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मैहर धाम में नवरात्र की धूम, मां शारदा के दर्शन कर चुके 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु

मैहर  मां शारदा धाम मैहर में चल रहे शारदेय नवरात्र महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। पहले दिन मां शारदा के दर्शन हेतु लगभग 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर 95 हजार तक जा पहुंची। तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जोश और बढ़ा और करीब 1 लाख 25 हजार भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेका। इसी कड़ी में आज चतुर्थी तिथि (गुरुवार, 25 सितंबर 2025) को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रातः 12 बजे तक 72,639 श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं और अनुमान है कि दिनभर में यह संख्या 1 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। मेला क्षेत्र में जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को सुचारू दर्शन के लिए बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नवरात्र के प्रत्येक दिन की तरह आज भी माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा हो रही है     प्रथम दिवस (प्रतिपदा) पर माता शैलपुत्री की आराधना हुई।     द्वितीय दिवस (द्वितीया) पर ब्रह्मचारिणी माता की पूजा-अर्चना की गई।     तृतीय दिवस (तृतीया) पर मां चंद्रघंटा का शृंगार और दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हुए।     चतुर्थ दिवस (चतुर्थी) पर आज भक्त माँ कूष्मांडा की उपासना कर रहे हैं। नवरात्र के इन पावन दिनों में मां शारदा की नगरी पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। मंदिर प्रांगण से लेकर पूरे मैहर नगर तक 'जय मां शारदा' के जयकारों से गूंज रहा है। मैहर की मां शारदा माता के दर्शन करने पहुंची एक लड़की की अचानक तबियत बिगड़ गई, तभी मौके पर मौजूद सीएसपी महेंद्र सिंह ने तत्काल स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराई है। प्राथमिक उपचार के बाद लड़की स्वस्थ हो गई।  

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान गढ़ रही योगी सरकार – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर – महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को लेकर भी योगी सरकार ने की  अहम कई पहलें – निर्धन परिवारों की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – योगी सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को भी किया मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और जागरूकता के क्षेत्र में योगी सरकार की योजनाओं ने नारी सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ सुरक्षा और सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी सोच और दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है।  महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए सरकार के हर विभाग की तरफ से प्रतिदिन अलग अलग जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और अब कोई बेटी अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी। महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में  पुलिस टीम द्वारा चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक किया जा रहा है।  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने उठाए ठोस और कारगर कदम  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने ठोस और कारगर कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गईं, जो महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। बीते वर्ष इन हेल्प डेस्कों पर कुल 6,48,664 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6,47,095 का समाधान किया गया। इतना ही नहीं, महिलाओं को फोन पर परेशान करने से लेकर साइबर उत्पीड़न तक की शिकायतों को दर्ज करने के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को और सशक्त बनाया गया। जनवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच इस हेल्पलाइन पर 7.75 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और लगभग 99 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों तक किए विशेष इंतजाम महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष इंतजाम किए। महिला बीट प्रणाली और महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना ने गांव-गांव तक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब तक 9,172 महिला बीटों का गठन किया जा चुका है और करीब 19,839 महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई और 33 हजार से अधिक गिरफ्तारियाँ कीं। महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश ने देश में उदाहरण पेश किया है। अब तक 9,513 वादों में 12,271 अभियुक्तों पर दोष तय किए गए, जिनमें 12 अपराधियों को मृत्युदंड और 987 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आईटीएसएसओ पोर्टल के अनुसार महिला अपराधों के मामलों में 98.80 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। केंद्रों पर 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र में एक प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक (प्राथमिकता महिला अधिकारी), 1 से 4 उपनिरीक्षक, 4 से 15 आरक्षी (जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं), 1 से 2 महिला होमगार्ड तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्शदाताओं की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर कर्मियों को 3 से 5 वर्ष की अवधि तक तैनात रखा जाएगा और प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण का प्रावधान भी होगा। डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि मिशन शक्ति केन्द्र के लिए एक अलग कक्ष, कम्प्यूटर, अभिलेख, स्टेशनरी, महिला शौचालय और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाए। सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 49,376 बीसी सखियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। इनमें से लगभग 40 हजार महिलाएँ सरकार के साथ काम करते हुए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर चुकी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है बल्कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 95 लाख से अधिक महिलाओं को 8,73,534 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों को स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। लखपति महिला योजना के अंतर्गत अब तक 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन हो चुका है और इनमें से 2 लाख से अधिक महिलाएँ … Read more

