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मध्यप्रदेश में कुपोषण को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टरों से मांगा जिलावार विवरण

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में कुपोषण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 54 जिलों के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता दीपांकर सिंह द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, मिड डे मील, आंगनवाड़ी और मातृत्व लाभ जैसी योजनाएं कागजी साबित हो रही हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में भारी अंतर है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21, 39, 45 और 47 का हवाला देते हुए इन योजनाओं को संवैधानिक जिम्मेदारी से जोड़ा है। याचिका में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए फर्जी पंजीकरण, कम उपस्थिति और आपूर्ति में अनियमितताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव पर विधायक बोहरा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जताई सराहना

कवर्धा पंडरिया विधायक भावना बोहरा की 7 दिवसीय कांवड़ पदयात्रा अपने अंतिम चरण में है. इस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर कठिन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं. पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 21 जुलाई को मध्यप्रदेश के पवित्र नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. 300 से अधिक बम श्रद्धालु के साथ कठिन और टेढ़े-मेढ़े रास्तों से यह पदयात्रा रविवार को भोरमदेव बाबा के दरबार में जलाभिषेक के साथ पूर्ण होगी. भावना बोहरा यात्रा के बीच डोंगरिया पहुँची, जहां रात्रि विश्राम की सुबह सुबह प्राचीन जालेश्वर महादेव मंदिर में जल अर्पण कर भोरमेदव मंदिर के लिए प्रस्थान किया यहां का धार्मिक माहौल शिवभक्तों से सराबोर रहा. इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अचानक डोंगरिया पहुँचकर विधायक भावना बोहरा से भेंट की. उपमुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने लायक था. “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयघोषों से पूरा डोंगरिया क्षेत्र गूंज उठा.

अग्निवीरों को मिलेगा पुलिस सेवा में मौका, यूपी सरकार ने दी 20% आरक्षण की मंजूरी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अग्निवीरों (Agniveer) को यूपी पुलिस बल (UP Police Force) में 20 प्रतिशत आरक्षण (Reservation) देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है. सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया. उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा, "आपने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत की वीरता भी देखी होगी."  राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “जो सैनिक देश की सेना में अग्निवीर के रूप में योगदान देंगे, उनके रिटायर होने पर यूपी पुलिस बल में ऐसे सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।” इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल तक सेवा देने वाले अग्निवीरों को अब राज्य स्तर पर भी रोजगार में प्राथमिकता मिलने लगी है।   'ऑपरेशन सिंदूर' का किया जिक्र सीएम योगी ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का भी बखान किया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे।” योगी ने यह भी कहा कि उस समय भारत अकेला नहीं था, बल्कि पाकिस्तान को तुर्की, चीन और कई अन्य देशों से समर्थन मिल रहा था। लेकिन भारतीय सेना की वीरता और तेज कार्रवाई के चलते पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा।  CM योगी ने कहा, "भारत के वीर जवानों और भारतीय सेना को पाकिस्तान को सबक सिखाने और पाकिस्तान के सभी आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में 22 मिनट भी नहीं लगे." उन्होंने आगे कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. एक तरफ पाकिस्तान को तुर्की, चीन और दुनिया के अन्य देशों से मदद मिल रही थी. लेकिन इन सबके बावजूद, पाकिस्तान भारत की बहादुर सेना के सामने कुछ नहीं कर सका और आखिरकार उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यूपी सीएम ने किया भारतीय सेना का बखान इतना ही नहीं यूपी सीएम ने इस मौके पर भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का बखान करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि आपने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत की वीरता भी देखी होगी. भारतीय वीरों ने सिर्फ 22 मिनट में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए और सभी आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया. पाकिस्तान ने टेके घुटने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यूपी सीएम ने कहा कि उस दौरान भारत कई देशों से मुकाबला कर रहा था. पाकिस्तान को तुर्की, चीन जैसे कई देशों को सपोर्ट था, लेकिन इन सबके बावजूद पाकिस्तान, भारतीय सेना के आगे कुछ नहीं कर सका. अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलती है? अग्निवीर की नौकरी 4 सालों की होती है. इसमें हर साल की मासिक सैलरी अलग है. अग्निवीर सैलरी स्ट्रक्चर नीचे समझ सकते हैं- अग्निवीर को पहले साल में मासिक सैलरी 30,000 रुपये मिलेगी. इसमें से उम्मीदवार को इनहैंड 21,000 रुपये मिलेंगे. बाकी के 9,000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा किए जाएंगे. भारत सरकार इस फंड में अतिरिक्त 9,000 रुपये का योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद यह पूरी राशि उम्मीदवार को एकमुश्त दी जाएगी. इसके बाद दूसरे साल में अग्निवीर की सैलरी 33,000 रुपये मासिक होगी. इसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे. फिर तीसरे साल में 36,500 रुपये सैलरी मिलेगी. इसमें से अग्निवीर को इनहैंड 25,550 रुपये दिए जाएंगे. आखिरी यानी चौथे साल में मासिक सैलरी 40,000 रुपये निर्धारित है. लेकिन उसमें से भी इनहैंड 28,000 रुपये ही मिलेंगे.

