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गरिमा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायन सिंह कुशवाह ने एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस प्रदेशभर में गरिमा और सम्मान के साथ मनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों ने अपने ज्ञान, अनुभव और परिश्रम से परिवार, समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के लिए संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना हम सभी का दायित्व है। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन बनकर न रह जाएं। इनमें वृद्धजनों की अधिकतम और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके साथ संवाद किया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं के निराकरण की दिशा में सार्थक पहल की जाए। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण आयुक्त श्री के.जी. तिवारी ने सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त और उप संचालकों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की निर्धारित थीम “गरिमा के साथ वृद्धावस्था: वृद्ध नागरिकों के लिए देखभाल और समर्थन प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व” के अनुरूप जिलों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृद्धाश्रमों में निवासरत तथा अन्य वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान एवं अभिनंदन किया जाएगा। उनसे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली जाएगी। वृद्धजनों की सक्रिय सहभागिता और मनोरंजन के लिए कैरम, लूडो, शतरंज, गीत-संगीत तथा अन्य इंडोर गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन, इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और कम्प्यूटर के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला चिकित्सालय, सिविल डिस्पेंसरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के समन्वय से विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित होंगे। इनमें रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। जिलों में 100 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित कर “शतायु सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट किए जाएंगे। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 एवं मध्यप्रदेश नियम-2009 के अंतर्गत उपलब्ध अधिकारों, सहायता तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी जाएगी। पीढ़ियों के बीच अंतर कम करने तथा युवाओं में वृद्धजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करने के लिए विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता से संवाद, सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संचालित एल्डरलाइन हेल्पलाइन-14567 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। जिला स्तर पर गठित समितियों की बैठक आयोजित कर वृद्धजनों के कल्याण, संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।  

1 अक्टूबर से बिना Biometric e-KYC नहीं मिलेगा Subsidised LPG Refill, सरकार ने जारी किया नया नियम

नई दिल्ली  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication – BAA) को अनिवार्य करने की घोषणा की है। यह नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा। मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी और दोहराए गए कनेक्शनों को खत्म करना है ताकि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। 89.9 प्रतिशत उपभोक्ता करा चुके हैं ऑथेंटिकेशन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 27.43 करोड़ उपभोक्ता (89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करा चुके हैं। जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है और उनकी सिलेंडर बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी। 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? जिन्होंने ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उनके लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी और वे रियायती दर पर सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं, जिन्होंने ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उनके लिए सब्सिडी वाली तय दर (आरएसपी) पर सिलेंडर बुकिंग ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद ही संभव हो पाएगी। ऑथेंटिकेशन पूरा करने के आसान तरीके उपभोक्ता निम्नलिखित तीन में से किसी भी तरीके से अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं…     सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी बॉय मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।     डिस्ट्रिब्यूटर के शोरूम पर: उपभोक्ता सीधे अपने एलपीजी वितरक (एजेंसी) के शोरूम पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा सकते हैं।     ओएमसी के मोबाइल ऐप द्वारा: उपभोक्ता घर बैठे कंपनियों के आधिकारिक ऐप के माध्यम से खुद भी e-KYC कर सकते हैं…     इंडेन (Indane) ग्राहक: IndianOil ONE ऐप     भारतगैस (Bharatgas) ग्राहक: HelloBPCL ऐप     एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: HP PAY ऐप सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी वास्तविक लाभार्थी को एलपीजी सेवा से वंचित करना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।  

महानदी जल बंटवारे को लेकर सीएम साय ने साफ किया रुख, बोले- ओडिशा से नहीं है कोई विवाद

रायपुर   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पिछले कई दशकों से चला आ रहा महानदी जल विवाद अब बहुत जल्द सुलझ जाएगा। उनके अनुसार, इस दिशा में केंद्र सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है और दोनों ही पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होने के कारण इस संवेदनशील मामले का आपसी सहमति से समाधान निकलना अब आसान हो गया है। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग, क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सांस्कृतिक संबंध गहरे मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के बीच आपसी पारिवारिक और सांस्कृतिक गहरे संबंध हैं। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि दोनों सरकारों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और पूरे क्षेत्र की प्रगति को एक नई गति प्राप्त होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री साय ने भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किए और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। ट्रिब्यूनल के निर्देश और केंद्र की सकारात्मक पहल गौरतलब है कि महानदी जल बंटवारे को लेकर यह विवाद वर्ष 1983 से चला आ रहा है, जो लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच चर्चा का विषय रहा है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की अध्यक्षता में गठित विशेष ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों को आगामी 28 सितंबर 2026 तक अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है। तय समय से पहले सहमति से समाधान जानकारों का मानना है कि इस तय समय सीमा से पहले दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति से कोई ठोस समझौता सामने आ सकता है। कई राज्यों के मुद्दे सुलझे हाल के वर्षों में केंद्र सरकार की मध्यस्थता और पहल से देश के अन्य राज्यों के बीच कई पुराने जल विवाद सफलतापूर्वक सुलझाए गए हैं, जैसे कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना, ताजेवाला हेडवर्क्स समझौता, सोन नदी जल बंटवारा और केन-बेतवा लिंक परियोजना। इन सफल समझौतों की तर्ज पर अब महानदी विवाद के भी जल्द ही शांतिपूर्ण हल निकलने की संभावना जताई जा रही है।  

नस्ल सुधार ने बदली किसान विनोद की किस्मत, घर की बछिया बनी आर्थिक समृद्धि का आधार

​रायपुर  ​ग्रामीण अंचलों में अक्सर दैनिक जरूरतों की चीजों के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। ऐसा ही कुछ हाल नारायणपुर जिले के धौड़ाई गांव निवासी किसान श्री विनोद नुरेटी का था। उनके परिवार में दूध की रोजाना जरूरत तो थी, लेकिन गांव में उपलब्धता न होने और बाजार में ऊंची कीमतों के कारण उन्हें काफी दिक्कत झेलनी पड़ती थी। परंतु, राज्य सरकार के पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन और विनोद की मेहनत ने इस समस्या को न सिर्फ खत्म किया, बल्कि उनकी आजीविका की नई राह भी खोल दी। ​कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार की नींव दूध की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विनोद नुरेटी ने पशुधन विकास विभाग से संपर्क साधा। विभागीय सलाह पर उनकी देशी गाय का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। परिणामस्वरूप, एक उच्च नस्ल की बछिया का जन्म हुआ। देशी नस्ल में सुधार का यह प्रयोग किसान के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ​'उन्नत मादा वत्स पालन योजना' से मिला आर्थिक बल बछिया के सही पोषण और नस्ल संवर्धन के लिए पशुधन विकास विभाग की उन्नत मादा वत्स पालन योजना के तहत विनोद को 18 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही विभाग की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क पशु चिकित्सा देखभाल और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई गईं। ​आत्मनिर्भरता और आय का नया जरिया विभागीय मार्गदर्शन और अनुदान से विनोद ने बछिया की बेहतर देखरेख की, जो समय के साथ एक स्वस्थ और अत्यधिक दुधारू गाय के रूप में विकसित हुई। आज स्थिति यह है कि विनोद के परिवार को न केवल घर पर ही प्रचुर मात्रा में शुद्ध दूध मिल रहा है, बल्कि वे दूध, दही और घी बेचकर हर महीने अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।    ​ जो परिवार कल तक दूध की एक-एक बूंद के लिए दूसरों पर निर्भर था, आज वह खुद दूध उत्पादन कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन चुका है। विनोद नुरेटी के लिए यह योजना केवल एक बछिया के पालन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने उनके पूरे परिवार के जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुविधा और सम्मान की नई सुबह ला दी है।

खनिज विभाग ने कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते 5 ट्रैक्टर किए जब्त, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में प्रशासन की सक्रिय पहल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया। जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है। अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी  आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

