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भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

 रायपुर मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।          कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।          यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500 -13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।           प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

सपनों को सच करने की मिसाल: हरियाणा की बेटी ने घर पर तैयारी कर इतिहास रचा

हरियाणा  हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव खेड़ी बुरा से जुड़ी एक गर्व की खबर सामने आई है। गांव की बेटी प्रिया लाखवान ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यायाधीश बनी है। जानकारी के मुताबिक, प्रिया ने प्रदेश स्तर पर 5वां स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ ही प्रिया ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर बीजेपी के जिला अध्यक्ष सुनील इंजीनियर ने प्रिया को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता हर बेटी और युवा के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा, “प्रिया लाखवान ने अपनी लगन, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।” घर पर रहकर की तैयारी खास बात यह है कि प्रिया ने इस कठिन परीक्षा की तैयारी किसी महंगे कोचिंग संस्थान से नहीं, बल्कि अपने घर पर रहकर ही की। उन्होंने अनुशासन और निरंतर मेहनत से सफलता की मिसाल कायम की है। आज जब अधिकतर छात्र महंगे कोचिंग सेंटरों में हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, ऐसे में प्रिया की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि आत्मविश्वास और समर्पण से बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलताएं हासिल की जा सकती हैं।   साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि प्रिया के पिता, राजेश सैन, बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। राजेश ने कहा, “आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। अवसर मिलने पर वे किसी भी ऊंचाई को छू सकती हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि प्रिया का भविष्य और भी उज्ज्वल हो और वह न्यायपालिका में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करे।” प्रिया लाखवान की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कहानी भी है।  

CM मान का दौरा: 3 अक्टूबर को इस जिले के लिए होंगी कई घोषणाएँ, तैयारियाँ तेज़

झबाल  तरनतारन विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों की घोषणा से पहले पंजाब सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 3 अक्टूबर को विधानसभा क्षेत्र के कस्बा झबाल में एक बड़ी विकास रैली कर पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में आज डिप्टी कमिश्नर राहुल और एस.एस.पी. तरनतारन ने पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू के साथ कस्बा झबाल में होने वाले कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कुल मिलाकर, सरकार ने तरनतारन विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनकी औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी। इस दौरान तहसीलदार गुरप्रीत सिंह, नायब तहसीलदार जसविंदर सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह

सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह रायपुर को मिला नया तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय ने स्वीकृत किया 1.65 करोड़ की लागत वाला विश्राम गृह रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।  गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।