तेल फैक्ट्री में भीषण आग, नागरिकों में भय और अफरा-तफरी

धरसीवा सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के फेस वन में स्थित टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। करीब आधा दर्जन दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी है, लेकिन आग बार-बार भड़कती जा रही है। इसके चलते आसमान में दो-तीन किलोमीटर तक धुंआ ही धुंआ नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इसी फैक्ट्री के पीछे सड़क के दूसरी ओर कुछ ही दूरी पर आईओसी का वाटलिंग रिफिलिंग प्लांट भी है, जहां घरेलू और कामर्शियल सिलेंडरों में गैस रिफिल होती है। कैप्सूल टैंकरों से गैस यहां आती है। बावजूद इसके आखिर कैसे टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री को यहां अनुमति मिली है, यह समझ से परे है। फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के मुताबिक फैक्ट्री में सुबह आग लगी है। फैक्ट्री में आग बुझाने फायर सिस्टम नहीं है। पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बुझी। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के कारण लोगों का सांस लेना भी मुश्किल है, क्योंकि टायर जलाकर ऑयल बनाने के दौरान आसपास के दर्जनभर गांवों तक इसकी दुर्गंध से लोग परेशान हैं।

संजय दत्त ने किए महाकाल के दर्शन, भावुक होकर बोले – सालों से आने की कोशिश कर रहा था

उज्जैन  उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के बॉलीवुड स्टार संजय दत्त (संजू बाबा) पहुंचे. उन्होंने नंदी हाल में बैठकर शिव आराधना कर बाबा की पूजा की. इसके बाद कहा कि मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया है. इस अनुभूति को बयां नहीं कर सकता.  बाबा की आराधना 12 ज्योर्तिलिंग में से एक महाकाल मंदिर में देश -विदेश की ख्यात हस्तियां आती रहती हैं. इसी कड़ी में गुरूवार तड़के बॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्टर संजय दत्त महाकाल मंदिर पहुंचे. दत्त धोती कुर्ता पहन कर मंदिर पहुंचे और नंदी हाल में बैठकर करीब एक घंटे बाबा महाकाल की आराधना की. भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार से बाबा के दर्शन कर पूजा की. इस दौरान मंदिर समिति ने दत्त को बाबा का प्रसाद देकर ओर दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया. अनुभूति के लिए शब्द नहीं पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए दत्त ने पूजा अर्चना करने के पश्चात कहा मेरा सौभाग्य की बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया. भस्म आरती का एहसास बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है, लेकिन लगता है यहां की कोई शक्ति है. किसी को आने के लिए अपील की जरूरत नहीं है बाबा जिसे बुलाएंगे वह स्वयं आ जाएगा मैं कितने सालों से कोशिश कर रहा था और अब आ पाया. यह कह संजय हर-हर महादेव का जयकार लगाकर रवाना हो गए. बॉलीवुड के स्टार भी बाबा के भक्त पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड टॉलीवुड में बाबा महाकाल के प्रति आस्था बढ़ती जा रही है। लगातार फिल्मी हस्तियां बाबा का आशीर्वाद लेने आ रही हैं. हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा, आशुतोष राणा, जयाप्रदा,जाह्नवी कपूर बाबा की शरण में पहुंचे थे. वहीं अक्षय कुमार,सारा अली खान, गोविंदा, सोनू सूद, रविकिशन, साउथ स्टार यश, मनोज वाजपेई, राजपाल यादव, मनोज जोशी, शिल्पा शेट्टी,हेमा मालिनी,जया प्रदा, अनुपम खेर,रेखा, अनुराधा पौडवाल, मधुर भंडारकर, टीनू आनंद, दलजीत दोसांझ,मनोज मुंतशिर अभिनेता,उत्कर्ष शर्मा, सिंगर सुनंदा शर्मा, रंजीत, पॉप सिंगर हनी सिंह, कोरियोग्राफर रैमो डिसूजा, बिंदु दारा सिंह व साउथ के भी कई एक्टर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं. ऐसे होती है भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारियों ने सबसे पहले वीरभद्र जी का स्वस्तिवाचन कर और उनकी आज्ञा से चांदी द्वार खोला. इसके बाद गर्भगृह के पट खोल भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन कर कर्पूर आरती की गई. इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया. फ़िर बाबा को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से दिव्य स्वरूप में श्रृंगारित कर ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भगवान को भस्म चढ़ाई गई. इस दौरान नंदी बाबा की भी पूजा की गई.

