samacharsecretary.com

देश में रैगिंग के मामले में एमपी तीसरे स्थान पर, UGC रिपोर्ट और हेल्पलाइन आंकड़ों ने बयां किया हाल

भोपाल   एतिहासिक धरोहर और संस्कृति वाला राज्य मध्य प्रदेश लगातार तीन सालों से रैगिंग के मामले में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. ना मुंबई ना दिल्ली ना बैंगलोर बल्कि भारत के इस दूसरे सबसे बड़े राज्य मध्य प्रदेश में रैंगिग के मामलों में कोई कमी दर्ज नहीं की गई है. वर्तमान में यहां औसतन हर चौथे दिन रैगिंग की एक शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज हुई है. इस मामले में मेडिकल कॉलेज जबलपुर, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं का नाम शामिल है.  रैगिंग के मामलों में इन राज्यों को पीछे किया एमपी अगर आप ये सोच रहे कि पूरे देश में रैगिंग के मामले में कौन सा राज्य नंबर वन है तो इसका जवाब है उत्तर प्रदेश. यूपी की यूनिवर्सिटी रैगिंग के मामले में नंबर वन है वहीं मध्य प्रदेश लगातार दूसरे नंबर पर टिका हुआ है. इस लिस्ट में बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के संस्थानों के भी नाम शामिल है.  रैगिंग के मामले भोपाल, रतलाम समेत प्रदेश के कई तकनीकी कॉलेजों से आ रहे हैं। कई बार विद्यार्थियों के आगे आने पर रैगिंग सामने आती है। कई बार कॉलेजों में ही दबा दिया जाता है, लेकिन यूजीसी हेल्पलाइन के आंकड़ों ने स्थिति बयां कर दी है। रैगिंग के मामलों में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय एंटीरैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के मुताबिक सितंबर तक देश से 510 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 140 शिकायतों के साथ उत्तरप्रदेश पहले नंबर पर है। 84 शिकायतों के साथ बिहार दूसरे और 82 शिकायतों के साथ मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है। मप्र में 13 शिकायतें अकेले सितंबर में ही आईं हैं। एमपी के किन संस्थानों ने रैगिंग के ज्यादा मामले 1 जनवरी 2025 से अब तक पूरे देश से रैगिंग के 789 शिकायत दर्ज हुई है. इसमें यूपी से 124 मध्य प्रदेश में 81, बिहार में 79, पश्चिम बंगाल में 66 और महाराष्ट्र में 49. वहीं मध्य प्रदेश के इन टॉप 5 संस्थाओं से रैगिंग केस ज्यादा सामने आए हैं. इनमें मेडिकल कॉलेज जबलपुर में 23, आरजीपीवी भोपाल में 14, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल4, खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज 3 और NLIU से 2 केस शामिल है.  एमपी के संस्थानों में रैगिंग पर लगाम कब कॉलेज रैगिंग के अंतर्गत जारी हुए आंकड़े साफ तौर पर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की लापरवाही को उजागर करते हैं. यूनिवर्सिटी प्रबंधक की ओर से हर बार इस दिशा में कार्य करने की बात कही जाती है लेकिन साल दर साल बढ़ते आंकड़े प्रबंधकों के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. एक दशक पहले के सर्वे को गौर से देखा जाए तो 10 साल पहले भी एमपी रैगिंग के मामले में टॉप 5 राज्यों में शमिल था. अब सवाल ये है कि आखिर कब तक कॉलेज स्टूडेंट रैगिंग का शिकार होते रहेंगे..आखिर कब तक वे ये प्रताड़ना झेलते रहेंगे और कब तक कॉलेज प्रबंधक अपने दावों पर अमल करेंगे.  सितंबर में मप्र में दर्ज प्रमुख घटनाएं – 1 सितंबर: खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल में जूनियर से दूसरी बार मारपीट। – 3 सितंबर: एम्स भोपाल में जूनियर छात्र से दुर्व्यवहार। – 3 सितंबर: जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में झगड़ा। – 4 सितंबर: जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग में विवाद। – 5 सितंबर: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में सीनियर छात्राओं ने किया दुर्व्यवहार। – 8 सितंबर: जीवाजी विवि ग्वालियर में जूनियर से रैगिंग। – 8 सितंबर: पीपुल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी भोपाल में जूनियर से दुर्व्यवहार किय गया। – 9 सितंबर: एनएलआइयू भोपाल में जूनियर को मेंडोरा ले जाकर पीटा। – 9 सितंबर: श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जबलपुर में जूनियर से विवाद। – 10 सितंबर: आरजीपीवी भोपाल, छात्रों से दुर्व्यवहार। – 11 सितंबर: केंद्रीय विवि सागर में छात्रों से मारपीट। – 15-16 सितंबर: आरजीपीवी में दो बार नकाबपोश सीनियरों ने जूनियर से मारपीट की। कागजों में ही सख्ती राज्य सरकार और विवि प्रशासन ने एंटी-रैगिंग कमेटी व हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं बना रखी हैं। इसके बाद भी शिकायतों से साफ है कि जमीन पर सब ठीक नहीं। विशेषज्ञों का कहना है, कॉलेजों में कागज पर सब पुता है, लेकिन हकीकत में जूनियर-सीनियर की निगरानी की व्यवस्था लचर है।

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन

तीसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी  ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन  कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने समापन समारोह को किया सम्बोधित – सीएम योगी-पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कारीगरों को मिला वैश्विक मंच : राकेश सचान  – रूस पार्टनर कंट्री, 30 से ज्यादा रुसी प्रतिनिधियों ने दिखाई निवेश में रुचि – 2,200 से अधिक स्टॉल, 80 देशों के 500 खरीदारों ने की खरीदारी – 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार, छात्रों ने देखा नया कारोबार – ओडीओपी और एमएसएमई से कारीगरों को ऑर्डर और  मिली पहचान – खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन ने खादी को दी नई उड़ान – 24 हजार से अधिक मीटिंग्स और 2400 एमओयू से 11,200 करोड़ का कारोबार – दीपावली से पहले सभी जिलों में लगेगा यूपीआईटीएस का मेला – उद्यमियों को बड़ा बाजार देने के लिए घर-घर पहुंचेगा लोकल प्रोडक्ट – मंत्री नंदी बोले- यह आयोजन चौथे संस्करण की शुरुआत का संकेत ग्रेटर नोएडा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उद्बोधन दिया और इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा और उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि  पिछले संस्करण में 70 हजार विजिटर्स, 1.25 हजार बी2बी और 4 लाख से अधिक बी2सी सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार रूस पार्टनर कंट्री रहा और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि पहुंचे। 2,200 से अधिक स्टॉल लगे और 80 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खरीदारों ने खरीदारी की। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार राकेश सचान ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी अभियान से 90 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने करार किए और छात्रों ने नए बिजनेस अवसरों के बारे में जानकारी ली। ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से कारीगरों को मंच और ऑर्डर मिले, वहीं श्रम सम्मान योजना ने भी उन्हें मजबूती दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर सम्मान दिया। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनमी बनने की और अग्रसर यूपी खादी को प्रोत्साहित करने के लिए खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों को आकर्षित किया। प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ तक पहुंचा है और यह यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की ओर ले जा रहा है। 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में लगेंगे यूपीआईटीएस मेले सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दीपावली से पहले 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में यूपीआईटीएस के तहत स्थानीय उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे, ताकि हर उद्यमी को बड़ा बाजार मिल सके और लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित हों। चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन तृतीय संस्करण का समापन ही नहीं, बल्कि चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत है। उन्होंने इसे कारीगरी, हुनर और शिल्प का आधुनिक मेला बताया, जिसमें एक छत के नीचे 2500 एग्जिबिटर्स ने स्टॉल लगाए। नंदी ने कहा कि पिछले चार दिनों में 24,400 से अधिक मीटिंग्स हुईं और 2400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 11,200 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक व्यापार हुआ है। पांचवें दिन यह आंकड़ा और ऊंचाई पर पहुंचेगा।

