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मथुरा की काजल और तमन्ना: कुछ दिन पत्नी बनती, फिर करतीं हैरान करने वाले काम

मथुरा  मथुरा का एक पूरा परिवार मिलकर लुटेरी दुल्हन का रैकेट चलाता था, जो कई राज्यों में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुका था। इस गैंग की फरार सदस्य काजल को अब राजस्थान पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। काजल अपनी बहन के साथ मिलकर कुंवारे लड़कों को फँसाती और शादी के बाद गहने-पैसे लेकर चंपत हो जाती थी। यूपी के मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में रहने वाला एक पूरा परिवार 'लुटेरी दुल्हन' का रैकेट चलाता था. इस परिवार में भगत सिंह, पत्नी सरोज सिंह, बेटी तमन्ना, बेटा सूरज और एक बेटी काजल शामिल थे. पुलिस ने भगत, सरोज, तमन्ना और सूरज को 18 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था. उनकी बेटी काजल लगातार एक साल से फरार थी. अब पुलिस ने काजल को गुरुग्राम की एक सोसाइटी से पकड़ लिया है. यह परिवार शादी के नाम पर कई राज्यों के युवाओं को ठगता था.  4 राज्यों में फैला था जाल काजल, उसकी बहन तमन्ना और माता-पिता मिलकर चार राज्यों– उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली– में युवाओं को शादी के नाम पर ठग चुके थे. काजल और तमन्ना अपनी खूबसूरती के जाल में कुंवारे युवकों को फंसाती थीं. युवक इनकी खूबसूरती के चक्कर में पड़ जाते और शादी के लिए तैयार हो जाते थे. ये दोनों बहनें शादी करके ससुराल जाती थीं, दो-तीन दिन पत्नी बनकर रहती थीं, फिर सारा पैसा और जेवर लेकर फरार हो जाती थीं.  ऐसे होता था पूरा 'कांड' पुलिस जांच में पता चला है कि इस ठगी के खेल में पूरा परिवार शामिल था. काजल और तमन्ना के पिता भगत और भाई सूरज पहले कुंवारे लड़कों की तलाश करते थे, जो शादी के लिए परेशान होते. जब रिश्ता पक्का हो जाता, तो हिंदू रीति-रिवाजों से शादी होती. ससुराल में दो-तीन दिन रहने के बाद, मौका मिलते ही दोनों बहनें जेवर और कपड़े लेकर गायब हो जाती थीं और पूरा परिवार ठिकाना बदलकर फरार हो जाता था.  सीकर के दो बेटों को भी बनाया शिकार राजस्थान के सीकर ज़िले के ताराचंद जाट के दो बेटों के साथ भी इस परिवार ने ठगी की. 26 नवंबर 2024 को काजल और तमन्ना ने ताराचंद के दोनों बेटों से शादी की. शादी के नाम पर परिवार ने 11 लाख रुपये लिए. ससुराल जाने के सिर्फ तीन दिन बाद ही दोनों बहनें घर का सारा सामान और जेवर लूटकर फरार हो गईं. पुलिस अब तक कई वारदातों को अंजाम दे चुके इस परिवार की आखिरी सदस्य काजल को पकड़कर बड़ी कामयाबी मान रही है.   

CBI की कार्रवाई में DIG भुल्लर की करोड़ों की संपत्ति बरामद, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

