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मथुरा में यूपी राइज 2026: युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने की सार्थक पहल

मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को नेशनल हाइवे स्थित जीएलए विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस वृहद आयोजन में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला न बनाकर, स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला 'जॉब क्रिएटर' बनाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, चीफ फाइनेंस ऑफिसर डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह और मुख्य अतिथि सीए पलक राठी व शांतनु गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर मंथन राज्य सरकार प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए निरंतर धरातलीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी महत्वाकांक्षी नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता व सब्सिडी पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि युवा आर्थिक बाधाओं को पार कर अपने बिजनेस मॉडल को सफल बना सकें। युवाओं के 8 बेहतरीन इनोवेशन ने किया प्रभावित यूपी राइज की थीम के अनुरूप आयोजन में कुल 25 स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 8 बेहतरीन आइडिया शॉर्टलिस्ट हुए। इनमें लॉजिस्टिक्स के लिए 'बुक माई सारथी', छात्रों के लिए कैंपस-फर्स्ट मार्केटप्लेस 'कैम्पोरा', एआई आधारित ट्रैवल सुपर-प्लेटफॉर्म 'नमस्ते एआई' और स्वदेशी ड्रोन एवियोनिक्स बनाने वाली 'क्वांटावर्स टेक्नोलॉजीज' ने खूब तालियां बटोरीं। वहीं, खदानों और सुरंगों जैसे खतरनाक माहौल में इंसानी जान बचाने के लिए 'दक्ष डायनामिक्स' द्वारा बनाया गया स्वदेशी 'रोबोडॉग' भी आकर्षण का केंद्र रहा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। 'लिटिललिंगोस' ने जीता प्रथम पुरस्कार, 'फिटेड' व 'धृतम' बने उपविजेता प्रतियोगिता में हर टीम को अपना आइडिया प्रस्तुत करने के लिए 7 मिनट का समय दिया गया। जूरी के समक्ष अपनी शानदार प्रस्तुति देकर बच्चों के लिए एआई-पावर्ड इंग्लिश लर्निंग प्लेटफॉर्म 'लिटिललिंगोस' (LittleLingos) ने प्रथम स्थान हासिल कर 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। वहीं, एआई पर्सनल स्टाइलिंग ऐप बनाने वाली टीम 'फिटेड'(Fitted) और तनाव व हार्ट रेट मापने वाला स्मार्ट अंडरगारमेंट (कवच एक्स) बनाने वाली टीम 'धृतम' (Dhritam) संयुक्त रूप से उपविजेता रहीं। इस दौरान कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, डॉ. मधुरिता गुप्ता और राधिका बजोरिया ने बतौर मेंटर छात्रों का मार्गदर्शन किया। विचारों तक सीमित न रहें, उन्हें धरातल पर उतारें: कुलाधिपति इस अवसर पर जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है। आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने विचार और प्रतिभा के बल पर रोजगार देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि यदि उनके पास कोई नया इनोवेटिव आइडिया है, तो उसे केवल सोच विचार तक सीमित न रखें। जानकारी जुटाएं, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लें और उसे व्यावहारिक रूप देने का प्रयास करें। 25 शहरों और 30 प्रमुख कॉलेजों तक पहुंचेगा 'यूपी राइज' का कारवां छात्रों को स्वरोजगार और नवाचार की संभावनाओं से रूबरू कराने वाला यह 'यूपी राइज' कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। जीएलए विश्वविद्यालय में इस सफल आयोजन के बाद, स्टार्टअप और उद्यमिता की अलख जगाने वाले इस अभियान का अगला पड़ाव 21 सितम्बर 2026 को बरेली स्थित इनवर्टिस विश्वविद्यालय में होगा।

बिहार में जून महीने में 50.28 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन, ₹70 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान

 पटना  बिहार(Bihar News) के बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक डिजिटल लेनदेन( Bihar UPI Transaction) का चलन तेजी से बढ़ा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 के दौरान राज्य में यूपीआई (UPI) के माध्यम से लगभग ₹70,130.89 करोड़ का डिजिटल भुगतान दर्ज किया गया। आंकड़ों की जुबानी बिहार का डिजिटल सफर जून 2026 में बिहार में करीब 50.28 करोड़ डिजिटल भुगतान हुए। इस दौरान यूपीआई के जरिए कुल ₹70,130.89 करोड़ का हस्तांतरण हुआ। प्रति ट्रांजैक्शन औसतन ₹1,395 का भुगतान हुआ, जो यह साबित करता है कि आम लोग किराना दुकान, सब्जी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। देश के कुल यूपीआई वॉल्यूम में बिहार की हिस्सेदारी 2.21% और कुल वैल्यू में 2.42% रही। MDR चार्ज का प्रस्ताव और बढ़ता विवाद डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब एक नई चुनौती सामने खड़ी हो रही है। ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इस फीस के लागू होने की खबर से छोटे व्यापारियों और फुटकर विक्रेताओं के बीच चिंता बढ़ गई है। क्या दोबारा बढ़ेगा कैश का चलन? छोटे दुकानदारों का मानना है कि पहले से ही कम मार्जिन पर काम करने के बाद अतिरिक्त 0.4% का शुल्क उनकी कमाई को प्रभावित करेगा। यदि यह चार्ज व्यापारियों पर डाला गया, तो वे ग्राहकों से डिजिटल के बजाय नकद भुगतान की मांग कर सकते हैं। वहीं ग्राहकों को भी यह डर है कि व्यापारी इस शुल्क की भरपाई के लिए सामान के दाम बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर MDR शुल्क अनिवार्य किया गया, तो बिहार के ग्रामीण और छोटे शहरी इलाकों में लोग एक बार फिर कैश की तरफ रुख कर सकते हैं, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन की रफ्तार धीमी हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना के लिए संजय वास्तव ने प्रज्ज्वलित किया आशीर्वाद का दीप

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव ने आज अपने निवास पर आशीर्वाद का दीप प्रज्ज्वलित कर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री जी सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें तथा देशसेवा के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र को विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।  संजय वास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रहित, जनसेवा और देश के विकास के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायी है। उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए आज आशीर्वाद का दीप प्रज्ज्वलित कर ईश्वर से मंगलकामना की गई है। उन्होंने प्रदेशवासियों एवं देशवासियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना के लिए अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीप प्रज्ज्वलित करें और इस मंगलकामना में सहभागी बनें।  वास्तव ने कहा कि दीप प्रज्ज्वलन हमारी आस्था, श्रद्धा और शुभकामनाओं का प्रतीक है। आइए, हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए प्रार्थना करें और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाएं।

सेमीकॉन इंडिया-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेमीकंडक्टर कंपनियों से किया संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के यशोभूमि स्थित सेमीकॉन इंडिया 2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार उद्योगों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिन्टोनिक्स एआई, एनएक्सपी इंडिया, मार्वल सेमीकंडक्टर्स, एल एंड टी सेमीकंडक्टर्स और स्वदेश आईसी सेमीकंडक्टर्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (आईएसआईजी) के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जापान की एक्रेटेक, केनन और कैइजो, कोरिया की हनवा और जेनसेम इंक तथा अमेरिका की मेकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। जापानी प्रतिनिधिमंडल में आक्साईड कार्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “सेमीकॉन इंडिया-2026" वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और उपलब्ध संसाधनों के साथ इस क्षेत्र में नई साझेदारियों के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने किष्किंधा इंटरनेशनल, डिजिकॉम, सिग्निटयूट, स्टेम्बो टेक्नोलॉजी, ट्रू-चिप सोल्युशन, बना सेमीकंडक्टर्स, वीएलएसआई एक्सपर्ट और न्यूजिमो सेमीकंडक्टर्स सहित चिप डिजाइनिंग एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मोहाली चिप डिजाइनिंग पेवेलियन और स्वीडिश पेवेलियन का भी अवलोकन किया। सेमीकॉन इंडिया-2026 के दौरान हुई इन बैठकों में मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ। मध्यप्रदेश के इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगा बड़ा निवेशक सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार लगातार देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रही है। नई दिल्ली के सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से एक स्टॉल लगाया गया है, जहां प्रदेश के अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर रुचि बढ़ी है। मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के यशोभूमि द्वारका में हो रहे सेमीकॉन इंडिया-2026 में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन के भ्रमण के उपरांत स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में एक बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश को लेकर राज्य सरकार अपनी नीतियों के आधार पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए सभी प्रकार से अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार देश-विदेश में इस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को अपनी आकर्षक पॉलिसी के माध्यम से राज्य में इन्वेस्टमेंट के लिए मौका भी दे रही है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के दौरान भी सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया था। कुछ निवेशकों ने इस दिशा में प्रभावी कदम भी उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के विस्तार से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कई कारोबारी समूह विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योगों और कारोबार का व्यापक इको सिस्टम विकसित हो सकता है। मध्यप्रदेश बिजनेस का एक बड़ा मॉडल स्टेट और निवेश कैपिटल बनकर उभरा है, लगभग हर क्षेत्र के निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी निवेशकों से हमारी तरफ से संवाद जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिटन एरिया में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी मध्यप्रदेश में बहुत सम्भावनाएं है।  

रेलवे में 5600 नए पर्यवेक्षक पदों पर जल्द भर्ती की मांग, बोनस समेत कई मुद्दे उठे

 धनबाद रेल कर्मचारियों के दुर्गापूजा बोनस का भुगतान पुराने सीलिंग हटा कर नये सीलिंग के आधार पर करने की मांग रेलवे बोर्ड चेयरमैन तक पहुंच गई है। आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन-एआइआरएफ और रेलवे बोर्ड चेयरमैन समेत बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक में फेडरेशन ने नये सीलिंग के साथ बोनस की मांग की है। पर्यवेक्षकों के नये 5600 पद सृजित किये गये हैं। बैठक में सृजित पदों पर शीघ्र बहाली की भी सिफारिश की है। फेडरेशन के जोनल सचिव ओपी शर्मा और ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन धनबाद मंडल के मीडिया प्रभारी एनके खवास ने बैठक की जानकारी दी दोनों ने बताया कि एआइआरएफ के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा की मौजूदगी में हुई बैठक में रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित कर देने वाले पूर्व मध्य रेलवे में खाली पदों को जल्द भरने, सुरक्षा कैटेगरी के रिक्त पदों पर जल्द बहाली, ट्रैकमैन के पेट्रोलिंग बीट को 12 किमी करने सहित वेतन आयोग से संबंधित मुद्दों को उठाया गया। लंबित यात्रा भत्ता का मुद्दा बैठक में गूंजाजिसमें बताया गया कि यात्रा भत्ता बंद होने से रेलकर्मियों मे काफी रोष है। कई विभागों में रेलवे बोर्ड से 2022 में जारी आदेश को अब तक लागू नहीं किया जा सका है। बढ़े हुए और नये कार्यों के लिए नये पद सृजित करने, ओवरटाइम भत्ता, सीटीए आदि के लिए क्षेत्रीय रेलों को पर्याप्त धनराशि आवंटित करने, लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट को किलोमीटर भत्ते के बकाये राशि का भुगतान करने की मांगों पर बैठक में वकालत की गई। सीबीटी परीक्षा की उत्तर-पत्रक तत्काल प्रकाशित करने, रेलवे क्वार्टर की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने, जर्जर रेलवे क्वार्टर में रहने वालों को नये क्वार्टर आवंटित करने, क्षेत्रीय रेल एवं मंडलों की आवश्यकता के अनुसार रिक्त पद भरे जाने, कैडर पुनर्गठन समिति की रिपोर्ट शीघ्र प्रकाशित करने जैसी मांगों से अवगत कराया गया। कर्मचारियों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रेलवे से अनुबंधित रेफरल अस्पतालों को भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों को कैशलेश उपचार में आ रही समस्याओं का समाधान तथा हर स्वास्थ्य केंद्र पर अनुबंधित प्राइवेट अस्पतालों की सूची लगाने का भी सुझाव दिया गया।