जगदलपुर : कलेक्टोरेट में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जगदलपुर स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और स्वस्थ मां दिवस के अवसर पर बुधवार को जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान की थीम स्वस्थ नारी सशक्त परिवार रखी गई है, जो इस बात पर जोर देती है कि यदि महिलाएँ स्वस्थ होंगी, तभी परिवार और समाज सशक्त हो सकेगा।        शिविर में आई महिलाओं ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई और अनुभवी चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी लिया। इस दौरान महिलाओं में विशेष रूप से रक्तचाप, शुगर और हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई, ताकि उनमें पोषण और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता चल सके। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना सहित अन्य महिला कर्मचारियों ने भी स्वास्थ्य जांच करवाया। यह आयोजन भारत सरकार के सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक कर रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी आज ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल हैः पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों और समस्त उद्यमियों से किया स्वदेशी को अपनाने का आह्वान   कहा – विकसित भारत 2047 के लिए स्वदेशी और समावेशी विकास का लें संकल्प उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जीएसटी दरों में बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा रिफॉर्म, दशकों तक लोग इसे याद करेंगे  2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुआ नया सवेरा, समावेशी विकास की हुई शुरुआत  ओडीओपी आज देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंची, 1200 से अधिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान हर राज्य में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल, प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद होंगे प्रदर्शित ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का आईना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लें। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्णायक एवं संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। आज यूपी ऐसे रनवे पर है, जो अनस्टॉपेबल है। उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।  इस अवसर पर पीयूष गोयल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम यूपीईपीसी, टीम ओडीओपी, टीम सीएम युवा मिशन, टीम आईईएमएल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  स्टेकहोल्डर्स का परफेक्ट समागम पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीआईटीएस 2025 इस मायने में अनोखा है क्योंकि, इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग, सरकार और उसके दोनों अंग मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं तो मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सब मिलते हैं तो यह परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। जीएसटी बचत उत्सव – नवरात्रि का तोहफ़ा अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा सुधार है, जिसका असर आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा।   भारत की वैश्विक पहचान मजबूत पीयूष गोयल ने 2014 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी से दिए जाते हैं। इससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं।  कानून-व्यवस्था से उद्योग को बल गोयल ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब दहशत और अपराध का माहौल था। व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के आधे प्रोजेक्ट अधूरे थे, फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदल गए। कानून-व्यवस्था सख्त हुई और निवेशकों का विश्वास लौटा। उन्होंने कहा कि जब 2017 में प्रदेश की जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई तब उत्तर प्रदेश में नया सवेरा शुरू हुआ और समावेशी विकास की शुरुआत हुई।  एक्सपोर्ट प्रमोशन में यूपी कर रहा नेतृत्व उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना आज पूरे देश में 750 से अधिक डिस्ट्रिक्ट्स में पहुंची है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। आज जहां भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मत्री या राजदूत कहीं जाते हैं, वे इन्हीं ओडीओपी को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं। इससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है।  यूनिटी मॉल से स्वदेशी को नई पहचान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित यूनिटी मॉल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जिलों (लखनऊ, आगरा और वाराणसी) में यूनिटी मॉल बनेंगे। इनमें प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद प्रदर्शित होंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए अवसर का मंच बनेगा।  स्वदेशी का आह्वान गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी की परिभाषा को दोहराते हुए कहा कि मोदी जी ने आह्वान किया है कि अब जो भी सामान हम खरीदते हैं उसमें यथासंभव स्वदेशी वस्तु खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है जो सामान भारत के लोगों के खून पसीने से बना हो, जो भारत मिट्टी में बना हो वो स्वदेशी भारत है। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। मोदी जी के इस आह्वान को हम सबको अपनाना चाहिए।  तेजी से बढ़ता औद्योगिक ढांचा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 400-500 … Read more

दशहरे के दिन मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना, तवा डैम के 5 गेट खुले, धार-बड़वानी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में जहां एक ओर मानसून विदाई की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने से अगले 24 घंटों में प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।1 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर रावण दहन समितियां तैयारियों में जुट गई हैं ताकि बारिश के चलते पुतलों को नुकसान न पहुंचे।मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। कई जिलों में हुई बारिश रविवार को नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। बैतूल, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर और सिवनी जैसे जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम में भी जलस्तर बढ़ने के चलते इसके पांच गेट खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लोकल सिस्टम की वजह से कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश हो सकती है। ऐसे में दशहरा उत्सव समिति रावण के पुतलों को बचाने के लिए उपाय कर रही हैं। इससे पहले रविवार को धार के मनावर और बड़वानी के सेंधवा में पानी गिरा। सेंधवा में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां एक कच्चा मकान भी गिर गया। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के पांच गेट खोले गए। नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर, सिवनी में भी पानी गिरा। 12 जिलों से विदा हो चुका है मानसून प्रदेश के 12 जिलों  ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और शाजापुर से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों में भी मानसून लौटने लगा है। हालांकि नया सिस्टम बनने से इसकी पूरी विदाई की प्रक्रिया थोड़ी देर से पूरी हो सकती है। गुना सबसे अधिक भीगा, ये जिले रहे सूखे 16 जून को प्रदेश में दस्तक देने वाले मानसून ने अब तक औसतन 45 इंच बारिश दी है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.2 इंच है। यानी अब तक प्रदेश में 122% बारिश हो चुकी है।अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में दर्ज की गई है यहां कुल 65.5 इंच पानी गिरा है। वहीं मंडला और रायसेन में 62 इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। इसके विपरीत, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं।  इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा बारिश वाले 49 में से भोपाल संभाग के 5, इंदौर के 8, जबलपुर के 8, ग्वालियर के 5, सागर के 6, उज्जैन के 4, चंबल के सभी 3, शहडोल के 3, रीवा के 5 और नर्मदापुरम संभाग के 3 जिले शामिल हैं। एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 4 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है, जो साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानी ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले तीन साल से इससे अधिक बारिश हो रही है। ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी। जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का … Read more