3 नई अमृत भारत ट्रेनों समेत 7 ट्रेनों का बिहार में स्वागत, जानें रूट और टाइमिंग

पटना  बिहार को तीन नई अमृत भारत ट्रेनों (तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली से कनेक्टिविटी) और चार नई पैसेंजर ट्रेनों की सौगात मिली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन तीनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है.रेल मंत्रालय की इस पहल को बिहार के यात्रियों के लिए नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. यह न केवल लोगों की यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि प्रदेश के कई हिस्सों को देश के बड़े शहरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस दौरान पटना जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री नितिन नवीन सहित कई सांसद ने पटना जंक्शन से खुलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि पटना और भागलपुर में रिंग नेटवर्क का निर्माण को लेकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। वही नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा की नवादा मेन लाइन से जोड़ने के लिए नवादा और पावापुरी के बीच रेल लाइन निर्माण की रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा की जाएगी।यह दीपावली और छठ से पहले बिहार वासियों के लिए बड़ी सौगात है। यह सभी ट्रेनें बिहार को मिलीं मुजफ्फरपुर से चर्लपल्ली (हैदराबाद), दरभंगा से मदार (राजस्थान) और छपरा से आनंद विहार (दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन होगा। वहीं पटना से बक्सर, नवादा से पटना, झाझा से दानापुर और पटना से इस्लामपुर के बीच नई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा है। इन सभी ट्रेन का शुभारंभ हुआ है। लेकिन, नियमित परिचालन अक्टूबर से शुरू होगा। अभी इन रूटों पर दौड़ रही हैं ट्रेनें बता दें कि बिहार से चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का नेटवर्क लंबा है. दरभंगा, सहरसा, सीतामढ़ी, गया, राजेंद्र नगर, मोतिहारी और जोगबनी जैसे बड़े स्टेशनों से यह ट्रेन चल रही है. इनमें कुछ ट्रेनें दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक जाती हैं,  जबकि कुछ दक्षिण भारत और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुंचती हैं. दरभंगा से आनंद विहार और गोमतीनगर, सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस और अमृतसर, राजेंद्र नगर से नई दिल्ली, गया से दिल्ली और मोतिहारी से आनंद विहार तक ट्रेनें अभी चल रही हैं. जबकि मालदा, जोगबनी और सीतामढ़ी से भी लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन जारी है. क्या है खासियत अमृत भारत एक्सप्रेस को खासतौर पर मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसमें मिलने वाली सुविधाएं प्रीमियम ट्रेन की तरह है. यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कोचों में कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं. सीटें पहले से ज्यादा आरामदायक हैं, स्नैक्स टेबल फोल्डेबल है और मोबाइल रखने के लिए होल्डर भी लगे हैं. कोचों में रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स लगी हैं, ताकि रात में भी रास्ता साफ दिखे. पैसेंजर ट्रेन रविवार को छोड़ एक अक्टूबर से नियमित चलेगी 53203 झाझा-दानापुर पैसेंजर झाझा से 4.0 बजे खुलने के बाद जमुई, लखीसराय, बड़हिया, बाढ़, बख्तियारपुर होते हुए 9.0 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 53204 दानापुर-झाझा पैसेंजर दानापुर से 17.25 में खुलने के बाद पटना, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, लखीसराय, जमुई होते हुए 22.30 में झाझा पहुंचेगी। 53202 बक्सर-पटना पैसेंजर 6.30 में बक्सर से खुलने के बाद 9.10 में पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 53201 पटना-बक्सर पैसेंजर पटना जंक्शन से 17.45 में खुलकर 8.35 में बक्सर पहुंचेगी। 75272 नवादा-पटना डीएमयू नवादा से 5:15 से खुलेगी और 9.30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 75271 पटना-नवादा डीएमयू पटना से 16.15 में खुलेगी और 21.0 बजे नवादा पहुंचेगी। 75274 पटना-इस्लामपुर डीएमयू पटना जंक्शन से 9:45 में खुलेगी जो 12 बजे इस्लामपुर पहुंचेगी। वापसी में 75273 इस्लामपुर-पटना डीएमयू इस्लामपुर से 12.30 बजे खुलेगी। यह 15.55 बजे पटना पहुंचेगी। लोगों को नवादा और इस्लामपुर जाने में सुविधा और सहूलियत होगी। अमृत भारत का 14 अक्टूबर से नियमित परिचालन होगा 15293 मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली साप्ताहिक अमृत भारत मुजफ्फरपुर से मंगलवार को 10.40 में खुलेगी। अगले दिन 23.50 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 14 अक्टूबर से होगा। वापसी में 15294 चर्लपल्ली-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक अमृत भारत गुरुवार को 4.05 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी। अगले दिन 17.00 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 16 अक्टूबर से होगा। छपरा-आनंद विहार अमृत भारत सप्ताह में दो दिन 15133 व 15134 छपरा-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 2 दिन चलेगी। हालांकि रेलवे द्वारा नियमित परिचालन को लेकर अबतक तिथि और समय सारणी की घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही 19623 और 19624 मदार-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का भी समय सारणी अब तक जारी नहीं हुई है।

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी

विकसित यूपी @2047 30 अक्टूबर तक जनता दे सकेगी अपने सुझाव, अब तक मिले 14 लाख फीडबैक समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी  ग्रामीण क्षेत्रों से 11 लाख और शहरी क्षेत्रों से मिले 3 लाख सुझाव – युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा, 6 लाख से अधिक राय दर्ज – शिक्षा क्षेत्र पर सर्वाधिक 4.5 लाख से ज्यादा सुझाव, कृषि पर 3 लाख से अधिक सुझाव आए – स्वास्थ्य, समाज कल्याण और विकास पर 1-1 लाख से ज्यादा राय – आईटी और इंडस्ट्री पर 40-40 हजार सुझाव, सुरक्षा से संबंधित 30 हजार से अधिक सुझाव – सीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधानों से संवाद कर बढ़ाई जाएगी भागीदारी – जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ लखनऊ  योगी सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' अभियान की अवधि बढ़ा दी है। अब यह अभियान 30 अक्टूबर 2025 तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर प्रदेश के विकास की दिशा में अपनी राय और सुझाव दे सकें। अबतक करीब 14 लाख सुझाव हुए प्राप्त अभियान के तहत अब तक करीब 14 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 11 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 3 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सुझाव देने वालों में युवा सबसे ज्यादा सुझाव देने वालों में सबसे ज्यादा हिस्सा युवाओं का रहा है। 6 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 7 लाख सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग से और लगभग 1 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक आयु) से आए हैं। विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो- * शिक्षा क्षेत्र में सर्वाधिक 4.5 लाख से अधिक सुझाव * कृषि क्षेत्र में 3 लाख से ज्यादा सुझाव * स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण-नगरीय विकास में प्रत्येक 1 लाख से अधिक सुझाव * आईटी एवं टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में लगभग 40-40 हजार सुझाव * सुरक्षा संबंधित विषयों पर 30 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सीएम ने किया ग्राम प्रधानों से संवाद अभियान में आमजन की भागीदारी और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। ग्राम प्रधानों ने ग्रामीणों को इस अभियान से जुड़ने और अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी जनप्रतिबद्धता और सहभागी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों की राय और सुझावों के आधार पर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा।    

