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करीब 50 साल बाद गोमर्डा अभयारण्य में लौटेंगे काले हिरण, बारनवापारा से लाए जाएंगे 25 हिरण

सारंगढ़-बिलाईगढ़   छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभयारण्य में बारनवापारा अभयारण्य से जल्द ही 25 काले हिरणों को स्थानांतरित कर खुले जंगल में आजाद किया जाएगा। वन विभाग ने इस विस्थापन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं और इसे अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में करने की योजना है। वन मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में इन हिरणों को नए प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। वर्तमान में बारनवापारा में 80 से अधिक काले हिरण मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ के जंगलों में 1970 के दशक में काले हिरण पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। वर्ष 1980 के दशक के बाद वे केवल चिड़ियाघरों में ही दिखाई देते थे। राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति दी गई थी। इसके उपरांत वर्ष 2019 में 77 काले हिरणों को संरक्षण के लिए लाया गया था। इनमें दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान से 50 और बिलासपुर के कानन पेंडारी जूलॉजिकल उद्यान से 27 हिरण शामिल थे।   संरक्षण के शुरुआती चरण में वन विभाग को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ा। दिल्ली चिड़ियाघर से लाकर जंगल में छोड़े गए हिरण जीवित नहीं बच सके। इसके अलावा निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्रबंधन व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए गए। रणनीति में परिवर्तन करते हुए बिलासपुर से लाए गए हिरणों को नियंत्रित बाड़े में अनुकूलन का पूरा समय दिया गया, जिससे वे प्राकृतिक जीवनशैली को अपना सके।   राज्य में काले हिरणों की आबादी 200 नियमित निगरानी, उचित पोषण और अनुकूल माहौल के परिणामस्वरूप काले हिरणों की संख्या स्थिर हुई और फिर उसमें लगातार वृद्धि होने लगी। राज्य में इनकी कुल आबादी बढ़कर करीब 200 तक पहुंच गई। इस सफलता का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी किया था। संख्या बढ़ने पर 60 काले हिरणों को बारनवापारा अभयारण्य के खुले क्षेत्र में छोड़ा गया। इसमें सबसे पहले फरवरी 2022 में 14 हिरणों को मुक्त किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 तथा फरवरी 2026 में 34 अन्य हिरणों को जंगल में आजाद किया गया।  गोमर्डा अभयारण्य में विस्थापन की तैयारी पीसीसीएफ एवं वनबल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के अनुसार काले हिरणों को गोमर्डा अभयारण्य में भेजने के लिए तैयारियां जारी हैं। मंत्री केदार कश्यप की सहमति मिलते ही अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में 25 हिरणों को नए स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। लगभग पांच दशकों बाद प्राकृतिक वातावरण में हिरणों का यह पुनर्वास महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

खेती के साथ मछली पालन से बढ़ी किसानों की आय, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बनी बदलाव की मिसाल

बदलाव की मिसाल  बदली किसानों की किस्मत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन बन रहा अतिरिक्त आमदनी का मजबूत जरिया रायुपर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के गांव, गरीब और किसान को सशक्त बनाने के विजन के अनुरूप, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर जिले के करीब 150 किसान अब मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर जैसी आधुनिक गतिविधियों के जरिए अपनी आय और आजीविका के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं। सरकारी अनुदान और बुनियादी सुविधाओं के विकास से ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। बिरकोनी के दिनेश चन्द्राकर बने मिसाल           प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) ने आधुनिक तकनीकों, वित्तीय सहायता और अनुदान के जरिए देश के हजारों किसानों और मछली पालकों की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है । पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत से परेशान होकर बिरकोनी निवासी दिनेश चन्द्राकर ने मछली पालन की तरफ कदम बढ़ाया। योजना के तहत उन्होंने करीब 7.50 लाख रुपए की लागत से एक हेक्टेयर में तालाब खुदवाया और 14 लाख रुपए की लागत से 20 हजार वर्गफुट में मछली हैचरी स्थापित की। उत्पादन और कमाई           हैचरी में तैयार बच्चे तालाब में डाले जाते हैं, जिससे 8 से 9 महीने में लगभग 15 टन मछली तैयार हो जाती है। 70 से 80 रुपए प्रति किलो की लागत आने के बावजूद बाजार में 120 से 150 रुपए प्रति किलो तक बिक्री होने से उन्हें बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है। ग्राम बकमा के हिमांशु चंद्राकर को मिला स्थायी जरिया           प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक यूनिट, मछली बीज हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और फीड प्लांट जैसी परियोजनाओं के लिए सहायता दी जाती है। ग्राम बकमा के किसान हिमांशु चंद्राकर ने लगभग 28 लाख रुपए की लागत से दो पाउंड लाइनर यूनिट तैयार कराईं। सरकार से 60 प्रतिशत अनुदान मिलने के बाद, सभी खर्च काटकर उन्हें सालाना 3 से 4 लाख रुपए की शुद्ध बचत हो रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों को मिल रहा संबल             मछली पालन से केवल यूनिट संचालकों ही नहीं, बल्कि स्थानीय मजदूरों को भी बड़ा लाभ मिला है। बिरकोनी के मजदूरों का कहना है कि अब उन्हें काम की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता, बल्कि गांव में ही सालभर नियमित रोजगार मिल रहा है। करीब 9 हजार रुपए प्रतिमाह की आय से उनके परिवारों का जीवनयापन बेहद आसान हो गया है। योजना के मुख्य बिंदु और प्रावधान              बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नए तालाबों का निर्माण, बायोफ्लॉक यूनिट, हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और मछली दाना निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 60  प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर महासमुंद के किसानों के लिए अब मछली पालन आत्मनिर्भरता, समृद्धि और विकास का एक नया प्रतीक बन चुका है।

