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बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान, गरियाबंद में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की पहल

गरियाबंद  कलेक्टर श्री बीएस उईके के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा जिला समन्वयक सुश्री मनीषा वर्मा के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत् महिला सशक्तिकरण केन्द्र के द्वारा बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य बालिकाओं के बीच बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करना है। अधिकतर यह देखा गया है कि लड़कियां विभिन्न समाजिक और पारिवारिक दबावों के कारण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे चिंता और तनाव का अधिक शिकार होती हैं। लड़कियां अक्सर शैक्षणिक प्रदर्शन, सामाजिक अपेक्षाओं, शारीरिक बनावट और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे मुद्दों के कारण अत्यधिक दबाव महसूस करती हैं तथा यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के छुरा के बढ़ते उपयोग ने भी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है इसी कड़ी में सर्वप्रथम शा.उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसेला एवं सोरिद खुर्द, भसेरा, आंगनबाड़ी केन्द्र सोरिद खुर्द, विकासखंड फिंगेश्वर अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टेका, सशक्तिकरण केन्द्र द्वारा बालिकाओं से उनके मेंटल हेल्थ तथा उनके परिवार व स्वास्थ्य के बारे मे चर्चा की गई जिससे उनका आत्म विश्वास व मनोबल बढ़े एक स्वस्थ्य मन उन्हे शिक्षा, कैरियर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है एवं जेण्डर विशेषज्ञ श्रीमती अंजली नाविक, श्रीमती पद्मनी दीवान द्वारा महिला सशक्तिकारण केन्द्र, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत बाल लिंगानुपात, पीसीपीएनडीटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, दहेज प्रताड़ना, सुकन्या समृध्दि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सखी वन स्टाप सेंटर, महिला हेल्प लाईन 181, चाईल्ड लाईन 1098, महिलाओं एवं बालिकाओं के खिलाफ लिंग आधारित भेदभाव की विस्तृत जानकारी साझा की तथा बच्चियों को उनकी सुरक्षा एवं बचाव के तरीके बताए गए। गुडटच बैड टच तथा स्पांसरशीप योजना को विस्तार से जानकारी दी गई। इस अभियान में महिला सशक्तिकारण केन्द्र  से वि.सा.स.वि. श्रीमती अर्चना सिंह व सुश्री शोभा मरकाम, का. सहायक श्वेता शुक्ला व सखी से पैरामेडिकल श्रीमती रूपमती वर्मा, केस वर्कर श्रीमती रंजनी समदार, श्रीमती सुमन तिवारी एवं पैरालीगल कर्मिक सुश्री निशा नेताम शामिल रहे।

महासमुन्द : जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के संबंध में सावधानियां बरतने के निर्देश

महासमुन्द अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा राज्य आपदा मोचन बल के निर्देशानुसार आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए नगर सेना, नवा रायपुर द्वारा जिले में संचालित समस्त स्थायी एवं अस्थायी पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के संबंध में सावधानियां बरतने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। इसी तारतम्य में जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर सेना महासमुन्द द्वारा जिले के सभी पटाखा दुकानदारों एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। पटाखा दुकानों के लिए अग्नि सुरक्षा के लिए दिए गए दिशा निर्देश में पटाखा दुकान अज्वलनशील सामग्री (जैसे टीन शेड) से निर्मित होनी चाहिए, किसी भी प्रकार के कपड़ा, बांस, रस्सी या टेंट से नहीं। प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखी जाए तथा दुकानें आमने-सामने न बनाई जाएं। प्रकाश व्यवस्था के लिए तेल का लैम्प, गैस लैंप या खुली बिजली बत्ती का उपयोग न करें। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। विद्युत तारों में कोई खुला ज्वाइंट न हो तथा मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर अवश्य लगा हो। पटाखा दुकानें ट्रांसफार्मर या हाई टेंशन पावर लाइन के नीचे या पास में न हों। प्रत्येक दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाए। दुकानों के सामने 500 लीटर पानी की ड्रम एवं बाल्टियों की व्यवस्था की जाए। दुकानों के सामने बाइक या कार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। अग्निशमन विभाग एवं एम्बुलेंस के फोन नंबर दुकान परिसर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही अग्निशमन वाहन के आवागमन हेतु पर्याप्त खुला स्थान रखा जाए। जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी व्यापारी, दुकानदार एवं नागरिको को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूर्ण पालन करने कहा है।