मराठी सिनेमा की बड़ी उपलब्धि, ‘गोंधल’ ऑस्कर 2026 में करेगी भारत का प्रतिनिधित्व

पटना ऑस्कर 2026 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का चयन किया गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की चयन समिति ने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है। इसकी जानकारी फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया और इम्पा के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने दी। मराठी सिनेमा के लिए बड़ा पल ‘गोंधल’ के चयन के बाद मराठी फिल्म उद्योग में उत्साह का माहौल है। अभय सिन्हा ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे मराठी सिनेमा के साथ-साथ भारतीय फिल्म उद्योग के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘गोंधल’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की प्रतिभा और रचनात्मकता को मजबूती से प्रस्तुत करेगी। फिल्म के ऑस्कर सफर को लेकर अब दर्शकों की नजर आगे की प्रक्रिया पर है। 14 सदस्यीय समिति ने किया चयन ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुनने के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 14 सदस्यीय चयन समिति गठित की थी। प्रसिद्ध फिल्मकार पी. शेषाद्री इस समिति के अध्यक्ष थे। समिति में फिल्म उद्योग के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े निर्देशक, अभिनेता, निर्माता, सिनेमैटोग्राफर, संपादक और अन्य अनुभवी सदस्य शामिल थे। इसी समिति ने ऑस्कर के लिए भेजी गई फिल्मों में से ‘गोंधल’ का चयन किया। 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’ इस वर्ष ऑस्कर की आधिकारिक प्रविष्टि के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया को कुल 33 फिल्मों की प्रविष्टियां मिली थीं। इनमें 14 हिंदी फिल्मों के अलावा अलग-अलग भारतीय भाषाओं की फिल्में भी शामिल थीं। करीब दो घंटे की अवधि वाली मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को इन्हीं प्रविष्टियों में से चयनित किया गया। हालांकि घोषणा के दौरान फिल्म की कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई। गांव की पृष्ठभूमि में बुनी संगीतमय कहानी FFI के उपाध्यक्ष निशांत उज्ज्वल ने बताया कि ‘गोंधल’ महाराष्ट्र के एक सुंदर गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित आकर्षक संगीतमय कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी और उसकी प्रस्तुति प्रभावशाली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चयन समिति द्वारा भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के रूप में चुनी गई ‘गोंधल’ देश के लिए ऑस्कर का गौरव लेकर आएगी। ऑस्कर चयन में बिहार का भी कनेक्शन ‘गोंधल’ के ऑस्कर चयन से जुड़े इस महत्वपूर्ण मौके पर बिहार के दो लोगों की भी अहम भूमिका है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अभय सिन्हा हैं, जबकि पटना के निशांत उज्ज्वल संस्था के उपाध्यक्ष हैं। निशांत उज्ज्वल ने फिल्म के चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘गोंधल’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए गौरव हासिल करेगी। FFI की टीम में ये पदाधिकारी भी शामिल फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया की टीम में धर्मेंद्र मेहरा सचिव, रवि कोटरकर सदस्य, संग्राम शिर्के कोषाध्यक्ष, टी. पी. अग्रवाल संरक्षक और हिराचंद उपाध्यक्ष के पद पर हैं। ऑस्कर चयन समिति की अध्यक्षता पी. शेषाद्री ने की। समिति के सामने आई 33 फिल्मों में से ‘गोंधल’ का चयन अब मराठी सिनेमा के लिए एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। अब आगे क्या होगा? भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ का अगला पड़ाव ऑस्कर की आगे की प्रक्रिया होगी। फिल्म के चयन ने भारतीय दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। मराठी सिनेमा की यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा की कहानी और रचनात्मकता को सामने रखने की कोशिश करेगी। नजर इस बात पर रहेगी कि ऑस्कर की आगे की प्रक्रिया में ‘गोंधल’ कितना आगे जाती है।  

