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पटना सड़क हादसा: कार 25 मीटर तक घसीटती रही, 5 कारोबारियों की मौके पर मौत

पटना  पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र के महुली के पास देर रात एक भीषण सड़क हादसे में पांच कारोबारियों की मौत हो गई. हादसा उस वक्त हुआ जब फतुहा से पटना लौट रही एक कार ने सड़क पर खड़े एक ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह ट्रक के अंदर घुस गई, जिसके चलते कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 50 वर्षीय राजेश कुमार, 55 वर्षीय संजय सिंह, 38 वर्षीय कमल किशोर, 35 वर्षीय प्रकाश चौरसिया और 38 वर्षीय सुनील कुमार के रूप में हुई है. ये सभी पटना के प्रतिष्ठित कारोबारी थे जो फतुहा से किसी काम के बाद देर रात पटना लौट रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और सभी सवारों की मौके पर ही जान चली गई. सूचना मिलते ही परसा बाजार पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार को काटकर शवों को बाहर निकाला. शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. टक्कर के बाद कार को घसीटते ले गया ट्रक कार के ट्रक के अंदर घुसने के बाद भी ट्रक अपने रफ्तार से चलता गया और लगभग 25-30 मीटर तक घसीटते ले गया. मृतकों में गोपालपुर के 50 साल के राजेश कुमार, 38 साल के संजय कुमार, सिपारा के 38 साल के कमल किशोर, 35 साल के प्रकाश चौरसिया और मुजफ्फरपुर के 30 साल के सुनील कुमार शामिल हैं. वहीं इस घटना के साक्षी लोगों का कहना है कि टक्कर के बाद एक जोरदार धमाका हुआ और कार पूरी तरह से नष्ट हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही परसा बाजार थाना पुलिस और पटना सदर  DSP मौके पर पहुंचे.  कार को काटकर शवों को निकाला गया बाहर यह हादसा इतना भीषण था कि अंदर बैठे पांचों कारोबारियों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस को कार में फंसे लोगों के शव को निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. अंत में फिर गैस कटर से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए PMCH भेजा गया. ये सभी पटना के ही कारोबारी है और फतुहा से पटना लौट रहे थे.

CM मोहन का तोहफा इंदौरवासियों को, 50 इलेक्ट्रिक AC बसें और ऐप-बेस्ड सुविधा शुरू

इंदौर   स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे। इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी। ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

रेस्क्यू में बहादुरी दिखाने वाले युवाओं का कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन टावर में मौजूद सभी  लोगों को सुरक्षित निकाला गया कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत रायपुर राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया। गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।     इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।          कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।     घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।   श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें श्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

जूनियर ने बदला था बयान, अब IET में रैगिंग के दोषी 4 सीनियर्स पर सख्त कार्रवाई

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए।  विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था। फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी। बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए। एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है। ‌‌विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।  

पंजाब त्रासदी: तबाही मचाती बाढ़ से अब तक 37 की जान गई, लाखों लोग बेघर

गुरदासपुर पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है. भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से छोड़े गए पानी के कारण राज्य की प्रमुख नदियां सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. मौसमी नाले भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहे हैं. अब तक बाढ़ में 37 लोगों की मौत हो चुकी है और साढ़े 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 1,655 गांव पानी से डूब गए हैं. बाढ़ के कारण पंजाब में 1.48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसलें तबाह हो चुकी हैं. किसानों को पशुधन के नुकसान की भी मार झेलनी पड़ रही है. कई घर जमींदोज हो गए हैं या पानी में बह गए हैं. कई इलाकों में खेत तालाब और झील में तब्दील हो गए हैं, जिनकी गहराई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई है. ग्रामीण नावों के सहारे इधर-उधर जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे प्रभावित जिलों में शामिल हैं. प्रशासन ने कई राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन बहुत से लोग अब भी अपने मवेशियों और घरों के पास ही छतों या ऊंचे प्लेटफार्मों पर डटे हुए हैं. सरकार और नेताओं की अपील मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि सरकार ने विशेष गिरदावरी (नुकसान आकलन सर्वे) शुरू कर दी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलेगा. मान ने कहा, “जब भी देश संकट में आया, पंजाब ने साथ दिया. आज पंजाब संकट में है, देश को हमारे साथ खड़ा होना चाहिए.” आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे. इससे पहले मनीष सिसोदिया ने तरनतारन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जबकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3.25 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए दिए हैं. जनसहयोग भी जारी पंजाब के कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, करण औजला, अम्मी विर्क और रंजीत बावा जैसे कलाकार लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं. सरकारी एजेंसियों के साथ कई एनजीओ और सिख संस्थाएं राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं. वहीं, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1677.84 फीट तक पहुंच चुका है, जो अधिकतम क्षमता 1680 फीट के बेहद करीब है.