चंडीगढ़ पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. गुरुवार को पुलिस उप महानिरीक्षक (रोपड़ रेंज) भुल्लर को 8 लाख रुपए के रिश्वत के एक मामले में जांच के दौरान सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. उनके चंडीगढ़ के सेक्टर 40 स्थित घर से 5 करोड़ रुपए नकद, 1.50 किलो सोना, अचल संपत्तियों के दस्तावेज, दो लग्जरी कारों की चाबियां, 22 लग्जरी घड़ियां, लॉकर की चाबियां, 40 लीटर विदेशी शराब, एक डबल बैरल बंदूक, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और एक एयरगन सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ था. जानकारी के मुताबिक, यह मामला एक कबाड़ व्यापारी की शिकायत के बाद सामने आया है. फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बट्टा ने सीबीआई में शिकायत दी कि डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने उनके खिलाफ 2023 में दर्ज एफआईआर को निपटाने के लिए 8 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. इस शिकायत में बताया गया कि भुल्लर ने यह डील अपने बिचौलिए किरशनु के जरिए तय कराई थी. यही नहीं उन्होंने व्यापारी से यह भी कहा था कि यह सेवा-पानी हर महीने देना होगा, वरना पुलिस उनके स्क्रैप कारोबार में फर्जी केस डाल देगी. 16 अक्टूबर को दर्ज एफआईआर में लिखा है कि 11 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 9-डी मार्केट में हुई एक रिकॉर्डेड व्हाट्सएप कॉल में डीआईजी भुल्लर अपने बिचौलिए किरशनु को निर्देश देते सुने गए. उन्होंने उससे कहा, ''8 फाड़ने ने 8. जिन्ना देंदा नाल नाल फाड़ी चल, ओहनु कहे 8 कर दे पूरा."' यानी उन्होंने बिचौलिए को साफ निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपए वसूल करो. इस पर किरशनु ने आगे व्यापारी से कहा, ''एड्डा कहना पता की है. कहना है अगस्त दा नी आया, सितंबर दा नी आया.'' यानी डीआईजी रिश्वत को महीने वसूलने की तैयारी में थे. सीबीआई की जांच में यह भी पाया गया कि मोबाइल कॉल में जो नंबर इस्तेमाल हुआ, वो भुल्लर के नाम से पंजीकृत था. जांच टीम ने कॉल रिकॉर्डिंग और स्टेटमेंट्स का मिलान कर यह निष्कर्ष निकाला कि रिश्वत की मांग न सिर्फ स्पष्ट थी, बल्कि उसका सौदा भी पक्का हो चुका था. इस आधार पर सीबीआई ने बिचौलिए किरशनु को भी गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से 21 लाख रुपए नकद बरामद हुए. उससे पूछताछ के बाद डीआईजी को भी गिरफ्तर कर लिया गया. दोनों को सीबीआई कार्यालय चंडीगढ़ ले जाया गया. यहां आज दोनों अदालत में पेश किया गया. सीबीआई जांच के दौरान यह भी साबित हुआ कि डीआईजी भुल्लर ने अपने सहयोगी के जरिए से शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने की सहमति दी थी. यह रिश्वत 2023 की एफआईआर को निपटाने और उसके बाद स्क्रैप कारोबार में बिना पुलिस हस्तक्षेप के काम जारी रखने के एवज में दी जा रही थी. हरचरण सिंह भुल्लर नवंबर 2024 में डीआईजी (रोपड़ रेंज) बनाए गए थे. उनके अधिकार क्षेत्र में मोहाली, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब जैसे अहम जिले शामिल थे. वो पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक एम.एस. भुल्लर के बेटे हैं. उन्होंने करियर में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. वे डीआईजी (पटियाला रेंज), संयुक्त निदेशक सतर्कता ब्यूरो और जगराओं, मोहाली, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, खन्ना, होशियारपुर और गुरदासपुर में एसएसपी रह चुके हैं. इन्होंने ही साल 2021 में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दर्ज ड्रग्स केस की जांच करने वाले विशेष जांच दल का नेतृत्व किया था. उस वक्त वे पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान 'युद्ध नशिया विरुद्ध' में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. कभी माफिया पर शिकंजा कसने वाले अफसर पर अब वसूली का जाल बुनने का आरोप है.

