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लग्जरी गाड़ी में सवार होकर एसबीआई का एटीएम उखाड़कर ले गए बदमाश

सीकर शहर के जयपुर रोड पर हुई एक सनसनीखेज वारदात में बदमाशों ने पूनिया वाइंस के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम को उखाड़कर करीब 32 लाख रुपये से अधिक लूट को अंजाम दिया। वारदात करने वाले बदमाश चार से पांच की संख्या में थे और एक लग्जरी गाड़ी में सवार होकर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाना पुलिस सहित पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वारदात रात करीब 3 बजे हुई और पूरी घटना एटीएम के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हालांकि अब तक बदमाशों की पहचान नहीं हो पाई है। ये भी पढ़ें: Kota News: आपसी कहासुनी में युवक ने महिला को गोली मारने के बाद की आत्महत्या, महिला अस्पताल में भर्ती सूचना के बाद एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही एटीएम इंचार्ज और बैंक के अन्य अधिकारी भी सुबह मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवा दी है और बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित गिरोह है, जिसने पहले से ही योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि जिस तरीके से एटीएम को उखाड़ा गया और उसे वाहन में लादकर ले जाया गया, उससे साफ है कि बदमाश इस तरह की घटनाओं के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सीकर जिले के अजीतगढ़ और खाटूश्यामजी इलाके में भी ऐसी ही एटीएम लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को भी उसी गैंग से जोड़कर देख रही है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हुई हैं और जिले के बाहर भी सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हृदय विदारक वारदात: धार में लुटेरों ने लाठी-डंडों से हमला कर महिला से छीने गहने, काटे कान

धार   धार जिले के राऊ-खलघाट फोरलेन के गुजरी बायपास पर देर रात करीब 11 बजे अज्ञात पांच बदमाशों द्वारा कार से खरगोन से इंदौर जा रहे परिवार वल्लभ सुरेशचंद्र महाजन, सचिन सुरेशचंद्र महाजन, शारदा महाजन, रेखा सचिन महाजन और भांजी निशि महाजन के साथ लाठियों से मारपीट कर सभी के सोने के आभूषण लूट लिए गए। घटना के बाद कार सवार सभी लोग खरगोन जिले की काकड़दा पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद काकड़दा पुलिस एवं धामनोद पुलिस चारों ओर तलाश में जुट गई। वहीं परिजनों को इलाज के लिए धामनोद अस्पताल भेजा गया। गाली-गलौज और लूटपाट बताया जा रहा है कि गाड़ी का टायर अचानक पंचर हो गया था। कुछ दूरी चलने के बाद गाड़ी रोकनी पड़ी। इसी दौरान जब टायर बदला जा रहा था, तभी पांच अज्ञात लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठियों से हमला कर दिया। उन्होंने सभी के सोने के आभूषण छीन लिए। इस दौरान सचिन महाजन, वल्लभ महाजन और उनकी माता को चोटें आईं। सचिन की माता के कान से सोने का आभूषण खींचने में उनका कान कट गया। सभी घायलों को धामनोद के शासकीय अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल स्कूल के संचालक, भंडारी परिवार और अग्रवाल समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। रात करीब 1:30 बजे घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद धामनोद थाने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पूरे मामले में धामनोद पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है। 

सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

मुख्यमंत्री निर्देश पर MP में प्राथमिक स्तर पर 13,089 शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू

इंदौर  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। यह भर्ती स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक esb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 13,089 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के तहत 10,150 पदों और जनजातीय कार्य विभाग के तहत 2,939 पदों पर भर्ती की जाएगी। यह परीक्षा दोनों विभागों में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। पात्रता मानदंड इस भर्ती प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) 2020 या 2024 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंकों के साथ सफलता प्राप्त की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास डीएलएड (D.El.Ed) डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इसके अवाला, उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, अधिकतम आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को की जाएगी। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस तिथि तक निर्धारित आयु मानदंडों को पूरा करते हों। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जा सकती है। बीएड धारक आवेदन के पात्र नहीं उम्मीदवार ध्यान दें, इस भर्ती प्रक्रिया में बीएड डिग्री धारियों को पात्र नहीं माना गया है। केवल डीएलएड धारक ही आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, अभ्यर्थियों को विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक ही आवेदन पत्र के माध्यम से वे सभी योग्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि और समय एमपी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की चयन परीक्षा 31 अगस्त से दो पालियों में आयोजित की जा सकती है। पहली पाली सुबह 10:30 से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें ताकि समय पर प्रवेश और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। आवेदन शुल्क इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है। अनारक्षित वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों को 500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। कितना मिलेगा वेतन? इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित शिक्षकों को शुरुआती रूप में न्यूनतम 25,300 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाएगा, जिससे कुल वेतन में और बढ़ोतरी होगी। यह वेतन राज्य सरकार की निर्धारित वेतनमान के अनुसार मिलेगा। कैसे करें आवेदन     आधिकारिक वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर जाएं।     प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिंक पर क्लिक करें।     अगर आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो पहले "प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन" करें।     रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।     सभी जरूरी जानकारी जैसे नाम, योग्यता, श्रेणी आदि सावधानीपूर्वक भरें।     पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।     ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) से आवेदन शुल्क जमा करें।     सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट करें।     भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन फॉर्म का एक प्रिंट आउट अपने पास रख लें।  

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए श्रम विभाग की पहल कामगार सुरक्षा से सड़क सुरक्षा तक: श्रम विभाग ने सड़क हादसों पर नियंत्रण के उपाय जारी किए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला  भोपाल सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि का संचालन करने वाले ड्रायवरों तथा अन्य स्टाफ जैसे कंडक्टर और क्लीनर के कार्य के घंटे के संबंध में प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की पहल की जा रही है।इसी सिलसिले में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की कार्यशाला शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में श्रमायुक्त श्रीमती रजनी सिंह ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कार्यों में संलग्न ड्राइवरों और अन्य स्टाफ के कार्य के घंटों, विश्राम अवधि और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए प्रतिदिन 8 घंटे और साप्ताहिक 48 घंटे कार्य की अवधि निर्धारित है। इन प्रावधानों का गंभीरता से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रायवरों और स्टाफ के लगातार लंबी अवधि तक कार्य करने और विश्राम का समय न मिलने से थकान और तनाव की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। श्रमायुक्त ने वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभिन्न तकनीकों और उपकरणों की सहायता से, साथ ही जागरूकता और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए ड्रायवरों के कार्य समय और विश्राम अवधि की निगरानी करने तथा अन्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु मोटर वाहनों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस प्रणाली जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यशाला में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में संभावित वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ड्रायवर और पैसेंजर मैनेजमेंट सिस्टम का भविष्य में उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में कार्यशाला में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। कार्यशाला में ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिनियम के परिपालन के लिए सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और मोटर यातायात श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। कार्यशाला में श्रम विभाग से प्रभात दुबे, आशीष पालीवाल, जिला परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, अटल इंदौर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (AICTSL) के अधिकारी अभिनव चौहान, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा, इंदौर ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सी. एल. मुकाती एवं अन्य ट्रांसपोर्टर्स उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया

एमसीबी/चिरमिरी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुरजपुर जिले में हुए दोहरे हत्याकांड में पीड़ित प्रधान आरक्षक मोहम्मद तालिब के परिवार को आर्थिक सहायता स्वरूप 20 लाख रुपये राशि की स्वीकृति प्रदान की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए यह त्वरित सहायता दिया जाना न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहतदायक है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा अपने नागरिकों के साथ खड़ी है।   स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवार को नई आशा मिलेगी और समाज में न्याय व संवेदना की भावना और मजबूत होगी।

