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देश में छात्र आत्महत्याएं गंभीर मुद्दा, NTF ने संस्थागत कारणों पर जताई चिंता

नई दिल्ली  देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं और मानसिक तनाव के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स (NTF) ने चिंता जताई है। टास्क फोर्स का कहना है कि स्टूडेंट आत्महत्या को केवल मानसिक स्वास्थ्य की समस्या मानना सही नहीं होगा, क्योंकि इसके पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत कारण भी जिम्मेदार हैं। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट की अध्यक्षता वाली इस 10 सदस्यीय समिति ने देश के 10 राज्यों के 30 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों का दौरा किया है। इनमें IIT दिल्ली, एम्स दिल्ली, जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे संस्थान भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों को “बेहद चिंताजनक” बताया है। अदालत के अनुसार, वर्ष 2022 में देश में 13 हजार से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की थी, जो एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। सर्वे में सामने आईं बड़ी बातें टास्क फोर्स के सर्वे में 2.4 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें 34 प्रतिशत छात्रों ने खुद को कैंपस में अलग-थलग महसूस करने की बात कही, जबकि केवल 56 प्रतिशत छात्रों को अपने संस्थान के प्रशासन पर भरोसा है कि वह उनकी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान करेगा। तनाव के कई कारण रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक दबाव, भेदभाव, आर्थिक कठिनाइयां, सामाजिक अलगाव, उत्पीड़न और संस्थागत सहयोग की कमी छात्रों में तनाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं। टास्क फोर्स ने पाया कि छात्र संकट केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि संरचनात्मक समस्या भी है। मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी सर्वे में शामिल 70 प्रतिशत से अधिक संस्थानों में पूर्णकालिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं हैं। वहीं, बहुत कम संस्थानों के पास आत्महत्या रोकथाम के लिए औपचारिक प्रोटोकॉल मौजूद हैं। अंतिम रिपोर्ट में जवाबदेही बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और छात्रों के लिए सुरक्षित व समावेशी माहौल बनाने की सिफारिशें की जा सकती हैं।

जींद के पिंडारा तीर्थ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सोमवती अमावस्या पर किया पवित्र स्नान

जींद. साल की पहली सोमवती अमावस्या पर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और डुबकी लगाकर पिंडदान किया। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग इस दिन को अत्यंत विशेष बना रहे हैं, है जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पेशल पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की। बाद में सोमवती अमावस के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडू पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्याए विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व रहता है। अगर सरोवर या नदी में स्नान नहीं किया जा सकता है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के पश्चात घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलि करें। सूर्य देव को अध्र्य दें। अगर उपवास रख सकते हैं तो अवश्य रखें। पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करें। अपने ईष्ट देव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर मंथन के लिए अकाल तख्त में जुटेंगे पंथक प्रतिनिधि

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पंथक बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर बुलाई गई है, जिन पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई जा रही हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस दौरान पंथ से जुड़े कई अहम विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सभी पंथक संगठनों और विचारधाराओं का एक मंच पर आकर चर्चा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 की उन धाराओं पर विस्तार से चर्चा होगी, जिन्हें लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने सवाल उठाए हैं। सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है। तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

पर्यटकों के लिए अहम खबर! छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में आज से प्रवेश बंद

रायपुर. मानसून सीजन को देखते हुए सोमवार से छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं. ये सभी संरक्षित वन क्षेत्र अब 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. वन विभाग के अनुसार, जंगलों के दरवाजे पर्यटकों के लिए 2 अक्टूबर से दोबारा खोले जाएंगे. हर साल बारिश के मौसम में करीब तीन महीने के लिए इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है. बारिश के दौरान जंगलों में प्रतिकूल परिस्थितियां बनने और वन्य प्राणियों के प्रजननकाल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जाता है. इससे वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव का अनोखा अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर टॉपर चांदनी के घर पहुंचे, परिवार संग ली सेल्फी