सरगुजा संभाग के 6 जिलों में सुधरेगा सड़क नेटवर्क, 44 मुख्य सड़क कार्यों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

सरगुजा संभाग में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी ऐतिहासिक मजबूती 6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा। सरगुजा जिला         अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं। सूरजपुर जिला           भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला          परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। जशपुर जिला          लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। सड़कें बनेंगी विकास की जीवनरेखा          इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा।       1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

इंदौर में 7 ROB और 6 फ्लाईओवर का काम धीमा, लाइन-डायवर्शन की खींचतान में फंसे प्रोजेक्ट

 इंदौर इंदौर शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए बनाए जा रहे रेलवे ओवर ब्रिज और फ्लाईओवर खुद विभागीय असमन्वय के शिकार हो गए हैं। कहीं नगर निगम की पानी-सीवरेज लाइन नहीं हट रही, कहीं रेलवे के हिस्से का निर्माण अटका है तो कहीं ट्रैफिक डायवर्शन के लिए प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है। नतीजा यह कि कई प्रोजेक्ट तय समय सीमा पार कर चुके हैं, लेकिन निर्माण की गति बढ़ने के बजाय बाधाएं लगातार बढ़ रही हैं। जनता को तीन साल से जाम और डायवर्शन झेलना पड़ रहा है। शहर में आईडीए, पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी द्वारा सात आरओबी और छह फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। दो प्रोजेक्ट टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हुए। रिंग रोड के रोबोट और रेडिसन चौराहे पर भी फ्लाईओवर की योजना बन रही है। सभी का काम धीमी गति से चल रहा है और आधी प्रगति के बाद भी बाधाएं नहीं हटीं। संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने हाल ही में सभी एजेंसियों की बैठक लेकर आपसी सामंजस्य से काम पूरा करने और बाधाएं हटाने के लिए लगातार समीक्षा के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीन पर स्थिति जस की तस है। लाइन शिफ्टिंग बनी रोड़ा राजेंद्र नगर आरओबी के लिए नगर निगम की पेयजल लाइन स्थानांतरित होना है। बाणगंगा और माल गोदाम आरओबी में भी लाइन शिफ्टिंग की समस्या से काम लटका है। मांगलिया आरओबी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र को जोड़ने वाला अहम प्रोजेक्ट है, लेकिन यहां रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा। रेलवे हिस्से का काम देरी से होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा है। योजना बनी, काम अटका बड़ा गणपति चौराहा पर फ्लाईओवर की योजना दो साल पहले बनी थी, लेकिन लाइन शिफ्टिंग में देरी से काम आगे नहीं बढ़ा। चंदन नगर में भी बिजली-पानी की लाइन के कारण निर्माण रुका है। आइडीए और नगर निगम के बीच देरी से सामंजस्य बनने से बड़ा गणपति फ्लाईओवर की आधी समय सीमा बीत चुकी है। जरूरत छह की, तीन लेन में उलझा प्रोजेक्ट कैलाद हाला क्रासिंग पर एमआर-12 को देखते हुए छह लेन आरओबी की जरूरत है। आइडीए ने छह लेन का प्रस्ताव दिया, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पहले ही तीन लेन प्रस्तावित कर दिए। अब आइडीए भी तीन लेन बनाएगा, पर पीडब्ल्यूडी का काम पूरा न होने से शुरुआत नहीं हो पा रही। तीनों एजेंसियों की अलग-अलग प्लानिंग से इस व्यस्त क्रासिंग पर रोज लंबा जाम लग रहा है। यहां पर भी समस्याएं कायम     केसरबाग आरओबी : निर्माण अतिक्रमण के कारण प्रभावित है। बाधाएं हटाने में देरी का सीधा असर प्रोजेक्ट की गति पर पड़ रहा है।     देवास नाका : देवास नाका फ्लाईओवर में चौराहे और देवास नाका की ओर निर्माण पूरा करने के लिए यातायात डायवर्ट करना जरूरी है। प्रशासन स्तर पर प्रक्रिया लंबित होने से काम प्रभावित है।     मूसाखेड़ी : मूसाखेड़ी चौराहे के निर्माण में भी बाधाओं के कारण गति नहीं बढ़ सकी। सर्विस रोड पर आ रहा मंदिर हाल ही में हटाया गया।     सत्यसाईं और आईटी पार्क चौराहा : सत्यसाईं चौराहा और आइटी पार्क चौराहा पर भी निर्माण से जुड़ी बाधाएं अब तक पूरी तरह नहीं हटाई गई हैं। इसका असर काम की गति पर पड़ रहा है।     एलिवेटेड कॉरिडोर : एलआईजी चौराहा से नौलखा तक बनाए जाने वाला एलिवेटेड कॉरिडोर अटका हुआ है। निर्माण के लिए एलआईजी की तरफ से पतरे तो लगा दिए, लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा है। यह प्रोजेक्ट भी तीन साल से अधिक समय से सिर्फ कागजों और बैठकों में बन रहा है।  