EOW की एंट्री: रतलाम में करोड़ों के स्विमिंग पूल की लीज सिर्फ ₹1.5 लाख, टेंडर गड़बड़ी की जांच शुरू

रतलाम   करोड़ों रुपए की लागत से बने तरण ताल को ओने पौने दाम पर ठेके पर देने की शिकायत की जांच के लिए ईओडब्ल्यू की टीम रतलाम पहुंची है. टीम ने यहां टेंडर से संबंधित दस्तावेज और तरण ताल पहुंचकर फिजिकल वेरिफिकेशन किया है. EOW में की गई शिकायत के अनुसार रतलाम नगर निगम ने इस तरणताल को बेहद कम दरों पर चलाने के लिए एक निजी फर्म को दिया गया है. इसकी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और नगर निगम को हुए आर्थिक नुकसान की जांच के EOW उज्जैन की टीम पहुंची है. क्या है स्विमिंग पूल में गड़बड़ी का मामला? 8 साल पहले बनकर तैयार हुए इस तरणताल को शुरू होने में लंबा वक्त लग गया, जिसके बाद जैसे तैसे नगर निगम ने इसका संचालन शुरू किया था लेकिन एक हादसे में 12 वर्षीय बालक की डूब कर हुई मौत के बाद ये स्विमिंग पूल बंद ही पड़ा हुआ था. इसके बाद इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली की एक निजी फॉर्म को 12,हजार 600 रुपए प्रति माह की दर पर 10 वर्षों के लिए इसे लीज पर दिया गया है. जिसकी शिकायत ईओडब्ल्यू उज्जैन को की गई थी. नगर निगम को हुआ 3 करोड़ का नुकसान शिकायत में बताया गया था कि करीब 3 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान रतलाम नगर निगम और शासन को हुआ है. इसके बाद इस मामले की जांच के लिए ईओडब्ल्यू की टीम के निरीक्षक रामनिवास यादव और लोकेंद्र सिंह ने नगर निगम पहुंचकर टेंडर से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए. शास्त्री नगर स्थित स्विमिंग पूल पहुंचकर टीम ने इसका निरीक्षण भी किया. इस दौरान नगर निगम के कर्मचारी और सब इंजीनियर से भी पूछताछ की गई. ईओडब्ल्यू उज्जैन के निरीक्षक रामनिवास यादव ने बताया कि कम दरों पर टेंडर देने की शिकायत की जांच की जा रही है. टेंडर में गड़बड़ी की शिकायत तरण ताल को कम दाम पर ठेके पर देने की शिकायत स्थानीय स्विमिंग पूल संचालक द्वारा की गई है. शिकायत में उनके द्वारा नगर निगम पर पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं करने और महज डेढ़ लाख रुपए प्रति वर्ष की दर पर निजी फॉर्म को लाभ पहुंचते हुए स्विमिंग पूल देने की बात कही गई है. इस मामले में पहले तो करोड़ों रुपए की लागत से बने तरण ताल का लंबे समय तक संचालन ही नहीं किया गया, जिसके बाद अब निजी फर्म को दिए गए टेंडर पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. वर्तमान में निजी फर्म द्वारा मेंटेनेंस के चलते स्विमिंग पूल का संचालन नहीं किया जा रहा है. वहीं, इस मामले को लेकर ईओडबल्यू उज्जैन के निरीक्षक रामनिवास यादव ने कहा, '' नगर नगम टेंडर से लीज पर दिए गए स्विमिंग पूल को लेकर शिकायत आई थी. टेंडर प्रक्रिया को लेकर गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की जा रही है.''  

महासमुंद : भाई दूज 23 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2025 के लिए समस्त शासकीय कार्यालयों तथा संस्थाओं के लिए पूर्व में जारी आदेश में संशोधित किया गया है। संशोधित आदेशानुसार दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) 21 अक्टूबर को घोषित स्थानीय अवकाश को परिवर्तित करते हुए भाई दूज (दीपावली) के दिन गुरुवार 23 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित किया है। उपरोक्त स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालय के लिए लागू नहीं होगा। 

IPS हरचरण भुल्लर की गिरफ्तारी: जानें कैसे CBI ने पकड़ा DIG

चंडीगढ़  हरियाणा में आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार और एएसआई संदीप कुमार लाठर की सुसाइड से मचे बवाल के बीच अब पड़ोसी राज्य पंजाब से बड़ी खबर आ रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने रोपड़ रेंज के डीआईजी और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें कहां से गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें मोहाली से गिरफ्तार किया गया है। मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी से जुड़े मामले में यह कार्यवाही हुई है। कारोबारी की तरफ से उनके खिलाफ शिकायत दी गई थी, जिसके बाद सीबीआई ने ट्रैप लगाकर उन्हें दबोचा। इससे पंजाब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सीबीआई जल्द ही डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को स्पेशल कोर्ट में पेश कर सकती है। नोटों के बंडल बरामद डीआईजी रोपड़ रेंज हरचरण भुल्लर पर एक मामले में राहत देने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने यह कार्रवाई पूरी गोपनीयता के साथ की। जैसे ही डीआईजी ने रिश्वत की रकम पकड़ी, टीम ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से नोटों के बंडल भी बरामद हुए हैं। दफ्तर और आवास पर भी सर्च ऑपरेशन वहीं, गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम ने डीआईजी के दफ्तर और आवास पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। जांच एजेंसी को शक है कि उनके पास से भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिल सकते हैं। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी डीआईजी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।

भयानक सड़क हादसा: ऑटो रिक्शा में भिड़ा पिकअप, चार महिलाएं समेत सात घायल

रामनगर(बाराबंकी)  यूपी के बाराबंकी में हादसा हो गया। गोंडा-बहराइच हाईवे पर गुरुवार को महिलाहमऊ गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप चालक ने विपरीत दिशा से आ रहे ऑटो रिक्शा में टक्कर दी। जिसमें ऑटो चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। क्षेत्र के ग्राम धौखरिया निवासी ऑटो चालक संजीत कुमार (30) पुत्र अनूप लाल ऑटो में सवारी बैठाकर बाराबंकी से रामनगर की ओर आ रहे थे। बताते हैं थाना क्षेत्र के गोंडा-बहराइच हाईवे पर स्थित ग्राम मलिहामऊ के निकट पहुंचे तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसके चलते चालक की मौके पर ही मौत हो गई। आटो में बैठीं चार महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला मुन्नी देवी पत्नी जय प्रकाश व सात वर्षीय पुत्र रितेश निवासी भौका जवारीपुर, रीना पत्नी बृजेश ग्राम हजतपुर, शिवदेवी पत्नी आलोक ग्राम कटियारा को सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जबकि गम्भीर रूप से घायल पिंकू यादव पुत्र मनोहर ग्राम कुतलुपुर को सीएचसी बड़ागांव मे भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपयार के बाद पांचों की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जबकि दो अज्ञात लोगों ने निजी अस्पताल में इलाज कराया है। पुलिस ने मृत ऑटो चालक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।  

जयपुर-अंबेडकर नगर के बीच त्योहारों पर विशेष ट्रेन, इंदौर-रतलाम समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी

इंदौर  त्योहारों में बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए डॉ. अंबेडकर नगर और जयपुर के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित अवधि के लिए दोनों दिशाओं में कुल तीन-तीन फेरों में चलाई जाएगी। रेल प्रशासन के अनुसार, जयपुर–डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल (गाड़ी संख्या 09727) और डॉ. अंबेडकर नगर–जयपुर स्पेशल (गाड़ी संख्या 09728) अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से संचालित होंगी। हर शुक्रवार चलेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 09727 जयपुर–डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल ट्रेन जयपुर से 17, 24 और 31 अक्टूबर 2025 को प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन शनिवार तड़के 1 बजकर 30 मिनट पर डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसका ठहराव चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और इंदौर स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। शनिवार को होगी वापसी वहीं, वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09728 डॉ. अंबेडकर नगर–जयपुर स्पेशल 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2025 को प्रत्येक शनिवार सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉ. अंबेडकर नगर से रवाना होगी और उसी दिन शाम 6 बजकर 10 मिनट पर जयपुर पहुंचेगी। इस दिशा में भी ट्रेन का ठहराव इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन दोनों दिशाओं में यह विशेष ट्रेन किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और इंदौर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन एलएचबी कोच रेक से संचालित होगी, जिसमें सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल होंगे।

जिला अस्पताल में बच्चों को मिल रहा था दूषित सिरप, एजीथ्रोमिसिन की बोतलों में निकले कीड़े

ग्वालियर  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत का मामला गर्माया अभी हुआ हुआ ही है कि, मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सिरप को लेकर नया मामला सामने आ गया. यहांं बच्चों के एंटीबायोटिक सिरप में कीड़े निकलने की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप की शीशियां जब्त कर सैंपल लिए हैं. दवाओं की ये बोतलें जिला अस्पताल में वितरित की जा रही थीं. जिला अस्पताल में हो रहा था दवा का वितरण पिछले दिनों कफ सीरप कोल्ड्रिफ के बाद अब बच्चों को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन ओरल सस्पेंशन सिरप में कीड़े निकलने की बात सामने आई है. जिला अस्पताल में दवाओं के वितरण के दौरान एंटीबायोटिक दवा की शीशी में कीड़ों की शिकायत मुरार जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से की गई है. जिसके बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने संज्ञान लिया है. एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप के वितरण पर रोक लगाते हुए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं. दवा की शीशी में निकला कीड़े जैसा एलीमेंट मामला ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार के अधीन प्रसूति गृह अस्पताल का है, जहां ओपीडी में एक महिला अपने बच्चे को लेकर आई थी, डॉक्टर द्वारा लिखे जाने पर एंटीबायोटिक एजीथ्रोमिसिन सिरप दवा वितरण केंद्र से दी गई थी. लेकिन जब महिला ने सिरप की बोतल को खोला तो उसमें काले रंग का कीड़े की तरह दिखने बाला कोई एलिमेंट दिखा. जिसके बाद महिला के द्वारा तुरंत इसकी शिकायत सिविल सर्जन डॉ आरके शर्मा से की गई. सैंपल के साथ दवा वितरण पर रोक शिकायत मिलते ही सिविल सर्जन ने ड्रग डिपार्टमेंट को सूचना दी और ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम सिविल सर्जन दवा स्टोर पर पहुंची, जहां से एंटीबायोटिक ओरल सस्पेंशन सिरप एजीथ्रोमिसिन के सैंपल कलेक्ट किए गए. साथ ही दवा का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया. इसके अलावा वितरण केंद्रों पर जो सिरप सप्लाई की गई है वहां से इसे रिकॉल कर कलेक्ट किया गया है. सभी अस्पतालों में वितरण पर लगेगी रोक ड्रग इंपेक्टर अनुभूति शर्मा का कहना है कि, "इस गंभीर मुद्दे से जुड़ी खबर सामने आने के बाद न सिर्फ एजीथ्रोमिसिन के सैंपल लिए गए हैं, बल्कि कुछ अन्य दवाओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है." बताया जा रहा है कि, ये दवा भोपाल स्थित सरकारी स्टोर से सप्लाई की गई थी. ऐसे में बैच नंबर के आधार पर जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि इस बैच के सिरप मध्य प्रदेश के जिन जिलों में सप्लाई हुए हैं वहां इंफॉर्मेशन देकर उनके वितरण पर रोक लगाई जा सके.'' ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि "यदि सैंपलों की जांच में अमानक तत्व पाए जाते हैं तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.''