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटन इकाइयॉं लीज़ पर देने की तैयारी, निवेशकों के लिए खुलेगा नया अवसर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की विभिन्न पर्यटन इकाइयों को लीज़ पर दिए जाने की प्रक्रिया को निवेशकों के लिए सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से ‘एक्सप्लोर, इनवेस्ट, ट्रांसफार्म’ थीम पर प्री-एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को पर्यटन बोर्ड की विभिन्न प्रॉपर्टीज, लीज़ एवं टेंडर प्रक्रिया, उपलब्ध सरकारी प्रोत्साहनों, पीपीपी मॉडल तथा डिजिटल तकनीक के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाकर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को नई गति देने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पर्यटन बोर्ड की प्रॉपर्टीज में निवेश के अवसरों की दी जानकारी कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे के प्रस्तुतीकरण से हुई। उन्होंने उपस्थित निवेशकों एवं स्टेकहोल्डर्स को बोर्ड के विभिन्न होटल, मोटल, रिसॉर्ट एवं पर्यटन इकाइयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रॉपर्टीज की लोकेशन, उपलब्ध सुविधाओं, प्रमुख विशेषताओं तथा पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उनके विकास की संभावनाओं से अवगत कराया। श्री चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की कई प्रॉपर्टीज प्रमुख पर्यटन स्थलों और आकर्षक लोकेशन पर स्थित हैं। निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता एवं निवेश के माध्यम से इन इकाइयों में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं का विकास किया जा सकता है। उन्होंने लीज़ एवं टेंडर प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड का प्रयास है कि निवेशकों को लीज़ प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अधिक से अधिक योग्य निवेशक इसमें भाग ले सकें और पर्यटन इकाइयों का बेहतर संचालन एवं विकास सुनिश्चित हो सके। पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को मिल रही नई दिशा पर्यटन एवं संस्कृति सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने निवेशकों एवं स्टेकहोल्डर्स को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य नेतृत्व के मार्गदर्शन में पर्यटन उद्योग को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्पष्ट रणनीति के साथ पर्यटन विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय   संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में सुरक्षा एवं परिस्थितियों में सुधार के साथ पर्यटन गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हुई है और निवेशकों की रुचि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन क्षेत्र को निवेश के लिए अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स और अन्य प्रॉपर्टीज की आकर्षक लोकेशन निजी क्षेत्र के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती हैं। पर्यटन को अनुभव और रोजगार से जोड़ने पर जोर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधताओं से समृद्ध राज्य है। यहां के पर्यटन स्थल केवल भ्रमण के केंद्र नहीं हैं, बल्कि राज्य की संस्कृति, परंपराओं,   प्राकृतिक विरासत और स्थानीय जीवन को जानने-समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के होटल एवं रिसॉर्ट अपनी आकर्षक लोकेशन के कारण पर्यटकों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। बोर्ड का प्रयास है कि इन प्रॉपर्टीज का विकास इस तरह किया जाए कि वे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन अनुभव को भी और समृद्ध बनाएं। श्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ते हैं। राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिंगल विंडो से निवेश प्रक्रिया होगी आसान कॉन्फ्रेंस में निवेशकों के लिए प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। निवेशकों को विभिन्न विभागों और प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो, इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की दिशा में जानकारी साझा की गई। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न प्रक्रियाओं एवं आवश्यक अनुमतियों को सरल बनाना तथा पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। इससे निवेशकों को आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने और परियोजनाओं की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है। सब्सिडी और सरकारी प्रोत्साहनों की जानकारी कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के उप संचालक श्री अमेय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन एवं संबंधित क्षेत्रों में निवेश के लिए उपलब्ध सब्सिडी, प्रोत्साहन एवं अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पात्र परियोजनाओं, निवेश सुविधाओं तथा विभिन्न प्रकार की सहायता और प्रोत्साहन योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की गई। पीपीपी मॉडल से पर्यटन विकास को नई गति देने पर चर्चा अर्नेस्ट एंड यंग के पार्टनर एवं पीपीपी एक्सपर्ट श्री अंकुर गर्ग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने पीपीपी मॉडल की संरचना, सरकारी एवं निजी क्षेत्र की भूमिका, निवेश, परियोजना संचालन और राजस्व मॉडल सहित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने पर्यटन परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता एवं निवेश का उपयोग करते हुए सुविधाओं के विकास और संचालन को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में पीपीपी मॉडल को पर्यटन क्षेत्र में निवेश और अधोसंरचना विकास के एक संभावित माध्यम के रूप में समझाया गया। डिजिटल पहचान सत्यापन से पर्यटन सेवाओं को सुगम बनाने पर जोर कार्यक्रम में यूआईडीएआई दिल्ली के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने आधार आधारित डिजिटल एवं ऑफलाइन वेरिफिकेशन व्यवस्था की उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल पहचान सत्यापन की व्यवस्था पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ पुलिस एवं अन्य सरकारी विभागों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। उन्होंने सिक्योर क्यूआर कोड के माध्यम से दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने की प्रक्रिया की जानकारी दी। इससे अधिकृत संस्थाओं को पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया … Read more

ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना, 289 करोड़ बकाया चुकाने पर मिलेगा फायदा

