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जालंधर में सर्जिकल कॉम्प्लेक्स के Metro Milk Factory में हुई अमोनिया गैस लीक, 30 लोग फंसे

जालंधर  वेस्ट हलके में स्थित सर्जिकल कॉप्लैक्स के मैट्रो मिल्क फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक हो गई। इस घटना में कर्मियों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा क्रेन की मदद से दीवार तोड़कर कर्मियों को बाहर निकाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस घटना के दौरान 30 लोग अंदर फंसे हुए है, जिन्हें क्रेन की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल को तुरंत उपचार मिल सके। फिलहाल गैस रिसाव के कारणों का पता लगाया जा रहा है और हालात पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं।  

सरकार का नया फैसला, प्रभावित होंगे 55 लाख राशन कार्डधारी

चंडीगढ़ पंजाब में राशन कार्डों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि केंद्र की ओर से पंजाब में 8 लाख राशन कार्ड काटने की साजिश रची जा रही है। इसके कारण राज्य के लाखों लोगों को मुफ्त राशन नहीं मिल सकेगा। इससे पहले भी 23 लाख लोगों को इस सुविधा से वंचित किया जा चुका है। अब सरकार की इस साजिश से कुल 55 लाख लोग इस सुविधा से वंचित हो जाएंगे। पंजाब सरकार का कहना है कि केंद्र द्वारा राशन कार्ड काटने के मानदंड गलत हैं। गौरतलब है कि इस समय राज्य में 1.53 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें राशन कार्ड के माध्यम से सस्ता अनाज मिल रहा है। केंद्र ने इनकी जांच करने के लिए कहा है, जबकि पंजाब सरकार के मुताबिक 1.29 करोड़ लाभार्थियों का वेरिफिकेशन हो चुका है। केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि केंद्र ने सिर्फ अयोग्य लाभार्थियों की पहचान करने के लिए कहा है। मंत्री ने साफ किया है कि केंद्र सरकार ने मंज़ूर किए गए 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से किसी को नहीं हटाया है। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि हम अपने विभाग से इन कार्डों की जांच करवाएंगे। इससे पता लग सकेगा कि कहीं कोई ऐसा व्यक्ति तो नहीं है, जिसका राशन कार्ड नहीं बनना चाहिए था और बन गया हो।  

सीएम योगी का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” भरने जा रहा है नई उड़ान

रोज़गार महाकुंभ 2025 यूपी में लगेगा सैकड़ों कंपनियों का जमावड़ा, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के सुनहरे अवसर  सीएम योगी का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” भरने जा रहा है नई उड़ान  युवाओं को मिलेगा उद्योग जगत से जुड़ने का सीधा मौका, सपनों को मिलेगी उड़ान – 100 से अधिक दिग्गज कंपनियां 50 हजार से अधिक युवाओं के देगी रोजगार के अवसर – तीन दिन में तीन मंच से युवाओं के सपने होंगे साकार, कंपनियों को मिलेगा नई ऊर्जा और स्किल्ड टैलेंट लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” अब नई उड़ान भरने जा रहा है। सीएम योगी की पहल पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 26 से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाला तीन दिवसीय “रोज़गार महाकुंभ 2025” प्रदेश के लाखों युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की रोजगार और कौशल क्रांति की नई पहचान बनेगा, जहां युवाओं को सीधे उद्योग जगत से जुड़ने और अपने भविष्य को नई दिशा देने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देश-विदेश की नामी कंपनियों का बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। देश की करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगी। इसमें 100 से अधिक कंपनियों की ओर से 50 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर दिया जाएगा।  रोजगार महाकुंभ में शामिल होंगी दिग्गज कंपनियां  लखनऊ में आयोजित रोजगार महाकुंभ में स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में और डेटा-ड्रिवेन सॉल्यूशंस पर काम करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Wadhwani AI, Microsoft और Intel जैसी अंतरराष्ट्रीय दिग्गज कंपनियां शामिल होंगी, जो इससे तकनीक और शोध से जुड़े युवा सीधे स्टार्टअप इकोसिस्टम में प्रवेश कर सकेंगे। ये कंपनियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हार्डवेयर डिजाइन जैसे क्षेत्रों में नौकरियां देंगी। इससे यूपी के इंजीनियरिंग और तकनीकी पृष्ठभूमि के युवाओं को बड़ा लाभ मिलने वाला है।  इसके अलावा ई-कॉमर्स सेक्टर से Flipkart और Amazon Web Services (AWS) जैसी कंपनियों की उपस्थिति से युवाओं को सप्लाई चेन मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन रिटेल ऑपरेशंस में अवसर मिलेंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकंभ में जहां वित्तीय और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियां भी शामिल होंगी वहीं मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर से Mahindra जैसी कंपनियां रोजगार की बड़ी संभावनाएं लेकर आएंगी। यहां मैकेनिकल इंजीनियर्स और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग वाले युवाओं को लाभ मिलेगा। तीन दिन में तीन मंच से हजारों सपनों को मिलेगी उड़ान रोज़गार महाकुंभ 2025 में जहां एक ओर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कंपनियों को भी नई ऊर्जा और स्किल्ड टैलेंट उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में  यह आयोजन प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला साबित होगा। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में तीन मंच के माध्यम से हजारों युवाओं के सपने को उड़ान मिलेगी। जिसमें प्रमुख रूप सें रोज़गार कॉन्क्लेव होगा जिसमें नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ युवाओं की सीधी बातचीत होगी। वहीं रोज़गार महाकुंभ में कंपनियां ऑन-स्पॉट इंटरव्यू और प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करेंगी। जिसमें 50 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर दिया जाएगा। वहीं एग्ज़िबिशन पवेलियन के माध्यम से युवाओं को प्रदेश की प्रगति, नई औद्योगिक नीतियों और कौशल विकास मॉडल की झलक मिलेगी।