ओवैसी के साथ अपमानजनक तस्वीर वायरल करने वाला तस्लीम पकड़ा गया, PM मोदी और योगी थे निशाने पर

  सतना सतना जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक अपमानजनक एआई-जनरेटेड तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। मझगवां थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पूरा मामला जिले के मामला मझगवां थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान मोहम्मद तस्लीम खान (24), निवासी मझगवां के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक एआई-निर्मित तस्वीर साझा की थी, जो बेहद आपत्तिजनक थी। पुलिस के अनुसार इस एआई-निर्मित तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एक मूर्ति के पैर छूते हुए दिखाया गया था। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गई। जैसे ही यह पोस्ट स्थानीय भाजपा नेताओं के संज्ञान में आई, उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मझगवां थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। थाना प्रभारी धुर्वे ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद तस्लीम खान की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सलाखों के पीछे पहुंचा मोहम्मद तस्लीन पूछताछ में आरोपी तस्लीम ने पुलिस को बताया कि उसने यह तस्वीर किसी अन्य सोशल मीडिया अकाउंट से उठाकर अपने अकाउंट पर साझा (शेयर) की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।

चौथी पत्नी को ₹30,000 प्रति माह गुजारा भत्ता देंगे सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के खिलाफ उनकी पत्नी रूमाना नदवी द्वारा दायर भरण-पोषण याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आदेश दिया है कि सांसद नदवी को अपनी चौथी पत्नी रूमाना नदवी को हर महीने ₹30,000 गुजारा भत्ता देना होगा. रूमाना का मायका आगरा में है.  यह आदेश अदालत ने उस समय दिया जब रूमाना नदवी ने अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण का दावा दायर किया था. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मामले को सुलझाने के लिए इसे मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र भेजा है और दोनों पक्षों को तीन महीने का समय दिया गया है ताकि विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल सके. अदालत ने यह भी कहा कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक सांसद को अपनी पत्नी को हर महीने ₹30,000 की भरण-पोषण राशि का भुगतान नियमित रूप से करना होगा.  सुनवाई के दौरान सांसद की ओर से पेश वकील नरेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि यह मामला वैवाहिक विवाद से जुड़ा है और उनका मुवक्किल इसे आपसी सहमति से सुलझाना चाहता है. अदालत ने दलीलों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया कि ऐसे पारिवारिक विवादों को बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए.  कोर्ट ने मोहिबुल्लाह नदवी को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों के भीतर ₹55,000 का डिमांड ड्राफ्ट मध्यस्थता केंद्र में जमा करें. इसमें से ₹50,000 उनकी पत्नी को पहली पेशी पर दिए जाएंगे, जिनमें ₹30,000 पिछली बकाया भरण-पोषण राशि के रूप में समायोजित होंगे, जबकि ₹5,000 मध्यस्थता केंद्र में जमा रहेंगे.  इस बीच, रूमाना नदवी ने 'आजतक' से बातचीत में अपने वैवाहिक जीवन की पूरी कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि उनकी शादी मोहिबुल्लाह नदवी से एक रिश्तेदार की मध्यस्थता के बाद हुई थी. शादी के एक साल बाद एक बेटा हुआ. रूमाना के मुताबिक, “मेरे पति ने मेरे पिता को फोन कर कहा कि वक्फ से जुड़ा एक मसला चल रहा है, इसलिए कुछ समय के लिए रूमाना को मायके भेज रहे हैं.” पिता ने इस पर सहमति दे दी और रूमाना मायके चली गईं.  लेकिन उसके बाद, रूमाना के अनुसार, मोहिबुल्लाह नदवी ने कभी पलटकर नहीं देखा. उन्होंने बताया कि शुरुआत में सांसद की तरफ का एक व्यक्ति आया था, जिसने मसले को निपटाने की बात की थी, लेकिन मध्यस्थता की पेशकश मान्य नहीं हुई. बाद में जब उन्होंने अपने पति से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके सभी मोबाइल नंबर बंद मिले.  रूमाना ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपने हक के लिए मुकदमे किए. पहले अदालत ने ₹4000 प्रतिमाह गुजारा भत्ता तय किया था, जिसे 2020 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया. इसी आदेश के खिलाफ अपील हाईकोर्ट में की गई थी, जिस पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नया फैसला सुनाते हुए ₹30,000 प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है. 

हर घर जले स्वदेशी का दीप : सारंगपुर में राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश

राजगढ़ (सारंगपुर). दीपावली पर्व पर सारंगपुर नगर से प्रदेशवासियों के लिए एक प्रेरक संदेश दिया गया है। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने शुक्रवार को स्थानीय बाजार में पहुंचकर मिट्टी के दीये, सजावटी सामग्री और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भी दीपावली पर स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदारी करें, ताकि (हर दीप जले स्वदेशी का) का संकल्प साकार हो सके। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया (वोकल फॉर लोकल) अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी उत्पादों को अपनाए और देश के स्थानीय उद्योगों से सशक्त बनाए। इस दौरान श्री टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारी खुशियों का पर्व है और इस खुशियों में हमें स्थानीय दुकानदारों की शामिल करना ये भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय व्यापारी सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। अब समय है कि हम भी उनकी दीपावली को उजियारा में परिवर्तित करें। मंत्री ने सारंगपुर के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आसपास के बाजारों से दीये, सजावट सामग्री और उपहार जैसी वस्तुएँ खरीदें। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सारंगपुर जैसे नगरों में भी स्वदेशी उत्पादों की पहचान बननी चाहिए, ताकि हर घर स्वदेशी, हर मन स्वदेशी का संदेश पूरे प्रदेश में फैल सके। इस अवसर पर नगर के प्रमुख नागरिकों और व्यापारियों ने मंत्री श्री टेटवाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, कमल राठौर, दिनेश शर्मा, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने लोकभवन में प्रदेश के 10 लाख से अधिक छात्रों को वितरित की स्कॉलरशिप

अब मुझे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए परिवार पर आश्रित नहीं होना पड़ता: वर्तिका रावत   सीएम योगी ने लोकभवन में प्रदेश के 10 लाख से अधिक छात्रों को वितरित की स्कॉलरशिप मुख्यमंत्री के हाथों से स्कॉलरशिप पाकर बच्चें के चेहरे खिले  बोले, छात्रवृत्ति मिलने से अब हमें पढ़ाई की सामग्री रखने के लिए परिवार का चेहरा नहीं देखना पड़ता  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में प्रदेश के 10 लाख से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की। दिवाली से पहले छात्रवृत्ति पाकर बच्चाें के चेहर की मुस्कान देखते ही बन रही थी। स्कॉलरशिप पाने वाले सभी छात्रों ने एक स्वर में छात्रवृत्ति मिलने पर सीएम योगी को धन्यवाद दिया। साथ ही प्रदेश सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने अपने विचार भी रखें, जो इस प्रकार हैं। सीएम ने दिवाली से पहले छात्रवृत्ति का दिया गिफ्ट, पढ़ाई में नहीं आएगी कोई समस्या  मैं प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों से छात्रवृत्ति पाकर काफी खुश हूं। मुख्यमंत्री ने दिवाली से पहले छात्रवृत्ति देकर दिवाली का गिफ्ट दिया है। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद देता हूं। प्रदेश सरकार की सहायता से हमें आर्थिक सहयोग मिला है, जो मेरी आगे की पढ़ाई को जारी रखेगा। मैं आगे भी अपनी पढ़ाई पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ करूंगा।  ऋषभ देव मिश्रा, राजकीय जुबली इंटर काॅलेज, लखनऊ प्रदेश सरकार ने मेरे आगे की पढ़ाई के सपनों को रौशन किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले स्कॉलरशिप देकर मेरे आगे की पढ़ाई के सपनों को रौशन किया है। अब मैं इस धनराशि से अपनी पढ़ाई की सामग्री के साथ अन्य तैयारियों को बखूबी कर सकूंगी। मेरी पढ़ाई में अब पैसों की कमी सामने नहीं आएगी। इसके लिए मैं और मेरा पूरा परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार को तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।  अंशिका वर्मा, आरपीडी इंटर कॉलेज, लखनऊ  पहले छात्रवृत्ति के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब खाते में पहुंच रही स्कॉलरशिप  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हम बच्चों को लेकर काफी कुछ कर रहे हैं। पहले जहां हमें अपनी छात्रवृत्ति के लिए काफी भटकना पड़ता था, वहीं जब से प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सीएम बनें हैं, समय पर हमारे खाते में स्कॉलरशिप पहुंच रही है। इससे हमारी पढ़ाई आसान होने के साथ हमें आगे की पढ़ाई के लिए हौसला बढ़ा है। अब मुझे अपनी पढ़ाई के लिए परिवार पर अाश्रित नहीं होना पड़ता है।  वर्तिका रावत, राजकीय हाई स्कूल, काकोरी अब हमें अपनी पढ़ाई के लिए परिवार पर नहीं होना पड़ता था आश्रित प्रदेश सरकार द्वारा हर साल दी जाने वाली छात्रवृत्ति से हमें काफी मदद मिलती है। इससे हमारी पढ़ाई लगातार जारी है। पहले परिवारिक आर्थिक समस्याओं की वजह से पढ़ाई को लेकर समझौता करना पड़ता था, लेकिन अब नहीं करना पड़ता है। मुझे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए जिन भी सामग्री की जरूरत पड़ती है, इस स्कॉलरशिप से खरीद लेती हूं। इसके लिए मैं और मेरा परिवार जितना भी सीएम योगी को धन्यवाद दें, कम है।  दिव्यता, 10वीं की छात्रा, लखनऊ