लोयाबाद में अचानक धंसी जमीन, घर हुआ जमींदोज; बाल-बाल बचे महिला और बच्चे

धनबाद सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद सात नंबर मुस्लिम मुहल्ले में रविवार की सुबह अचानक तेज आवाज के साथ अरमान अंसारी का घर भू-धंसान की चपेट में आकर जमींदोज हो गया. घटना के बाद वहां करीब 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया है. गड्ढे में लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और मिट्टी भी ढह रही है. घनी आबादी के बीच हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. हालांकि घर में मौजूद अरमान अंसारी की पत्नी जमीला खातून और उनके बच्चे बाल-बाल बच गये. कमरे में रखा सामान जमीन में समा गया. जमीन धंसते ही कमरे से भागे परिवार के सदस्य बताया जाता है कि रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जमीला खातून और उनके बच्चे घर में मौजूद थे. इसी दौरान अचानक एक कमरे की जमीन धंसने लगी. खतरा भांपते ही परिवार के सदस्य कमरे से बाहर निकल गये. कुछ ही देर में पूरा कमरा जमींदोज हो गया. आसपास के लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के सदस्यों और उनका सामान बाहर निकालने में मदद की. बताया गया कि अरमान अंसारी बाहर काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे घर में रहते हैं. लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से प्रभावित लोग घटनास्थल से दो घर बाद डबलू अंसारी के घर का एक कमरा भी भू-धंसान की चपेट में आया है. घटना के बाद मो सरफुद्दीन, मो वसीम, सोनू अंसारी, फातिमा खातून, मो इखलाक, आलम मंसूरी, अरमान अंसारी, क़िताबुल खान और बेबी खातून समेत आसपास के लोग अपने-अपने घर खाली करने की तैयारी में हैं. पुलिस ने की बैरिकेडिंग, बीसीसीएल भराई की तैयारी में घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद पुलिस और बांसजोड़ा कोलियरी प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद और महामंत्री असलम मंसूरी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर लोगों को वहां जाने से रोक दिया है. लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से बना गोफ बांसजोड़ा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि भू-धंसान वाली जगह की भराई का काम शुरू कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को दूसरी जगह बसाने की तैयारी भी की जा रही है. बीसीसीएल की लापरवाही का लगाया आरोप चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो और असलम मंसूरी ने घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया. उनका आरोप है कि इलाके में बीसीसीएल की ओर से खनन किया गया है और यहां सिरमोहन भी था. उनका कहना है कि संभवतः आसपास के तालाब का पानी सिरमोहन में प्रवेश कर रहा है, जिससे जमीन खोखली हुई और भू-धंसान की घटना हुई. हालांकि भू-धंसान के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. दोनों ने सिजुआ जीएम से बात कर प्रभावित लोगों के लिए जल्द राहत कार्य शुरू कराने की मांग की.

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव का निशाना, नीमच में कसा तंज

 नीमच   जैसी बुद्धि है, वैसा कार्यक्रम किया है। मैं राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के संबंध में अधिक कहना नहीं चाहता हूं। राहुल गांधी पहले तथ्यात्मक व वास्तविक जानकारी जुटाए। एनएसयूआई के पदाधिकारियों से चर्चा करने की बजाय वास्तविक छात्रों से बात करें। 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है यह बात मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीमच में मीडिया से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेृतत्व में साल 2014 से अब तक कांग्रेस तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है। देशभर में अधिकांश चुनाव हार चुकी है। देश लगभग कांग्रेस मुक्त हो चुका है। उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगातें दीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की सरकार विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण को संजोने का कार्य कर रही है। इसी क्रम में उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क सहित अन्य सौगात देने के बाद मैं नीमच आया हूं। नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं नीमच और यहां लोग मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं। गांधी सागर अभ्यारण्य में मादा चीता को छोड़ने का कार्यक्रम भी है। सेवा संकल्प अभियान में सहभागिता के दौरान नीमच में जल्द एयर पोर्ट शुरू करने और स्टेडियम निर्माण की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की है। इस दौरान विधायक दिलीप सिंह परिहार, अनिरूद्ध माधव मारू मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को नीमच से वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैहर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास और कल्याण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा किसान, महिला, युवा और कमजोर वर्गों को विकास की प्राथमिकता में रखा गया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण से संपूर्ण समाज की प्रगति सुनिश्चित होती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी मैहर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा का आशीर्वाद पूरे विंध्य, मध्यप्रदेश और देशवासियों पर सदैव बना रहता है। मां शारदा की पावन नगरी मैहर को जिला बने लगभग तीन वर्ष हुए हैं और इतने कम समय में मैहर ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने जिले के स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनकल्याण और विकास कार्यों में निरंतर सहयोग के लिए बधाई दी।    किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को रात के समय खेतों में बिजली के कारण होने वाले परेशानी से मुक्ति दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार आगामी रबी फसल से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली सिंचाई के लिए उपलब्ध कराएगी। बिजली व्यवस्था के विस्तार और सुधार से किसानों के घरों में समृद्धि आएगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। सरकार किसानों की सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। स्लीमनाबाद टनल के आगामी समय में शुरू होने से क्षेत्र में जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को नयी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के जल से माँ शारदा की नगरी में अभिषेक का संकल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे किसानों के जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। धान खरीदी और किसानों को बेहतर लाभ देने की दिशा में प्रयास मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए तैयारियां समय पर पूरी की जा रही है। सरकार धान की खरीदी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य तक सीमित लाभ न मिले, बल्कि उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य और आवश्यकतानुसार बोनस सहित अन्य लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और विविध गतिविधियों से बढ़ेगी किसानों की आय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन और गौ-पालन सनातन संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर पर सरकार का विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम कर रही है। सांदीपनी विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा के साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है। मजबूत शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के नए अवसर प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देंगे। मैहर की पर्यटन पहचान को स्थानीय विकास से जोड़ा जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैहर के पर्यटन और धार्मिक महत्व को देखते समुचित विकास किया जा रहा है। मां शारदा लोक का निर्माण इसी दिशा में सरकार का प्रयास है। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देगी। मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मैहर जिले में रहेगा जिससे स्थानीय अर्थव्यस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़े, रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिले—इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है। कृषि में नवाचार और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि जिले में एक जिला-एक उत्पाद के तहत कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों द्वारा आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से टमाटर, करेला सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन की सराहना की। उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन एवं आय दोनों में वृद्धि की संभावनाओं को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में किसानों की आय वृद्धि के लिए मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क भी स्थापित किया जाएगा। प्रगतिशील कृषकों से संवाद किया मुख्यमंत्री ने जिले के प्रगतिशील कृषकों से संवाद कर आधुनिक तकनीकों का कृषि में उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों से संवाद कर सभी कृषकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया। सांसद  गणेश सिंह ने कहा कि डबल इंजन की केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर कृषक कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार के निर्देशानुसार अब कृषकों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। अपेक्स बैंक के चेयरमैन  महेंद्र सिंह यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बलराम महोत्सव से कृषक कल्याण वर्ष में सभी कृषकों के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। कृषि के लिए ऋण शून्य प्रतिशत पर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में विधायक  कांत चतुर्वेदी ने दिया। बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी लगाकर कृषकों को सरकार की शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण … Read more

BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में वित्त मंत्री ने कहा—विकसित भारत के लक्ष्य के लिए स्वस्थ युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत

रायपुर  वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री  चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला  चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत  चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया। वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं को सशक्त बनाने के लिए नीति संवाद 21 सितम्बर को

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के सहयोग से सोमवार, 21 सितम्बर को भोपाल में “मध्यप्रदेश में उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं का सुदृढ़ीकरण” विषय पर नीति संवाद आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से एमपीटी होटल पलाश रेसीडेंसी के प्रथम तल स्थित विमर्श हॉल में होगा। इसमें नीति-निर्माताओं, विषय-विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थाओं, उद्योग प्रतिनिधियों, कृषक उत्पादक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा उद्यानिकी क्षेत्र के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  स्वरोचिष सोमवंशी स्वागत उद्बोधन देंगे। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  मन शुक्ला प्रारंभिक उद्बोधन देंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित तथा कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण  के.सी. गुप्ता का विशेष संबोधन होगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन “मध्यप्रदेश उद्यानिकी-2026 : जिला वर्गीकरण, कमोडिटी क्लस्टर और मूल्य श्रृंखला की कमियाँ” विषय पर प्रस्तुति देंगे। सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के सलाहकार  आमिर मनन देवा उत्पादन से समृद्धि तक प्रतिस्पर्धी उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण और एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख  निशांत बंसोड़ मूल्य संवर्धन, प्र-संस्करण, ब्रांडिंग तथा वैश्विक बाजार तक पहुँच पर प्रस्तुति देंगे। नीति संवाद में तीन पैनल चर्चाएँ होंगी। पहली चर्चा में मध्यप्रदेश की उद्यानिकी मूल्य श्रृंखलाओं की संभावनाओं, दूसरी में आधुनिक कृषि के लिए वित्तीय संसाधनों, योजनाओं के अभिसरण, तकनीक एवं निजी निवेश और तीसरी चर्चा में प्र-संस्करण, मूल्य संवर्धन तथा बाजार से जुड़ाव के माध्यम से उद्यानिकी विकास को गति देने पर मंथन होगा। चर्चाओं में एपीडा, राष्ट्रीय उद्यानिकी बोर्ड, एमपीआईडीसी, नाबार्ड, सेंट्रल बैंक, डब्ल्यूआरआई-इंडिया, पारले एग्रो, डाबर, जैन इरिगेशन, कृषि-तकनीक संस्थानों, महिला कृषक उत्पादक कम्पनी और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। मुक्त चर्चा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के प्रतिनिधि अपने सुझाव रखेंगे। कार्यक्रम के समापन पर राज्य नीति आयोग की सलाहकार डॉ. आकांक्षा चंद भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगी। आयोग की प्रशासनिक अधिकारी मती पूर्णिमा शर्मा आभार व्यक्त करेंगी।