भोपाल  विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत सीएम मोहन यादव 15 जून को भोपाल के भीम नगर पहुंचे। सीएम ईवी स्कूटी से गलियों में पहुंचे थे। इस दौरान यहां के लोगों से उन्होंने संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना है। साथ ही वह 12वीं की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर भी गए। 12वीं टॉपर के घर पहुंच गए सीएम मोहन यादव सीएम मोहन यादव अपना काफिला छोड़कर ईवी स्कूटी से 12वीं टॉपर के घर पहुंचे । भीम नगर में चांदनी विश्वकर्मा का परिवार रहता है। सीएम को अपने घर में देखकर परिवार के लोग स्तब्ध थे। मोहन यादव ने परिवार के सभी सदस्यों से बात की है। साथ ही चांदनी के परिजनों के साथ सीएम ने सेल्फी भी ली है। चांदनी को भविष्य की दी शुभकामनाएं इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। चांदनी को उसकी सफलता के लिए सीएम ने उसे बधाई दी। साथ ही कहा कि चांदनी ने विषम परिस्थितियों के बीच भी अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो सफलता अर्जित की है, वह प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। आमजनों से की बात सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर हमने पार्टी पदाधिकारियों के साथ यहां जनता से संपर्क-संवाद दिया। यहां तक आने के लिए ईवी का इस्तेमाल किया । इसे चलाकर अच्छा भी लगा। ईवी केवल पेट्रोल के दाम ही नहीं बचाती, बल्कि हमारे कई अन्य तरह के खर्चे भी कम करती है। जनता रह गई अचंभित गौरतलब है कि भीम नगर का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था। अमूमन अपने-अपने कामों में मशरूफ रहने वाले भीम नगर के लोग आज बेहद उत्साहित और जागरूक दिखाई दिए। सीएम को अचानक अपने सामने देख लोग अचंभित हो गए। लोगों को समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। इस बीच सीएम ने वहां के लोगों से बात शुरू कर दी। उन्होंने बेटियों को गोद में लेकर दुलार किया और सेल्फी ली। इस दौरान जनता से उन्हें अपना पूरा हाल कह सुनाया। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जिंदगी भविष्य में और भी बेहतर होगी।  

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 28 जिलों में बारिश और तेज हवाएं; मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट

भोपाल/जबलपुर /इंदौर  मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून की दस्तक से पहले की प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। रविवार (14 जून) को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहा और 30 से अधिक शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बादलों ने जमकर हाजिरी लगाई। इसके साथ ही रायसेन और नरसिंहपुर जैसे इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि सीहोर में हवाओं की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश उदयपुरा में मापी गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. एमपी में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी के चलते आज (सोमवार) भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सामान्य तारीख से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।  राज्य में जून माह के पहले पखवाड़े में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं मानसून की औपचारिक एंट्री अभी बाकी है. जिसके बाद बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है. दूसरी ओर मालवा-निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चिलचिलाती गर्मी का असर भी बना हुआ है. ऐसे में सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रूप देखने को मिल सकते हैं. कहीं तेज धूप और उमस होगी, तो कहीं आंधी, तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।  आज इन जिलों में होगी बारिश! मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  तापमान में गिरावट और पचमढ़ी में बढ़ी ठंडक तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में औसतन 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से भी नीचे गिरकर 18.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वहां अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को राजगढ़ जिला 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा खंडवा में 40.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 40.4 डिग्री और खरगोन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का 30 से ज्यादा शहरों के लिए अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी करते हुए सजग रहने को कहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, सिवनी, दमोह, दतिया, सतना और श्योपुरकलां सहित 30 से अधिक प्रमुख शहरों के लिए बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन तीन जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और आगे का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन तीनों जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है और यहाँ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली चमकने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। भोपाल में दिनभर बारिश…पारा लुढ़का, शिवपुरी में 33.2 डिग्री पहुंचा रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। भोपाल में रुक-रुककर पूरे दिन बारिश हुई। सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई, जबकि रायसेन में मकानों के छप्पर उड़ गए। खरगोन में निंदाई और बुआई का काम प्रभावित हुआ। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो समेत 4 जगहों पर पारा 40 डिग्री खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ही ऐसे शहर रहे, जहां तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक रहा हो। बाकी सभी शहरों में इससे कम ही दर्ज किया गया। शिवपुरी में सबसे कम 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, नर्मदापुरम-श्योपुर में 36.6 डिग्री, बैतूल में 36.7 डिग्री और शाजापुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

