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IG का दावा: कांकेर-सुकमा समेत बस्तर में 1,800 से ज्यादा नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

रायपुर   बीते 24 घंटे में नक्सल सरेंडर के सारे रिकॉर्ड टूट गए। महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ तक 138 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में सबसे बड़ा नाम नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर भूपति उर्फ सोनू दादा का है। सोनू ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के के सामने सरेंडर किया। उसके सरेंडर की खबर एक दिन पहले मंगलवार को ही सामने आ गई थी। नक्सल प्रभावित इलाकों से एक बड़ी खबर आई है. बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि बीते 20 महीनों में कुल 1,876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण (सरेन्डर) किया है. इनमें कई कुख्यात नक्सली शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपए के इनाम थे. नक्सल विरोधी अभियान में लगातार सफलता के बीच शनिवार को कांकेर और सुकमा जिलों में एक बार फिर 127 माओवादियों ने हथियार डाल दिए. इनमें कांकेर जिले में 100 और सुकमा में 27 नक्सली शामिल हैं. यह सभी नक्सली अलग-अलग संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय थे और वर्षों से पुलिस व सुरक्षा बलों की नजर में थे. बड़े कमांडर कर रहे सरेंडर  छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के बड़े कमांडरों ने सरेंडर करना शुरू कर दिया है.चर्चा है कि बड़े कमांडर रुपेश और रनिता भी सरेंडर कर सकते हैं, बताया जा रहा है कि उनकी छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों से बातचीत आखिरी दौर में पहुंच गई है. अगर ऐसा होता है तो यह नक्सल संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जाएगा, क्योंकि यह दोनों माओवादी बडे़ नेता माने जाते हैं. इससे पहले माओवादी रणनीतिकार मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​सोनू या भूपति ने हथियार डाल दिए हैं. उसने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में समर्पण कर दिया था, जबकि सुकमा और कांकेर जिले में भी नक्सलियों ने कल छत्तीसगढ़ में सरेंडर किया था.  आईजी सुंदरराज ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को बसों के जरिए BSF कैंप तक लाया गया, जहां उन्होंने अपने हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे. इसके बाद सभी से नियमों के मुताबिक पूछताछ की गई और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि यह सरेंडर सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह साबित करता है कि सरकार की विकास और विश्वास की नीति जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है. पहले जहां नक्सली खौफ और हथियार के सहारे शासन चलाने की कोशिश करते थे, वहीं अब गांवों में सड़कें, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र खुलने लगे हैं जिसकी वजह से लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. बस्तर में अब डर नहीं, भरोसा बढ़ा है आईजी सुंदरराज पी. ने आगे कहा कि बस्तर में अब डर नहीं, भरोसा बढ़ा है. जो कभी जंगल के रास्तों में बंदूक लेकर घूमते थे, वे अब अपने बच्चों के भविष्य की बात कर रहे हैं. ये बदलाव आसान नहीं था, लेकिन सुरक्षा बलों, प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से यह संभव हुआ. बिखर रहा नक्सलवाद  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद बिखरना शुरू हो गया है. कांकेर जिले में जिन 100 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, उनमें टॉप कमांडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना ने भी हथियार डाले हैं, जो नक्सल संगठनों के लिए सबसे ज्यादा आगे रहते थे. राजू सलाम डिवीजनल कमेटी मेंबर था और वह 5 नंबर का कमांडर था, जो कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहा है, बताया जाता है कि पिछले 20 सालों के दौरान जो बड़ी नक्सली घटनाएं हुई थी, उसमें कही न कही राजू सलाम का हाथ था. इसी तरह कमांडर प्रसाद और मीना भी नक्सल संगठनों में बड़े नाम थे, जो नक्सल संगठन के लिए कई चीजें उपलब्ध कराते थे.   कई महिला नक्सली भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में कई महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो वर्षों से भूमिगत थीं. कुछ पर 5 लाख से 10 लाख रुपए तक के इनाम भी घोषित थे. पुलिस ने इन्हें सामाजिक पुनर्वास योजना के तहत लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.कांकेर में 100 और सुकमा में 27 नक्सली सरेंडर करने वालों में कई वारदातों में शामिल रहे हैं इनमें पुलिस कैंप पर हमले, सड़क निर्माण में बाधा और ग्रामीणों को डराने जैसे अपराध शामिल हैं.बस्तर पुलिस का कहना है कि अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां नक्सली सक्रिय हैं, लेकिन अब उनका जनाधार तेजी से कमजोर हो रहा है. पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों ने नक्सल इलाकों में लगातार सफल सर्च ऑपरेशन चलाए हैं, जिससे संगठन का नेटवर्क कमजोर पड़ा है. जानकारी के मुताबिक, राजू सलाम डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) कंपनी नंबर 5 का कमांडर था। वह रावघाट एरिया में सक्रिय था। राजू सलाम कांकेर में पिछले 20 साल में घटी सभी बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है। इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने से इलाके में नक्सलवाद के खात्मे की उम्मीदें बढ़ गई हैं। फिलहाल, कांकेर पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की पहचान करने में जुटी हुई है। संभावना है कि इन्हें जल्द ही जिला मुख्यालय या संभागीय मुख्यालय में मीडिया के सामने पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक दिन पहले ही 6 करोड़ के इनामी और पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति ने 60 साथियों के साथ महाराष्ट्र में सरेंडर किया था। सुकमा में भी 50 लाख के इनामी 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें 10 महिलाएं और 17 पुरुष शामिल हैं। कोंडागांव जिले में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली गीता उर्फ कमली सलाम (40) ने भी हथियार छोड़ दिए हैं। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पिछले 20 महीनों में अब तक 1,876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ ले रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में और भी माओवादी इस सकारात्मक रास्ते को अपनाएंगे। 20 महीने में 1876 का सरेंडर  बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने नक्सलियों के सरेंडर को लेकर बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि 20 महीने में अब तक 1876 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं और सभी पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. जबकि आने वाले दिनों में भी और नक्सलियों का सरेंडर हो सकता है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि माओवादी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं.  2026 तक नक्सलवाद खात्में का प्लान  दरअसल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद खात्में को लेकर डेडलाइन … Read more

