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पंजाब भर में हड़ताल, PSPCL के कर्मचारियों ने दे दी एक और चेतावनी

लुधियाना  प्राइवेट कंपनी से संबंधित बिजली कर्मचारी अमनप्रीत सिंह की मौत के बाद सी.एच.बी ठेका कर्मचारियों द्वारा पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की विभिन्न डिविजनों के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियो ने दावा किया है मृत्यु के पारिवारिक समस्या को इंसाफ दिलवाने के लिए कर्मचारियों द्वारा पूरे पंजाब में हड़ताल शुरू कर दी गई है और नए आंदोलन को लेकर अगली रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि  बिजली की हाई टेंशन तारों पर काम कर रहे अमनप्रीत सिंह की दर्दनाक मौत हो चुकी है और हादसे के बाद पावर कॉम विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा मृतक के पारिवारिक सदस्यों की बात तक नहीं पूछी गई। उन्होंने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मृतक  परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने सहित बुजुर्ग मां-बाप की पेंशन लगाई जाए और अगर जल्द ही कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं हुई तो पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर के कार्यालय को घेरने सहित बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा की कोठी का घेराव किया जाएगा।  

लापरवाही का शिकार ग्रामीण: लाखों खर्च के बाद भी सड़क बेहाल, ठेकेदार को नोटिस

बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों की योजनाएं गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधा देने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन उसूर तहसील की बासागुड़ा-कुम्हारपारा सड़क इसका बिल्कुल उल्टा उदाहरण बन गई है। साल 2020 में ठेकेदार आकाश चांडक ने 60 लाख की लागत से 1.60 किमी लंबी मिट्टी-मुरुम सड़क बनाई थी। पांच साल बीतने को हैं लेकिन ठेकेदार ने इस सड़क की एक बार भी मरम्मत नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आज यह सड़क पूरी तरह से उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी खाई में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर चलना किसी नदी को पार करने से कम नहीं है। जगह-जगह गड्ढे, कटे किनारे और झाड़ियों ने इसे मौत का जाल बना दिया है। आलम यह है कि धरमापुर, मल्लेपल्ली और डल्ला गांव के करीब 1000 ग्रामीण रोजाना इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। पैदल यात्री, बाइक सवार और ट्रैक्टर चालकों के लिए यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में शुरुआत से ही लापरवाही बरती और काम अधूरा छोड़ दिया। अब मरम्मत न होने से हालात बदतर हो गए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलने से ज़्यादा आसान तो खेतों में चलना है। इस मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे और उप अभियंता परमानंद रामटेके ने बताया कि ठेकेदार को 5 अगस्त 2025 को मरम्मत करने के लिए नोटिस भेजा गया है। लेकिन ठेकेदार ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो विभाग 18 लाख रुपये की वसूली ठेकेदार से करेगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ग्रामीणों की पांच साल से चली आ रही परेशानी का जिम्मेदार कौन है? और कब तक ऐसी योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही टिकाऊ साबित होंगी?