पटना  ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने बड़ी राहत दी है। वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि के एकमुश्त समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत बकाया राशि जमा करने वाले ईंट-भट्ठा संचालकों को ब्याज में 85 करोड़ रुपये तक की छूट दी जाएगी। योजना की अवधि 21 सितंबर से 20 दिसंबर 2026 तक रहेगी। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। पेंडिंग था 316.66 करोड़ का राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पुराने बकाये का समाधान कर राजस्व वसूली को आसान बनाना है। विभाग के अनुसार, ईंट-भट्ठों से कुल 316.66 करोड़ रुपये की राशि राजस्व संग्रह के लिए लंबित थी। इसमें से 27.28 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। अभी 289.38 करोड़ रुपये की राशि जमा होनी बाकी है। निर्धारित समय सीमा में एकमुश्त समाधान राशि जमा करने पर बकाया में शामिल ब्याज की राशि माफ कर दी जाएगी। विभाग के अनुसार, जिन ईंट-भट्ठों के खिलाफ 31 अगस्त 2026 तक बकाया स्वामित्व राशि नहीं जमा करने के कारण नीलाम पत्र वाद दर्ज हो चुका है, वे भी योजना के दायरे में आएंगे। एकमुश्त राशि जमा करने के साथ जिला खनिज फाउंडेशन, आयकर और अन्य करों का भुगतान करना जरूरी होगा। इसके बाद संबंधित खनन पदाधिकारी नीलाम पत्र पदाधिकारी को रिपोर्ट देंगे। इसके आधार पर नीलाम पत्र वाद का निस्तारण किया जा सकेगा। योजना के लिए सभी खनिज विकास पदाधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है

योगी सरकार शनिवार को 818 अभ्यर्थियों को देगी नौकरी की सौगात, मुख्यमंत्री देंगे नियुक्ति पत्र

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार और सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में शनिवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शानिवार को लोकभवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 21 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे जबकि शेष 797 अभ्यर्थियों को विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, कुल 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। 19 सितंबर को आयोजित होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं एवं आयुष विभाग से जुड़े विभागों के अभ्यर्थी शामिल होंगे।  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के 48 नव चयनित अभ्यर्थियों को दिया जाएगा नियुक्ति पत्र नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के तहत विभिन्न ट्रेडों के अनुदेशक भी शामिल हैं। इस श्रेणी में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें मैकेनिक (ट्रैक्टर), पेंटर (सामान्य), सर्वेयर, मैकेनिकल मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, लेदर गुड्स मेकर, वायरमैन और प्लंबर जैसे पद शामिल हैं। प्लंबर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 31 है, जबकि मैकेनिक (ट्रैक्टर) के छह, वायरमैन के चार और पेंटर (सामान्य) के चार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा सर्वेयर, मैकेनिकल मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, लेदर गुड्स मेकर के एक-एक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इन नियुक्तियों से विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। वहीं अलग-अलग ट्रेडों में अनुदेशकों की नियुक्ति से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को संबंधित क्षेत्रों में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।  स्वास्थ्य विभाग में 357 एक्सरे-टेक्नीशियन को मिलेगा नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में उद्योग विभाग के भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय, कानपुर के तहत सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के नौ पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इन सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय स्तर पर आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित सांख्यिकीय कार्यों को गति मिलेगी। इसके साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के 357 एक्सरे-टेक्नीशियन के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा आयुष विभाग में होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के 361, होम्योपैथिक प्रोफेसर के चार, आयुर्वेद प्रोफेसर के पांच, आयुर्वेद रीडर के 22, यूनानी प्रोफेसर के एक, यूनानी रीडर के एक और यूनानी लेक्चरर के 10 पदों पर चयनित कुल 404 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। एक नजर में नियुक्तियां –  व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के विभिन्न ट्रेडों में अनुदेशक : 48 – उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी : 9 – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में एक्सरे-टेक्नीशियन : 357 – होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी समेत विभिन्न पद : 404

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह संपन्न, राज्यपाल पटेल ने युवाओं को दिया संदेश

ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल पटेल बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में करना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान का सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। राज्यपाल पटेल ने यह बात बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को किया गया। राज्यपाल पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम तथा अपनी माटी की सेवा के जज्बे का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगन का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सहयोग के लिए सदैव आभारी रहना चाहिए। वे जहाँ भी जाएँ, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा व्यवस्था का केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा का गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान शिक्षा प्राप्त करने का प्रसंग इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाना होगा। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना की, कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। विद्यार्थियों से शुद्ध प्राणवायु के लिए पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कच्छ के रण में शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल बनाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काम छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना से ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी। प्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का हुआ अधिक नामांकन उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन व्यवस्था के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त तस्वीर है। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को नमन करते हुए बताया कि वह इसके पूर्व छात्र है। दीक्षांत समारोह में शामिल होकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक होने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हो गए है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी विकसित देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार के समझौते के प्रयास तेजी से कर रहा है।   अपर मुख्य सचिव कुलगुरू बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पी.एच. डी. उपाधि और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई।