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शहीद CRPF हेड कांस्टेबल को अंतिम विदाई, राज्यपाल ने कहा – देश हमेशा रहेगा कृतज्ञ

रांची झारखंड के चाईबासा के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में शहीद सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर को रांची के धुर्वा स्थित सीआरपीएफ कैंप की 133वीं बटालियन में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, झारखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), आईजी सीआरपीएफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने शहीद जवान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। पुलिस मुख्यालय की जानकारी के अनुसार, यह हमला चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ एक सघन अभियान के दौरान हुआ। इनामी नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए सीआरपीएफ जवान नक्सलियों की धरपकड़ में लगे थे कि इसी बीच शुक्रवार को आईईडी विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर भी शामिल थे। महेंद्र लश्कर असम के नौगांव के निवासी थे और वे 60 बटालियन में तैनात थे। गंभीर रूप से घायल होने पर उनका इलाज राउरकेला के अस्पताल में किया जा रहा था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। राज्यपाल गंगवार ने शहीद महेंद्र लश्कर के बलिदान को याद करते हुए कहा कि हमारी रक्षा के लिए हमारे जवानों का यह त्याग और साहस राष्ट्र के लिए कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात शहीद महेंद्र लश्कर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक राज्य असम भेजा जाएगा। वहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंबेडकर मूर्ति विवाद के बाद सख्ती: ग्वालियर में धारा 163, 50 को नोटिस, सोशल मीडिया से 260 पोस्ट हटाईं

ग्वालियर  शहर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकीलों के दो गुटों के साथ-साथ अब आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई है। एडवोकेट अनिल मिश्रा की टिप्पणी के बाद दलित समाज संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या है पूरा विवाद यह विवाद 17 मई 2025 से शुरू हुआ था, जब हाईकोर्ट परिसर में मूर्ति लगाने को लेकर वकीलों के एक पक्ष और दूसरे पक्ष में मतभेद हो गया था। उस समय माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मूर्ति को दूसरी जगह रखवा दिया था। तब से यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। वकीलों का एक पक्ष मूर्ति लगाने के लिए अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। अब यह लड़ाई हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई है, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों को देखते हुए पुलिस 24 घंटे नजर रख रही है और अब तक 160 से अधिक पोस्ट हटा चुकी है और 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दे चुकी है, फिर भी विवाद थम नहीं रहा। पुलिस की सायबर टीम भी रख रही नजर शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर 15 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है। जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। 15 अक्टूबर को बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट अपलोड करने वालों पर सायबर टीम की नजर है। सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, व्यवसाय करें। प्रशासन सुरक्षा के लिए तत्पर है। इस बैठक में शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। बिना अनुमति आयोजन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने शांति समिति सदस्यों से कहा कि वे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को फोन करके समझाएं, ताकि कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। ध्यान दें कि कहीं पर भी बिना अनुमति के कोई आयोजन न होने पाए। यदि हो तो सख्त कार्रवाई करें। शहर की तरह गांव में भी चौकसी की जाए। जन प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए। राजनीति चमका रहे लोग सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों से साफ है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए जातिवाद की लड़ाई छेड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को आगरा में ओबीसी और एससी समाज द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है, वहीं सामान्य वर्ग के लोग भी शक्ति प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। 15 अक्टूबर को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। होटलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है। पुलिस की भी पूरी तैयारी किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल भी की है, ताकि असामाजिक तत्वों को संदेश दिया जा सके कि ग्वालियर पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी सभी समाजों के प्रमुख लोगों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 तारीख को किसी बड़े मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद धारा 163 लागू की गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी।