बिहारी कॉलोनी समेत कई रेडलाइट बंद करने की योजना, ट्रैफिक होगा सिग्नल फ्री

नई दिल्ली  ट्रैफिक पुलिस स्वामी दयानंद मार्ग पर बनी बिहारी कॉलोनी, आजाद नगर और कृष्णा नगर रेडलाइट को बंद कर केशव चौक से जगतपुरी रेडलाइट तक करीब 3 से 4 किलोमीटर के हिस्से को सिग्नल फ्री बनाने की योजना पर काम कर रही है। बिहारी कॉलोनी रेडलाइट पर ट्रायल शुरू हो चुका है। बाकी दोनों जगह जल बोर्ड की अंडरग्राउंड सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वहां यू टर्न बनाए जा चुके हैं। काम पूरा होने के बाद इन्हें भी सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा। इससे पहले विकास मार्ग को भी इसी तरह सिग्नल फ्री बनाया जा चुका है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सड़क के बीच सीमेंटेड डिवाइडर लगाकर बिहारी कॉलोनी रेडलाइट बंद कर दी गई है। रेडलाइट की जगह डिवाइडर और यू टर्न से नियंत्रित होगा ट्रैफिक     अब बिहारी कॉलोनी से कांति नगर जाने वालों को यू टर्न लेना होगा, जबकि कांति नगर से बिहारी कॉलोनी जाने वालों को केशव चौक अंडरपास के ऊपर से घूमकर जाना पड़ेगा।रेडलाइट बंद होने से मुख्य मार्ग का ट्रैफिक बिना रुके आगे बढ़ सकेगा।     ट्रायल के बाद रॉन्ग साइड चलने की समस्या बढ़ी है, जिसे रोकने के लिए 200 से ज्यादा चालान किए जा चुके हैं।     वहीं, आजाद नगर रेडलाइट को सिग्नल फ्री बनाने की तैयारी पूरी है।     दोनों तरफ यू टर्न बनाए जा चुके हैं। स्वर्ण सिनेमा के पास सीवर लाइन बिछाने का काम 30 जून तक पूरा होना है। इसके बाद रेडलाइट बंद कर दी जाएगी। कृष्णा नगर रेडलाइट कृष्णा नगर रेडलाइट से पहले भी जल बोर्ड का काम चल रहा है। सड़क संकरी होने से कई बार एक लेन से ही ट्रैफिक गुजर पाता है। काम पूरा होने के बाद सिग्नल फ्री व्यवस्था लागू की जाएगी।  

पेयजल संकट से राहत: एक दिन में 3 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण

जयपुर प्रदेशवासियों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार लगातार सक्रिय और संवेदनशील रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों, प्रभावी मॉनिटरिंग और जनहित सर्वोपरि की सोच के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रदेशभर में राहत का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं। इन अभियानों के माध्यम से न केवल हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया है, बल्कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में लाखों लोगों तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। एक ही दिन में 3 हजार से अधिक समस्याओं का निस्तारण, टीमों ने दिखाई असाधारण तत्परता शनिवार को आयोजित आठवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। अभियान के तहत 718 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 612 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 226 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 265 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम अवधि की जलापूर्ति, कम सप्लाई और प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,010 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का परिचय दिया। तकनीकी टीमों की तत्परता से 2987 शिकायतों का मौके पर समाधान आठवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2987 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। विभाग की सक्रियता के कारण आमजन को तत्काल राहत मिली और पेयजल संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो सका। विशेष अभियानों से पेयजल व्यवस्था में आया व्यापक बदलाव 5 अप्रैल से 13 जून तक संचालित आठ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 22 हजार 396 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 4 हजार 484 हैंडपंपों की मरम्मत, 2 हजार 848 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1 हजार 445 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1 हजार 655 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अलावा 8 हजार 238 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्ती से जल संरक्षण को मिला नया संबल जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। विशेष कार्रवाई के तहत 359 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे तथा कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक आठ अभियानों में कुल  2 हजार 186 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण अंचलों में मजबूत हुई जलापूर्ति, हजारों परिवारों को राहत हैंडपंपों और पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ  आठवें अभियान में 578 अन्य सुधारात्मक कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है तथा जलापूर्ति की गुणवत्ता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेगा विशेष राहत अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करने देना है।

मौसम विभाग की चेतावनी, पंजाब में आज बरसेंगे बादल और चलेंगी तेज हवाएं, 19 जून से नया बदलाव

अमृतसर  पंजाब के लोगों को आज गर्मी से राहत मिल सकती है। रविवार को सूबे में पारा 5.4 डिग्री चढ़ गया था। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट जारी करते हुए बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  मंगलवार से अगले तीन दिनों तक 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 19 जून को एक बार फिर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को सबसे अधिक 38.1 डिग्री तापमान पटियाला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से अगले तीन दिनों तक पंजाब के 15 जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला शामिल हैं। वहीं 19 जून को एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन भी तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री, लुधियाना का 36.2, बठिंडा का 37.6, फिरोजपुर का 37.1 और फाजिल्का का 36.7 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।

संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।