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को मिला स्टेट गेस्ट स्टेटस, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को राज्य अतिथि (State Guest) का दर्जा दिया है. सरकार की ओर से उन्हें न केवल राज्य अतिथि का सम्मान दिया गया है, बल्कि उनकी सुरक्षा और ठहराव से जुड़े सभी इंतजाम भी पुख्ता कर दिए गए हैं. शुभांशु शुक्ला को राजधानी लखनऊ स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में रोका गया और प्रोटोकॉल के तहत उनका पूरा ख्याल रखा गया.  जानकारी के मुताबिक, सरकार ने शुभांशु शुक्ला की ओवरऑल सिक्योरिटी की जिम्मेदारी एक डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. यह अधिकारी उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगा और उनकी सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम सुनिश्चित करेगा. साथ ही, ट्रैफिक पुलिस विभाग की ओर से उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि उनके मूवमेंट के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो.  हालांकि, राज्य अतिथि होने के बावजूद शुभांशु शुक्ला पर घर जाने की कोई कानूनी रोक नहीं है. लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल उनके घर जाने के कार्यक्रम को टाल दिया गया है. दरअसल, जहां शुभांशु शुक्ला का घर है, वहां छोटी-छोटी गलियां हैं. ऐसे में वहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की आशंका है. प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. इसलिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने उनके घर जाने के कार्यक्रम को ‘एवॉइड’ किया है.  बिना प्रोटोकॉल कहीं नहीं जा सकेंगे शुभांशु सूत्रों के मुताबिक, शुभांशु शुक्ला को बिना प्रोटोकॉल और जानकारी दिए कहीं जाने की अनुमति नहीं होगी. राज्य अतिथि होने के नाते उनकी हर गतिविधि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में होगी. सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का प्रोग्राम तभी होगा, जब पहले से सूचना दी जाए और सुरक्षा इंतजाम पूरे हों.  सम्मान और सुरक्षा दोनों साथ राज्य अतिथि का दर्जा मिलना शुभांशु शुक्ला के लिए एक बड़े सम्मान की तरह देखा जा रहा है. साथ ही, यह सरकार की ओर से एक स्पष्ट संदेश भी है कि वह किसी भी तरह की सुरक्षा या व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी. अब लखनऊ में शुभांशु शुक्ला के हर कार्यक्रम और मूवमेंट पर सरकार की पैनी नजर रहेगी और उन्हें पूरा प्रोटोकॉल दिया जाएगा.