कान्हा में जंगल सफारी के नियम बदले, HSRP नंबर प्लेट वाले वाहन ही होंगे मान्य; दस्तावेजों की होगी जांच

मंडला  लगभग तीन महीने के मानसून ब्रेक के बाद कान्हा का जंगल फिर पर्यटकों की अगवानी के लिए तैयार हो रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व में एक अक्टूबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होगा, जिसे लेकर पार्क प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जंगल सफारी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की इस बार प्रवेश से पहले कड़ी पड़ताल होगी। प्रबंधन अलग-अलग प्रवेश द्वारों के लिए वाहन जांच और पंजीयन की तिथियां तय कर रहा है। वाहन मालिकों को स्वयं उपस्थित होकर पंजीयन कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बिना किसी वाहन को प्रवेश नहीं सबसे महत्वपूर्ण शर्त हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर है। इसके बिना किसी वाहन को पार्क में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वाहन के पंजीयन, दस्तावेज और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच होगी। नए पर्यटन सत्र में सिर्फ वही वाहन सफारी करा सकेंगे, जो प्रबंधन की तय कसौटियों पर खरे उतरेंगे। इन तिथियों पर वाहनों की जांच व पंजीयन पार्क प्रबंधन ने वाहन मालिकों और चालकों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार वाहनों के अभिलेखों की जांच तथा भौतिक परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। पंजीयन फार्म का वितरण एवं जमा करने की प्रक्रिया 15 से 28 सितंबर तक संबंधित प्रवेश द्वारों पर की जाएगी। सभी प्रवेश द्वार पर वाहनों के पंजीयन व जांच का समय 10 बजे से 5 बजे के बीच रखा गया है। 20 सितंबर को मुक्की गेट पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक पंजीयन फार्म वितरित एवं जमा किए जाएंगे। 21 सितंबर को भी मुक्की गेट पर इसी समय पंजीयन की प्रक्रिया होगी। 23 सितंबर को सरही गेट पर वाहनों को जांचा जाएगा। इसके साथ 25, 26 और 27 सितंबर को खटिया गेट पर पंजीयन फार्म प्राप्त व जमा किए जा सकेंगे। 28 सितंबर को घुर्री गेट फेन पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक वाहनों के पंजीयन एवं दस्तावेजों का निरीक्षण किया जाएगा। पर्यटक वाहनों का मध्यप्रदेश परिवहन विभाग में पंजीयन अनिवार्य पर्यटक वाहनों का मध्यप्रदेश परिवहन विभाग में पंजीयन होना तथा उनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी होना अनिवार्य है। पंजीयन के समय वाहन मालिक को स्वयं उपस्थित रहना होगा। वाहन की मूल लंबाई और चौड़ाई में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की जा सकेगी। पर्यटक वाहन हार्वेस्ट ग्रीन रंग के होने चाहिए सीट की ऊंचाई वाहन के फ्लोर लेवल से अधिकतम 18 इंच तक निर्धारित की गई है। पार्क प्रबंधन के निर्देशानुसार पर्यटक वाहन हार्वेस्ट ग्रीन रंग के होने चाहिए।  