नई योजना: एक्सप्रेसवे पर झूलते बंदर और नीचे दौड़ते वाहन, देखिए कैसे होगा मज़ेदार संतुलन

नई दिल्ली दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर जहां ऊपर वाहन फर्राटा भरेंगे, वहीं नीचे वन्यजीव आराम से विचरण कर सकेंगे। इसके साथ अब सड़क हादसों से बचाव के लिए एक और अनोखी पहल होने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से यहां उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर तैयार किया जाएगा। यह लैडर खासतौर पर बंदरों के लिए बनाया जा रहा है, ताकि वह सड़क पार करते समय सीधे वाहनों की चपेट में न आएं और कॉरिडोर पर किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज कुमार मौर्य के अनुसार, यह मंकी लैडर पेड़ों से जुड़ा होगा। इससे बंदर आसानी से एक ओर से दूसरी ओर जा सकेंगे और उन्हें सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस तरह सड़क पर अचानक आने वाले वन्य जीवों से होने वाले हादसों की संभावना कम हो जाएगी। यह व्यवस्था वन्य जीवों और सड़क सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर की जा रही है। इस प्रयोग का उद्देश्य न केवल सड़क हादसों को रोकना है, बल्कि जैव विविधता की रक्षा करना भी है। एक्सप्रेसवे से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और यदि वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलती है, तो यह मानवीय और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगा। बंदरों का यह सुरक्षित मार्ग पूरे उत्तर भारत के लिए मिसाल बन सकता है। ये उत्तर प्रदेश का पहला मंकी लैडर होगा। जो इस एक्सप्रेसवे पर तैयार किया जाएगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बना है, जिसके ऊपर वाहन फर्राटे भर सकेंगे। वहीं वन्यजीव आराम से घूम सकेंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हिस्सा सहारनपुर की शिवालिक पहाड़ियों और राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। इस इलाके में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा है और अक्सर वे सड़क पर आ जाते हैं। इससे वाहन चालक भले ही धीमी गति से चलें, लेकिन अचानक सामने आने वाले बंदर सड़क हादसों का कारण बन जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर पर मंकी लैडर बनाने का निर्णय लिया है। मंकी लैडर का निर्माण यूपी में पहली बार किया जा रहा है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस पहल से सड़क पर होने वाले हादसे कम होंगे और वन्य जीवों की सुरक्षा बढ़ेगी। इसके अलावा यह परियोजना पर्यावरणीय शिक्षा का भी उदाहरण बनेगी, जिससे लोग जानवरों और उनके आवास के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे। सहारनपुर के इलाके में वाहन चालक कई बार बंदरों से टकराने से बचते हैं, लेकिन अचानक आने से कई बार हादसे हो चुके हैं। मंकी लैडर से बंदर ऊपर से सुरक्षित सड़क पार करेंगे और वाहन चालकों को भी सुरक्षित यात्रा का मौका मिलेगा। इससे एक्सप्रेसवे पर यातायात में व्यवधान और दुर्घटनाओं की संभावना दोनों कम होंगी।  

हरियाणा में पकड़ा पाकिस्तानी जासूस, सेना की गोपनीय जानकारी PAK Embassy को भेज रहा था

पलवल हरियाणा के पलवल जिले से एक बड़े खुलासे में पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान आलीमेव गांव निवासी 35 वर्षीय तौफीक के रूप में हुई है, जिस पर भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान उच्चायोग (Embassy) को भेजने का आरोप है। सीआईए टीम ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर तौफीक को हथीन रोड के पास से हिरासत में लिया और  उस पर देशद्रोह समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और आज उसे अदालत में पेश किया जाएगा। तीन साल पहले गया था पाकिस्तान जांच में सामने आया है कि तौफीक वर्ष 2022 में अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गया था, जहां उसकी मुलाकात दिल्ली स्थित पाकिस्तान एंबेसी के एक कर्मचारी से हुई। भारत लौटने के बाद तौफीक ने दिल्ली जाकर उस कर्मचारी से दोबारा मुलाकात की। इसके बाद वह व्हाट्सएप के जरिए भारत की संवेदनशील सूचनाएं साझा करने लगा। सैन्य जानकारी लीक करने का आरोप सूत्रों के मुताबिक, तौफीक ने बीएसएफ में तैनात एक कर्मचारी से जुड़ी जानकारी और पलवल के कुछ अन्य लोगों की सूचनाएं पाकिस्तान भेजीं। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से 12 पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनसे वह व्हाट्सएप कॉल करता था। कुछ चैट्स डिलीट करने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन तकनीकी टीम ने उन्हें रिकवर कर लिया है। जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि तौफीक आसपास के लोगों से पाकिस्तान जाने की बात करता था और वीजा दिलवाने में मदद का झांसा देता था। उसने कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने की बात भी कबूली है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी  तौफिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 और देशद्रोह की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां इससे पहले नूंह जिले से भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को भी इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी

आधुनिक और सशक्त नगर निकाय ही बनाएंगे विकसित उत्तर प्रदेश की राह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं: मुख्यमंत्री विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी महापौरों तथा नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों से विकसित यूपी@2047 के लिए मुख्यमंत्री ने मांगा सुझाव जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का आह्वान, विकसित यूपी@2047 को बनाएं लोक चर्चा-संवाद का विषय ईज़ ऑफ लिविंग और आधुनिक नागरिक सेवाएँ हों नगर निकायों की कार्ययोजना का आधार: मुख्यमंत्री स्मार्ट सेवाएँ, हरित क्षेत्र और डिजिटल पहुँच बने हर नगर का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय: मुख्यमंत्री ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री ने महापौरों, पार्षदों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सभासदों से किया संवाद नगर निकाय प्रतिनिधियों से बोले मुख्यमंत्री, शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नगर निकायों को अपनानी होगी नई कार्यशैली प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ : 127 नए निकाय, 17 स्मार्ट सिटी, मेट्रो-आरआरटीएस जैसी परियोजनाएँ विकसित यूपी@2047 की सफलता में जनसहभागिता अहम, क्यूआर कोड और पोर्टल से अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए सुझाव श्रेष्ठ सुझावों को मिलेगा सम्मान, नगर निकाय प्रतिनिधियों ने अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का किया संकल्प लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 08 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। उन्होंने नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें, ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।

श्रीरामलला दर्शन योजना के बाद छत्तीसगढ़ में नई पहल, रायपुर के आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में श्रीरामलला दर्शन योजना की तर्ज पर आम जनता को रायपुर के आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू होगी। यह टूर एक दिन का होगा और इसमें पर्यटकों से बहुत कम राशि ली जाएगी। इसमें उनके नाश्ता, भोजन, वाहन आदि की व्यवस्था रहेगी। पर्यटन बढ़ाने को सीएम जन पर्यटन योजना इसके अलावा रायपुर दर्शन टूर भी होगा। इसमें आसपास के पर्यटक स्थल ले जाया जाएगा। वहीं रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर भी कराया जाएगा। इसके लिए  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी के बीच एक एमओयू हुआ है।  दरअसल, पर्यटन मंत्री ने राजधानी में %सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस% का शुभारंभ किया। इसके तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना के लिए एमओयू हुआ। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए 300 रुपए और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 500 रुपए की राशि ली जाएगी। इस टूर की शुरुआत और समापन रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। इस टूर का पंजीयन आईआरसीटीसी या फिर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की वेबसाइट से होगा। अंतरराष्ट्रीय रोड शो भी इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के बीच भी एक एमओयू हुआ। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो तथा छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा। इससे देश और विदेश में भी छत्तीसगढ़ की उपस्थिति दर्ज हो सकेगी। यह है प्रस्तावित टूर 1- रायपुर सिटी टूर 2- रायपुर सिटी धार्मिक टूर 3- रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर 4- रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू की जाएगी। इससे पर्यटकों को सस्ती और अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए आईआरसीटीसी के साथ एमओयू किया गया है। फिक्की के साथ भी एमओयू होने से छत्तीसगढ़ की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो सकेगी।