दिलीप जायसवाल बोले: NDA में सीटों का बंटवारा तय, आज से शुरू होगी उम्मीदवारों की घोषणा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने-अपने हिस्से की सीटों को अंतिम रूप दे दिया है। वहीं राजग में सीट शेयरिंग पर बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, NDA गठबंधन ने सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है। मैं शुरू से कहता रहा हूं कि हम पांच पांडव, बिहार विधानसभा चुनाव पूरी एकजुटता के साथ लड़ेंगे। दिलीप जायसवाल ने आगे बताया, "हमने सबसे पहले सीटों के बंटवारे की घोषणा कर दी है और आज शाम से उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जीतन राम मांझी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।" वहीं NDA में सीटों के बंटवारे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "सीटों का बंटवारा हो गया है। चर्चा करके प्रत्याशियों को लेकर भी जल्द स्पष्टता मिल जाएगी।" बता दें कि Bihar Vidhan Sabha Election 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। दोनों दल 101-101 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे। एनडीए में हुए सीट बंटवारे के तहत केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 6-6 सीटें दी गई हैं।

स्थानांतरण नीति में बदलाव की मांग, शिक्षकों ने सीएम आवास पर किया घेराव

संगरूर  अध्यापक संघ 4161 पंजाब ने तबादलों में अपने अधिकार की मांग को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर जोरदार धरना दिया और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जब डीटीएफ के एक नेता ने बैरिकेड्स तोड़ने की बात कही, तो मौके पर मौजूद डीएसपी सुखदेव सिंह से प्रदर्शनकारियों की बहस भी हो गई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह गिल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रशपाल जलालाबाद और महासचिव गुरध्यान सिंह पातड़ां ने कहा कि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पहले बैठकों में वादा किया था कि 4161 अध्यापकों को विशेष तबादला अवसर दिया जाएगा, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पहले की भर्ती में शामिल अध्यापकों को दो साल बाद तबादले का अधिकार दिया गया है, जबकि 4161 अध्यापक अब भी इससे वंचित हैं। यूनियन नेताओं ने बताया कि इनमें कई शिक्षक अपने घरों से 200 से 250 किलोमीटर दूर सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं।

बिहार चुनाव से पहले लालू को बड़ा झटका, IRCTC घोटाले में कोर्ट ने चलाने का आदेश दिया मुकदमा