सड़कें सुधारो, या जवाब दो: हाईकोर्ट ने PWD और NHAI को कड़ा नोटिस दिया

बिलासपुर छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे सड़क हादसों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे-343 और एनएच-130 जैसे मार्गों की खराब हालत और ब्लैक स्पाटों के कारण आम लोगों की जान जा रही है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के हलफनामे पेश होने के बाद कहा कि अब जिम्मेदार एजेंसियां जवाबदेह बनें और जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही करने वाले किसी भी विभाग या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी। यह मामला उस समय हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, जब एक पिकअप वाहन के ब्रेक फेल होने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। चालक वाहन छोड़कर कूद गया और गाड़ी 35 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबरें अखबारों में प्रकाशित हुईं तो कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। पीडब्ल्यूडी सचिव ने कोर्ट में कहा कि अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रोड (एनएच-343) की हालत सुधारने के लिए करीब 740 करोड़ की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। तीन पैकेजों में काम बांटा गया है। मई 2025 में ठेका भी दे दिया गया है, लेकिन बारिश की वजह से काम ठप है। फिलहाल 2.81 करोड़ की लागत से अस्थायी मरम्मत जारी है। वहीं ब्लैक स्पाटों को सुधारने के लिए कई प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी का इंतजार है। एनएचएआई ने बताया कि बिलासपुर, मुंगेली और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 10 ब्लैक स्पाटों में से कई को हटाया जा चुका है। बिलासपुर के सेंदरी जंक्शन पर नई सर्विस रोड 90 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। लिमतरा मोड़ पर 3.98 करोड़ की लागत से सर्विस रोड बनाने का टेंडर जारी हो चुका है। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में पता चला कि कोरबा से रायपुर तक के एनएच-130 पर स्थित पावर प्लांट्स की राख (फ्लाई ऐश) ढोते समय पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं करते। ट्रकों से उड़ने वाली राख दिन में भी जीरो विजिबिलिटी बना देती है। इससे सड़क हादसे तो होते ही हैं। साथ ही आसपास के गांवों में सांस की बीमारियां भी फैल रही है। कोर्ट ने माना कि इससे हाईवे पर हुए मरम्मत कार्य भी बर्बाद हो रहे हैं। कोर्ट ने एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल को छोड़कर बाकी पावर प्लांट्स जैसे केएसके महानदी, डीबी पावर (बरादरहा), बालको, एसकेएस पावर, एसीबी पावर और अन्य स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से स्पष्टीकरण मांगा है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को भी पार्टी बनाकर कहा गया है कि वे अपना हलफनामा कोर्ट में पेश करें। हाईकोर्ट ने साफ किया कि अब मामले की नियमित मानिटरिंग होगी।

शिक्षा को बढ़ावा देने पर वक्फ समितियों को मिलेगा इनाम, वक्फ बोर्ड का बड़ा अभियान

भोपाल  वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है। वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है। जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड दुकान और मकानों से आय वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।

