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भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

भूपेश बघेल पर ईडी की कार्रवाई से छिड़ी सियासत: विजय शर्मा बोले- केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है. ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.

रीवा जिले के मनमोहक जलप्रपातों पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कोटवार और पुलिस के साथ अब पटवारियों की भी ड्यूटी लगा दी

रीवा  रीवा जिले के मनमोहक जलप्रपातों पर बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कोटवार और पुलिस के साथ अब पटवारियों की भी ड्यूटी लगा दी है। बता दें कि, जिले में पूर्वा, क्योंटी और चचाई तीन प्रमुख जलप्रपात हैं, जहां वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। हालांकि, पूर्वा जलप्रपात को छोड़कर चचाई और क्योंटी में अभी तक सुरक्षा रेलिंग तक नहीं लगाई गई है। वीकेंड पर लगेगी पुलिस-पटवारियों की ड्यूटी कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि शनिवार और रविवार को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। इसलिए वीकेंड पर कोटवार, पुलिस और ग्राम पंचायत कर्मियों के अलावा पटवारियों को भी तैनात किया जाएगा। साथ ही खतरनाक स्थानों पर रेलिंग लगाने का काम भी किया जाएगा। लोग बोले- इससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन का यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्सर रोमांच या लापरवाही के चलते दुर्घटनाएं होती हैं। इन उपायों से जलप्रपातों की सुंदरता का आनंद लेने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।    

इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका

इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता में अपनी श्रेष्ठता की साबित ,सुपर स्वच्छ लीग में नंबर वन का स्थान  इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  इंदौर  इंदौर ने एक बार फिर बता दिया कि स्वच्छता में उसका कोई सानी नहीं है। गुरुवार सुबह जब दिल्ली के विज्ञान भवन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, निगमायुक्त शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों से सम्मान स्वीकार कर रहे थे, हर इंदौरी खुद को गौरवांवित महसूस कर रहा था। जिन अष्टसिद्धियों को पाने का संकल्प हमने 11 मार्च 2024 को स्वच्छता का सातवां आसमान छूते वक्त लिया था, उन्हें आखिर पा ही लिया। अब तक स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शामिल रहे इंदौर को इस बार सुपर स्वच्छ लीग में रखा गया था, लेकिन पिछले सात वर्ष की तरह इंदौर ने यहां भी खुद को पहले स्थान पर कायम रखा। इस बार प्रतियोगिता में 4,989 शहर थे। इन सबमें इंदौर को सबसे ज्यादा अंक मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि इंदौरियों को नंबर वन पर रहने की आदत है, गुरुवार को यह बात एक बार फिर साबित हो गई। कहा जाता है कि नंबर वन पर पहुंचना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल है इस पर लगातार बने रहना। इंदौर ने इस चुनौती को स्वीकारा और जीत हासिल की। कोई शहर यूं ही नहीं नंबर वन बन जाता। दरअसल स्वच्छता इंदौरियों के संस्कार में हैं, यहां के नागरिकों के रग-रग में रची-बसी है। आने वाले समय में चुनौतियां और कठिन होंगी। अष्टसिद्धि पाने के साथ ही इंदौर अब नई भूमिका में आ चुका है। अब खुद को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ इंदौर की जिम्मेदारी एक अन्य शहर को भी स्वच्छ बनाने की है। निश्चित ही इंदौर इस कठिन परीक्षा में भी सफल होगा। आखिर हमारी आदत है नंबर वन आने की। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने के मायने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए इस बार सुपर स्वच्छ लीग में पांच अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई थीं। दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर के साथ 11 अन्य शहर प्रतिस्पर्धा में शामिल थे। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में सूरत ने इंदौर को कड़ी चुनौती दी थी। इंदौर को पहला स्थान उसके साथ साझा तक करना पड़ा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पिछली बार से सबक लेते हुए इंदौर ने इस बार ऐसी तैयारी की कि सूरत उसके आसपास भी नहीं पहुंच सका। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने से इंदौर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वह अब बड़े भाई की भूमिका में आ गया है। परिवार के सदस्यों का ध्यान रखना उसकी जिम्मेदारी हो गई है। इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  आठ साल पहले इंदौर ने स्वच्छता का संकल्प ले सड़क किनारे के कचरे के ढेर व कचरा पेटियों को हटाया और हर घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लेने (सोर्स सेग्रिगेशन) का नवाचार किया। नगर निगम द्वारा किए गए इस बदलाव का साथ शहरवासियों ने दिया। उन्होंने अपने घर में गीले व सूखे कचरे का डिब्बा अलग रखा। कचरा पृथक्करण की इस मूल आदत के कारण इंदौर सात साल से स्वच्छता में नंबर-1 रहा। वहीं आठवीं बार सुपर लीग में शामिल होने के बाद भी देश के सभी शहरों में इंदौर सबसे आगे रहा। घर-बाजार से गीला-सूखा नहीं, छह तरह का कचरा अलग देने की शहरवासियों की आदत ही इंदौर को दूसरे शहरों से आगे बनाए हुए है। अलसुबह 6.30 बजे से शहर की कालोनियों में पहुंचने वाली डोर टू डोर कचरा संग्रहण की गाड़ियां देर रात छप्पन दुकान व सराफा बाजार के बंद होने के पहले उनका कचरा एकत्र कर ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाती हैं। इस कार्य में हर दिन दो हजार से ज्यादा कर्मचारी इन वाहनों के साथ मौसम की परवाह किए बगैर नियमित जिम्मेदारी निभाते हैं। साल के 365 दिन शहरवासियों व निगम के कर्मचारियों की शहर को नंबर एक बनाने के प्रण की यह जीवटता ही जो इंदौर को हर मुकाबले में सिरमौर बनाती है। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग लेने से आगे रहा इंदौर सुपर स्वच्छ लीग में शामिल इंदौर के शामिल होने के कारण इस बार इंदौर किसी भी शहर से नंबर-1 के खिताब के लिए मुकाबला नहीं था। इस सर्वेक्षण में देश के अन्य शहरों के साथ इंदौर का स्कोर कार्ड भी जारी किया गया। लीग में शामिल सूरत व इस बार का नंबर-1 स्वच्छ शहर अहमदाबाद भी स्वच्छता के अन्य मापदंडों पर इंदौर की तरह शत प्रतिशत अंक लाए हैं। सोर्स सेग्रिगेशन यानि घर-बाजारों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग मिलने वाली श्रेणी में इंदौर को 98 प्रतिशत अंक मिले। वहीं सूरत को 92 व अहमदाबाद को 94 प्रतिशत अंक मिले। यानी इंदौर के मुकाबले सूरत, अहमदाबाद व अन्य शहरों को गीला-सूखा कचरा पूर्ण रूप से अलग-अलग नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से सोर्स सेग्रिगेशन ने इंदौर को स्कोर कार्ड में सबसे ऊपर खड़ा कर दिया।  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  स्वच्छता के जिन सितारों को अपने दामन में संजोने का स्वप्न देखते-देखते देश के बड़े शहरों की आंखे पथरा गईं उन सितारों को इंदौर ने अपने आसमान पर संजो लिया है। गुरूवार को दिल्ली में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया तो मालवा के सिरमौर शहर इंदौर के लोगों ने कुछ यही पंक्तियां याद करते हुए बड़े गर्व से अपनी सफलता को सराहा। स्वच्छता की दौड़ में अपने मानक ऊंचे कर इंदौर इतना आगे निकल आया है कि प्रतिस्पर्धा करने वाले शहर सशंकित ही रहते हैं कि स्पर्धा में नंबर वन तो इंदौर को ही आना है, उन्हें दूसरा-तीसरा स्थान भी मिल जाए तो बात बन जाए। सफलता की सही कसौटी उसकी निरंतरता ही होती है। स्वच्छता की अष्टसिद्धि प्राप्त करके इंदौर ने दुनिया को बता दिया कि यूं ही कोई शहर इंदौर नहीं हो जाता। इसके … Read more

