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अंबाला-राजस्थान के लिए नई रेल लाइन की सौगात, जाने Time Table, यात्रियों को बड़ी सुविधा

अंबाला अंबाला रेल मंडल की तरफ से चंडीगढ़ से राजस्थान के लिए नई ट्रेन चलाई गई है। पिंक सिटी जयपुर के उदयपुर से चंडीगढ़ के लिए चलाई गई विशेष ट्रेन नंबर 09671 का ट्रायल रन सफल रहा। ट्रेन लगभग 1:05 मिनट की देरी से अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। यहां पर अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा सहित अन्य विभागीय अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया और लगभग सात मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर चंडीगढ़ की तरफ रवाना किया।  वहीं, वापसी में ट्रेन नंबर 09672 सुबह 11:20 बजे चंडीगढ़ स्टेशन से रवाना हुई और ठीक 12 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन को उदयपुर के लिए रवाना कर दिया गया।  अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार झा ने बताया कि 25 सितंबर को ट्रायल रन के दौरान उदयपुर से ही ट्रेन लगभग एक घंटे की देरी से चली थी और बीच रास्ते ट्रेन का कई जगह स्वागत किया गया। इस कारण ट्रेन लगभग एक घंटा लेट हो गई थी, हालांकि वापसी में ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चंडीगढ़ से रवाना होकर अंबाला पहुंची और फिर उदयपुर की तरफ रवाना हो गई। ट्रेन का नए नंबर से संचालन 27 व 28 सितंबर से आरंभ हो जाएगा। 

हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, जनता के सामने कही बड़ी बात

पंजाब  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में आई भारी बारिश और बाढ़ के दौरान कांग्रेस का असली चेहरा सामने आया। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 60 लोगों की मौत हुई। चीमा ने कहा कि कांग्रेस केवल फोटोशूट के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में गई और हमेशा की तरह लोगों की मौत पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘रंगला पंजाब’ फंड बनाया, जिसमें देश-विदेश में रहने वाले लोगों ने योगदान दिया। हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोगों से अपील की कि पंजाब को बाढ़ राहत के लिए फंड न दिया जाए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री मान का सपना है पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाना, जबकि कांग्रेस चाहती है ‘कंगला पंजाब’। आम आदमी पार्टी की सरकार केवल तीन साल में पंजाब की तरक्की के लिए काम कर रही है।” 

रायपुर में पीएम सूर्यघर योजना से सोलर पैनलों की बड़ी राहत, मुफ्त बिजली का लाभ

रायपुर के घरों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनलों से मुफ्त बिजली सुविधा पर्यावरण संरक्षण और बचत का साधन बनी पीएम सूर्यघर योजना रायपुर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: सोलर पैनलों से मिल रही बड़ी राहतपीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ में बिजली उपभक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत मिल रही है। सौलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल या तो शून्य या बहुत कम हो जाता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिल रहा है और स्वच्छ ऊर्जा से लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योजना के लाभार्थियों ने बताया कि सोलर पैनल लगाने से उन्हें आर्थिक बचत हुई है और कुछ परिवारों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।       बिलासपुर शहर के राधिका विहार फेस 2 निवासी  क्रांति कुमार शर्मा ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया था। पैनल लगने के पहले बिजली बिल लगभग 6 हजार रूपए प्रतिमाह आता था। सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल अब शून्य हो गया है। एक भी रूपए खर्च नहीं करने पड़ रहे है। सोलर पैनल स्थापित करवाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार से उन्हें सब्सिडी भी मिली है। उन्होंने सभी निवेदन किया कि वे इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। शहर के एक अन्य निवासी  गुरमुख दास मूलचंदानी ने बताया कि उन्होंने अपने पिताजी के नाम पर योजना के तहत अपनी छत पर सोलर पैनल स्थापित करवाया है। पहले लगभग 5 हजार रूपए प्रतिमाह बिजली बिल आता था। पैनल लगने के बाद अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। योजना से मिल रहे लाभ से वे बहुत ही खुश है। केंद्र एवं राज्य सरकार से भी सब्सिडी मिली है। वैभव कुमार अग्रवाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगाने से उन्हें बिजली बिल में बहुत राहत मिली है। यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देती है।      पीएम सूर्यघर योजना में एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। साथ ही अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। यह योजना  पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बड़ा कदम है। योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है।योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