‘मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 88 हजार से अधिक बेटियों ने लिया हिस्सा

योगी सरकार की पहल से नारी सशक्तिकरण को नया आयाम, मिशन शक्ति से आलोकित हुए केजीबीवी परिसर   'मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये' थीम पर आयोजित कार्यक्रम में 88 हजार से अधिक बेटियों ने लिया हिस्सा  बालिकाओं ने दी आत्मविश्वास और सृजनशीलता को नई दिशा, दीपों से रचा मिशन शक्ति का संदेश – ‘नारी ही शक्ति है’ की भावना से सजे विद्यालय, हेल्पलाइन नंबरों और सशक्त स्लोगनों से गूंजा हर परिसर – प्रदेश में जनांदोलन बन चुका है नारी सशक्तिकरण : संदीप सिंह – ‘विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित कर रहा है मिशन शक्ति’: डीजी स्कूल शिक्षा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में चल रहा मिशन शक्ति अभियान दीपावली के अवसर पर नई ऊर्जा से दमक उठा। प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में 'मिशन शक्ति के लिए, रोशन करो दीये' थीम पर आयोजित कार्यक्रमों ने 88 हजार से अधिक बेटियों के आत्मविश्वास और सृजनशीलता को नई दिशा दी।  बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति आज प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का जनांदोलन बन चुका है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में दीपों से सजे ये संदेश केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज में चेतना, आत्मविश्वास और बदलाव की लौ हैं। जब बेटियाँ शिक्षित और सुरक्षित होंगी, तभी उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगा। हर बालिका तक पहुंचा सुरक्षा और सहायता का संदेश बेटियों ने दीपों से 1090, 1098, 112 जैसे प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों को सजाया, ताकि सुरक्षा और सहायता के ये संदेश हर बालिका तक पहुँच सकें। विद्यालयों के परिसर रंगोलियों, मिशन शक्ति के लोगो और नारी सशक्तिकरण के प्रेरक स्लोगनों से आलोकित रहे। ‘नारी ही शक्ति है’, ‘सुरक्षा मेरा अधिकार है’ जैसे संदेशों को रंगोली और दीपों में ढालकर बालिकाओं ने सशक्त समाज का उजला प्रतीक प्रस्तुत किया। कैंडिल मार्च में दिखा आत्मविश्वास, बेटियों ने जलाई चेतना की लौ प्रदेश मे विभिन्न केजीबीवी में कैंडिल मार्च के दौरान बालिकाओं ने मिशन शक्ति से जुड़े संदेशों की तख्तियाँ हाथों में थामकर नारी सशक्तिकरण का संकल्प दोहराया। क्योरियोसिटी कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए लैंप्स और D20 सीरीज़ से प्रेरित हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं ने विद्यालयों को रचनात्मकता और नवाचार का केंद्र बना दिया। कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियोज ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर खूब धूम मचाया। इस दौरान विद्यालय प्रशासन ने छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा। ‘विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित कर रहा है मिशन शक्ति’: डीजी स्कूल शिक्षा महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश मोनिका रानी का कहना है कि मिशन शक्ति की यह पहल विद्यालयों में शिक्षा के साथ संवेदना और सुरक्षा की संस्कृति स्थापित करने वाली रही। दीपावली के अवसर पर बेटियों द्वारा जलाए गए ये दीप नारी गरिमा और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। बेसिक शिक्षा विभाग इस दिशा में निरंतर कार्यरत है कि हर बालिका स्वयं पर विश्वास करे और समाज उसे समान अवसर दे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल का निधन

