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प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन

"प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

‘सहकारिता की मजबूती ही किसानों की प्रगति का आधार है’: डॉ॰ प्रेम कुमार

●     05 सितम्बर 2025 को उत्तर बिहार के सभी जिलों में ‘‘किसान सहकारी चैपाल’’ का होगा आयोजन   ●     सहकारी चैपाल में सहकारिता विभाग की योजनाओं की किसानों को मिलेगी जानकारी ●     किसानों के कल्याण के लिए सहकारिता विभाग चला रहा है कई योजनाएं   पटना  सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ॰ प्रेम कुमार ने मंगलवार को दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, शास्त्री नगर, पटना में सहकारिता विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित ’’किसान सहकारी चैपाल’’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए LED युक्त प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर उन्होंने रवाना भी किया। इस दौरान एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर भी विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। किसान सहकारी चैपालों का आयोजन जिलों के चयनित पैक्स/व्यापार मंडलों में किया जाएगा। इसमें पैक्स प्रतिनिधि, किसान, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय पदाधिकारी भी भाग लेंगे। इसके जरिए विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे खाद्यान्न अधिप्राप्ति, फसल सहायता योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन, भंडारण सुविधा, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति, दुग्ध, बुनकर, मत्स्यजीवी, मधुमक्खी समिति आदि से संबंधित जानकारी सभी सहकारी समितियों के सदस्यों को दी जाएगी।   इस कार्यक्रम में माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, डॉ॰ प्रेम कुमार ने कहा कि सहकारिता की मजबूती ही किसानों की प्रगति का आधार है। विभाग की विभिन्न योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना सहकारिता विभाग की प्राथमिकता है। राज्य सरकार अच्छा काम करने वाले पैक्सों को पुरस्कृत करने जा रही है। सहकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री आदर्श पैक्स प्रोत्साहन योजना 2025-26 के तहत आवेदन आमंत्रित किया है। इसमें प्रत्येक जिले के तीन पैक्सों एवं राज्य स्तर पर तीन पैक्सों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित होने वाले ‘‘किसान सहकारी चैपाल’’ एवं एलईडी युक्त प्रचार वाहन के जरिए किसानों एवं पैक्स सदस्यों तक विभागीय योजनाओं की जानकारी सहज एवं प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी।  आज के इस कार्यक्रम में सचिव, सहकारिता विभाग, श्री धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियाँ, श्री अंशुल अग्रवाल, अपर सचिव, सहकारिता विभाग, श्री अभय कुमार सिंह, अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, श्री प्रभात कुमार सहित सहकारिता विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। साथ हीं कार्यक्रम में दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान के निदेशक डाॅ॰ के॰पी॰ रंजन सहित पटना जिले के सभी पैक्स अध्यक्ष उपस्थित रहे एवं राज्य के अन्य जिलों के पैक्स अध्यक्ष एवं विभागीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

महू में CDS चौहान ने कहा, सुरक्षा के लिए सतत युद्ध की तैयारी जरूरी

इंदौर भारत को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनना है। हमें अब महाभारत की तरह शस्त्र और शास्त्र दोनों को साथ में लेकर चलना होगा। महाभारत का सबसे अच्छा योद्धा अर्जुन शस्त्र तो चला सकता था। परंतु शास्त्र का ज्ञान श्रीकृष्ण ने दिया तब जाकर पांडव युद्ध जीत सके। भारत एक शांतिप्रिय देश है। परंतु लेटिन में एक कहावत है। यदि शांति बनाए रखना है, तो हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहो। ये बातें चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने महू के आर्मी वार कॉलेज में मंगलावार को शुरू हुई दो दिवसीय ‘रण संवाद‘ कार्यक्रम में कही। तकनीक का युद्ध पर प्रभाव थीम पर आयाेजित इस संवाद कार्यक्रम में देश के तीनो सैन्य ईकाईयों के अधिकारी शामिल हुए। शुभारंभ मौके पर सीडीएस चौहान ने कहा कि पिछले दो साल से हम रणसंवाद जैसे कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे। जिससे हम हमारी सेनाओं को पुन: आकार दे सकें। इस तरह के आयोजन में मिलने वाले सुझाओं को अमल में लाकर हम आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए कहा कि हर दिशा से आने वाली जानकारी व सुझावों पर ध्यान देकर विशलेषण करने की आवश्यकता है। तकनीक के साथ आधुनिकता को अपनाने वाला ही जीतेगा रेस     सीडीएस चौहान ने कहा कि सबसे बड़े अर्थशास्त्री कौटिल्य व चाणक्य ने कहा कि किसी भी युद्ध को जीतने के लिए शक्ति, उत्साह और युक्ति की आवश्यकता होती है।     हमें यह अभी भांपने की जरुरत है कि भविष्य में किस तरह के युद्ध हो सकते है। ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा लेकिन उसने हमें बहुत कुछ सिखाया और भविष्य के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी।     तकनीकी रूप से युद्ध में मजबूती से डटे रहने की यह एक रेस है जिसमें सभी देश दौड़ रहे हैं। इसमें वही जीतेगा जो सबसे अधिक आधुनिक होगा।     भविष्य के युद्धों में विजय प्राप्त करने के लिए हमें तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ अपनी क्षमताओं का विकास करना होगा।     ऐसे में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), सायबर, क्वांटम और इलेक्ट्रानिक वारफेयर का समावेश कर अपनी सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण देने की जरूरत है।     राष्‍ट्र की सुरक्षा सभी के लिए सर्वाेपरि है। इसमें टेक्नोलाजी पार्टनरशिप, अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध व कूटनीति का अहम रोल है। रक्षा मंत्री समापन समारोह में होंगे शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार देर रात महू पहुंचे। वे महू में आयोजित रण संवाद कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को महू में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बुधवार को सैन्य रणनीति के इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा     दूसरे दिन युद्ध में इंटीग्रेट तकनीक के महत्व संबंधित प्रशिक्षण     भविष्य के लिए भारतीय नौसना तकनीकी तैयारी     जमीन युद्ध में मानव रहित प्रणाली का एकीकरण व 2035 तक बल संरचनाओं व सामरिक संचालन की पुनर्कल्पना।     अंतरिक्ष पर आधारित निगरानी और सेटकाम-ए ढांचे काे एकीकृत करना     डिजिटल युग में प्रतिद्वंदी की सप्लाय चैन को बाधित करना

नई वैश्विक खेल की शुरुआत, पीएम मोदी ने ट्रंप के खिलाफ चीन और रूस के साथ गठबंधन किया

नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (आयात शुल्क) नीति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति उल्टा असर डाल रही है और अब  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन-रूस के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ नया चक्रव्यूह तैयार कर लिया है और तीनों देश  एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहे हैं। यह गठजोड़ न सिर्फ अमेरिका पर निर्भरता को कम करेगा बल्कि दुनिया को बहुध्रुवीय (Multipolar) आर्थिक व्यवस्था की ओर ले जाएगा।  विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस सस्ती ऊर्जा देगा , चीन निवेश करेगा  और भारत सबसे बड़ा बाज़ार और सेवा हबबनेगा  । आने वाले सालों में दुनिया "India + 2" के फॉर्मूले पर चलेगी।   ट्रंप ने किया मजबूर ट्रंप प्रशासन द्वारा बढ़ते शुल्क और डॉलर की प्रधानता बनाए रखने की कोशिशों ने कई देशों को वैकल्पिक रास्ते खोजने पर मजबूर किया है। ऐसे समय में, खबर है कि  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वर्ष 2025 के अंत तक भारत का दौरा करेंगे वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन  के लिए सात साल बाद चीन जाने की तैयारी में हैं। इन यात्राओं को सामान्य कूटनीति न मानकर, एक “रणनीतिक त्रिकोण” (Dragon–Bear–Tiger) की दिशा में उठते कदम के तौर पर देखा जा रहा है।   तीन महाशक्तियां एक साथ भारत-चीन-रूस की संयुक्त GDP (PPP) करीब 53.9 ट्रिलियन डॉलर है। यानी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था का लगभग 1/3 हिस्सा अब इस तिकड़ी के पास है।रूस पर पाबंदियों के बाद भारत और चीन ने स्थानीय मुद्रा में तेल खरीदना शुरू किया। इससे अमेरिकी डॉलर की पकड़ ढीली हुई और "डि-डॉलराइजेशन" की राह तेज हो गई। तीनों देशों का रक्षा खर्च 549 बिलियन डॉलर है, जो दुनिया का 20% है। ऊर्जा खपत में इनकी हिस्सेदारी 35% है। यानी ये न सिर्फ अर्थव्यवस्था, बल्कि सुरक्षा और ऊर्जा में भी सुपरपावर हैं। विशेषज्ञों की राय मनीष भंडारी (संस्थापक, Vallum Capital) का कहना है कि चीन के पास विनिर्माण (manufacturing) की ताकत है, रूस ऊर्जा (energy) का सबसे बड़ा खिलाड़ी है और भारत सेवा क्षेत्र (services) व विशाल उपभोक्ता बाज़ार की ताकत रखता है। यह साझेदारी केवल व्यापारिक आँकड़ों से आगे बढ़कर एक नए वैश्विक संतुलन का प्रतीक है। संदीप पांडे (Basav Capital)  के अनुसार, तेल व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर अत्यधिक निर्भरता ही अमेरिका की ताकत रही है। लेकिन रूस और चीन के साथ स्थानीय मुद्रा में तेल खरीदकर भारत ने डॉलर के दबदबे को चुनौती दी है। अविनाश गोरक्षकर (SEBI-पंजीकृत विश्लेषक)  मानते हैं कि ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत और चीन को भी एक-दूसरे के करीब ला दिया है, क्योंकि दोनों को निर्यात में नए रास्ते तलाशने की ज़रूरत है।

4 घंटे टावर पर बंधक बना ‘Veeru’, शादी के लिए दी जान देने की धमकी, अधिकारियों ने संभाली स्थिति

बैराड़ बैराड़ थानांतर्गत गोंदरी गांव में एक युवक मंगलवार की सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने घरवालों सहित पूरे गांव को चेतावनी दी कि अगर उसकी शादी उसकी पसंदीदा लड़की शबाना से नहीं कराई गई तो वह टावर से कूद कर आत्महत्या कर लेगा। यह पूरा घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चलता रहा। समझाने के बाद बमुश्किल वह नीचे उतरने को तैयार हुआ। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार ग्राम गोंदरी निवासी अल्ताफ का मुरैना जिले की एक युवती शबाना से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसी के चलते अल्ताफ ने अपने परिजन के ऊपर दबाव बनाया तो वह लड़की के परिवारवालों से बात करने के लिए उनके घर गए। बताया जा रहा है कि दोनों का गोत्र एक ही होने के कारण लड़की के परिवार वाले शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए। बताया तो यहां तक जा रहा है कि जब शबाना ने भी अपने परिवार वालों पर दबाव बनाने का प्रयास किया तो उसकी मारपीट कर उसका मोबाइल छीन लिया गया।   विधायक ने समझाया, फिर भी नहीं माना ऐसे में कुछ दिनों से अल्ताफ और शबाना की बात भी होनी बंद हो गई। इसी कारण से अल्ताफ ने दोनों ही परिवारों पर प्रेशर बनाने के लिए यह कदम उठाया था। मंगलवार की सुबह 11 बजे से गांव वाले, परिवारवाले, सरपंच अल्ताफ को उसके मोबाइल पर फोन करके समझाते रहे, लेकिन वह टावर से उतरने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान वहां से क्षेत्रीय विधायक कैलाश कुशवाह गुजरे, उन्हें जब मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने भी अल्ताफ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। आखिर कैसे माना अल्ताफ? अंत में मौके पर पहुंचे एएसआइ तेज सिंह गौड़ ने फोन पर उसे समझाते हुए कहा कि अगर कोई इस तरह से तुम्हारी बहन से शादी करने की जिद करता तो क्या तुम तैयार हो जाते, आदि। यह बात अल्ताफ की समझ में आई और वह दोपहर तीन बजे के लगभग टावर से उतर कर नीचे आ गया।  