महाकालेश्वर मंदिर में इस बार शांत रहेगी दिवाली, आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक

उज्जैन   दीपावली पर्व(Diwali 2025) के दौरान उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में इस बार आतिशबाजी की गूंज नहीं होगी। पारंपरिक मर्यादाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने इस वर्ष के लिए सत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर केवल एक फुलझड़ी जलाई जाएगी, जबकि अन्य सभी प्रकार की आतिशबाज़ी, पटाखे, अनार या ज्वलनशील सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दुर्घटना की आशंका के चलते आतिशबाजी पर लगाया प्रतिबंध मंदिर प्रशासन ने बताया कि दीपावली पर्व पर 20 अक्टूबर को भगवान महाकाल की सभी आरतियों प्रात: भस्म आरती, अभ्यंग स्नान के बाद की आरती, संध्या आरती और शयन आरती विशेष रूप से पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न की जाएंगी। प्रत्येक आरती के दौरान केवल एक प्रतीकात्मक फूलझड़ी जलाई जाएगी। मंदिर उप-प्रशासक आशीष फुलवाड़िया ने बताया कि दीपावली के अवसर पर उज्जैन में लाखों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षा की दृष्टि से की गई है। दीपावली के अवसर पर श्रद्धालुओं की संया में भारी वृद्धि होती है। ऐसे में किसी प्रकार की आगजनी या दुर्घटना की संभावना से बचने के लिए आतिशबाज़ी पर रोक जरूरी है। गर्भगृह से महालोक तक लागू रहेगा प्रतिबंध दिशा-निर्देशों के अनुसार गर्भगृह, कोटीतीर्थ कुण्ड, मंदिर परिक्षेत्र, महाकाल कॉरिडोर (महालोक) और सपूर्ण परिसर में किसी भी प्रकार की आतिशबाज़ी, पटाखे फोड़ना या ज्वलनशील पदार्थ लाना सत रूप से वर्जित रहेगा। मंदिर सुरक्षा दल और प्रशासन के अधिकारी इन दिशा-निर्देशों के पालन की निगरानी करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, और जिमेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण उत्सव की अपील मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण, श्रद्धापूर्ण और पारंपरिक ढंग से मनाएं। प्रबंधन का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मंदिर की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखना है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक वातावरण की गरिमा बरकरार रहे, इसी भावना से यह निर्णय लिया है।

ग्वालियर की SP हिना खान का अंदाज़ चर्चा में, ‘जय श्री राम’ नारे और सख्त एक्शन से बनाई अलग पहचान

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। इस मामले में डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसका विरोध करते हुए वकीलों का एक ग्रुप मंदिर में सुंदरकांड का पाठ करने जा रहा था। इस दौरान प्रशासन का आदेश होने के कारण लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान कुछ वकील सुंदर कांड पाठ करने के लिए जा रहे थे, तो प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रशासन नहीं जाने दिया तो वकीलों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां कानून व्यवस्था संभाल रहीं सिटी एसपी हिना खान ने भी 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद काफी वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई एसपी हिना खान के बारे में जानना चाह रहा है। कौन हैं 'जय श्री राम' का नारा लगाने वाली SP हिना खान वर्तमान में ग्वालियर की सिटी एसपी हिना खान का जन्म मध्य प्रदेश के ही गुना जिले में हुआ था। यहीं उनका पालन-पोषण भी हुआ। हिना खान बहुत ही आम परिवार से आती हैं। उनके पिता रिटायर्ड सरकारी टीचर हैं और उनकी मां होममेकर हैं। हिना ने अपना ग्रेजुएशन फिजियोथेरेपी में किया हुआ है। इसके बाद उन्होंने असिस्टेंट कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी और साल 2016 में उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और 2018 में पुलिस फोर्स में शामिल हुईं। उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई थी। बाद में उनका ट्रांसफर ग्वालियर के सिटी एसपी के रूप में हुआ। तब से हिना खान यहीं काम कर रही हैं। स मामले पर बात करते हुए हिनाथा ने कहा कि जब उन्होंने 'जय श्री राम' का नारा लगाया तो, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा। एसपी हिना ने कहा कि यह मेरे दिल की भावना थी और हम दोनों की भावना एक जैसी थी। हिना ने कहा कि उन्होंने अपनी भावना दिखाने का फैसला किया और 'जय श्री राम' का नारा लगाया। एसपी हिना का कहना था कि उनका मकसद स्थिति को पूरी तरह शांत करना था, और इसके लिए उनसे बात करना जरूरी थी। हिना ने कहा कि उन्होंने जो कुछ वहां किया, वो शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किया।