पटना /नई दिल्ली दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की अनुमति दे दी है. बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक बीच आया यह फैसला लालू यादव के लिए एक बड़ा झटका है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों से पता चलता है कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी स्कैम और लैंड फॉर जॉब केस में लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुना दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने कहा कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में दखल दिया था. टेंडर प्रक्रिया में बड़ा बदलाव कराया था. विशेष सीबीआई कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ तय कर दिए हैं. लालू के साथ ही राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं.  कोर्ट ने साजिश, पद के दुरुपयोग और टेंडर प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात कही और यह भी जोड़ा कि सब कुछ लालू यादव की जानकारी में हुआ. कोर्ट ने कहा कि जमीन का हक राबड़ी और तेजस्वी को देने की साजिश थी. लालू यादव ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. कोर्ट ने लालू यादव से पूछा कि आरोप सही मानते हैं या गलत? कोर्ट के सवाल पर लालू यादव ने कहा कि मैं दोषी नहीं हूं. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से भी यही सवाल किए गए. राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का जवाब भी यही रहा- हम दोषी नहीं हैं. इससे पहले, लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी याद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने पहुंचे. लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे. राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय करने पर भी फैसला आना है. राउज एवेन्यू कोर्ट की सीबीआई अदालत के जज विशाल गोगने ने आईआरसीटीसी केस में फैसला सुनाया. लालू फैमिली पर फैसले में कोर्ट ने क्या कहा, क्या-क्या धाराएं लगाईं? विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव को कहा कि आपने षड्यंत्र रचा, आपने लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया, टेंडर प्रोसेसिंग में दखल दिया, और टेंडर हासिल करने की शर्तों में हेराफेरी की गई. कोर्ट ने लालू यादव को कहा कि आपने कोचर से ज़मीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची, और बाद में इन जमीनों पर प्रभावी नियंत्रण राबड़ी और तेजस्वी को हस्तांतरित करने के लिए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची गई.  विजय कोचर और विनय कोचर इस मामले में अन्य आरोपी हैं.  अदालत ने लालू यादव को पूछा कि क्या आप अपने ऊपर लगाए गए आरोप को स्वीकार करते हैं. इस पर लालू यादव ने खुद को बेगुनाह बताया. यही सवाल अदालत ने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछा. दोनों ने ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. अदालत ने लालू यादव पर लोकसेवक के रूप में साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया है. लाल यादव पर षड्यंत्र रचने और लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है.  अदालत ने कहा कि लालू यादव ने कोचर से जमीन के टुकड़ों की कम कीमत पर खरीद की साजिश रची फिर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इन जमीनों पर राबड़ी और तेजस्वी को प्रभावी नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश रची.  अदालत ने कहा कि निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए. लालू यादव ने IRCTC के होटलों के हस्तांतरण को प्रभावित करने में हस्तक्षेप किया. अदालत में रेल मंत्री के रूप में लालू यादव पर षड्यंत्र रचने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाने के लिए सीबीआई द्वारा साक्ष्यों की श्रृंखला प्रस्तुत की गई.  अदालत ने कहा कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान होता है. अदालत को गंभीर संदेह है कि कई लोग लालू यादव परिवार को जमीन का नियंत्रण हस्तांतरित करने की साजिश में शामिल थे.  लालू-राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ किन धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीबीआई (Central Bureau of Investigation) द्वारा पेश किए गए साक्ष्य पर्याप्त हैं, इसलिए अब इस मामले में मुकदमा चलेगा. सभी आरोपी आज कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे. इस मामले में अदालत ने कहा कि लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 आईपीसी के तहत आरोप तय किए जाएं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि लालू यादव और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय किए जाएं.  भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के अनुसार, जो कोई भी आपराधिक कदाचार करता है, उसे कम से कम एक वर्ष के कारावास से दंडित किया जाएगा, यह सजा सात वर्षों तक हो सकती है. दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. आपराधिक कदाचार का अर्थ है लोक सेवक का ऐसे तरीकों से व्यवहार करना जो रिश्वतखोरी या अन्य भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा देता है.  अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120B (साजिश) के तहत और धारा 32 के तहत सामान्य आरोप तय किए जाने का आदेश भी दिया. मामला क्या है? यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के समय का है. आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्रालय के अधीन आईआरसीटीसी के दो होटलों – बीएनआर होटल (रांची, झारखंड) और पुरी होटल (ओडिशा) के रखरखाव और सुधार के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार किया. लालू ने इन ठेकों को अपनी पत्नी राबड़ी देवी के स्वामित्व वाली कंपनी सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित रूप से दिलवाया. इसके बदले, कंपनी ने लालू के परिवार को फायदा पहुंचाया. इन ठेकों में  पारदर्शिता की कमी और पक्षपातपूर्ण आवंटन का आरोप है.  ठेकों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल … Read more