कर्मचारियों को राहत: प्रमोशन के बाद डिमोशन नहीं, हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय

ग्वालियर  मध्यप्रदेश हाई कोर्ट(MP High Court) ने पुलिस विभाग की दो अलग-अलग कार्रवाइयों को अवैध करार देते हुए अहम फैसले सुनाए हैं। कोर्ट ने एक मामले में प्रमोशन के बाद डिमोशन(Demotion After Promotion) को असंवैधानिक बताया, वहीं दूसरे मामले में पहले से सजा हो चुके कर्मियों के खिलाफ दोबारा विभागीय जांच(second Departmental Inquiry) शुरू करने को नियम विरुद्ध ठहराया है। मामला 1: प्रमोशन के बाद डिमोशन अवैध यह केस प्रमोद कुमार दुबे से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 2010 में सहायक उपनिरीक्षक (एमटी) से उपनिरीक्षक (एमटी)के पद पर प्रमोट किया गया था। लेकिन बाद में विभाग ने यह कहकर उनका प्रमोशन रद्द कर दिया कि वर्ष 2007 में उन पर एक वेतनवृद्धि रोकने की सजा लगाई गई थी, जिसका प्रभाव 5 वर्षों तक माना गया। विभाग का आरोप था कि उन्होंने सेवा पुस्तिका में इस सजा का रिकॉर्ड छिपाया। लेकिन याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि प्रमोशन के लिए केवल पिछले 3 वर्षों में कोई बड़ी सजा नहीं होनी चाहिए, न कि 5 वर्षों की। कोर्ट ने यह तर्क मानते हुए कहा कि तीन साल की शर्त पूरी होती है, और विभाग का यह दावा कि सजा का प्रभाव 5 साल तक माना जाएगा, कानूनी और नीतिगत रूप से अस्थिर है। अतः कोर्ट ने डिमोशन का आदेश रद्द कर प्रमोशन को वैध घोषित किया। मामला 2: दोबारा विभागीय जांच अवैध दूसरे मामले में हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति से पहले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ दोबारा विभागीय जांच शुरू करने को अवैध बताया है। यह मामला उपनिरीक्षक मनीराम नादिर और प्रधान आरक्षक ओमवीर सिंह की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनके खिलाफ पहली विभागीय जांच 14 दिसंबर 2020 को पूरी हो चुकी थी, जिसमें मनीराम पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और ओमवीर सिंह की एक वेतनवृद्धि 6 महीने के लिए रोकी गई थी। इसके बावजूद विभाग ने 26 अक्टूबर 2022 को दोबारा जांच का नोटिस जारी किया, जिसे कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैध करार दिया। शासन पक्ष इस दोबारा जांच को न्यायोचित ठहराने में असफल रहा। कोर्ट ने साफ कहा कि एक बार सजा देने के बाद, बिना पूर्व आदेश रद्द किए दोबारा जांच करना कानूनन गलत है। 

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

अलवर टैक्सी स्टैंड पर मारपीट, दिल्ली से आया युवक गंभीर रूप से घायल

अलवर अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दाउदपुर फाटक के पास टैक्सी स्टैंड पर बुधवार को टैक्सी वालों पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक जो कल ही दिल्ली से आया था, गम्भीर रूप से घायल हो गया। हमलावर लाठी डंडे और तलवारों से लैस थे। घायल युवक दीपचंद ने बताया कि वह दिल्ली से आया था और शिवाजी पार्क का निवासी है। वह टैक्सी स्टैंड पर खड़ा था। तभी कुछ लोग लाठी, तलवार और सरिया लेकर आए और वहां पर हमला कर दिया। दीपक ने बताया कि जब तक वह कुछ समझ पाता हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा और हालात यह हो गए कि उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर दाउदपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। मेव समुदाय से संबंधित थे। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल को इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र का कहना था कि वह दाउदपुर के मुसलमान के लोग थे। उन्होंने उन पर आरोप लगाया वे लोग यहां पर आए और गरीब लोगों पर हमला किया। ऐसे में अब पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी घटना में राशिद नाम का युवक भी घायल हुआ है। उसका पुलिस ने प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में करवाया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल भी अपने लोगों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने टैक्सी वालों से तुरन्त रिपोर्ट करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि शहर के हालात खराब होते जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन फिर भी समुदाय विशेष के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।  

अलवर टैक्सी स्टैंड पर मारपीट, दिल्ली से आया युवक गंभीर रूप से घायल

अलवर अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दाउदपुर फाटक के पास टैक्सी स्टैंड पर बुधवार को टैक्सी वालों पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक जो कल ही दिल्ली से आया था, गम्भीर रूप से घायल हो गया। हमलावर लाठी डंडे और तलवारों से लैस थे। घायल युवक दीपचंद ने बताया कि वह दिल्ली से आया था और शिवाजी पार्क का निवासी है। वह टैक्सी स्टैंड पर खड़ा था। तभी कुछ लोग लाठी, तलवार और सरिया लेकर आए और वहां पर हमला कर दिया। दीपक ने बताया कि जब तक वह कुछ समझ पाता हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा और हालात यह हो गए कि उसे पीट-पीटकर घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर दाउदपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। मेव समुदाय से संबंधित थे। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। घायल को इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र का कहना था कि वह दाउदपुर के मुसलमान के लोग थे। उन्होंने उन पर आरोप लगाया वे लोग यहां पर आए और गरीब लोगों पर हमला किया। ऐसे में अब पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है और पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी घटना में राशिद नाम का युवक भी घायल हुआ है। उसका पुलिस ने प्राथमिक उपचार जिला अस्पताल में करवाया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल भी अपने लोगों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने टैक्सी वालों से तुरन्त रिपोर्ट करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि शहर के हालात खराब होते जा रहे हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन फिर भी समुदाय विशेष के लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।  

डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अलर्ट, रीवा-डिंडौरी समेत कई जिलों में बंद हुए स्कूल

छतरपुर / टीकमगढ़ मानसून ट्रफ और डिप्रेशन की वजह से मध्यप्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर बाढ़ के हालात हैं। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल के 7 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना में बाढ़ के हालात।  इससे पहले गुरुवार को सतना, डिंडौरी, मऊगंज समेत 26 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। नदी-नाले उफान पर आ गए। इस वजह से कॉलेज की परीक्षा कैंसिल करनी पड़ी। वहीं, भोपाल में सड़क, शहडोल में सीवर लाइन की खुदाई में मिट्‌टी धंस गई। इस वजह से दो मजदूर दब गए। उनकी मौत हो गई।     छतरपुर के रनगुवां डैम के सभी 12 और कुटनी बांध के 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।     छतरपुर में तेज बारिश की वजह से अलग-अलग गांवों में दो मकान ढह गए।  पहली घटना में बेटी की मौत हो गई, मां घायल है। दूसरी घटना में युवक की जान चली गई।     धामची गांव में उर्मिल नदी का पानी घुसने से 200 परिवार फंस गए थे।  एसडीएम अखिल राठौर ने बताया कि टीमें भेजकर 15 लोगों को रेस्क्यू कराया है।     बानसूजारा बांध का जलस्तर बढ़ गया। गुरुवार रात करीब 11 बजे डैम के 3 गेट खोल दिए गए। 180 क्यूमैक पानी छोड़ा गया।     टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर है। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बह रहा है। झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया है।     टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।