कोरबा,  छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल का 78 वर्ष की आयु शुक्रवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। कोरबा के मोतीसागर पारा के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा नेता बनवारी लाल अग्रवाल छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उन्होंने अपना जीवन संगठन, समाज और शिक्षा के प्रति समर्पित किया। उन्होंने शिक्षक के रूप में छत्तीसगढ़ उच्चतर माध्यमिक शाला बिलासपुर और सावन पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ के समय में की थी। 1990 के दशक में वे बिलासपुर भाजपा कमेटी के संगठन महामंत्री बने। इसके बाद उन्होंने कोरबा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। वे 1993 में पहली बार कटघोरा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए और 1998 में भी पुनः चुने गए। विधानसभा में अपने कार्यकाल के दौरान वे लोकलेखा समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, आवास समिति और कार्य मंत्रणा समिति सहित कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य रहे। उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा का उपाध्यक्ष बनने का अवसर भी मिला।  

सुरक्षित दीपावली मनाएं: अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर ही बिजली का उपयोग करने की सलाह

सुरक्षित दीपावली मनाएं: बिजली ट्रांसफार्मर के नीचे या आसपास पटाखा दुकान न लगाएं सुरक्षित दीपावली मनाएं: अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर ही बिजली का उपयोग करने की सलाह भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दीप पर्व पर विद्युत सुरक्षा एवं सावधानियां रखकर सुरक्षित दीपावली मनाएं। कंपनी ने सभी पटाका व्यवसायियों से अपील की है कि वे बिजली लाइन के नीचे, ट्रांसफार्मर के नीचे या उससे सटाकर दुकान न लगाएं क्योंकि इससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है और छोटी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। कंपनी ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पटाखे व आतिशबाजी का प्रदर्शन बिजली लाइनों के नीचे व आसपास न करें। कंपनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर प्रकाशीय साज-सज्जा के लिए उपभोक्ता अपने परिसर में विद्यमान बिजली कनेक्शन से स्वीकृत भार के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें। बिना स्वीकृति के अतिरिक्त भार की वृद्धि एवं सीधे तार डालकर अनधिकृत विद्युत उपयोग नहीं करें। बिजली चोरी अथवा बिना स्वीकृति के संयोजित भार में वृद्धि अवैधानिक है और इसके लिए बिजली अधिनियम 2003 में जुर्माने का प्रावधान है। कंपनी ने मिठाई, मूर्तियां, साज-सज्जा, बर्तन व्यापारी, पटाखों की दुकाने एवं दीपावली पर्व से जुड़ी अन्य सामग्री के विक्रय के लिए लगाए जाने वाली अस्थाई दुकानों में प्रकाश व्यवस्था के लिए व्यापारी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे नियमानुसार अस्थाई कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कंपनी ने कहा है कि दीपावली पर्व पर अस्थाई दुकानों की स्थापना, बिजली ट्रांसफार्मरों एवं बिजली की लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाकर ही स्थापित करें ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सके। कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से कहा है कि वैधानिक कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। कंपनी ने मैदानी अमले और सतर्कता विंग को सघन जांच अभियान चलाकर बिजली चोरी मामले पकड़ने तथा भार वृद्धि अथवा स्वीकृत प्रयोजन के स्थान पर अन्य किसी प्रयोजन के लिए विद्युत उपभोग पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही करने कहा है।  