शौर्य दिवस पर सीएम योगी का नमन, बोले- शहीदों के बलिदान से बना गौरवमयी इतिहास

लखनऊ  कारगिल विजय दिवस 2025 के अवसर पर लखनऊ की कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। इस दिन भारत ने ऑपरेशन विजय को पूर्ण करते हुए पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया। कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।  

पीजी छात्रा केस में झटका: डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने FIR को माना उचित

बिलासपुर मेडिकल की छात्रा को शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने के आरोपी डॉक्टर आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. हाइकोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपी ऐसे अपराधों से संबंधित हैं, जो गंभीर और संवेदनशील हैं, जिनमें कार्यस्थल पर एक महिला की गरिमा और शारीरिक अखंडता शामिल है. एफआईआर किसी भी तरह से प्रेरित या विलंबित नहीं लगती है. मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ में हुई. जिसमें याचिकाकर्ता डॉक्टर आशीष सिन्हा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी. आरोपी डॉक्टर ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगे आरोप को खारिज करते हुए सरकारी कर्मचारी होने और गिरफ्तार किए जाने पर करियर बर्बाद होने की दुहाई दी थी. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने मामले में दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. आरोपी डॉक्टर के अधिवक्ता ने दलील दी कि जब विशाखा समिति की रिपोर्ट निदेशक, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई और आवेदक के खिलाफ कुछ भी नहीं पाया गया, तो शिकायतकर्ता ने आवेदक को किसी भी तरह से फंसाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई. आवेदक की अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण उनके प्रति रंजिश भी थी, इसलिए उनका वजीफा रोक दिया गया था. वह एक सरकारी कर्मचारी हैं, और यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा, उन्हें अग्रिम जमानत दी जा सकती है. दूसरी ओर सरकारी वकील अमित वर्मा ने आवेदक के वकील द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्क का विरोध करते हुए कहा कि चूँकि शिकायतकर्ता, जो एक महिला डॉक्टर और पीजी छात्रा भी है, के शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित है और प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि आवेदक ने ऊपर बताए गए अपराध किए हैं, आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामला जाँच के अधीन है, इसलिए आवेदक अग्रिम जमानत पाने का हकदार नहीं है. आपत्तिकर्ता/शिकायतकर्ता की ओर से उपस्थित वकील मधुनिशा सिंह ने अग्रिम जमानत आवेदन का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि शिकायतकर्ता एक होनहार छात्रा है, और रूस के एक मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन की डिग्री में स्वर्ण पदक विजेता छात्रा है. आवेदक ने शुरू से ही शिकायतकर्ता पर बुरी नजर रखी और गंदी और घटिया टिप्पणियाँ कीं. उसे परीक्षा में फेल करने और उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उसे मजबूरन एफआईआर दर्ज करानी पड़ी. विशाखा समिति ने भी पाया है कि आवेदक अपने ऊपर लगे आरोपों में दोषी है. इससे पहले सिकल सेल संस्थान, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और महिला कर्मचारियों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ महिलाओं को परेशान करने, गाली देने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा वित्तीय अनियमितताएं करने का भी आरोप है. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और केस डायरी का अवलोकन किया और आदेश में कहा आवेदक के विरुद्ध लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं. केस डायरी के साथ संलग्न दस्तावेजों से पता चलता है कि शिकायतकर्ता द्वारा आवेदक के विरुद्ध कई शिकायतें की गई थीं, और विभाग की विशाखा समिति ने भी एक जाँच की है. रिपोर्ट में यद्यपि इस आशय का कोई प्रत्यक्ष निष्कर्ष नहीं है कि आवेदक अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों का दोषी है, तथापि, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक ने शिकायतकर्ता पर टिप्पणी करने का प्रयास किया है, जो एक चिकित्सक जैसे महान पेशे के लिए, और वह भी विभागाध्यक्ष होने के नाते, अनुचित था. कोर्ट ने आदेश में कहा कि आवेदक द्वारा गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या निष्पक्ष जाँच में बाधा डालने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. प्राथमिकी किसी भी तरह से प्रेरित नहीं लगती है, और उसमें घटनाओं का वर्णन प्रथम दृष्टया मामला दर्शाता है. आदेश में जाँच के प्रारंभिक चरण में है, और इस स्तर पर केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज की जाती है.

