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मूसलाधार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, सड़कें धंसी और बाजार डूबे

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी के बीच मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी सौ की रफ्तार से तूफान तो कभी मूसलाधार बारिश होने लग रही है। ऐसा ही नजारा आगरा में दिखाई दिया है। यहां बारिश ने जबरदस्त कोहराम मचाया है। सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क के बारिश में धंस जाने से इसमें 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फुट तक धंसी सड़क के गड्ढों में यह वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। नगर निगम सीएम ग्रिड (ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत शहर में पांच सड़कों को मॉडल रोड बनाने का काम हो रहा है। इनमें से एक बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई। सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। टोरंट की मरम्मत वैन, कचरा उठाने वाली गाड़ी भी फंसी। कई दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हुए। कीचड़ होने की वजह से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह देहली गेट से राजा मंडी स्टेशन की ओर चल रहे सीएम ग्रिड योजना के काम के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गई। उधर अमर होटल से विभव नगर रोड का भी कमो‌वेश यही हाल हो गया। यहां भी लोगों को परेशानी हुई। नगर निगम के दावों की खुली पोल मूसलाधार बारिश से नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आ गई, वहीं कई स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण नाले उफान पर आ गए और कई बस्तियों में पानी भर गया। घरों, गलियों और बाजारों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और गलियों में सिल्ट के ढेर लग गए। सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और रात करीब दो बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर जलभराव, कीचड़ और गंदगी का नजारा दिखाई दिया। पार्षद राकेश कन्नौजिया ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं सोहल्ला और आसपास की बस्तियों में घरों में पानी भर गया। उधर वार्ड संख्या तीन जगदीशपुरा में आंबेडकर वाटिका के पीछे नाला उफान पर आ गया। पार्षद प्रीति भारती का आरोप है कि लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में नाला सफाई के दावे हो रहे हैं मगर कुछ घंटों की बारिश ने ही सारी पोल खोल दी। इस बार भी ताजनगरी में जलभराव से बचाव के इंतजाम मुकम्मल नहीं हो पाए। सब कुछ वैसा ही नजर आया, जिसकी कल्पना से ही हर साल शहर के लोग डर जाते थे। फिर कह रहे हैं कि मानसून तो अभी आना बाकी है। बाजारों की बिगड़ी सूरत, 800 दुकानों में भरा पानी मूसलाधार बारिश ने शहर के प्रमुख बाजारों में भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे अधिक असर बिजलीघर चौराहा और आसपास के बाजारों में देखने को मिला, जहां जलभराव के कारण 800 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। राजामंडी बाजार भी रातभर पानी में डूबा रहा। मंगलवार सुबह दुकानदारों ने दुकानों में भरे पानी, कीचड़ और सिल्ट को देखकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों के अनुसार बिजलीघर, मंटोला, काजीपाड़ा और बालूगंज नालों के ओवरफ्लो होने से पानी बाजारों में भर गया। इससे बिजलीघर, शिवाजी मार्केट और छीपीटोला रोड स्थित दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उप नगर आयुक्त सरिता सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उधर राजामंडी बाजार में भी जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारी लिल्ली गोयल ने बताया कि सड़क, नाला निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस है। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने व्यापारियों को उचित मुआवजा देने और समाधान की मांग की है। टाइल्स की आवाज से जागे, घर गिरने से पहले भागे बारिश के बाद बालूगंज (रकाबगंज) क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब पौने तीन बजे एक के बाद एक चार मकान भरभराकर ढह गए। राहत की बात यह रही कि मकानों में टाइल्स टूटने और दीवारों से आवाज आने पर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे 23 लोगों की जान बच गई। हादसे में अतीश कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार एसएन में कराया गया। स्थानीय निवासी शिवम ने बताया कि तेज बारिश के दौरान उनके घर सहित विनोद कुमार, मुकेश सोनकर और अशोक के मकानों में पानी भरने लगा था। मकानों से असामान्य आवाजें आने लगीं और टाइल्स टूटने लगीं। खतरा भांपकर सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षण बाद चारों मकान ढह गए। महिलाएं व बच्चे दहशत में आ गए। सूचना पर थाना रकाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दो अन्य मकान भी एहतियातन खाली करा दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। दोपहर में नगर निगम ने जेसीबी लगाकर मलबा हटवाया और मार्ग को सुचारू कराया। हादसे में अतीश कुमार सोनकर पुत्र रामलाल, विनोद कुमार पुत्र किशोरी लाल, मुकेश सोनकर पुत्र किशोरीलाल और अशोक का मकान उजड़ गए। अपने भरे पूरे घर को मलबे में तब्दील देख घर की महिलाएं दहाड़ मार कर रो रही थी।

नमो घाट के पास मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, हटाए गए अवैध कब्जे

वाराणसी वाराणसी में नमो घाट के पास बनने वाले मॉडल स्टेशन के लिए देर रात कब्रिस्तान और अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) पर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया। मस्जिद के पास के कब्रिस्तान से जुड़ी भूमि से भी अवैध कब्जे हटा दिए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और रेलवे की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान कई थानों की पुलिस भारी संख्या में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया था। हालांकि किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है। उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजनाओं से संबंधित इस भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों में विवाद था। वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी "अजगैब मस्जिद" बुलडोजरों से ढहा दी गयी. 2024 में हुई पैमाइश में यह खुलासा हुआ कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नही हटाई गयी. अब प्रशासन ने कई बुलडोजर लेकर मस्जिद जमीदोज कर दी है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार रात संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी। नमो घाट के पास काशी स्टेशन पर होंगी कई सुविधाएं वाराणसी में नमो घाट के ठीक ऊपर स्थित काशी स्टेशन पर कई सुविधाएं विकसित होने जा रही हैं। यहां प्रस्तावित एयर कॉनकोर्स (गलियारा) दोनों भवनों को जोड़ेगा। लगभग 200 मीटर लम्बा और 100 मीटर लम्बा वातानुकूलित कॉनकोर्स न सिर्फ यात्रियों के लिए पैदल पारपथ (एफओबी) होगा, बल्कि इसमें बैठने की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल और लाउंज होंगे। खरीदारी के लिए फूड और मल्टीपरपज स्टॉल भी बनेंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। काशी स्टेशन का तकरीबन 350 करोड़ से मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। अपग्रेडेशन होने के बाद राजघाट साइड में काशी स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार हो जाएगा, जबकि वर्तमान प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री (द्वितीय प्रवेश द्वार) हो जाएगा। इसके अलावा टिकट घर, रिजर्वेशन काउंटर, पार्किंग, अत्याधुनिक टॉयलेट, वेटिंग हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भविष्य में काशी स्टेशन की यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। इसके तहत पटरियों और प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान प्लेटफॉर्मों की लम्बाई भी बढ़ेगी। फिलहाल काशी स्टेशन पर दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एयर कॉनकोर्स बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेने समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव बन रहा है। लखनऊ जंक्शन (चारबाग) के बाद उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) का यह दूसरा कॉनकोर्स होगा। यह भवनों की दूसरी मंजिल से जुड़ेगा। यह चौड़े पुल या छत की तरह प्लेटफॉर्म से काफी ऊंचाई पर स्थित होगा। उत्तर रेलवे के एडीआरएम बृजेश कुमार यादव के अनुसार काशी स्टेशन पर मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों और एयर कॉनकोर्स के निर्माण समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

एंट्री टैक्स विवाद ने पकड़ा तूल, निहंग सिंहों ने हिमाचल में शुरू की अलग टैक्स वसूली

कीरतपुर साहिब/रूपनगर. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है। निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है। एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी। फैसला वापस लेने की रखी मांग इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निहंग सिंहों ने दी चेतावनी निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

15 दिन में शिकायत निस्तारण के निर्देश, सीएम योगी ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

 गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि मामलों का निस्तारण 15 दिन के अंदर करें। इसके साथ ही पीड़ित से फीडबैक भी लें। कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जमीन विवाद को लेकर आए फरियादियों को सुन दबंगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आए लोगों को आश्वासन दिया कि सभी का इलाज होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एस्टीमेट मंगवाएं ताकि धन उपलब्ध कराया जा सके। जनता दर्शन में सीएम ने 200 से अधिक लोगों की फरियाद सुनी और कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं, हर समस्या का समाधान होगा। बता दें कि सीएम योगी जब कभी गोरखपुर में होते हैं तो वह गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते और समाधान के निर्देश देते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने फरियादियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों के समाधान के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने कहा था कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सीएम योगी ने फरियाद लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाज के हर जरूरतमंद के लिए आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई, विवाह से लेकर निराश्रित, बुजुर्ग के पेंशन तक सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमाफिया की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करें और केस दर्ज कर जेल भेजें। इलाज के लिए मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में अधिकारियों से एस्टीमेट उपलब्ध कराने को कहा।

खाद की कालाबाजारी पर बिलासपुर प्रशासन सख्त, रेड में मिला भारी मात्रा में अवैध भंडारण

बिलासपुर. बिलासपुर जिले में खाद की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन का एक्शन जारी है. कार्रवाई के दौरान मल्हार और सेन्दरी में छापेमारी की. इस दौरान बड़ी मात्रा में छिपाकर रखा गया खाद्द जब्त किया गया. कार्रवाई के दौरान मल्हार स्थित अग्रवाल खाद भंडार से यूरिया, एनपीके और एसएसपी खाद बरामद की गई, जबकि सेन्दरी के बंसल फर्टिलाइजर में छिपाकर रखी गई खाद भी जब्त की गई. जांच में अवैध भंडारण पाए जाने पर संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद से खाद कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रशासन ने किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए शनिवार और रविवार को भी सहकारी समितियां खुली रखने का निर्णय लिया है. खरीफ सीजन के लिए जिले को 68,950 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य मिला है. अधिकारियों के अनुसार जिले में यूरिया, डीएपी, पोटाश, एनपीके और एसएसपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.

कॉपी में लिखी ऐसी अपील, पढ़कर सोच में पड़ गए परीक्षक

रुहेलखंड नंबर बढ़ाने के लिए कॉपी में तरह-तरह की गुजारिशें लिखी मिलने का मामला नया नहीं है। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा से लेकर यूनिवर्सिटी तक की परीक्षा में कई छात्र और छात्राओं की ऐसी अपीलें लिखी दिख जाती हैं। कई बार तो कॉपियों में रुपए रखे भी मिले हैं। ऐसी गुजारिशों को अक्सर परीक्षक मुस्कुराकर टाल जाते हैं लेकिन रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बीए थर्ड इयर की एक छात्रा ने अपनी कॉपी पर ऐसी बात लिख दी कि कॉपी जांचने वाले परीक्षक भी हैरान रह गए और थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ गए। छात्रा ने अपनी आंसर कॉपी में बेहद संवेदना भरे मैसेज लिखकर शिक्षक से अपील की। छात्रा ने लिखा कि प्लीज मुझे बेहतर नंबर दे दीजिए, नहीं तो घर वाले मेरी शादी करा देंगे। उसने कॉपी में यह भी लिखा कि मुझे मालूम है कि ये गलत है पर भविष्य का सवाल है। मैं अभी शादी नहीं करना चाहती। छात्रा ने यह भी लिखा कि उसे मालूम है कि यह गलत है लेकिन वह अभी शादी नहीं करना चाहती है और ऐसी स्थिति में वह अच्छे नंबर देने की गुजारिश कर रही है। छात्रा द्वारा कॉपी में लिखी गई पूरी बात बता दें कि इस समय रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कॉपियों के मूल्यांकन का काम चल रहा है। ऐसे में बीए तृतीय वर्ष का छात्रा की आदरणीय मैम, सर को संबोधित यह मैसेज ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आया। मुरादाबाद के एक केंद्र पर ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आए इस मैसेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने कहा कि घर वाले मेरी शादी कराना चाहते हैं। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। मैं अभी सिर्फ 21 साल की हूं। दो साल का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं हैं। किसी गर्वनमेंट यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए 60 प्रतिशत अंक चाहिए। इसे पूरा करने के लिए कम से कम 35 या 40 नंबर दे दीजिए, जिससे 60 प्रतिशत प्लस रिजल्ट बन जाए। कॉपी पर लिखे मैसेज में छात्रा ने 50 नंबर के पेपर में 40 नंबर की मांग की है। उसने यह भी लिखा कि ये गलत है मैं ये जानती हूं, पर प्लीज ज्यादा नंबर देकर मेरी मदद कीजिए।

कोचिंग सेंटर पर हमले के बाद बवाल, छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

पटना पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग और बवाल के बाद अब छात्र सड़क पर उतर गए हैं। बुधवार की सुबह सैकडों की संख्या में छात्र खान सर के घर के बाहर सड़क पर बैठ गए। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वहां पुलिस की तैनाती कर दी गई। जो वीडियो सामने आया है उसमें कई छात्र-छात्राएं सड़क पर बैठी नजर आ रही हैं। छात्र-छात्राएं काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पूरा सड़क जाम हो गया था। इस प्रदर्शन के बीच खान सर अपने घर की बालकनी में खड़े नजर आए और प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से खास अपील करते नजर आए। खान सर ने कई बार हाथ जोड़कर अपील करते हुए नजर आए कि वो सभी (प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं) अपने घर चले जाएं। खान सर के कोचिंग सेंटर को फिलहाल अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, खान सर के इस खास अपील के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र वहां डटे हुए थे। खान सर ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा है कि पुलिस लगातार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। पुलिस रात भर कोचिंग सेंटर के बाहर रही। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी प्रदर्शनकारी सड़क से हट जाएं और अपने घर चले जाएं। इससे सड़क जाम है और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इधर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। मीडिया से बातचीत में प्रदर्शनकारी एक छात्रा ने कहा कि हमें क्यों जाना चाहिए। जब हमारे टीचर पर ही हमला हो जा रहा है। हमलोगों की छुट्टी होने से पहले ही नोटिफिकेशन आ जाता है। आज नोटिफिकेशन आया नहीं। जब हमलोग यहां आए तो पता चला कि ऐसा हुआ है। एक अन्य छात्रा ने कहा कि हमलोग घर हीं जा सकते हैं। हमलोगों को जानना है कि आखिर खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला कैसे हो गया। अगर दूसरों को हमसे जलन है तो वो भी छात्रों को पढ़ाएं। सड़क पर बैठी एक छात्रा ने कहा कि खान सर पर गोली चली है। वो बच्चों के लिए इतना कुछ करते हैं। लेकिन जलन की वजह से उनसे दुश्मनी हो जाती है। अगर अच्छा करना है तो खुद भी बच्चों को अच्छे से पढ़ाइए। छात्रा ने कहा कि हम घर नहीं जाएंगे, क्यों गोली चली। हमलोगों की क्लास भी नहीं हो पाई। छात्राओं ने कहा कि हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। हम सभी खान सर के साथ हैं। हमलोग यहां से नहीं जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन के बीच वहां मौजूद पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझा रही थी कि वो वहां से हट जाएं। लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला बता दें कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर मंगलवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।सूत्रों के अनुसार मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर की कोचिंग सेंटर के बाहर रात के समय कुछ युवक आए और सेंटर में तोड़फोड़ की तथा कई पोस्टर फाड़ दिए। विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल गार्ड को उपचार के लिए भेजा गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद कदमकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिससे घटना में शामिल युवकों की पहचान की जा सके। साथ ही कोचिंग प्रबंधन और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर खान सर भी कोचिंग सेंटर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तोड़फोड़ की घटना में असामाजिक तत्वों के शामिल होने का अंदेशा जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुछ कोचिंग संचालकों का हाथ भी हो सकता है। खान सर ने कहा कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी है उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

मुकद्दस हज का रूहानी सफर, काबा शरीफ के साये में छलके आंसू और मिला सुकून

लखनऊ  ​विशेष रिपोर्ट मक्का मुअज्जमा: रात के करीब का वक्त है। आसमान ने काले रंग की मखमली चादर ओढ़ रखी है, लेकिन जमीन पर रोशनी का एक ऐसा समंदर है जो आंखों को चौंधिया नहीं रहा, बल्कि रूह को सुकून दे रहा है। मक्का की ठंडी हवाएं जब बदन को छूती हैं, तो ऐसा लगता है कि गुनाहों की तपिश धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। इस वक्त दुनिया के सबसे पाक और मुकद्दस मुकाम यानी मस्जिद-अल-हरम के बिल्कुल बीचों-बीच, अल्लाह के घर 'काबा शरीफ' के ठीक सामने खड़े होकर जब कोई अपनी नजरें उठाता है, तो लफ्ज कम पड़ जाते हैं और आंखें खुद-ब-खुद छलक उठती हैं। ​यह कोई आम रात नहीं है। यह हज का वो मुबारक हफ्ता है, जब दुनिया के कोने-कोने से, हर मुल्क, हर रंग और हर जुबान के लोग एक ही मकसद के लिए एक जगह जमा हुए हैं। उनके दिलों में एक ही तड़प है—अपने खालिक (बनाने वाले) के सामने सजदा करना और उसकी रहमतों को समेट लेना। ​1. काबा की दीवारें और दिल की धड़कनें ​वीडियो के शुरुआती दृश्यों में काबा शरीफ की वो गगनचुंबी, आलीशान और रूहानी इमारत नजर आती है, जिसे देखने की तमन्ना हर मुसलमान अपने बचपन से पालता है। काले और सुनहरे गिलाफ (किस्वा) से ढकी काबा की दीवारें रात की रोशनी में जगमगा रही हैं। गिलाफ पर सोने और चांदी के तारों से उकेरी गई कुरान की आयतें इस कदर नूरानी लग रही हैं कि देखने वाला बस देखता ही रह जाए। ​सफेद संगमरमर का वो फर्श (मताफ) जो दिन की चिलचिलाती धूप में भी कुदरती तौर पर ठंडा रहता है, उस पर बैठे और खड़े जायरीन (तीर्थयात्री) काबा को एकटक निहार रहे हैं। काबा के ठीक नीचे की सुनहरी ईंटों वाली दीवार और सफेद किनारा इस मुकद्दस इमारत की भव्यता में चार चांद लगा रहा है। यहाँ वक्त जैसे ठहर सा गया है। न कोई जल्दी में है, न किसी को दुनियावी सुख-सुविधाओं की फिक्र है। सब के सब बस इसी पल को अपने वजूद में उतार लेना चाहते हैं। ​2. 'लब्बैक' की गूंज और इंसानी समंदर ​काबा के चारों तरफ नजर दौड़ाएं तो इंसानी आस्था का एक ऐसा सैलाब नजर आता है जिसकी मिसाल दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। हजारों-लाखों लोग एक साथ सफे बांधे (लाइनों में) बैठे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यहाँ कोई वीआईपी नहीं है और न ही कोई आम। ​अमीर-गरीब का भेद मिटा: सफेद बिना सिला हुआ दो टुकड़ों का कपड़ा—जिसे 'इहराम' कहते हैं—पहने हुए लाखों मर्द एक जैसे नजर आ रहे हैं। इस लिबास ने राजा और रंक, मालिक और नौकर का फर्क हमेशा के लिए मिटा दिया है।​विविधता में एकता: कोई हिंदुस्तान से आया है, कोई पाकिस्तान से, कोई अफ्रीका के किसी सुदूर गांव से है तो कोई यूरोप की चमचमाती दुनिया छोड़कर यहाँ पहुंचा है। किसी के चेहरे पर लंबी दाढ़ी है, तो किसी का सिर पूरी तरह मुंडा हुआ है। किसी की त्वचा का रंग एकदम साफ है, तो कोई अश्वेत है। लेकिन जब जुबान खुलती है, तो सबकी एक ही आवाज होती है:​"लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैक ला शरीका लका लब्बैक…" > (हाजिर हूँ ऐ अल्लाह, मैं तेरे दरबार में हाजिर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाजिर हूँ…) ​3. हर चेहरे पर एक अलग दास्तान, हर आंख में आंसू ​अगर आप मस्जिद-अल-हरम के प्रांगण में बैठे लोगों के चेहरों को गौर से देखें—जैसा कि इस वीडियो में भी कैद हुआ है—तो आपको हर चेहरे पर इबादत का एक अलग ही नूर और सुकून दिखाई देगा। ​कुछ लोग फर्श पर घुटनों के बल बैठे अपने हाथों को दुआ के लिए आसमान की तरफ उठाए हुए हैं। उनकी उंगलियां कांप रही हैं और होंठ धीरे-धीरे हिल रहे हैं। वे अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं, अपने बच्चों के मुस्तकबिल (भविष्य) के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, और अपने वतन की अमन-चैन के लिए दुआएं कर रहे हैं। ​कुछ बुजुर्ग जायरीन ऐसे हैं जो शायद जिंदगी भर की जमा-पूंजी जोड़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके चेहरों की झुर्रियों में थकान नहीं, बल्कि एक अजीब सी संतुष्टि है कि 'या अल्लाह, मौत से पहले तूने मुझे अपने घर बुला ही लिया।' वहीं युवा जायरीन अपने मोबाइल कैमरों में इन पाक लम्हों को कैद कर रहे हैं ताकि जब वे वापस लौटें, तो अपने परिवार को इस रूहानी सफर का गवाह बना सकें। ​4. मुस्तैद सुरक्षाकर्मी और खादिम: खिदमत की मिसाल ​इस बेहद भावुक और आध्यात्मिक माहौल के बीच, सऊदी अरब के सुरक्षाकर्मी और मस्जिद के खादिम (वॉशर्स/सफाई कर्मचारी) बेहद खामोशी और मुस्तैदी से अपना फर्ज निभा रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डिजिटल कैमलाफ्लाज (सैन्य पोशाक) पहने सुरक्षाकर्मी बेहद अदब के साथ जायरीन को रास्ता दिखा रहे हैं, भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी हाजी को इबादत में कोई खलल न पड़े। ​दूसरी तरफ, हरे और नीले रंग की वर्दी पहने सफाईकर्मी लगातार मताफ की सफाई में लगे हैं ताकि अल्लाह के मेहमानों को सजदा करने में जरा सी भी असुविधा न हो। इन खादिमों के चेहरों पर भी एक अलग तरह का गर्व होता है, क्योंकि वे जानते हैं कि वे दुनिया के सबसे सम्मानित मेहमानों—यानी अल्लाह के मेहमानों—की सेवा कर रहे हैं। ​5. रात का जादुई नजारा और हरम के मीनार ​जैसे ही कैमरा ऊपर की तरफ घूमता है, मस्जिद-अल-हरम के विशाल और ऊंचे मीनार रात के अंधेरे आसमान को चीरते हुए नजर आते हैं। इन मीनारों पर लगी दूधिया और हरी रोशनियां पूरे परिसर को एक दिव्य रूप दे रही हैं। आसमान में बादलों के बीच से झांकता हुआ चांद भी जैसे इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए लालायित नजर आता है। पृष्ठभूमि में बनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतें और 'मक्का क्लॉक टॉवर' यह अहसास कराते हैं कि इतिहास और आधुनिकता का यह अद्भुत संगम सिर्फ और सिर्फ इसी पाक सरजमीं पर मुमकिन है। ​6. हज: सिर्फ एक सफर नहीं, रूह का शुद्धिकरण है ​इस्लाम में हज को पांच स्तंभों (Arkan-e-Islam) में से एक माना गया है, जो हर उस मुसलमान पर जिंदगी में एक बार फर्ज है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से इसके काबिल हो। लेकिन … Read more

सुबह-सुबह गरजे कई बुलडोजर, NCR की 10 हजार घरों वाली कॉलोनी पर बड़ा एक्शन

फरीदाबाद फरीदाबाद की सघन बस्ती नेहरू कॉलोनी में बड़ा बुलडोजर ऐक्शन बुधवार सुबह शुरू हो गया। नगर निगम ने दल-बल के साथ अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। 6 जेसीबी और एक बड़ी मशीन की मदद से मकानों को हटाया जा रहा है। उधर, प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास की मांग उठाते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों की ओर से अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि कुल कितने मकानों को तोड़ा जाएगा। चारों ओर से रास्ते बंद, लोगों की आवाजाही प्रभावित बुधवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने नेहरू कॉलोनी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया। मेट्रो रोड, सैनिक कॉलोनी, बिजली दफ्तर मार्ग, मुल्ला होटल क्षेत्र और तारण नंबर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। छह जेसीबी और बड़ी मशीन से हटाए जा रहे निर्माण नगर निगम की टीम ने भारी मशीनरी के साथ अभियान चलाया। मौके पर छह जेसीबी और एक बड़ी तोड़फोड़ मशीन लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। वर्षों से बसी कॉलोनी, हजारों परिवारों पर असर नेहरू कॉलोनी पुनर्वास विभाग की भूमि पर विकसित हुई बस्ती मानी जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां करीब दस हजार मकान बने हुए हैं और लगभग पांच लाख लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं। कॉलोनी में वर्षों से परिवार रह रहे हैं। पिछले वर्ष पुनर्वास विभाग की ओर से निवासियों को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि नोटिस के बाद आगे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। एक वर्ष बाद अब नगर निगम ने दोबारा अभियान शुरू किया है, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और निगम की दलील नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। अदालत ने सड़कों, सार्वजनिक भूमि और ग्रीन बेल्ट पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। निगम का यह भी कहना है कि क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि को खाली कराना आवश्यक है। इसी आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। पुनर्वास की मांग पर उठे सवाल प्रभावित लोगों का कहना है कि इससे पहले इलाके में बने धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई हो चुकी है और संबंधित भूमि को भी खाली कराया जा चुका है। उनका सवाल है कि अब आवासीय मकानों को तोड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था मिलने पर मकान खाली करने को तैयार हैं। मंगलवार को प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भी मिला था और पुनर्वास की मांग रखी थी। निवासियों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के अनुरूप विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होते ही पंजाब में चेतावनी जारी, कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना

लुधियाना. पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब में बुधवार से चार दिन तक आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इस दौरान दिन व रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। विभाग के अनुसार जून के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। दूसरे सप्ताह में गर्मी जोर पकड़ेगी। उधर मंगलवार को पंजाब में मौसम के तेवर गर्म रहे। जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, अभी भी केवल बठिंडा को छोड़कर सभी जिलों में दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच ही दर्ज किया जा रहा है। बठिंडा में दिन का तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून को केरलम पहुंचता है। इधर, मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।