2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति से जोड़ने का लक्ष्य

ओबीसी छात्रों के उत्थान में योगी सरकार अव्वल 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति से जोड़ने का लक्ष्य  2017 से अब तक 2.07 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को छात्रों को मिल चुकी है छात्रवृत्ति  पिछले आठ वर्षों में ओबीसी छात्रों के कल्याण के लिए उठाए कई ऐतिहासिक कदम  ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने में सफल हुई योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के सशक्तीकरण में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की है। ओबीसी समुदाय के उत्थान के बिना 'विकसित यूपी' का सपना अधूरा है और योगी सरकार इसे साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। शुक्रवार को 10,28,205 से अधिक छात्र-छात्राओं को 300 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डीबीटी के जरिए वितरित की गई, जिसमें ओबीसी के 4,83,000 से अधिक छात्रों को 126.69 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। सरकार ने 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का संकल्प लिया है। 2016-17 तक केवल 46 लाख बच्चे स्कॉलरशिप का लाभ ले पाते थे, लेकिन योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर 62 लाख तक पहुंचा दिया। यह पारदर्शी और त्वरित वितरण योगी सरकार की तकनीकी दक्षता का परिणाम है कि इस बार अनुसूचित जाति-जनजाति के 3,56,000 छात्रों को 114.92 करोड़, सामान्य वर्ग के 97,000 से अधिक छात्रों को 29.18 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 90,758 छात्रों को 27.16 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डीबीटी के जरिए दी गई।  ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने में सफल हुई योगी सरकार पिछले आठ वर्षों में योगी सरकार ने ओबीसी कल्याण में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। वर्ष 2024-25 में 32,22,499 ओबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 2017 से अब तक 2,07,53,457 छात्रों को 13,535.33 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि पूर्ववर्ती सरकार के 4,197 करोड़ रुपये के व्यय से चार गुना अधिक है, इसमें उन ओबीसी छात्रों की बड़ी संख्या शामिल है जो प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और सुदूर क्षेत्रों से आते हैं। यह आंकड़ा न केवल सरकार की नीतियों की सफलता दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण और वंचित ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।   ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण 'विकसित उत्तर प्रदेश' का मूलमंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मौके पर कह चुके हैं कि शिक्षा सामाजिक समानता का आधार है। ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण 'विकसित उत्तर प्रदेश' का मूलमंत्र है। हमारा लक्ष्य हर वंचित छात्र को शिक्षा का अवसर देना है। सरकार ने 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का संकल्प लिया है। यह दीर्घकालिक दृष्टिकोण ग्रामीण ओबीसी युवाओं को तकनीकी, चिकित्सा और अन्य उच्च शिक्षा क्षेत्रों में आगे बढ़ाने में मदद करेगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने डीबीटी के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की है, जिससे स्कॉलरशिप सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रही है। यह पहल न केवल छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि ओबीसी समुदाय में आत्मविश्वास और सामाजिक गौरव भी जगा रही है। योगी सरकार के इस प्रयास से उत्तर प्रदेश सामाजिक और शैक्षिक समानता का नया मॉडल बन रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार ने ओबीसी और दिव्यांगजनों के लिए खजाना खोल दिया है। हमारा लक्ष्य है कि पिछड़ों को शिक्षा से सशक्त बनाकर सामाजिक समानता सुनिश्चित करें। यह प्रयास 'विकसित यूपी' का आधार बनेगा।