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पूर्व सांसद के कथित हिंसक बयान पर राजनीति गर्माई — मानवाधिकार संगठनों ने मांगा स्पष्टीकरण

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद और भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने ‘लव जिहाद’ को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। साध्वी प्रज्ञा ने एक कार्यक्रम में कहा “हमारी लड़की अगर हमारा कहना नहीं मानती, अगर लड़की किसी विधर्मी के यहां जाने का प्रयास करती है तो उसकी टांगे तोड़ने में कसर मत छोड़ना।” उन्होंने आगे कहा कि “जो संस्कारों को नहीं मानती हैं, जो बातों से नहीं मानती, उसे प्रताड़ना भी देनी पड़ती है। अपनी संतान है, उसे मारना पड़े तो पीछे मत हटना।” प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा कि, 'जो संस्कारों को नहीं मानती हैं। बातों से नहीं मानती तो उसे प्रताड़ना भी देनी पड़ती है। अपनी संतान है उसे मारना पड़े तो पीछे मत हटना। अब साध्वी का यही बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बयान के बाद छिड़ी सामाजिक बहस साध्वी प्रज्ञा यहीं नहीं रुकी उन्होंने आगे ये भी कहा कि, 'माता-पिता का लक्ष्य बेटी के भले के लिए होता है और उसे सही मार्ग पर लाने के लिए परिवार को हर संभव प्रयास करना चाहिए। साध्वी के इस बयान ने एकबार फिर सामाजिक बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे महिला अधिकारों और कानून की अवहेलना मान रहे हैं, जबकि उनकी बातों के समर्थक इसे संस्कारों की रक्षा के रूप में देख रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने इसे महिला अधिकारों और कानून की अवहेलना बताया है, जबकि उनके समर्थक इसे “संस्कारों की रक्षा” के रूप में देख रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान को परिवार और संस्कृति के हित में बताते हुए कहा कि “माता-पिता का लक्ष्य बेटी के भले के लिए होता है और उसे सही मार्ग पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।”

सुरक्षा अलर्ट: पंजाब का यह जिला कर दिया गया सील, हर कोने में पुलिस मुस्तैद

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के सीनियर अफसर दीपावली के त्यौहार के मद्देनजर पुरी तरह से एक्टिव नजर आए। आज पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में महानगर सील करके बडे स्तर पर चैकिंग अभियान चलाया गया। डी.सी.पी. आप्ररेशन नरेश डोगरा, ए.डी.सी.पी. आप्ररेशन विनीत हटावत, ए.डी.सी.पी. भरत मसीह, ए.सी.पी. सैंट्रल अमनदीप सिंह, ए.सी.पी. स्पैशल ब्रांच पंकज शर्मा, एस.एच.ओ. रामामंडी मजिंद्र सिंह ने महानगर में स्पैशल चैकिंग के दौरान कई वाहनों की चैकिंग कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में वाहनों की चैकिंग तक करवाई। डी.सी.पी. नरेश डोगरा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर के आदेशों के चलते कमिश्नरेट पुलिस अर्लट होकर काम कर रही है। इसके अलावा भगवान वाल्मीकि चौक के पास ही अवैध तरीके से कई अस्थाई कब्जे जिनके कारण ट्रैफिक जाम होता था, जिसे डी.सी.पी. नरेश डोगरा के कहने पर थाना 4 की पुलिस ने तुरंत हटावा दिया, ताकि जनता ट्रैफिक जाम के कारण परेशान न होने पड़े। डी.सी.पी नरेश डोगरा ने कहा कि किसी भी सूरत पर सड़कों पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि दीवाली उत्सव के माहौल को देखते हुए पुलिस ने बाजारों में हर स्तर पर सुरक्षा सख्त कर दी है। पूरे महानगर में सुरक्षा चौकसी बढ़ाई है ताकि लोग निश्चित होकर त्यौहारों का आनंद ले सकें। पुलिस के मुताबिक, त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की है। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर एसीपी, इंस्पेक्टर और बीट स्टाफ तक सभी को सड़कों पर तैनात किया गया है। इन गश्ती दलों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान भी मौजूद रहेंगे।