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, जनभागीदारी और जनसेवा पर रहेगा जोर

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जनभागीदारी और जनसेवा को दिया जाएगा व्यापक स्वरूप रायपुर.   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में अभियान के दौरान संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।  उप मुख्यमंत्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसेवा के प्रति आभार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन से जोड़ने के लिए अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। उन्होंने अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास और जनकल्याण के लिए विगत 25 वर्षो से अनवरत कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। साव ने कहा कि आज चीन भी भारत के साथ काम करना चाहता है और रूस के साथ भारत की मित्रता और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उप मुख्यमंत्री साव ने अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों के प्रभावी दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न गतिविधियों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण किया जाए। हर आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा उनकी रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए, ताकि अभियान की गतिविधियों और उनके प्रभाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं और अभियानों से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, गतिविधियों और उपलब्धियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करने पर ध्यान दिया जाए। बैठक में अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा—मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है। साव ने विशेष रूप से ‘सेवा की कहानी’ के तहत वास्तविक लाभार्थियों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ से जुड़ी गतिविधियों को भी जनभागीदारी के साथ संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। साव ने कहा कि स्वच्छता को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अपनी अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने का आह्वान किया जाएगा। साव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों और क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जाएं जहां स्वच्छता के क्षेत्र में प्रभावी परिणाम दिखाई दे सकें। उन्होंने अभियान के दौरान किए गए कार्यों की पहले और बाद की स्थिति दर्ज करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्वच्छता प्रयासों से हुए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जा सके। उप मुख्यमंत्री ने अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा की भावना, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को जमीनी बदलाव से जोड़ने का माध्यम बने। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी उप मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक में सर्किट हाउस में मौजूद थे।

सेवा संकल्प अभियान में हर आंगनवाड़ी केंद्र पर होगा ‘आंगन मिलन’, 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आयोजन

सेवा संकल्प अभियान में प्रदेश के हर आंगनवाड़ी केंद्र पर होगा ‘आंगन मिलन’ 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक तीन दिवसीय आयोजन बच्चों के स्वास्थ्य से मातृ पोषण और हितग्राही संवाद तक होंगे कार्यक्रम भोपाल सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जाएगा। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को सेवा, पोषण, सीखने, जनसहभागिता और सम्मान के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है। अभियान के माध्यम से बच्चों और माताओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य फ्रंटलाइन कर्मियों के योगदान को भी सम्मान दिया जाएगा। तीन दिन, तीन प्रमुख आयाम अभियान के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र की तीन दिवसीय सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की जाएगी। 26 से 28 सितंबर, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तथा 2 से 5 अक्टूबर की अवधि में प्रत्येक केंद्र के लिए कार्यक्रम की तिथि निर्धारित की जाएगी। आयोजन से पहले स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक माताओं, बच्चों, हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। पहला दिन बाल स्वास्थ्य एवं आनंदमयी गतिविधियों के नाम रहेगा। तीन से 6 वर्ष के बच्चों के बीच प्रधानमंत्री के संदेश का वाचन एवं कॉमिक वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की अपील का प्रसारण किया जाएगा। बच्चों के लिए खेल, कहानी, चित्रकला और मनोरंजक गतिविधियां होंगी। ‘कहानी सुनाओ-कहानी से जुड़ो’ जैसी गतिविधियों से बच्चों की रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक जांच कराई जाएगी तथा फल और मिठाई वितरित की जाएगी। दूसरे दिन मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद होगा। गर्भवती एवं धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर अवधि से जुड़े परामर्श भी दिए जाएंगे। माताओं के साथ पोषण संवाद में संतुलित आहार, एनीमिया, स्तनपान और शिशु देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी। तीसरा दिन ‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’ के नाम होगा। इसमें विभागीय योजनाओं से लाभान्वित दो-तीन माताएं अपने अनुभव साझा करेंगी। योजनाओं से मिले लाभ और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन, गर्म पका भोजन सहित पोषण, स्वास्थ्य और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। योजनाओं का असर बताएंगी हितग्राहियों की कहानियां ‘आंगन मिलन सेवा’ को जनभागीदारी के साथ डिजिटल माध्यम से भी व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित लगभग 10 हितग्राहियों की अनुभव एवं सफलता की कहानियां तैयार की जाएंगी। अधिकतम एक मिनट के वीडियो के माध्यम से इन कहानियों को सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी एवं लाड़ली बहना योजना, टेक होम राशन एवं गर्म पका भोजन के लाभार्थी, कुपोषण से सामान्य श्रेणी में आए बच्चों के अभिभावक, पीएम जनमन/धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के हितग्राही, स्पॉन्सरशिप, पीएम केयर्स, मुख्यमंत्री बाल कोविड सेवा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना के लाभार्थियों की सफलता की कहानियां शामिल होंगी। फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं का होगा सार्वजनिक अभिनंदन अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के योगदान को विशेष सम्मान दिया जाएगा। स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से हितग्राही माताओं, बच्चों तथा सेवा से जुड़े कर्मियों का स्वागत एवं सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रमों के फोटो, वीडियो और रिपोर्टिंग सामग्री का समयबद्ध संकलन कर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जाएगा। प्रत्येक आयोजन में स्वच्छता, बैठने की उचित व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित गतिविधि क्षेत्र सुनिश्चित किया जाएगा। सेवा और पोषण को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की पहल ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ समुदाय और सरकार के बीच संवाद के प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सेवा, पोषण, मातृ-शिशु कल्याण और जनसहभागिता को विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ते हुए सामूहिक संदेश दिया जाएगा।