स्पेशल टीम ने तोड़ा गैंगस्टर का राज: रूबल सरकार अब कानून के शिकंजे में

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाशिम बाबा गैंग से जुड़े रूबल सरदार को गिरफ्तार किया। उसे पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस को हाशिम गैंग के गैंगस्टर रूबल सरदार की तलाश थी। इस बीच दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली कि वह अमृतसर एयरपोर्ट से कहीं जाने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम अमृतसर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आरोपी रूबल सरदार को गिरफ्तार किया गया। पहले ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी किया गया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाशिम बाबा गैंग के सक्रिय सदस्य और शूटर असद अमीन (23) को गिरफ्तार किया था। जाफराबाद निवासी आरोपी पर गोकलपुरी थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश का केस दर्ज है और लंबे समय से उसकी तलाश थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए थे। एसआई नवीन कुमार को 26 अगस्त को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर गौरव चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्टल और कारतूस मिले। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी असद अमीन ने खुद को हाशिम बाबा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया। उसने गोकलपुरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपी 10वीं की पढ़ाई के बाद जूते-चप्पल बनाने का काम करता था, लेकिन ऐशोआराम की जिंदगी जीने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। अपने करीबी साथी अनस के जरिए वह हाशिम बाबा गैंग से जुड़ गया। आरोपी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।  

सैनी सरकार 24 घंटे सक्रिय: 287 गांव हॉटस्पॉट पर कड़ी निगरानी, ये काम किया तो लगेगा जुर्माना!

हरियाणा  हरियाणा की सैनी सरकार प्रदूषण को लेकर अलर्ट हो गई है। जिसके चलते प्रदेश के 287 उन गांवों को चिन्हित किया है, जहां पराली जलाने की सबसे ज्यादा संभावना है। जानकारी के मुताबिक, इन गांवों में 24 घंटे निगरानी रखी अधिकारी को लगाया गया है। वे पराली प्रबंधन के उपायों की निगरानी के साथ किसानों को जागरूक भी करेंगे।एक हिंदी खबर की मानें, तो सबसे अधिक गाँव करनाल में हैं। इस जिले में 65 गांव हैं। कैथल में 58, जींद में 47, कुरुक्षेत्र में 41, सिरसा में 33, फतेहाबाद में 22 और 21-21 गांव अंबाला, यमुनानगर, पानीपत और सोनीपत में हैं। 14 गांव रेड जोन में है, जबकि बाकी येलो जोन में हैं। हरियाणा में इस बार करीब 85.5 लाख मीट्रिक टन पराली का प्रबंधन किया जाना है। रेड जोन में किसानों को जागरूक करने के लिए किसान मित्र भी नियुक्त किए गए हैं। रेड जोन में दो किसान मित्र और यलो जोन में एक किसान मित्र की नियुक्ति की गई है।

गुरुग्राम से पधारें सिर्फ डेढ़ घंटे में सालासर और खाटू श्याम, यात्रियों के लिए राहत की खबर

गुरुग्राम  हरियाणा की साइबर सिटी से एक अच्छी खबर सामने आ रही है। जल्द ही यहां हेलिपोर्ट बनाया जाएगा। जिसके बाद सालासर और खाटू श्याम के लिए हेलिटैक्सी शुरू होगी।  दरअसल, हरियाणा की सैनी सरकार ने हेलिकॉप्टर टैक्सी सेवा शुरू करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। खबरों की मानें, तो गुरुग्राम में बनने वाले हेलिपोर्ट के लिए 23 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। यह जमीन हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की है। प्रदेश सरकार ने इस जमीन को नागरिक उड्डयन विभाग को ट्रांसफर करने की कवायद शुरू कर दी है।    जानकारी के मुताबिक, इस हेलिपोर्ट से फिलहाल दो रूट पर सहमति बनी है। पहला, गुरुग्राम से खाटू श्याम व दूसरा सालासर धाम है। इस संबंध में हरियाणा सरकार की राजस्थान सरकार से भी बातचीत हो चुकी है। हरियाणा सरकार के सिविल विमानन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी कुमार ने बताया कि एचएसआईआईडीसी से जमीन लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द यह जमीन मिल जाएगी। वहीं गुरुग्राम से अन्य रूट भी प्रस्तावित हैं जिनमें चंडीगढ़ और हिसार शामिल है। राजस्थान के तीर्थ स्थान के लिए इस सेवा के शुरू होने से क्षेत्रीय पर्यटन और तीर्थ यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।  गुरुग्राम से डेढ़ घंटे में पहुंच सकेंगे सालासर और खाटूश्याम बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर टैक्सी सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं को समय की काफी बचत होगी। मौजूदा समय में गुरुग्राम से सड़क के रास्ते सालासर बालाजी और खाटूश्याम जाने में एक तरफ का करीब छह से सात घंटे का समय लगता है। अगर बीच में जाम की लग जाता है तो एक दो घंटे और ज्यादा लग सकते हैं। वहीं, हेलिकॉप्टर टैक्सी सेवा के माध्यम से सिर्फ सवा से डेढ़ घंटे का समय लगेगा। इसके साथ ही वापसी भी हेलिकॉप्टर टैक्सी से होगी। इस सेवा न सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं बल्कि NCR के कई जिलों को फायदा पहुंचेगा।