श्रद्धा और आस्था का सैलाब: चित्रकूट दीपावली मेले में पहले दिन लाखों की भीड़, CM मोहन आज करेंगे परिक्रमा

चित्रकूट दीपावली में आस्था और भक्ति से सराबोर चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेले का शुभारंभ हो गया है। पहले ही दिन लगभग आठ लाख से अधिक श्रद्धालु मां मंदाकिनी के तटों पर उमड़े और श्रीकामदगिरि की परिक्रमा की। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचकर राजाधिराज मत्यगजेंद्र का जलाभिषेक करेंगे और दीपदान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचेंगे और कामदगिरि परिक्रमा करेंगे। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदाकिनी तट पर दीपों की जगमगाहट कई दशकों बाद चित्रकूट को इस तरह भव्य रूप में सजाया गया है। मंदाकिनी नदी के दोनों तटों को अत्याधुनिक लाइटिंग और विजुअल डिस्प्ले से सजाया गया है। पूरा क्षेत्र दीपमालाओं की आभा में नहाया नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष सुविधाएं दी गई हैं। मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बल तैनात हैं। एएसपी (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार, मेले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। कमांड सेंटर से निगरानी इस बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार कमांड सेंटर बनाया गया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने विकास प्राधिकरण स्थित इस सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में कड़ी निगरानी के साथ मेले का संचालन किया जा रहा है।   'अभी आठ लाख ले अधिक भक्त आ चुके हैं' अपर कलेक्टर विकास सिंह ने बताया कि पहले दिन चित्रकूट में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और घाट पर स्नान भी किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।    मेले में ऑटो-वाहनों का किराया तय, वसूली पर कार्रवाई चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला प्रशासन ने ऑटो और अन्य वाहनों के किराए तय किए हैं। एआरटीओ रामप्रकाश सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन कर्वी से रामघाट तक किराया 20 रुपये, सीतापुर तक 15 रुपये, बेड़ी पुलिया तक 10 रुपये, हनुमान धारा मार्ग से रामघाट तक 30 रुपये और सती अनुसूइया-गुप्त गोदावरी होकर लौटने तक 90 रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन से रामघाट तक ऑटो बुक कराने पर 200 रुपये किराया लगेगा। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

मप्र में बदलेगा मौसम का रंग: अक्टूबर में हल्की बारिश, नवंबर से दस्तक देगी सर्दी

भोपाल बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। फिलहाल 22-23 अक्टूबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।खास करके 20 अक्टूबर से प्रदेश के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी के आसार हैं।इधर, 21 और 24 अक्टूबर को भी दो नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने वाले है, जिसका प्रदेश पर असर देखने को मिलेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह कड़ाके की ठंड़ पड़ना शुरू हो जाएगी जो जनवरी तक बनी रहेगी। इस बार ठंड का असर फरवरी तक जारी रह सकता है।  मध्य प्रदेश में अक्टूबर महीने में मौसम का मिला-जुला असर दिखने को मिल रहा है। जहां रात और सुबह हल्की ठंड महसूस हो रही है, वहीं दिन में धूप का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में मौसम की मिजाज ऐसे ही रहेंगे, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में तेज ठंड का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम का वर्तमान हाल 18 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं इंदौर और खंडवा में तेज बारिश हुई। उज्जैन समेत कई शहरों में भी बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर से हल्की बूंदाबांदी शुरू होगी। 21 अक्टूबर से दक्षिणी हिस्से के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर रह सकता है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में 19 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा। धूप खिली रहेगी, हल्की बारिश की कोई चेतावनी नहीं। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम 20 अक्टूबर: बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना। बाकी जिलों में मौसम साफ और धूप रहेगी। 21 अक्टूबर: बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट। बाकी जिलों में तेज धूप। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से मौसम का मिजाज बदल रहा है। 22-23 अक्टूबर तक यही स्थिति बनी रहेगी। नवंबर से ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार ठंड का असर फरवरी तक रह सकता है। 2010 के बाद इस बार सर्दी सबसे भीषण हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ला-नीना परिस्थितियों के कारण इस सर्दी में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इस साल मानसून का रिकॉर्ड     प्रदेश से मानसून विदा हो चुका है। 16 जून से 13 अक्टूबर तक मानसून 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा।     इस साल प्रदेश में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई (121% बारिश)।     कुल बारिश: 48 इंच, सामान्य औसत 37.2 इंच।     सबसे ज्यादा बारिश: गुना (65.6 इंच), मंडला-रायसेन (62 इंच), श्योपुर-अशोकनगर (56 इंच से अधिक)।     सबसे कम बारिश: शाजापुर (28.9 इंच)।     ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से दोगुना रहा।     अधिकांश जिलों में कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में बारिश सामान्य स्तर के आसपास रही।