उज्जैन महाकाल मंदिर में शिव का मुखौटा गिरा, ज्योतिषाचार्य बोले- अप्राकृतिक घटना

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दो दिन पहले 18 अगस्त सोमवार को एक अनोखी घटना घटित हुई । यहां रोजाना की तरह रात्रि 8:00 बजे शिवलिंग पर श्रृंगार किया जा रहा था। शिवलिंग पर भांग से भगवान शिव का मुखौटा बनाया गया । इस दौरान बड़ी मात्रा में भांग लगाई गई। इसके तत्काल बाद आरती शुरू ही होने ही वाली थी कि भांग का श्रृंगार टूटकर नीचे गिर गया। यहां शिव के मुखौटे से नाक, होंठ और एक आंख टूट कर नीचे गिर गई। कुछ ही क्षण में मंदिर के गर्भगृह में मौजूद पंडे पुजारी ने तत्काल फिर से मुखौटा बनाया और आरती की। यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हुई जो कि वायरल हो गई। खड़े हो रहे हैं सवाल इस घटना के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और मंदिर के पंडे पुजारियों पर कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना को लेकर ज्योतिष आचार्य और धर्म के ज्ञाता भी अपना अलग-अलग मत दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे कई निर्देश नियमों की बात करें तो वर्ष 2020 में महाकाल शिवलिंग क्षरण रोकने की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर समिति को निर्देश दिए थे कि शिवलिंग पर तय मात्रा में पंचामृत चढ़ाया जाए। इसके अलावा भांग और अन्य सामग्रियों के लिए भी निर्देशित किया था । बावजूद इसके वर्तमान समय में निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। शिवलिंग पर तय मात्रा से अधिक भांग लगाई जा रही है। यही कारण है कि मुखौटा टूटकर गिर गया। अप्राकृतिक घटना के संकेत इस घटना को लेकर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य अमर त्रिवेदी का कहना है कि यह एक अप्राकृतिक घटना का संकेत है। इस घटना के पीछे दो अलग-अलग मत है। देवता जिस भी सामग्री को पसंद करते हैं, उसे वह स्वीकार करते हैं और यदि किसी सामग्री में त्रुटि या श्रद्धा ना हो या अच्छी मानसिकता से ना बनाई गई हो या उसमें धर्म का प्रभाव ना हो तो वे सामग्री को त्याग देते हैं। ये हैं वैज्ञानिक कारण ज्योतिषाचार्य के अनुसार वैज्ञानिकता की बात करें तो पत्थरों की अपनी आद्रता होती है। पत्थरों में आंतरिक आद्रता और आंतरिक उष्णता रहती है। जब बाहरी आद्रता व उष्णता वाली भांग पत्थर पर लगाई जाती है तो कभी-कभी उसके गिरने की संभावना बनती है। यहां एक प्रकार से ऋतु परिवर्तन के संकेत भी हैं। भविष्य में बाढ़ और जल की स्थिति दिखेगी। आप्राकृतिक घटना के भी संकेत हैं। शिवलिंग के श्रृंगार का जिक्र नहीं धर्म के ज्ञाता, महर्षि पाणिनि वेद विद्या संस्थान के पूर्व कुलपति और पूर्व संभागायुक्त डॉ मोहन गुप्त ने इस घटना को लेकर कहा कि हिंदू धर्म में शिवलिंग पर भांग के श्रृंगार का किसी भी शास्त्र में कोई उल्लेख नहीं मिलता है। शुरू से इस बात का विरोध हुआ है। महाकाल के शिवलिंग पर भांग का श्रृंगार नहीं किया जाना चाहिए। शिव पुराण और लिंग पुराण में भी कहीं उल्लेख नहीं है। ऐसी कोई भी परंपरा नहीं रही है। भांग के श्रृंगार से शिवलिंग का क्षरण होता है । कई घंटे तक भांग का शिवलिंग पर लगे रहना क्षरण पैदा करता है। पंडित-पुजारी नहीं मान रहे बात शास्त्र का आधार पंडित पुजारी नहीं मान रहे हैं । अब श्रृंगार अपने आप गिर गया है। यह संकेत है कि खुद महाकाल इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। भांग का श्रंगार उचित नहीं है इसे बंद किया जाना चाहिए। अब प्रशासन और पंडित पुजारी को सोचना चाहिए। यह उचित नहीं है।  

राहुल मुखिया के ठिकाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, इलाके में सुरक्षा कड़ी

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी में गुरुवार सुबह सुबह एनआईए की रेड से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। एनआईए के टीम ने कुख्यात अपराधी और चर्चित भूमाफिया राहुल मुखिया के घर पर छापेमारी की है। राहुल मुखिया के घर जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र स्थित खजूरिया गांव में अहले सुबह से यह कार्रवाई शुरू हुई। वहीं, पकड़ी दयाल थाना क्षेत्र के थरबिटिया गांव में पूर्व मुखिया छेदी सिंह के घर पर भी रेड चल रही है। बताया जाता है कि इस छापेमारी में केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ साथ मोतिहारी पुलिस के जवान भी शामिल है। राहुल मुखिया का इतिहास पूर्व से भी आपराधिक रही है। शागिर्द कुणाल सिंह को पुलिस ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था वहीं, छेदी सिंह के बारे में भी यह बताया जाता है कि कहीं न कहीं उसकी संलिप्तता इनके साथ रही है, जिससे यह रेड पड़ी है। बताते चले कि 15 मार्च 2023 में राहुल मुखिया के शागिर्द कुणाल सिंह को पुलिस ने पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। कुणाल के घर से पुलिस ने एके 47 बरामद किया था। इस मामले मे पिपराकोठी थाना मे पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराया था, जिसमे राहुल मुखिया सहित अन्य को आरोपित किया गया  था। आवास के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया इस मामले में अपराधी कुणाल को आजीवन कारावास की सजा मिली है। वहीं, छापेमारी के दौरान किसी को घर के आस-पास आने-जाने की रोक लगा दी गई है। एनआईए की टीम ने आवास के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया है, ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जा सके। राहुल मुखिया का नाम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों और भूमाफियागिरी में सामने आता रहा है। बताया जाता है कि उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं ।यही नहीं, वह बहादुरपुर पंचायत की मुखिया ज्योति कुमारी का पति भी है। ऐसे में इस छापेमारी ने स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मचा दी है।

हरियाणा पुलिस पर सवाल, मनीषा हत्याकांड में बिश्नोई गैंग ने दी सीधी चेतावनी

हरियाणा हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की हत्या के मामले ने प्रदेशभर में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखा जा रहा है। मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन संबंधी जानकारी लेने गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। दो दिन बाद यानी कि 13 अगस्त को शव खेत में मिला। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया और तेज न्याय की मांग को और बुलंद कर दिया। लगातार विरोध प्रदर्शनों और परिवार की मांगों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को घोषणा की कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वह खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। बिश्नोई गैंग की धमकी इस बीच, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर धमकी भरा पोस्ट जारी किया। इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ढिल्लों के नाम से लिखा गया कि अगर हरियाणा पुलिस न्याय देने में नाकाम रही तो उनका गैंग हत्यारे को सजा देगा। गैंगवार के इस एंगल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। माना जा रहा है कि लॉरेस बिश्नोई और रोहित गोडारा गैंग इस हाई-प्रोफाइल केस का इस्तेमाल हरियाणा में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए कर रहे हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कनाडा में बैठे बिश्नोई गैंग के सहयोगी गोल्डी ढिल्लों ने उसी पोस्ट में कनाडा के ब्रैम्पटन में सोनू छठा की हत्या की जिम्मेदारी भी ली। ढिल्लों ने दावा किया कि सोनू छठा सांसद धानुआ की हत्या की साजिश में शामिल था और लॉरेंस के नाम पर रंगदारी वसूल रहा था। लॉरेंस बिश्नोई इस समय जेल में है और गोल्डी ढिल्लों विदेश से सक्रिय है। ऐसे में अधिकारियों को डर है कि यह मामला प्रदेश में गैंगवार को और भड़का सकता है और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। मनीषा के परिवार और ग्रामीणों ने लगातार CBI जांच की मांग की थी। भिवानी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि इस मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।  

सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी पर पंजाब में सख्ती, डिप्टी कमिश्नर ने दिए आदेश

अमृतसर सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर ने जिला बाल सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल बसों में पालिसी के अनुसार सभी सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्कूल प्राधिकारियों से संपर्क स्थापित कर इसे लागू करें और प्रत्येक स्कूल से वाहनों की जानकारी के संबंध में एक शपथ पत्र लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्कूल बसों/ऑटो का निरीक्षण सुनिश्चित करें। स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड स्कूल बसों/ ऑटो का चालान किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि चालक वर्दी में हो, उसके पास लाइसेंस हो और हर बस में एक कंडक्टर हो। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि अगर आपको कोई भी स्कूल ड्राइवर नियमों का उल्लंघन करता दिखे तो इसकी सूचना हैल्पलाइन नंबर 1098 पर दें ताकि उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन सचिव खुशदिल सिंह, ए.डी.टी.ओ. मैडम शालू अर्चन, इंजीनियर इंजीनियर नैशनल हाईवे योगेश यादव, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी तरनजीत सिंह, अरविंदर भट्टी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो डिप्टी कमिश्नर ने स्कूल पदाधिकारियों से कहा कि वे बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में स्लोगन, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताएं आयोजित करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाए कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके अभिभावकों को भी तीन साल तक की कैद हो सकती है। जुलाई माह में ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने वालों से 23 लाख जुर्माना वसूला ए.सी.पी. ट्रैफिक पवन कुमार ने बताया कि जुलाई माह के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 15,435 चालान जारी कर 23 लाख 23 हजार 500 रुपए का जुर्माना वसूला है। उन्होंने बताया कि काली फिल्म लगाने वालों के 450, बिना हेलमेट के 1584, बिना सेफ्टी बेल्ट के 368, बिना लाइसेंस के 52, मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 167, मोटर वाहन एक्ट के उल्लंघन पर 3, नशे में वाहन चलाने पर 207, तेज गति से वाहन चलाने पर 1, प्रेशर हॉर्न पर 2, ट्रिपल राइडिंग पर 281, लाल बत्ती जंप करने पर 619, यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 2273, गलत पार्किंग पर 6253, टो वाहनों पर 1090, बिना इंश्यारेंस पर 91, नो एंट्री पर 2 चालान किए गए तथा अन्य धाराओं के लिए 6 चालान जारी कर जुर्माना वसूला गया है।  

प्रधानमंत्री मोदी से मिले महेश कश्यप, बस्तर के सांस्कृतिक उत्सव में आने का अनुरोध

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ में हर साल आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच चुका है. बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे में शामिल होने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस आमंत्रण को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि वे समय निकालकर इस ऐतिहासिक पर्व का हिस्सा बनेंगे. सांसद महेश कश्यप अपनी धर्मपत्नी चंपा कश्यप और सुपुत्री क्षमता कश्यप के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे. मुलाक़ात के दौरान क्षमता कश्यप ने पीएम मोदी को सादर नमस्कार किया, जिस पर प्रसन्न होकर प्रधानमंत्री ने उसे टॉफी भेंट की. इस अवसर पर सांसद ने प्रधानमंत्री को बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले ग्यारह वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं.

टोलकर्मी पिटाई कांड: गिरफ्त में आया आरोपी रवि, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

मेरठ मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर जवान कपिल के साथ बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। मुख्य आरोपी रवि को पुलिस ने दबोच लिया, अब तक आठ गिरफ्तारी हो चुकी हैं। NHAI ने ठेका रद्द कर टोल प्लाजा को फ्री कर दिया, कंपनी पर 20 लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं परिवार अब भी चिंतित है। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पर सख्ती की मांग हो रही थी। अब मुख्य आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एनएचएआई ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टोल वसूली बंद कर दी है। आगे विस्तार से पढ़ें अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी रवि गिरफ्तार सरूरपुर पुलिस ने बुधवार को करनावल निवासी रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो में वही पीली कमीज में जवान कपिल पर डंडा बरसाते नजर आया था। पुलिस अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है। टोल कंपनी का ठेका निरस्त एनएचएआई ने टोल वसूली करने वाली कंपनी मैसर्स धर्म सिंह का ठेका रद्द कर दिया है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। फिलहाल टोल प्लाजा नया ठेका मिलने तक फ्री कर दिया गया है। पोल से बांधकर की थी पिटाई जवान कपिल ने रविवार शाम टोलकर्मियों से पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया था। इसी बात पर टोलकर्मी भड़क गए और उसे पोल से बांधकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया। वीडियो वायरल, धरना-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर मारपीट की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गांववालों और विधायक संगीत सोम ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टोलकर्मियों की गिरफ्तारी और टोल बंद करने की मांग की। कपिल का उपचार जारी जवान कपिल का इलाज मेरठ कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। पिता कृष्णपाल और मां सुनीता ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। भूनी टोल प्लाजा की स्थिति 7 नवंबर 2023 से शुरू हुए भूनी टोल से पहले रोजाना करीब 20,000 वाहन गुजरते थे। अब संख्या घटकर लगभग 12,000 रह गई है। टोल फ्री होने से यात्रियों को राहत मिली है।   प्रदर्शन और मांगें जारी किसानों ने भूनी टोल को बपारसी गांव शिफ्ट करने की मांग की। मवाना में पूर्व सैनिक संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टोलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।

राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से की मुलाकात

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल गुरुवार को सिवनी जिले की कुरई विकासखण्ड के ग्राम थांवरझोड़ी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही राजेन्द्र कुमार उइके के घर पहुँचें। उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। राज्यपाल पटेल ने राजेन्द्र कुमार और परिजनों से शासन की योजनाओं के मिले लाभ की जानकारी ली। उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को जाना। राज्यपाल पटेल ने राजेन्द्र कुमार उइके के बेटों को मेहनत कर परिवार और समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक शासन की योजना का लाभ लेकर समाज की मुख्य धारा से जुडे़ं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर विधायक बरघाट कमल मर्सकोले, विधायक सिवनी दिनेश राय, श्रीमती मीना बिसेन, कलेक्टर सुसंस्कृति जैन, पुलिस अधीक्षक सुसिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत नवजीवन विजय सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।  

नक्सलियों का खौफनाक खेल: तिरंगा फहराने पर दी मौत की सजा, युवक की हत्या का पर्दाफाश

कांकेर नक्सली हिंसा का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दो दिन पहले नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक की हत्या की थी. इस घटना की असली वजह अब उजागर हुई है. जानकारी के अनुसार, युवक मनेश नरेटी ने (स्वतंत्रता दिवस) 15 अगस्त को नक्सलियों के स्मारक में तिरंगा फहराया था और भारत माता के जयकारे लगाए थे. इससे बौखलाकर नक्सलियों ने मनेश की हत्या की थी. पूरा मामला कांकेर जिले के बिनागुंडा गांव का है. इस घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है. छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर आदिवासी युवक मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई और बेरहमी से उसकी हत्या की थी. साथ ही माओवादियों ने कई ग्रामीण नेताओं और पुलिस अधिकारियों को भी खुली धमकी दी थी. बताया जा रहा है कि बिनागुंडा गांव के मनेश नुरुटी पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया. उसे सोमवार की रात उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए, जहां ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर पहले से ही इकट्ठा किया गया था. इस कथित जन अदालत में माओवादियों ने दो आदिवासी युवकों की पिटाई की. उन पर पुलिस को जानकारी देने और माओवादी गतिविधियों के बारे में सूचना देने का आरोप लगाया. इसके बाद माओवादियों ने मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया. नक्सलियों ने परतापुर थाना इलाके में बैनर लगाकर इस घटना की जानकारी दी थी. माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने ली है हत्या की जिम्मेदारी माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस अधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनीय सैनिक के रूप में काम कराने का आरोप लगाया था. साथ ही नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा, डीआरजी के जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी देते हुए उन्हें भी मौत की सजा देने की धमकी दी थी.