राजधानी स्टेशन से शुरू होगी मालाणी एक्सप्रेस, पुरानी दिल्ली स्टेशन अब नहीं

नई दिल्ली नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या अधिक होने से भीड़ प्रबंधन में परेशानी होती है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भी शुरू होने वाला है। इसे ध्यान में रखकर यहां से चलने वाली कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। पिछले माह नई दिल्ली से चलने वाली कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित करने की घोषणा की गई थी। अब मालाणी एक्सप्रेस को पुरानी दिल्ली की जगह सराय रोहिल्ला से चलाने का निर्णय लिया गया है। मालाणी एक्सप्रेस (20487/20488) पुरानी दिल्ली से बाड़मेर के बीच चलती है। 29 अगस्त से इसका परिचालन सराय रोहिल्ला स्टेशन से होगा। यह ट्रेन सराय रोहिल्ला स्टेशन पर दोपहर 12.30 बजे सराय रोहिल्ला पहुंचेगी। यहां से बाड़मेर के लिए अपराह्न 3.40 बजे रवाना होगी। जानकारी अनुसार आठ अन्य ट्रेनों के स्टेशन बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नई दिल्ली-बरौनी क्लोन ( 02563/02564) और नई दिल्ली-दरभंगा क्लोन (02569/02570) को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से चलाने का प्रस्ताव है। वहीं, पुरानी दिल्ली-श्रीगंगानगर इंटरसिटी (12481/12482)। पुरानी दिल्ली-बठिंडा किसान एक्सप्रेस (14731/14732), पुरानी दिल्ली-हिसार पैसेंजर (54423/54424), पुरानी दिल्ली-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस (14023/14024), जाखल-पुरानी दिल्ली पैसेंजर (54036) और पुरानी दिल्ली-नरवाना पैसेंजस (54033) को शकूरबस्ती से चलाने की प्रस्ताव है। हाल ही में छह ट्रेनों को नई दिल्ली से अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित करने की घोषणा की गई थी।

प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा

श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर के लिये डी.पी.आर. बनाने परामर्श शुल्क की स्वीकृति प्रदेश में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना एवं 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित करने का अनुमोदन ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय का निर्णय "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत पर 610 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्रीमहाकालेश्वर उज्जैन लवकुश चौराहा, इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाने के कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को परामर्श शुल्क 9 लाख रूपये प्रति किमी की दर (जीएसटी के अनुसार) का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में संचालित क्राईम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम (CCTNS) प्रोजेक्ट के सतत् क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए 5 वर्षों (वर्ष 2021-22 से 2025-26) के लिए स्वीकृत लागत 102 करोड़ 88 लाख रूपये की योजना में ई-विवेचना ऐप के लिए 75 करोड़ रूपये से 25 हजार टैबलेट क्रय करने की स्वीकृति दी। संशोधित/विस्तारित (CCTNS) योजना की कुल राशि 177 करोड़ 87 लाख 51 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान गयी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में CCTNS प्रोजेक्ट 2012 से स्वीकृति है। नए चरण में सभी विवेचना अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक टेबलेट दिया जाता है। जिससे मौके पर समस्त कार्यवाही हो सके। इसके लिए ई-विवेचना ऐप बनाया गया है। प्रथम चरण में 1732 टेबलेट खरीदे गए हैं। 610 नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वाराभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक न्याय प्रशासन के सुचारू संचालन एवं प्रदेश के सभी दण्ड न्यायालयों के समक्ष "प्रति न्यायालय एक अभियोजक" के सिद्धांत अनुसार अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक अभियोजन संचालनालय के तहत 610 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार अभियोजन संचालनालय के पदों के सृजन में अतिरिक्त लोक अभियोजक के 185 पद, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के 255 पद, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 100 पद और सहायक कर्मचारी के 70 पद का सृजन किया गया है। पद सृजन पर तीन वर्ष में लगभग 60 करोड़ रूपए का व्यय आयेगा। प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय किये जाने का निर्णय एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा मंत्रि-परिषद की 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक के पालन में प्रदेश में स्थापित की जाने वाली 4000 (3200+800 मेगावाट "ग्रीनशू") मेगावाट क्षमता की प्रस्तावित नवीन ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर विद्युत क्रय के लिए जारी निविदा अंतर्गत चयनित तीन विकासकों से क्रमशः 800 मेगावाट, 1600 मेगावाट एवं 800 मेगावाट विद्युत क्रय के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा चयनित विकासकों से अतिरिक्त 800 मेगावाट विद्युत का क्रय "ग्रीनशू" प्रावधान का उपयोग कर, निविदा की शर्तों एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रदत्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। उक्त स्वीकृति के पालन में अग्रिम कार्यवाही एवं म.प्र. विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ स्वीकृति के लिए याचिका दायर करने के लिए एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कैप्टिव मोड पर सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारामध्यप्रदेश जल निगम की समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन-संधारण व्यय को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजना एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार प्रदेश में 100 मेगावाट सौर उर्जा एवं 60 मेगावाट पवन उर्जा परियोजना कैप्टिव मोड पर स्थापित किए जाने, निविदा से प्राप्त दरों पर विद्युत् क्रय किए जाने एवं उत्पादित विद्युत देयकों के भुगतान की सुनिश्चितता के लिए "भुगतान सुरक्षा व्यवस्था" के अंतर्गत 6 माह का रिवोल्विंग लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए जाने के लिए अनुमोदन दिया गया। मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा 35 हजार से अधिक ग्रामों के 75 लाख परिवारों को पेयजल 60,786 करोड़ रुपए की लागत से 147 समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त परियोजनाओं के लिये निजी भागीदारी के माध्यम से क्रियान्वयन किए जाने के लिये 24 मार्च 2025 को मंत्रि-परिषद द्वारा सैद्धांतिक सहमति दी गई है।  