शिवराज मामा का मज़ाकिया अंदाज़, धनतेरस पर बोले – ‘सिक्का महंगा है तो छोटा ही सही!’

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल की रौनक से सजी धनतेरस की शाम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह जब न्यू मार्केट पहुंचे, तो वहां एक पल ऐसा आया जिसने सभी को ठहाकों में डुबो दिया। परंपरा निभाते हुए दोनों ने चांदी का सिक्का, बर्तन और मूंगफली खरीदी। सोने-चांदी की दुकान पर साधना सिंह ने जब एक चांदी का सिक्का दिखाया, तो मामा शिवराज मुस्कराकर बोले — “अगर महंगा होगा तो छोटा वाला ले लेंगे।” बस फिर क्या था! वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल खुशनुमा हो गया। बाद में साधना सिंह ने सिक्का फाइनल किया और शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड से पेमेंट किया। इसके बाद उन्होंने बर्तन की दुकान से थाली, ग्लास और कटोरी खरीदी, साथ ही एक बुजुर्ग महिला से मूंगफली भी ली।     पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि.. धनतेरस के पावन पर्व की सभी देशवासियों को, बहनों-भाइयों को, भांजे-भांजियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं! सबके जीवन में धन-धान्य की वर्षा हो, सुख-समृद्धि और रिद्धि-सिद्धि आएं, सबके घर खुशियों से भर जाएं, यही प्रार्थना है। अब दीपावली का महापर्व प्रारंभ हो गया है, एक बार फिर धनतेरस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।  

महाकाल मंदिर में दिवाली की विशेष तैयारी, रूप चौदस पर होगा श्रृंगार, शाम को दीपों से रोशन दरबार