61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए लखनऊ में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, संपन्न हुआ भूमिपूजन 61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र  योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी व संदीप सिंह भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल – पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, राष्ट्रपति मुर्मू के भी शामिल होने की संभावना – लखनऊ में 35 हज़ार स्काउट्स-गाइड्स जुटेंगे, बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश युवाओं के लिए वैश्विक मंच बन रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में पहली बार भारत स्काउट्स और गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले एवं 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य आयोजन आगामी 23 से 29 नवम्बर तक होने जा रहा है। वृंदावन योजना स्थित डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विश्वस्तरीय शिविर का भूमि पूजन सोमवार को मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ हुआ।  भूमिपूजन समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश के लिए “गौरव का अवसर” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा जम्बूरी डॉ. महेंद्र सिंह ने जम्बूरी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 से 29 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह आयोजन भारत के 30,000 और विभिन्न देशों के 2,000 स्काउट्स-गाइड्स, साथ ही 3,000 अधिकारियों-स्टाफ को आकर्षित करेगा। यहां कुल 35,000 प्रतिभागी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे युवाओं का वैश्विक उत्सव करार देते हुए कहा कि जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि भाईचारे, संस्कृति और नेतृत्व का मंच है। यह आयोजन 1953 में हैदराबाद में पहली राष्ट्रीय जम्बूरी के बाद 18 सफल आयोजनों के बाद उत्तर प्रदेश को 61 वर्षों बाद मिला है, पिछली बार 1964 में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जम्बूरी, होंगे विभिन्न कार्यक्रम जम्बूरी के लिए डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक सप्ताह के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ तैयार की जाएगी, जिसमें 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय-स्नानागार, 25,000 क्षमता का एरिना, 64 रसोईघर, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 100 प्रदर्शनी स्टॉल, जम्बूरी मार्केट, ग्लोबल विलेज, एडवेंचर जोन, वाई-फाई जोन और दो दिवसीय ड्रोन शो शामिल होंगे। एयर फोर्स के एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, HAM रेडियो स्टेशन और आईटी हब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और पर्यावरणीय संतुलन के लिए विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। ‘टेंट सिटी’ ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी सिद्धांतों पर आधारित होगी। पीएम मोदी की प्राथमिकताओं पर आधारित थीम जम्बूरी की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं—आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत, और विकसित युवा-विकसित भारत पर केंद्रित है। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का विकास करेगा, साथ ही राष्ट्रीय एकता, वैश्विक भाईचारा, संस्कृति का आदान-प्रदान और सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित करेगा।

जालंधर वालों के लिए अलर्ट! आज से बदल गया ट्रैफिक सिस्टम

जालंधर  शहर में अब वाहन चालकों का ट्रैफिक नियम तोड़ना आसान नहीं होगा। दरअसल जालंधर पुलिस ने शहर में आधुनिक व्यवस्था लागू करते हुए सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन चालान प्रणाली शुरू करने का फैसला लिया है, जोकि कल से शुरू हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत अगर कोई वाहन चालक सफेद पट्टी (जैब्रा क्रॉसिंग) पार करता है, रॉन्ग साइड से निकलता है या अन्य नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका चालान सीधे घर पहुंच जाएगा। सोमवार से लागू होगी सख्ती पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 29 सितंबर, सोमवार से शुरू हो जाएगी। इसके लिए शहर के प्रमुख चौकों पर विशेष नाके लगाए जाएंगे। इनमें पी.ए.पी. चौक, बी.एस.एफ. चौक, बी.एम.सी. चौक, गुरु नानक मिशन चौक और नकोदर चौक शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर ट्रैफिक नियम पालन सुनिश्चित करने के लिए जैब्रा लाइन भी स्पष्ट रूप से खींची जा चुकी हैं।   1000 से ज्यादा कैमरों की नजर शहर में पहले से ही 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जा चुके हैं। ये कैमरे चौक-चौराहों, मुख्य बाजारों और व्यस्त सड़कों पर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी वाहन चालक द्वारा की गई छोटी से छोटी गलती भी कैमरे में कैद हो सके। चालान पहुंचेगा घर ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक चालान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन का नंबर प्लेट तुरंत कैमरे में दर्ज हो जाएगा और उसकी जानकारी ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ जाएगी। इसके बाद वाहन मालिक के पते पर चालान भेज दिया जाएगा। पुलिस की अपील पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस के साथ सहयोग करें। उनका कहना है कि इस कदम का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को और सुचारू बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है। पुलिस ने साफ किया है कि जो लोग चालान का भुगतान समय पर नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।  

सिवनी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू, काम में होगा तीन-चार माह का इंतजार

सिवनी  सिवनी शहर के भीतर सड़क चौड़ीकरण का कार्य तीन से चार माह बाद ही शुरु हो पाएगा। हालांकि शासन की तरफ से रिवाइज बजट स्वीकृत कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरु होगी। जिसके बाद शहर के भीतर मुख्य मार्ग की सुरत बदलेगी। वहीं यातायात सिग्नल भी सुधरेगी। सड़कों का होगा चौड़ीकरण, लगेंगे 3 महीने बता दें कि, नगर पालिका चौक से लेकर छिंदवाड़ा चौक तक सड़क की चौड़ाई कम होने एवं लगातार अतिक्रमण बढ़ने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं चौक चौराहे पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल भी वर्षों से बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में मनमर्जी से लोग वाहन को चौराहे से लेकर निकल जाते हैं। इससे कई बार जाम की स्थिति निर्मित होती है। वहीं बेतरतीब वाहन चलाने से लोग घायल भी हो रहे हैं और कई बार तो लड़ाई-झगड़े तक की नौबत आ रही है। शाम के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। लाखों रुपए की लागत से चौराहों पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल वर्षों से धूल खा रहे हैं। नगर पालिका चौराहे जैसे व्यस्ततम इलाके का ट्रैफिक सिग्नल भी बंद है। इसके अलावा छिंदवाड़ा चौक, कचहरी चौक सहित अन्य जगह ट्रैफिक सिग्नल की यही स्थिति है। वर्ष 2020 के अक्टूबर माह में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सात दिनों के भीतर नगर के ट्रैफिक सिग्नलों को शुरु करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ। पांच चौराहे पर लगा था यातायात सिग्नल नगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वर्ष 2013-14 में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से कचहरी चौक, नगर पालिका चौक, छिंदवाड़ा चौक, सर्किट हाउस चौक, बाहुबली चौक में ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। हालांकि कुछ ही दिनों में सिग्नल बंद हो गए। इसके बाद जिम्मेदारों ने सुधारने को लेकर जहमत नहीं उठाई। बड़ी बात यह है कि क जगह लगे ट्रैफिक सिग्नल के पो भी गायब हो गए हैं। पुलिस कंट्रो रूम, सर्किट हाउस एवं बाहुबल चौक के तरफ लगे सिग्नल के पो गायब हैं। लगेगा तीन माह से अधिक समय एमपीआरडीसी द्वारा शहर के भीतरी हिस्से में नगझर से सीलादेही तक फोरलेन का काम कराया जा रहा है। विभाग ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर दोबारा प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे मंजूर कर लिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। सड़क चौड़ीकरण के बाद ही सिग्नल का भी सुधार कार्य होगा या फिर नए सिग्नल लगेंगे। दरअसल वर्ष 2022 में नगर पालिका परिषद ने बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल को सुधारने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। 22 लाख 56 हजार रुपए से सिग्नलों को सुधारने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। इस बीच एमपीआरडीसी ने नगर पालिका को पत्र लिखकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद ही सिग्नल का सुधार कार्य करने का आग्रह किया था। तब से मामला ठंडे बस्ते में है।

सफर हुआ हरा-भरा: हरियाणा में शुरू हुई इलेक्ट्रिक बस सेवा, कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन

यमुनानगर  हरियाणा के यमुनानगर से रादौर तक इलेक्ट्रिक बस की शुरूआत हुई। हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रादौर से यमुनानगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर कर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें चलाए जाने से पर्यावरण शुद्ध होगा। सी उद्देश्य के तहत 2047 के विकसित भारत की ओर एक कदम के रूप में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है।  कृषि मंत्री ने बताया कि सामान्य बसों में गर्मी रहती है और वातावरण अस्वच्छ हो जाता है, जबकि इस इलेक्ट्रिक बस में आरामदायक और स्वच्छ वातावरण मिलता है। यह विकसित भारत की तस्वीर है, और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह भी बताया कि हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की खरीद लगातार जारी है। इस बार धान की खरीद एक सप्ताह पहले शुरू की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के किसान जागरूक हैं और पराली जलाने की घटनाएं सामने नहीं आएंगी।

