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उज्जैन में दूसरा ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव, सिंहस्थ 2028 और निवेश के मुद्दे पर विचार-विमर्श

उज्जैन  महाकाल की नगरी उज्जैन में आज 27 अगस्त को दूसरी ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव आयोजित होगी। होटल अंजुश्री में होने वाली इस कॉन्क्लेव में देशभर में मंदिरों के प्रमुखजन, बड़ी होटल चेन के मुखिया शामिल होंगे। इसमें स्पिरिचुअल क्षेत्र में होने वाले नवाचारों पर चर्चा होगी। मध्यप्रदेश सरकार का फोकस उज्जैन में निवेश लाना है। ऐसे में स्पिरिचुअल क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं के प्रमुखों को भी बुलाया गया है। होटल अंजुश्री में होने वाली इस कॉन्क्लेव में काशी विश्वनाथ और महाकाल जैसे मंदिरों में भीड़ प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत निवेशकों से चर्चा करेंगे। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर बड़े होटल समूह, एयरलाइंस और मंदिरों के लिए काम करने वाली टेक कंपनियां भी शामिल होंगी। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और पर्यटन विभाग मिलकर यह आयोजन कर रहे हैं। पीएचडी चैंबर द्वारा पहला ऐसा आयोजन पिछले साल अयोध्या में किया गया था। श्रीराम मंदिर अयोध्या, महाकाल और काशी विश्वनाथ जैसे मंदिरों में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के चलते भीड़ प्रबंधन पर सरकारी अधिकारी, विशेषज्ञ और धर्मगुरु चर्चा करेंगे। स्पिरिचुअल टूरिज्म सेक्टर में एआई, वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों के प्रभाव पर भी बात होगी। आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इस आयोजन रूह-मान्टिक में शामिल होंगे। धर्मगुरु गौरांग दास प्रभु के अलावा केंद्र-राज्य के वरिष्ठ अफसर भी आयोजन में हिस्सा लेंगे। उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी विकास पर चर्चा पीएचडी चैम्बर और केपीएमजी द्वारा धर्मस्थलों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर बनी रिपोर्ट भी जारी होगी। महाकाल परिसर के आसपास की अर्थव्यवस्था, उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी विकास पर भी बात होगी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि कॉन्क्लेव निवेश एवं भीड़ प्रबंधन के मकसद से आयोजित की जा रही है। इसमें सीएम और केंद्रीय मंत्री स्पिरिचुअल क्षेत्र में काम रही संस्थाओं के प्रमुखों के साथ सीधी बात करेंगे। इसके अलावा होटल चेन, एयरलाइंस एवं अन्य कंपनियों के लोगों से भी बातचीत होगी। समिट एक ही दिन की है और इसमें देशभर के ख्यात मंदिरों का संचालन कर रहे लोग आएंगे। वह लोग अपने यहां हो रहे प्रयोगों की जानकारी कॉन्क्लेव में देंगे। इसके मुताबिक उज्जैन में व्यवस्था जुटाई जाएगी। उज्जैन का प्रशासनिक दल लखनऊ पहुंचा उज्जैन सिंहस्थ के लिए चल रही तैयारियों को लेकर निजी समूह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करेंगे। इनमें रेडीसन होटल समूह, इंडिगो, अकासा एयरलाइंस, ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसियां आदि शामिल होंगी। आयोजन सिंहस्थ को लेकर कई निवेश समझौते भी हो सकते हैं। प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाने के लिए उज्जैन का प्रशासनिक दल लखनऊ पहुंचा। इसमें सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीषसिंह, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और यूडीएम सीईओ संदीप सोनी शामिल हैं। कलेक्टर ने बताया कि प्रयागराज कुंभ में तैनात रहे अफसरों से वन टू वन चर्चा की जा रही है। उनके अनुभव के आधार पर उज्जैन सिंहस्थ में भी व्यवस्था जुटाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन रूह mantic का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 27 अगस्त को उज्जैन में प्रदेश के द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन रूह mantic का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम इंदौर रोड स्थित अंजुश्री होटल में प्रात: 10:30 बजे से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा पर्यटन मंत्रालय और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास प्रभु मुख्य भाषण देंगे और सम्मेलन का आध्यात्मिक वातावरण तैयार करेंगे। पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला (आईएएस) और मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (पर्यटन) शिव शेखर शुक्ला (आईएएस) सहित वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में आध्यात्मिक पर्यटन पर पीएचडीसीसीआई-केपीएमजी की रिपोर्ट 'आस्था और प्रवाह: भारत के पवित्र स्थलों में जनसमहू का मार्गदर्शन' का विमोचन भी किया जाएगा।  

Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों को सितंबर में मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। एमपी की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। जानकारी के लिए बता दें कि लाड़ली बहना योजना के तहत आने वाली महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की राशि दी जाती है। ये राशि जल्द ही 1500 रुपये होने वाली है। सीएम मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में ऐलान किया था कि दीवाली के दो दिन बाद यानी भाईदूज से लाडली बहनों को 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। कब आएगी 28वीं किस्त लाड़ली बहनों को योजना की 27वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले 7 अगस्त को जारी की गई थी। जिसके तहत 1.27 करोड़ हितग्राही महिलाओं के खाते में 1500 रुपये जारी किए गए थे। जिसमें रक्षाबंधन का शगुन भी शामिल था। वहीं 28वीं किस्त के लिए इतंजार कर रही महिलाओं को बता दें कि हर महीने योजना की राशि 10 से 15 तारीख के बीच जारी होती है। इस बार भी इन्हीं तारीखों के बीच राशि जारी की जाएगी। इस महीने से मिलेंगे 1500 रूपये मध्यप्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑफिसियल एक्स अकाउंट पर भी सीएम के ऐलान का वीडियो शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी गई है। इस बार दीपावली 18 अक्टूबर को है यानी की दो महीने बाद लाड़ली बहना योजना की किस्त में 250 रूपये की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी। भाई दूज से हर महीने मिलेंगे 1500 हालांकि अब वो दिन दूर नहीं है, जब खाते में हर महीने 1500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। अगले महीने सितंबर में आने वाली लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये मिलेंगे। हालांकि अक्टूबर यानी महज सिर्फ एक महीने के बाद से ही हर महीने खाते में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि हर साल लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा और साल 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे

भोपाल में ‘मछली’ परिवार पर शिकंजा, 12 पटवारी करेंगे नप्‍ती, 99 एकड़ जमीन विवादित

भोपाल  राजधानी भोपाल में 23 दिन में 7 प्रॉपर्टी जमींदोज करने व करीब 125 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार पर फिर से शिकंजा कंसने वाला है। भोपाल के अनंतपुरा कोकता बायपास क्षेत्र में ही पशुपालन विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन होगा। 27 अगस्त से जमीन की नप्ती का प्लान तैयार किया है। इसमें 2 राजस्व निरीक्षक और 12 से ज्यादा पटवारी जुटेंगे।  खबर है कि 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार सहित 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। कार्यवाही से पहले प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे।  99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्यवाही को लेकर प्लान तैयार किया है। 27 अगस्त से सीमांकन की शुरुआत की जाएगी। कार्रवाई से पहले सोमवार को प्लान का प्रजेंटेशन भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को दिखाया गया। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ वर्मा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, 99 एकड़ में से काफी हिस्से में मछली परिवार का दखल सामने आया है। एक कॉलोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल हैं। इसलिए इसकी पड़ताल की जा रही है। मछली परिवार समेत 20 लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं।  गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया था। अधिकारियों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। वही सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए।  23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई- ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी। 12 से 13 रकबा में पूरी जमीन जानकारी के अनुसार, 99 एकड़ जमीन का सीमांकन करने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यह जमीन 12 से 13 रकबे में है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि कार्रवाई को लेकर प्लान तैयार किया है। बुधवार से सीमांकन की शुरुआत कर दी जाएगी। गोविंदपुरा अनुभाग की टीम सीमांकन में रहेंगी। यदि इसमें किसी का अवैध कब्जा सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ताले खुले मिले, थाना प्रभारी को लिखा लेटर इधर, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया ने बिलखिरिया कलां थाना प्रभारी को एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया कि 30 जुलाई को कार्रवाई के दौरान तीन मंजिला बिल्डिंग को सील किया गया था। इस बिल्डिंग की ऊंचाई अधिक होने, पर्याप्त मशीन नहीं होने और महिलाओं के विरोध के चलते यह कार्रवाई की गई थी। 21 अगस्त को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान सील किए गए घर के ताले खोले गए थे। इसमें से एक ताला बदला पाया गया और एक ताला खुला मिला था। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका है। इसलिए सील किए गए तालों के खोले एवं बदले जाने से संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। 23 दिन में ऐसे हुई कार्रवाई… ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन के परिवार की अवैध कोठी को 21 अगस्त को गिरा दिया गया था। करीब 15 हजार स्क्वायर फीट एरिये में बनी कोठी, पोर्च, गैराज, पार्क था। इस जमीन की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई थी। जिसमें 6 संपत्तियों को जमींदोज कर 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई थी। घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन- शाहवर मछली व उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था। मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब व लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। 21 अगस्त को कोठी को तोड़ने की कार्रवाई की गई थी। इन दोनों कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन मछली परिवार की अन्य संपत्तियों की जांच में जुटा। इसी बीच पशुपालन विभाग ने कोकता बायपास स्थित 99 एकड़ जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदन दिया। अफसरों का दावा है कि इस जमीन पर भी मछली परिवार सहित 20 लोगों ने कब्जा किया है। इसके आधार पर प्रशासन ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया और सभी 20 लोगों को नोटिस जारी किए। बता दें कि कोकता बायपास पर मछली परिवार के नाम पर 26 एकड़ जमीन दर्ज है। इसमें 12 एकड़ पर कोर्टयार्ड प्राइम नामक कॉलोनी में 250 प्लॉट काटे गए, जबकि 14 एकड़ देवेंद्र लोधी (लोधी बिल्डर्स) को बेचकर कोर्टयार्ड कस्तूरी कॉलोनी बनाई गई है। दोनों कॉलोनियां टीएंडसीपी से अप्रूव हैं। घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से … Read more

मध्यप्रदेश बना देश का सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक, सब्जी उत्पादन में तीसरे नंबर पर

उद्यानिकी स्टोरी भोपाल  मध्यप्रदेश देश में सब्जी उत्पादन की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश में किसानों द्वारा 12 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। इनमें सर्वाधिक उत्पादन टमाटर का है, उल्लेखनीय मध्यप्रदेश टमाटर के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में 2024-25 में एक लाख 27 हजार 740 हैक्टर में टमाटर की खेती की गई है इसमे 36 लाख 94 हजार 702 मीट्रिक टन का उत्पादन संभावित है। विगत 4 वर्षों में प्रदेश में टमाटर के रकबे में 16,776 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। वर्ष 21-22 में प्रदेश में 1,10,964 हेक्टेयर में किसानों द्वारा टमाटर की खेती की गई थी जो वर्ष 24-25 में बढ़कर 1 लाख 27 हजार 740 हेक्टेयर हो गया है, जो बाजार में टमाटर की मांग और प्रदेश के टमाटर की पहचान का ही परिणाम है। मध्यप्रदेश के टमाटर की महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बहुत माँग है। किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं का परिणाम है कि टमाटर का उत्पादन सब्जियों में सर्वाधिक 28.92 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की औसत उत्पादकता 15.02 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 26 लाख 91 हजार हेक्टर में से प्रदेश में किसानों द्वारा 12 लाख 40 हजार  हेक्टेयर में  245 लाख 98 मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन कर देश में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। सब्जियों फसलों में टमाटर, धनिया और लहसुन के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। कुछ वर्षों से किसानों में टमाटर उत्पादन के प्रति आकर्षण बढ़ा है। राज्य सरकार भी टमाटर के बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। टमाटर पर आधारित लघु उद्योगों की संख्या भी बड़ी है। PMFME योजना से किसानों को फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगना आसान हुआ है।  अनूपपुर जिले के किसानों ने टमाटर उत्पादन में रचा नया इतिहास अनूपपुर जिले के 15 हजार किसानों ने टमाटर की खेती कर एक लाख 40 हजार मीट्रिक टन टमाटर की रिकॉर्ड पैदावार की है। जिले के तीन प्रमुख क्लस्टर जैतहरी, अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ में टमाटर की खेती व्यापक रूप से की जा रही है। इससे लगभग 15,500 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में हाइब्रिड एवं स्थानीय किस्मों के टमाटर की खेती की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बीज ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर 50-50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे किसानों की लागत कम और उत्पादन के साथ आय बेहतर हुई है। अनूपपुर जिले का टमाटर मध्यप्रदेश के शहडोल, रीवा और सतना सहित छत्तीसगढ़ के रायपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों तक भेजा जा रहा है। इससे किसानों को बाजार की उपलब्धता के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर विपणन सुविधा भी उद्यानिकी विभाग द्वारा विकसित की गई है। टमाटर की खेती में प्रति हेक्टेयर 50 से 60 हजार रुपए की लागत आती है। इससे किसानों को डेढ़ से 2 लाख रुपए तक का मुनाफा प्राप्त हो रहा है। प्रति एकड़ के हिसाब से यह मुनाफा एक लाख रुपए तक पहुंच रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।  

भूपेंद्र रघुवंशी की मौत से शोक, इंदौर में कारोबारी ने खाई जान

इंदौर मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में मंगलवार को शराब कारोबारी और पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। साथ ही मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की भवानी काॅलोनी में रहने वाले भूपेंद्र रघुवंशी नामक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया है कि पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जो पांच पन्नों का है। इसमें जिन बातों का जिक्र है, पुलिस उनकी जांच कर रही है। भूपेंद्र पब और क्लब चलाते थे। पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें पैसों की मांग और किसी प्रकरण में फंसाए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस सुसाइड नोट में दर्ज बातों की जांच कर रही है। इसमें एक महिला का भी जिक्र किया गया है, लेकिन पुलिस अभी उसकी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र ने ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव से परेशान होकर यह कदम उठाया है। पांच पन्नों के सुसाइड नोट में मृतक ने आत्महत्या के पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है। सुसाइड नोट में एक महिला सहित कई अन्य लोगों पर उसे लगातार परेशान और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। मृतक ने अपने नोट में यह भी लिखा है कि वह इन परिस्थितियों से तंग आ चुका था और अब संघर्ष करने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधितों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। भूपेंद्र की आत्महत्या से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि मृतक को लंबे समय से कुछ लोग ब्लैकमेल और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उसी से तंग आकर भूपेंद्र ने यह कदम उठाया है।

बिहार दौरे पर रविशंकर प्रसाद का बयान, राहुल-प्रियंका का कदम बदलाव नहीं लाएगा

पटना  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में चल रही इंडिया ब्लॉक की 'वोटर अधिकार यात्रा' में मंगलवार को सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुईं। उनकी मौजूदगी से कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि, प्रियंका गांधी वाड्रा के शामिल होने पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाई आए, बहन आईं, दौरे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिर से वही गलत बयानबाजी करेंगे। पत्रकारों से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एफिडेविट क्यों नहीं फाइल किया? क्योंकि उन्हें पता था कि झूठ बोलने पर कार्रवाई होगी। पेगासस और राफेल मामले में भी वही रवैया अपनाया। मीडिया, सीबीएसई, कैग और अब चुनाव आयोग तक को गाली देना राहुल गांधी की आदत बन गई है। उनका एक ही मंत्र है, 'ना कायदा सही, ना कानून सही, जो राहुल कहे वही सही।' लेकिन, देश ऐसे नहीं चलेगा। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता इनकी झूठी बातों का करारा जवाब देगी। वहीं, उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बिहार के डीएनए पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि बिहार के डीएनए में सम्राट अशोक की विरासत है। बिहार के डीएनए में महात्मा गांधी की प्रेरणा है। गांधी जब महात्मा बने तो वह चंपारण आए थे और यहीं से सत्याग्रह शुरू किया था। मैं रेवंत रेड्डी से आग्रह करूंगा कि थोड़ा बिहार को जान लें। बता दें कि बिहार में इंडिया ब्लॉक ने 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली है। इसमें राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के नेता शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को यात्रा के दसवें दिन की शुरुआत सुपौल जिले से हुई। सोमवार को इस यात्रा को ब्रेक दिया गया था। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई थी। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। एक सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा। यह यात्रा औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, कटिहार, पूर्णिया, मुंगेर, भागलपुर होते हुए सुपौल पहुंची।

रिश्वत लेते सीबीआई ने पकड़ा हेड कांस्टेबल, 1 लाख रुपए का मामला सामने आया

नई दिल्ली  केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई को हेड कांस्टेबल के रिश्वत लेने की जानकारी मिली थी। इसी क्रम में सीबीआई ने आरोपी पुलिसकर्मी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। सीबीआई ने 25 अगस्त को थाना अशोक विहार में तैनात दिल्ली पुलिस के आरोपी हेड कांस्टेबल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने के लिए 3 लाख रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद, आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता के खिलाफ लंबित शिकायत को बंद करने के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति जताई। आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता को 25 अगस्त को ही 1 लाख रुपए का आंशिक भुगतान करने का निर्देश दिया। सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी हेड कांस्टेबल को एक लाख रुपए की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायतकर्ता से आंशिक भुगतान के रूप में एक लाख रुपए वसूले गए। फिलहाल, सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। भ्रष्ट लोक सेवकों के विरुद्ध सीबीआई की सख्त कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सीबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जिन नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामले देखने को मिलते हैं या जिनसे सरकारी अधिकारियों की ओर से रिश्वत की मांग की जाती है, तो वे व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, सीबीआई ने नागरिकों के लिए 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 भी साझा किए हैं, जहां वे अपनी शिकायत दे सकते हैं।