उज्जैन  धर्म नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां हर त्योहार सबसे पहले और विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण 20 अक्टूबर, सोमवार को सुबह के समय रूप चौदस मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर की शाम को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर बाबा महाकाल की पूरी दिनचर्या बदल जाएगी, जो लगभग चार महीने तक जारी रहेगी। रूप चौदस के साथ ही महाकाल को ठंड से बचाने के लिए गर्म जल से स्नान कराने की परंपरा शुरू हो जाएगी, जो महाशिवरात्रि तक चलेगी। पुजारी परिवार की महिलाएं करेंगी विशेष श्रृंगार रूप चौदस के दिन बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार होता है। इसमें केवल पुजारी परिवार की महिलाएं ही शामिल होती हैं। यह साल में एकमात्र ऐसा अवसर होता है जब महिलाएं बाबा महाकाल का रूप निखारती हैं।     उबटन सामग्री:      पुजारी महेश शर्मा के मुताबिक, पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान महाकाल को केसर, चंदन, इत्र, खस और सफेद तिल से तैयार किया गया विशेष सुगंधित उबटन लगाया जाएगा।     पूजन विधि:      उबटन लगाने के बाद भगवान को पंचामृत पूजन अर्पित किया जाएगा। इसके बाद विशेष कर्पूर आरती संपन्न की जाएगी, जिसे सिर्फ महिलाएं ही करती हैं।     दीपावली की शुरुआत:      रूप निखारने के बाद गर्भगृह में पंडित-पुजारी द्वारा परंपरा के मुताबिक एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। उसके साथ ही दीपावली उत्सव की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। महाशिवरात्रि तक गर्म जल की परंपरा महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने बताया कि कार्तिक मास की चौदस यानी रूप चौदस से ही ठंड का आगमन माना जाता है। इसलिए, प्रकृति के अनुरूप बाबा महाकाल की सेवा की जाती है। अब ठंड के इन दिनों में बाबा को हर रोज भस्म आरती के समय गर्म जल से ही स्नान कराया जाएगा। यह प्रक्रिया निरंतर महाशिवरात्रि तक जारी रहेगी। यह परंपरा भक्तों को यह संदेश देती है कि जिस तरह हम बदलते मौसम में अपनी देखभाल करते हैं, उसी तरह हमारे देव भी प्राकृतिक नियमों से बंधे हैं। अन्नकूट भोग और मंदिर की भव्य सज्जा दीपावली पर्व पर बाबा महाकाल को अन्नकूट का विशेष भोग भी लगाया जाएगा।     अन्नकूट व्यंजन:     भगवान महाकाल, जिन्हें मृत्युलोक का राजा माना जाता है उनकी भोग की थाली में धान, खाजा, शक्करपारे, गूंजे, पपड़ी, मिठाई और विशेष रूप से मूली और बैंगन की सब्जी भी अर्पित की जाती है।     फूलों से सज्जा:      दिवाली 2025 के अवसर पर महाकाल मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, फूलों और भव्य रंगोली से सजाया जाता है। गर्भ गृह और पूरा मंदिर परिसर देश-विदेश के फूलों से महकेगा। थाईलैंड, बैंकॉक और मलेशिया के साथ-साथ भारत के बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई से लाए गए एंथोरियम, लिली, कॉर्निशन, सेवंती और डेजी जैसे फूलों से बाबा महाकाल का आंगन सजाया जाता है।     पटाखों पर प्रतिबंध:      बता दें कि उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर की परंपरा के मुताबिक, आरती और पूजन के समय केवल एक फुलझड़ी जलाई जाती है। इसके अलावा, गर्भगृह, कोटितीर्थ कुण्ड और महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या पटाखों का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। ये सुरक्षा और पवित्रता की दृष्टि से जरूरी है।

जयपुर में नकली नोटों का बड़ा खुलासा, SOG की रेड में 43 लाख की फर्जी करेंसी जब्त

जयपुर राजधानी जयपुर में त्योहारों की रौनक के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। धनतेरस की शाम नारायण विहार थाना क्षेत्र में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने छापा मारकर ₹43 लाख के नकली नोट बरामद किए हैं। इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से फर्जी करेंसी के इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।एसओजी की यह कार्रवाई पिछले 15 दिनों की निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई थी। टीम ने जिस फ्लैट पर दबिश दी, वहां से मिले नकली नोट इतने बारीक और खतरनाक स्तर पर तैयार किए गए थे कि उनमें वाटर मार्क और सिक्योरिटी फीचर तक मौजूद पाए गए — यानी, सामान्य व्यक्ति के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना लगभग नामुमकिन था। त्योहारों पर नकली नोटों का कारोबार बढ़ने की आशंका एडीजी एसओजी वी.के. सिंह ने बताया कि हर साल त्योहारों के मौसम में नकली नोटों का चलन बढ़ जाता है। बाजार में कैश ट्रांजैक्शन अधिक होने का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसओजी की कई टीमें राजस्थान के विभिन्न जिलों में अलर्ट थीं।सूचना मिलने पर एसओजी ने जयपुर पुलिस के साथ मिलकर नारायण विहार इलाके में स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। वहां से 43 लाख के नकली नोट जब्त किए गए, जो सभी ₹500 के मूल्य वर्ग के थे। फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच साउथ जिला पुलिस को सौंप दी गई है। काटिंग से पहले की नकली शीट भी बरामद बरामद नकली नोटों में से 26 लाख रुपए की पूरी गड्डियां मिलीं, जबकि 18 लाख रुपए के नोट अब तक शीट के रूप में थे, जिनकी कटिंग नहीं की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये शीट संभवतः किसी बाहरी राज्य से जयपुर लाई गई थीं, ताकि शहर के भीतर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की जा सके। यह पहलू पुलिस के लिए बेहद चौंकाने वाला है कि नकली नोटों में पहली बार “टच-एंड-फील” सिक्योरिटी फीचर और उभरा हुआ वाटर मार्क पाया गया है — यानी ये नोट केवल रंगीन प्रिंट नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से अत्यधिक उन्नत नकली करेंसी हैं। डील का फॉर्मूला: ₹1 लाख असली = ₹4 लाख नकली पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आरोपी ₹1 लाख असली नोट के बदले ₹4 लाख नकली नोट दे रहे थे। इस डीलिंग के लिए मध्यस्थ के तौर पर बीकानेर का एक बदमाश काम कर रहा था, जो अब पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। एसओजी के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क कई शहरों तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान और उससे सटे राज्यों में कई ठिकानों पर रेड की जा रही है। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी हालांकि पुलिस ने अभी दोनों आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि दोनों की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है और दोनों ही लंबे समय से छोटे स्तर पर नकली नोटों का लेन-देन करते रहे हैं। एक आरोपी कंप्यूटर ग्राफिक डिजाइनिंग का जानकार बताया जा रहा है, जिसने नकली करेंसी की प्रिंटिंग में तकनीकी भूमिका निभाई, जबकि दूसरा सप्लाई और नेटवर्किंग का काम देखता था। कैसे तैयार की जाती थी नकली करेंसी जांच में सामने आया है कि नोटों की प्रिंटिंग के लिए हाई-रेज़ोल्यूशन इंकजेट प्रिंटर और विशेष प्रकार का पेपर इस्तेमाल किया गया था, जिसकी सतह असली करेंसी के कागज़ जैसी महसूस होती है। सिक्योरिटी फीचर को कॉपी करने के लिए थ्री-लेयर प्रिंटिंग और ट्रांसपेरेंट शीट तकनीक अपनाई गई। इतना ही नहीं, नोटों के बीच में वाटर मार्क जैसी पारदर्शी छवि डालने के लिए विशेष कैमिकल का प्रयोग किया गया, जिससे नकली नोट असली जैसे दिखते और महसूस होते थे। त्योहारी बाजार पर असर धनतेरस और दीपावली के समय बाजारों में भारी मात्रा में कैश का प्रवाह रहता है। एसओजी अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की योजना थी कि त्योहारों के दौरान नकली नोट बाजार में खपाकर करोड़ों का लाभ कमाया जाए। पुलिस के अनुसार, अगर समय रहते यह खेप पकड़ी नहीं जाती तो नकली नोट बड़ी मात्रा में आम लोगों के बीच पहुंच सकते थे, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता। आगे की जांच और संदिग्ध नेटवर्क अब एसओजी की विशेष टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि ये नकली नोट कहां से प्रिंट होकर जयपुर तक पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक सुराग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां पहले भी नकली नोट छापने की गतिविधियां पकड़ी जा चुकी हैं। जांच एजेंसी इस संभावना पर भी विचार कर रही है कि यह नेटवर्क विदेशी नकली करेंसी रैकेट से जुड़ा हो सकता है, खासकर बांग्लादेश और नेपाल बॉर्डर से आने वाली फर्जी करेंसी से। ADG वी.के. सिंह का बयान एडीजी सिंह ने बताया — “त्योहारों के मौसम में नकली नोटों की संभावना को देखते हुए हमने पहले से ही निगरानी बढ़ाई थी। यह गिरफ्तारी हमारी टीम की सतर्कता का परिणाम है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके अन्य साथियों की तलाश में टीमें रवाना की गई हैं।” उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कैश ट्रांजैक्शन के दौरान सावधानी बरतें, खासकर ₹500 और ₹2000 के नोटों को ध्यान से जांचें। नकली नोटों की पहचान कैसे करें पुलिस और आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आम जनता नीचे दिए गए फीचर्स से नकली नोटों की पहचान कर सकती है: महात्मा गांधी की तस्वीर के दाहिने हिस्से पर रंग बदलने वाली सुरक्षा पट्टी देखें। नोट को तिरछा करने पर “भारत” और “RBI” लिखा हुआ वाटर मार्क दिखाई देता है। संख्या पैनल में अंक आकार में बढ़ते क्रम में होने चाहिए। नोट की सतह पर उभरी हुई छपाई महसूस की जा सकती है। अगर कोई नोट संदिग्ध लगे तो तुरंत निकटतम पुलिस थाने या बैंक शाखा में जानकारी दें। त्योहारों के बीच जयपुर में नकली नोटों का इतना बड़ा जाल पकड़ा जाना राज्य पुलिस और एसओजी की सजगता को दर्शाता है। हालांकि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर … Read more

बेटे की मौत ने तोड़ा मां का दिल, कौशांबी में एक साथ उठी मां-बेटे की अर्थी

कौशांबी  उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में दीपावली पर्व से ठीक एक दिन पहले मां- बेटे की मौत से खुशियां मातम में बदल गई. बेटे की ब्रेन हेमरेज से मौत की खबर जैसे ही उसकी मां को मिली तो सदमे से मां की भी मौत हो गई. पूरा मामला कड़ाधाम थाना क्षेत्र के देवीगंज बाजार का है. रोते-रोते मां की तबीयत हुई खराब और हो गई मौत जानकारी के अनुसार मुन्ना अग्रहरि एक व्यापारी थे. उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं. परिजनों के मुताबिक 50 वर्षीय मुन्ना अग्रहरि की कुछ दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी. जिसके बाद परिजनों ने उन्हें प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. जांच में पता चला था कि मुन्ना अग्रहरि को ब्रेन हेमरेज हुआ था. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान मुन्ना अग्रहरि की शनिवार को मौत गई. जैसे ही बेटे की मौत की जानकारी 75 वर्षीय वृद्ध मां तारा देवी को मिली तो वह दहाड़े मार कर रोने लगी. इसी दौरान तारा देवी की भी तबीयत खराब हो गई और उनकी भी मौत हो गई. मां-बेटे की मौत से पूरे कस्बे में छाया मातम एक ही दिन में मां-बेटे की मौत की खबर से देवीगंज कस्बा में मातम छा गया. परिजनों का कहना है कि बेटे के जाने का दुख मां सहन नहीं कर पाई, उसी गम में मां ने भी साथ छोड़ दिया.  पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति को ब्रेन हेमरेज हुआ था. उसका प्रयागराज के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. व्यक्ति की मौत की खबर उसकी मां बर्दाश्त नहीं कर पाई और उनकी भी मौत हो गई. 

दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास

दीपोत्सव 2025: सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या बनेगी विश्व की दीप नगरी दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास दीपोत्सव 2025: 56 घाटों पर सजे 28 लाख दीए, घाट संख्या-10 पर 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का आकार -वालंटियर्स को दिए विशेष दिशा-निर्देश, सूती वस्त्रों में ही करेंगे दीयों का प्रज्वलन -भोजन, परिवहन और समन्वय की चाक-चौबंद व्यवस्था अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या इस बार दीपों की ऐसी अलौकिक आभा में नहाएगी, जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगी। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में दीपोत्सव-2025 को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस आयोजन में 33 हजार वालंटियर्स की भूमिका अहम रहेगी, जो 26 लाख 11 हजार एक सौ एक दीयों को प्रज्ज्वलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। विश्वविद्यालय व प्रशासन की संयुक्त पहल से गूंजी रामनगरी विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी घाटों पर दीये बिछाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने स्वयं घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उनका कहना है कि “यह दीपोत्सव अलौकिक और अविस्मरणीय होगा। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से समता और समरसता का संदेश पूरे विश्व में पहुंचेगा।” 56 घाटों पर जगमगाएंगे दीये, 75 सदस्यीय टीम कर रही गणना सरयू तट के 56 घाटों पर विश्वविद्यालय की 2,000 से अधिक सदस्यों की टीम तैनात है। दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि 28 लाख से अधिक दीए बिछाए जा चुके हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा घाटवार दीयों की गणना की जा रही है। घाट संख्या-10 पर विश्वविद्यालय के वालंटियर्स ने 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का विशाल प्रतीक बनाकर शुभता का संदेश दिया है। सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान, वालंटियर्स को दिए दिशा-निर्देश घाटों पर बिना पहचान-पत्र (आईडी कार्ड) के प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी वालंटियर्स सूती परिधान में ही घाटों पर उपस्थित रहेंगे। दीयों में तेल भरने के लिए प्रत्येक वालंटियर को एक लीटर सरसों तेल की बोतल दी जाएगी। तेल डालने और बाती प्रज्वलित करने के लिए विशेष सावधानी बरती जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि “हर घाट पर निर्धारित संख्या में कैंडल, माचिस और प्रज्वलन सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। भोजन, परिवहन व समन्वय की भी पुख्ता व्यवस्था दीपोत्सव स्थल पर सभी वालंटियर्स व पदाधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। यह प्रबंधन प्रो. हिमांशु शेखर सिंह के नेतृत्व में प्रो. प्रवीन राय, डॉ. रामजी सिंह और डॉ. अनुराग तिवारी की टीम द्वारा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय से घाटों तक 5 दर्जन बसों द्वारा वालंटियर्स को भेजा जा रहा है। यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि सभी टीमों को समय से राम की पैड़ी पहुंचाया जा रहा है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। विश्व रिकॉर्ड की ओर अयोध्या, जगमगाएगी सरयू तट की 56 घाटों की श्रृंखला दीपोत्सव के दिन, 19 अक्टूबर को अयोध्या सरयू तट का हर घाट राममय होगा। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने विश्वास जताया है कि इस बार का दीपोत्सव "अद्भुत, आलौकिक और अविस्मरणीय” बनेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी सांस्कृतिक पहचान का दीप जलाने जा रही है।

दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में सरयू तट पर 2100 श्रद्धालुओं की भव्य महा आरती का हुआ अभ्यास  दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम दीपोत्सव 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के बाद 19 अक्टूबर को होगा मुख्य आयोजन – तीन दिनों तक तकनीक और भक्ति का संगम बनेगी अयोध्या की राम की पैड़ी – मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश दीपोत्सव में दिखे आधुनिकता और अध्यात्म का समन्वय अयोध्या भव्य दीपोत्सव 2025 से पहले अयोध्या नगरी तैयारियों के अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इस बार राम की पैड़ी और सरयू तट पर तकनीक और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि आज 18 अक्टूबर की शाम 6 बजे से सरयू आरती स्थल पर 2100 लोगों द्वारा महा आरती का अभ्यास किया गया। यह आयोजन दीपोत्सव की मुख्य संध्या के लिए एक झलक प्रस्तुत करेंगे। सरयू तट पर 2100 लोगों की भव्य महा आरती शाम 6 बजे से सरयू तट पर होने वाली यह महा आरती अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव की झलक दिखाएगी। इसमें विभिन्न समाजों के लोग एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश देंगे। इस दौरान आरती की गूंज पूरे तट को आध्यात्मिक वातावरण से भर देगी। राम की पैड़ी पर तकनीक और श्रद्धा का संगम इसके साथ ही राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन लाइट एंड साउंड शो एवं ड्रोन शो का अभ्यास भी किया गया। यह शो इस बार दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को तकनीकी रोशनी और ध्वनि के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य आकर्षण जिलाधिकारी ने बताया कि 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के पश्चात, रात्रि लगभग 8:30 बजे से राम की पैड़ी पर इन तीनों कार्यक्रमों लेजर शो, लाइट एंड साउंड शो और ड्रोन शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर अयोध्या नगरी असंख्य दीयों की रौशनी में जगमगाएगी और सरयू तट से उठती भक्ति ध्वनि पूरे वातावरण को आलोकित करेगी। 20 अक्टूबर को भी होगा दिव्य आयोजन दीपोत्सव के उत्सव की निरंतरता बनाए रखने के लिए 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से भी राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड एवं ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तीनों दिन अयोध्या के दिव्य स्वरूप का अनुभव प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव के आयोजन में तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा और सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को इस दीपोत्सव के माध्यम से विश्व स्तर पर भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत मेल का प्रतीक बनाया जाए।