CMRS टीम भोपाल मेट्रो के निरीक्षण पर, OK रिपोर्ट के बाद आम जनता कर सकेगी सफर

भोपाल  कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना।  मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है। अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है। आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

तांत्रिक क्रिया के लिए कब्रों से छेड़छाड़ करने वाला बदमाश गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा से निकलकर प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाला कब्रिस्तान छेड़छाड़ कांड आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने इस घिनौने कृत्य के आरोपी तांत्रिक प्रवृत्ति के अपराधी अयूब खान (50) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलतः जावर थाने के अंतर्गत आने वाले मुंडवाड़ा गांव का रहने वाला है और पहले से ही निगरानी शुदा बदमाश है। पुलिस पूछताछ में अयूब ने स्वीकार किया कि वह कब्रों को खोदकर तंत्र क्रिया करता था। जानकारी मिली है कि इंदौर सेंट्रल जेल में सजा काटते समय उसने कुछ अपराधियों से तांत्रिक मंत्र-क्रियाएं सीखीं। इसी झूठी धारणा के चलते वह कब्रों पर छेड़छाड़ कर अपनी "शक्ति" बढ़ाने की कोशिश करता था। इसी साल 15 मई 2025 को वह जेल से बाहर आया था, जहां वह अपनी दोनों पत्नियों की हत्या के मामले में सजा काट रहा था। जेल से छूटने के महज चार दिन बाद यानी 19 मई की रात उसने खंडवा के बड़ा कब्रिस्तान और सिहाड़ा गांव में कब्रें खोदी थीं। हाल ही में 21 सितंबर को फिर से बड़ा कब्रिस्तान में कब्रों को नुकसान पहुंचाया गया। जब मुस्लिम समुदाय ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उसी में आरोपी की पहचान हुई। अयूब खान के खिलाफ पहले से ही हत्या, चोरी और दहेज प्रताड़ना समेत करीब 13 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। दो पत्नियों की हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी थी और इसी दौरान वह जेल में तांत्रिक क्रियाओं से प्रभावित हुआ। खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने जानकारी दी कि आरोपी को हरसूद इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी का जुर्म स्वीकार करने के बाद अब उसके खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास और कब्रिस्तान में की गई वारदातें समाज में भय और असुरक्षा का कारण हैं, इसलिए उस पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई जरूरी है।

