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ESIC की बड़ी पहल: कल से शुरू होगी यह खास सुविधा, हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा

फरीदाबाद  फरीदाबाद सेक्टर-8 ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सोमवार से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू हो जाएगी। इसे लेकर डॉक्टर का पीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां अल्ट्रासाउंड जांच की अनुमति दे दी है।   जिले में ईएसआई का सेक्टर-8 में 50 बेड का अस्पताल और 13 डिस्पेंसरियां हैं। इनमें रोजाना करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में कई सालों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी। डिस्पेंसरियों से यहां अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल में सुविधा न होने के कारण ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है, जिनके लिए गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे में मरीजों को दो अस्पतालों के बीच चक्कर काटने पड़ते हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण वहां भी लंबी लाइनों से गुजरना पड़ता है। वहीं, कई बार रेफर मरीज जांच के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करने को मजबूर होते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। अब अस्पताल में ही सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय, पैसा और परेशानी तीनों से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार : अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अल्ट्रासाउंड शुरू करने के लंबे समय से प्रयास जारी थे, लेकिन डॉक्टर का पीएनडीटी पंजीकरण न होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। अब यह औपचारिकता पूरी हो चुकी है और मशीनें भी अपडेट की गई हैं। स्थानीय कर्मचारियों और मरीजों ने कहा कि सुविधा शुरू होने से ईएसआई अस्पताल की सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों का भरोसा और बढ़ेगा। डॉ. शालनी किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआई अस्पताल, सेक्टर-8, ''डॉक्टर का पंजीकरण पूरा हो गया है और मशीन की टेस्टिंग भी कर ली गई है। जल्द नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड जांचें की जाएंगी। फिलहाल यह सेवा ओपीडी समय में उपलब्ध रहेगी, बाद में जरूरत के अनुसार समय बढ़ाया जा सकता है।''  

CM का नाम लेकर बना फर्जीवाड़े का उस्ताद, फ्री इलाज के नाम पर चला रहा था बड़ा खेल

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी लेटर हेड का इस्तेमाल कर फर्जी पत्र बनाने के जुर्म में एक नटवरलाल को गिरफ्तार किया है। यह शातिर अपराधी उन कमजोर लोगों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाना चाहते थे, लेकिन इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह ऐसे लोगों को EWS कैटेगरी के तहत मुफ्त इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के नाम पर पत्र देता था। खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारी भी बताता था और अस्पताल अधिकारियों को फोन करने के लिए अपनी जाली पहचान का इस्तेमाल करता था। आरोपी के पास से मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड पर बने कई फर्जी पत्र बरामद किए गए हैं।   दिल्ली पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया गया कि महाराजा अग्रसेन अस्पताल, दिल्ली के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली की आधिकारिक ईमेल आई.डी. (ID) पर एक पत्र भेजकर 'श्याम शंकर' नामक एक मरीज के इलाज के लिए इस्तेमाल हुए लेटर हेड की पुष्टि चाही थी। इस लेटर हेड पर अनिल अग्रवाल, ऑफिसर-इन-चार्ज, मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली के हस्ताक्षर थे। अस्पताल प्रबंधन को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से फोन भी आया। फोन करने वाले ने खुद को बलबीर सिंह राठी, अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली बताया और अस्पताल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उस मरीज़ का इलाज EWS कैटेगरी के तहत करें। चूंकि मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के उस पत्र में वर्तनी की गलतियां थीं, फॉन्ट का साइज अलग था और अलाइनमेंट भी ठीक नहीं था, इसलिए अस्पताल अधिकारियों को शक हुआ। पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए ही उन्होंने यह ईमेल भेजा था। मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के ओ.एस.डी. (OSD) ने शिकायत में यह आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय के सरकारी लेटर हेड का जाली/फ़र्ज़ी उपयोग किया है और मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑफिसर-इन-चार्ज के जाली हस्ताक्षर करके उक्त फ़र्ज़ी पत्र तैयार किया है। इसके बाद, पुलिस स्टेशन सिविल लाइन्स, दिल्ली में एफ.आई.आर. संख्या 472/2025 के तहत बी.एन.एस. (BNS) की धारा 318(2)/336(2)/340(2)/ /3(5) के अंतर्गत एक मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। वह अपनी मोटरसाइकिल पर जाली (फर्जी) नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान, मरीज श्याम शंकर से मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुए पत्र के बारे में पूछताछ की गई। श्याम शंकर ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू को यह पत्र सोनू नामक व्यक्ति से मिला था। इसके बाद, संदिग्ध मोबाइल नंबर के सी.डी.आर. (CDR-कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और सी.ए.एफ. (CAF-कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म) का विवरण प्राप्त किया गया। इन विवरणों से यह पता चला कि वह मोबाइल नंबर सोनू के नाम पर पंजीकृत था। सेवा प्रदाता के रिकॉर्ड में एक और वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी मिला। दोनों ही मोबाइल नंबरों का पता हरियाणा के झज्जर का था। आगे की जांच के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की गई। दोनों मोबाइल नंबर सक्रिय पाए गए और उनका लोकेशन दिल्ली के करोल बाग इलाके में मिला। स्थानीय पूछताछ से पता चला कि इन मोबाइल नंबरों का उपयोगकर्ता एम.सी.डी. (MCD) कार्यालय, करोल बाग जोन में काम करता है। 29 अक्टूबर को पुलिस टीम ने सोनू को पकड़ने के लिए एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग ज़ोन में छापा मारा, लेकिन सोनू अपना बैग और मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भागने में कामयाब रहा। उसके बैग की जांच करने पर, पुलिस को एक जाली एम.सी.डी. पहचान पत्र (Fake MCD Identity Card) और माननीय मुख्यमंत्री/दिल्ली कार्यालय के आधिकारिक लेटर हेड पर बने कई पत्र बरामद हुए। इन सभी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद, तकनीकी निगरानी की मदद से, दोनों मोबाइल नंबरों का लोकेशन दिल्ली के टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी इलाके में पाया गया। पुलिस टीम ने गुप्त सूत्रों को तैनात किया और स्थानीय जानकारी जुटाई। पुलिस टीम के लगातार प्रयासों के बाद, आखिरकार 30.10.2025 को पुलिस टीम ने टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी के 'ए' ब्लॉक से आरोपी सोनू को पकड़ लिया। आरोपी सोनू के मोबाइल फोन की जांच करने पर, उसमें दो और मोबाइल नंबर सक्रिय (active) पाए गए। जांच में क्या पता चला आरोपी सोनू से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग जोन में ठेके पर माली का काम करता है। कुछ महीने पहले, उसे एम.सी.डी. कार्यालय की डाक (Dak) में मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली का एक पत्र मिला था। उसने वह पत्र चुरा लिया और जल्दी पैसा कमाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड का इस्तेमाल करके फर्जी/जाली खाली पत्र तैयार करने लगा। वह ऐसे मरीज़ों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह उन्हें EWS कैटेगरी के तहत प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए प्रेरित करता था। वह मरीजों को मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली के लेटर हेड पर तैयार किए गए जाली पत्र देता था, जो अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों को संबोधित होते थे और जिनमें मरीज को मुफ्त इलाज देने का निर्देश होता था। इसके बदले में, वह हर मरीज से ₹5,000 लेता था। उसने यह भी बताया कि वह खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी 'बलबीर सिंह राठी' के रूप में पेश करता था।  

राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दीं शुभकामनाएं

भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश अपनी विकास यात्रा में निरंतर नए आयाम स्थापित करता रहे। राष्ट्रपति ने सभी प्रदेशवासियों की निरंतर समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने संदेश में कहा है कि गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाले प्रदेशवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश के हृदय में बसे मध्यप्रदेश जन-जन की आकांक्षाओं को आगे रखकर आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की अमूल्य भूमिका होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी सांस्कृतिक विरासत की भूमि मध्यप्रदेश वासियों को प्रदेश को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध इतिहास को समेटे मध्यप्रदेश आज जन कल्याण, स्वच्छता और संपन्नता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री शाह ने ईश्वर से प्रदेश वासियों की निरंतर प्रगति की कामना की है।  

बम की खबर से दहली विक्रमशिला एक्सप्रेस, घंटों चली तलाशी अभियान

अलीगढ़  बिहार के भागलपुर से आनंद विहार (दिल्ली) को जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना से रविवार सुबह हड़कंप मच गया। यूपी के अलीगढ़ स्टेशन पर दौड़ी-दौड़ी पहुंची फोर्स ने ट्रेन का कोना-कोना खंगाला। जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी के अधिकारी-जवान और डॉग स्क्वायड द्वारा ट्रेन की जांच की गई। इसके पहले भी हाल ही में इसी ट्रेन को लेकर ऐसी ही सूचना आई थी। पहले की तरह ही इस बार भी यह सूचना अफवाह निकली। करीब एक घंटे तक चली गहन तलाशी के बाद ट्रेन को आनंद विहार की ओर रवाना किया गया।   ट्रेन नंबर 12367 भागलपुर से चलकर आनंद विहार की ओर जा रही थी। रविवार तड़के जीआरपी आगरा कंट्रोल से सूचना मिली कि ट्रेन में आतंकवादी और बम है। सूचना मिलते ही स्टेशन पर हड़कंप मच गया। सूचना के बाद जीआरपी, आरपीएफ, सीआईबी, डॉग स्क्वायड की टीम प्लेटफार्म नम्बर पांच पर पहुंची। ट्रेन की एक घंटे गहन तलाशी ली गयी। हर डिब्बे के कोने-कोने में तलाश की गई। सुरक्षा बलों को किसी कोच में कोई संदिग्ध नहीं मिला। एक घंटे की तलाशी के बाद ट्रेन आनंद विहार की ओर रवाना किया गया। इटावा जीआरपी को फोन से मिली थी सूचना विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकवादी और बम की सूचना एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा इटावा जीआरपी को दी गयी थी। ट्रेन की जांच के साथ ही सूचना देने वाले शख्स के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। उस शख्स की लोकेशन की जानकारी पर पता चला कि सूचना देने वाले ने इटावा जसवंत नगर से फोन किया था। फोन करने के बाद उसने मोबाइल बंद कर लिया है। जीआरपी शिकायत करने वाले कि तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।  

कांग्रेस में मचा घमासान: जीतू पटवारी पर विधायक का तीखा वार, बोले—सनातनी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़ देंगे

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महाकाल दर्शन और राज्योत्सव पर की गई टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को महाकाल के दर्शन पर आपत्ति है। यही हेलीकॉप्टर हज पर जाता तो उस पर फूल बरसाते। विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, ‘जीतू पटवारी को यह सताने लगा है कि मध्यप्रदेश उत्सव क्यों मना रहा है? प्रदेश के हर जिले में उत्सव क्यों मन रहें है ड्रोन क्यों उड़ रहे है लाखो लोग उत्सव में क्यों शामिल हो रहे है। यही हेलीकॉप्टर हज जाते तो जीतू पटवारी पुष्प वर्षा कर रहे होते। मरती हुई कांग्रेस अभी भी महाकाल की महिमा नहीं समझ पा रही। महाकाल की यात्रा पर तुम्हें खर्च दिखता है हज यात्रा जाने में आनंद दिखता है। कांग्रेस की यही दृष्टि गलत है। उनकी इसी कुदृष्टि की वजह से सनातनी और हिंदुस्तानी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़कर आएंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल, सोनिया या प्रियंका समेत चाहे कोई भी हों, उनसे कहना चाहूंगा कि संघ का विरोध करने वाले इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से पूछ लो, तुम्हारे पुरखों ने 3-3 प्रतिबंध लगाया। तो भी संघ का बाल भी बांका नहीं कर पाए। आज संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। हिन्दुस्तान का जयघोष कर रहा है, कह रहा है कि हिन्दुस्तान दुनिया का विश्वगुरु बनने जा रहा है। खड़गे फालतू के सपने देखना बंद करें। आरएसएस की भावना का सम्मान करना सीखो। अपने नेताओं से आतंकवादियों की जय बोलने की प्रेरणा मत लो। संघ जैसे राष्ट्रवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात करो।’

सालभर तक जोड़े सिक्के, फिर दिया प्यार का तोहफा — ज्वेलर भी रह गया हैरान!

कानपुर   यूपी के कानपुर शहर में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया. यहां एक 22 साल का पान बेचने वाला युवक अपनी पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता था. इसके लिए उसने एक साल तक मेहनत कर 20 रुपये के सिक्के जमा किए और पूरे 1 लाख रुपये कर लिए. ये सिक्के लेकर ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंच गया. युवक का सपना था कि वह अपनी पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करे. हालांकि उसकी पत्नी ने कभी इसकी डिमांड नहीं की, लेकिन वह पत्नी के दिल की ख्वाहिश को समझता था. कानपुर के एचएएल चौराहे पर पान की दुकान चलाने वाले अभिषेक यादव की शादी एक साल पहले हुई थी. छोटी सी दुकान से घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में पत्नी कभी कोई मांग नहीं करती थी. लेकिन उसके मन में एक सोने की चेन की इच्छा थी, जिसे अभिषेक ने महसूस कर लिया.   पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देने की चाह में अभिषेक ने अपनी दुकान पर आने वाले 20 रुपये के सिक्कों को जमा करना शुरू किया. धीरे-धीरे उसने एक साल में 1 लाख रुपये के सिक्के इकट्ठा कर लिए. इसके बाद अभिषेक 20-20 के सिक्के एक झोले में भरकर अहिरवां इलाके के सर्राफा कारोबारी महेश वर्मा की दुकान पर पहुंचा. उसने ज्वेलर्स की टेबल पर सिक्के लाइन से रखकर कहा- भैया, मुझे पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट में सोने की चेन देनी है, ये एक साल में जुटाए हुए 1 लाख के सिक्के हैं. कृपया ले लीजिए. शुरुआत में महेश वर्मा ने इतने सिक्के लेने से इनकार कर दिया और कहा कि बैंक भी इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के नहीं लेता. लेकिन जब अभिषेक ने हाथ जोड़कर अपनी भावनाएं बताईं, तो ज्वेलर भावुक हो गया.   बिना गिने दे दी सोने की चेन अभिषेक ने कहा कि मुझे अपनी पत्नी को सरप्राइज देना है. कभी उसने कुछ कहा नहीं और सोने की चेन चाहती है, लेकिन मेरी छोटी सी पान की दुकान देखकर वह डिमांड नहीं करती. यह सिक्के मैंने एक लाख के 1 साल में इकट्ठे किए हैं. इस पर ज्वेलर्स महेश वर्मा ने पत्नी के प्रति उसका लगाव देखकर सिक्के लेकर सोने की चेन दे दी. अभिषेक दिवाली से पहले करवा चौथ पर पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करना चाहता था. लेकिन सोना एक लाख के पार पहुंच गया तो उसका हौसला टूट गया. फिर भी वह सिक्के इकट्ठा करना जारी किए था. इधर उसके पास जब एक लाख के सिक्के हो गए तो उसने सबको झोले में भरा और दुकान पर पहुंच गया. पत्नी के प्रति अभिषेक का प्रेम देखकर ज्वेलर मान गए. सारे सिक्के बिना गिने हुए ही बोरी में रखवा लिए और करीब 1 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन अभिषेक को दे दी. महेश वर्मा का कहना है कि मेरे इतने साल की ज्वेलर्स की दुकान में कभी इस तरह का कोई चेन खरीदने वाला नहीं आया. मुझे लगा कि मैं भी अपनी पत्नी को चाहता हूं. लेकिन उसका पत्नी के प्रति प्रेम देखकर मुझे लगा कि उसकी फरमाइश जरूर पूरी करनी चाहिए. सिक्के किसी तरह मैं एडजस्ट कर लूंगा.  महेश वर्मा ने कहा कि इतनी सच्ची भावना और प्यार मैंने कभी नहीं देखा. पैसे बाद में संभाल लेंगे, लेकिन उसकी इच्छा अधूरी नहीं रहने देना चाहता था. इसके बाद अभिषेक अपनी पान की दुकान बंद कर पत्नी को लेने ससुराल चला गया. वह चाहता है कि वहीं मायके में ही उसे यह सोने की चेन गिफ्ट करे, ताकि उसकी खुशी दोगुनी हो जाए.  

दीये से लगी साड़ी में आग, थिनर गोदाम में मचा हड़कंप — दो महिलाओं की मौत

इंदौर आरआर कैट रोड स्थित एक थिनर गोदाम में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में दो महिलाएं जिंदा जल गईं। बचाव अभियान में पुलिस, फायर और एसडीआरएफ की टीम लगानी पड़ी। झुलसने के कारण गोदाम मालिक की हालत गंभीर है। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के अनुसार गोदाम भैयालाल मुकाती (राऊ) का है, जो सिंधी कालोनी निवासी सूरज वाधवानी को किराए पर दिया था। वाधवानी आइल पेंट बनाने वाली कंपनियों को थिनर की सप्लाई करता है। देवउठनी ग्यारस पर महिलाओं ने यहां दीये लगाए थे। अचानक दीये से महिला की साड़ी में आग लग गई और पूरा गोदाम भभक उठा। जलने वाली महिलाओं की पहचान रामकली अहिरवार निवासी सागर और ज्योति मनोज नीम द्वारकापुरी के रूप में हुई है।   महिलाओं की साड़ी में लगी आग धमाके के साथ फटे थिनर के ड्रम राऊ थाना अंतर्गत आरआर कैट रोड पर लगी आग से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें और धुआं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। फायरकर्मियों को आग बुझाने में तीन घंटे लग गए। लपटें बुझने पर तलाशी ली तो दो महिलाओं के शव मिले। उनकी साड़ी में लगी आग से ही गोदाम में आग लगी थी। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक आग शाम करीब छह बजे लगी है। शनिवार को देव उठनी ग्यारस होने से महिलाओं ने पूजा की और दीये लगाए। इसी दौरान महिलाओं की साड़ी में आग लग गई। पहले आग बुझाने की कोशिश की। जब आग से कपड़े जलने लगे तो महिलाएं बचने के लिए इधर-उधर भागी। इस दौरान एक महिला ज्योति के बच्चे भी मौजूद थे। बच्चे व कुछ बुजुर्ग बाहर निकल गए और थिनर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते थिनर के ड्रम बम की तरह फटने लगे। पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने की कोशिश की। राजेंद्र नगर और राऊ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। डीसीपी के मुताबिक गोदाम में केमिकल के ड्रम भी बताए गए हैं। राजस्व अफसरों ने बताया कि करीब पांच हजार वर्गफीट पर बने इस गोदाम की जमीन का उपयोग व्यावसायिक है। अपनों की तलाश में रोते हुए भटक रहे थे स्वजन जैसे ही आग की सूचना मिली, कर्मचारियों के स्वजन पहुंच गए। रोते हुए पुलिस अफसर को बताया कि उनके स्वजन नहीं मिल रहे हैं। आग बुझने तक लोग इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया तो ज्योति और रामकली के शव मिले। डीसीपी के मुताबिक रामकली मूलत: सागर की रहने वाली है। वह दो महीने पूर्व ही रंगवासा में रहने आई थी। फायर ब्रिगेड के अनुसार करीब ढाई लाख लीटर पानी लगा है।  

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिजुरी में शिकार की कोशिश नाकाम, पांच आरोपी गिरफ्तार

अनूपपुर अनूपपुर जिले के बिजुरी वन परिक्षेत्र के वनविभाग द्वारा थानगांव में जंगल के मध्य वन्यजीवों के अवैध शिकार के उद्देश्य से जीआई तार के माध्यम से फैलाए गए जाल की सूचना मिलने पर पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर सामग्री जब्त की है। पांचों आरोपित न्यायालय के आदेश पर जेल भेजे गए। इस संबंध में वन परिक्षेत्राधिकारी बिजुरी पवन कुमार ताम्रकार ने बताया कि वन परिक्षेत्र बिजुरी अंतर्गत थानगांव बीट के ग्राम थानगांव अंतर्गत डोंगरीटोला में गांव के किनारे स्थित ट्रांसफार्मर से लेकर वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ-54 के मुनारा क्रमांक 74 से होकर गुप्ता प्रसाद कोल के खेत तक अज्ञात आरोपितों द्वारा जीआई तार में लकड़ी की खूंटी एवं कांच की बोतलें बांधकर अवैध रूप से वन प्राणियों के शिकार के उद्देश्य जाल फैलाया रहा है।   कई वन्य प्राणी यहां विचरण करते हैं यह सूचना मिलने पर वन कर्मियों ने आकस्मिक स्थल निरीक्षण दौरान पांच आरोपितों को डॉग स्क्वायड शहडोल एवं स्थानीय सूत्रों की मदद से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बताया गया अवैध शिकार के प्रयास में पड़ोस के छत्तीसगढ़ राज्य के भी आरोपित सम्मिलित रहे हैं। इस क्षेत्र में तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर के साथ कई वन्यप्राणी विचरण करते हैं। सामग्री को भी जब्त किया गया है कुछ लोगों का कहना है कि पूर्व में भी आरोपियों द्वारा जीआई तार का जाल बिछा कर बिजली करंट के माध्यम से वन्यप्राणियों के शिकार की कोशिश की गई। पकड़े गए आरोपियों में शुभ सिंह उर्फ लल्ला पिता राम सिंह 25 वर्ष, बुद्धसेन सिंह और भोलू पिता नवल सिंह 23 वर्ष दोनों निवासी डोंगरीटोला थाना बिजुरी, विजेंद्र पिता हरमंगल सिंह 45 वर्ष,महादेव उर्फ बिट्टू पिता बिरझू 21 वर्ष एवं संतोष पिता मोहरशाय सिंह 36 वर्ष सभी निवासी खोचापारा थाना पोंडी (छत्तीसगढ़) हैं को गिरफ्तार कर इनके पास से अवैध शिकार के प्रयास के लिए लगाए गए सामग्री को भी जब्त किया गया।  

नक्सल विरोधी अभियान में सफलता, पुलिस ने जंगलों से मिला विस्फोटकों का बड़ा जखीरा

गरियाबंद नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने 3 अलग-अलग जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है. जानकारी के अनुसार, शोभा और जुगाड़ थाना क्षेत्र के जंगलों में पुलिस टीम को सायबिनकछार, कोदोमाली और भूतबेड़ा के जंगलों में छिपाई गई नक्सली सामग्री मिली. बरामद सामान में 4 नग कुकर बम, इलेक्ट्रिक वायर, फटाका एवं राशन सामग्री शामिल है. पुलिस का मानना है कि यह सामान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगलों में डंप किया था. समय रहते बरामदगी होने से बड़ी वारदात टल गई. एसपी निखिल राखेचा ने पूरे मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि नक्सलियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा बलों की सर्चिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा.

शिक्षा विभाग की सख्ती! जबलपुर के वक्फ बोर्ड स्कूल में खत्म हुई शुक्रवार की छुट्टी

जबलपुर अंजुमन इस्लामिया वक्फ बोर्ड के स्कूलों में शुक्रवार के दिन अवकाश रहता है। कुछ दिन पहले शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए छुट्टी का आदेश जारी किया गया था। रविवार को स्कूल खोलने का आदेश था। यह आदेश इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित होने पर प्रशासन व शिक्षा विभाग हरकत में आया। गेट का ताल तोड़वाया शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर गेट का ताल तोड़वाया और स्कूल प्रबंधन को संबंधित आदेश वापस लेने के निर्देश दिए। अंजुमन स्कूल में लगभग 700 बच्चे हैं। प्रबंधन का दावा है कि जुमे की नमाज के कारण छात्रों की संख्या उंगलियों पर होती है।   संस्कारधानी में वक्फ बोर्ड की चार शिक्षण संस्थाएं हैं। बताया जा रहा है कि सभी में शुक्रवार को ऐसे ही हालात हैं। इन स्कूलों में शुक्रवार को जुमे के कारण छुट्टी रहती है, जबकि रविवार को हाफ टाइम तक स्कूल लगता है। अंजुमन इस्लामिया बोर्ड का एक कॉलेज भी है। बताया जाता है कि इन संस्थाओं में शुक्रवार को छुट्टी कई वर्षों से दी जा रही है। यह निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष अन्नू अनवर और अन्य शिक्षकों की सहमति से लिया गया था। हालांकि, इस मामले में हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों का क्या कहना अंजुमन इस्लामिया स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी दिए जाने की जानकारी मिलते ही, स्कूल में रविवार को ही अवकाश दिए जाने और शुक्रवार को स्कूल खोले जाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कहीं प्रविधान नहीं है कि शुक्रवार को छुट्टी रखकर रविवार को स्कूल लगाया जाए।