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र

रायपुर : ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव होने का गौरव ग्राम जिंदा को मिला छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त गांव बना जिंदा, स्वास्थ्य मिशन में बड़ी उपलब्धि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र रायपुर टीबी मुक्त भारत अभियान को सशक्त आधार देते हुए कबीरधाम जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की ग्राम पंचायत जिंदा को प्रदेश का पहला टीबी मुक्त ग्राम घोषित किया गया है। इस उपलब्धि को मान्यता प्रदान करते हुए आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम जिंदा पहुँचकर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गंभीरता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी जिसे पहले एक गंभीर बीमारी माना जाता था, अब आधुनिक चिकित्सा, टीकों, दवाइयों और जनसहभागिता के चलते नियंत्रण और समाप्ति की दिशा में है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले में 84 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है। जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सतत निगरानी, सजगता और नेतृत्व में जिले को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जिंदा को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गांव प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम जिंदा की सक्रियता, सजगता और सामूहिक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की कुल 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त हो चुकी हैं, जो कि प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में नए हितग्रहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में निक्षय मित्र योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए टीबी मरीजों को नियमित दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई गई। इसी मॉडल को आधार बनाकर टीबी की रोकथाम और मरीजों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया गया।

पूर्व सीएम के बेटे से मिलकर बोले पायलट- चाहे कुछ भी हो, कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी

रायपुर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. राजधानी पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ सेंट्रल जेल में बंद पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि चैतन्य ने मजबूती से लड़ाई लड़ने की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विपक्ष को दबाने के लिए कर रही है. लेकिन वे भाजपा चाहे जो कर लें, हमारा कांग्रेस परिवार एक कदम पीछे नहीं हटेगा. बता दें, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में उनके बेटे चैतन्य को भी गिरफ्तार किया है. ईडी की इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमाई हुई है. सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को दबाने का प्रायस कर रही है. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधी दलों के लिए कर रही है. 10 साल में किसी भाजपा नेता के विरुद्ध कोई जांच सेंट्रल एजेंसी ने नहीं की है. विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान का पलटवार विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया है. रायपुर विधायक मिश्रा ने कहा था कि सचिन पायलट को परिवार की चिंता है, कांग्रेस की नहीं. इसपर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है, परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. जो भी कर ले, लेकिन हम और हमारी पार्टी एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी. इस दौरान उन्होंने जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा के स्वास्थ खराब होने की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वास्थ्य खराब है. अधिकारियों से कहा है कि उनका ध्यान रखें. कवासी लखमा के हौसले बुलंद है. विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश वहीं केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि एजेंसियां कांग्रेस के नेताओं को संदेश दे रही हैं कि आप आवाज बुलंद करेंगे तो आपका भी यही हाल होगा. केंद्र और प्रदेश की एजेंसियों का उपयोग विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा है. छवि धूमिल करने ये कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ये साबित हो चुका है कि मुद्दों से भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी कोशिश कर रही है कि कोई उनके खिलाफ आवाज न उठाए. उन्हें दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता के लिए खड़ी है. परिवार के एक-एक सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ेगी. छत्तीसगढ़ से उपराष्ट्रपति बनाने PCC चीफ की PM को चिट्ठी वहीं दीपक बैज की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं में से किसी एक को उप राष्ट्रपति बनाने के सुझाव और क्या कांग्रेस दीपक बैज के सुझाव के साथ है के सवाल पर सचिन पायलट गोलमोल जवाब देते नजर आए. पायलट ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को जो कहना था वो कह चुके हैं, मुझे इसपर कुछ नहीं कहना है. उन्होंने क्लिरिफिकेशन दिया कि किस सोच के साथ उन्होंने कहा अपनी चिट्ठी के बारे में उनके वीडियो में देख लीजिए. कांग्रेस की बैठक में नेताप्रतिपक्ष महंत नहीं रहे मौजूद सेंट्रल जेल के बाद सचिन पायलट राजीव भवन पहुंचे. वहां उन्होंने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर कई विषयों पर चर्चा की. इस दौरान सह- प्रभारी विजय जांगिड, जरीता लैतफलांग, ताम्रध्वज साहू, शिव डहरिया मौजूद रहे. हालांकि इस मुलाकात और चर्चा में नेताप्रतिपक्ष चरण दास महंत मौजूद नहीं रहे. पीसीसी चीफ बैज की अनुपस्थिती बनी चर्चा का विषय छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी के इस दौरे में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बनी. बीते कुछ दिनों से बैज बस्तर दौरे पर है. जानकारी के मुताबिक पायलट के दौरे की सूचना बैज को काफ़ी देर से मिली जिसके चलते वो नहीं पहुंच सके.

सीएम डॉ. यादव ने कहा – कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का पर्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारगिल विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा है कि भारतीय सैनिकों ने पराक्रम की पराकाष्ठा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पाकिस्तान को पराजित किया था। साठ दिन तक चलने वाले युद्ध की छवियां आज भी देशवासियों के मन मस्तिष्क पर बनी हुई है। भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों में एक-एक चोटी को फतह कर अपने शौर्य का परचम फहराया, देश को गौरवान्वित किया और हमारा मनोबल बढ़ाया। हमें विश्वास है कि भारतीय सेना सभी चुनौतियों का सामना करने मैं सदैव समर्थ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और बलिदान की अमर गाथा, कारगिल विजय दिवस हम सभी के लिए गौरव का उत्सव है। मां भारती के वीर सपूतों ने सर्वस्व न्यौछावर कर कारगिल में शत्रु का संहार कर विजय प्राप्त की। यह अवसर राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रण का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में, प्रदेशवासियों से मां भारती की सेवा में सर्वस्व समर्पित करने का संकल्प लेने का आहवान किया है।  

धर्मांतरण केस में कार्रवाई तेज: जेल में बंद सबरोज का घर धराशायी, बुलडोजर एक्शन जारी

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश में आजकल धर्मांतरण के मामले लागातार सामने आ रहे हैं. यह मुद्दा गरमाता जा रहा है. छांगुर बाबा सिंडिकेट का भांडा फूटने के बाद आगरा, अलीगढ़ समेत अब सुल्तानपुर में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया. प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा है. अब बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के भतीजे पर बुलडोजर एक्शन का कहर बरपा है. जेल में बंद सबरोज का घर आज बुलडोजर से ढहा दिया गया. बताया जा रहा है कि गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया गया था. इसलिए ये कार्रवाई हुई है. इससे पहले छांगुर की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चल चुका है. सबरोज का मकान छांगुर की कोठी से 1 किमी दूर रेहरा माफी गांव में ही बना हुआ था. सबरोज एटीएस की गिरफ्त में हैं. छांगुर के बाद एटीएस ने 19 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था. सबसे पहले सबरोज के घर उतरौला कोतवाली की फोर्स यानी 30 पुलिसकर्मी, सीओ राघवेंद्र सिंह और एएसपी विशाल पांडेय पहुंचे. वहां सुरक्षा व्यवस्था देखी. इसके बाद एसडीएम सत्यपाल प्रजापति पहुंचे. फिर सुबह 11 बजे टीम उतरौला तहसील की टीम दो बुलडोजर लेकर पहुंची. दो बुलडोजर ने 7 मिनट में छत ढहाई और 10 मिनट में दीवारें गिरा दी. इसके बाद पिलर खोद दिए. कुल 20-25 मिनट में पूरे घर को जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौजूद थे. मगर, जैसे ही कार्रवाई पूरी तो सब गायब हो गए. वहीं, प्रशासन ने कहा कि सबरोज को 3 बार नोटिस दिया जा चुका था. आखिरी नोटिस 18 जुलाई को दिया गया था. सबरोज का यह घर गौडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम रेहरा माफी में बना हुआ है. प्रशासन का कहना है कि यह आवास अवैध कब्जा करके बनाया गया था. लगभग 300 स्क्वायर फीट में बना हुआ था. इसमें एक किचन, एक कमरा और एक बरामदा बना हुआ था. बता दें, सबरोज की पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं. बड़ा बेटा 10 साल और छोटा 6 साल का है. आसपास के लोगों ने बताया कि ​सबरोज की पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई है.