‘चरित्र का नुकसान हमेशा स्थायी’—लिव-इन रिलेशनशिप पर संत प्रेमानंद का संदेश

वृंदावन अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप और आधुनिक जीवनशैली को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि, "एक बार चरित्र गया तो वह कभी वापस नहीं आता है।" 'विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो' प्रेमानंद महाराज ने अपने मंगलवार के प्रवचन के दौरान एक सवाल के जवाब में लिव-इन रिलेशनशिप पर बात की। उन्होंने कहा, "एक लड़के से प्यार करो, उसके साथ रहो, उसकी फैमिली से मिलो और शादी कर लो। ऐसा नहीं कि 10 दिन किसी के साथ रहो फिर 10 दिन किसी और के साथ। विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो।" उन्होंने आगे कहा कि अगर विदेश इतने ही उन्नति वाले हैं तो वहां के लोग भारत में संतों के पास क्यों आते हैं?   पैसे से ऊपर है चरित्र जब उनसे पूछा गया कि आज के समय में लोग पैसे को ही सब कुछ मानते हैं तो उन्होंने कहा कि "पैसे को ही सब कुछ नहीं मानना चाहिए। एक बार चरित्र गया तो वो वापस नहीं आता है। पैसा ही सब कुछ नहीं होता।" पहले भी महिलाओं पर कर चुके हैं टिप्पणी इससे पहले भी प्रेमानंद महाराज महिलाओं को लेकर दिए गए अपने बयानों के चलते विवादों में आ चुके हैं। एक निजी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में सौ में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही ऐसी हैं जो पवित्र जीवन जीकर किसी एक पुरुष को समर्पित हैं। बाकी सभी बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा पर चोट बताया और इसे महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला बयान बताया था।  

शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर कार्य हो, राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बने: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कुलगुरुओं को व्यक्तिगत रुचि लेकर शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नामांकन के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, इस हेतु अच्छे ढंग से पढ़ाने, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से उन्हें जोड़ने आदि के लिए भी कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान को उच्च शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में सुधार नहीं होगा, उनके खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। राज्यपाल श्री बागडे ने विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के सम्बंध में मंगलवार को राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू करने, विश्वविद्यालयों में नैक एक्रिडिएशन की कार्यवाही पूर्ण करने, वहां उपलब्ध लैब, पुस्तकालय, खेल मैदानों और छात्रावास के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में एक समान प्रश्नपत्र और पाठ्यक्रम लागू किए जाने की व्यावहारिकता के बारे में भी सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों को पिपलांत्री पैटर्न पर विकसित किया जाए। वहां पर अच्छे फलदार और छायादार पौधे लगाने तथा उन्हें विकसित करने व  प्राकृतिक खेती के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर कार्य किया जाए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शोध के अंतर्गत मौलिक दृष्टि रखे जाने पर विशेष ध्यान  देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पेंशन, वेतनमान आदि के लिए भी राज्य सरकार स्तर पर संवाद कर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने निजी और राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन करवाने और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है कि हम विद्यार्थियों को देश का सुयोग्य नागरिक बनाएं। बैठक में विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं के कार्यकाल की अवधि तीन से पांच वर्ष किए जाने संबंधित सुझावों के साथ बैठक में सभी विश्वविद्यालयों में प्रो वाइस चांसलर बनाने, वहां पर भविष्य के प्रशासनिक अधिकारी तैयार करने, नवाचारो के आलोक में भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत भारत विद्या अनुसंधान केन्द्र शुरू किए जाने आदि पर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका ने प्रदेश में विश्वविद्यालयों के लिए कॉमन भर्ती बोर्ड, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के लिए विशेष प्रयास किए जाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जो नवाचार करें, उसे विश्वविद्यालय पोर्टल पर डाला जाए। उन्होंने राज्य सरकार से जुड़े विश्वविद्यालयी मुद्दों के जल्द निस्तारण का भी विश्वास दिलाया। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विषयों और संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं ने उच्च शिक्षा में नवाचार अपनाते हुए राज्य को उच्च शिक्षा में श्रेष्ठतम बनाए जाने से संबंधित सुझाव दिए। राज्यपाल श्री बागडे ने बैठक के बाद राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का लोकार्पण किया। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रोशन लाल रैना द्वारा लिखी पुस्तक का भी विमोचन किया।

टोल वसूली में गड़बड़ी का असर, NHAI ने कंपनी पर ठोका जुर्माना

गुड़गांव अक्सर आपने टोल कर्मियों को वाहन चालकों से अभद्रता करते देखा होगा। इतना ही नहीं जब वाहन चालक और टोलकर्मियों में विवाद हो जाता है तो बात मारपीट तक पहुंच जाती है। लगातार आ रही टोलकर्मियों की शिकायत के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सख्त हो गया है। एनएचएआई ने घामडौज टोल टैक्स वसूली करने वाली कंपनी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सोशल मीडिया पर एक वाहन चालक द्वारा टोलकर्मियों की अभद्रता की वीडियो पोस्ट करने के बाद लगाया है।  दरअसल, शौर्य गर्ग ने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट की थी। यह वीडियो 25 अगस्त की सुबह करीब सवा 10 बजे पोस्ट की गई। इस वीडियो में दिखाया गया कि जब वह अपनी गाड़ी से सोहना गुड़गांव रोड पर सफर कर रहे थे तो घामडौज टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन देखी। ऐसे में वह इमरजेंसी लाइन की तरफ चले गए और कर्मचारी को इमरजेंसी लेन खोलने के लिए कहा, लेकिन कर्मचारी वाहन चालक से अड़ गया और उससे अभद्रता करने लगा। वाहन चालक ने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो टोलकर्मी की अभद्रता बढ़ गई। इस वीडियो को पोस्ट करने के बाद एनएचएआई के अधिकारी हरकत में आए और टोल वसूलने वाली कंपनी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इस बाबत एनएचआई ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए शौर्य गर्ग को रिप्लाई भी किया है।  एनएचआई के एक्स अकाउंट से दिए गए रिप्लाई में कहा गया है कि एनएच-248ए के घामडौज टोल पर वाहन चालक से टोलकर्मी के मिसबिहेव करने पर संज्ञान लिया गया है। ऐसे में इसमें सख्त एक्शन लेते हुए टोल वसूलने वाली कंपनी मैसर्स आर के जैन इंफ्रा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही एजेंसी को कारण बताओ नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा गया है क्यों न उसके एनएचएआई के साथ टोल वसूली के एग्रीमेंट को रद्द कर दिया जाए। एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि टोलकर्मियों के इस तरह के बर्ताव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।