सावधान! इन 6 दवाओं पर लगी पाबंदी, स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम

भोपाल  मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कफ सिरप के सेवन के बाद अबतक किडनी फेलियर के चलते 26 मासूमों की जान जा चुकी है। जबकि, नागपुर और छिंदवाड़ा में अब भी कई बच्चे दवा के रिएक्शन से आई समस्याओं के ग्रस्त होकर भर्ती हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट प्रदेशभर में दवाओं की पड़ताल कर रहा है। इसी कड़ी में सूबे के ग्वालियर में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इसे लेकर विभाग ने जारी किया है। ग्वालियर में 6 दवाओं का उपयोग रोका गया है। मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के निर्देश पर संबंधित दवाओं के सेवन और वितरण पर रोक लगाई गई है। सिविल सर्जन को ई-मेल के जरिए निर्देश मिले हैं, जिसमें कहा गया कि 6 दवाओं को आगामी आदेश तक इस्तेमाल प्रतिबंधित है। जिला अस्पताल में आदेश जारी वहीं, सिविल सर्जन डॉ आरके शर्मा ने सरकारी अस्पतालों को लिखित आदेश जारी किया है। अस्पताल के सभी वार्डों के प्रभारी, दवा वितरण केंद्र, प्रसूति गृह के प्रभारी को लिखित में आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें किसी वार्ड या सेक्शन में दवा होने पर तत्काल सिविल सर्जन स्टोर में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन दवाओं पर लगी रोक -एंटीबायोटिक इंजेक्शन मेरोपेनम -सिप्रोफ्लोक्सेसिन 250mg टेबलेट -पेट साफ करने का सिरप लेक्टूलोज 10ML और 15ML -पेट में कीड़े पड़ने पर दी जाने वाली दवा एल्बेंडाजोल 400MG -खाली पेट दी जाने वाली दवा रेबीप्राजोल 20MG टेबलेट -इलेक्ट्रोलाइट पी पर रोक लगाई गई है।