PM मोदी का जन्मदिवस देशभर के लिए खास, इसे विशेष उत्सव के रूप में मनाएं: CM डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस सभी के लिए विशेष उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनसहभागिता-परस्पर समन्वय और उत्साह व उमंग के साथ हों आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में जनप्रतिनिधियों को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सत्ता के नहीं बल्कि निरंतर सेवा और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा में उन्होंने जनसेवा को अपना संकल्प बनाया। प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस हम सब के लिए विशेष उत्सव है। सेवा-संकल्प अभियान के शुभारंभ "आशीर्वाद का दीया" से करना अभिनव पहल है। यह दीपक हम सब के मन की प्रसन्नता के प्रकटीकरण का प्रतीक बनेगा। हर गांव और वार्ड में दीपावली जैसा उत्सव आयोजित किया जाएं। संपूर्ण प्रदेश में शासन-प्रशासन, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, परस्पर समन्वय से पूर्ण भव्यता और उल्लास के साथ सेवा-संकल्प अभियान में भागीदारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को सेवा-संकल्प अभियान के संबंध में मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली चर्चा में यह बात कही।  प्रदेश को मिली बड़ी सौगातों से आमजन को कराएं अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा   प्रदेश को दी गई बड़ी सौगातों के संबंध में आमजन को अवगत कराया जाए। "आशीर्वाद का दीया" कार्यक्रम के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की देश-दुनिया में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा भी अवश्य की जाये। प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश को कई सौगातें प्रदान की हैं। मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, प्रधानमंत्री आवास, हर घर में नल से जल, किसान कल्याण जैसी कई सौगातें हैं, जिनसे आम आदमी का जीवन बदला है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमें दिया ही दिया है, उनके आभार स्वरूप एक दीया प्रज्जवलित करना हम सबका कर्तव्य है। महिला स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना, किसान, पशुपालक, मछुआ, युवा एवं विद्यार्थी तथा स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को इस गतिविधि से जोड़ा जाए।  अभियान की अवधि में प्रदेशवासियों को मिलेंगी और भी सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा-संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इस अवधि में प्रदेशवासियों को और भी सुविधाएं मिलेंगी। भूमि-स्वामियों के पक्ष में नि:शुल्क रजिस्ट्री प्रक्रिया आरंभ होगी। अभियान के दौरान ही प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्रियां की जाएंगी। अभियान की अवधि में ही 25 सितम्बर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सुगम यात्री बसों का संचालन भी प्रदेश में आरंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि परस्पर समन्वय से मध्यप्रदेश अभियान के संचालन में देश में अपनी विशेष छाप छोड़ेगा।  

भोपाल-वाराणसी सफर होगा आसान, 9,850 करोड़ की लागत से बनेगा नया एक्सप्रेसवे

भोपाल  मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। 9,850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद भोपाल से वाराणसी की दूरी तय करने में केवल आठ घंटे का समय लगेगा। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाएगा। नया एक्सप्रेसवे बनने से यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वर्तमान में भोपाल से वाराणसी जाने में काफी समय लगता है, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह यात्रा मात्र आठ घंटे में पूरी की जा सकेगी। बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।  यात्रा के समय में होगी भारी कटौती एक्सप्रेसवे केवल भोपाल और वाराणसी को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि राज्य के आंतरिक शहरों के बीच भी यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे की मदद से सतना से सागर की दूरी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान मार्ग की तुलना में यह नया मार्ग वाहन चालकों को सीधा और बाधा रहित रास्ता प्रदान करेगा।, सतना और सागर के बीच यात्रा समय में तीन घंटे की यह कटौती स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।   9,850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत इस परियोजना के, निर्माण कार्य पर कुल 9,850 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण, आधुनिक सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना के लिए किया जाएगा। निर्माण प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का पालन किया जाएगा। बजट आवंटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।    आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति नया एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार, सतना से सागर के बीच तीन घंटे में यात्रा संभव होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, भोपाल, सागर, सतना और वाराणसी के बीच माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही पहले से काफी तेज और सुरक्षित होगी। 

महाकाल महालोक में दीपों का भव्य उत्सव, PM मोदी के जन्मदिन पर जलेंगे 25 लाख दीप; 22,500 वालंटियर्स तैनात

उज्जैन  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को पहली बार महाकाल महालोक लाखों दीपों से जगमगाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में पुण्यसलिला शिप्रा के प्रमुख घाटों के साथ महाकाल महालोक में करीब 25 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की गई है। जीरो वेस्ट होगा आयोजन आयोजन को पूरी तरह जीरो वेस्ट इवेंट बनाया जा रहा है। दीप प्रज्ज्वलन व्यवस्था को सात सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। इसमें करीब 22,500 स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। घरों और प्रतिष्ठानों में भी दीप जलाने की अपील की गई है, ताकि आयोजन केवल सरकारी स्तर का कार्यक्रम न रहकर पूरे उज्जैन शहर का उत्सव बने। पीएम नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर मध्य प्रदेश में बड़ा सेवा अभियान शुरू होने जा रहा है। सीएम मोहन यादव की पहल पर उज्जैन के महाकाल महालोक सहित प्रदेशभर में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सीएम ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति प्रदेशवासियों के आभार का प्रकटीकरण बताया है। उनके मुताबिक मोदी ने मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक के सफर में गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया। महाशिवरात्रि पर प्रज्ज्वलित किए थे 11 लाख दीप उल्लेखनीय है कि उज्जैन ने महाशिवरात्रि 2022 में 11 लाख 71 हजार 78 दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। बाद में अयोध्या में इससे बड़े दीपोत्सव के आयोजन किए गए, इसलिए इस बार मुकाबला केवल दीपों की संख्या का नहीं है। 25 लाख दीपों का आयोजन उज्जैन के लिए यह बताने का अवसर भी है कि उसकी दीप परंपरा केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता को जोड़ने वाली परंपरा बन सकती है। सी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित किया जाएगा। सरकार इसे सेवा को राजनीतिक और सामाजिक संस्कार के रूप में आगे बढ़ाने की पहल बता रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक 25 साल की यात्रा सीएम यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी। अब इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के पड़ाव पर मध्यप्रदेश में सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा गया। मुफ्त राशन, आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया। स्टार्टअप से डिजिटल इंडिया तक, युवाओं के लिए नए अवसर का दावा मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक इन पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया। CM मोहन यादव ने गिनाईं MP सरकार की उपलब्धियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के अनुरूप काम कर रही है। सरकार के मुताबिक प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं और आने वाले समय में हर साल एक लाख से ज्यादा युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। 34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और नए एयरपोर्ट का दावा मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश को करीब 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार ने प्रदेश को एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले देश के तीसरे राज्य के रूप में भी बताया। रीवा, दतिया और सतना एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या आठ होने की बात कही गई। केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को भी सिंचाई विस्तार के लिए अहम बताया गया। विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य पर सरकार का जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का दावा है कि सुशासन, निवेश, रोजगार, सिंचाई, ऊर्जा और धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास के जरिए प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।