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जनगणना की तैयारी शुरू, एमपी सरकार ने बनाई हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकार ने जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है. प्रदेश भर में जनगणना को लेकर सरकार ने हाईपावर स्टेट लेवल कमेटी बनाई है. स्टेट लेवल कमेटी के लिए मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. 6 एसीएस, 3 पीएस और 15 अधिकारियों की कमेटी बनी है. प्रदेश में 2027 में होनी वाली जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में साल 2026 में मकानों की संख्या की जानकारी होगी इकट्ठा की जाएगी. 30 दिनों में कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. दूसरे चरण में 20 दिनों के भीतर जनगणना की रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके साथ ही जनगणना के लिए विभाग मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण होगा. 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.31 दिसंबर 2025 तक सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी कर ली जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार इस जनगणना को समयबद्ध और व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य, राज्य शासन द्वारा निर्धारित 30 दिवस की अवधि में संपन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या की गणना का कार्य नौ से 28 फरवरी 2027 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात्रि 12 बजे होगी। मध्य प्रदेश शासन ने मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन किया है। यह समिति प्रदेश में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य के सुचारू एवं सफल संचालन करेगी एवं जनगणना कार्य निदेशालय एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय एवं योजनाबद्ध रूप से कार्य करेगी। इन्हें दी गई जिम्मेदारी समिति में अपर मुख्य सचिव गृह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नगरीय विकास एवं आवास, सामान्य प्रशासन, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, वित्त, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, राजस्व, सचिव, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, अपर सचिव गृह विभाग एवं नोडल अधिकारी निदेशक एनआईसी सदस्य होंगे। निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय मप्र भोपाल को संयोजक/सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति दोनों चरणों में शासन के संबंधित विभागों के मध्य अपेक्षित सहयोग एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी। समिति की बैठक में जनगणना कार्य के लिए लगाए जाने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना, जनगणना के मास्टर ट्रेनर फील्ड ट्रेनर्स और फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आयोजित करना। 31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के परिवर्तन संबंधी समस्त प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाना इत्यादि बिंदुओं पर निर्णय लिया जाएगा। समिति का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक रहेगा। डिजिटल प्रक्रिया होगी जनगणना की पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया होगी, जिसमें प्रगणक मोबाइल पर डाटा एकत्र करेंगे और जनता को स्व-गणना करने का विकल्प भी दिया जाएगा। जनगणना के समस्त फील्ड कार्य की सतत निगरानी के लिए भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा एक वेब पोर्टल सीएमएमएस विकसित किया गया है।

स्टालिन की मौजूदगी से सियासी पारा चढ़ा, भाजपा ने तेज किया हमला

नई दिल्ली नई दिल्ली बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान अभी भले ही ना हुआ हो लेकिन सियासी पारा चरम पर है। एनडीए और महागठबंधन के नेता एक दूसरे पर जमकर सियासी तीर छोड़ रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और राजद पर करारा हमला बोला है। महागठबंधन की मतदाता अधिकार यात्रा में शामिल होने के लिए बिहार पहुंचे एमके स्टालिन को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल बिहार के 'गौरव और स्वाभिमान' का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन बार-बार ऐसे नेताओं को बिहार बुला रहा है जिन्होंने पहले बिहारी समाज का मजाक उड़ाया था। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार के लोगों को गाली देने वालों को राज्य में प्रचार करने के लिए बुला रहे हैं। वे बिहार के गौरव और स्वाभिमान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों ने बिहारियों का मजाक उड़ाने वाले नेताओं को राज्य में 'मतदाता अधिकार यात्रा' अभियान में भाग लेने के लिए बार-बार आमंत्रित किया है। इस दौरान उन्होंने बिहारियों को लेकर कांग्रेस नेताओं के पूर्व में दिए गए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी, प्रियंका वाड्रा के बाद अब उन्हें स्टालिन मिल गए हैं। रेवंत रेड्डी, जिन्होंने पहले बिहारी डीएनए का मजाक उड़ाया था। वहीं, प्रियंका वाड्रा, जिन्होंने चरणजीत चन्नी द्वारा बिहारियों को गाली दिए जाने पर बेशर्मी से ताली बजाई थी। आगे उन्होंने कहा कि डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर भी निशाना साधा। जिनकी पार्टी ने बिहारियों पर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। स्टालिन की पार्टी के नेता ने कहा था कि बिहार के लोग सिर्फ शौचालय साफ करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है। यह आरजेडी-कांग्रेस की मानसिकता है। मेहनतकश बिहारी गाली खाने के लिए निशाना बनते हैं, जबकि अवैध बांग्लादेशियों को वोट बैंक माना जाता है। विपक्ष ने भी किया पलटवार इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए पर तीखा हमला बोला है। उन्होने कहा कि एनडीए का मतलब है कि नहीं देंगे अधिकार। जनता जानती है कि वोट चोरी हो रही है, लेकिन इस बार जनता अपने वोट की रक्षा करेगी। बीजेपी-एनडीए को करारी हार मिलेगी। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार जनता के असली मुद्दों- महंगाई, बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट को सुलझाने में विफल रही है और अब वोट चोरी की साजिश रच रही है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी: झांसी-पुरी स्पेशल ट्रेन 19 सितंबर से 29 नवंबर तक

