिस्सा है, जबकि उपासना आस्था का विषय है। धर्म का अर्थ है अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना। इसी भावना के साथ युवाओं को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता के लिए एक सुदृढ़ न्यायिक प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। न्याय व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करना उतना ही सरल होगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल का रामराज्य भेदभाव रहित और न्यायसंगत शासन का प्रतीक था, जिसे आज की आधुनिक व्यवस्था में सुशासन के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किये कई कार्य मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ई-कोर्ट प्रणाली, वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR), साइबर लॉ प्रशिक्षण, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और छात्रावास के निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों, अभियोजकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट और प्रशिक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी, जब बेंच और बार के बीच बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में भारत ने तीन नए कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता को लागू कर न्याय व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी हो सकता है जब बेंच (न्यायपीठ) और बार (अधिवक्ता समाज) के बीच बेहतरीन समन्वय हो। बेंच विवेक का प्रतीक है और बार संवेदना का। जब विवेक और संवेदना साथ आते हैं, तब न्याय का सच्चा स्वरूप मूर्त रूप लेता है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है सीएम योगी ने जानकारी दी कि प्रदेश में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 10 जनपदों में इसके लिए धनराशि जारी कर दी गई है, जहां एक ही परिसर में सभी स्तरों के न्यायालय, अधिवक्ता कक्ष और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय अब अपने उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के लिए देशभर में जाना जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश में 380 से अधिक पॉक्सो और फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। साथ ही, लोक अदालतों के माध्यम से त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के प्रयास भी तेज हुए हैं। हर रेंज में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हर रेंज पर विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं तथा उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक संस्थान की स्थापना कर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, ई-पुलिसिंग, ई-प्रॉसिक्यूशन और ई-फॉरेंसिक को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इससे न्यायिक प्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और सशक्त बनेगी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत को दी अग्रिम बधाई अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा कि वे सत्य, धर्म और निष्ठा के पथ पर चलते हुए देश की न्याय व्यवस्था को नई दिशा दें। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भी बधाई दी, जो इस माह भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, विश्वविद्यालय के विजिटर और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, प्रदेश सरकार में मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, विवि के कुलपति प्रो अमर पाल सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण, विवि के फैकल्टी मेम्बर्स, विधायक राजेश्वर सिंह, उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावकगण मौजूद रहे।   दीक्षांत समारोह में इन विद्यार्थियों ने प्राप्त किये मेडल डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कई छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभिन्न श्रेणियों में मेडल प्राप्त किए। एलएलएम वर्ग में हर्षिता यादव ने गोल्ड मेडल, आकृति श्रीवास्तव ने सिल्वर मेडल और ऋषभ ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं बीए एलएलबी वर्ग में अभ्युदय प्रताप को गोल्ड मेडल, साइमा खान को सिल्वर मेडल तथा दर्शिका पांडेय को ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया। बीए एलएलबी ऑनर्स के अंतर्गत विषयवार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वालों में लॉ ऑफ टेक्सेशन में स्वर्णायती, क्रिमिनल लॉ में मुस्कान शुक्ला और कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में दर्शिका पांडेय को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। विशेष पुरस्कारों में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का खिताब दर्शिका पांडेय को, ‘बेस्ट मोअरटर ऑफ द ईयर’ का सम्मान अभ्युदय प्रताप को तथा ‘बेस्ट परफॉर्मेंस इन यूपीएससी/स्टेट पब्लिक सर्विस एग्जाम’ का पुरस्कार धीरज दिवाकर को मिला। इसी प्रकार साइबर लॉ विषय में अमन कुमार ने गोल्ड, संयुक्ता सिंह ने सिल्वर और प्रांजल पांडेय ने ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में आत्रेय त्रिपाठी को गोल्ड, अक्षिता सिंह को सिल्वर और श्रेया अवस्थी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। वहीं मीडिया लॉ … Read more

सामान्य मौसम में भी भोपाल-Delhi रेल यात्री परेशान, ज्यादातर ट्रेनें चल रहीं देरी से

भोपाल रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने व आने वाली ट्रेनों की समयबद्धता लगातार बिगड़ती जा रही है। हालत यह है कि जिन ट्रेनों को कभी स्पेशल ट्रेन की श्रेणी में रखा गया था, वे अब सामान्य मौसम में भी देर से पहुंच रही हैं। कई ट्रेनों की औसत देरी एक से डेढ़ घंटे तक दर्ज की जा रही है, जिससे यात्री खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। साथ ही रेलवे पर उनका भरोसा भी खत्म हो रहा है। वहीं, इन सबके बीच, वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर पहुंच रही है। इससे कुछ यात्री खुश भी हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब वंदे भारत जैसी ज्यादा किराये वाली ट्रेन समय पर आ रही है तो अन्य ट्रेनों को लेट क्यों किया जा रहा है। अभी तो सामान्य मौसम है, तब यह हाल है, सर्दियों में कोहरे के दौरान देरी का अंतर और बढ़ेगा। ऐसे में रानी कमलापति से दिल्ली मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से ही अपने कार्यक्रमों की योजना बनानी पड़ेगी।   वहीं, रेलवे के बहानों की लिस्ट लंबी है, उनके अनुसार, ट्रेनों के देर से आने की प्रमुख वजहों में ट्रैक पर बढ़ता ट्रैफिक, मेंटेनेंस कार्यों के कारण ब्लाक लेना, और कुछ रूटों पर पुराने सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग शामिल है। इसके अलावा, समयपालन की निगरानी में कमी और संचालन के समन्वय में ढिलाई भी स्थिति को और बिगाड़ रही है। सुधार की जरूरत रेल विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाकी ट्रेनों में भी वंदे भारत जैसी तकनीकी दक्षता और मानिटरिंग व्यवस्था लागू की जाए, तो समयपालन में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। रेलवे को अब ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ऑपरेशनल जवाबदेही को प्राथमिकता देने की जरूरत है।   ट्रेनों के लेट होने की वजह तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण या मेंटेनेंस कार्य के चलते। सिग्नलिंग या ट्रैक खराबी होना। यात्रियों द्वारा अनावश्यक चेन पुलिंग करना। प्लेटफार्म की कमी और भीड़भाड़ होना। इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी संसाधनों की कमी। ऐसे हो सकता है सुधार भोपाल-दिल्ली रूट पर तीसरी रेल लाइन का कार्य जल्द पूरा किया जाए। सिग्नल सिस्टम को आधुनिक और स्वचालित बनाया जाए। चेन पुलिंग की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। प्लेटफार्म की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए। रियल-टाइम मानिटरिंग और बेहतर ट्रैफिक समन्वय किया जाए। आउटर पर ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव को कम किया जाए।  

चिराग पासवान का पलटवार — बोले, हमारी सरकार अपराधियों की नहीं करती रक्षा

पटना, जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले मं  मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष इस मामले को बेवजह मुद्दा बना रहा है। अगर हमारी सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही होती, तो कल रात हुई कार्रवाई नहीं होती। मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि हमारी सरकार इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है। जैसा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं, हम न किसी को बचाते हैं और न ही किसी को फंसाते हैं। ऐसे में न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है। जो घटना घटी, वह दुखद है। अगर एक भी घटना घटती है, तो यह चिंता का विषय हमारे और हमारी सरकार के लिए है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच चल रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, इससे हमारे गठबंधन को फायदा होता है। उनके दौरे लोगों का उत्साह बढ़ाते हैं और हम पर उनका विश्वास मजबूत करते हैं। वहीं, इस घटना पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब विपक्ष सत्ता में था, तो किसी भी घटना के आरोपी का ठिकाना मुख्यमंत्री आवास हुआ करता था। नीतीश कुमार के सुशासन में, भले ही आरोप लगे हों और जांच चल रही हो, जदयू के प्रत्याशी होने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी हो गई है। अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर तेजस्वी यादव का बयान भी चर्चाओं में रहा है, जिस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी अच्छी तरह जानते हैं कि अपराधियों को कौन संरक्षण देता है। 1990 से 2005 तक जंगल राज के दौरान अपराधी मुख्यमंत्री आवास में शरण लेते थे। भ्रष्टाचार, लूट और अपहरण का बोलबाला था और अपराधियों का स्वागत और उन्हें मंत्रियों द्वारा पनाह दी जाती थी। अपराधियों को संरक्षण देना, वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देना, लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाना और गरीबों का शोषण करना-यही उन्होंने किया और अब भी कर रहे हैं। वहीं, भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच सामने आएगा, लेकिन विपक्ष बौखला गया है। बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही है, इसी को लेकर विपक्ष में बौखलाहट है। इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव और लालू यादव पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जंगलराज को नहीं भूली है।  

मजाक में जान पर खेल! MP की 108 एंबुलेंस सेवा को मिले 5 लाख से ज्यादा फर्जी कॉल

भोपाल भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में 108 एबुंलेंस सेवा फर्जी फोन कॉल्स से परेशान है। पिछले छह महीनों में करीब 5.72 लाख कॉल ऐसे आए जो सिर्फ मजाक, टाइमपास या शरारत के लिए किए गए थे। इससे न सिर्फ कॉल सेंटर का स्टाफ उलझा रहा, बल्कि एंबुलेंस के 1500 घंटे भी बर्बाद हो गए। कुछ लोग गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप का दुख एंबुलेंस कॉल सेंटर को सुनाते हैं, तो कुछ सिर्फ मजे के लिए बार-बार फोन करते हैं। सेवा संचालित करने वाली एजेंसी जय अंबे हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अब ऐसे कालर्स के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी, क्योंकि इनकी हरकतें कई बार गंभीर मरीजों की मदद में देरी कर देती हैं।   एंबुलेंस बुलाकर गायब हो जाते हैं कोलार रोड का एक मामला इसका ताजा उदाहरण है। एक व्यक्ति ने कॉल कर कहा कि हालत खराब है। 15 मिनट में एंबुलेंस उसके घर पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। जब टीम ने काल किया तो उसने कहा कि अब जरूरत नहीं है। ऐसे झूठे कॉल हर दिन आते हैं और एंबुलेंस का कीमती समय खराब होता है। कॉलर्स की पहचान के लिए स्टडी शुरू कॉल सेंटर के मुताबिक कई नंबर ऐसे हैं, जो 150 से 200 बार फर्जी काल करते हैं। इनमें बच्चे, नशेड़ी युवक शामिल हैं। ये काल सेंटर में बैठी महिला स्टाफ को परेशान करते हैं। कंपनी अब ऐसे नंबर ट्रैक कर रही है, ताकि आगे सीधे कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके लिए एक विशेष स्टडी शुरू की गई है। कैसे प्रभावित हो रही है सेवा झूठे फोन कॉल के कारण काल सेंटर की लाइनें कुछ सेकंड के लिए ब्लाक हो जाती हैं। इसी दौरान किसी असली मरीज की कॉल मिस हो जाती है। कई बार एंबुलेंस को 50 से 60 किलोमीटर तक बेकार दौड़ना पड़ता है। तरुण सिंह परिहार के मुताबिक एक फर्जी कॉल किसी जरूरतमंद की जान पर भारी पड़ सकता है। जब तक एंबुलेंस वापस लौटती हैं, तब तक किसी और को तुरंत मदद की जरूरत पड़ जाती है।  

लाइव में बोले CM मान — पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार का ऐतिहासिक फैसला

चंडीगढ़ पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट भंग करने के केंद्र सरकार के फैसले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान सोशल मीडिया पर लाइव हुए और इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि वह पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट भंग करने और उसमें पंजाब की भागीदारी समाप्त करने के भाजपा के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब के साथ किसी भी कीमत पर धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंजाब विश्वविद्यालय उनकी विरासत है और इसे बचाने के लिए उनसे जो भी बन पड़ा वह करेंगे। उन्हें हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा, वह वहां भी जाएंगे, वह कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं और वह यह धक्केशाही नहीं होने देंगे। भाजपा का यह फैसला पूरी तरह से असंवैधानिक है। केंद्र सरकार विधानसभा में पारित किसी अधिनियम को किसी भी अधिसूचना के जरिए रद्द नहीं कर सकती। इस फैसले से भाजपा ने अपना पंजाब विरोधी चेहरा दिखा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब दिवस के दिन भाजपा ने पंजाबियों को तोहफा दिया है। उनके दिलों में पंजाब के प्रति नफरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय पंजाब की धरोहर है और वह इसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और बड़े वकील नियुक्त करके पंजाब के पक्ष में खड़े होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की ऐसी नापाक हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।