बिहार में पुलों की क्रांति: गंगा, सोन, गंडक और कोसी पर तेज़ी से हो रहा निर्माण

बिहार बन रहा पुलों का प्रदेश, गंगा-सोन-गंडक-कोसी पर पुलों का हो रहा तेजी से निर्माण बिहार में पुलों की क्रांति: गंगा, सोन, गंडक और कोसी पर तेज़ी से हो रहा निर्माण बदलती तस्वीर: बिहार बन रहा पुलों का प्रदेश, नदियों पर जुड़ रहे नए सफर पटना बिहार अब पुलों का प्रदेश बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2005 में सत्ता संभालने के बाद से पुल निर्माण में ऐतिहासिक तेजी आई है। पिछले दो दशकों में गंगा, सोन, गंडक और कोसी नदियों पर 15 बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 21 पुलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा नदी पर बने 6 लेन वाले औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन किया। यह पुल देश का सबसे चौड़ा पुल है, जिसकी लंबाई 8.15 किलोमीटर है। इसके चालू हो जाने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है। राज्य के अधिकांश जिलों में नदियों के जाल के कारण आवागमन लंबे समय से चुनौती रहा है। तीन घंटे में पटना पहुंचने के मुख्यमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नदियों पर मजबूत पुलों का निर्माण जरूरी है।  गंगा नदी पर पुलों का विस्तार गंगा नदी पर फिलहाल 8 पुल चालू हैं। नौ पुलों का निर्माण चल रहा है, जबकि तीन और नए पुलों की योजना पर काम शुरू हो गया है। इनमें औंटा-सिमरिया पुल राज्य की जीवनरेखा बनकर उभरा है। सोन नदी पर सातवां पुल सोन नदी पर अब तक पांच पुल बन चुके हैं। एक का निर्माण जारी है और दो और पुलों की मंजूरी मिल चुकी है। नया सातवां पुल कोइलवर से 10 किलोमीटर दूर बिंदौल और कोशीहान के बीच बनेगा। वहीं, छठा पंडुका घाट पुल डेहरी ऑन सोन से अकबरपुर-सदुनाथपुर मार्ग को जोड़ेगा। इससे न केवल बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश के लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा। गंडक और कोसी पर लंबी छलांग गंडक नदी पर सात पुल तैयार हैं। तीन और निर्माणाधीन हैं तथा चार नए प्रस्तावित हैं। दूसरी ओर कोसी नदी पर अब तक 4 पुल बन चुके हैं और 3 पुल निर्माणाधीन हैं । खासकर मधुबनी जिले के भेजा से सुपौल के बकौर तक बनने वाला पुल पूरे देश का सबसे लंबा पुल होगा। 10.02 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 1200 करोड़ की लागत से हो रहा है। इसके चालू होते ही मधुबनी और सुपौल की दूरी 30 किलोमीटर घट जाएगी और यातायात में क्रांतिकारी सुधार आएगा। बिहार में पुलों का यह विस्तार न सिर्फ परिवहन व्यवस्था को सुगम बना रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नई राह खोल रहा है। आने वाले वर्षों में जब ये सभी पुल तैयार हो जाएंगे, तब तीन घंटे में पटना का सपना हकीकत बन जाएगा।

मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना: पांच साल में 2317 बच्चों की धड़कनें फिर से हुईं मजबूत

मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से पांच साल में 2317 बच्चों को मिला नया जीवन मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना: पांच साल में 2317 बच्चों की धड़कनें फिर से हुईं मजबूत पांच साल की सफलता: सीएम बाल हृदय योजना से हजारों बच्चों को जीवनदान पटना बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए संजीवनी बनकर उभरी है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की पहचान कर उनका निःशुल्क इलाज कराया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2021 से अब तक कुल 2317 बच्चों के हृदय का सफल इलाज किया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक 1565 बच्चों का निःशुल्क इलाज अहमदाबाद के प्रशांति मेडिकल सर्विसेज और रिसर्च संस्थान (श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल) में हुआ है। वहीं, पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) में 402, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में 149 और जयप्रभा मेदांता अस्पताल में 201 बच्चों के हृदय रोग का इलाज किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 338, 2022-23 में 410, 2023-24 में 556, 2024-25 में 764 और 2025-26 में अब तक 249 बच्चों का सफल इलाज हो चुका है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष सहायता मिली है। योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना का लाभ उठाने के लिए बच्चे का आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो और माता-पिता का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है।