झांसी त्योहारी सीजन को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए 19 सितंबर से लेकर 29 नवंबर के बीच 11 फेरों के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि ये ट्रेन झांसी से ग्वालियर, भिंड, इटावा होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दो एसएलआर, दो सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, छह इकॉनमी और चार स्लीपर कोच रहेंगे। इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन 01929 झांसी-पुरी साप्ताहिक स्पेशल हर शुक्रवार को सुबह 11.55 बजे झांसी से रवाना होकर दतिया, डबरा होते हुए दोपहर 1.25 बजे ग्वालियर आएगी। ये ट्रेन मालनपुर, सोनी, इटावा, गोविंदपुरी, फतेहपुर, सूबेदारगंज, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, कोडरमा, पारसनाथ, गोमोह, आद्रा, बांकुर, विष्णुपुर, मिदनापुर, हिजली, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कटक, भुवनेश्वर, खुर्दा रोड होते हुए शनिवार रात 8.15 बजे पुरी पहुंचेगी। वहां से ये ट्रेन रात में 11.45 बजे रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से होते हुए सोमवार की सुबह 8.25 बजे ग्वालियर आएगी। यहां से रवाना होकर ट्रेन सुबह 11.15 बजे झांसी स्टेशन पहुंचेगी। ये ट्रेन भी चलेगी यात्रियों के लिए 08630 गोरखपुर-रांची 19 अक्तूबर से दो नवंबर तक हर रविवार, 04214 लखनऊ-टाटानगर स्पेशल 24 सितंबर से 28 नवंबर तक सप्ताह के हर बुधवार और शुक्रवार, 04213 टाटानगर-लखनऊ स्पेशल 25 सितंबर से 29 नवंबर तक, 06063 कोयंबत्तूर-धनबाद स्पेशल पांच सितंबर से 28 नवंबर तक हर शुक्रवार, 06064 धनबाद-कोयंबत्तूर स्पेशल आठ सितंबर से एक दिसंबर तक हर सोमवार को चलेगी।

मांगें पूरी करने पर अड़े जूनियर डॉक्टर, दूसरे दिन भी बंद रहा अस्पताल

पटना बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आज भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। जूनियर डॉक्टर स्टायपेंड बढ़ोतरी की मांग लेकर आज भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना है कि हमलोगों का हर तीन साल में इंटर्नशिप स्टायपेंड का पुनरीक्षण होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमको महज 18 से 20 हजार रुपये मासिक स्टायपेंड मिल रहा है। इतने कम स्टायपेंड में हमारा गुजारा नहीं हो रहा है। पिछले कई माह से स्टायपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इसे बढ़ाया नहीं गया है। पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि उनका प्रतिमाह स्टाइपेंड बढ़ाया जाय। उनके अनुसार वेलोग प्रति दिन 12 से 18 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र 20,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है। इस महंगाई में यह राशि काफी काफी कम है, इसलिए उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। जूनियर डॉक्टरों ने सरकार से मांग पूरी करने की अपील की है। बढ़ी मरीजों और परिजनों की परेशानी जूनियर डॉक्टरों के अचानक हड़ताल से दूसरे दिन भी ओपीडी सेवा पर काफी असर पड़ा। इलाज कराने आये मरीज और उनके परिजनों ने काफी नाराजगी दिखी। उनका कहना है कि प्रदर्शन कोई करे और खामियाजा हमलोगों को भुगतना पड़े, यह गलत है। हमलोगों काफी दूर से आए हैं लेकिन ओपीडी में डॉक्टर्स ही नहीं हैं।  

कृषि मंत्री शिवराज सिंह बोले- मप्र में 30 तालाबों का निर्माण, मछली पालन होगा प्रोत्साहित

  दतिया  दतिया में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि अत्याधुनिक पशु अस्पताल में यूपी और एमपी के किसानों के पशुओं का इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु के परिवर्तन से निपटने के लिए 14 और 15 सितंबर को पूसा में रबी कॉफ्रेंस आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान, अनियमित बारिश और पानी की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के उपाय किए जा रहे हैं। ऐसी किस्मे विकसित की जा रही हैं, जो बदलते जलवायु में अनुकूल हों और ऊंचे तापमान में भी बेहतर पैदावार दे। साथ ही भविष्य में संभावित बीमारियों से बचाव के लिए नई किस्मों पर काम चल रहा है। 30 तालाबों का निर्माण फिसरीज अस्पताल द्वारा परिसर में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 तालाबों का निर्माण किया जाएगा। उधर तालाबों के निर्माण के साथ-साथ एक हेचरी की स्थापना भी की जा रही है। आगामी दिनों में मछली के बीज भी तैयार किए जाएंगे। जिससे किसान आर्थिक तौर पर सशक्त होंगे। वहीं कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को भी मछली के प्रजनन की वैज्ञानिक प्रक्त्रिस्या को सीखने के लिए प्रायोगिक ज्ञान भी मिलेंगे। वन्य जीवों का भी होगा इलाज उधर पशुओं के एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, और ऑपरेशन की सुविधा के साथ-साथ वन्य जीवों का भी यहां इलाज हो सकेगा। वहीं शिवपुरी, श्योपुर, और पन्ना तक के वाइल्ड लाइफ और सेंचुरी में पाए जाने वाले शेर सहित अन्य वन्य जीवों का इलाज भी इस अस्पताल में किया जाएगा।

कांग्रेस छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची जांच के लिए चलाएगी बड़ा अभियान

रायपुर  कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा शुरू किया गया ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान अब छत्तीसगढ़ में भी विस्तार लेगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट की जांच करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में वोटर लिस्ट की गहन जांच के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को उजागर किया जा सके। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वोटर लिस्ट की जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें डुप्लीकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर असामान्य रूप से अधिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और फॉर्म 6 के दुरुपयोग की जांच शामिल है। इन बिंदुओं के आधार पर कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का विश्लेषण करने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने के लिए कहा गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि यह अभियान पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है, जिन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच में पाई गई अनियमितताओं को उजागर करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपें। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर साधा निशाना छत्तीसगढ़ कांग्रेस के इस अभियान पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उनकी हताशा और मति भ्रम को दर्शाता है। साव ने वोट चोरी के आरोप को लोकतंत्र, संविधान और जनता के निर्णय का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में बूथ कैप्चरिंग और वोट चोरी जैसी घटनाएं आम थीं, और अब अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है।

बुधवार से तेज बारिश की संभावना, कई जिलों में गिर सकता है वज्रपात

पटना बिहार में मानसून एक्टिव है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी बुधवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद में आज बारिश नहीं होने के आसार हैं। बाकी सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त से एक सितंबर तक राज्य के सभी जिलों में कई स्थानों पर बारिश और वज्रपात के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त से एक सितंबर तक बिहार के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। उत्तर पश्चिम बिहार, उत्तर मध्य बिहार, उत्तर पूर्व बिहार, दक्षिण पश्चिम बिहार, दक्षिण मध्य बिहार, दक्षिण पूर्व बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार है। 31 अगस्त और एक सितंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद में अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून की द्रोणिका अब गंगानगर, सिरसा, आगरा, बांदा, सीधी, संबलपुर से होकर ओडिश तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम में निम्न दाब क्षेत्र के केंद्र तक और फिर दक्षिण पूर्व की ओर से बंगाल की खाड़ी के पूर्व मध्य तक पहुंचाती है। समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है और ऊपर स्थित दो चक्रवाती परिसंचरणों से होकर गुजरती रहती है। पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल स्तरों पर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसकी धुरी औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है।  यह देशांतर 70 डिग्री से अक्षांश 28 डिग्री उत्तर तक बना हुआ है। इस कारण अगले पांच दिनों तक राज्य से अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है।  

महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर सुरक्षा बलों का ऑपरेशन सफल, चार नक्सलियों का खात्मा

 गढ़चिरौली पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने कोपरशी गाँव में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई, जो अभी भी जारी है।

गौरव का पल: सुनीता ढुल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुनी गईं

सोनीपत सोनीपत जिले के पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा की भूगोल और सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षिका सुनीता ढुल को इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह पिछले 29 वर्षों से शिक्षा जगत में सक्रिय रहकर बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। सुनीता ढुल रेडक्रॉस की राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर भी हैं और अब तक करीब 14 हजार विद्यार्थियों को 'फर्स्ट एड' और 'जीवन रक्षक कौशल' का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। विद्यालय में उन्होंने पठन-पाठन का स्तर सुधारने के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी योगदान दिया। बच्चों को रचनात्मक बनाने और अनुशासन की आदत डालने के लिए उन्होंने टाइम टेबल प्रणाली लागू की, जिसका सभी विद्यार्थी पालन करते हैं। 2014 से वह स्कूलों में प्रदर्शनी आयोजित कर बच्चों का व्यावहारिक ज्ञान बढ़ा रही हैं। 2019 से स्टेट रिसोर्स ग्रुप और परमानेंट रिसोर्स ग्रुप की सदस्य रहते हुए सामूहिक और प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दे रही हैं। वहीं, 2020 से एफएलएन संसाधन समूह के माध्यम से बच्चों को बेहतर सीखने की दिशा में मार्गदर्शन कर रही हैं। वह समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर देती हैं।   पर्यावरण के लिए दे रही संदेश 2022 से सुनीता जिला सांस्कृतिक समन्वयक की भूमिका निभाते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दे रही हैं। साथ ही "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत बच्चों से पौधारोपण करवाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी फैला रही हैं। पति निजी कंपनी में हैं GM सुनीता ढुल के निजी जीवन में उनके पति पवन कुमार नोएडा में निजी कंपनी के जीएम हैं। सुनीता का बेटा अध्ययन ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत है, जबकि बेटी वंशिका अशोका यूनिवर्सिटी से बीएससी (मनोविज्ञान ऑनर्स) की पढ़ाई कर रही है।

ओबीसी आरक्षण पर कल सर्वदलीय चर्चा, मोहन सरकार करेगी सभी दलों से विचार साझा

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 27 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा टॉप ऑफ द बोर्ड को सौंपा गया है, जो 28 अगस्त के बाद प्रतिदिन इस पर निगरानी रखेगा और राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट भी मांगेगा। ओबीसी आयोग के सर्वे के मुताबिक, प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 52 प्रतिशत है। लेकिन लगातार न्यायालय में चुनौती दिए जाने के कारण भर्ती व अन्य प्रक्रियाओं में इसका पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा। अब सरकार सभी दलों से सुझाव लेकर ओबीसी की हिस्सेदारी के प्रतिशत पर स्पष्ट नीति तय करेगी और उसी आधार पर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी जाएगी। आरक्षण मुद्दे पर गरमाई राजनीति ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर दोनों प्रमुख दल खुद को श्रेय देने की कोशिश कर रहे हैं। अब सर्वदलीय बैठक को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप है कि पिछले छह वर्षों से शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की वजह से ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं पा सका। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कमलनाथ सरकार के समय विधानसभा में अध्यादेश लाकर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था, जो बाद में कानून भी बन गया, लेकिन उसका क्रियान्वयन अब तक नहीं हो पाया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं ओबीसी आरक्षण देने की प्रतिबद्धता जता रहे हैं, तो फिर सर्वदलीय बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों है। पार्टी का कहना है कि सरकार को अब और विलंब न करते हुए दो दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामला वापस लेना चाहिए, ताकि ओबीसी वर्ग को उनका हक मिल सके।