बासनपीर में हिंसा फैलाने वाले महिलाओं सहित 23 उपद्रवी हिरासत में

जैसलमेर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण के दौरान उपजे तनाव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 10 जुलाई को पुराने रियासती योद्धाओं की स्मृति में बनाई जा रही छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर अचानक उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर जोरदार विरोध करने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के विरोध में नारेबाजी करते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैनात अधिकारियों पर जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले की तह में जाकर की गई जांच में यह सामने आया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गांव का ही निवासी हासम खान मुख्य भूमिका में था। हासम खान ने ही ग्रामीणों को भड़काया और प्रशासन को भ्रमित करते हुए समुदाय विशेष के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किए, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसपी चौधरी के अनुसार हासम खान ने सोची-समझी साजिश के तहत दोनों पक्षों को भड़काने का कार्य किया। उसने पुलिस और प्रशासन को एकपक्षीय परिवाद देकर गुमराह किया और साथ ही ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उकसाया। परिणामस्वरूप गांव में तनाव का माहौल बना और छतरी निर्माण कार्य के दौरान हिंसात्मक झड़प हुई। पुलिस की जांच का दायरा सिर्फ हासम खान तक सीमित नहीं रहा। अब उसके पीछे की संभावित साजिशों और अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि हासम खान इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ मोहरा नहीं, बल्कि योजना का सूत्रधार था और अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज, फोटो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस उन सभी लोगों को चिन्हित करने में लगी है, जिन्होंने इस हिंसा में भाग लिया और कानून व्यवस्था को बाधित किया। गांव में फिलहाल शांति का माहौल है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को कायम रखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।

CBI कोर्ट का आदेश: इमरान मसूद को करना होगा सरेंडर, जारी हुआ गैर-जमानती वारंट

सहारनपुर उत्तर प्रदेश सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 2007 में हुए 40 लाख रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह वारंट तब जारी हुआ जब इमरान मसूद की डिस्चार्ज याचिका अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला वर्ष 2007 का है, जब सहारनपुर नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यपालक अधिकारी) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उस समय नगर पालिका के खाते से 40.12 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी, जिसमें इमरान मसूद की भूमिका सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई की जांच में मसूद पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई। कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद इमरान मसूद अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई 2025 तय की गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इमरान मसूद वर्तमान में एक सक्रिय और चर्चित राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि यदि आरोपी अगली तारीख पर भी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इमरान मसूद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐश्वर्य कुमार राय

23 माओवादियों ने किया सरेंडर, इन पर था 1 करोड़ 18 लाख का इनाम

सुकमा  प्रदेश के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार माओवाद को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत माओवादियों का आत्मसर्पण करवाया जा रहा है। शनिवार को भी पीएलजीए बटालियन में सक्रिय 8 हार्डकोर समेत 23 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जानकारी के अनुसार, माओवादी संगठन पीएलजीए बटालियन के 23 माओवादियों ने शनिवार को सरेंडर कर दिया है। इन सभी को मिलाकर इनके सिर पर 1 करोड़ 18 लाख का इनाम घोषित किया गया था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 8 महिला माओवादी भी शामिल है। बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी इलाके में होने वाली दर्जनों बड़ी माओवादी गतिविधियों में शामिल थे। सभी माओवादियों ने सरकार की नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडरनियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है। पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा माओवादियों ने एसपी अधीक्षक किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआरजी आनंद सिंह समेत अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया है। अब इन माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 37.50 लाख के इनामी 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण नारायणपुर जिले के अत्यंत संवेदनशील माड़ अंचल में चल रहे ‘माड़ बचाव’ अभियान से प्रेरित होकर शुक्रवार को 22 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की शपथ ली। आत्मसमर्पितों में 14 पुरुष व 8 महिलाएं शामिल हैं। इन पर 37 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण में शामिल ये माओवादी माड़ डिवीजन के कुतुल, नेलनार और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय इन माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। मुख्य आत्मसमर्पितों में 8 लाख का इनामी डीविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मनकू कुंजाम, पांच-पांच लाख के इनामी हिड़मे कुंजाम, पुन्ना लाल ओयाम और सनीराम कोर्राम शामिल हैं। आत्मसर्पित माओवादियों ने बताया कि माओवादी संगठन की अमानवीय, शोषणकारी विचारधारा, बाहरी नेतृत्व की ओर से भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर हिंसा के चलते मोहभंग हुआ है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा व पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें मुख्यधारा की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।

छांगुर बाबा केस में बढ़ा विवाद, सामने आया मुस्लिम धर्म की बढ़ाई और हिंदू धर्म की आलोचना का दावा

बलरामपुर ATS ने छांगुर बाबा के करीबी नवीन रोहरा के सात बैंक खातों की जानकारी ED को शेयर की है. बलरामपुर से गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के चार करीबी पूर्वांचल के जिलों में अवैध धर्मांतरण कराते थे. जो त्रिशूल लगाकर मजार पर कव्वाली गाकर अवैध धर्मांतरण के कार्य को आगे बढ़ाते थे. इनके खिलाफ दो वर्ष पूर्व आजमगढ़ में अवैध धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था. इसी बीच एक और दावा किया गया है. बताया जाता है कि छांगुर गैंग धर्मांतरण के लिए हिंदू धर्म की बुराई करता था. जबकि अन्य की मुस्लिम धर्म की तारीफ करता था. छांगुर की करतूतों का खुलासा करते हुए एसटीएफ को चारों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे. इसके बाद एटीएस थाने में एसटीएफ द्वारा दर्ज कराई गई. एफआईआर में इन चारों को नामजद किया गया. आजमगढ़ के देवगांव थाने में 25 मई 2023 को अवैध धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज हुआ था. 2023 में भी पुलिस कर रही थी जांच मुकदमे में 18 लोग नामजद हुए थे, जिनमें छांगुर के करीबी बलरामपुर निवासी मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और गोंडा निवासी रमजान शामिल थे. इसके अलावा आजमगढ़ निवासी अवधेश सरोज उर्फ वकील, ऊषा देवी, पन्ना लाल गुप्ता, सिकंदर, हसीना, कुंदन बेनवंशी, आकाश सरोज, मऊ निवासी मोहम्मद जावेद, परवेज आलम, इरफान अहमद, साबिर अली, जावेद अहमद और जौनपुर निवासी फैयाज भी नामजद किए गए थे. इस प्रकरण की जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस छांगुर के अवैध धर्मांतरण रैकेट तक नहीं पहुंच सकी थी. बाद में जब छांगुर की जांच एसटीएफ ने शुरू की तो बलरामपुर के चारों युवकों का नाम भी सामने आया. नवंबर 2024 में छांगुर समेत नौ नामजद आरोपियों की सूची में मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और रमजान को भी शामिल किया गया. त्रिशूल लगाकर, कव्वाली कराकर कराते थे धर्मांतरण आजमगढ़ के देवगांव क्षेत्र के ग्राम चिरकिहिट में पुलिस को अवैध धर्मांतरण की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई गाड़ियों से आए लोग मजारनुमा जगह पर त्रिशूल लगाकर, उस पर फूल-माला चढ़ाकर कव्वाली गा रहे थे और तकरीरें पढ़ रहे थे. वे मुस्लिम धर्म की तारीफ और हिंदू धर्म की मान्यताओं को पाखंड और झूठ बता रहे थे. जांच में पता चला कि वहां प्रलोभन देकर हिंदुओं का मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा था. पुलिस ने सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन विवेचना के दौरान अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर तक नहीं पहुंच सकी. जिसके बाद अब गिरफ्तारी हुई है. गैंग के 30 से 40 लोग अब भी फरार छांगुर बाबा मामले में आजतक ने बड़ा खुलासा किया है. पीड़िता का दावा कि छागुर बाबा के अलावा 30-40 लोग अब भी बाहर, जो पुलिस की गिरफ्त से दूर रहकर धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे हैं. बरेली और आजमगढ़ में धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क फैला है. जिसमें कई डॉक्टर और रसूखदार लोग शामिल हैं. बरेली में कई ऐसे डॉक्टर भी इस गैंग में शामिल हैं, जो हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर खतना जैसे खतरनाक करते थे. पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं की मदद नहीं कर रही, महिलाएं खुद को बचाने में असहाय हैं.