दशहरा की धूम नटेरन में, रावण पूजा और राम-रावण सेना के बीच पत्थर युद्ध का महा नाटक

विदिशा विजयादशमी पर्व (Dussehra) में अब केवल तीन दिन शेष है। शहर से लेकर गांव तक बड़े आयोजनों को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। देश भर में जहां दशहरा पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाता है। वहीं जिले के नटेरन तहसील पूजा की जाती है। दूसरी ओर वर्षों में स्थित रावण गांव में रावण बाबा की पुरानी परंपरा के अनुसार आनंदपुर क्षेत्र के कालादेव गांव में राम-रावण सेना के बीच पत्थर युद्ध होगा। विदिशा शहर में जैन कॉलेज मैदान में बड़े मेले का आयोजन होगा। मेले में 35 फीट के रावण के पुतला का दहन किया जाएगा। राम-रावण दृश्य का मंचन भी किया जाएगा। यहां रावण की होती है पूजा नटेरन के रावण गांव में लंकापति रावण की पूजा की परंपरा है। मान्यता है कि गांव के पास स्थित बूधों की पहाड़ी में प्राचीन काल में एक दानव रहा करता था। स्थानीय निवासी उससे परेशान थे। रावण ने इस दानव का वध कर ग्रामीणों की रक्षा की थी। इसके बाद से गांव के लोग रावण को रावण बाबा के नाम से बुलाते है। दशहरा पर जहां पूरे देश में रावण का पुतला दहन किया जाता है। वहीं इस गांव में रावण बाबा की पूजा की जाती है। गांव में करीब 40 वर्ष पहले मंदिर का निर्माण कराया गया, जहां आराम की मुद्रा में लेटे हुए रावण की 8 फीट की लंबी प्रतिमा है। दशहरा पर्व पर मंदिर में भंडारा का आयोजन भी होता है। मंदिर के पुजारी सुमित तिवारी ने बताया कि आयोजन को लेकर मंदिर में तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रामीण संतोष धाकड़ बताते है कि रावण बाबा के प्रति पूरा गांव श्रद्धाभाव रखता है। सभी शुभ कार्यों में उन्हें पहला निमंत्रण दिया जाता है। बच्चों के जन्म पर सबसे पहले रावण बाबा के ही दर्शन कराए जाते हैं। गांव के युवा भी हाथों पर जय लंकेश का टैटू बनवाते हैं। गांव के घरो व वाहनों में भी जय लंकेश लिखा देखने को मिलता है।  राम व रावण सेना में पत्थर मार युद्ध आनंदपुर क्षेत्र के पास ग्राम कालादेव में भी रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता है। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार इस बार भी कालादेव गांव में राम व रावण सेना के बीच पत्थर मार युद्ध (Patthar Maar Yudh) का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणों की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। मान्यता के अनुरूप पत्थर मार युद्ध में गोफन से पत्थर राम सेना पर फेंके जाते हैं। गांव के सरपंच प्रतिनिधि रामेश्वर शर्मा ने बताया कि नवदुर्गा के प्रारंभ से ही कालादेव में रामलीला का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाता है। दशहरे पर रामलीला के अंतिम दिन राम-रावण सेना के बीच युद्ध होता है। दशहरे के दिन हजारों दर्शकों के सामने यह पत्थर युद्ध होता है। इसमें दशहरे मैदान के बीच में राम दल का ध्वज गाड़ा जाता है। उससे करीब 200 मीटर दूरी पर रावण सेना में भील व बंजारा समूह के लोग शामिल होकर गोफान से पत्थर मारने के लिए तैयार खड़े रहते हैं। राम सेना के रूप में कालादेव के स्थानीय निवासी होते हैं, जो ध्वज से लगभग 200 मीटर दूर खड़े रहते हैं। वे राम की जय-जयकार करते हुए जब ध्वज की परिक्रमा करते हैं। तभी रावण सेना के लोग गोफान से पत्थर मारते हैं। राम सेना ध्वज का तीन चक्कर लगाती है। दूसरी ओर रावण सेना उन पर पत्थर बरसाती रहती है। ध्वज के तीन चक्कर पूरे होने के बाद रावण वध होता है। इसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया जाता है।