सनसनी: सागर जिले में एक ही परिवार के चार सदस्य मृत मिले, जांच में जुटी पुलिस

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां टीहर गांव में खेत में बने एक मकान में रह रहे परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान मनोहर सिंह लोधी, उनकी मां फूलरानी लोधी (70), बेटी शिवानी (18) और बेटा अनिकेत (16) के रूप में हुई है। फूलरानी और अनिकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। मनोहर सिंह को गंभीर हालत में सागर रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मनोहर सिंह अपनी मां और दो बच्चों के साथ गांव से दूर खेत में बने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी कुछ दिन पहले अपने मायके गई हुई थी। घटना के समय घर में केवल चारों ही मौजूद थे। बड़े भाई को मिली घटना की जानकारी घटना की जानकारी सबसे पहले मनोहर के बड़े भाई को मिली, जिन्होंने बताया कि मकान के ऊपर रहने वाले एक भाई को नीचे से उल्टी करने की आवाजें सुनाई दीं। जब उसने जाकर देखा, तो हालत गंभीर लगी और तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। खुरई सिविल अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर वर्षा केशरवानी ने बताया कि बीती रात चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो पहले से मृत थे, जबकि एक युवती और उसके पिता की हालत नाजुक थी। शिवानी की अस्पताल में ही मौत हो गई, और मनोहर सिंह ने सागर ले जाते समय एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवाया गया। खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि घटना किस वजह से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और हर कोई जानना चाहता है कि एक ही परिवार के चार लोगों की जान आखिर कैसे चली गई। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ही परिवार के चार लोगों ने की आत्महत्या, दादी, पिता और दो बच्चों की मौत, मां मायके गई थी. सागर  में शुक्रवार देर रात एक ही परिवार के चार लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता, बेटा-बेटी और दादी की मौत हो गई। पुलिस आत्महत्या के कारण जानने का प्रयास कर रही है।  एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के सागर जिले के टीहर गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात को घटी, घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले भाई को उल्टियां करने की आवाज आई तो वह नीचे आए, इस दौरान उन्हें इसकी जानकारी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार ने ऐसा क्यों किया, अब तक इस बारे में जानकारी सामने नहीं आ पाई है. जानकारी के अनुसार, टीहर गांव के पास खेत में बने एक मकान में मनोहर लोधी (45), उनकी मां फूलरानी (70), बेटा अनिकेत और बेटी शिवानी (18) रह रहे थे। मनोहर की पत्नी कुछ दिनों पहले अपने मायके गई थीं। घर में मनोहर के अलावा दो बच्चे और दादी थीं। शुक्रवार रात को सभी को उल्टियां होने लगीं। उल्टियों की आवाज सुनकर घर की ऊपरी मंजिल में रह रहा मनोहर का भाई चीजे आया। उसने सभी को गंभीर हालत में देखा तो सबसे पहले परिजनों और ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके पुलिस और एंबुलेंस को कॉल कर सूचना दी गई।     सभी को गंभीर हालत में खुरई अस्पताल पहुंचाया गया, इस दौरान डॉक्टरों ने फूलरानी और अनिकेत की मृत घोषित कर दिया। वहीं, कुछ देर के इलाज के बाद शिवानी ने दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाते समय मनोहर की भी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर ह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार ने यह कदम क्यों उठाया?  पुलिस मनोहर के छोटे भाई समेत ग्रामीणों से जानकारी जुटा रही है.