एक साथ 12 दुल्हनें हुईं फरार, अलीगढ़ में शादी के बाद सबके उड़ गए होश

अलीगढ़ करवाचौथ की रात जहां देशभर की सुहागिनें अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, वहीं अलीगढ़ में इसी रात एक ऐसी वारदात घटी जिसने भरोसे और रिश्तों की जड़ों को हिला दिया. यहां 12 घरों में एक साथ मातम पसर गया, क्योंकि इन परिवारों की नई-नई आई दुल्हनें करवाचौथ का व्रत रखकर, छलनी में चांद दिखाकर, पति की आरती उतारकर और घरवालों को नशीला खाना खिला कर लाखों की नकदी और जेवर लेकर फरार हो गईं. यह मामला सासनी गेट थाना क्षेत्र का है, जहां अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस ने इसे एक संगठित गिरोह की करतूत बताया है. बताया जा रहा है कि ये सभी 'दुल्हनें' बिहार और झारखंड से लाई गई थीं, जिन्हें दलालों ने लड़कियों की कमी झेल रहे घरों में ब्याह करवा दिया था. शादी के लिए इन दलालों को 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की रकम दी गई थी. करवाचौथ की रात भरोसे का कत्ल मामले की जांच में सामने आया कि सभी बारहों दुल्हनों ने शादी के बाद बड़े प्यार और सलीके से ससुराल वालों का दिल जीत लिया था. किसी ने सास के साथ मंदिर जाने की आदत डाल ली थी, तो कोई पति के साथ खेतों तक जा पहुंची थी. सबने करवाचौथ का व्रत भी रखा, घर में सजावट की, मेहंदी लगाई और रात को जब व्रत खोलने का वक्त आया, तब उन्होंने ऐसी चाल चली कि किसी को शक तक न हुआ. परिवार वालों के मुताबिक, रात के खाने में सभी दुल्हनों ने खुद हाथ लगाकर व्यंजन बनाए. उसी खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया. जैसे ही परिवार वाले बेहोश हुए, वैसे ही सबने अपनी-अपनी गठरी बांधी और भाग निकलीं. सुबह जब लोग होश में आए, तो अलमारियां खुली थीं, लॉकर खाली थे और सुहागनें घर में नहीं थी. दलालों का कोई अता-पता नहीं इन शादी में दलालों ने अहम भूमिका निभाई थी. ज्यादातर शादियां तीन से चार दलालों के नेटवर्क के जरिए हुई थीं. ये लोग दावा करते थे कि बिहार या झारखंड की ‘गरीब लेकिन संस्कारी लड़कियों’ को अच्छे परिवारों में बसाना चाहते हैं. जब लड़कियां भागीं, तो सबसे पहले उन्हीं दलालों के नंबर पर फोन किए गए मगर सभी नंबर या तो बंद मिले या फिर इस नंबर पर अब कोई और बोल रहा है की आवाज आई. धीरे-धीरे सच सामने आया कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित जाल था. 12 परिवारों के साथ 30 लाख की ठगी पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन 12 लुटेरी दुल्हनों ने मिलकर करीब 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है. इसमें सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन शामिल हैं. कुछ घरों से दहेज में मिली रकम भी साफ हो गई. एक पीड़ित ने बताया, शादी को बस 10 दिन हुए थे, करवाचौथ पर उसने बड़े प्यार से पूजा की. हम सब भावुक हो गए. सोचा था नसीब खुल गए, पर सुबह देखा तो सब कुछ लुट गया. दूसरे परिवार ने बताया कि शादी से पहले लड़कियों ने साधारण परिवार का दिखावा किया था, ताकि शक न हो. कई घरों में तो पड़ोसी बाराती बनकर गए थे यानी सबकुछ पूरी तैयारी से हुआ. पुलिस की टीमों को सौंपी गई जिम्मेदारी सासनी गेट थाने में जैसे ही पहले परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई, वैसे ही बाकी पीड़ित भी पहुंच गए. धीरे-धीरे पता चला कि यह एक संगठित ठगी का रैकेट है. एएसपी मयंक पाठक ने बताया, यह एक सुनियोजित गिरोह है जो बिहार-झारखंड और पश्चिमी यूपी में सक्रिय है. चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं. जल्द ही सबकी गिरफ्तारी होगी. पुलिस ने अब बिहार और झारखंड के कई जिलों में संपर्क साधा है, ताकि इन महिलाओं की असली पहचान निकल सके. जिन एजेंटों ने यह रिश्ता कराया, उनके फोटो और दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं. ऐसे चलता है लुटेरी दुल्हन रैकेट जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई नया फार्मूला नहीं है. कई बार ऐसे गिरोह गरीब इलाकों से युवतियों को बहला-फुसलाकर शादियों में भेजते हैं. शादी के बाद वे कुछ दिन ससुराल में रहती हैं, भरोसा जीतती हैं और फिर एक दिन नकदी-जेवर लेकर फरार हो जाती हैं. इस रैकेट का फायदा उन इलाकों में उठाया जाता है जहां लिंगानुपात असंतुलित है और गरीब या उम्रदराज़ पुरुषों को शादी के लिए दुल्हन नहीं मिलती. अलीगढ़ पुलिस ने शक जताया है कि यह गिरोह पहले भी हाथरस, बुलंदशहर और बदायूं में ऐसी वारदातें कर चुका है. अब अलीगढ़ में यह अब तक की सबसे बड़ी ठगी साबित हो रही है. करवाचौथ की रात यादों में जहर बन गई जिस करवाचौथ को इन परिवारों ने खुशियों का त्योहार समझा था, वही रात अब उनके लिए जहर बन गई. गांव की गलियों में अब भी चर्चा है कि सब कुछ इतनी सफाई से हुआ कि किसी को भनक तक नहीं लगी. न कोई झगड़ा, न कोई इशारा बस अचानक सब हवा हो गईं.  

Agri-Food सेक्टर को मजबूती: Danone-Nutricia ने पंजाब में ₹356 करोड़ का निवेश किया

चंडीगढ़  पंजाब जो कभी अपने 'सोने जैसी फसल' और खुशहाल किसानों' के लिए जाना जाता था, आज फिर से उसी रास्ते पर लौट रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों के कारण पंजाब में वैश्विक निवेश का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में, फ्रांस की दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनी डैनोन-न्यूट्रीशिया (Danone-Nutricia) ने राज्य के कृषि-खाद्य (Agri-Food) क्षेत्र में ₹356 करोड़ का बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। यह निवेश न केवल पंजाब के कृषि-अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। इससे पंजाब को Agri-Food Hub बनाने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मान सरकार के आने के बाद से अब तक पंजाब में लगभग ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक का कुल निवेश आ चुका है, जिससे लगभग 4.5 लाख युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। पंजाब ने लगातार यह दोहराया है कि पंजाब के पास मेहनती युवा, अच्छी कनेक्टिविटी और अब एक 'बिजनेस फ्रेंडली सरकार' है। डैनोन-न्यूट्रीशिया जैसे वैश्विक निवेशक का यह निर्णय यह दिखाता है कि पंजाब अब निवेश के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक केंद्र बन चुका है। यह उपलब्धि राज्य को आर्थिक विकास की राह पर तेज़ी से आगे ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि 5,000 से अधिक डेयरी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन, पशु देखभाल, और फीड मैनेजमेंट जैसे आधुनिक तरीकों से अवगत कराया जाएगा। इससे किसानों की आमदनी में वृद्धि और दूध की गुणवत्ता में सुधार होगा। Danone-Nutricia पहले से ही पंजाब के लालरू में मौजूद है। अब इस निवेश से पंजाब आधुनिक तकनीक से लैस उत्पादन यूनिट बनेगा,न्यूट्रीशन प्रोडक्ट्स का उत्पादन बढ़ेगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह निवेश यह दिखाता है कि अब पंजाब सिर्फ खेती के लिए नहीं, बल्कि Agri-Food Innovation Hub के रूप में भी पहचाना जाएगा। इससे राज्य में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और पंजाब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा। Danone-Nutricia का ₹356 करोड़ का यह निवेश मान सरकार की पारदर्शी नीति, किसानों की मेहनत और पंजाब की प्रगति-भावना का परिणाम है। यह कदम न केवल कृषि-आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि पंजाब को एक वैश्विक निवेश गंतव्य (Global Investment Destination) बनाने में भी मदद करेगा। यह सब संभव हो सका है। मान सरकार की दूरदर्शिता और मेहनत से, जिसने दुनिया की बड़ी कंपनियों को पंजाब की ओर आकर्षित किया।

पूरन कुमार मामले में तनाव बढ़ा, खाप पंचायतें सामने आईं, SP को मिला जन समर्थन

रोहतक हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले को दलित उत्पीड़न के ऐंगल से भी देखा जा रहा है। उनकी पत्नी पी. अमनीत कुमार की मांग पर इस केस में एससी-एसटी ऐक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया का ट्रांसफर किया गया है। इसके चलते इस मामले में अब जाट फैक्टर भी सामने आया है और खाप पंचायतों ने विरोध जताया है। रोहतक के मानसरोवर पार्क में  एक मीटिंग हुई। इसमें कई खाप पंचायतों, ग्राम पंचायतों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। इसके अलावा कुछ व्यापार संगठनों के लोगों ने भी हिस्सा लिया। इसके बाद इन लोगों की ओर से जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया। खाप पंचायतों की ओर से मांग की गई कि एसपी नरेंद्र बिजारनिया के खिलाफ लगे आरोपों की सही से जांच की जाए और अचानक ही कोई ऐक्शन न लिया जाए। इनकी मांग है कि एसपी नरेंद्र बिजारनिया को उनका पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया गया। अहलावत खाप से जुड़े जय सिंह अहलावत ने कहा, 'एक सीनियर आईपीएस अधिकारी का आत्महत्या कर लेना दुखद है। पूरे समाज और हर नागरिक को इससे झटका लगा होगा। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाए। लेकिन यह भी तय हो कि कोई निर्दोष व्यक्ति बलि का बकरा ना बन जाए।' वहीं एक अन्य नेता ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारनिया के खिलाफ बिना किसी जांच के ही ऐक्शन लिया गया है। उन्हें अपना पक्ष तक रखने का मौका नहीं दिया गया। खाप पंचायतों ने कहा कि बिना किसी जांच के ही अधिकारी पर ऐक्शन लेना अपमानजनक है। हमारी मांग है कि पहले विस्तार से जांच हो और उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाए। इन लोगों ने कहा कि बिजारनिया ने रोहतक की कानून और व्यवस्था को सुधारा था। यदि उनके खिलाफ बिना किसी जांच के ही ऐक्शन हो रहा है तो यह दुखद है। इस तरह हरियाणा में आईपीएस अधिकारी का मामला लगातार जातीय रंग ले रहा है। पहले इस मामले को लेकर दलित संगठन ऐक्टिव हुए तो वहीं अब जाट समुदाय से जुड़े संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसी स्थिति में हरियाणा सरकार भी दबाव रहेगा और चुनौती होगी कि कैसे वह इस संघर्ष से बाहर निकले। खाप पंचायतों ने कहा कि यदि कोई गलत नहीं है तो फिर उसे आरोपों से अलग करना चाहिए और क्लीन चिट भी देनी चाहिए।

MSME सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, ₹200 करोड़ अनुदान और भूमि आवंटन पत्र वितरित होंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। 200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे। एमओयू साइन होगा सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

अख्तर बानो की गिरफ्तारी: नेपाल से भागकर भारत में पकड़ी गई संदिग्ध, संदिग्ध पाकिस्तानी संपर्कों का खुलासा

कोलकाता दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने कथित तौर पर नेपाल जेल से भागी हुई पाकिस्तानी मूल की 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि महिला नेपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी करती थी। उसे कोलकाता से कंचनजंगा एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध व्यवहार करने के बाद हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने अपनी पहचान दिल्ली के पुरानी बस्ती शाहिना परवीन बताई, लेकिन कोई वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी। बाद में पुलिस ने उसके पास मौजूद सामानों की तलाशी ली तो उन्हें पाकिस्तान के कई नंबर मिले। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह तीन साल पहले बंगलादेश पहुंची थी, वहां से फिर अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल होते हुए एक एजेंट की मदद से भारत आई। वह दिल्ली में घरेलू कामकाज करती है और अब बंगलादेश होते हुए पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रही थी। उसने अपनी असली पहचान लुईस निगहत अख्तर बानो बताई और कहा कि वह पाकिस्तान के शेखपुरा जिले के चक नंबर 371, गांव यंगनाबाद के मोहम्मद गोलाफ फराज की पत्नी है। बानो लगभग 12 वर्ष पूर्व पाकिस्तानी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके नेपाल चली गई थी और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो गई थी। वर्ष 2014 में उसे नेपाली अधिकारियों ने एक किलोग्राम ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने बताया कि महिला पिछले महीने तक काठमांडू में कैद थी, फिर वहां हुई हिंसा के बीच वह भाग निकली। दो सप्ताह पहले वह एजेंट के बताये गये अवैध तरीकों से भारत में दाखिल हुई और त्रिपुरा या पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगलादेश पहुंचकर अपने घर लौटना चाहती थी। पश्चिम बंगाल में घुसने में असफल रहने के बाद बानो ने त्रिपुरा जाने वाली ट्रेन पकड़ी और सबरूम पहुंची जहां से वह बंगलादेश जाना चाहती थी। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और अपने बयानों की पुष्टि करने तथा सीमा पार तस्करी से उसके संबंधों का पता लगाने के लिए उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।