श्रमिकों के कल्याण के लिये संकल्पित है मध्‍यप्रदेश श्रम कल्‍याण मंडल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिये संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। श्रमिकों के कल्याण के लिये म.प्र. श्रम कल्याण मंडल कार्यरत है। विधानसभा के मानसून सत्र में श्रमिकों के हितार्थ नियमों में संशोधन विधेयक पारित किये गये हैं। म.प्र. श्रम कल्याण मंडल का प्रथम बार गठन राज्‍य शासन द्वारा म.प्र. श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 की धारा 4 एवं सहपठित नियम 5 के अन्तर्गत 14 नवम्बर 1987 को किया गया। वर्तमान में मंडल का पुन:गठन राज्य शासन द्वारा 5 जुलाई 2023 को किया गया। संचालक मंडल का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। मंडल के गठन का मुख्य उद्देश्‍य संगठित क्षेत्र में प्रदेश में स्‍थापित औद्योगिक इकाइयों एवं स्‍थापनाओं में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के समग्र कल्याण के लिये सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता, शैक्षणिक विकास तथा खेलकूद संबंधी गतिविधियों का संचालन करना है। म.प्र. श्रम कल्‍याण निधि अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत औद्योगिक इकाईयों एवं स्‍थापनाओं द्वारा मंडल को 40 रूपये प्रति छह प्रति श्रमिक अभिदाय देय होता है। नियो‍जक का न्‍यूनतम अभिदाय रूपये 1500/- प्रति छह के लिये निर्धारित है। मंडल की योजनाऐं एवं गतिविधियाँ मंडल द्वारा वर्तमान में शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना, शिक्षा प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार योजना, विवाह सहायता योजना, अंतिम संस्‍कार सहायता योजना, कल्‍याणी सहायता योजना, उत्‍तम श्रमिक पुरस्‍कार योजना, श्रमिक साहित्‍य पुरस्‍कार योजना एवं अनुग्रह सहायता योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्‍त मंडल द्वारा संभागीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं राज्‍य स्‍तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है। मंडल प्रदेश के 27 स्‍थानों पर श्रम कल्‍याण एवं कौशल उन्‍नयन केन्‍द्रों का संचालन किया जाता है, जिसमें से 17 स्‍थानों पर श्रमिक परिवार की महिलाओं को सिलाई का नि:शुल्‍क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंडल ने विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2001-02 से वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में 15 अगस्त 2025 तक कुल 7 लाख 45 हजार 979 हितग्राहियों को हितलाभ राशि रूपये 52 करोड़ 51 लाख 81 हजार 179 का वितरण किया गया है। 

‘आप’ पार्टी पर कोई असर नहीं, आतिशी ने किया भरोसा दिलाने वाला बयान

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के घर हुई ईडी की रेड को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डिग्री पर देशभर में उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए यह छापेमारी कराई गई है। आतिशी ने मंगलवार को यह आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाना है। जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी मांगी थी, तो केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को डिग्री दिखाने का आदेश दिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने डिग्री नहीं दिखाई, बल्कि सीआईसी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कैसी यूनिवर्सिटी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र रहे हैं? उदाहरण देते हुए आतिशी ने कहा कि जब रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया। इसी तरह, जब वह खुद मुख्यमंत्री बनीं तो सेंट स्टीफंस कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। लेकिन, दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री सार्वजनिक करने से लगातार बच रही है। आतिशी ने कहा कि जिस समय का मामला बताया जा रहा है, 2018-19 के दौरान दिल्ली के 24 अस्पतालों के निर्माण से जुड़ा, उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे ही। वह दो साल बाद मंत्री बने। ऐसे में इस केस की कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तर्क पर रेड हो सकती है तो क्या भाजपा-कांग्रेस शासनकाल के 2जी, कोल गेट और कॉमनवेल्थ घोटाले में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पर भी छापे मारे जाएंगे? आतिशी ने कहा कि 'आप' ने आज तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं किया। उन्होंने सत्येंद्र जैन का उदाहरण दिया, जिन पर वर्षों तक कार्रवाई चली, लेकिन आखिरकार सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इसी तरह, सौरभ भारद्वाज पर डाली गई रेड भी राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार की सच्चाई सामने लाते रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने दी श्री गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी और गणेश उत्सव के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री देवड़ा ने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्री गणेश की कृपा और आशीर्वाद से सभी प्रदेशवासी सुखी और समृद्ध हों। श्री देवड़ा ने श्री गणेश चतुर्थी पर लोगों से शांति और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर श्री गणेश उत्सव को खुशी और उत्साह के साथ मनाने की कामना की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी का उपयोग कर प्रोत्साहित करने का आहवान किया।