झारखंड में नक्सली हिंसा प्रभावित परिवारों को राहत, मुआवज़ा योजना में ये जिले शामिल

रांची झारखंड सरकार ने नक्सल हिंसा में मारे गए 5 परिवारों को मुआवजा देने का फैसला लिया है। इन परिवारों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। नक्सल हिंसा में मारे गए 5 परिवारों को अलग-अलग जिलों से चुना गया है, जिनमें चाईबासा, खूंटी, रांची और गुमला जिले शामिल हैं। आदेश में विस्तार से बताया गया है कि चाईबासा में सीता मुंडा की मृत्यु 27 मई 2018 को गुदड़ी क्षेत्र में हुई थी। उनके पुत्र रतन मुंडा को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, दूसरे परिवार, विक्रम होनहाना की पत्नी को भी 16 जून 2023 को गोइलकेरा में हुई नक्सल हिंसा के बाद मुआवजा मिलेगा। खूंटी जिले के एतवा कुंडलना की मौत 7 जुलाई 2019 को रनिया क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हुई थी। उनके परिजनों को भी एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। रांची जिले के राजेश मांझी 6 अगस्त 2017 को तमाड़ क्षेत्र में नक्सल हिंसा में मारे गए थे। उनके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। गुमला जिले के सुमित केसरी की मृत्यु 14 जनवरी 2023 को पालकोट में हुई नक्सल हिंसा में हुई। उनके पत्नी को भी एक लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।  

बड़ी राहत उद्योगपतियों के लिए: राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन, 5 दिन में मिलेंगी मंजूरी

चंडीगढ़ पंजाब  मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक। कैबिनेट की बैठक में राइट टु बिजनेस एक्ट (Right To Business Act) में संशोधनों को मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद अब पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक उद्योग इस अधिनियम के दायरे में आएंगे और उन्हें निर्धारित समय सीमा में मंजूरी प्राप्त होगी। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि कैबिनेट ने उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया है। लाभ मिलने की सीमा की 125 करोड़ बुधवार को हुई बैठक के बाद मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले उन इकाइयों को राइट टु बिजनेस एक्ट के तहत लाभ मिलता था जिनका निवेश 25 करोड़ रुपये था, लेकिन अब इसे 125 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे अधिक संख्या में इकाइयां बिना देरी के अपनी औद्योगिक गतिविधियां चालू कर पाएंगी।   जल्द मिल जाएगा अप्रूवल कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि राइट टु बिजनेस एक्ट में पहले इंडस्ट्रियल पार्क को जल्द अप्रूवल मिल जाता था, लेकिन अब बाकी रियल स्टेट प्रोजेक्ट को भी 5 दिन में अप्रूवल मिल जाएगा। वहीं औद्योगिक पार्कों और रियल एस्टेट परियोजनाओं के अलावा अन्य स्वीकृतियां भी 15 दिनों में दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए 18 दिनों के भीतर मंजूरी दी जाएगी। ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा फायदा इस कानून का लाभ ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को मिलेगा। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि संशोधित अधिनियम में 5 नई मंजूरियां शामिल की गई है, जिसमें श्रम विभाग से अनुमति, प्रदूषण विभाग से स्थापना की सहमति, संचालन की सहमति, श्रम विभाग से अनुमति और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र शामिल हैं। 

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर में शूर्पणखा दहन पर रोक, याचिका सोनम की मां ने दायर की थी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले विजयादशमी पर शूर्पणखा के पुतला दहन पर एमपी हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. बता दें कि 2 अक्टूबर को होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगा दी है. बता दें कि सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने एक शूर्पणखा के खिलाफ एक याचिका दायर की थी. इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. इस आदेश की कॉपी शनिवार को सामने आई है.  शिलांग हनीमून हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य 11 महिलाओं का दशहरे के दिन पुतला जलाने की तैयारी की जा रही थी. सोनम रघुवंशी की मां द्वारा इसके खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अब हाईकोर्ट ने इस पुतला दहन पर रोक लगा दी है. इंदौर की 'पौरुष संस्था' द्वारा जबसे इस पुतला दहन की घोषणा की गई थी तभी से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया था. लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं. कुछ लोग जहां इसके समर्थन में थे, वहीं तमाम लोगों का इसको लेकर विरोध था. सोनम सहित 11 महिलाओं का जलाया जाना था पुतला बीते दिन पौरुष नामक संस्था द्वारा ऐलान किया गया था कि इस दशहरा पर इंदौर महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में उन महिलाओं या युवतियों की पुतला दहन किया जाएगा, जिनके ऊपर हाल में अपने पति या प्रेमी की नृशंस तरीके से हत्या का आरोप लगा है. इसमें राजा रघुवंशी की शिलांग में हत्या के आरोप में जेल में बंद सोनम रघुवंशी भी शामिल थीं. साथ ही मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी सहित कुल 11 महिलाएं शामिल थीं. इस पुतला दहन को 'शूर्पणखा दहन' का नाम दिया गया था. इसमें सोनम को शूर्पणखा दिखाया जाना था. इंदौर हाईकोर्ट ने पुतला दहन कार्यक्रम पर लगाई रोक इस पुतला दहन की जानकारी लगने के बाद सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने इंदौर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ एक याचिका दायर की थी. संगीता का कहना था कि जिन महिलाओं के पुतले जलाए जा रहे हैं अभी तक उन पर सिर्फ आरोप है. दोष सिद्ध नहीं हुआ है. साथ ही वह किसी के घर की बेटी और किसी की बहन है. ऐसे में उनका सार्वजनिक अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं मिलना चाहिए. इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम पर रोक लगा दी. जस्टिस प्रणव वर्मा ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया. रघुवंशी समाज लगातार पुतला दहन का कर रहा था विरोध ऐसी जानकारी सामने आई थी कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का परिवार इस शूर्पणखा दहन कार्यक्रम के समर्थन में था. इसके लिए तैयारियां भी तेजी से चल रही थीं और 11 सिरों वाला पुतला तैयार किया जा रहा था. पुतले पर सोनम सहित 11 अन्य महिलाओं के चित्र लगाए जा रहे थे. रघुवंशी समाज पहले ही दिन से इसके खिलाफ में था और लगातार विरोध कर रहा था. समाज ने इस पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर को आवेदन भी दिया था. उनका कहना था कि सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

रोहिणी आचार्य के पक्ष में तेजस्वी यादव, बोले- उनका टिकट नहीं बल्कि योगदान अहम

पटना राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने शुक्रवार को कहा कि उनकी बहन रोहिणी आचार्य का त्याग राजनीतिक हितों से कहीं ऊपर है और उनका जीवन सेवा एवं बलिदान को समर्पित रहा है। यादव ने कहा कि जब उनके पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद गंभीर रूप से बीमार थे, तब रोहिणी ने अपनी किडनी दान करके एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जो समाज के लिए मिसाल है। ‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता'- Tejashwi Yadav तेजस्वी ने कहा, ‘‘रोहिणी दीदी ने हमें पाला है, उनके स्नेह और त्याग को भुलाया नहीं जा सकता। राजनीति में पद या टिकट की उनकी कभी कोई इच्छा नहीं रही।'' बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य को लेकर अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं, लेकिन ऐसी बातें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी, जो उनको ‘किडनी' देने के बाद चर्चा में आई थीं, ऐसा पोस्ट कर रही थीं जिससे लालू परिवार में आंतरिक कलह के संकेत मिल रहे थे। RJD नेता ने स्पष्ट किया कि छपरा के लोगों की मांग पर ही लालू प्रसाद ने रोहिणी आचार्य को टिकट दिया था और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने और संगठन को सुदृढ़ करने में उनकी बहन की अहम भूमिका है।