डॉ. रमन सिंह के गुणों की सराहना, CM साय बोले – मितभाषिता और सेवा ही उनकी पहचान

राजनांदगांव  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के स्टेट स्कूल ग्राउंड में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य समारोह में  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह जी जन-जन के नेता हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी। प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि वे दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और अपना मार्गदर्शन इसी तरह देते रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्मदिन मना रहे हैं, जिन्होंने पंद्रह वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का नया इतिहास रचा।  उन्होंने कहा कि  डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार हुआ, जिसे पूरे देश ने अपनाया। गरीबों और वंचितों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की यह योजना आज भी उनकी संवेदनशीलता की मिसाल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाया। आज छत्तीसगढ़ अपने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान कर रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी कर रहा है — यह उनके द्वारा स्थापित मॉडल की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। विशेषकर जनजातीय अंचलों में स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी पहुँचे, तो वहाँ के बच्चों से मिलकर उन्होंने राज्य की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि सादगी और मितभाषिता डॉ. रमन सिंह के स्वभाव की पहचान है। वे अपनी विशाल उपलब्धियों के बावजूद सदैव विनम्र रहे हैं। छोटे-बड़े हर व्यक्ति से वे सहजता से मिलते हैं और हर किसी पर अपनी सौम्य व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रही है। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विधानसभा ने कई नवाचार किए हैं, जैसे प्रबोधन कार्यक्रम, जिसमें विधायकों को संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन समझ दी गई। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से वातावरण को सुरमयी बना दिया।  इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,  राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

हवाला नेटवर्क का सतना लिंक आया सामने, 2 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद

सतना  सिवनी जिले के चर्चित हवाला कांड का धागा अब सतना से जुड़ गया है। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि 8-9 अक्टूबर की रात चेकिंग के दौरान सिवनी में पकड़ी गई 2.96 करोड़ रुपए की रकम में से 2 करोड़ 1 लाख रुपए सतना से ले जाए जा रहे थे। यह राशि कथित रूप से सतना के हवाला कारोबारी मोंटी उर्फ अमित तोलवानी की बताई जा रही है। सिवनी पुलिस ने मामले की कड़ी जुड़ते ही रविवार को जीवन ज्योति कॉलोनी स्थित मोंटी के घर पर दबिश दी, मगर वह घर पर नहीं मिला। तब से मोंटी गायब बताया जा रहा है। सिवनी हवाला कांड ने प्रदेश में हवाला नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया है। सतना से लेकर कटनी और जबलपुर तक फैले इस पैसों के खेल में कई बड़े नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस लूट में शामिल रकम सतना और कटनी की थी प्राथमिक जांच में सिवनी पुलिस को जानकारी मिली कि पकड़े गए पैसों में से बड़ा हिस्सा सतना और कटनी से उठाया गया था। सूत्रों के अनुसार, मोंटी तोलवानी के हवाला नेटवर्क के जरिए यह रकम ट्रांसफर की जा रही थी। जैसे ही यह तथ्य सामने आया, सिवनी पुलिस तत्काल सतना पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के बाद से ही शहर के अन्य हवाला कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पत्नी से लगवाया फोन, फिर नोटिस देकर लौटी पुलिस छापे के दौरान मोंटी घर पर नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी पत्नी से उसके मोबाइल पर कॉल करवाया। इस दौरान मोंटी से सीधी बात भी हुई, जिसमें उसने सहयोग करने और सामने आने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक नोटिस थमाया और सतना से रवाना हो गई। जबलपुर बायपास पर मिली थी आखिरी लोकेशन पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोंटी का मोबाइल फोन आखिरी बार जबलपुर बायपास इलाके में सक्रिय पाया गया था। इसके बाद से उसका लोकेशन ट्रेस नहीं हुआ है। वहीं सिवनी पुलिस ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है और हवाला नेटवर्क के अन्य शहरों से भी कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पेश किए पुलिस प्रताड़ना के सबूत, कोई ने कारोबारी को पुलिस सुरक्षा में भेजा घर  सिवनी पुलिस के द्वारा हवाला लूटकांड के शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट के उपस्थित होकर बताया कि पुलिस ने उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया। आरोप को सिद्ध करने के लिए शिकायतकर्ता ने शारीरिक चोट के फोटोग्राफ भी पेश किए। हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को जिन स्थानों में पुलिस ने रखा था वहां के सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर उन्हें सुरक्षित रखा जाए। शिकायतकर्ता को पुलिस सुरक्षा में उसके घर भेजा जाए। याचिकाकर्ता जालना निवासी गंगा बाई परमार की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि सिवनी पुलिस उसके पति सोहनलाल परमार को अवैध रूप से बंधकर बनाकर रखे हुए हैं। उसके पति सोहनलाल की शिकायत पर ही सिवनी हवाला कांड का मामला उजागर हुआ था। पुलिस ने उसे 10 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था और 12 तारीख को जमानत पर छोड़ दिया था। जमानत पर छूटने के बाद पति अपने घर जालना आया था। उसी रात जालना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पुनः सिवनी पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद से सिवनी पुलिस उसके पति को बंधक बनाकर रखे हुए हैं। याचिकाकर्ता के तरफ से तर्क दिया गया कि उसके पति की ट्रांजिट रिमांड नहीं ली गई और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष भी पेश भी नहीं किया गया। सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया था कि शिकायतकर्ता पुलिस अभिरक्षा में नहीं है। युगलपीठ ने गत दिवस याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा था कि शिकायतकर्ता पुलिस अभिरक्षा में नहीं है तो वह व्यक्तिगत हाईकोर्ट में उपस्थित हो। अभिरक्षा में है तो पुलिस उसे 24 घंटों में न्यायालय के समक्ष पेश करें। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व्यक्तिगत रूप से स्वयं युगलपीठ ने समझ उपस्थित हुआ। उसने बताया कि पुलिस ने उसे होटल तथा अन्य स्थानों में रखकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उसके साथ मारपीट की गई थी और शारीरिक चोट के फोटोग्राफ भी पेश किए। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता श्रेयस दुबे ने पैरवी की।  

इंदौर: एग्जाम से बचने के लिए छात्रों ने फैलाई मौत की अफवाह, प्रिंसिपल के घर पहुंचा स्टाफ

 इंदौर  134 साल पुराने प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में छात्रों ने परीक्षा स्थगित करवाने के लिए प्राचार्य अनामिका जैन की मौत की झूठी खबर फैला दी। कॉलेज प्रबंधन, कर्मचारी, स्टाफ प्राचार्य के घर पहुंच गया। जांच हुई तो पता चला कॉलेज में सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा है और उसको निरस्त करवाने के किए इस तरह से संदेश वायरल किए गए हैं। भवरकुआं पुलिस ने बुधवार देर रात इस मामले में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र मयंक कछावा और हिमांशु जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। परीक्षा कैंसल करवाने के लिए प्रिंसीपल के निधन की झूठी अफवाह फैलाने का मामला शहर के सबसे प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में सामने आने के बाद विद्यार्थी हैरान हैं। परीक्षा से बचने के लिए दो छात्र इस हद तक पहुंच गए कि मौत की झूठी खबर फैला दी। पुलिस के साथ अब कॉलेज प्रबंधन भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। जानकारी के मुताबिक दोनों छात्रों ने परीक्षा कैंसल करवाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। सोशल मीडिया पर यह सूचना मिलते ही कॉलेज का स्टाफ और शिक्षक चौक गए। वे सभी प्राचार्य के घर पहुंच गए। इसके साथ ही विद्या‍र्थी भी इस सूचना को लेकर शोक में डूब गए थे। 

मप्र में मौसम का बदलता मिजाज: कई जिलों में ठंड बढ़ी, दक्षिण में बादल-बूंदाबांदी की संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी है। वहीं उत्तरी हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में रातें ठंडी होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग में ठंडी हुईं रातें प्रदेश के बड़े शहरों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग की रातें अब ठंडी होने लगी हैं। तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में आज मौसम भीग सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि भले ही प्रदेश से मानसून विदा हो चुका हो, लेकिन अगले कुछ दिन हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। रात के तापमान में गिरावट  प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव और खंडवा में सबसे कम 15.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं भोपाल में रात का तापमान 20.6 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे रातें सर्द होने लगी हैं। मानसून की विदाई, पर असर बरकरार इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और 13 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। कुल 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद दक्षिणी एमपी में बारिश का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। ऐसी रही इस वर्ष की बरसात इस बार सबसे ज्यादा बारिश गुना में हुई – 65.6 इंच। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार जैसे जिलों में सबसे कम वर्षा हुई। सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी से जूझ रहे इंदौर संभाग में सितंबर में झमाझम बारिश हुई, जिससे यहां सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों ने औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की, जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 

पति-पत्नी के रिश्ते में दर्दनाक अंत, डॉक्टर ने पत्नी को इंजेक्शन देकर ली जान: पुलिस जांच जारी

बेंगलुरु बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल के 32 साल के जनरल सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी ने अपनी चिकित्सकीय जानकारी का इस्तेमाल किसी की जान बचाने के बजाय अपनी पत्नी की जान लेने के लिए किया। छह महीने तक इसे प्राकृतिक मौत माना गया, लेकिन अब पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। 28 साल की त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉ. कृतिका रेड्डी की मौत के मामले में उनके पति महेंद्र को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, महेंद्र ने एनेस्थीसिया की जानलेवा खुराक देकर पत्नी की हत्या की। आपको बता दें कि दोनों का विवाह 26 मई 2024 को हुआ था। मौत से महज 11 महीने पहले। व्हाइटफील्ड डीसीपी एम. परशुराम ने बताया, “महेंद्र ने अपनी पत्नी की हत्या बड़ी सावधानी से योजनाबद्ध की थी। वह उसकी चिकित्सीय कमजोरियों को जानता था और उसने उसी का फायदा उठाया।” पुलिस जांच से पता चला कि 21 अप्रैल को महेंद्र ने अपने घर पर पत्नी को पेट दर्द के बहाने IV इंजेक्शन दिया। अगले दिन वह उसे मराठहल्ली स्थित मायके ले गया, यह कहते हुए कि उसे आराम की जरूरत है। 23 अप्रैल की रात, वह दोबारा ससुराल पहुंचा और एक और इंजेक्शन लगाया। अगले दिन सुबह 24 अप्रैल को कृतिका को बेसुध पाया गया। डॉक्टर होने के बावजूद महेंद्र ने सीपीआर देने का प्रयास नहीं किया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहले इसे अनैसर्गिक मृत्यु बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम और एफएसएस रिपोर्ट में शरीर में एनेस्थीसिया के अंश पाए गए। इसके बाद केस को हत्या में बदला गया। कृतिका के पिता के. मुनी रेड्डी की शिकायत पर महेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी को लगता था कि उसका विवाह सम्मान और प्रेम पर आधारित है। पर उसी मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल उसकी जान लेने के लिए किया गया।” जांच में पता चला कि शादी के बाद महेंद्र को यह मालूम हुआ कि कृतिका को लंबे समय से गैस्ट्रिक और मेटाबॉलिक विकार हैं। परिवार ने यह जानकारी पहले नहीं दी थी। पुलिस को शक है कि इसी बात ने उसके भीतर नाराजगी और प्रतिशोध की भावना पैदा की जो अंततः हत्या में बदल गई। पत्नी की मौत के बाद भी महेंद्र ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की। उसने पुलिस से कहा कि उसकी पत्नी की मौत स्वाभाविक थी। परंतु FSL रिपोर्ट के बाद पुलिस ने उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया। बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा, “पुलिस टीम ने उस हत्या को उजागर किया जिसे एक मेडिकल दुर्घटना की तरह पेश किया गया था।” डॉक्टर कृतिका वह 4 मई को अपना खुद का क्लिनिक स्किन एंड स्कैल्पेल खोलने वाली थीं। उनके सहयोगियों ने बताया, “वह हमेशा कहती थीं कि डर्मेटोलॉजी के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती हैं। यह सोचना भी दर्दनाक है कि उनका अपना पति ही उनके खिलाफ हो गया।”

बिहार विधानसभा चुनाव में कूदे सीएम मोहन, आज करेंगे जनसंपर्क और रैलियां

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर खास रणनीति बनाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया है कि पार्टी तब जीतती है, जब हर बूथ मजबूत होता है। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि हर बूथ कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में मोदी है। इस तरह उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। उनकी ही परिपाटी पर चलते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बिहार चुनाव के लिए कमर कस ली है। वे 16 अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे। सीएम डॉ. यादव बिहार की कुम्हरार निर्वाचन क्षेत्र के कदमकुआं और विक्रम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पार्वती स्कूल स्पोर्ट्स ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। वे विधानसभा कुम्हरार में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय गुप्ता और विक्रम नर्वाचन क्षेत्र में सिद्धार्थ सौरभ के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। इसके अलावा सीएम डॉ. यादव कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भी हिस्सा लेंगे।  गौरतलब है कि, पार्टी संगठन के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव की स्टार प्रचारक की छवि है। यही वजह है कि प्रदेश के मुखिया ने इसी साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में जबरदस्त प्रचार किया था। उन्होंने दिल्ली चुनाव में हरी नगर, मुस्तफाबाद, मालवीय नगर, विकासपुरी, नफजगढ़, त्रिनगर, उत्तम नगर, नांगलोई, बादली, रोहिणी और मादीपुर सीटों पर प्रचार किया था। इनमें से एक छोड़कर पार्टी बाकी सारी सीटें जीत गई थी।। पिछले साल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्रचार किया था। उन्होंने देवरिया लोकसभा से पार्टी प्रत्याशी  शशांक मणि त्रिपाठी और राबर्ट्सगंज लोकसभा की दुद्धी विधानसभा उप चुनाव के प्रत्याशी श्रवण सिंह गोंड के समर्थन में जनसंपर्क और रोड शो किया था।  हरियाणा-कश्मीर में चला था सीएम डॉ. मोहन का जादू इसी तरह सीएम यादव ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर लोकसभा चुनाव में भी जोरदार प्रचार किया। उनके दौरों की खास बात यह रही कि वे हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में जहां-जहां गए, वहां-वहां की सीटें बीजेपी जीत गई। उन्होंने हरियाणा की 5 विधानसभा सीटों भिवानी, दादरी, तोशाम, झज्जर और बवानी खेड़ा में जनसभाएं की थीं। इनमें चार सीटों पर पार्टी जीत गई थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सांबा में प्रचार किया था। यह सीट भी पार्टी के खाते में गई थी।

राजस्थान के जैसलमेर में दिल दहला देने वाला हादसा, कार में फंसे 4 दोस्त जिंदा जले

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में बस में 21 लोगों के जिंदा जल जाने के बाद अब बालोतरा में भी दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक ट्रेलर से टक्कर के बाद कार में आग लग गई और इसमें सवार चार दोस्त जिंदा जल गए। दुर्घटना मेगा हाईवे पर सिंधरी पुलिस थानाक्षेत्र के सादा गांव के पास रात करीब 1.30 बजे हुई। कार का ड्राइवर भी दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी है। पुलिस के मुताबिक, डाबर गुड़ामालानी (बाड़मेर) के पांच युवक सिणधरी में काम करने गए थे। रात करीब 12 बजे के बाद वे घर लौट रहे थे। उनके घर से 30 किलोमीटर दूर कार सामने से आ रही ट्रेलर से टकरा गई। बलोतरा के डीएसपी नीरज शर्मा ने मोहन सिंह (35), शंभु सिंह (20), पंचाराम (22) और प्रकाश (28) की मौत की पुष्टि की। आग में जलने से मौके पर ही इनकी मौत हो गई। कार चालक दिलीप सिंह गंभीर रूप से जख्मी है। हादसे के बाद हाईवे पर भारी जाम लग गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा, 'चारों युवक पूरी तरह जल गए थे। शवों की पहचान डीएनए टेस्टिंग के जरिए करनी होगी। इसके बाद परिवारों को सौंपा जाएगा।' चारों शवों को अस्पताल में रखवाया गया है और मामले की जांच शुरू की गई है। इससे पहले जैसलमेर के पास मंगलवार को एक एसी बस में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई तो एक दर्जन से अधिक लोग झुलस गए।

पूरन केस में बढ़ी मुश्किलें, अब IAS पत्नी के खिलाफ केस दर्ज; जानिए तीन और नामजद कौन हैं

चंडीगढ़  हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित खुदकुशी मामले में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है। उनकी IAS पत्नी पी अमनीत कुमार के खिलाफ ASI संदीप लाठर खुदकुशी मामले में FIR दर्ज की गई है। उनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी इस मामले में नामजद किया गया है। ASI संदीप लाठर की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी संतोष की शिकायत पर रोहतक सदर पुलिस स्टेशन में इन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दूसरी तरफ, एफआईआर होने के बाद भी परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने की सहमति नहीं दी है। परिजन अभी संदीप को शहीद का दर्जा, पत्नी को नौकरी और आर्थिक मदद का लिखित आश्वासन चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिकी में चार लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार, IPS अफसर की पत्नी पी अमनीत कुमार, बठिंडा ग्रामीण के आप विधायक अमित रतन (जो पूरन के साले हैं) और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। संदीप के परिवार ने आरोप लगाया था कि संदीप पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। संदीप की खुदकुशी के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा था। परिवार ने अंतिम संस्कार से पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी थी। सीएम के ओएसडी मना रहे परिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी वीरेन्द्र सिंह बढ़खालसा गांव लाढ़ौत में मौजूद हैं। संदीप के परिजनों और पुलिस की बंद कमरे में बातचीत जारी है। लाढ़ौत गांव में एडिशनल एसपी वाईवीआर शशि शेखर और एसडीएम आशीष वशिष्ठ भी बाकी अधिकारियों के साथ पहुंचे हुए हैं। परिवार वालों को लाठर की बॉडी पीजीआई स्थित मोर्चरी रखवाने के प्रयास चल रहे हैं। अभी संदीप लाठर का शव उनके मामा बलवान सिंह के घर फ्रीजर में रखा हुआ है। संदीप लाठर का पैतृक जिला जींद जाट बहुल क्षेत्र है। उनके चाचा, जो पूर्व खाप प्रधान रहे हैं, का इलाके में काफी प्रभाव है और समुदाय बड़ी संख्या में जुट सकता है। ऐसे में सरकार किसी भी तरह से परिवार को पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी कराने के प्रयास में है ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े। मंगलवार को ASI ने की थी खुदकुशी मंगलवार को एएसआई संदीप लाठर ने अपने मामा के खेत में बने कोठड़े की छत पर सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपनी मौत से पहले एक वीडियो संदेश और चार पन्नों का 'सुसाइड' नोट छोड़ा है, जिसमें आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये गये हैं। उनके अलावा उनकी IAS पत्नी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। संदीप के क्या आरोप संदीप ने वीडियो संदेश में आरोप लगाया था कि पुरन कुमार, उनकी IAS पत्नी और MLA साला, एक आयोग के सदस्य के साथ कई लोग भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं। ASI ने इन लोगों पर वसूली रैकेट चलाने के भी आरोप लगाए थे। संदीप लाठर मूल रूप से जींद जिले के जुलाना के रहने वाले थे और रोहतक में साइबर सेल में तैनात थे। वह कई बड़ी आपराधिक वारदातों के खुलासे में अहम भूमिका निभा चुके थे। गौरतलब है कि सात अक्टूबर को पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने हाल ही में रोहतक में संदीप लाठर सहित कई पुलिसकर्मियों से पूछताछ की थी।