निवास में राज्य आनंद संस्थान अल्पविराम परिचय कार्यशाला संपन्न

मण्डला  निवास- शासकीय सेवकों के लिए विकासखंड स्तरीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला   राज्य आनंदम संस्थान आनंद विभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भोपाल का संयुक्त आयोजन मंडला जिले के विकासखंड निवास के कार्यालय जनपद पंचायत सभागार में आयोजित किया गया।  सर्वप्रथम मां भारती के चित्र में तिलक वंदन पुष्पहारअर्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला शुभारंभ किया गया, इसके पश्चात मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मंजूरानी कुलस्ते, उपाध्यक्ष श्री घनश्याम सूर्यवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सोनी, मास्टर ट्रेनर राज्य आनंदम संस्थान से श्रीमति अर्चना शर्मा, श्रीमती रश्मि पाठक, श्रीमती संजुलता सिंगोर, श्रीमति वंदना तेकाम  का पुष्पहार भेंट कर स्वागत किया गया।  तत्पश्चात जन अभियान परिषद विकासखंड समन्वयक श्री सूरज  बर्मन द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई। कार्यशाला में उपस्थित  जनपद पंचायत अध्यक्ष ने अपने  उद्बोधन में जीवन में आनंदित रहने हेतु अल्पविराम जैसे कार्यशाला में जुड़कर अपने जीवन  आनंदित करने  को कहा , उन्होंने  कहा कि ऐसे प्रशिक्षण बार बार होना चाहिए जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारी संलित रहे, उपाध्यक्ष सूर्यवंशी जी द्वारा समस्त विभागों के शासकीय सेवकों को यह बतलाया  कि अपने से छोटे स्तर के सेवकों को भाईचारे के साथ व्यवहार कर उन्हें भी आनंदित रखें जिससे उत्साहपूर्वक सभी विभागीय कार्य संपादित हो सके तत्पश्चत मास्टर ट्रेनर अर्चना शर्मा के द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला हेतु सभी शासकीय सेवकों को प्रशिक्षित किया गया जिसमे अल्पविराम से जुड़े कुछ जीवन के प्रश्नों को सभी के सामने रखा गया।  जैसे 1.जीवन में आज तक मैं कितने लोगों की मदद किया?2. जीवन में आज तक कितने लोगों ने मेरी मदद कि?3. मैंने अपने जीवन में कितने लोगों को दुःख पहुंचाया?4. मेरे जीवन में कितने लोगों ने मुझे दुःख पहुंचाया? इन विषयों के साथ प्रशिक्षण दिया गया ,इसतरह सभी प्रशिक्षुओं के द्वारा बताया गया कि अल्पविराम परिचय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति अपने अस्त व्यस्थ जीवन में खुद को आनंदित नहीं कर पाते जिससे विभाग ने जन अभियान परिषद के सहयोग से म.प्र.के प्रत्येक विकास खण्ड में यह कार्यशाला आयोजित कर शासकीय सेवकों को आनंदित रहने हेतु अल्पविराम परिचय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है।  भोजना  उपरांत मास्टर ट्रेनरों के द्वारा अनेकों आनंदित हास्य गतिविधि कराई गई  जिसका सभी प्रशिक्षार्थियों द्वारा आनंद लिया गया, अल्पविराम परिचय कार्यशाला में परामर्शदाता श्रीमति अभिलाषा दुबे, श्री मनोज कुमार तिवारी, जय प्रकाश झारिया, उत्तम सिंह परस्ते, देवेन्द्र सिंह वरकड़े, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि संजय चौधरी, लोकेश्वर गोसाई, छात्र छात्राओं वा समस्त विभागीय अधिकारी/ कर्मचारी की उपस्थिति में कार्यशाला का समापन किया गया।

नीतीश सरकार ने दिया तोहफ़ा, इस महीने समय से पहले होगा वेतन भुगतान

पटना बिहार में विधान सभा का चुनाव होना है और इसकी अधिसूचना जारी होने में अब गिन कर दिन बच गए हैं।  इससे पहले हिन्दुओं का महापर्व दुर्गापूजा चल रहा है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ी घोषणा की है। यह घोषणा राज्यकर्मियों के लिए है।   मुख्यमंत्री नीतीश सरकार ने दुर्गापूजा को ध्यान में रखते हुए उनके सितंबर महीने के वेतन का भुगतान समय से पहले करने का ऐलान किया है। यह भुगतान आज यानी गुरुवार से शुरु हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्यकर्मियों ने एक बड़ी राहत की साँस ली है। क्यों कि राज्यकर्मी कर्मचारी अपने वेतन के इंतजार में बैठे हुए थे, इस घोषणा के बाद वह काफी खुश हैं। बिहार सरकार के इस घोषणा के बाद राज्यभर के कर्मचारियों में उत्साह और खुशी का माहौल है। इस संबंध में कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार से पहले वेतन मिलने से उनकी तैयारियों में आसानी होगी। अब पूरा परिवार एक साथ दुर्गापूजा की तैयारी करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वित्त विभाग ने यह आदेश जारी करते हुए आज गुरुवार से सितंबर महीने का वेतन भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया है, क्यों कि बिहार सरकार का यह निर्णय दुर्गापूजा को ध्यान में रखकर लिया गया है।इसको लेकर वित्त विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर के द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी के साथ-साथ हाईकोर्ट, विधानसभा, विधान परिषद और राजभवन के कर्मियों को भी सितंबर का वेतन समय से पहले दिया जाएगा। इसके लिए आदेश की प्रति सभी कोषागार पदाधिकारियों को भेज दी गई है।