यमुना का पानी बढ़ा, दिल्ली के 8 इलाके जलमग्न – रिंग रोड और NH-154A पर रोक

नई दिल्ली दिल्‍ली-एनसीआर में गुरुवार 4 सितंबर 2025 को झमाझम बारिश हुई है. खासकर राष्‍ट्रीय राजधानी के संगम विहार, कालकाजी समेत महानगर के कई हिस्‍सों में बारिश हुई है. दिल्‍ली के सोनिया विहार इलाके में जमीन धंसने की घटना समने आई है. ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश की वजह से यमुना का जलस्‍तर खतरे के निशान को पार कर गया है. कई इलाकों में पानी भर गया है. सैकड़ों की संख्‍या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर आश्रय लेना पड़ा है. हथिनी बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से हालात और भी बिगड़ रहे हैं. पंजाब और जम्‍मू-कश्‍मीर में भी बाढ़ से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. पंजाब का हर जिला बाढ़ से प्रभावित है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे राज्‍य को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्‍यों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जम्‍मू-कश्‍मीर में मूसलाधार बारिश, बाढ़, लैंडस्‍लाइड और फ्लैश फ्लड के चलते हालात बेहद गंभीर हो गया है. पंपोर में बारिश से हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि राहत-बचाव के लिए सेना को उतरना पड़ा है. झेलम नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में घुस रहा है. इस वजह से आमलोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के साथ ही आर्मी के जवान झेलम के पानी को रोकने का प्रयास भी कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़े नहीं. राजस्‍थान में मूसलाधार बारिश से हालात खराब राजस्थान में जयपुर समेत कई जिले में भारी बारिश से हालात खराब है. जयपुर के पास कोटखावदा गांव भी सड़कों के दरिया बनने से टापू बन गया है. गांव के कई इलाके पानी में डूबे हैं. इस गांव की आस पास के छोटे गांव यानी ढाणियों के टापू बनने से ग्रामीण संकट में फंसे है. पानी की निकासी की कोशिश जारी है, इसके बावजूद संकट बना हुआ है. कोट खावदा गांव टापू में तब्‍दील हो गया है. कोट खावदा गांव की संपर्क सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है. प्रभावित पीड़ितों को ट्रैक्टरों की मदद से बाहर निकाला जा रहा है. पंजाब सरकार ने आवंटित किया करोड़ों का फंड पंजाब सरकार ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कुल 71 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. सभी जिलों को पहले ही 35.50 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. वित्त आयुक्त (माल) ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित 12 जिलों को 35.50 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड जारी किए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि वह प्रदेशवासियों के नुकसान की भरपाई के लिए वचनबद्ध है और उसके लिए प्रयास करेगी.  चंबा में आपदा के बाद राहत कार्य तेज़, भरमौर एनएच की बहाली में जुटा प्रशासन आज का मौसम लाइव: हाल ही में हुई मूसलधार बारिश के चलते चंबा ज़िले की अधिकांश सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है. खासकर चंबा से भरमौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-A बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है. इस आपदा के चलते जहां मणिमहेश यात्रा के अधिकतर श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने घरों को लौट चुके हैं, वहीं कुछ यात्री अब भी फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने के लिए सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर सेवाएं चलाई जा रही हैं. प्रशासन ने राहत और पुनर्बहाली कार्यों में तेजी लाने के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में बिलासपुर से एससी वर्ग के वरिष्ठ अधिकारी जीत सिंह ठाकुर को विशेष रूप से चंबा भेजा गया है. उन्हें इस मार्ग की बहाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे दिन-रात मौके पर निगरानी रख रहे हैं.  

पटना में आगजनी, गया में चक्का जाम – गालीकांड बना बड़ा चुनावी मुद्दा

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के अपमान के खिलाफ एनडीए सड़कों पर उतर आया है. कांग्रेस के एक कार्यक्रम में हुई घटना के विरोध में एनडीए ने आज 'बिहार बंद' का आह्वान किया है. सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद का ऐलान किया गया है जिसके तहत अलग-अलग शहरों में एनडीए कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जा रहा है. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, 'कुछ दिन पहले इंडिया गठबंधन के मंच से पीएम मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई थी. आज एनडीए ने पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.' बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह बहुत ही शर्मनाक है कि प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई और आज तक माफी नहीं मांगी गई. मैं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से कहना चाहता हूं कि अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते… हम इसकी निंदा करते हैं. भारत की संस्कृति मां का सम्मान करना है… अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा बोलता तो हम कार्रवाई भी करते और माफी भी मांगते… बिहार की जनता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को करारा जवाब देगी.' बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान पीएम मोदी और उनकी मां को लेकर दी गई गाली को बीजेपी ने सियासी मुद्दा बना दिया है. इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जो दोपहर एक बजे तक रहेगा. बीजेपी और एनडीए ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को महिला अस्मिता से जोड़ दिया है. यही वजह है कि बीजेपी की महिला मोर्चा ने बिहार की सड़क पर फ्रंटफुट पर उतरकर महागठबंधन के खिलाफ माहौल बनाया है. बीजेपी की महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ एनडीए के तमाम बड़े नेता भी बिहार की अलग-अलग शहरों की सड़क पर उतरेंगे और महागठबंधन को महिला विरोधी के कठघरे में खड़े करेंगे. इस तरह एनडीए की बिहार चुनाव से पहले गाली कांड को भावनात्मक मुद्दा बनाकर आरजेडी-कांग्रेस को घेरने की रणनीति है. बीजेपी विधायक संजय मयूख ने कहा, 'बिहार की माताएं और बहनें एनडीए की ओर से बुलाए गए बंद में हिस्सा ले रही हैं. महागठबंधन के कार्यक्रम में पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आप भाग नहीं सकते. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बिहार की जनता करारा जवाब देगी.' गयाजी में भी बड़ी संख्या में महिलाएं बीजेपी के झंडों के साथ सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन करती नजर आईं. पटना के दानापुर समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को टायर जलाकर विरोध करते हुए देखा गया. बीजेपी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. पटना में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं. एनडीए के सभी घटक दल इस बंद में शामिल हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अन्य सहयोगी दलों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस इसका ऐलान किया था. खास बात यह है कि पार्टी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. एनडीए नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी की मां को गाली देकर उनका अपमान किया गया है और इस तरह के व्यवहार का कड़ा विरोध किया जाएगा. एनडीए के 'बिहार बंद' को लेकर विपक्षी दलों ने भी सियासी हमले शुरू कर दिए हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में हंसते रहे और भारत लौटते ही रोने लगे. उन्होंने तंज कसा कि सरकार के लोग ही बिहार बंद करा रहे हैं. तेजस्वी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बिहार यात्रा में उमड़े जनसैलाब से डरी हुई है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं. 'गाली कांड' बना चुनावी मुद्दा बिहार में राहुल गांधी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा बनाने के लिए 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी. इस दौरान दरभंगा में कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को पीएम मोदी ने जीविका दीदी को संबोधित करते हुए कहा था, "मां के अपमान के लिए मैं एक बार कांग्रेस को क्षमा कर सकता हूं, बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी." इतना ही नहीं पीएम मोदी ने इसे बिहार और देश की महिला अस्मिता का मुद्दा बना दिया. पीएम मोदी के बयान के बाद एनडीए की महिला ब्रिगेड ने भी मोर्चा खोल दिया है. पीएम की मां को सार्वजनिक रूप से गाली देना बिहार चुनाव में मुद्दा बन गया है. इसी मद्देनजर 4 सितंबर को बीजेपी ने बिहार बंद का ऐलान भी कर दिया है, जिसमें सिर्फ बीजेपी नेता और उसके कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि एनडीए के सभी घटक दल के नेता और कार्यकर्ता एक साथ सड़क पर उतर गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जिसके लिए एक दिन पहले ही अखबारों में एनडीए की तरफ से विज्ञापन दिया गया था, जिसमें लोगों से 4 सितंबर को बिहार बंद में स्वेच्छा से शामिल होने की भावुक अपील की गई है. विज्ञापन में एक मां का फोटो और भड़कते हुए शख्स की फोटो भी लगाई गई है. इतना ही नहीं साफ-साफ शब्दों में लिखा गया है कि पीएम मोदी की मां को कांग्रेस-आरजेडी के मंच से जिस प्रकार गाली दी गई है, उससे संपूर्ण बिहार को शर्मसार और कलंकित किया गया है. बीजेपी महिला मोर्चा फ्रंट पर उतरा बिहार बंद का नेतृत्व बीजेपी महिला मोर्चा कर रही है. इसकी सबसे बड़ी झलक पटना में दिख रही है, जहां बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सड़कों पर उतरी हैं. बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष धर्मशिला गुप्ता के नेतृत्व में पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च निकालने का भी प्लान बनाया है. मार्च में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पार्टी के सभी बड़े … Read more

महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण रायपुर सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है। तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

पशुहानि व फसल क्षति के लिए 02 लाख 57 हजार रुपये की सहायता राशि की प्रदान

रायपुर बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है। इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया। आवागमन बहाल करने शुरू हुआ कार्य हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

CM विष्णुदेव साय का संकल्प: हर नागरिक को मिले विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: आदिवासी अंचलों सहित सभी नागरिकों तक पहुँचे विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर रायपुर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है। इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है। यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी। सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।