हरियाणा रोडवेज बस से टकराई कार, कैथल में 4 लोगों की गई जान

कैथल हरियाणा के कैथल जिले में आज सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। जहां जिले के क्योड़क गांव के पास बठिंडा से कुरुक्षेत्र जा रही एक कार हरियाणा रोडवेज की बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले थे मृतक  जानकारी के मुताबिक मृतक लोग पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले थे। वे कार से कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही कार कैथल जिले के पास पहुंची, सामने से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह दब गई और पलटकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सदर थाना पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कार को क्रेन मशीन और गैस कटर की मदद से काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया जबकि घायलों को इलाज के लिए कैथल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। कर में सवार चार लोगों की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। जबकि बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि सभी सुरक्षित हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद बस ड्राइवर और कार चालकों की लापरवाही की जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती हैं। पहले भी यहां कई बार हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस स्थान पर स्पीड ब्रेकर या ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लग सके।

नशे का काला कारोबार: इंदौर पुलिस ने महिला के पास से पकड़ी करोड़ों की ब्राउन शुगर

इंदौर   इंदौर शहर में सोमवार को एक महिला को एक करोड़ रुपए की ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है.  अपराध निवारण शाखा के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने अहिरखेड़ी इलाके में आरोपी सीमा नाथ के घर से 516 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया. उन्होंने बताया कि महिला पिछले कई सालों से नशीले पदार्थों का कारोबार कर रही थी.पुलिस ने उसके घर से 48.5 लाख रुपए नकद और इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद किया है.  राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मौके से मिले सबूतों से साफ पता चलता है कि महिला तस्कर ने नशीले पदार्थ बेचकर मोटी रकम कमाई है. उन्होंने बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत एक FIR दर्ज की गई है.  पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला पर पहले से ही 12 मामले दर्ज हैं. पुलिस अब आगे की विस्तृत जांच में जुटी है. 

बिहार में विकास की रफ्तार तेज, पटना को मिली 1024 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना जिला अंतर्गत प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से संबंधित पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) के लिए 1024.77 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास / कार्यारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि प्रगति यात्रा के दौरान पटना जिले के लिए की गई घोषणाओं से संबंधित पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) के अंतर्गत योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ किया जा रहा है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) में आमलोगों को काफी फायदा होगा तथा बेहतर जनसुविधाएं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पटेल गोलम्बर के पास आयोजित कार्यक्रम स्थल से 196.80 करोड़ रुपए लागत की पटेल गोलंबर से ईको पार्क के पश्चिमी छोर तक तथा इको पार्क के पूर्वी छोर से अटल पथ तक सरपेंटाईन नाले पर भूमिगत नाला के साथ 4 लेन सड़क के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके निर्माण कार्य होने से सचिवालय, राजधानी वाटिका तथा एयरपोर्ट आने-जाने में लोगों को काफी सुविधा होगी। खुले नाले पर फोरलेन पथ के निर्माण हो जाने से आवागमन में सहूलियत के साथ-साथ पटना शहर की सुंदरता और बढ़ेगी। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने डाकबंगला चौक पर आयोजित कार्यक्रम स्थल से 328.52 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहरी क्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के तहत बिजली के तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की परियोजना का शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को पटना शहरी क्षेत्र अन्तर्गत अंडरग्राउंड (कवर्ड) बिजली के तारों के रूट प्लान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष इस योजना से संबंधित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई। जुलाई माह में विद्युत खपत के दौरान शून्य विद्युत शुल्क वाले दो उपभोक्ताओं को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र सौंपा। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने पटना साइंस कॉलेज स्थित न्यूटन हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 30.02 करोड़ रुपये लागत की पटना शहर में अवस्थित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ किया। मुख्यमंत्री ने जेपी गंगापथ पर आयुक्त कार्यालय के निकट आयोजित कार्यक्रम स्थल से 48.96 करोड़ रुपये की लागत से पटना जिला अंतर्गत गांधी मैदान के नजदीक पटना हाट निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही 52.28 करोड़ रुपये की लागत से मंदिरी नाला पर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क को जेपी गंगा पथ से जोड़ने हेतु संपर्क पथ के निर्माण कार्य का भी शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 387.40 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहर अंतर्गत गंगा नदी के किनारे दीघा से गांधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ लगभग 7 किमी की लंबाई में 'जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज- 1)' के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 12.38 करोड़ रुपये की लागत की सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रीयट घाट तक विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।

अधिकारियों संग बैठक में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई है. शिक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक है. इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी बैठक में मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री यादव विभागीय अधिकारियों से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. बता दें, कार्यभार संभालने से पहले आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दूधाधारी मंदिर जाकर भगवान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने महंत राम सुंदर दास से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया.